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Dainik Bhaskar भास्कर अपडेट्स:विशाखापत्तनम का पुराना एयरपोर्ट बंद, 150 कर्मचारियों की नौकरी पर संकट; नए अल्लूरी सीताराम राजू एयरपोर्ट से उड़ानें शुरू
आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम के पुराने एयरपोर्ट से रविवार को सिविल फ्लाइट ऑपरेशन बंद कर दिया गया। सोमवार से सभी उड़ानें नए अल्लूरी सीताराम राजू इंटरनेशनल एयरपोर्ट से शुरू हो गईं। एयरपोर्ट बंद होने से करीब 150 हाउसकीपिंग कर्मचारियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें न नई नौकरी दी गई और न ही आर्थिक मदद मिली।
Dainik Bhaskar महबूबा मुफ्ती बोली- मैं भी दिमागी नक्सल:आर्टिकल 370 को सपोर्ट करती हूं; रिजिजू ने कहा था- दिमागी नक्सली वही जो संविधान को नहीं मानते
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने भी प्रधानमंत्री मोदी की 'दिमागी नक्सल' वाली टिप्पणी पर जवाब दिया। उन्होंने रविवार को कहा कि वह संविधान के आर्टिकल 370 का समर्थन करती हैं, इसलिए वह भी दिमागी नक्सल हैं। वहीं, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार को कहा कि पीएम मोदी ने विपक्षी नेताओं को दिमागी नक्सल नहीं कहा था। रिजिजू ने पोस्ट में लिखा कि दिमागी नक्सल उन लोगों को कहा गया है, जो माओवादियों के समर्थक है, भारतीय संविधान को नहीं मानते, और अनुच्छेद 370 का समर्थन करते हैं। 15 अगस्त को लाल किले से संबोधन के दौरान पीएम ने कहा था कि देश को दिमागी नक्सलियों से बचना चाहिए और ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें अलग-थलग कर देना चाहिए। पीएम बोले थे- देश को सतर्क रहने की जरूरत, 5 बातें… कांग्रेस ने दिमागी नक्सल को खोखला बताया कांग्रेस ने मोदी के बयान पर कहा कि दिमागी नक्सल खोखला है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि पहले जाति जनगणना की मांग को अर्बन नक्सल सोच बताकर खारिज किया गया था, लेकिन एक साल पहले जाति आधारित जनगणना की घोषणा कर दी गई। उन्होंने कहा कि पहले विरोधियों की मांगों को अपमानजनक नाम दिए जाते हैं, फिर बाद में उन्हीं मांगों को मान लिया जाता है। 12 साल बाद भी उनके राजनीतिक भाषण में कुछ नया नहीं था। इससे पहले कांग्रेस के सीनियर लीडर पी. चिदंबरम ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘दिमागी नक्सली’ बयान पर पलटवार किया था। उन्होंने कहा था कि “मुझे दिमागी नक्सली होने पर गर्व है।” ------------ ये खबर भी पढ़ें… मोदी बोले- दिमागी नक्सलियों को पहचानें, उन्हें अलग करें: ये समाज को भटका रहे 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने लाल किले पर 75 मिनट की स्पीच दी। पीएम ने कहा- ‘हथियारी नक्सल तो चले गए, लेकिन दिमागी नक्सल मौके की तलाश में हैं। समाज को गलत राह पर ले जाने के लिए तरह-तरह के काम कर रहे हैं।’ पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar बॉम्बे हाईकोर्ट क्लर्क टाइपिंग टेस्ट में सर्वर-कंप्यूटर फेल:अभिजीत दीपके ने दोबारा परीक्षा की मांग की; उम्मीदवारों ने प्रदर्शन किया
बॉम्बे हाईकोर्ट क्लर्क भर्ती की ऑनलाइन टाइपिंग परीक्षा देने वाले कई उम्मीदवारों ने रविवार को छत्रपति संभाजीनगर में प्रदर्शन किया। CJP फाउंडर अभिजीत दीपके भी उनके साथ शामिल हुए। उम्मीदवारों ने परीक्षा के दौरान तकनीकी खराबी और सर्वर में गड़बड़ी का आरोप लगाया। दीपके ने कहा कि कई उम्मीदवारों को उनकी गलती के बिना फेल घोषित कर दिया गया। उन्होंने मांग की कि परीक्षा दोबारा कराई जाए। खबर लगातार अपडेट हो रही है….
Dainik Bhaskar UGC-NET की इंग्लिश-कॉमर्स और सोशियोलॉजी की परीक्षाएं रद्द:NTA ने माना पेपर में स्पेलिंग और प्रिंटिंग की गलतियां थीं; एग्जाम की नई तारीखें जारी कीं
UGC-NET की इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) रविवार को माना कि इन विषयों के प्रश्न पत्र में स्पेलिंग और प्रिंटिंग की गलतियां थीं। NTA ने कहा- पेपर्स में पहले पूछे जा चुके सवाल दोहराए गए थे। आंसर-की जारी करने के बाद छात्रों ने गड़बड़ियों का जिक्र किया था। इन्हें केवल सवाल हटाकर ठीक नहीं किया जा सकता था। NTA ने तीनों विषयों की दोबारा परीक्षा की तारीख जारी की है। अंग्रेजी, कॉमर्स और सोशियोलॉजी की परीक्षाएं 9 और 10 सितंबर को होंगी। NTA ने 22 से 30 जून तक UGC-NET एग्जाम कराया था। री-एग्जाम के लिए दोबारा फीस नहीं ली जाएगी आज ही जारी की थी आंसर-की यह फैसला एनटीए की ओर से यूजीसी-नेट के 87 में से 84 विषयों की प्रोविजनल आंसर-की जारी करने के कुछ घंटे बाद लिया गया। जून में हुई परीक्षा के करीब सात सप्ताह बाद भी इन तीन विषयों की आंसर-की जारी नहीं की गई थी। एनटीए ने बताया कि कई शिकायतें मिलने के बाद एक समिति बनाई गई थी। खबर अपडेट हो रही है…
Dainik Bhaskar दिल्ली मेट्रो में CISF जवान ने लड़की की तस्वीरें खींची:यात्रियों ने फोन छीना, मारपीट की; आरोप- फोटो डिलीट करने कहा तो बंदूक तानी
दिल्ली मेट्रो में का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें कुछ लोग CISF के जवान से छीना-झपटी करते दिखाई दे रहे हैं। लोग उसका फोन छीन लेते हैं। कुछ लोग कॉलर पकड़कर खींचते भी दिखे। दरअसल, वीडियो में दिखाई दे रही लड़की ने आरोप लगाया है कि CISF जवान ने चोरी-छिपे उसके फोटो लिए। जब उसने जवान से पूछा तो उसने साफ इनकार कर दिया। हालांकि फोन की जांच करने पर उसमें लड़की के कई फोटो मिले। जब लड़की ने फोटो डिलीट करने कहा, तो हंगामा बढ़ गया। मेट्रो में सफर कर रहे लोगों ने जवान से उसका फोन छीन लिया। मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि जवान ने यात्रियों पर बंदूक तान दी थी। घटना शनिवार देर रात दिल्ली मेट्रो की यलो लाइन के AIIMS मेट्रो स्टेशन पर हुई। घटना का वीडियो रविवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। CISF जवान का फोन, जिसमें कई तस्वीरें थीं… यात्रियों ने फोन की फोटो गैलरी देखी वायरल हुए कथित वीडियो में मेट्रो यात्री CISF अधिकारी से सवाल करते नजर आ रहे हैं। अधिकारी ने शुरुआत में फोटो लेने से इनकार किया। इसके बाद महिला और कोच में मौजूद दूसरे यात्रियों ने अधिकारी से स्मार्टफोन की फोटो गैलरी दिखाने को कहा। गैलरी देखने पर पता चला कि अधिकारी ने महिला की तस्वीरें ली थीं। इस पर विवाद बढ़ गया। महिला को वीडियो में कहते सुना जा सकता है, “यह क्या है? मेरी फोटो डिलीट करो।” यात्रियों ने CISF अधिकारी से फोन छीनने की कोशिश की, लेकिन उसने फोन देने से इनकार कर दिया। इसके बाद विवाद हाथापाई में बदल गया। घटना के बाद CISF अधिकारी सस्पेंड CISF सूत्रों के मुताबिक, घटना सामने आने के कुछ ही समय बाद आरोपी अधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। सोशल मीडिया पर लोगों ने कहा कि अगर महिला की तस्वीरें बिना अनुमति लेने की बात सही साबित होती है, तो यह बेहद गंभीर चिंता का मामला है। रात 12:40 बजे PCR कॉल मिली मेट्रो पुलिस सूत्रों ने बताया कि अधिकारियों को रविवार रात करीब 12:40 बजे घटना की सूचना देने वाली PCR कॉल मिली थी। यात्रियों, जिनमें एक महिला भी शामिल थी, ने बताया कि CISF अधिकारी उसकी बिना अनुमति फोटो ले रहा था। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन महिला ने शिकायत दर्ज नहीं कराई। इसके बाद मामले की जानकारी CISF अधिकारियों को दी गई।
Dainik Bhaskar दिल्ली मेट्रो में CISF जवान ने लड़की की तस्वीरें खींची:यात्रियों ने फोन छीना, मारपीट की; आरोप- फोटो डिलीट करने कहा तो बंदूक तानी
दिल्ली मेट्रो में का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें कुछ लोग CISF के जवान से छीना-झपटी करते दिखाई दे रहे हैं। लोग उसका फोन छीन लेते हैं। कुछ लोग कॉलर पकड़कर खींचते भी दिखे। दरअसल, वीडियो में दिखाई दे रही लड़की ने आरोप लगाया है कि CISF जवान ने चोरी-छिपे उसके फोटो लिए। जब उसने जवान से पूछा तो उसने साफ इनकार कर दिया। हालांकि फोन की जांच करने पर उसमें लड़की के कई फोटो मिले। जब लड़की ने फोटो डिलीट करने कहा, तो हंगामा बढ़ गया। मेट्रो में सफर कर रहे लोगों ने जवान से उसका फोन छीन लिया। मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि जवान ने यात्रियों पर बंदूक तान दी थी। घटना शनिवार देर रात दिल्ली मेट्रो की यलो लाइन के AIIMS मेट्रो स्टेशन पर हुई। घटना का वीडियो रविवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। CISF जवान का फोन, जिसमें कई तस्वीरें थीं… यात्रियों ने फोन की फोटो गैलरी देखी वायरल हुए कथित वीडियो में मेट्रो यात्री CISF अधिकारी से सवाल करते नजर आ रहे हैं। अधिकारी ने शुरुआत में फोटो लेने से इनकार किया। इसके बाद महिला और कोच में मौजूद दूसरे यात्रियों ने अधिकारी से स्मार्टफोन की फोटो गैलरी दिखाने को कहा। गैलरी देखने पर पता चला कि अधिकारी ने महिला की तस्वीरें ली थीं। इस पर विवाद बढ़ गया। महिला को वीडियो में कहते सुना जा सकता है, “यह क्या है? मेरी फोटो डिलीट करो।” यात्रियों ने CISF अधिकारी से फोन छीनने की कोशिश की, लेकिन उसने फोन देने से इनकार कर दिया। इसके बाद विवाद हाथापाई में बदल गया। घटना के बाद CISF अधिकारी सस्पेंड CISF सूत्रों के मुताबिक, घटना सामने आने के कुछ ही समय बाद आरोपी अधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। सोशल मीडिया पर लोगों ने कहा कि अगर महिला की तस्वीरें बिना अनुमति लेने की बात सही साबित होती है, तो यह बेहद गंभीर चिंता का मामला है। रात 12:40 बजे PCR कॉल मिली मेट्रो पुलिस सूत्रों ने बताया कि अधिकारियों को रविवार रात करीब 12:40 बजे घटना की सूचना देने वाली PCR कॉल मिली थी। यात्रियों, जिनमें एक महिला भी शामिल थी, ने बताया कि CISF अधिकारी उसकी बिना अनुमति फोटो ले रहा था। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन महिला ने शिकायत दर्ज नहीं कराई। इसके बाद मामले की जानकारी CISF अधिकारियों को दी गई।
Dainik Bhaskar ड्राइवर के घर बंदूक तलाशने पहुंची पुलिस,एक करोड़ कैश मिला:सागर में नोट गिनने मंगानी पड़ी मशीन, परिजन बोले- ये PWD इंजीनियर की रकम
सोशल मीडिया पर युवक ने बंदूक के साथ फोटो डाली तो पुलिस डिटेल निकालने उसके घर पहुंच गई। यहां तलाशी के दौरान हथियार तो बरामद नहीं हुआ लेकिन भारी मात्रा में नकद मिलने से पुलिस चौंक गई। नोट गिनने के लिए पुलिस को मशीन मंगानी पड़ी। राजस्व और आयकर विभाग की टीमों को भी बुलाया गया। मामला गोपालगंज थाना इलाके के तिली तिगड्डा इलाके में रविवार का है। युवक का नाम सौरभ अहिरवार बताया गया है। वह अपने भाई अंकित और मां के साथ रहता है। दोनों भाई किराए की टैक्सी चलाने का काम करते हैं। पिता जगदीश अहिरवार का निधन हो चुका है। एडिशनल एसपी नरेंद्र सोलंकी ने कहा- अब तक एक करोड़ रुपए गिने जा चुके हैं। परिजन के मुताबिक, ये रकम उनके भोपाल के चूना भट्टी निवासी रिश्तेदार की है। रिश्तेदार PWD में इंजीनियर है। हम जांच कर रहे हैं। देखिए, दो तस्वीरें… घर के अंदर पूछताछ कर रही पुलिस एसपी अनुराग सुजानिया भी मौके पर पहुंचे हैं। परिवार के लोगों को घर के अंदर ही रखा गया है। पूछताछ जारी होने की बात कहते हुए मीडिया को उनसे बात करने की इजाजत नहीं दी गई है। ये खबर भी पढ़ें… बिजली कंपनी इंजीनियर के पास आय से 258% ज्यादा प्रॉपर्टी लोकायुक्त टीम ने मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (फाइनेंस) शिवराम सेमिल के 9 ठिकानों पर छापे मारे। शुरुआती जांच में वैध आय से करीब 258% अधिक संपत्ति मिली है। वहीं, घर से 4 किलो चांदी, 300 ग्राम गोल्ड और 3 लाख कैश मिला है। शिवराम सेमिल इन दिनों इंदौर स्थित पोलोग्राउंड कार्यालय में पदस्थ हैं। पढ़ें पूरी खबर…
Dainik Bhaskar पंजाब-चंडीगढ़ दिनभर,10 बड़ी खबरें:DIG को अंतिम विदाई; सुखबीर बादल का टांके लगा फोटो; स्पा सेंटर में देह व्यापार; 15 अगस्त पर अश्लील डांस कराया
नमस्कार, पंजाब-चंडीगढ़ में आज की सबसे बड़ी खबर पंजाब के किसानों के दिल्ली कूच से जुड़ी रही। पंजाब के अलग-अलग जगहों से किसान दिल्ली की ओर निकले, लेकिन हरियाणा पुलिस ने उन्हें खनौरी बॉर्डर पर ही रोक लिया। किसान नेता डल्लेवाल ने कहा कि अगर आगे नहीं दिया तो यहीं रात गुजारेंगे। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें… इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. खनौरी बॉर्डर पर रोके किसान, ट्रेड डील का विरोध कर रहे पंजाब से दिल्ली जा रहे 55 किसानों को खनौरी बॉर्डर पर हरियाणा पुलिस ने रोक लिया। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में 55 किसान रवाना हुए थे। डल्लेवाल ने पिछले किसान आंदोलन में शहीद हुए शुभकरण सिंह के शहीदी स्थल से मिट्टी भी उठाई। डल्लेवाल ने कहा, “अब रास्ता किसानों ने नहीं, हरियाणा पुलिस ने रोका है। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट को इस पर संज्ञान लेना चाहिए। थोड़ी संख्या में किसान दिल्ली जाकर अपनी बात रखना चाहते हैं। हमारे 5 नेता पुलिस से बात करेंगे। अगर आगे नहीं जाने दिया गया तो आज रात यहीं रुकेंगे।” किसानों ने कहा कि यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगी। इसका उद्देश्य किसानों से जुड़े मुद्दों के साथ अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील के विरोध की आवाज केंद्र सरकार तक पहुंचाना है। किसान नेताओं ने बताया कि यात्रा में एक किसान मुख्य रूप से पैदल चलेगा। जबकि, उसके साथ कुछ किसान रहेंगे, जो उसका सामान उठाएंगे। रास्ते में जगह-जगह पड़ाव होंगे और जत्था चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा। किसानों का लक्ष्य 29 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचने का है। वहां एक दिन की किसान पंचायत आयोजित की जाएगी। इसके बाद सरकार को किसानों की मांगों से संबंधित मांग पत्र सौंपने का प्रयास किया जाएगा। (पढ़ें पूरी खबर) 2. सुखबीर बादल की टांके लगी तस्वीर सामने आई पंजाब के पूर्व डिप्टी CM एवं शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के बाजू पर लगे टांकों की पहली तस्वीर सामने आई है। यह तस्वीर उनकी पत्नी सांसद हरसिमरत कौर बादल ने टैबलेट में दिखाई। उन्होंने कहा कि 150 से ज्यादा टांके लगे हैं। उन्हें गुरुग्राम मेदांता से डिस्चार्ज भी कर दिया गया है। हरसिमरत कौर ने कहा कि हमलावर ने डेढ़ फीट की किरच से छाती पर वार किया था, लेकिन हाथ आगे आने से किरच हाथ से आर-पार हो गई। उन्होंने कहा कि इसकी जांच NIA को सौंपने के लिए गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखी है। वहीं, हमलावर निहंग जसपाल सिंह ने दावा किया कि उसे हमला करने का आदेश गुरु साहिब से मिला था। उसने कहा है कि जब वह नांदेड़ में गुरुद्वारा साहिब में अरदास कर रहा था, उस समय उसे आदेश हुआ। उसके बाद जब सुखबीर बादल उसके सामने आए तो उसने उन पर वार कर दिया। सुखबीर बादल पर 13 अगस्त को हमला हुआ था। (पढ़ें पूरी खबर) 3. राहुल गांधी के दौरे से पहले चन्नी गुट ने मोर्चा खोला कांग्रेस नेता राहुल गांधी पंजाब का दौरा करने वाले हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, 16 अगस्त को दिल्ली में राहुल गांधी के पंजाब दौरे की रूपरेखा तय होनी है, लेकिन उनके दौरे से ठीक पहले पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। अब तक पूर्व CM चरणजीत सिंह चन्नी का गुट और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के गुट के बीच विरोध इन हाउस मीटिंग तक सीमित था। अब चन्नी गुट ने खुलकर सियासी कार्यक्रम और रैलियां शुरू कर दी हैं। 15 अगस्त को इसड़ू में चन्नी गुट ने कांग्रेस की सियासी कॉन्फ्रेंस की। इस कार्यक्रम से प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग को दूर रखा गया। मंच से चन्नी गुट के नेताओं ने राजा वड़िंग का नाम लिए बिना उन्हें खुला जवाब दिया। कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा- किसी से कांग्रेसी होने का सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है। कांग्रेस हमारे खून में है। टिकट देने या काटने का अधिकार किसी एक व्यक्ति का नहीं है। अगर किसी परिवार में काबिलियत है और उम्मीदवार जीतने का जज्बा रखता है, तो उसे टिकट से वंचित नहीं किया जा सकता। इधर, राजा वड़िंग ने राहुल गांधी का एक परिवार एक टिकट वाला बयान शेयर कर सुखजिंदर रंधावा को जवाब दिया। जिसमें उन्होंने कहा कि मैं हमेशा अपने लीडर को फॉलो करूंगा। (पढ़ें पूरी खबर) 4. ITBP के DIG का अंतिम संस्कार, UP में मौत हुई सड़क हादसे में जान गंवाने वाले ITBP के DIG परमिंदर सिंह (54) का रविवार (16 अगस्त) को श्री आनंदपुर साहिब में अंतिम संस्कार कर दिया गया। दोपहर को उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव चनोली में पहुंचा था। शनिवार को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में हुए सड़क हादसे में उनका निधन हो गया था। हादसे में उनके ड्राइवर रवि शंकर की भी मौत हुई, जबकि गनर जयराम गंभीर रूप से घायल है। परमिंदर सिंह मसूरी में ट्रेनिंग पूरी करने के बाद कार से अंबाला आ रहे थे। परमिंदर सिंह ने 2025 में उत्तराखंड के धराली में आई भीषण आपदा के बाद चले ITBP के रेस्क्यू ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई थी। धराली में फ्लैश फ्लड के बाद मलबे में फंसे लोगों को निकालने के अभियान में उनकी निगरानी में ITBP की टीमें जुटी थीं। (पढ़ें पूरी खबर) 5. BSF जवान ने पीट-पीटकर पत्नी को मार डाला होशियारपुर में BSF जवान ने लोहे के रॉड से पीट-पीटकर पत्नी की हत्या कर दी। उसने हत्या के दूसरे दिन मायके वालों को कॉल कर कहा कि आपकी बेटी छत से गिर गई है, उसे अस्पताल लेकर आए हैं। इसके बाद जब मायके वाले अस्पताल पहुंचे, तो उसके शरीर पर चोट के निशान थे। इसके बाद मायके वालों को शक हुआ और उन्होंने फौजी पति पर बेटी की हत्या करने का आरोप लगाया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को घर से ही गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। घटना 13 अगस्त की रात की है। मृतका की पहचान रमा के नाम से हुई, जिसकी शादी करीब 12 साल पहले गांव सुनेहड़ा के रहने वाले अमरजीत सिंह के साथ हुई थी। आरोपी पहले ओडिशा में तैनात था, अब श्रीनगर जाना था, जिसके चले वह छुट्टी पर घर आया था। दोनों का एक 8 साल का बेटा और एक बेटी है। परिजन के अनुसार, शादी के बाद से ही अमरजीत सिंह उनकी बेटी के साथ अक्सर मारपीट करता रहता था और उसे शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। (पढ़ें पूरी खबर) 6. एट होम में परिवार सहित पहुंचे CM मान, सैनी-संधवां गले मिले स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रविवार को चंडीगढ़ स्थित पंजाब लोक भवन में राज्यपाल के पारंपरिक ‘एट होम’ रिसेप्शन का आयोजन किया गया। पंजाब-हरियाणा की सियासत के कई बड़े चेहरे एक मंच पर नजर आए। कार्यक्रम के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां एक-दूसरे से गले मिलते दिखे। पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने मेहमानों का स्वागत किया। कार्यक्रम में पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्री परिवार सहित पहुंचे। चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी, दोनों राज्यों के विधानसभा अध्यक्ष और कई अन्य प्रमुख नेता भी मौजूद रहे। रिसेप्शन में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी शामिल हुए। दोनों मुख्यमंत्री परिवार सहित कार्यक्रम में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। (पढ़ें पूरी खबर) 7. विदेशी युवती से गैंगरेप, देह व्यापार कराया, मोमबत्ती से जलाया युगांडा से मेडिकल वीजा पर आई युवती से चंडीगढ़ में 3 युवकों ने फ्रेंडशिप की। इसके बाद उसे रहने के लिए अपने साथ मोहाली ले गए। वहां लस्सी में निकोटिन का नशा पिलाकर उसका गैंगरेप किया। यही नहीं, उससे देह व्यापार तक कराने लगे। उसने विरोध किया तो हाथ-पैर बांधकर उसे पीटा गया। इसका खुलासा तब हुआ, जब युवती को कुछ दिन पहले लुधियाना की एक समाज सेवी संस्था के पास लाया गया। युवती का आरोप है कि उसके दुख दूर करने के नाम पर उसके प्राइवेट पार्ट और शरीर के अन्य हिस्सों में मोमबत्ती पिघलाकर गर्म मोम डाला गया। एक फ्रेंड के जरिए युवती ने चंडीगढ़ पुलिस को शिकायत की। इसके बाद खरड़ की एक महिला ने दिलेरी दिखाते हुए न केवल आरोपियों का ठिकाना ढूंढा, बल्कि उन्हें गिरफ्तार भी कराया, लेकिन वे थाने से भाग निकले। पुलिस ने पहले युवती को अनफिट करार दिया तो आरोपियों को जमानत मिल गई, लेकिन खरड़ की महिला ने पीछा नहीं छोड़ा। उसने फिर पैरवी की। युवती के कोर्ट में बयान कराए, जिसके बाद जज ने युवती की हालत देखी तो तुरंत मेडिकल कराने का आदेश दिया। कोर्ट ने तीनों की जमानत रद्द की। तब पुलिस ने तीनों को दोबारा गिरफ्तार किया। युवती का अब लुधियाना में इलाज चल रहा है। (पढ़ें पूरी खबर) 8. स्पा सेंटर्स में देह व्यापार, रूम में घुसते ही एक्स्ट्रा सर्विस का ऑफर लुधियाना में स्पा सेंटरों में मसाज की आड़ में देह व्यापार हो रहा है। दुगरी रोड, मॉडल टाउन, घुमार मंडी और JMD मॉल जैसे इलाकों में दैनिक भास्कर ने 8 स्पा सेंटरों की पड़ताल की तो पता चला कि मसाज के साथ-साथ 'एक्स्ट्रा सर्विस' के नाम पर देह व्यापार हो रहा है। हालांकि, इसका पर्दाफाश न हो जाए, इसलिए एंट्री फीस के बगैर रिसेप्शन से आगे नहीं जाने दिया जाता। जो एंट्री फीस भर देता है, उसके मोबाइल समेत सारे गैजेट्स काउंटर पर ही जमा करा लिए जाते हैं। हालांकि, काउंटर पर देह व्यापार वाली एक्स्ट्रा सर्विस का जिक्र नहीं किया जाता। जब कस्टमर एंट्री फीस और मसाज चार्जेस देकर अंदर चला जाता है तो लड़की वहां इसके बारे में बताती हैं, जिसके लिए डेढ़ हजार रुपए तक लिए जाते हैं। यह भी सामने आया कि मसाज के नाम पर खुले स्पा सेंटरों के खुलने-बंद होने का कोई टाइम नहीं है। रात 1-1 बजे तक भी ये खुले रहते हैं। इस दौरान एक युवती ऐसी भी मिली, जिसने होटलों में चल रहे सेक्स रैकेट का भी खुलासा कर दिया। (पढ़ें पूरी खबर) 9. पैरासेलिंग का रोमांच पंजाब में, गोवा जाने की जरूरत नहीं पंजाब के लोगों को पैरासेलिंग और वाटर स्पोर्ट्स के लिए गोवा जाने की जरूरत नहीं है। पंजाब के प्रमुख टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में पहचान बना चुके पठानकोट के रंजीत सागर बांध की झील में ये सारी सुविधाएं मिलेंगी। इसकी शुरूआत रविवार, 16 अगस्त से हो गई। दरअसल, रंजीत सागर डैम झील किनारे स्थित मिनी गोवा के तौर पर जाने जाते चमरोड़ और नए बने शाहपुरकंडी बैराज झील को अंतरराष्ट्रीय स्तर का टूरिज्म हब बनाने के लिए वन विभाग और प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। 10 दिन पहले ही शाहपुरकंडी बैराज झील में पैरासेलिंग का ट्रायल पूरी तरह सफल रहा। खास बात यह है कि इससे पहले पूरे पंजाब में कहीं भी पैरासेलिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। अब पहली बार पंजाब वासियों और पर्यटकों को यह रोमांचक सुविधा मिली है। हालांकि, स्पीड बोट, क्रूज और जेट स्की गतिविधियों के लिए कुछ दिन और इंतजार करना पड़ेगा। अधिकारियों का कहना है कि अगस्त अंत तक सारी सुविधाएं आम जनता के लिए शुरू कर दी जाएंगी। (पढ़ें पूरी खबर) खबर जरा हटके… 10. BJP के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में अश्लील डांस लुधियाना में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर BJP के एक कार्यक्रम में डांस का वीडियो सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में मंच पर BJP के नेता बैठे नजर आ रहे हैं, जबकि तीन युवतियां भोजपुरी गीत पर डांस कर रही हैं। इनमें से एक युवती के डांस को लेकर आपत्ति जताई जा रही है। वीडियो में दर्शक दीर्घा में बैठा एक युवक युवती की ओर लगातार फ्लाइंग किस करता दिखाई दे रहा है। युवती भी मंच से मुस्कुराती नजर आ रही है। इस दौरान मंच पर बैठे BJP नेताओं ने उसे रोकने की कोशिश नहीं की। बताया जा रहा है कि करीब 5 मिनट तक युवती डांस करती रही और युवक सामने से फ्लाइंग किस करता रहा। बाद में मंच पर बैठे BJP के जिला उपाध्यक्ष डॉ. निर्मल नैय्यर ने आयोजकों से देशभक्ति के गीत चलाने को कहा। कार्यकम साउथ हलके के ग्यासपुरा में हुआ था, जिसमें BJP के नवनियुक्त प्रदेश महासचिव रजनीश धीमान और जिला प्रधान सुनील मोदगिल भी मौजूद रहे। हालांकि, युवतियों का यह डांस रजनीश धीमान और सुनील मोदगिल के कार्यक्रम में पहुंचने से पहले हो चुका था। बीजेपी के जिला उपाध्यक्ष डॉ निर्मल नैय्यर ने कहा कि पहले तिरंगा लेकर डांस कर रहे थे। वह देशभक्ति का डांस था। उसके बाद एक भोजपुरी गीत में डांस हो रहा था, तो मैंने उन्हें रोककर देशभक्ति का कार्यक्रम शुरू करवा दिया था। (पढ़ें पूरी खबर) (कल शाम 6 बजे फिर होगी मुलाकात)
Dainik Bhaskar बंगाल में कॉकरोच जनता-पार्टी के कार्यकर्ता के पिता की मौत:स्कूल की बदहाली दिखाने पर पीटने का आरोप; दीपके बोले- टीम जल्द बंगाल पहुंचेगी
पश्चिम बंगाल में CJP कार्यकर्ता शेख अब्दुल हफीज के पिता जनाब मफीक की हमले में लगी गंभीर सिर की चोटों से 15 अगस्त को मौत हो गई। CJP के मुताबिक, हफीज 13 अगस्त को अपने गांव के करिसुंडा इलाके के सरकारी स्कूल में राष्ट्रव्यापी अभियान में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने स्कूल के इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति देखी थी। इसके बाद उसी शाम हथियारबंद लोगों ने उनके निजी घर में जबरन प्रवेश किया। CJP का कहना है कि हमलावरों ने उनसे स्कूल की खराब स्थिति दिखाने के लिए माफी मांगते हुए वीडियो रिकॉर्ड करने को कहा। उनसे यह भी कहने को कहा गया कि उन्होंने यह काम बाहरी प्रभाव में किया था। हफीज के इनकार करने पर उनके परिवार पर हमला किया गया। इसमें हफीज की गर्दन और उनके पिता के सिर में गंभीर चोट आई। कॉकरोच नता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा कि पार्टी अब्दुल और उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। CJP की टीम पश्चिम बंगाल जाएगी और परिवार को न्याय दिलाने की कोशिश करेगी। कल ही शुरू किया था स्कूल ठीक करो' अभियान कॉकरोच जनता पार्टी के संयोजक अभिजीत दीपके ने शनिवार को महाराष्ट्र के हिंगोली में अपने गांव से 'स्कूल ठीक करो' अभियान की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा था कि सरकार की अनदेखी की वजह से गरीब छात्रों को नुकसान हो रहा है, और उन्होंने प्राइवेट स्कूलों की फीस पर सीमा लगाने की मांग की। CJP सरकारी अस्पतालों की खराब हालत को लेकर भी ऐसा ही एक आंदोलन चलाएगी। उन्होंने एक जिला परिषद स्कूल का दौरा कर बुनियादी सुविधाओं का जायजा लिया, जहां उन्होंने पाया कि शौचालयों में पानी की सुविधा नहीं थी। दीपके ने पत्रकारों से कहा कि अगर देश की आजादी के 80 साल बाद भी सरकारी स्कूलों में पानी जैसी बुनियादी चीजें नहीं हैं, तो देश का विकास कैसे होगा उन्होंने कहा कि 'स्कूल ठीक करो अभियान' के अगले चरण में वे महाराष्ट्र के अन्य तालुकों के सरकारी स्कूलों का दौरा करेंगे ताकि यह देख सकें कि छात्रों के लिए सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं। खबर अपडेट हो रही है…
Dainik Bhaskar पंजाब- आधी रात घूमती दिखी नग्न महिला,VIDEO:पूछा तो बोली- मैं नहा रही थी, कोई कपड़े ले गया; ग्रामीण बोले- क्या पता, भूत न हो?
कपूरथला में एक महिला को आधी रात संदिग्ध अवस्था में घूमते देख लोगों में सनसनी फैल गई। महिला नग्न थी। उसने शरीर पर कोई कपड़ा नहीं पहना था। वह महिला लोगों के घरों में जा रही थी और बाहर सो रहे लोगों की चारपाइयों पर जाकर बैठ रही थी। महिला को श्मशान घाट के पास भी घूमता देखा गया। लोगों ने जब उससे इस हालत में घूमने का कारण पूछा तो उसने बताया कि वह नहा रही थी। इसी दौरान उसके कपड़े कोई उठा ले गया। हालांकि, जब लोगों ने उसे शरीर ढंकने के लिए कपड़े दिए तो उसने लेने से इनकार कर दिया और आगे बढ़ गई। लोगों का कहना है कि इस महिला को आसपास कि इलाकों में पहले कभी नहीं देखा गया। पता नहीं महिला थी या कोई भूत। इस महिला के इस तरह से घूमने के चलते लोगों को जागकर रातें काटनी पड़ीं। महिला के नग्न घूमने की घटना सीसीटीवी में भी कैद हुई है। पानी की टंकी के पास दिखी महिला यह मामला कपूरथला के फगवाड़ा के नजदीक गांव नरोड़ का है। लोगों के मुताबिक, बीते गुरुवार की देर रात करीब साढ़े 11 बजे महिला को नग्न अवस्था में घूमते हुए देखा गया। गांव के रहने वाले बेलाराम ने बताया कि उन्होंने पानी की टंकी और श्मशान घाट के पास महिला को बिना कपड़ों के घूमते देखा। उन्होंने कहा कि उन्होंने महिला से बात करने की कोशिश की और उससे इस हालत में घूमने का कारण पूछा। महिला ने बताया कि वह नहा रही थी और उसके कपड़े कोई उठाकर ले गया। इसके बाद उन्होंने महिला को कपड़े देने की कोशिश की, लेकिन महिला ने कपड़े नहीं लिए और वहां से गुज्जरों के डेरे की तरफ चली गई। बेलाराम ने बताया कि घटना की जानकारी उन्होंने गांव की सरपंच को फोन पर देने की कोशिश की, लेकिन उस समय फोन नहीं उठाया गया। महिला के इस तरह रात में घूमने से आसपास रहने वाले परिवारों में डर का माहौल बन गया। उन्होंने सुबह गांव के सभी लोगों को इस घटना की सूचना दी। कुछ देर गांव में घूमने के बाद वह महिला दिखी नहीं। हवेली के पास भी दिखाई दी महिला गांव के रहने वाले रहमत अली ने बताया कि रात करीब 12 बजे वह महिला उसकी हवेल की आसपास भी घूमती दिखी थी। रहमत अली ने बताया कि उसने महिला को कपड़े देने की कोशिश की, लेकिन उसने कपड़े लेने से इनकार कर दिया। वह शोर कर रही थी। कपड़े लेने को कहा तो वह वहां से चली गई। CCTV में कैद हुई महिला की गतिविध महिला के रात में अलग-अलग स्थानों पर घूमने की घटना गांव में लगे CCTV कैमरों में भी रिकॉर्ड हुई है। महिला हवेली के पास कभी पेड़ के पीछे तो कभी आसपास के खेतों में घूमती दिख रही है। ग्रामीणों का कहना है कि महिला की पहचान और रात के समय इस तरह घूमने के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। सरपंच बोले- महिला का इरादा स्पष्ट नहीं इस संबंध में गांव की सरपंच राजकमल कौर से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि महिला का क्या इरादा था, फिलहाल इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। उन्होंने ग्रामीणों से रात के समय सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि महिला कौन है, वह इस हालत में रात के समय गांव में क्यों घूम रही थी और उसके कपड़े कहां गए? इसे लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है, क्योंकि वह महिला उस दिन के बाद दोबारा दिखी नहीं। इसके बाद भी ग्रामीणों में चर्चा और चिंता बनी हुई है। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… लुधियाना के स्पा सेंटर्स में देह व्यापार, VIDEO:मसाज के नाम पर एंट्री; रूम में जाते ही ₹1500 में एक्स्ट्रा सर्विस का ऑफर लुधियाना में स्पा सेंटरों में मसाज की आड़ में देह व्यापार हो रहा है। दुगरी रोड, मॉडल टाउन, घुमार मंडी और JMD मॉल जैसे इलाकों में भास्कर ने 8 स्पा सेंटरों की पड़ताल की तो पता चला कि मसाज के साथ-साथ 'एक्स्ट्रा सर्विस' के नाम पर देह व्यापार हो रहा है। हालांकि इसका पर्दाफाश न हो जाए, इसलिए एंट्री फीस के बगैर रिसेप्शन से आगे नहीं जाने दिया जाता। पढ़ें पूरी खबर…
Dainik Bhaskar बंकिमचंद्र के वंशज बोले-सोनिया ने वंदे मातरम् का अपमान किया:बिना शर्त माफी मांगें; कांग्रेस मुख्यालय में बार-बार राष्ट्रगीत रोकने का इशारा किया था
BJP विधायक और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज सुमित्रो चटर्जी ने सोनिया गांधी से बिना शर्त माफी मांगने को कहा है। दरअसल, सोनिया ने स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् को रुकवाने का इशारा किया था। चटर्जी का दावा है कि वहां वंदे मातरम का पूरा संस्करण गाने को लेकर असहजता दिखाई गई और इसे रोकने की बार-बार कोशिश हुई। नैहाटी से BJP विधायक चटर्जी ने सोनिया गांधी को लिखे पत्र में खुद को आम नागरिक, देशभक्त और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का सीधा वंशज बताया। उन्होंने कहा कि इस घटना पर उन्हें गहरा दर्द, खालीपन और गुस्सा आ रहा है। पहले देखिए कांग्रेस मुख्यालय की वीडियो क्लिप… चटर्जी बोले- कांग्रेस ने ऐतिहासिक गलती दोहराई चटर्जी ने पत्र में लिखा- 15 अगस्त की घटना केवल दुर्भाग्यपूर्ण नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक गलती को बेशर्मी से दोहराने जैसी है। उन्होंने श्री अरविंद के उस कथन का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने वंदे मातरम को देश को ‘देशभक्ति के धर्म’ में दीक्षित करने वाला मंत्र बताया था। उन्होंने कहा कि आजाद भारत की धरती पर वंदे मातरम को पूरा गाने में कथित अनिच्छा, खुदीराम बोस जैसे शहीदों के बलिदान का अपमान है। आजादी की लड़ाई में वंदे मातरम की भूमिका गिनाई चटर्जी ने कहा कि वंदे मातरम का आजादी की लड़ाई में खास महत्व रहा है। उन्होंने बताया कि 1905 के बनारस कांग्रेस अधिवेशन में सरला देवी चौधरानी ने इसका पाठ किया था। उन्होंने कहा कि 1909 में बाल गंगाधर तिलक के समर्थकों ने उनके राजद्रोह मुकदमे की सुनवाई के दौरान वंदे मातरम गाया था। 1938 में हैदराबाद की उस्मानिया यूनिवर्सिटी में निजाम की पाबंदियों के बावजूद राष्ट्रवादी छात्रों ने इसे नारे की तरह इस्तेमाल किया था। चटर्जी ने 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर की ओर से वंदे मातरम गाए जाने का भी जिक्र किया। कांग्रेस की ‘दोहरी नीति’ पर सवाल उठाया चटर्जी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की ‘कथित दोहरी नीति’ कोई नई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि 1937 में पार्टी ने मोहम्मद अली जिन्ना की आपत्तियों के आगे झुककर उसी साल अक्टूबर में गीत को छोटा कर दिया था। उन्होंने कहा कि उस समझौते की परछाई एक बार फिर कांग्रेस के आचरण में दिखाई दे रही है। चटर्जी ने कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई के छात्र संगठन छात्र परिषद के नारे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि छात्र परिषद ‘मंत्र मोदेर संजीवन, वंदे मातरम’ नारे का इस्तेमाल करती है। इसके बाद उन्होंने सवाल किया कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इसी गीत को लेकर असहज क्यों है। ‘वंदे मातरम किसी एक पार्टी की संपत्ति नहीं’ चटर्जी ने कहा कि वंदे मातरम किसी एक राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं है। यह देश की सामूहिक स्मृति, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की अमर विरासत और शहीदों के खून व बलिदान से मिला पवित्र राष्ट्रीय प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस गीत का सम्मान करना भारत के स्वतंत्रता संघर्ष के इतिहास का सम्मान करने के बराबर है। चटर्जी ने चेतावनी दी कि इतिहास किसी को माफ नहीं करता। उन्होंने कहा कि जो नेतृत्व अपने ही स्वतंत्रता मंत्र का सम्मान करने में नाकाम रहता है, उसे इतिहास भुला दिए जाने के अंधेरे में धकेल देगा। चटर्जी ने कहा कि इस घटना से पश्चिम बंगाल के लोगों की भावनाएं गहराई से आहत हुई हैं। उन्होंने सोनिया गांधी से आत्ममंथन करने और सभी देशवासियों, खासकर पश्चिम बंगाल के लोगों से बिना किसी शर्त के माफी मांगने की अपील की।
Dainik Bhaskar बंकिमचंद्र के वंशज बोले-सोनिया ने वंदे मातरम् का अपमान किया:बिना शर्त माफी मांगें; कांग्रेस मुख्यालय में बार-बार राष्ट्रगीत रोकने का इशारा किया था
BJP विधायक और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज सुमित्रो चटर्जी ने सोनिया गांधी से बिना शर्त माफी मांगने को कहा है। दरअसल, सोनिया ने स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् को रुकवाने का इशारा किया था। चटर्जी का दावा है कि वहां वंदे मातरम का पूरा संस्करण गाने को लेकर असहजता दिखाई गई और इसे रोकने की बार-बार कोशिश हुई। नैहाटी से BJP विधायक चटर्जी ने सोनिया गांधी को लिखे पत्र में खुद को आम नागरिक, देशभक्त और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का सीधा वंशज बताया। उन्होंने कहा कि इस घटना पर उन्हें गहरा दर्द, खालीपन और गुस्सा आ रहा है। पहले देखिए कांग्रेस मुख्यालय की वीडियो क्लिप… चटर्जी बोले- कांग्रेस ने ऐतिहासिक गलती दोहराई चटर्जी ने पत्र में लिखा- 15 अगस्त की घटना केवल दुर्भाग्यपूर्ण नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक गलती को बेशर्मी से दोहराने जैसी है। उन्होंने श्री अरविंद के उस कथन का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने वंदे मातरम को देश को ‘देशभक्ति के धर्म’ में दीक्षित करने वाला मंत्र बताया था। उन्होंने कहा कि आजाद भारत की धरती पर वंदे मातरम को पूरा गाने में कथित अनिच्छा, खुदीराम बोस जैसे शहीदों के बलिदान का अपमान है। आजादी की लड़ाई में वंदे मातरम की भूमिका गिनाई चटर्जी ने कहा कि वंदे मातरम का आजादी की लड़ाई में खास महत्व रहा है। उन्होंने बताया कि 1905 के बनारस कांग्रेस अधिवेशन में सरला देवी चौधरानी ने इसका पाठ किया था। उन्होंने कहा कि 1909 में बाल गंगाधर तिलक के समर्थकों ने उनके राजद्रोह मुकदमे की सुनवाई के दौरान वंदे मातरम गाया था। 1938 में हैदराबाद की उस्मानिया यूनिवर्सिटी में निजाम की पाबंदियों के बावजूद राष्ट्रवादी छात्रों ने इसे नारे की तरह इस्तेमाल किया था। चटर्जी ने 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर की ओर से वंदे मातरम गाए जाने का भी जिक्र किया। कांग्रेस की ‘दोहरी नीति’ पर सवाल उठाया चटर्जी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की ‘कथित दोहरी नीति’ कोई नई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि 1937 में पार्टी ने मोहम्मद अली जिन्ना की आपत्तियों के आगे झुककर उसी साल अक्टूबर में गीत को छोटा कर दिया था। उन्होंने कहा कि उस समझौते की परछाई एक बार फिर कांग्रेस के आचरण में दिखाई दे रही है। चटर्जी ने कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई के छात्र संगठन छात्र परिषद के नारे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि छात्र परिषद ‘मंत्र मोदेर संजीवन, वंदे मातरम’ नारे का इस्तेमाल करती है। इसके बाद उन्होंने सवाल किया कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इसी गीत को लेकर असहज क्यों है। ‘वंदे मातरम किसी एक पार्टी की संपत्ति नहीं’ चटर्जी ने कहा कि वंदे मातरम किसी एक राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं है। यह देश की सामूहिक स्मृति, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की अमर विरासत और शहीदों के खून व बलिदान से मिला पवित्र राष्ट्रीय प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस गीत का सम्मान करना भारत के स्वतंत्रता संघर्ष के इतिहास का सम्मान करने के बराबर है। चटर्जी ने चेतावनी दी कि इतिहास किसी को माफ नहीं करता। उन्होंने कहा कि जो नेतृत्व अपने ही स्वतंत्रता मंत्र का सम्मान करने में नाकाम रहता है, उसे इतिहास भुला दिए जाने के अंधेरे में धकेल देगा। चटर्जी ने कहा कि इस घटना से पश्चिम बंगाल के लोगों की भावनाएं गहराई से आहत हुई हैं। उन्होंने सोनिया गांधी से आत्ममंथन करने और सभी देशवासियों, खासकर पश्चिम बंगाल के लोगों से बिना किसी शर्त के माफी मांगने की अपील की।
Dainik Bhaskar राहुल बोले-सरकार के खिलाफ खड़े होने वालों की तारीफ हो:कहा- छात्रों के साथ बदसलूकी, गाली-गलौज और हिंसा हुई
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को कहा कि सरकार की हिंसा के खिलाफ मजबूती से खड़े रहने वाले भारत के युवाओं का साहस सराहनीय है। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा के लोगों की बदसलूकी, गाली-गलौज और हिंसा का सामना करने वाली छात्राओं की भी तारीफ होनी चाहिए। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर छात्रों से बातचीत का वीडियो भी शेयर किया। इन छात्रों ने पिछले महीने पेपर लीक के मुद्दे पर तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। राहुल और छात्रों के बीच यह बातचीत 5 अगस्त को हुई थी, लेकिन इसका वीडियो उन्होंने आज शेयर किया है। खबर अपडेट हो रही है…
Dainik Bhaskar बंगाल में कांग्रेस नेता और बेटे को गोली मारी:फिर बदमाशों ने धारदार हथियारों से हमला किया, दोनों कार से लौट रहे थे
पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में स्वतंत्रता दिवस की रात कांग्रेस नेता अनीसुर रहमान और उनके बेटे की हत्या कर दी गई। घटना बेथुआडहरी रेलगेट के पास हुई। शनिवार रात अनीसुर अपने बेटे के साथ कार से घर लौट रहे थे। रास्ते में बदमाशों ने उनकी गाड़ी रोककर अंधाधुंध फायरिंग की। इसके बाद कार का गेट खोलकर दोनों पर धारदार हथियारों से हमला किया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। अनीसुर रहमान प्रदेश कांग्रेस समिति के सदस्य और नादिया जिला कांग्रेस के महासचिव थे। जबकि उनका बेटा अबू सुफियान कल्याणी से एलएलबी की पढ़ाई कर रहा था। घटना से जुड़ी 2 तस्वीरें… परिजनों ने टीएमसी नेता पर रंजिश का आरोप लगाया मृतक के परिजनों ने स्थानीय टीएमसी नेता जुब्बार शेख और उसके सहयोगियों पर राजनीतिक रंजिश के तहत इस हत्याकांड को अंजाम देने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधीर रंजन चौधरी ने हत्या की निंदा की कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने अनीसुर रहमान और उनके बेटे की हत्या की कड़ी निंदा की। उन्होंने पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए घटना की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की। पूर्व लोकसभा सांसद ने फेसबुक पर लिखा, मैं नादिया के कांग्रेस नेता अनीसुर रहमान और उनके बेटे की हत्या की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। यह सरकार ‘डर बाहर, भरोसा अंदर’ के नारे के साथ सत्ता में आई है। स्वतंत्रता दिवस पर ऐसी जघन्य घटनाएं लोगों की सुरक्षा और स्वतंत्र रूप से राजनीति करने के अधिकार पर कई सवाल खड़े करती हैं।” ----------------------------- ये खबर भी पढ़ें… बंगाल- पूर्व डिप्टी स्पीकर ने TMC ऑफिस में फांसी लगाई: सुसाइड नोट भी लिखा पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रविवार सुबह बीरभूम जिले के टीएमसी ऑफिस में उनका शव फांसी के फंदे से लटका मिला। आशीष बनर्जी रामपुरहाट के वार्ड नंबर-5 के हत्तलापारा इलाके में रहते थे। उनके घर के पास ही तृणमूल कांग्रेस का पार्टी ऑफिस था। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar बंगाल में कांग्रेस नेता और बेटे को गोली मारी:फिर बदमाशों ने धारदार हथियारों से हमला किया, दोनों कार से लौट रहे थे
पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में स्वतंत्रता दिवस की रात कांग्रेस नेता अनीसुर रहमान और उनके बेटे की हत्या कर दी गई। घटना बेथुआडहरी रेलगेट के पास हुई। शनिवार रात अनीसुर अपने बेटे के साथ कार से घर लौट रहे थे। रास्ते में बदमाशों ने उनकी गाड़ी रोककर अंधाधुंध फायरिंग की। इसके बाद कार का गेट खोलकर दोनों पर धारदार हथियारों से हमला किया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। अनीसुर रहमान प्रदेश कांग्रेस समिति के सदस्य और नादिया जिला कांग्रेस के महासचिव थे। जबकि उनका बेटा अबू सुफियान कल्याणी से एलएलबी की पढ़ाई कर रहा था। घटना से जुड़ी 3 तस्वीरें… परिजनों ने टीएमसी नेता पर रंजिश का आरोप लगाया मृतक के परिजनों ने स्थानीय टीएमसी नेता जुब्बार शेख और उसके सहयोगियों पर राजनीतिक रंजिश के तहत इस हत्याकांड को अंजाम देने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधीर रंजन चौधरी ने हत्या की निंदा की कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने अनीसुर रहमान और उनके बेटे की हत्या की कड़ी निंदा की। उन्होंने पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए घटना की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की। पूर्व लोकसभा सांसद ने फेसबुक पर लिखा, मैं नादिया के कांग्रेस नेता अनीसुर रहमान और उनके बेटे की हत्या की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। यह सरकार ‘डर बाहर, भरोसा अंदर’ के नारे के साथ सत्ता में आई है। स्वतंत्रता दिवस पर ऐसी जघन्य घटनाएं लोगों की सुरक्षा और स्वतंत्र रूप से राजनीति करने के अधिकार पर कई सवाल खड़े करती हैं।” ----------------------------- ये खबर भी पढ़ें… बंगाल- पूर्व डिप्टी स्पीकर ने TMC ऑफिस में फांसी लगाई: सुसाइड नोट भी लिखा पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रविवार सुबह बीरभूम जिले के टीएमसी ऑफिस में उनका शव फांसी के फंदे से लटका मिला। आशीष बनर्जी रामपुरहाट के वार्ड नंबर-5 के हत्तलापारा इलाके में रहते थे। उनके घर के पास ही तृणमूल कांग्रेस का पार्टी ऑफिस था। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar लाल-किला जाने से पहले मोदी ने गाय को चारा दिया:मोर को दाना खिलाया; इंस्टाग्राम पर VIDEO शेयर किया, लिखा- ये मेरा डेली रूटीन
पीएम मोदी ने इंस्टाग्राम पर रविवार दोपहर नया वीडियो शेयर किया। पीएम ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “हर सुबह अपने दोस्तों को खाना खिलाना मेरी रोज की दिनचर्या है। कल सुबह उन्हें किसी तरह पता चल गया कि मैं जल्दी निकल रहा हूं, इसलिए लाल किले के लिए रवाना होते समय वे मुझसे मिलने आ गए।” हम खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं।
Dainik Bhaskar लाल-किला जाने से पहले मोदी ने गाय को चारा दिया:मोर को दाना खिलाया; इंस्टाग्राम पर VIDEO शेयर कर लिखा- ये मेरा डेली रूटीन
पीएम मोदी ने इंस्टाग्राम पर रविवार दोपहर नया वीडियो शेयर किया। पीएम ने बताया कि 15 अगस्त को लाल किला जाने से पहले उन्होंने पीएम आवास में जानवर और पक्षियों को दाना खिलाया। पीएम ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “हर सुबह अपने दोस्तों को खाना खिलाना मेरी रोज की दिनचर्या है। कल सुबह उन्हें किसी तरह पता चल गया कि मैं जल्दी निकल रहा हूं, इसलिए लाल किले के लिए रवाना होते समय वे मुझसे मिलने आ गए।” अब देखिए पीएम का VIDEO… मोदी के इंस्टाग्राम पर पिछले 2 वीडियो… 6 अगस्त: हैंडलूम डे से पहले पोस्ट, स्वदेशी पर फोकस पीएम मोदी ने वीडियो मैसेज में कहा था कि ‘साथियों, 7 अगस्त 1905 का दिन हमें भूलना नहीं है। इस दिन देश की आजादी के लिए स्वदेशी आंदोलन का प्रारंभ हुआ था। अंग्रेजों के खिलाफ देशवासियों ने बहुत बड़ी लड़ाई लड़ी थी। जन-जन जुड़ गया था। अभी पिछले सप्ताह आप सभी ने फ्रेंडशिप डे मनाया।’ हैंडलूम डे मनाने का मतलब है कि हर गरीब बुनकर परिवार, जो अपने हाथों से कपड़े बनाते हैं। घरों में लूम पर काम करते हैं। उनके काम को बढ़ावा देना।’ 9 अगस्त: कॉमनवेल्थ मेडलिस्ट्स के साथ PM का सेल्फी वीडियो मोदी ने 9 अगस्त को कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात की थी। पीएम ने खिलाड़ियों के साथ सेल्फी ली, जिसे अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर रील के तौर पर शेयर किया। बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल जीतने वाली हरियाणा की साक्षी चौधरी ने सेल्फी वीडियो रिकॉर्ड करते हुए कहा- हेलो फ्रेंड्स, दिस इज साक्षी चौधरी। आज हम सब कॉमनवेल्थ गेम्स मेडलिस्ट को हमारे ऑनरेबल पीएम सर ने बुलाया है और हमें बहुत प्राउड फील हो रहा है इस बात पर। हमें इनसे मिलकर बहुत ही अच्छा लगा। ये बहुत ही हंबल हैं। इसके बाद पीएम मोदी ने कहा कि "जो खेलेगा, वो खिलेगा, ऑलवेज चियर फॉर भारत। उन्होंने खिलाड़ियों से भारत माता की जय के नारे भी लगवाए। पेपर लीक पर छात्र आंदोलन के बाद PM इंस्टाग्राम पर एक्टिव हुए ------------------------------
Dainik Bhaskar लुधियाना में BJP के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में अश्लील डांस:मंच पर नेता बैठकर देखते रहे, युवती को युवक करता रहा फ्लाइंग किस
लुधियाना में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर BJP के एक कार्यक्रम में डांस का वीडियो सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में मंच पर BJP के नेता बैठे नजर आ रहे हैं, जबकि तीन युवतियां भेजपुरी गीत- हमार जान हउ हो पर डांस कर रही हैं। इनमें से एक युवती के डांस को लेकर आपत्ति जताई जा रही है। वीडियो में दर्शक दीर्घा में बैठा एक युवक युवती की ओर लगातार फ्लाइंग किस करता दिखाई दे रहा है। युवती भी मंच से मुस्कुराती नजर आ रही है। इस दौरान मंच पर बैठे BJP नेताओं ने उसे रोकने की कोशिश नहीं की। बताया जा रहा है कि करीब 5 मिनट तक युवती डांस करती रही और युवक सामने से फ्लाइंग किस करता रहा। बाद में मंच पर बैठे BJP के जिला उपाध्यक्ष डॉ. निर्मल नैय्यर ने आयोजकों से देशभक्ति के गीत चलाने को कहा। कार्यकम साउथ हलके के ग्यासपुरा में हुआ था। जिसमें BJP के नवनियुक्त प्रदेश महासचिव रजनीश धीमान और जिला प्रधान सुनील मोदगिल भी मौजूद रहे। हालांकि, युवतियों का यह डांस रजनीश धीमान और सुनील मोदगिल के कार्यक्रम में पहुंचने से पहले हो चुका था। बीजेपी के जिला उपाध्यक्ष डॉ निर्मल नैय्यर ने कहा कि पहले तिरंगा लेकर डांस कर रहे थे। वो देशभक्ति का डांस था। उसके बाद एक भोजपुरी गीत में डांस हो रहा था, तो मैंने उन्हें रोककर देशभक्ति का कार्यक्रम शुरू करवा दिया था। कार्यक्रम में क्या-क्या हुआ जानिए… ********** ये खबर भी पढ़ें: लुधियाना के स्पा सेंटर्स में देह व्यापार, VIDEO: मसाज के नाम पर एंट्री; रूम में जाते ही ₹1500 में एक्स्ट्रा सर्विस का ऑफर लुधियाना में स्पा सेंटरों में मसाज की आड़ में देह व्यापार हो रहा है। दुगरी रोड, मॉडल टाउन, घुमार मंडी और JMD मॉल जैसे इलाकों में भास्कर ने 8 स्पा सेंटरों की पड़ताल की तो पता चला कि मसाज के साथ-साथ 'एक्स्ट्रा सर्विस' के नाम पर देह व्यापार हो रहा है। हालांकि इसका पर्दाफाश न हो जाए, इसलिए एंट्री फीस के बगैर रिसेप्शन से आगे नहीं जाने दिया जाता। (पढ़ें पूरी खबर)
Dainik Bhaskar वाराणसी एयरपोर्ट पर गोली चली, 2 कर्मचारी घायल:यात्री पिस्टल जमा कराने पहुंचा था, तभी फायर हुआ; मुंबई जा रहा था
वाराणसी एयरपोर्ट के अंदर रविवार सुबह गोली चलने से हड़कंप मच गया। हादसे में महिला समेत 2 लोग घायल हो गए। फायरिंग की आवाज सुनकर परिसर में अफरा-तफरी मच गई। यात्री इधर-उधर भागने लगे। सूचना मिलते ही CISF के जवान और एयरपोर्ट अफसर मौके पर पहुंचे। घायलों को अस्पताल पहुंचाया। एयरपोर्ट अथॉरिटी के मुताबिक, सुबह करीब 9:30 बजे सुरक्षा जांच के समय एक यात्री की पिस्टल से अचानक गोली चल गई। आजमगढ़ का रहने वाला यह यात्री एयर इंडिया की फ्लाइट से मुंबई जाने वाला था। उसके पास पिस्टल और मैगजीन थी। यात्री ने असलहे को डिक्लेयर किया था। घटना के बाद एयरपोर्ट पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस, एयरपोर्ट और इंटेलिजेंस की टीमें मामले की जांच में जुटी हैं। यात्री से पूछताछ की जा रही है। यात्री से फायर गलती से हुआ या फिर उसने जानबूझ कर गोली चलाई। इसकी जांच की जा रही है। अब सिलसिलेवार तरीके से पूरा मामला समझ लीजिए- खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है….
Dainik Bhaskar चिदंबरम बोले- दिमागी नक्सली होने पर उन्हें गर्व:मोदी के बयान पर पलटवार, पीएम ने कहा था- ऐसे लोगों को पहचान कर अलग करें
कांग्रेस के सीनियर लीडर पी. चिदंबरम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘दिमागी नक्सली’ बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा, “मुझे दिमागी नक्सली होने पर गर्व है।” चिदंबरम ने यह प्रतिक्रिया मोदी के बयान के एक दिन बाद दी। 15 अगस्त को लाल किले से संबोधन के दौरान पीएम ने कहा था कि देश को दिमागी नक्सलियों से बचना चाहिए। मोदी ने नागरिकों से ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें अलग-थलग करने की अपील की थी। पीएम बोले थे- देश को सतर्क रहने की जरूरत, 5 बातें… कांग्रेस ने दिमागी नक्सल को खोखला बताया कांग्रेस ने मोदी के बयान पर कहा कि दिमागी नक्सल खोखला है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि पहले जाति जनगणना की मांग को अर्बन नक्सल सोच बताकर खारिज किया गया था, लेकिन एक साल पहले जाति आधारित जनगणना की घोषणा कर दी गई। उन्होंने कहा कि पहले विरोधियों की मांगों को अपमानजनक नाम दिए जाते हैं, फिर बाद में उन्हीं मांगों को मान लिया जाता है। 12 साल बाद भी उनके राजनीतिक भाषण में कुछ नया नहीं था। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें… मोदी बोले- दिमागी नक्सलियों को पहचानें, उन्हें अलग करें: ये समाज को भटका रहे 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने लाल किले पर 75 मिनट की स्पीच दी। पीएम ने कहा- ‘हथियारी नक्सल तो चले गए, लेकिन दिमागी नक्सल मौके की तलाश में हैं। समाज को गलत राह पर ले जाने के लिए तरह-तरह के काम कर रहे हैं।’ पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar शाहरुख, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस:विमल इलायची विज्ञापन को पान मसाला की एडवरटाइजिंग माना, ₹10 लाख का जुर्माना संभव
महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन यानी FDA ने बॉलीवुड एक्टर अजय देवगन, शाहरुख खान और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। FDA का आरोप है कि 'विमल इलायची' का विज्ञापन असल में राज्य में प्रतिबंधित 'विमल पान मसाला' का इनडायरेक्ट रूप से प्रचार करता है। यह नोटिस इसी हफ्ते एक्टर्स के पते पर भेजे गए हैं। अजय देवगन को जुहू स्थित आवास, शाहरुख खान को 'मन्नत' (बांद्रा) और टाइगर श्रॉफ को उनकी प्रोडक्शन कंपनी 'टाइगर श्रॉफ प्रोडक्शंस एलएलपी' के जरिए नोटिस दिया गया है। FDA ने सभी से उनके रोल पर स्पष्टीकरण मांगा है। नोटिस में क्या कहा गया? एफडीए के नोटिस के मुताबिक, विज्ञापन का प्रेजेंटेशन, डायलॉग्स, प्रोडक्ट का नाम और मार्केट कॉन्टेक्स्ट यह सवाल खड़ा करते हैं कि क्या यह किसी प्रतिबंधित तंबाकू उत्पाद का अप्रत्यक्ष प्रमोशन है। नोटिस में कहा गया, "प्रथम दृष्टया यह विज्ञापन 'विमल' ब्रांड का प्रचार करता है, जो मुख्य रूप से पान मसाला से जुड़ा है। महाराष्ट्र सरकार ने खाद्य सुरक्षा कानून (FSS Act 2006) की धारा 30(2)(a) के तहत 13 जुलाई 2026 से एक साल के लिए पान मसाला के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर प्रतिबंध लगा रखा है।" तंबाकू और गुटखा नेटवर्क पर मकोका (MCOCA) की तैयारी महाराष्ट्र में साल 2012 से तंबाकू और निकोटिन युक्त गुटखा व पान मसाला पर बैन है, जिसे हर साल रिन्यू किया जाता है। हाल ही में 13 जुलाई 2026 को इस बैन की अवधि फिर बढ़ाई गई है। FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने 12 जून को अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि संगठित गुटखा और तंबाकू नेटवर्क के मामलों में पुलिस के साथ मिलकर 'मकोका' (MCOCA - महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) के तहत सख्त कार्रवाई की जाए। 2 महीने में ₹15 करोड़ का माल जब्त, 701 लोग गिरफ्तार महाराष्ट्र में प्रतिबंधित गुटखा और पान मसाला के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है। 25 मई से 31 जुलाई के बीच FDA के आंकड़े: पहले भी विवादों में रहा है विमल इलायची का कैंपेन विमल इलायची के विज्ञापन पर पहले भी कानूनी और रेगुलेटरी सवाल उठ चुके हैं: 2018 में नोटिस: स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशालय ने सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA, 2003) के तहत विमल इलायची का प्रचार करने वाली कंपनी 'विष्णु पाउच पैकेजिंग प्राइवेट लिमिटेड' को नोटिस भेजा था। कंपनी का तर्क: कंपनी ने कोर्ट में कहा कि वह घरेलू बाजार में 'विमल' ब्रांड नाम से तंबाकू उत्पाद नहीं बनाती है। जनवरी 2024 में हाईकोर्ट का फैसला: दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें कंपनी को बिना तंबाकू वाले उत्पादों का विज्ञापन करने की इजाजत दी गई थी। कोर्ट ने कहा था कि जब तक किसी उत्पाद पर संवैधानिक या कानूनी प्रतिबंध नहीं है, तब तक तंबाकू-रहित पान मसाला का व्यापार करना कंपनी का मौलिक अधिकार है।
Dainik Bhaskar शाहरुख, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस:विमल इलायची के विज्ञापन को पान मसाला का प्रचार माना, ₹10 लाख का जुर्माना संभव
महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन यानी FDA ने शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। FDA का आरोप है कि 'विमल इलायची' का विज्ञापन असल में राज्य में प्रतिबंधित 'पान मसाला' का इनडायरेक्ट रूप से प्रचार यानी सरोगेट विज्ञापन करता है। यह नोटिस इसी हफ्ते एक्टर्स के पते पर भेजे गए हैं। शाहरुख खान को 'मन्नत' (बांद्रा), अजय देवगन को जुहू स्थित आवास और टाइगर श्रॉफ को उनकी प्रोडक्शन कंपनी 'टाइगर श्रॉफ प्रोडक्शंस एलएलपी' के जरिए नोटिस दिया गया है। FDA ने सभी से उनके रोल पर स्पष्टीकरण मांगा है। नोटिस में क्या कहा गया? एफडीए के नोटिस के मुताबिक, विज्ञापन का प्रेजेंटेशन, डायलॉग्स, प्रोडक्ट का नाम और मार्केट कॉन्टेक्स्ट यह सवाल खड़ा करते हैं कि क्या यह किसी प्रतिबंधित तंबाकू उत्पाद का अप्रत्यक्ष प्रमोशन है। नोटिस में कहा गया, 'प्रथम दृष्टया यह विज्ञापन 'विमल' ब्रांड का प्रचार करता है, जो मुख्य रूप से पान मसाला से जुड़ा है। महाराष्ट्र सरकार ने खाद्य सुरक्षा कानून 2006 के तहत 2012 से ही राज्य में तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा तथा पान मसाला के उत्पादन, भंडारण और बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा रखा है। तंबाकू और गुटखा नेटवर्क पर मकोका (MCOCA) की तैयारी महाराष्ट्र में साल 2012 से तंबाकू और निकोटिन युक्त गुटखा व पान मसाला पर बैन है, जिसे हर साल रिन्यू किया जाता है। हाल ही में 13 जुलाई 2026 को इस बैन की अवधि फिर बढ़ाई गई है। FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने 12 जून को अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि संगठित गुटखा और तंबाकू नेटवर्क के मामलों में पुलिस के साथ मिलकर 'मकोका' (MCOCA - महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) के तहत सख्त कार्रवाई की जाए। 2 महीने में ₹15 करोड़ का माल जब्त, 701 लोग गिरफ्तार महाराष्ट्र में प्रतिबंधित गुटखा और पान मसाला के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है। 25 मई से 31 जुलाई के बीच FDA के आंकड़े: पहले भी विवादों में रहा है विमल इलायची का कैंपेन विमल इलायची के विज्ञापन पर पहले भी कानूनी और रेगुलेटरी सवाल उठ चुके हैं: 2018 में नोटिस: स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशालय ने सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA, 2003) के तहत विमल इलायची का प्रचार करने वाली कंपनी 'विष्णु पाउच पैकेजिंग प्राइवेट लिमिटेड' को नोटिस भेजा था। कंपनी का तर्क: कंपनी ने कोर्ट में कहा कि वह घरेलू बाजार में 'विमल' ब्रांड नाम से तंबाकू उत्पाद नहीं बनाती है। जनवरी 2024 में हाईकोर्ट का फैसला: दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें कंपनी को बिना तंबाकू वाले उत्पादों का विज्ञापन करने की इजाजत दी गई थी। कोर्ट ने कहा था कि जब तक किसी उत्पाद पर संवैधानिक या कानूनी प्रतिबंध नहीं है, तब तक तंबाकू-रहित पान मसाला का व्यापार करना कंपनी का मौलिक अधिकार है। सरोगेट विज्ञापन गलत नहीं, लेकिन पान मसाला बैन होने से नोटिस इस तरह के विज्ञापन को सरोगेट विज्ञापन कहा जाता है। इसका मतलब है कि किसी ऐसे प्रोडक्ट का सीधे विज्ञापन न करके, उसी ब्रांड के दूसरे प्रोडक्ट का विज्ञापन करना। जैसे पान मसाला ब्रांड की इलायची का विज्ञापन। यह विज्ञापन अपने आप में गलत नहीं है। लेकिन महाराष्ट्र में पान मसाला पर बैन है। FDA का कहना है कि इस वजह से राज्य में पान मसाले का इनडायरेक्ट प्रचार भी नहीं कर सकते।
Dainik Bhaskar बंगाल के पूर्व डिप्टी-स्पीकर का शव फंदे से लटका मिला:TMC ऑफिस से सुसाइड नोट बरामद; 5 बार विधायक रहे, 2026 में हारे
पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी ने सुसाइड कर लिया। रविवार सुबह बीरभूम जिले के एक टीएमसी कार्यालय में उनका शव फांसी के फंदे से लटका मिला। आशीष बनर्जी रामपुरहाट के वार्ड नंबर-5 के हत्तलापारा इलाके में रहते थे। उनके घर के पास ही तृणमूल कांग्रेस का पार्टी ऑफिस था। पुलिस के मुताबिक, 16 अगस्त की सुबह कार्यालय से एक सुसाइड नोट भी मिला। आशीष बनर्जी टीएमसी के पूर्व विधायक भी थे। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। ममता सरकार में मंत्री और डिप्टी स्पीकर रहे आशीष बनर्जी आशीष बनर्जी ममता बनर्जी के करीबी और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते थे। पश्चिम बंगाल में टीएमसी की सरकार बनने के बाद वे कई विभागों के मंत्री रहे। वे स्कूल शिक्षा और कृषि मंत्री भी रह चुके थे। आशीष 2001, 2006, 2011, 2016 और 2021 में रामपुरहाट सीट से लगातार पांच बार विधायक चुने गए। पिछली ममता सरकार में वे विधानसभा के डिप्टी स्पीकर भी रहे। हालांकि, 2026 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार ध्रुबा साहा से हार गए। 2 जून को जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था आशीष बनर्जी ने 2 जून को TMC के बीरभूम जिला अध्यक्ष और जिला कोर कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा था कि कोर कमेटी निष्क्रिय हो गई थी और उसके काम करने की जरूरत नहीं रह गई थी। आशीष बनर्जी ने कहा था कि अब वे पार्टी के सिर्फ सामान्य सदस्य रहेंगे। हम खबर लगातार अपडेट कर रहे हैं…
Dainik Bhaskar पंजाब के किसानों का दिल्ली कूच, खनौरी बॉर्डर पर रोके:DC से मीटिंग जारी, डल्लेवाल बोले- आगे नहीं जाने दिया तो यहीं बैठेंगे
पंजाब से दिल्ली जा रहे 55 किसानों को खनौरी-दाता सिंहवाला बॉर्डर पर हरियाणा पुलिस ने रोक दिया है। इसके बाद किसानों की जींद की DC डॉ वैशाली शर्मा के साथ मीटिंग जारी है। पुलिस ने बॉर्डर पर बैरिकेडिंग, कंटीली तार, कंक्रीट ब्लॉक और कंटेनर लगाकर रास्ता बंद किया हुआ है। भारी पुलिस बल तैनात है। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में 55 किसान रवाना हुए हैं। इससे पहले जत्थे ने 2024 के किसान आंदोलन के दौरान शुभकरण सिंह की मौत वाले स्थान से मिट्टी उठाई। डल्लेवाल ने कहा- “अब रास्ता किसानों ने नहीं, हरियाणा पुलिस ने रोका है। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट को इस पर संज्ञान लेना चाहिए। थोड़ी संख्या में किसान दिल्ली जाकर अपनी बात रखना चाहते हैं। हमारे 5 नेता पुलिस से बात करेंगे। अगर आगे नहीं जाने दिया गया तो आज रात यहीं रुकेंगे।” किसानों ने कहा कि यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगी। इसका उद्देश्य किसानों से जुड़े मुद्दों के साथ अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील के विरोध की आवाज केंद्र सरकार तक पहुंचाना है। 29 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचने का लक्ष्य किसान नेताओं ने बतााय कि यात्रा में एक किसान मुख्य रूप से पैदल चलेगा, जबकि उसके साथ कुछ किसान रहेंगे, जो उसका सामान उठाएंगे। रास्ते में जगह-जगह पड़ाव होंगे और जत्था चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा। किसानों का लक्ष्य 29 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचने का है। वहां एक दिन की किसान पंचायत आयोजित की जाएगी। इसके बाद सरकार को किसानों की मांगों से संबंधित मांग पत्र सौंपने का प्रयास किया जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में खनौरी-दाता सिंहवाला बॉर्डर से दिल्ली के जंतर-मंतर तक ‘किसान बचाओ पदयात्रा’ निकालने का ऐलान किया था जानिए किसान नेता डल्लेवाल ने क्या कहा… SP बोले- धारा 163 लागू, किसानों को आगे नहीं जाने देंगे जींद SP कुलदीप सिंह भी दाता सिंहवाला बॉर्डर पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि आम जनता को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। दिल्ली कूच करने पहुंचे किसानों को बताया जाएगा कि इलाके में धारा 163 लागू है, इसलिए उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। सुरक्षा के मद्देनजर जगह-जगह नाके लगाए गए हैं। कौन थे किसान शुभकरण, जिनकी खनौरी बॉर्डर पर मौत हुई शुभकरण सिंह पंजाब के बठिंडा जिले के बल्लो गांव के युवा किसान थे और 2020-21 के किसान आंदोलन में भी शामिल हुए थे। फरवरी 2024 में MSP की कानूनी गारंटी समेत अन्य मांगों को लेकर किसानों के दिल्ली कूच के दौरान वह 13 फरवरी को खनौरी बॉर्डर पहुंचे थे। 21 फरवरी को किसानों और सुरक्षा बलों के बीच टकराव के दौरान शुभकरण गंभीर रूप से घायल हुए और पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमॉट्रम में उनके सिर में धातु के छर्रे मिले थे। उनकी मौत के बाद किसान संगठनों ने इसे आंदोलन के दौरान हुई मौत बताते हुए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। 28 फरवरी को पंजाब पुलिस ने उनके पिता की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की और 29 फरवरी को उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया गया। शुभकरण की मौत के बाद किसान संगठनों ने उन्हें आंदोलन का शहीद माना और खनौरी बॉर्डर पर उनकी याद में शहीदी स्थल बनाया।
Dainik Bhaskar ऐसा एयरपोर्ट, जहां फ्लाइट नहीं, फिर भी देश में नंबर-1:साफ-सफाई, पार्किंग, सिक्योरिटी समेत 33 पॉइंट पर रैंकिंग; दो महीने से उड़ान बंद
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से जारी राष्ट्रीय ग्राहक संतुष्टि सूचकांक (National Customer Satisfaction Index) मध्य प्रदेश के खजुराहो एयरपोर्ट को देश में पहला स्थान मिला है। मजे की बात ये भी है कि वर्तमान में एयरपोर्ट पर कोई भी डोमेस्टिक और कमर्शियल फ्लाइट संचालित नहीं है। रिपोर्ट में साफ सफाई, पार्किंग सुविधा, यात्रियों की सुविधा, वातावरण, सिक्योरिटी समेत 33 पॉइंट्स को आधार बनाया गया। दैनिक भास्कर ने ग्राउंड जीरो पर हकीकत जानी। एयरपोर्ट डायरेक्टर संतोष सिंह से फोन पर और टूरिस्ट गाइड आशाराम पाल से बात की। एयरपोर्ट पर 36 कर्मचारी और 20 से 25 सफाईकर्मी हैं। टर्मिनल पर नियमित यात्रियों की भीड़ नहीं दैनिक भास्कर की टीम जब खजुराहो एयरपोर्ट पहुंची, टर्मिनल पर नियमित यात्रियों की भीड़ नहीं थी। गेट पर सीआईएसएफ के सशस्त्र जवान तैनात थे। सिक्योरिटी गार्ड ने गेट पर अंदर जाने से रोका। कहा कि कोई फ्लाइट नहीं है। यात्री भी नहीं आ रहे हैं, तो अथॉरिटी से परमिशन लेकर ही अंदर जा सकते हैं। टर्मिनल के भीतर CISF जवान, एयरपोर्ट अथॉरिटी का स्टाफ और सफाई कर्मचारी अपना काम कर रहे थे। एयरपोर्ट समेत सड़क चकाचक नजर आ रही थी। बिल्डिंग भी सुनसान पड़ी थी। मौके पर अथॉरिटी स्टाफ और आउटसोर्स कर्मचारी ही मौजूद दिखे। पार्किंग में सिर्फ स्टाफ की गाड़ियां ही पार्क थीं। एयरपोर्ट पर करीब 2,286 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा रनवे है। यहां इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) और नाइट लैंडिंग की सुविधा उपलब्ध है। फिलहाल, नियमित कमर्शियल फ्लाइट संचालित नहीं होने से ये सुविधाएं उपयोग में नहीं आ रही। स्थानीय लोगों के मुताबिक कभी–कभार नेताओं और वीआईपी–वीवीआईपी के चार्टर प्लेन जरूर उतरते हैं। स्पाइसजेट और 'उड़ान' योजना के तहत संचालित होने वाली फ्लाई बिग जैसी एयरलाइंस भी ठप है। 30 जून को रवाना हुई थी आखिरी फ्लाइट खजुराहो एयरपोर्ट के डायरेक्टर संतोष सिंह ने बताया कि जनवरी महीने से जून के बीच जिन पैसेंजर ने ट्रैवल किया था, इनमें विदेशी भी थे, उनके फीडबैक पर यह रैंकिंग जारी की गई है। अथॉरिटी के मुताबिक जून महीने तक सिर्फ दो फ्लाइट पहली इंडिगो की दिल्ली, आगरा, खजुराहो, वाराणसी और दूसरी किंगफिशर की आगरा–खजुराहो, वाराणसी फ्लाइट संचालित होती थी। जुलाई और अगस्त में नियमित कमर्शियल फ्लाइट नहीं है। जनवरी 2026 से जून के बीच करीब 40 हजार यात्रियों ने एयरपोर्ट से यात्रा की थी। 30 जून को इंडिगो की आखिरी उड़ान संचालित हुई थी। इससे करीब 154 यात्री आए और करीब 130 यात्री रवाना हुए थे। कब और कैसे मिली नंबर-1 रैंकिंग खजुराहो एयरपोर्ट के डायरेक्टर संतोष सिंह के मुताबिक एक्सटर्नल एजेंसी ने मार्च महीने में करीब 7-8 दिन तक सर्वे किया था। सर्वे में देश भर के 63 में से 60 एयरपोर्ट शामिल रहे। यह जनवरी से जून के बीच यात्रा करने वालों के फीडबैक पर आधारित था। टीम ने यात्रियों से एयरपोर्ट पर चेक-इन, सिक्योरिटी, टर्मिनल की साफ-सफाई, स्टाफ का व्यवहार, प्रतीक्षा समय, खान-पान, सूचना व्यवस्था, कम भीड़भाड़, स्टाफ का अच्छा व्यवहार और ओवरऑल पैसेंजर एक्सपीरियंस जैसे 33 मानकों पर परखा। पहला राउंड साल 2025 और दूसरा 2026 में हुआ। खजुराहो एयरपोर्ट ने राउंड वन में 4.99 और दूसरे राउंड में 4.98 नंबर हासिल किए। वहीं, औरंगाबाद को 4.98 नंबर मिले। 41 हवाई अड्डों का सीएसआई 4..78 तक रहा। 19 का सीएसआई औसत से कम रहा। टूरिस्ट गाइड बोले– तीन से पांच फ्लाइट होना चाहिए टूरिस्ट गाइड परशुराम तिवारी ने बताया कि खजुराहो इंटरनेशनल टूरिस्ट प्लेस है। इसे यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट के लिए जाना जाता है। ऐसे में एयर कनेक्टिविटी पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण है। नियमित उड़ानों के बंद रहने से यात्रियों को सड़क या अन्य माध्यमों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। यहां कम से कम तीन से पांच फ्लाइट होना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय नेताओं ने भी मजबूती से अपनी बात नहीं रखी। टूरिज्म इंडस्ट्री से जुड़े गाइड आशाराम पाल बताते हैं कि खजुराहो में अक्टूबर से मार्च तक सीजन रहता है, जबकि इटली में यह जुलाई–अगस्त से माना जाता है। यहां स्थिति इस बार नाजुक है, क्योंकि टूरिज्म निचले स्तर पर पहुंच गया है। ईरान–अमेरिका, रूस और यूक्रेन वॉर के कारण भारत में टूरिस्ट्स कम आ रहे हैं। इसके अलावा, एयर कनेक्टिविटी और इंडिया टूरिज्म का ऑफिस खजुराहो से इंदौर शिफ्ट कर दिया है। सरकार से मांग है कि यहां एक फ्लाइट तो सालभर चलना चाहिए। इससे टूरिज्म पर बड़ा फायदा होगा। ऑफ सीजन में बंद कर देते हैं उड़ानें एयरपोर्ट डायरेक्टर के मुताबिक फ्लाइट ऑपरेशन कई कारणों पर निर्भर करता है। इनमें एयरलाइन की उपलब्धता और ऑपरेशनल स्लॉट जैसे मुद्दे शामिल हैं। बताया जाता है कि गर्मी और बारिश के दिनों में टूरिस्ट्स की संख्या कम रहती है। दरअसल, खजुराहो आने का सही समय अक्टूबर से मार्च तक होता है। 1 सितंबर से शुरू होगी उड़ान 1 सितंबर से एयर इंडिया का एयरबस विमान दिल्ली-खजुराहो-दिल्ली मार्ग पर नियमित उड़ान सेवा शुरू हो जाएगी। यह फ्लाइट दिल्ली से सुबह 11:50 बजे खजुराहो पहुंचेगी। दोपहर 12:30 बजे वापस दिल्ली के लिए उड़ान भरेगी। इसके अतिरिक्त, इंडिगो एयरलाइंस भी 1 अक्टूबर से अपनी एयरबस सेवा बहाल करने की तैयारी में है। बता दें कि खजुराहो एयरपोर्ट 1960 के दशक में शुरू हुआ था। साल 2019 तक यहां विमान सेवाएं नियमित थीं। मार्च 2020 में कोविड के दौरान पहली बार सेवाएं बाधित हुई थीं, जिसके बाद से लगातार रुकावट आ रही है।
Dainik Bhaskar हिमाचल में मानसून में भी पूरी तरह नहीं भरे डैम:भाखड़ा 65, पोंग 40.7 फुट खाली; बिजली उत्पादन और पंजाब-हरियाणा की सिंचाई पर पड़ेगी मार
हिमाचल प्रदेश की प्रमुख नदियों पर बने ज्यादातर बांध मानसून की बारिश से भी पूरी तरह नहीं भर पाए। भाखड़ा बांध अभी कुल क्षमता का 19.9 मीटर (65 फुट) खाली पड़ा है। इसी तरह पोंग बांध भी 12.41 मीटर और नाथपा झाकड़ी परियोजना का जलाशय भी क्षमता से 22.05 मीटर कम भरा पाया है। राज्य में आगामी दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो इसका असर पंजाब, हरियाणा और राजस्थान की खेतीबाड़ी के साथ-साथ बिजली उत्पादन पर पड़ सकता है। इससे न केवल हिमाचल बल्कि उत्तर भारत में विद्युत उत्पादन में कमी आ सकती है। ‘दैनिक भास्कर एप’ की इस रिपोर्ट में भाखड़ा समेत तीन प्रमुख बांधों की स्थिति जाने। भाखड़ा बांध का जलाशय अभी 19.9 मीटर खाली स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट ऑथोरिटी के अनुसार- भाखड़ा बांध का वाटर लेवल 11 अगस्त 2026 को 492.17 मीटर दर्ज किया गया, साल 2025 में यह 502.00 मीटर था। यानी 2025 की तुलना में इस बार भाखड़ा बांध का जलाशय 9.83 मीटर कम भर पाया है, जबकि कुल क्षमता का 19.9 मीटर खाली है। इस प्रोजेक्ट की जल व्यवस्था से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली सीधे तौर पर जुड़े हैं। इसका जलाशय सतलुज नदी पर बना है। BBMB की व्यवस्था के तहत इसके पानी का इस्तेमाल सिंचाई एवं अन्य जल जरूरतों के लिए किया जाता है। पोंग बांध का जलाशय 12.41 मीटर खाली इसी तरह, ब्यास नदी पर बने पोंग बांध में भी पिछले साल के मुकाबले कम पानी है। 11 अगस्त 2026 को पोंग का वाटर लेवल 411.26 मीटर रहा, जबकि 11 अगस्त 2025 को यह 419.365 मीटर था। यानी पिछले साल के मुकाबले 8.105 मीटर कम है। इसकी कुल क्षमता 423.67 मीटर है। इस लिहाज से पोंग का जलाशय अभी 12.41 मीटर खाली है। पोंग डैम की सिंचाई व्यवस्था का संबंध मुख्य रूप से राजस्थान, पंजाब और हरियाणा से है। BBMB के अनुसार ब्यास परियोजना का पोंग जलाशय बड़ी मात्रा में पानी का भंडारण करता है और सिंचाई तथा बिजली उत्पादन दोनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नाथपा झाकड़ी में सबसे बड़ी गिरावट सतलुज नदी पर बनी नाथपा झाकड़ी जलविद्युत परियोजना के वाटर लेवल में पिछले साल के मुकाबले सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। 11 अगस्त 2026 को इसका वाटर लेवल 1473.65 मीटर रहा, जबकि पिछले साल इसी तारीख को यह 1492.08 मीटर था। यानी इस बार वाटर लेवल 18.43 मीटर कम है। नाथपा झाकड़ी में बनने वाली बिजली उत्तरी क्षेत्र के ग्रिड में जाती है और इसके लाभार्थियों में हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और चंडीगढ़ शामिल हैं। पानी कम हुआ तो क्या असर होगा? बांध पूरी तरह भरते तो ये फायदा होता हिमाचल के बांध पूरी तरह भरने पर सितंबर से दिसंबर तक बिजली उत्पादन अच्छा रहता है, जिससे राज्य बिजली बोर्ड को बेहतर आय होती है। इसी तरह, इन बांधों से अगले दो-तीन महीनों तक पानी का आउटफ्लो भी अच्छा रहने की उम्मीद होती है। इससे पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा। हालांकि, इस मानसून सीजन में सामान्य से कम बारिश के कारण बांधों में पानी की आवक कम रही है।
Dainik Bhaskar इंदौर में अब जानवरों के साथ डिजिटल जंगल का रोमांच:बारिश की बूंदें गिरेंगी, सीन के साथ हिलेगी सीट; भारत का पहला वर्चुअल जू
इंदौर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में अब वन्यजीवों को देखने के साथ दर्शक जंगल के बीच होने जैसा रोमांच भी महसूस कर सकेंगे। जू परिसर में करीब 4 से 4.5 करोड़ रुपए की लागत से तैयार 14-D वर्चुअल जंगल सफारी और थिएटर का शुभारंभ रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। आम दर्शकों के लिए यह सुविधा 16 अगस्त से शुरू होगी। पूरे प्रोजेक्ट में 14 तरह के इफेक्ट्स शामिल किए गए हैं। बारिश के दौरान पानी की बूंदें, चेहरे पर हवा के झोंके, कोहरा, बुलबुले, कंपन और सीटों की मूवमेंट जैसे इफेक्ट्स स्क्रीन पर चल रहे दृश्यों के साथ बदलेंगे। इससे दर्शकों को दृश्य का हिस्सा होने जैसा अनुभव होगा। थिएटर की वाटरप्रूफ स्क्रीन साउथ कोरिया से मंगाई गई है। जू प्रबंधन का दावा है कि भारत का यह पहला वर्चुअल जू 14-D थिएटर है। 70 रुपए होगा टिकट, रोज होंगे 16 शो थिएटर मंगलवार से रविवार तक सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक संचालित होगा। रोज 20-20 मिनट के 16 शो होंगे। टिकट की कीमत 70 रुपए रखी गई है। देखिए पांच तस्वीरें गोरिल्ला के मुंह से होगी एंट्री, नियोन लाइटिंग से शुरू होगा जंगल का अनुभव 14-D थिएटर में प्रवेश जू परिसर के अंदर बनाए गए बड़े गोरिल्ला के मुंह से होगा। टिकट लेने के बाद दर्शक आगे बढ़ेंगे, जहां रोशनी कम होते ही नियोन लाइटिंग के साथ 3D जंगल का अनुभव शुरू होगा। दीवारों पर बड़े पेड़, टाइगर, शेर और जंगल के अन्य दृश्य दिखाई देंगे। कुछ देर के लिए ऐसा माहौल बनाया जाएगा कि दर्शकों को वास्तविक जंगल में पहुंचने जैसा अहसास हो। सीन के मुताबिक ऊपर-नीचे और आगे-पीछे मूव करेंगी सीटें इसके बाद दर्शक 14-D थिएटर में पहुंचेंगे। यहां 3D चश्मे के साथ मूविंग सीटों पर बैठना होगा। करीब 20 मिनट के शो को दो हिस्सों में बांटा गया है। पहले 10 मिनट में एडवेंचर फॉरेस्ट का अनुभव कराया जाएगा। स्क्रीन पर दिखने वाले दृश्यों के अनुसार सीटें आगे-पीछे और ऊपर-नीचे मूव करेंगी। चेहरे पर हवा और पानी के छींटे, कोहरा और बुलबुलों जैसे इफेक्ट्स भी महसूस होंगे। अगले 10 मिनट में प्री-हिस्टोरिक एडवेंचर दिखाया जाएगा। इसमें दर्शकों को पुराने समय के जंगल और उस दौर के जीवों की दुनिया का वर्चुअल अनुभव मिलेगा। पहाड़ चढ़ने पर सीट ऊपर, उतरने पर नीचे जाएगी जू प्रभारी डॉ. उत्तम यादव के अनुसार सीटों की मूवमेंट स्क्रीन पर चल रहे दृश्यों के मुताबिक होगी। यदि स्क्रीन पर गाड़ी पहाड़ से नीचे उतरती दिखाई देगी तो सीट नीचे की ओर जाएगी और चढ़ाई के दौरान ऊपर उठेगी। जंगल में गाड़ी चलने या रोलर कोस्टर जैसा अनुभव कराने के लिए छोटे झटके भी दिए जाएंगे। ग्लो गार्डन में कदम रखते ही रोशन होंगी तितलियां और पौधे थिएटर के बाद दर्शक ग्लो गार्डन का अनुभव ले सकेंगे। रास्ते में शेर और बोलता हुआ पेड़ उनका स्वागत करेंगे। हाथ लगाने पर गेट खुलेगा। अंदर फाइबर ऑप्टिक लाइट्स से रोशनी का आकर्षक माहौल बनाया गया है। घास जैसा फर्श और आसपास तितलियों व पौधों की आकृतियां होंगी, जो दर्शकों के कदमों के साथ रोशन होंगी। भूल-भुलैया में दहाड़ के बीच तलाशना होगा रास्ता इसके बाद दर्शक भूल-भुलैया में पहुंचेंगे। यहां कई रास्ते होंगे और बीच-बीच में शेर व भालू की दहाड़ सुनाई देगी। दर्शकों को रोमांच के बीच सही रास्ता तलाशना होगा। इसके बाद मिरर ब्रिज आएगा, जहां होलोग्राम के जरिए भगवान हनुमान के दर्शन होंगे। आगे 3D वाइल्ड लाइफ इमर्सिव सफारी होगी। इसके बाद 3D डोम में करीब 10 मिनट का वाइल्ड लाइफ और जंगल का शो होगा। बड़ी स्क्रीन और 3D इफेक्ट्स के बीच ऐसा अनुभव होगा, जैसे जंगल चारों तरफ मौजूद हो। पूरा सफर खत्म होने के बाद दर्शक कैंटीन में इंदौरी व्यंजनों का स्वाद भी ले सकेंगे। 14 एलिमेंट्स मिलकर बनाएंगे वर्चुअल जंगल जू प्रभारी डॉ. उत्तम यादव ने बताया कि प्रोजेक्ट में 14 अलग-अलग एलिमेंट्स शामिल किए गए हैं। स्क्रीन पर बारिश का दृश्य आने पर बादलों की गर्जना, पानी की बूंदें और फ्यूम्स जैसे इफेक्ट्स एक साथ सक्रिय होंगे। इसी तरह पहाड़ या एडवेंचर के दृश्यों के अनुसार सीटों की मूवमेंट और अन्य इफेक्ट्स बदलेंगे। प्रोजेक्ट को करीब डेढ़ साल में पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन कुछ बाधाओं के कारण इसमें करीब दो महीने अतिरिक्त लगे। इसकी लागत लगभग 4 से 4.5 करोड़ रुपए आई है। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट की गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं किया गया है। जू में पहली बार डिजिटल जंगल का अनुभव डॉ. यादव के मुताबिक, जू में दर्शक अब तक प्राकृतिक वातावरण में वन्यजीवों को देखते रहे हैं। इस प्रोजेक्ट के जरिए उन्हें डिजिटल तकनीक से जंगल और वन्यजीवों का अलग अनुभव मिलेगा। 14-D थिएटर के साथ भूल-भुलैया, इमर्सिव सफारी और डोम थिएटर को मिलाकर पूरा मनोरंजन पैकेज तैयार किया गया है। फिलहाल प्रवेश शुल्क 70 रुपए रखा गया है। हालांकि तकनीक और प्रोजेक्ट की लागत को देखते हुए भविष्य में टिकट दर में बदलाव का फैसला उच्च अधिकारियों के स्तर पर लिया जा सकता है।
Dainik Bhaskar खबर हटके- महिला के पास 10 तरह की नाक:AI ने खोजी मंदिर में गुमी चप्पल; नाली की खुदाई में मिला ₹90 करोड़ का सोना
ब्रिटेन में एक ऐसी महिला हैं, जिनके पास 10 से ज्यादा नाक हैं। वहीं, उज्जैन के महाकाल मंदिर के बाहर चप्पल खोने पर एक युवक ने AI की मदद से उसे ढूंढ लिया। उधर, बेल्जियम में नाली की खुदाई के दौरान मजदूरों को ₹90 करोड़ का सोना मिला। राजस्थान के जयपुर में ₹21 हजार का घेवर बिक रहा है, जिसे 24 कैरेट सोने से सजाया गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश में नशे में एक शख्स को कोबरा ने काटा तो उसने उल्टा सांप को ही काट लिया। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
Dainik Bhaskar यूपी-उत्तराखंड समेत 5 राज्यों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट:टिहरी डैम में पानी खतरे के निशान तक पहुंचा; ओडिशा के 6 जिलों में बाढ़
देश के उत्तर और उत्तर-पूर्व राज्यों में बारिश से जनजीवन प्रभावित है। रविवार को उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, ओडिशा और बंगाल में आज भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। उत्तराखंड में टिहरी डैम का पानी खतरे के निशान तक पहुंच गया है। ओडिशा में 18 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट है। जाजपुर के दशरथपुर में कानी नदी पर बन रहा पुल बाढ़ में बह गया। इधर, शनिवार को ओडिशा के 6 जिलों में बाढ़ से जनजीवन प्रभावित रहा। पिछले 24 घंटों में हुई भारी बारिश के कारण निचले इलाकों से 95,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाना पड़ा। हिमाचल में 30 जून से 15 अगस्त के बीच मानसून से जुड़ी घटनाओं में 183 लोगों की मौत हो चुकी है। शनिवार शाम 5 बजे तक राज्य में 103 सड़कें बंद थीं। सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति देशभर से मौसम की तस्वीरें… अगले 2 दिन मौसम का हाल… 17 अगस्त 18 अगस्त
Dainik Bhaskar हिमाचल में सांसद कंगना रनोट का 'विकास':2 साल में सिर्फ 16 काम पूरे; ₹14.7 करोड़ मिले, खर्च हुए ₹4.1 करोड़; अनुराग ठाकुर भी पीछे
हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट की जनता ने बेहतर विकास की उम्मीद में कांग्रेस सरकार के PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह को हराकर सेलिब्रिटी कंगना रनोट को संसद भेजा। मगर, कंगना का 2 साल से अधिक का ‘रिपोर्ट कार्ड’ हिमाचल के चारों सांसदों में सबसे निराशाजनक रहा है। मिनिस्ट्री ऑफ स्टेटिस्टिक्स एंड प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन (MoSPI) के अनुसार, कंगना के चुनाव क्षेत्र में कुल 314 काम चल रहे हैं। दो साल बीतने पर भी महज 16 काम ही पूरे हुए हैं। कंगना की वर्क कम्पलीशन रेट चारों सांसदों में सबसे कम 5.1% है। कंगना को अब तक सांसद निधि के ₹14.7 करोड़ मिले हैं। इसमें से कंगना 11 अगस्त तक मात्र ₹4.1 करोड़ खर्च कर पाई हैं। कंगना की फंड यूटिलाइजेशन दर 27.6% है, जबकि राष्ट्रीय औसत 32.9% है। अनुराग ठाकुर भी कंगना से बेहतर नहीं हमीरपुर के सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का ‘रिपोर्ट कार्ड’ भी कंगना से बेहतर नहीं है। अनुराग ₹15 करोड़ में से दो साल में मात्र ₹1.7 करोड़ खर्च कर पाए हैं, जबकि ₹13.2 करोड़ अनस्पेंट है। अनुराग का चारों सांसदों में सबसे ज्यादा अनस्पेंट बजट है। फंड यूटिलाइजेशन में शिमला के सांसद सुरेश कश्यप और वर्क कम्पलीशन में कांगड़ा के सांसद राजीव भारद्वाज आगे जरूर हैं, लेकिन राष्ट्रीय औसत से दोनों पीछे हैं। कंगना समेत चारों सांसदों का रिपोर्ट कार्ड… सांसदों को MPLADS में कितना पैसा मिलता है? हर सांसद को सालाना ₹5 करोड़ का MPLADS फंड मिलता है। यह पैसा सांसद के खाते में सीधे नहीं आता। सांसद अपने क्षेत्र में विकास कार्यों की सिफारिश करते हैं, जबकि राशि जिला प्राधिकरण को जारी होती है और संबंधित सरकारी एजेंसी काम करवाती है। फंड खर्च करने में फिसड्डी क्यों? बेशक, MPLADS का पैसा सांसद खुद खर्च नहीं करते। फिर भी सांसदों की जिम्मेदारी बनती है कि उनके क्षेत्र में विकास कार्य समय पर पूरे हो सकें। वे जरूरी कामों की पहचान, उनकी प्राथमिकता तय करने और उनकी प्रगति की निगरानी कर सकते हैं। खासकर जब बड़ी संख्या में काम स्वीकृत या अनुशंसित हों, तो सांसद कार्यालय की ओर से जिला प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के साथ नियमित फॉलोअप महत्वपूर्ण हो जाता है।
Dainik Bhaskar लुधियाना के स्पा सेंटरों में देह व्यापार:मसाज के नाम पर एंट्री, रूम में जाते ही ₹1500 एक्स्ट्रा सर्विस का ऑफर
लुधियाना में स्पा सेंटरों में मसाज की आड़ में देह व्यापार हो रहा है। दुगरी रोड, मॉडल टाउन, घुमार मंडी और JMD मॉल जैसे इलाकों में भास्कर ने 8 स्पा सेंटरों की पड़ताल की तो पता चला कि मसाज के साथ-साथ 'एक्स्ट्रा सर्विस' के नाम पर देह व्यापार हो रहा है। हालांकि इसका पर्दाफाश न हो जाए, इसलिए एंट्री फीस के बगैर रिसेप्शन से आगे नहीं जाने दिया जाता। जो एंट्री फीस भर देता है, उसके मोबाइल समेत सारे गैजेट्स काउंटर पर ही जमा करा लिए जाते हैं। हालांकि काउंटर पर देह व्यापार वाली एक्स्ट्रा सर्विस का जिक्र नहीं किया जाता। जब कस्टमर एंट्री फीस और मसाज चार्जेस देकर अंदर चला जाता है तो लड़की वहां पर इसके बारे में बताती है। जिसके लिए डेढ़ हजार रुपए तक लिए जाते हैं। यह भी सामने आया कि मसाज के नाम पर खुले स्पा सेंटरों के खुलने-बंद होने का कोई टाइम नहीं है। रात एक-एक बजे तक भी ये खुले रहते हैं। इस दौरान एक युवती ऐसी भी मिली, जिसने होटलों में चल रहे सेक्स रैकेट का भी खुलासा कर दिया। स्पा सेंटरों की पड़ताल में क्या निकला?, होटलों में कैसे चल रहा सेक्स रैकेट, जानने के लिए पढ़िए पूरी रिपोर्ट… स्पा सेंटरों में कैसे चलता है जिस्मफरोशी का धंधा, जानिए... 1. दुगरी रोड: बेसमेंट स्पा में ‘आज का ऑफर’ दुगरी रोड पर कार एसेसरीज की दुकानों के पास बेसमेंट में बने स्पा सेंटर में रिसेप्शन पर लगभग 23 वर्षीय युवक मैनेजर के रूप में मिला। रिपोर्टर: मसाज का क्या पैकेज है? मैनेजर: 3 हजार रुपए में 8 मसाज हैं। यह ऑफर सिर्फ आज के लिए है। रिपोर्टर: अगर सिंगल बार मसाज करवानी हो तो क्या पैकेज है? मैनेजर: सिंगल के लिए 1000 रुपए लगेंगे। रिपोर्टर: स्टाफ दिखा सकते हो? मैनेजर: हां। (इसके बाद मैनेजर ने कुछ महिलाओं को दिखाया और बताया कि वे अलग-अलग जगहों से हैं। ) रिपोर्टर: थाई स्टाफ होता है? मैनेजर: एक-दो दिन बाद आना। 1500 रुपए के हिसाब से। (1000 रुपए में मसाज तय होने पर मैनेजर ने मोबाइल बाहर रखवा दिया और एक कमरे में भेजा जहां तीन लड़कियां (नागालैंड, दिल्ली और लोकल) थीं। मैनेजर के कहने पर दिल्ली की लड़की के साथ कमरे में बातचीत हुई) रिपोर्टर: कितनी देर मसाज करोगी? लड़की: 45 मिनट मसाज होगी और 15 मिनट शावर होगा। अगर एक्स्ट्रा सर्विस चाहिए तो बताएं। रिपोर्टर: एक्स्ट्रा सर्विस में क्या होता है? लड़की: आपको खुश कर दूंगी, उसके एक्स्ट्रा चार्ज होंगे। रिपोर्टर: कितने पैसे लगेंगे? लड़की: 1500 रुपए लगेंगे और आपको एक्स्ट्रा टाइम मिल जाएगा। रिपोर्टर: मेरे पास 1500 रुपए नहीं हैं? लड़की: एक हजार रुपए दे दो काम हो जाएगा। (रिपोर्टर पैसे न होने का बहाना बनाकर बाहर आ गए।) 2. एंट्री फीस के नाम पर वसूली और पैकेज का खेल शहर के कई स्पा सेंटरों के बाहर मसाज के पोस्टर लगे थे, लेकिन अंदर नीली रोशनी और सोफे पर बैठी महिलाओं का माहौल था। सामान्य मसाज पूछने पर पहले एंट्री फीस मांगी जाती थी। रिपोर्टर: यहां क्या पैकेज है? मैनेजर: आपको पैकेज लेना है या सिंगल टाइम जाना है। रिपोर्टर: पैकेज कितने का है? मैनेजर: 3 हजार वाला पैकेज है, इसमें 6 मसाज हैं। 5 हजार वाले में 10 मसाज हैं। रिपोर्टर: स्टाफ कैसा है? मैनेजर: सभी इंडियन हैं। कुछ स्पा में थाई स्टाफ भी मिलता है, लेकिन बहुत कम जगह है। रिपोर्टर: स्टाफ दिखा सकते हो? मैनेजर: पहले एंट्री फीस जमा करवानी होगी। (पड़ताल में सामने आया कि 1,000 से 1,500 रुपए तक एंट्री फीस ली जाती है। स्टाफ पसंद न आने पर पैसे वापस नहीं होते, बल्कि अगली विजिट में 'एडजस्ट' करने की बात कही जाती है।) 3. नियम-कानून ताक पर, रात 11:30 बजे भी खुला मिला सेंटर घुमार मंडी नेशनल रोड पर स्थित एक बेसमेंट स्पा में भास्कर टीम रात 11:30 बजे पहुंची। हल्की नीली रोशनी के बीच कुछ ग्राहक सोफे पर बैठे थे। रिपोर्टर: सेंटर कितने बजे तक खुला रहता है? मैनेजर: रात 1 बजे तक। रिपोर्टर: अभी सर्विस मिल जाएगी? मैनेजर: हां, एंट्री करवा लो। रिपोर्टर: एंट्री कितने की है? मैनेजर: 1200 रुपए। होटलों से भी चल रहा जिस्मफरोशी का धंधा स्पा सेंटरों की पड़ताल करते भास्कर रिपोर्टर को पता चला कि बस स्टैंड के आसपास के होटलों में भी जिस्मफरोशी होती है। यहां नाइट स्टे के लिए लड़की की बुकिंग 6 हजार रुपए में की जाती है। दलालों ने होटलों में खुद कमरे ले रखे हैं, जहां नागालैंड, दिल्ली, लुधियाना व अन्य राज्यों से लाई गई युवतियों को रखा जाता है। ग्राहकों को एक-एक करके लड़कियां दिखाई जाती हैं और पसंद आने पर पेमेंट ऑनलाइन या कैश ली जाती है। करीब 1 घंटे में तैयार होकर युवतियां पूरी रात के लिए बाहर गाड़ियों में भी भेजी जाती हैं। युवती ने खोला सेक्स रैकेट और नशे का राज स्टिंग के दौरान एक होटल में रहने वाली युवती ने ऑफ-कैमरा पूरी दास्तान सुनाई कि कैसे दलाल उनका शोषण करते हैं और किस तरह लड़कियां नशे के गर्त में जा रही हैं। रिपोर्टर: होटल में कितनी लड़कियां रखी हुई है। युवती: वैसे तो 7 से 8 लड़कियां होती है लेकिन फिलहाल 2 से 3 अभी रह गई होगी। रिपोर्टर: लड़की को नाइट के कितने रुपए दलाल देते है? युवती: 3 हजार रुपए देते है, मेरे सामने कल किसी से नाइट के 7 हजार रुपए लिए थे। किसी से 6 हजार भी ले लेते है। रिपोर्टर: खाना वगैरह का क्या करते है? युवती: 1 टाइम का खाना देते है। रिपोर्टर: जो बाकी लड़कियां होटलों में है क्या वह नशे करती है? युवती: बहुत नशे करती है, मैं तो सिर्फ ड्रिंक ही लेती हूं। रिपोर्टर: क्या चिट्टे का नशा करने वाली लड़कियां भी होती है? युवती: ज्यादातर वहीं है। होटलों में जाते ही वहीं मिलेंगी। रिपोर्टर: चिट्टे में यदि किसी लड़की को ओवरडोज हो जाए तो कौन जिम्मेवार होगा? युवती: मरेगा तो लड़का ही। (युवती ने बताया कि बॉयफ्रेंड से विवाद और परिजनों से अनबन के बाद वह मजबूरी में छत और एक वक्त के खाने के लिए एक टैक्सी ड्राइवर दोस्त के जरिए यहां पहुंची थी, लेकिन अंदर लड़कियां चिट्टे व गांजे का नशा करती हैं। वह अब जल्द ही इस काले धंधे से बाहर निकलना चाहती है।) ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… लुधियाना में नाइजीरियन युवतियों का सेक्स रैकेट:फुल नाइट ₹7 हजार, शराब-चिकन हो तो सिर्फ ₹1500, रशियन भी अवेलेबल; अड्डे तक पहुंचा भास्कर पूरी रात साथ रहना है तो एक युवती के 7 हजार रुपए लगेंगे, अनलिमिटेड शॉट, अगर पार्टी का सामान यानी शराब-चिकन ले आते हो तो 1500 रुपए लेंगे, लेकिन सिर्फ एक शॉट ही मिलेगा। पुलिस का कोई डर नहीं, उनसे बचाने की गारंटी हमारी। शारीरिक संबंध बनाने का यह रेट लुधियाना में चल रहे विदेशी युवतियों के सेक्स रैकेट का है। ये युवतियां नाइजीरियन मूल की हैं और यहां पर खुलेआम रैकेट चला रही हैं। पढ़ें पूरी खबर…
Dainik Bhaskar पंजाब की महिला का गौरैया से प्यार:टूटे दरवाजे पर घोंसला देखा तो घर में बसा दीं 250 गौरैया; हथेली पर बैठकर खातीं दाना
“ये गौरैया मेरी जान हैं। मेरी कोई बेटी नहीं है, इसलिए मैंने इनको ही अपनी बेटियां बना लिया है। मैं हमेशा इनको बेटी कहकर बुलाती हूं। लाड में मैं इन्हें अपनी राजकुमारियां कहती हूं।” ये कहना है पंजाब के मोगा में निधावाला गांव की रहने वाली हरप्रीत कौर का। हरप्रीत घर और आसपास गौरैयाओं के लिए घोंसले बना रही हैं। उनके घर में इस वक्त कम से कम 175 घोंसले लगे हैं। इनमें करीब 200 से 250 गौरैया रहती हैं। घर और पेड़ों पर बनाए गए ये कृत्रिम घोंसले अब इन गौरैयाओं का आशियाना बन चुके हैं। हरप्रीत का घर हर वक्त गौरैयाओं की चहचहाहट से गूंजता रहता है। वह इनके लिए दाना-पानी का भी इंतजाम करती हैं। उनका कहना है कि ये गौरैया अब उनकी जिंदगी जीने का मकसद बन गई हैं। ऑपरेशन के बाद लेटी थी, टूटे दरवाजे पर दिखा घोंसला हरप्रीत बताती हैं कि साल 2013 में उनका ऑपरेशन हुआ था। वह घर में लेटी रहती थीं। इसी दौरान एक दिन उनकी नजर घर के पुराने टूटे दरवाजे पर गई। वहां गौरैया ने घोंसला बना रखा था। वह घंटों गौरैया को देखती रहती थीं। धीरे-धीरे इन पक्षियों से लगाव हो गया। जब उन्हें पता चला कि कई जगहों पर गौरैया की संख्या घट रही है तो उन्होंने इन्हें बचाने की ठानी। इसके बाद इनके लिए दाना-पानी का इंतजाम करने लगीं। धीरे-धीरे गौरैया उनसे घुल-मिल गईं और पास आने लगीं। पुराना घोंसला टूटा तो गत्ते के डिब्बे को बनाया आशियाना हरप्रीत बताती हैं कि एक बार गौरैया के घोंसले वाला पुराना दरवाजा तोड़कर नया लगाया गया तो उनका घोंसला भी टूट गया। मैंने सोचा कि अब उन्हें दोबारा घोंसला बनाने में कितनी परेशानी होगी। तब मैंने उनके लिए गत्ते का एक डिब्बा रखा। उसमें एक छेद किया और उसे उनके रहने की जगह बना दिया। कुछ ही समय में गौरैयाओं ने उसे अपना घर बना लिया। उन्होंने उसमें अंडे दिए और बाद में वहीं बच्चों का जन्म हुआ। धीरे-धीरे गौरैयाओं ने उस आशियाने का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। इससे उत्साहित होकर मैंने एक-दो और डिब्बे लगा दिए, जहां उन्होंने सुरक्षित तरीके से अपने बच्चों को बड़ा किया। मैंने अपनी जिंदगी गौरैयाओं के लिए समर्पित कर दी है हरप्रीत कहती हैं कि उनके गांव और घर में अब गौरैया रहती हैं और वह उन सभी की देखभाल करती हैं। मैंने अपनी जिंदगी अब इन गौरैयाओं के लिए समर्पित कर दी है। इनको छोड़कर कहीं भी नहीं जाती। जाना भी होता है तो उसी दिन लौट आती हूं। मेरे घर में इस वक्त कम से कम 175 घोंसले लगे हैं। इन घोंसलों में करीब 200 से 250 गौरैया रहती हैं। इसके अलावा गांव भर से कई और पक्षी यहां रोज खेलने और दाना खाने के लिए आते हैं। सुबह उठते ही देखती हूं- पानी ताजा है या नहीं हरप्रीत बताती हैं कि हर सुबह उठने के बाद उनका पहला काम यह देखना होता है कि पक्षियों के लिए ताजा पानी है या नहीं। नहीं हो तो वह ताजा पानी इनके कसोरों में डालती हैं। हर सुबह पहले वह इनके मिट्टी के बर्तनों को साफ करती हैं, ताकि इन्हें हर समय ताजा और साफ पानी मिले। दूसरे पक्षी भी यहीं आकर पानी पीते हैं तो उन्हें सुकून मिलता है। मौसम के हिसाब से देती हैं दाना हरप्रीत कहती हैं कि जब मैंने इनको बेटियां माना है तो देखभाल भी बेटियों की तरह करती हूं। मेरी बेटियां बहुत सेंसेटिव और नाजुक हैं। इनके दाने का ख्याल मौसम के हिसाब से रखती हूं। गर्मियों में मैं उन्हें कंगनी और बासमती चावल खिलाती हूं, जबकि सर्दियों में गेहूं और बाजरा देती हूं। गर्म तासीर होने के चलते गर्मियों में बाजरा नहीं देती। मैं दाना पूरे घर में बिखेरती हूं, ताकि सभी पक्षी बिना लड़ाई-झगड़े के आसानी से भरपेट दाना खा सकें। ये पक्षी अब मेरे साथ इतना घुल-मिल गए हैं कि मेरी हथेली में दाना खाने के लिए बैठ जाते हैं। मेरी जिंदगी को इन गौरैयाओं ने सकारात्मक बना दिया हरप्रीत कहती हैं कि इन पक्षियों को पालने और उनके संपर्क में आकर वह सकारात्मक हो गई हैं। जब वह बीमार रहती थीं तो बहुत सारी निगेटिविटी मन में घर कर गई थी। अब मेरी इन राजकुमारियों ने मेरी जिंदगी बदल दी है। इनसे बातें करते हुए मैं पॉजिटिविटी महसूस करती हूं। इनके साथ दिन कब बीत जाता है, पता ही नहीं चलता। अब तो हाल ये हो गया है कि मेरा मन इनके बिना कहीं लगता ही नहीं है। मेरा परिवार भी मुझे इनकी देखभाल करने में पूरा सहयोग देता है। मेरा एक बेटा और सैकड़ों बेटियां हैं हरप्रीत कहती हैं कि मेरा एक ही बेटा है। लेकिन ये पक्षी मेरी बेटियों की तरह हैं। मेरे जीवन में सैकड़ों बेटियां हैं। मैं ही इनको बेटियां नहीं मानती, मेरी बेटियां भी मुझे मां की तरह प्यार देती हैं। मैं इनको इनकी भाषा में ही बुलाती हूं। मैंने इनकी तरह चहचहाना सीख लिया है। जैसे ही मैं उनको आवाज लगाती हूं तो ये कहीं से भी उड़कर मेरे पास आ जाती हैं। इन्होंने मेरे जीवन में बेटियों की कमी को दूर किया है और मेरी जिंदगी का अहम हिस्सा हैं। मैं इनके साथ हंसकर या रोकर अपनी खुशी और गम साझा करती हूं। कीकर के पेड़ लगाएं लोग, सरकार करे संरक्षण मोगा में निधावाला गांव की रहने वाली हरप्रीत कौर ने बताया कि सरकार ने चाहे उनके काम को कभी नहीं सराहा, लेकिन उनकी सरकार से एक ही अपील है कि गौरेया को बचाने के लिए कीकर के पड़ों को पंजाब में संरक्षण करें। कीकर के पौधे गांव-गांव में लगाए जाएं। ताकि इन चिड़ियों को बसेरा मिल सके। हरप्रीत ने बताया कि कीकर की बात इसलिए क्योंकि ये चिड़िया कांटेदार और झाड़ी वाले पेड़ पर रहना पसंद करती है। इसे घोसला बनाना पसंद नहीं है। ये पत्तों के बीच छिपकर बैठी रहती हैं। गांवों से कीकर के पेड़ खत्म होने के चलते भी गौरेया लुप्त हो रही है क्योंकि इनके पास रहने का ठिकाना ही नहीं बचा है। चिड़ियों को संभालने के लिए बहन की शादी में नहीं गई हरप्रीत कौर कहती हैं कि चिड़ियों से उनको इतना लगाव है कि वह अपनी बहन की शादी में कनाडा नहीं जा पाई। उसका वीजा तक लग गया था लेकिन ऐन मौके पर उसने अपने पति को वहां पर भेज दिया लेकिन खुद चिड़ियों को छोड़कर जाने का मन नहीं माना। हरप्रीत कहती हैं कि फाजिल्का में मायके भी जाना होता है तो वह जल्दी वहां से लौट आती हैं। इन गौरेया के बिना उसका कहीं भी दिल नहीं लगता। शुरू में विरोध हुआ लेकिन अब पूरा गांव साथ दे रहा हरप्रीत ने बताया कि कोई भी काम शुरूआत में आसान नहीं होता। आज उनका नाम हो गया है लेकिन इसके पीछे बहुत संघर्ष रहा है। शुरूआत में जब उसने चिड़ियों को बचाना शुरू किया तो गांव के ही कई लोग कह देते थे कि तुम किस काम में पड़ गई हो। लेकिन आज सबको समझ आ गया है। अब सब लोग मेरे साथ गौरेया को बचाने के काम में लगे हैं। फसलों में पेस्टिसाइड, छत वाले पंखे पहुंचा रहे नुकसान हरप्रीत कौर ने बताया कि ये आम बात लोग कह देते हैं कि मोबाइल टावरों के चलते चिड़िया गायब हो रही हैं। लेकिन ऐसे कुछ भी नहीं है। सबसे बड़ा कारण फसलों पर कीटनाशन की स्प्रे और छतों वाले पंखे हैं। उन्होंने बताया कि ये चिड़िया घरों में रहना पसंद करती है। छतों वाले पंखे से टकराने के चलते इनको नुकसान पहुंचता है। इसके साथ ही ये चिड़िया अपने बच्चे को पहले एक हफ्ते तक कीड़े खिलाती है। फसलों से लाए गए इन कीड़ों पर कीटनाशकों का असर रहता है जिससे बच्चे मर जाते हैं। पक्षी प्रेमी संदीप सिंह धौला के घोसले बने रैन बसेरा हरप्रीत कौर बताती हैं कि गौरेया को बचाने में पक्षी प्रेमी संदीप धौला का भी बड़ा योगदान है। इनके डिजाइन किए घोसले भी गौरेया को बचाने में बड़ा योगदान दे रहे हैं। आज वह इनके सैकड़ों घोसलों का यूज कर रही हैं। इसके साथ ये पंजाब में जगह-जगह घोसले लगाते हैं जिससे इस चिड़िया को रहने के लिए घर मिलता है। हमारे घर में दादा-दादी के साथ एक चिड़िया भी रहती थी हरप्रीत ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि कोई वक्त था जब हमारे घर कच्चे होते थे। इन घरों में हमारे दादा-दादी के साथ एक चिड़िया भी रहती थी। नौजवानों को इस चिड़िया को बचाने के लिए आगे आना चाहिए। इनको अपने घरों में पनाह देनी चाहिए ताकि पर्यावरण संरक्षण में योगदान देकर इसे बचाया जा सके।
Dainik Bhaskar मोहाली में विदेशी युवती से दरिंदगी की कहानी:चंडीगढ़ में फ्रेंडशिप, फिर गैंगरेप-देह व्यापार; इनकार करने पर हाथ-पैर बांधकर पीटा, मोमबत्ती से जलाया
युगांडा से मेडिकल वीजा पर आई युवती से चंडीगढ़ में 3 युवकों ने फ्रेंडशिप की। इसके बाद उसे रहने के लिए अपने साथ मोहाली ले गए। वहां लस्सी में निकोटिन का नशा पिलाकर उसका गैंगरेप किया। यही नहीं, उससे देह व्यापार तक कराने लगे। उसने विरोध किया तो हाथ-पैर बांधकर उसे पीटा गया। इसका खुलासा तब हुआ, जब युवती को कुछ दिन पहले लुधियाना की एक समाज सेवी संस्था के पास लाया गया। युवती का आरोप है कि उसके दुख दूर करने के नाम पर उसके प्राइवेट पार्ट और शरीर के अन्य हिस्सों में मोमबत्ती पिघलाकर गर्म मोम डाला गया। एक फ्रेंड के जरिए युवती ने चंडीगढ़ पुलिस को शिकायत की। जिसके बाद खरड़ की एक महिला ने दिलेरी दिखाते हुए न केवल आरोपियों का ठिकाना ढूंढा बल्कि उन्हें गिरफ्तार भी कराया। मगर, वे थाने से भाग निकले। पुलिस ने पहले युवती को अनफिट करार दिया तो आरोपियों को जमानत मिल गई, लेकिन खरड़ की महिला ने पीछा नहीं छोड़ा। उसने फिर पैरवी की। युवती के कोर्ट में बयान कराए, जिसके बाद जज ने युवती की हालत देखी तो तुरंत मेडिकल कराने का आदेश दिया। कोर्ट ने तीनों की जमानत रद्द की। तब पुलिस ने तीनों को दोबारा गिरफ्तार किया। युवती का अब लुधियाना में इलाज चल रहा है। पहले जानिए, युवती के साथ क्या हुआ… गैंगरेप करने वाले कैसे पकड़े गए.. टी-शर्ट नंबर, एयरटेल कर्मी, फिर कैसे पकड़े गए आरोपी… थॉमस खुद को बताता था क्रिस्ट आरोपी थॉमस खुद को क्रिस्ट यानि बाबा बताता था। उसने पीड़िता को कहा था कि वो उसके दुखों को दूर कर देगा। पीड़िता ने उसे बताया था कि उसकी बहन भी परेशान है। जिस पर आरोपी ने कहा कि वो उसे भी ठीक कर देगा। आरोपी ने उसे ठीक करने के लिए कई पैंतरे अपनाए। लड़की का कहना है कि आरोपी मोमबत्ती पिघलाकर उसके प्राइवेट पार्ट से लेकर शरीर के अलग अलग अंगों पर डालता था। पुलिस की एफआईआर के मुताबिक आरोपी थॉमस के वीजा की अवधि भी खत्म हो चुकी है। लाइबेरिया की अंबेसी ही नहीं खरड़ की महिला का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई और वो अब जेल में हैं। कोर्ट में उनके केस की सुनवाई हो रही है। उनका कहना है कि आरोपी लाइबेरिया से हैं और उस देश की भारत में एंबेसी ही नहीं है। ऐसे में उनके केस की पैरवी करने वाला कोई भी नहीं है। उन्होंने बताया कि उसके पेरेंट्स अब चीन में स्थित लाइबेरिया की एंबेसी के संपर्क में है। वहीं से ही पेरेंट्स की आरोपियों से बातचीत हो सकेगी।
Dainik Bhaskar सीएम रेड्डी बोले-BRS ने सरकार गिराने के लिए तंत्र-मंत्र कराया:नेता कर्नाटक-तमिलनाडु के मंदिरों में जाकर पूजा कर रहे; कांग्रेस ने पहले भी आरोप लगाया
तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने शनिवार को BRS नेताओं पर कांग्रेस सरकार को बदनाम करने के लिए तंत्र-मंत्र कराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नेताओं ने राज्य में सूखा, किसानों की परेशानी और कांग्रेस सरकार के गिरने की प्रार्थना की। उन्होंने बिना नाम लिए BRS विधायक टी. हरीश राव पर कर्नाटक और तमिलनाडु के मंदिरों में जाकर तंत्र-मंत्र कराने का आरोप लगाया। सीएम ने यह बात संगारेड्डी में एक कार्यक्रम में कही। तेलंगाना कांग्रेस अध्यक्ष बी महेश कुमार गौड़ ने 4 अगस्त को आरोप लगाया था कि हरीश राव ने राज्य में बारिश रोकने के लिए क्षुद्र पूजा की थी। सीएम ने कहा- 70 लाख किसानों के खातों में 36 हजार करोड़ ट्रांसफर किए , 3 मुख्य बातें…
Dainik Bhaskar तेलंगाना CM बोले-BRS ने सरकार गिराने के लिए तंत्र-मंत्र कराया:नेता कर्नाटक-तमिलनाडु के मंदिरों में जाकर पूजा कर रहे; कांग्रेस ने पहले भी आरोप लगाया
तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने शनिवार को भारतीय राष्ट्र समिति (BRS) नेताओं पर कांग्रेस सरकार को बदनाम करने के लिए तंत्र-मंत्र कराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नेताओं ने राज्य में सूखा, किसानों की परेशानी और कांग्रेस सरकार के गिरने की प्रार्थना की। उन्होंने बिना नाम लिए BRS विधायक टी. हरीश राव पर कर्नाटक और तमिलनाडु के मंदिरों में जाकर तंत्र-मंत्र कराने का आरोप लगाया। सीएम ने यह बात संगारेड्डी में एक कार्यक्रम में कही। तेलंगाना कांग्रेस अध्यक्ष बी महेश कुमार गौड़ ने भी 4 अगस्त को आरोप लगाया था कि हरीश राव ने राज्य में बारिश रोकने के लिए क्षुद्र पूजा (तंत्र-मंत्र) की थी। सीएम ने कहा- 70 लाख किसानों के खातों में 36 हजार करोड़ ट्रांसफर किए , 3 मुख्य बातें… हरीश राव बोले- युवाओं और छात्रों की आवाज उठाते रहेंगे हरीश राव ने सीएम के आरोपों पर पलटवार करते हुए उन पर स्वतंत्रता दिवस के दिन झूठ बोलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार, अधूरी किसान कर्जमाफी और खाद की कमी जैसे मुद्दे लगातार उठाते रहे हैं, इसलिए सीएम उनके खिलाफ ऐसे बयान दे रहे हैं। वह किसानों, बेरोजगार युवाओं और छात्रों की आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने सीएम के आरोपों को लेकर मानहानि का मुकदमा दायर करने की बात भी कही।इससे पहले 13 अगस्त को भी सीएम रेड्डी ने आरोप लगाया था कि BRS नेताओं ने कांग्रेस सरकार को बदनाम करने के लिए तंत्र-मंत्र और काला जादू कराया। ------------- ये खबर भी पढ़ें तेलंगाना- चुनाव लड़ने की उम्र 21 साल करने का प्रस्ताव:बिल पास कराने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र; केंद्र की मंजूरी जरूरी तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ने की न्यूनतम उम्र 25 साल से घटाकर 21 साल करने का प्रस्ताव पारित किया जाएगा। इसके बाद, इसे केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar भास्कर अपडेट्स:कर्नाटक के चामराजनगर में जंगल में फायरिंग, 3 की मौत, सीएम ने जांच के आदेश दिए
कर्नाटक के चामराजनगर में शनिवार को मरिया मंगल जंगल क्षेत्र के पास फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में एंथनी स्वामी, सेबेस्टियन डेविड कुमार और जॉन रोज पीटर शामिल हैं। FIR के मुताबिक, 14 अगस्त को दो गायें लापता हो गई थीं। अगले दिन तीनों लोग उन्हें खोजने के लिए मरिया मंगल के पास जंगल में गए थे। इसी दौरान वन अधिकारियों ने उन पर गोली चला दी। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मामले में मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी सच्चाई सामने आएगी।
Dainik Bhaskar भास्कर अपडेट्स:तमिलनाडु के कांचीपुरम में लॉरी से टकराई बस, 30 लोग सवार थे; 3 की हालत गंभीर
तमिलनाडु के कांचीपुरम में 30 से ज्यादा कर्मचारियों से भरी कंपनी की बस लॉरी से टकरा गई। हादसा सुंगुवरचत्रम के पास हुआ। ड्राइवर को झपकी आने से बस का नियंत्रण बिगड़ गया। हादसे में कई कर्मचारी घायल हुए, जिनमें 3 की हालत गंभीर है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आज की बाकी बड़ी खबरें… कर्नाटक के चामराजनगर में जंगल में फायरिंग, 3 की मौत, सीएम ने जांच के आदेश दिए कर्नाटक के चामराजनगर में शनिवार को मरिया मंगल जंगल क्षेत्र के पास फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में एंथनी स्वामी, सेबेस्टियन डेविड कुमार और जॉन रोज पीटर शामिल हैं। FIR के मुताबिक, 14 अगस्त को दो गायें लापता हो गई थीं। अगले दिन तीनों लोग उन्हें खोजने के लिए मरिया मंगल के पास जंगल में गए थे। इसी दौरान वन अधिकारियों ने उन पर गोली चला दी। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मामले में मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी सच्चाई सामने आएगी।
Dainik Bhaskar केरल-वाइस चांसलर बोले-वंदे मातरम् विरोधी अपनी मां को नही जानते:माता-पिता बच्चों को आदर्श नागरिक बनाएं; छात्र संगठनों ने RSS एजेंडा बढ़ाने का आरोप लगाया
केरल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर मोहनन कन्नुम्मल ने शनिवार को कहा कि जो लोग वंदे मातरम् का विरोध करते हैं, वे नहीं जानते कि उनकी मां कौन हैं। देश को मदर इंडिया कहा जाता है और इसी सोच से वंदे मातरम् का संबंध है। कन्नुम्मल ने यह बयान तिरुवनंतपुरम के मणिविला में आरएसएस के युवा सम्मेलन में दिया। छात्र संगठनों सएफआई और केएसयू ने कन्नुम्मल पर यूनिवर्सिटी मेंआरएसएस का एजेंडा आगे बढ़ाने का आरोप लगाया है। वाइस चांसलरों पर आरएसएस का एजेंडा बढ़ाने का आरोप कन्नुम्मल का यह बयान ऐसे समय आया है, जब केरल में यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलरों की आरएसएस से नजदीकी को लेकर राजनीतिक विवाद चल रहा है। केरल के राज्यपाल ने कन्नुम्मल की वाइस चांसलर पद पर नियुक्ति पर लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने सवाल उठाए हैं। दोनों गठबंधनों ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को भगवा रंग देने की कोशिश का आरोप लगाया है। 29 जुलाई को नया कानून बना, वंदे मातरम् के अपमान पर 3 साल सजा वंदे मातरम् को लेकर यह विवाद ऐसे समय हुआ है, जब संसद ने हाल ही में इसे कानूनी संरक्षण देने वाला नया कानून पास किया है। इसके तहत वंदे मातरम् को ‘जन गण मन’ के बराबर कानूनी संरक्षण मिला है। जानबूझकर इसके अपमान या गायन में रुकावट डालने पर 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। केंद्र का आदेश- पहले वंदे मातरम् , फिर जन गण मन होगा गृह मंत्रालय ने 9 जुलाई को सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों को राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के गायन और बजाने को लेकर नए निर्देश जारी किए थे। इसमें दोनों के सही बोल, उच्चारण और तय प्रोटोकॉल का पालन करने को कहा गया था। निर्देशों के मुताबिक, अगर किसी कार्यक्रम में वंदे मातरम् और जन गण मन दोनों गाए या बजाए जाते हैं, तो पहले वंदे मातरम् और उसके बाद राष्ट्रगान होगा। अगर किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का अपना राज्य गीत भी है, तो पहले राज्य गीत फिर वंदे मातरम् और अंत में जन गण मन रहेगा। 28 जनवरी को पहली बार आदेश आया इससे पहले 28 जनवरी को भी सरकार ने सभी राज्यों को यही आदेश दिया था। इसमें मुताबिक सभी स्कूलों में दिन की शुरुआत में राष्ट्रगीत बजाया जाएगा। वंदे मातरम् के समय हर व्यक्ति को खड़ा होना होगा। राष्ट्रगीत के सभी 6 अंतरे गाए जाएंगे। इनकी कुल अवधि 3.10 मिनिट है। पहले दो अंतरे गाए जाते थे। सिनेमा हॉल को नए नियमों से दूर रखा गया है। यानी सिनेमाघरों में फिल्म शुरू होने से पहले वंदे मातरम् बजाना और खड़ा रहना अनिवार्य नहीं होगा। अगर किसी न्यूजरील या डॉक्यूमेंट्री फिल्म के हिस्से के रूप में राष्ट्रगीत बजाया जाता है, तो दर्शकों को उस दौरान खड़ा होना जरूरी नहीं होगा। ये खबर भी पढ़ें… भाजपा का आरोप-सोनिया ने वंदे मातरम् रोकने की कोशिश की:राष्ट्रगीत के दौरान बात करते दिखीं; कांग्रेस बोलीं- खड़गे के लिए कुर्सी मांग रही थीं भाजपा ने सोनिया गांधी पर कांग्रेस मुख्यालय के स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान वंदे मातरम् गीत रोकने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar राष्ट्रपति भवन में एट होम रिसेप्शन, PM मोदी पहुंचे:मुर्मू के इवेंट में 650 मेहमान शामिल, इनमें 100 VVIP; पैरा-क्रिकेटर आमिर हुसैन लोन भी खास मेहमान
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रपति भवन के अमृत उद्यान परिसर में पारंपरिक ‘एट होम’ रिसेप्शन आयोजित किया। समारोह में करीब 650 मेहमान शामिल हुए, जिनमें 100 VVIP गेस्ट रहे। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, CJI सूर्यकांत, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला समेत केंद्रीय मंत्री, राजनयिक और अलग-अलग क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियां समारोह में पहुंचीं। पैरा-क्रिकेटर आमिर हुसैन लोन को भी खास मेहमान के तौर पर आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम् और राष्ट्रगान के गायन से हुई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव भी समारोह में मौजूद रहे। पूर्व राष्ट्रपति कोविंद पत्नी के साथ पहुंचे पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपनी पत्नी सविता कोविंद के साथ ‘एट होम’ समारोह में पहुंचे। पूर्व उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और CJI सूर्यकांत भी उनके साथ मौजूद रहे। समारोह में अलग-अलग क्षेत्रों में खास उपलब्धियां हासिल करने वाले लोगों को भी आमंत्रित किया गया था। राष्ट्रपति भवन का ‘एट होम’ रिसेप्शन हर साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आयोजित होने वाला औपचारिक समारोह है। इसमें जनसेवा, रक्षा, खेल, सिनेमा, कला और संस्कृति समेत अलग-अलग क्षेत्रों में योगदान देने वाली हस्तियों को बुलाया जाता है। इस बार सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को भी समारोह में आमंत्रित किया गया। राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि दी इससे पहले स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उनके साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन और वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह भी मौजूद रहे। भारत 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश शासन से आजाद हुआ था। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देशभर में कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जबकि राष्ट्रपति भवन में ‘एट होम’ रिसेप्शन इसकी प्रमुख औपचारिक परंपराओं में से एक है। लाल किले पर पहली बार गूंजा वंदे मातरम् इस साल स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में लाल किले पर पहली बार वंदे मातरम् का गायन हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से अपने संबोधन में भी राष्ट्रगीत का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “आज हर दिल वंदे मातरम् की लय पर धड़क रहा है। आज हर घर तिरंगा है, हर मन तिरंगा है।” PM मोदी ने कहा कि राष्ट्रगीत की आवाज पूरे देश में गूंज रही है और तिरंगा स्वतंत्रता दिवस की भावना का प्रतीक है।
Dainik Bhaskar राष्ट्रपति भवन में एट होम रिसेप्शन, PM मोदी पहुंचे:मुर्मू के इवेंट में 650 मेहमान शामिल, इनमें 100 VVIP; पैरा-क्रिकेटर आमिर हुसैन लोन भी खास मेहमान
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रपति भवन के अमृत उद्यान परिसर में पारंपरिक ‘एट होम’ रिसेप्शन आयोजित किया। समारोह में करीब 650 मेहमान शामिल हुए, जिनमें 100 VVIP गेस्ट रहे। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, CJI सूर्यकांत, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला समेत केंद्रीय मंत्री, राजनयिक और अलग-अलग क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियां समारोह में पहुंचीं। पैरा-क्रिकेटर आमिर हुसैन लोन को भी खास मेहमान के तौर पर आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम् और राष्ट्रगान के गायन से हुई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव भी समारोह में मौजूद रहे। कार्यक्रम की 5 तस्वीरें… पूर्व राष्ट्रपति कोविंद पत्नी के साथ पहुंचे पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपनी पत्नी सविता कोविंद के साथ ‘एट होम’ समारोह में पहुंचे। कार्यक्रम में लोकसभा स्पीकर बिड़ला भी उनके साथ आए थे। पूर्व उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और CJI सूर्यकांत भी मौजूद रहे। राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि दी इससे पहले स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उनके साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन और वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह भी मौजूद रहे। लाल किले पर पहली बार गूंजा वंदे मातरम् इस साल स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में लाल किले पर पहली बार वंदे मातरम् का गायन हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से अपने संबोधन में भी राष्ट्रगीत का जिक्र किया। उन्होंने कहा- आज हर दिल वंदे मातरम् की लय पर धड़क रहा है। आज हर घर तिरंगा है, हर मन तिरंगा है। PM मोदी ने कहा कि राष्ट्रगीत की आवाज पूरे देश में गूंज रही है और तिरंगा स्वतंत्रता दिवस की भावना का प्रतीक है। ----------------------- यह खबर भी पढ़ें… मोदी बोले- दिमागी नक्सलियों को पहचानें, उन्हें अलग करें:ये समाज को भटका रहे; महिलाओं के आरक्षण पर पार्टियां राजनीति न करें 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने कहा- ‘हथियारी नक्सल तो चले गए, लेकिन दिमागी नक्सल मौके की तलाश में हैं। समाज को गलत राह पर ले जाने के लिए तरह-तरह के काम कर रहे हैं। ऐसे लोग हिंसा अराजकता के रास्ते खोज रहे हैं। इन दिमागी नक्सलियों को पहचानना होगा और इन्हें आइसोलेट करना होगा और विकसित राष्ट्र बनाने की ओर देश की युवा पीढ़ी को जोड़ना होगा।’ पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar स्वतंत्रता दिवस पर बॉर्डर पर पकड़ा पाकिस्तानी नागरिक:बाड़मेर में तारबंदी पार कर आया; 6 दिन पहले श्रीगंगानगर में BSF कैंप में घुसा था जासूस
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने भारतीय सीमा में घुसे एक पाकिस्तानी नागरिक को पकड़ा है। BSF के जवानों ने शनिवार सुबह पेट्रोलिंग के दौरान उसे केकेटी पोस्ट के पास तारबंदी पार कर आते देखा। जवानों ने चेतावनी देकर उसे रुकने को कहा और इसके बाद मौके पर ही हिरासत में ले लिया। पूछताछ में पाकिस्तान नागरिक ने अपना नाम बाकू खान (60) पुत्र इस्माइल खान, निवासी जहरिलों गांव, जिला मिठी, पाकिस्तान बताया। प्रारंभिक पूछताछ के बाद बीएसएफ ने शनिवार शाम करीब 6 बजे उसे बिजराड़ थाना पुलिस को सौंप दिया। तारबंदी पार कर आया था पाक नागरिक जानकारी के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस को लेकर बीएसएफ सीमा क्षेत्र में लगातार पेट्रोलिंग और निगरानी कर रही थी। इसी दौरान पेट्रोलिंग पार्टी की नजर अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर भारतीय इलाके में आए पाकिस्तानी नागरिक पर पड़ी। वह केकेटी पोस्ट के पास तारबंदी पार कर घुस आया था। बीएसएफ के जवानों ने कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया। थाना अधिकारी अजीत सिंह ने बताया- बीएसएफ ने पाक नागरिक को हमें सौंपा है। डीएसपी जेठाराम के नेतृत्व में बिजराड़ पुलिस ने उससे पूछताछ की। अब विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से उससे पूछताछ करेंगी। बाकू खान के भारत आने के कारणों और सीमा पार करने के उद्देश्य को लेकर जानकारी जुटाई जाएगी। 6 दिन पहले BSF कैंप में घुसा था पाकिस्तानी जासूस इससे पहले 9 अगस्त को श्रीगंगानगर में BSF के कैंप की दीवार फांदकर घुसे पाकिस्तानी जासूस को गिरफ्तार किया गया था। आरोपी BSF की 163वीं बटालियन के कैंप में बिना परमिशन घुसा था। आरोपी के पास मिले मोबाइल से पाकिस्तानी नंबरों के मैसेज और कॉल डिटेल्स मिली। आरोपी लगातार इन नंबरों पर संपर्क कर रहा था। पूरी खबर पढ़ें सबसे लंबी 1070 किलोमीटर लंबी सीमा राजस्थान से, इसलिए ISI एक्टिव राजस्थान की सीमावर्ती क्षेत्र जासूसों की रडार पर रहते हैं, क्योंकि पाकिस्तान की सबसे लंबी 1070 किलोमीटर लंबी सीमा लगती है। तीन बड़े एयरबेस और कई सैन्य ठिकाने हैं। पाक खुफिया एजेंसी का टारगेट होता है कि सीमावर्ती क्षेत्र की हर छोटी से छोटी इन्फॉर्मेशन किसी भी तरीके से हासिल हो। श्रीगंगानगर के हिंदुमलकोट से लेकर बाड़मेर के बाखासर तक भारतीय खुफिया एजेंसियां भी अलर्ट पर रहती हैं। जासूस इन क्षेत्रों की जानकारी पाकिस्तानी एजेंटों से शेयर करते पकड़े गए हैं। बॉर्डर के इलाकों में संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जा रही है। सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण संस्थानों की भी सिक्योरिटी बढ़ाई गई है। ये खबर भी पढ़िए… राजस्थान में जासूसी के लिए रफीक करता था फंडिंग:सेना की जानकारी के बदले जैसलमेर भेजे पैसे, ई-मित्र संचालक को हैनीट्रैप से फंसाया था राजस्थान में पाकिस्तान के जासूसी नेटवर्क का खुलासा औरंगाबाद (महाराष्ट्र) से रफीक चांद शेख की गिरफ्तारी के बाद हुआ है। 26 जनवरी को पकड़ा गया जैसलमेर का ई-मित्र संचालक झबरा राम सेना की गोपनीय जानकारियां भेज रहा था। पूरी खबर पढ़िए
Dainik Bhaskar PM के भाषण में युवाओं का 52 बार जिक्र:‘भारत’ सबसे ज्यादा, नक्सलवाद-गरीबी शब्द भी दोहराए; लाल किले से 75 मिनट की स्पीच का एनालिसिस
पीएम नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से 75 मिनट का भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने सबसे ज्यादा ‘भारत’ शब्द का इस्तेमाल किया। उन्होंने 111 बार भारत कहा, जबकि ‘दुनिया’ का 62 बार जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने ‘युवा’, ‘नौजवान’, ‘युवा शक्ति’ और ‘साथियों’ जैसे शब्दों के जरिए युवाओं को 52 बार संबोधित किया। भाषण में नक्सलवाद, गरीबी, डिजिटल और लाल किले जैसे शब्द भी बार-बार आए। मोदी ने नक्सल से जुड़े शब्दों का कुल 15 बार, गरीबी और गरीब से जुड़े शब्दों का 7 बार, ‘लाल किला’ का 11 बार और ‘डिजिटल’ का 10 बार इस्तेमाल किया। पीएम की स्पीच में 7 शब्दों का इस्तेमाल सबसे ज्यादा PM मोदी ने 40 बार कहा- मेरे प्यारे देशवासियों मोदी ने लाल किले से अपने भाषण में सबसे ज्यादा ‘मेरे प्यारे देशवासियों’ कहकर लोगों को संबोधित किया। इसका इस्तेमाल करीब 40 बार हुआ। इसके बाद ‘साथियों’ 10 बार आया। युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने ‘मेरे प्यारे युवाओं’ का इस्तेमाल एक बार किया। ‘देश सेवक’ और ‘भाई-बहनों’ का इस्तेमाल भी एक-एक बार हुआ। ‘देशवासियों’ के बाद ‘परिवारजनों’ PM मोदी का पसंदीदा संबोधन ‘देशवासियों’ लंबे समय से पीएम मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषणों का पसंदीदा संबोधन रहा है। उन्होंने 2025 में करीब 50 बार, 2024 में 30 बार, 2023 में 15 बार और 2022 में 40 से ज्यादा बार इसका इस्तेमाल किया। वहीं ‘परिवारजनों’ भी मोदी के भाषणों में खास जगह रखता है। 2023 में यह उनका सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया गया संबोधन था, जिसे उन्होंने करीब 50 बार कहा था। इसके अलावा ‘साथियों’ का इस्तेमाल 2025 में करीब 35 बार, 2024 में 30 बार, 2023 में 5 बार और 2022 में करीब 8 बार हुआ था। 4 साल की तुलना में इस बार पीएम का भाषण सबसे छोटा मोदी का इस साल का 75 मिनट का भाषण पिछले चार साल में सबसे छोटा रहा। यह उनके अब तक के स्वतंत्रता दिवस भाषणों में चौथा सबसे छोटा संबोधन है। 2025 में मोदी ने 103 मिनट का भाषण दिया था, जो उनका अब तक का सबसे लंबा स्वतंत्रता दिवस संबोधन है। 2024 में 98 मिनट और 2023 में 90 मिनट का भाषण दिया था। 2014 में पीएम मोदी का लाल किले से पहला भाषण 65 मिनट का था। 2015 में 88 मिनट, 2016 में 96 मिनट और 2017 में 56 मिनट का भाषण दिया। 2017 का 56 मिनट का संबोधन उनका अब तक का सबसे छोटा भाषण है। इसके बाद 2018 में 83 मिनट, 2019 में करीब 92 मिनट, 2020 में 90 मिनट, 2021 में 88 मिनट और 2022 में 74 मिनट का भाषण रहा। PM मोदी ने लाल किले से 13वीं बार भाषण दिया, रिकॉर्ड नेहरू के नाम पीएम मोदी ने इस साल लाल किले से लगातार 13वीं बार देश को संबोधित किया। 2025 में 12वां लगातार भाषण देकर उन्होंने इंदिरा गांधी का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा था। अब लाल किले से लगातार सबसे ज्यादा स्वतंत्रता दिवस भाषण देने के मामले में जवाहरलाल नेहरू 17 भाषणों के साथ पहले और नरेंद्र मोदी 13 के साथ दूसरे नंबर पर हैं।
Dainik Bhaskar बार काउंसिल अध्यक्ष ने हैदराबाद यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स से माफी मांगी:स्वतंत्रता दिवस पर लेटर भेजा; पहले कहा था- CJI का विरोध करने वाले वकील नहीं बनेंगे
बार काउंसिल इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने हैदराबाद यूनिवर्सिटी दीक्षांत समारोह विवाद के बाद लॉ स्टूडेंट्स से माफी मांगी है। बार एंड बेंच की एक रिपोर्ट के मुताबिक मनन ने स्वतंत्रता दिवस पर एक लेटर के जरिए माफीनामा भेजा है। हालांकि इस लेटर में यूनिवर्सिटी का नाम नहीं लिया गया है, न ही सीधे तौर पर विवाद का जिक्र है। लेकिन इसमें पिछले दिनों हुए घटनाक्रमों के बारे में लिखा है। मनन ने लिखा- वर्तमान विवाद से जुड़ी किसी भी बात, मेरे किसी शब्द या लेटर से हमारे कानून के छात्रों की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो मैं इसके लिए माफी चाहता हूं। ऐसा कहने में कोई संकोच नहीं होना चाहिए। खेद जताना प्रतिष्ठा या अहंकार का विषय नहीं है। यह केवल इस बात की स्वीकृति है कि हमारे छात्रों की भावनाएं और चिंताएं मायने रखती हैं। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को NALSAR विवाद पर काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) को फटकार लगाई थी। CJI सूर्यकांत ने कहा था- भले ही छात्रों का फैसला गलत हो फिर भी उन्हें अपनी बात रखने और विरोध करने का अधिकार है। हैदराबाद यूनिवर्सिटी से जुड़ा विवाद समझें…
Dainik Bhaskar बंगाल के कूचबिहार से 3 संदिग्ध ISI एजेंट गिरफ्तार:भारतीय सिम कार्ड पाकिस्तान भेज रहे थे; नकली नोट भी बनाते थे
पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े 3 संदिग्धोंं को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान राशिदुल हक, नूर नसीरुद्दीन अली और शफीकुल इस्लाम के रूप में हुई है। जांच अधिकारियों के मुताबिक, तीनों भारत में ISI एजेंट के तौर पर अंडरकवर काम कर रहे थे। उन पर बांग्लादेश के रास्ते भारतीय मोबाइल सिम कार्ड पाकिस्तान भेजने का आरोप है। ये तीनों आरोपी नकली नोट भी बनाते थे। तीनों आरोपियों को स्वतंत्रता दिवस से पहले शुक्रवार देर शाम उत्तर बंगाल के दिनहाटा इलाके के साहेबगंज से पकड़ा गया। इन्हें आज कोर्ट में पेश किया गया। तीनों को 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। बंगाल में आतंकी लिंक के शक में कई गिरफ्तारियां बंगाल पुलिस ने पिछले एक महीने में आतंकी संगठनों से जुड़े होने के शक में कई लोगों को पकड़ा है। इससे पहले 31 जुलाई को पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और शहजाद भट्टी गैंग से जुड़े संदिग्ध ऑपरेटिव हामिम मंडल को बर्धमान से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद मंडल की गर्लफ्रेंड और सहयोगी अर्पिता सरकार को झारखंड के साहिबगंज से गिरफ्तार किया गया। उसके तीसरे सहयोगी आदित्य सिंह उर्फ राजू को हावड़ा से पकड़ा गया। इसके बाद राज्य में संदिग्ध आतंकी संबंधों के मामले में 4 गिरफ्तारियां और हुईं। पढ़ें पूरी खबर… पाकिस्तानी नागरिक पर जासूसी का शक इनमें पाकिस्तानी नागरिक राणा रऊफ उर्फ वहाब आलम भी शामिल था। उसे बांग्लादेश सीमा के पास उत्तर 24 परगना जिले के हाबरा से जासूसी के शक में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के मुताबिक, रऊफ 2012 में नेपाल के रास्ते अवैध रूप से भारत आया था। उसने भारतीय वोटर कार्ड और आधार कार्ड समेत फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। रऊफ ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों में रेकी की थी। वह कोलकाता की संवेदनशील जगहों पर नजर रखता था, इनमें रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण फोर्ट विलियम भी शामिल था। राज्य पुलिस और कोलकाता पुलिस की पूछताछ के बाद अब NIA भी रऊफ से पूछताछ करेगी। रऊफ की नोटबुक अहम सबूत जांचकर्ताओं के मुताबिक, रऊफ की नोटबुक इस मामले में अहम सबूत मानी जा रही है। संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकी से जुड़े लिंक की जांच के दौरान अधिकारियों को कई अहम जानकारियां मिलने का दावा है। STF सूत्रों के अनुसार, रऊफ से पूछताछ के बाद जांचकर्ताओं ने ISI से कथित रूप से जुड़े पांच लोगों की पहचान की है। हालांकि, यह तुरंत साफ नहीं हो सका कि कूचबिहार में हुई गिरफ्तारियां रऊफ से मिले लिंक के आधार पर की गई थीं या नहीं।
Dainik Bhaskar बंगाल के कूचबिहार से 3 संदिग्ध ISI एजेंट गिरफ्तार:STF का दावा- भारतीय सिम कार्ड पाकिस्तान भेज रहे थे; नकली नोट भी बनाते थे
पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े 3 संदिग्धोंं को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान राशिदुल हक, नूर नसीरुद्दीन अली और शफीकुल इस्लाम के रूप में हुई है। जांच अधिकारियों के मुताबिक, तीनों भारत में ISI एजेंट के तौर पर अंडरकवर काम कर रहे थे। उन पर बांग्लादेश के रास्ते भारतीय मोबाइल सिम कार्ड पाकिस्तान भेजने का आरोप है। ये तीनों आरोपी नकली नोट भी बनाते थे। तीनों आरोपियों को स्वतंत्रता दिवस से पहले शुक्रवार देर शाम उत्तर बंगाल के दिनहाटा इलाके के साहेबगंज से पकड़ा गया। इन्हें आज कोर्ट में पेश किया गया। तीनों को 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। बंगाल में आतंकी लिंक के शक में कई गिरफ्तारियां बंगाल पुलिस ने पिछले एक महीने में आतंकी संगठनों से जुड़े होने के शक में कई लोगों को पकड़ा है। इससे पहले 31 जुलाई को पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और शहजाद भट्टी गैंग से जुड़े संदिग्ध ऑपरेटिव हामिम मंडल को बर्धमान से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद मंडल की गर्लफ्रेंड और सहयोगी अर्पिता सरकार को झारखंड के साहिबगंज से गिरफ्तार किया गया। उसके तीसरे सहयोगी आदित्य सिंह उर्फ राजू को हावड़ा से पकड़ा गया। इसके बाद राज्य में संदिग्ध आतंकी संबंधों के मामले में 4 गिरफ्तारियां और हुईं। पढ़ें पूरी खबर… पाकिस्तानी नागरिक पर जासूसी का शक बंगाल STF ने पिछले दिनों पाकिस्तानी नागरिक राणा रऊफ उर्फ वहाब आलम को अरेस्ट किया है। उसे बांग्लादेश बॉर्डर के पास उत्तर 24 परगना जिले के हाबरा से जासूसी के शक में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के मुताबिक, रऊफ 2012 में नेपाल के रास्ते अवैध रूप से भारत आया था। उसने भारतीय वोटर कार्ड और आधार कार्ड समेत फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। रऊफ ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों में रेकी की थी। वह कोलकाता की संवेदनशील जगहों पर नजर रखता था, इनमें रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण फोर्ट विलियम भी शामिल था। राज्य पुलिस और कोलकाता पुलिस की पूछताछ के बाद अब NIA भी रऊफ से पूछताछ करेगी। रऊफ की नोटबुक अहम सबूत जांचकर्ताओं के मुताबिक, रऊफ की नोटबुक इस मामले में अहम सबूत मानी जा रही है। संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकी से जुड़े लिंक की जांच के दौरान अधिकारियों को कई अहम जानकारियां मिलने का दावा है। STF सूत्रों के अनुसार, रऊफ से पूछताछ के बाद जांचकर्ताओं ने ISI से कथित रूप से जुड़े पांच लोगों की पहचान की है। हालांकि, यह तुरंत साफ नहीं हो सका कि कूचबिहार में हुई गिरफ्तारियां रऊफ से मिले लिंक के आधार पर की गई थीं या नहीं।
Dainik Bhaskar भाजपा का आरोप-सोनिया ने वंदे मातरम रोकने की कोशिश की:वीडियो शेयर कर कहा- गायन के दौरान असहज दिखीं; कांग्रेस बोली- कुर्सी मांग रही थीं
भाजपा ने सोनिया गांधी पर स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान वंदे मातरम रोकने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कांग्रेस मुख्यालय के कार्यक्रम का वीडियो शेयर किया। भाजपा ने दावा किया कि कार्यक्रम के दौरान पूरा वंदे मातरम गाया जा रहा था। कुछ शुरुआती पंक्तियों के बाद ही सोनिया इसे लेकर असहजता होने लगीं। उन्होंने गीत रोकने का संकेत दिया। भाजपा ने दावा किया कि राहुल गांधी भी पूरे गायन के दौरान और राष्ट्रगीत खत्म होने के बाद तक परेशान दिखे। कांग्रेस ने भाजपा के आरोप को खारिज करते हुए कहा है कि सोनिया ने वंदे मातरम रोकने की कोशिश नहीं की। वह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी मांग रही थीं। 4 विजुअल्स में देखिए कार्यक्रम से जुड़ी पूरी घटना… कांग्रेस बोली- कांग्रेस मुख्यालय पर पूरा वंदे मातरम गाया गया कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पूरे मामले पर कांग्रेस का पक्ष रखा। उन्होंने कहा- वंदे मातरम रोकने की कोई कोशिश नहीं हुई थी। कांग्रेस अध्यक्ष काफी देर से खड़े थे, इसलिए सोनिया गांधी कह रही थीं कि उनके लिए कुर्सी लाकर वहां रख दीजिए। जयराम रमेश ने दावा किया कि कांग्रेस मुख्यालय पर 15 अगस्त के कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम का पूरा संस्करण गाया गया था और इसे रोकने की कोई कोशिश नहीं हुई। उन्होंने कहा कि सोनिया के इशारे को वंदे मातरम रोकने की कोशिश बताना गलत है। कांग्रेस ने वंदे मातरम के इतिहास का भी जिक्र किया जयराम रमेश ने कहा कि 28 अक्टूबर 1937 को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में वंदे मातरम के इस्तेमाल को लेकर चर्चा हुई थी। बैठक में महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभभाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद, जवाहरलाल नेहरू और सी राजगोपालाचारी जैसे नेता मौजूद थे। रमेश ने कहा कि गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह पर तय किया गया था कि कांग्रेस के कार्यक्रमों में वंदे मातरम की शुरुआती पंक्तियां गाई जाएंगी। तब से कांग्रेस के अधिवेशनों और कार्यक्रमों में इन्हीं पंक्तियों का इस्तेमाल होता रहा है। पूरे और छोटे वंदे मातरम को लेकर क्या विवाद है? वंदे मातरम के पूरे और संक्षिप्त संस्करण को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है। 1937 में कांग्रेस ने इसके शुरुआती दो अंतरों को अपनाया था। बाद के अंतरों में हिंदू देवी-देवताओं से जुड़े संदर्भ हैं, जिनको लेकर उस समय कुछ आपत्तियां उठी थीं। इसी वजह से सार्वजनिक और सरकारी कार्यक्रमों में आमतौर पर वंदे मातरम की शुरुआती पंक्तियों का इस्तेमाल होता रहा है। अब 15 अगस्त के कांग्रेस कार्यक्रम में पूरा संस्करण गाए जाने के बाद BJP ने इसे राजनीतिक मुद्दा बना दिया। वंदे मातरम को लेकर नया कानून क्या कहता है? संसद के इस मानसून सत्र में ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026' पास किया। इसके तहत वंदे मातरम को राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ के बराबर वैधानिक संरक्षण देने का प्रावधान किया गया है। नए कानून में राष्ट्रीय गीत का जानबूझकर अपमान करना या उसके गायन में बाधा डालना दंडनीय बनाया गया है। इसी नए कानूनी प्रावधान के बीच BJP ने कांग्रेस के कार्यक्रम में हुई कथित घटना को मुद्दा बनाया है।
Dainik Bhaskar पंजाब-चंडीगढ़ दिनभर,10 बड़ी खबरें:सिख कैदियों की रिहाई के लिए हंगामा, आंसू गैस के गोले दागे; आढ़ती की चाकू मारकर हत्या; मंत्री के पास आने को भिड़े MLA
नमस्कार, पंजाब-चंडीगढ़ में आज की सबसे बड़ी खबर बंदी सिखों की रिहाई को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा का गवर्नर हाउस की ओर कूच है। प्रदर्शनकारियों ने चंडीगढ़ के बॉर्डर पर लगे बैरिकेडिंग तोड़ी। इस दौरान पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, वाटर कैनन चलाई। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें… इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. बंदी सिखों की रिहाई को लेकर प्रदर्शन उग्र, बैरिकेडिंग तोड़ी सजा पूरी कर चुके बंदी सिखों को रिहा करने और पूर्व CM बेअंत सिंह की हत्या में शामिल रहे जगतार सिंह हवारा को पैरोल देने की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने आज सुबह (15 अगस्त) मोहाली से चंडीगढ़ में गवर्नर हाउस की ओर कूच किया। यह प्रदर्शन कौमी इंसाफ मोर्चा की अगुवाई में हुआ। भीड़ सुबह मोहाली के YPS चौक के पास इकट्ठा हुई और वहां से चंडीगढ़ की तरफ कूच किया। चंडीगढ़ पुलिस ने एहतियात के तौर पर सुबह से ही बॉर्डर सील कर दिया। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 लागू करते हुए मोहाली से चंडीगढ़ जाने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग के साथ एक्स्ट्रा फोर्स लगा दी गई। उग्र भीड़ ने जब ट्रैक्टर की मदद से बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की तो पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए उन पर गन के अलावा ड्रोन की मदद से आंसू गैस के गोले दागे गए। चंडीगढ़ पुलिस ने भीड़ से शांति बनाए रखने की अनाउंसमेंट की और कहा कि प्रशासन मोर्चे के प्रतिनिधियों से बातचीत करने को तैयार है। उधर, चंडीगढ़ में गवर्नर हाउस के करीब पहुंच जाने पर पुलिस ने शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के अध्यक्ष और पूर्व सांसद सिमरनजीत सिंह मान को हिरासत में ले लिया। (पढ़ें पूरी खबर) 2. स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में डाउन सीलिंग गिरी, 2 घायल पंजाब और चंडीगढ़ में देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाया गया। CM भगवंत मान ने फिरोजपुर में तिरंगा फहराने के बाद कहा कि किसी को भी पंजाब की भाईचारक सांझ नहीं तोड़ने देंगे। चंडीगढ़ में प्रशासक व पंजाब गवर्नर गुलाब चंद कटारिया ने सेक्टर-17 के परेड ग्राउंड में तिरंगा फहराया। उनके संबोधन के दौरान गर्मी से NCC की 2 लेडी कैडेट गर्मी से चक्कर खाकर गिर पड़ीं। उन्हें तुरंत उठाकर अस्पताल ले जाया गया। पटियाला के नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान में समारोह के दौरान रेसलिंग हॉल की छत से डाउन सीलिंग गिर गई। जिससे वहां मौजूद 2 खिलाड़ियों को चोट लग गई। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। इस समारोह के बाद चंडीगढ़, मोहाली, जालंधर और होशियारपुर के सभी स्कूलों में 17 अगस्त को छुट्टी का ऐलान किया गया है। वहीं, स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पहली बार सरकारी कार्यक्रम में वंदे मातरम गाया गया। अमृतसर में वाघा बॉर्डर पर BSF जवानों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी मनाई। वहीं, दिल्ली में लाल किले पर तिरंगा फहराने के बाद PM नरेंद्र मोदी ने लुधियाना का जिक्र किया। उन्होंने अपील की कि MSME से जुड़े उद्योगपति अपने प्रोडक्ट वैश्विक स्तर पर बनाएं। (पढ़ें पूरी खबर) 3. आढ़ती की चाकू मारकर हत्या, हार्ट बाहर निकाला चंडीगढ़ में गाड़ी की पार्किंग को लेकर हुए विवाद में एक आढ़ती की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। आरोपी ने उनके हार्ट पर चाकू से वार किया। इसके बाद चाकू घुमा दिया। इससे उनका हार्ट बाहर आ गया। इसके बाद वह जमीन पर गिर पड़ा और ज्यादा खून बहने के कारण वहीं तड़पते रहा। कुछ देर बाद जब लोग मौके पर पहुंचे तो आरोपी अपने बेटों के साथ वहां से भाग गया। लोगों ने घायल आढ़ती को उठाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। हत्या का आरोप उत्तर प्रदेश के रहने वाले एक दूसरे आढ़ती और उसके बेटों पर लगा है। पुलिस ने मौके से सबूत जुटाए हैं और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। मृतक आढ़ती देशराज हिमाचल प्रदेश के ऊना के रहने वाले थे। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी विनोद और उसके बेटों की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद हत्या की वजह और वारदात का पूरा क्रम स्पष्ट हो सकेगा। (पढ़ें पूरी खबर) 4. स्कॉर्पियो की टक्कर से 6 महिलाएं घायल, एक की आंख बाहर आई नकोदर-नूरमहल मुख्य मार्ग पर उप्पल खालसा गांव के गेट के पास शनिवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। पेट्रोल पंप के नजदीक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने आगे जा रहे मोटरसाइकिल जुगाड़ू रेहड़े को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि रेहड़ा सड़क किनारे खेतों में जा पलटा। हादसे में 6 महिलाएं घायल हो गईं, जिनमें एक महिला की आंख गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई। लांबड़ा के रहने वाले रेहड़ा ड्राइवर राजकुमार ने बताया कि वह रहमानपुरा क्षेत्र की छह महिलाओं को लेकर नूरमहल की ओर जा रहा था। सभी महिलाएं कबाड़ और पुराने अखबार एकत्र करने का काम करती हैं। उप्पल खालसा गेट के पास पहुंचते ही पीछे से आई अनियंत्रित लाल स्कॉर्पियो ने रेहड़े को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। चार महिलाएं और दो युवतियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक महिला के चेहरे और आंख पर इतनी गंभीर चोट लगी कि उसकी आंख बाहर निकल आई। घटना के बाद आरोपी चालक स्कॉर्पियो समेत मौके से फरार हो गया। (पढ़ें पूरी खबर) 5. प्राइवेट बस ने डिलीवरी बॉय को कुचला जालंधर में अलास्का चौक के पास प्राइवेट बस ने एक डिलीवरी बॉय को कुचला दिया। हादसे के बाद युवक का मांस सड़क पर बिखर गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वह ग्रे रंग की एक्टिवा पर रेलवे रोड की ओर जा रहा था। इसी दौरान प्राइवेट कंपनी की बस की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, अलास्का चौक से मदन फ्लोर मिल चौक तक सड़क किनारे नगर निगम की ओर से सीवरेज के काम के लिए खुदाई की गई है। सड़क किनारे खुले सीवरेज के ढक्कन और खुदाई के कारण स्कूटी का संतुलन बिगड़ा और वह बस से टकरा गई। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। मृतक की स्कूटी से मिले दस्तावेजों के आधार पर पुलिस ने उसकी पहचान अरुण कुमार के रूप में की है। दस्तावेजों में बस्ती शेख का पता दर्ज है। हालांकि, पुलिस ने अभी आधिकारिक तौर पर पहचान की पुष्टि नहीं की है। मृतक की उम्र करीब 35 से 40 साल बताई जा रही है। मृतक के पास मिले डिलीवरी बैग पर ‘ZEE’ लिखा हुआ है। वह जोमैटो के लिए भी डिलीवरी करता था। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस दस्तावेजों और अन्य तथ्यों के आधार पर मृतक की पहचान की पुष्टि करने के साथ हादसे की जांच कर रही है। (पढ़ें पूरी खबर) 6. CJP का प्रदर्शन, बोले- देश नेताओं का गुलाम हो गया स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। पार्टी ने आरोप लगाया कि देश अंग्रेजों से तो आजाद हो गया है, लेकिन अब नेताओं का गुलाम बन गया है। कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर लेकर प्रदर्शन किया और कहा कि मौजूदा पूंजीवादी व्यवस्था ने पूरे भारत को जकड़ लिया है। उनका तर्क था कि इस व्यवस्था के कारण गरीब और गरीब होता जा रहा है, जबकि अमीर और अमीर होता जा रहा है। पार्टी ने 'कोयला नगरी' का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां गरीबों के पास रहने के लिए जमीन का एक टुकड़ा नहीं होता, वहीं कोयला व्यापारियों के पास तीन-मंजिला घर होते हैं। उन्होंने नेताओं और बड़े व्यापारियों की आय की जांच न होने पर भी सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने हाल ही में हुए NEET पेपर लीक मामले को भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह केवल पेपर लीक नहीं था, बल्कि यह एक सुनियोजित भ्रष्टाचार था। पार्टी के अनुसार, कुछ प्रभावशाली लोग अपने बच्चों को पहले से ही पेपर सेट करवाकर आईएएस और आईपीएस बनवा रहे थे। (पढ़ें पूरी खबर) 7. महिला की चेन खींचने की कोशिश, स्नेचर को खंभे से बांधकर पीटा लुधियाना में महिला से चेन झपटने की कोशिश कर रहे बाइक सवार दो स्नैचरों में से एक को लोगों ने पकड़ लिया। महिला के शोर मचाने पर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और आरोपी को दबोचा। लोगों ने उसकी पिटाई की। आरोपी ने भागने की कोशिश की तो लोगों ने उसे खंभे से बांध दिया और पुलिस को सूचना दी। जानकारी के मुताबिक, आरोपी अपने साथी के साथ मुल्लांपुर से बाइक पर लुधियाना आया था। मॉडल टाउन इलाके में दोनों ने एक राहगीर महिला को निशाना बनाया। बाइक सवार आरोपी ने महिला के गले से सोने की चेन झपटने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सका। महिला ने तुरंत शोर मचा दिया, जिसके बाद आसपास के लोग मौके पर जुट गए। महिला की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और आरोपी को घेर लिया। इसी दौरान उसका साथी बाइक लेकर मौके से फरार हो गया। पकड़े जाने के बाद आरोपी ने लोगों के साथ हाथापाई की कोशिश की और मौके से भागने का प्रयास किया, लेकिन लोगों ने उसे पकड़ लिया। (पढ़ें पूरी खबर) 8. कारोबारी से ₹5 लाख की फिरौती मांगी, कहा- दुकान पर आकर गोली मारेंगे लुधियाना में एक स्क्रैप कारोबारी को गोली मारने की धमकी देकर 5 लाख रुपए की फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। कारोबारी की शिकायत पर थाना फोकल पॉइंट पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपी की पहचान राजिंदर कुमार निवासी राजीव गांधी कॉलोनी, फोकल पॉइंट (लुधियाना) के रूप में हुई है। राजीव गांधी कॉलोनी के रहने वाले शिकायतकर्ता विजय कुमार ने पुलिस को बताया कि 25 जुलाई 2026 को शाम करीब 7:46 बजे वह घर पर मौजूद था। इसी दौरान उसके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति ने दूसरे नंबर से मैसेज भेजकर जान से मारने की धमकी दी। शिकायत के मुताबिक, मैसेज में धमकी दी गई कि उसे उसकी स्क्रैप की दुकान पर ही गोली मार दी जाएगी। इसके बाद 11 अगस्त को शाम करीब 5:37 बजे और 13 अगस्त को रात करीब 9:04 बजे भी शिकायतकर्ता के मोबाइल पर एक अन्य नंबर से फोन आया। (पढ़ें पूरी खबर) 9. घर के बाहर फायरिंग, महिला की जांघ में गोली लगी तरनतारन के पंडोरी गोला गांव में शुक्रवार देर रात एक महिला को घर में गोली मार दी गई। मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात हमलावरों ने इस घटना को अंजाम दिया। गोली लगने से महिला घायल हो गई, जिसका इलाज अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, पंडोरी गोला के रहने वाले सुखदेव सिंह की पत्नी अमरजीत कौर अपने परिवार के साथ घर में सो रही थीं। देर रात जब वह अपने कमरे से बाथरूम जाने लगीं, तभी बाहर खड़े मोटरसाइकिल सवार दो लोगों ने गोलियां चला दीं। एक गोली दरवाजे से अंदर घुसकर उनकी जांघ में लगी, जबकि दूसरी गोली उनके सिर के ऊपर से निकल गई। गोली लगने के बाद अमरजीत कौर खून से लथपथ होकर गिर पड़ीं और मदद के लिए चिल्लाने लगीं। परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। सदर थाना तरनतारन के ड्यूटी ऑफिसर गुरविंदर सिंह देर रात घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। (पढ़ें पूरी खबर) खबर जरा हटके… 10. AAP विधायक और PCA चेयरमैन मंत्री के बगल में आने को लेकर उलझे बठिंडा में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक जगरूप सिंह गिल और पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (PCA) के चेयरमैन अमरजीत मेहता के बीच बहस हो गई। यह घटना 15 अगस्त को शहीद भगत सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम में तिरंगा फहराने के समय हुई। कार्यक्रम में पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां को राष्ट्रीय ध्वज फहराना था। स्टेडियम में कई गणमान्य व्यक्ति और मेहमान मौजूद थे। इसी दौरान विधायक गिल और चेयरमैन मेहता के बीच हुई बहस को कई कैमरों में कैद किया गया। घटना उस समय हुई जब कैबिनेट मंत्री मुंडियां विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धि हासिल करने वाले युवाओं को सम्मानित कर रहे थे। मंत्री के बाईं ओर खड़े विधायक जगरूप सिंह गिल और उनके साथ मौजूद अमरजीत मेहता के बीच आगे आने को लेकर बातचीत हो रही थी। मीडियाकर्मी जब तस्वीरें ले रहे थे, तब विधायक गिल ने चेयरमैन मेहता को पीछे धकेलने का प्रयास किया। मंत्री मुंडियां ने यह देखा। उसी दौरान, वहां मौजूद डीसी राजस्थिमन ने राष्ट्रगान शुरू होने की सूचना देते हुए सभी को ध्यान देने को कहा। मंत्री ने अमरजीत मेहता को अपनी दाईं ओर बुला लिया। (पढ़ें पूरी खबर) (कल शाम 6 बजे फिर होगी मुलाकात)
Dainik Bhaskar MP सरकार ने खाद की बिक्री पर लगाई रोक:स्टॉक मिलान के नाम पर फैसला; 82 लाख किसानों की बढ़ी टेंशन, कालाबाजारी का भी खतरा
मध्यप्रदेश में सरकार ने खाद की बिक्री पर रोक लगा दी है। 14 अगस्त शाम 7 बजे से आगामी आदेश तक खाद की बिक्री बंद रहेगी। इससे खरीफ सीजन में किसानों की परेशानी बढ़ गई है। प्रदेश के करीब 82 लाख किसान प्रभावित होंगे। इनमें सबसे ज्यादा धान उगाने वाले किसान टेंशन में हैं। कृषि विभाग के मुताबिक भारत सरकार के iFMS पोर्टल पर दर्ज स्टॉक और खाद विक्रेताओं के वास्तविक स्टॉक का मिलान किया जाएगा। रोक विपणन संघ, सहकारी समितियों, एमपी एग्रो और निजी खाद विक्रेताओं के केंद्रों पर लागू रहेगी। यह फैसला ई-टोकन व्यवस्था के विरोध में किसानों के आंदोलन के बाद आया है। किसान और किसान संगठनों को डर है कि खाद की बिक्री पर रोक से फसल को भारी नुकसान हो सकता है। बिक्री कब शुरू होगी और किसानों को खाद कहां से मिलेगी, सरकार ने कोई व्यवस्था नहीं की। कालाबाजारी का खतरा भी बढ़ सकता है। बता दें कि, खाद बिक्री पर रोक ऐसे समय लगी है, जब प्रदेश में किसान ई-टोकन व्यवस्था का विरोध कर चुके हैं। किसानों ने 28 और 29 जुलाई को नर्मदापुरम से पैदल भोपाल पहुंचकर दो दिन आंदोलन किया था। आगामी आदेश तक खाद की बिक्री बंद कृषि विकास विभाग के सचिव निशांत वरवड़े ने खाद बिक्री रोकने का आदेश जारी किया। इसके मुताबिक आगामी आदेश तक किसी भी प्रकार के अनुदानित खाद की बिक्री नहीं की जाएगी। विभाग ने सभी संबंधित संस्थाओं और बिक्री केंद्रों को आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल खाद बिक्री दोबारा शुरू करने की निश्चित तारीख नहीं बताई गई है। कलेक्टरों और अधिकारियों को जिम्मेदारी विभाग ने आदेश का पालन कराने की जिम्मेदारी कलेक्टरों और संबंधित विभागीय अधिकारियों को दी है। स्टॉक मिलान पूरा होने के बाद खाद बिक्री पर अगला निर्णय लिया जाएगा। सरकार ने यह नहीं बताया है कि मिलान प्रक्रिया कितने समय में पूरी होगी। इन केंद्रों पर भी नहीं बिकेगा खाद बिक्री रोकने के निर्देश प्रदेश के खाद वितरण से जुड़े सभी प्रमुख केंद्रों पर लागू होंगे। इनमें विपणन संघ, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियां, एमपी एग्रो और निजी उर्वरक विक्रेताओं के बिक्री केंद्र शामिल हैं। आदेश में कहा गया है कि बिक्री बंद रहने की अवधि में किसी भी बिक्री केंद्र से किसी भी प्रकार का खाद नहीं बेचा जाएगा। हालांकि, आदेश में विशेष रूप से अनुदानित खाद की बिक्री नहीं करने की बात भी कही गई है। iFMS और वास्तविक स्टॉक का होगा मिलान सरकार ने खाद बिक्री रोकने के पीछे भारत सरकार के iFMS पोर्टल पर दर्ज उर्वरक स्टॉक और प्रदेश के खाद विक्रेताओं के वास्तविक भौतिक स्टॉक का Reconciliation यानी मिलान बताया है। विभाग का उद्देश्य सरकारी पोर्टल पर दर्ज स्टॉक और विक्रेताओं के पास उपलब्ध खाद के बीच अंतर दूर करना है। इसके बाद ही खाद की बिक्री पर आगे निर्णय लिया जाएगा। स्टॉक में कितना अंतर, अभी स्पष्ट नहीं सरकार ने स्टॉक मिलान की वजह बताई है, लेकिन उपलब्ध जानकारी में iFMS और वास्तविक स्टॉक में कितना अंतर है, यह स्पष्ट नहीं है। यह भी सामने नहीं आया कि अंतर किस वजह से हुआ। स्टॉक मिलान के बाद ही स्पष्ट होगा कि रिकॉर्ड और जमीन पर उपलब्ध खाद की मात्रा में कितना अंतर है और इसके लिए किसी की जिम्मेदारी तय होती है या नहीं। खरीफ सीजन में किसानों की परेशानी बढ़ने की आशंका प्रदेश में खरीफ सीजन की फसलों की बोनी हो चुकी है। धान और अन्य फसलों के बढ़ने के साथ किसानों को यूरिया समेत अन्य खादों की जरूरत होगी। बिक्री बंद रहने की अवधि बढ़ती है तो किसानों के सामने खाद उपलब्ध कराने की चुनौती बढ़ सकती है। खासकर उन किसानों को परेशानी हो सकती है, जिन्हें फसल के मौजूदा चरण में खाद की जरूरत है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह आंकड़ा नहीं है कि फिलहाल कितने किसानों को तत्काल खाद चाहिए या किसानों के पास कितने दिनों का खाद स्टॉक उपलब्ध है। कालाबाजारी का खतरा भी बिक्री बंद रहने के दौरान खाद की उपलब्धता को लेकर किसानों की परेशानी बढ़ने पर कालाबाजारी की आशंका पैदा हो सकती है। अधिकृत बिक्री केंद्रों से खाद उपलब्ध नहीं होने पर किसान निजी बाजार पर निर्भर हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में महंगे दाम पर खाद बेचने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, फिलहाल प्रदेश में खाद की कालाबाजारी शुरू होने की कोई जानकारी नहीं है। इसलिए इसे संभावित खतरे के रूप में ही देखा जाना चाहिए। ई-टोकन के खिलाफ भोपाल में किसानों ने किया था आंदोलन खाद बिक्री पर रोक ऐसे समय लगी है, जब प्रदेश में किसान पहले ही ई-टोकन व्यवस्था का विरोध कर चुके हैं। किसानों ने 28 और 29 जुलाई को नर्मदापुरम से पैदल भोपाल पहुंचकर दो दिन आंदोलन किया था। आंदोलन के दौरान राजधानी में भारी जाम और अव्यवस्था की स्थिति बनी थी। किसानों की मांगों में खाद वितरण की ऑनलाइन ई-टोकन व्यवस्था का विरोध भी शामिल था। किसानों का आरोप था कि ऑनलाइन व्यवस्था में समय पर टोकन नहीं मिलता। कई बार दूर-दराज के केंद्र आवंटित होने से भी खाद लेने में परेशानी होती है। ई-टोकन व्यवस्था के विरोध में किसानों ने प्रदर्शन, हंगामा और चक्काजाम किया था। विरोध प्रदर्शनों के बाद सरकार ने इस व्यवस्था में बदलाव या इसे स्थगित करने का निर्णय लिया है। ……………………………….. यह खबर भी पढ़ें MP सरकार 60% मूंग खरीदेगी, खाद की ई-टोकन व्यवस्था रोकी मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने घोषणा की कि सरकार 60% तक मूंग खरीदेगी। नर्मदापुरम, सीहोर और हरदा समेत जिलों में करीब 3 क्विंटल प्रति एकड़ मूंग खरीदी जाएगी। पढ़ें पूरी खबर…
Dainik Bhaskar CJI बोले-80 साल में देश ने कई चुनौतियां पार कीं:अभी बहुत काम बाकी; युवा भविष्य की जिम्मेदारी संभालें
CJI सूर्यकांत ने कहा कि देश ने पिछले 8 दशक में कई कठिन चुनौतियों को पार किया है, लेकिन अभी बहुत काम बाकी है। यंग लॉ ग्रेजुएट्स और वकीलों को भविष्य की जिम्मेदारियां संभालने के लिए तैयार रहना चाहिए। CJI सुप्रीम कोर्ट कैम्पस में स्वतंत्रता दिवस पर झंडा फहराने के बाद स्पीच दे रहे थे। आयोजन सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने किया था। CJI ने कहा, “देश की यात्रा उसकी उपलब्धियों के साथ खत्म नहीं होती। हर उपलब्धि अपने साथ जिम्मेदारी और कर्तव्य का नया एहसास लाती है। अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है और आगे के सफर में कई मील तय करने हैं।” CJI की अपील- युवा वकील जिम्मेदारी संभालें युवा वकीलों को संबोधित करते हुए CJI सूर्यकांत ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के समय से बार ने जो जिम्मेदारी संभाली है, वह जल्द ही उनके कंधों पर होगी। सीजेआई ने कहा, “बार और बेंच आपके विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम आपको मार्गदर्शन देंगे, आपके लिए सार्थक अवसर बनाएंगे और आप पर भरोसा रखेंगे। आगे के मील आपको तय करने हैं और हम आपके साथ चलेंगे।” CJI सूर्यकांत के भाषण की 6 बड़ी बातें… कानून का स्वतंत्रता संग्राम से गहरा रिश्ता सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम का कानून से गहरा और स्थायी संबंध था। उस पीढ़ी के कई बेहतरीन कानूनी दिमागों की सोच और काम से यह समझ बनी कि कानून का मकसद केवल आदेश देना या नियंत्रण रखना नहीं है। उन्होंने कहा कि कानून का असली उद्देश्य न्याय करना, आजादी की रक्षा करना और इंसानी गरिमा बनाए रखना है। सीजेआई ने कहा कि महात्मा गांधी और बीआर आंबेडकर आधुनिक भारत के दो महान निर्माताओं में शामिल थे। सरदार वल्लभभाई पटेल, मोतीलाल नेहरू, बाल गंगाधर तिलक और लाला लाजपत राय भी वकील थे। उन्होंने कहा कि इससे साफ होता है कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में कानूनी पेशा केवल दर्शक नहीं था, बल्कि उसका अभिन्न हिस्सा था। अदालतें लोगों के अधिकारों की आवाज बनीं सीजेआई ने कहा कि भारत का स्वतंत्रता संघर्ष दूसरे उपनिवेशों में हुए आंदोलनों से अलग था। यह मुख्य रूप से हथियारबंद विद्रोह नहीं था, बल्कि राजनीतिक आंदोलनों, याचिकाओं, सार्वजनिक बहसों और सबसे महत्वपूर्ण रूप से कानून की भाषा के जरिए ब्रिटिश शासन की वैधता को चुनौती देने का लगातार प्रयास था। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में अक्सर अंग्रेजों के सामने एक सरल लेकिन कठिन सवाल रखा गया था—अगर आप कानून के जरिए शासन करने का दावा करते हैं, तो क्या वही कानून उन लोगों की आजादी, समानता और गरिमा छीन सकता है, जिन पर आप शासन कर रहे हैं? सीजेआई ने कहा कि यह सीख आज भी व्यवहार में कायम है। अदालतों में अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोग अपने संवैधानिक अधिकारों की बात रखने, मनमानी कार्रवाई को चुनौती देने और कानून के तहत समान व्यवहार की मांग करने आते हैं। उन्होंने कहा कि अदालतें मुकदमा लड़ने वालों और बार के सदस्यों, दोनों के लिए एकजुट करने वाली जगह बनी हुई हैं। कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंह और बार संगठन के अन्य सदस्यों ने भी बात रखी।
Dainik Bhaskar CJI बोले-80 साल में देश ने कई चुनौतियां पार कीं:अभी बहुत काम बाकी; युवा भविष्य की जिम्मेदारी संभालें
CJI सूर्यकांत ने कहा कि देश ने पिछले 8 दशक में कई कठिन चुनौतियों को पार किया है, लेकिन अभी बहुत काम बाकी है। यंग लॉ ग्रेजुएट्स और वकीलों को भविष्य की जिम्मेदारियां संभालने के लिए तैयार रहना चाहिए। CJI सुप्रीम कोर्ट कैम्पस में स्वतंत्रता दिवस पर झंडा फहराने के बाद स्पीच दे रहे थे। आयोजन सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने किया था। CJI ने कहा, “देश की यात्रा उसकी उपलब्धियों के साथ खत्म नहीं होती। हर उपलब्धि अपने साथ जिम्मेदारी और कर्तव्य का नया एहसास लाती है। अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है और आगे के सफर में कई मील तय करने हैं।” CJI की अपील- युवा वकील जिम्मेदारी संभालें युवा वकीलों को संबोधित करते हुए CJI सूर्यकांत ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के समय से बार ने जो जिम्मेदारी संभाली है, वह जल्द ही उनके कंधों पर होगी। सीजेआई ने कहा, “बार और बेंच आपके विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम आपको मार्गदर्शन देंगे, आपके लिए सार्थक अवसर बनाएंगे और आप पर भरोसा रखेंगे। आगे के मील आपको तय करने हैं और हम आपके साथ चलेंगे।” CJI सूर्यकांत के भाषण की 6 बड़ी बातें… कानून का स्वतंत्रता संग्राम से गहरा रिश्ता CJI सूर्यकांत ने बताया कि आजादी की लड़ाई का कानून से गहरा संबंध था। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में कानूनी पेशा केवल दर्शक नहीं था, बल्कि उसका अभिन्न हिस्सा था। उस पीढ़ी के कई बेहतरीन कानूनी दिमागों की सोच और काम से यह समझ बनी कि कानून का मकसद केवल आदेश देना या नियंत्रण रखना नहीं, बल्कि न्याय करना, आजादी की रक्षा करना और मानव गरिमा बनाए रखना है। जस्टिस सूर्यकांत ने बताया कि आजादी की लड़ाई में शामिल हस्तियों में से महात्मा गांधी, बीआर अंबेडकर, सरदार वल्लभभाई पटेल, मोतीलाल नेहरू, बाल गंगाधर तिलक और लाला लाजपत राय भी वकील थे। अदालतें लोगों के अधिकारों की आवाज बनीं सीजेआई ने कहा कि भारत का स्वतंत्रता संघर्ष दूसरे उपनिवेशों में हुए आंदोलनों से अलग था। यह मुख्य रूप से हथियारबंद विद्रोह नहीं था, बल्कि राजनीतिक आंदोलनों, याचिकाओं, सार्वजनिक बहसों और सबसे महत्वपूर्ण रूप से कानून की भाषा के जरिए ब्रिटिश शासन की वैधता को चुनौती देने का लगातार प्रयास था। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में अक्सर अंग्रेजों के सामने एक सरल लेकिन कठिन सवाल रखा गया था- अगर आप कानून के जरिए शासन करने का दावा करते हैं, तो क्या वही कानून उन लोगों की आजादी, समानता और गरिमा छीन सकता है, जिन पर आप शासन कर रहे हैं? सीजेआई ने कहा कि यह सीख आज भी व्यवहार में कायम है। अदालतों में अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोग अपने संवैधानिक अधिकारों की बात रखने, मनमानी कार्रवाई को चुनौती देने और कानून के तहत समान व्यवहार की मांग करने आते हैं। उन्होंने कहा कि अदालतें मुकदमा लड़ने वालों और बार के सदस्यों, दोनों के लिए एकजुट करने वाली जगह बनी हुई हैं। ---------------------------------- CJI सूर्यकांत से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… CJI बोले-छात्र गलत हों, तब भी उन्हें विरोध का अधिकार: हैदराबाद यूनिवर्सिटी में विरोध करने वाले छात्रों का पंजीयन रोकने पर बार काउंसिल को फटकार सुप्रीम कोर्ट ने हैदराबाद की लॉ यूनिवर्सिटी, NALSAR से जुड़े विवाद पर काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) को फटकार लगाई। CJI सूर्यकांत ने कहा कि भले ही छात्रों का फैसला गलत हो या उन्हें किसी ने गलत सलाह दी हो, फिर भी उन्हें अपनी बात रखने और विरोध करने का अधिकार है। पढ़ें पूरी खबर… कॉकरोच विवाद, CJI बोले- मेरी टिप्पणी का गलत इस्तेमाल हुआ: युवाओं को भटकाने की कोशिश, अदालती कार्यवाही की क्लिप वायरल करने पर चिंता जताई कॉकरोच विवाद पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत ने कहा, ‘मेरी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया गया। देश के युवाओं को भटकाने के लिए इसका इस्तेमाल किया गया।’ उन्होंने कहा, ‘अदालती कार्यवाही का क्लिप वायरल किया गया। जो बात कही ही नहीं गई, उसे गलत तरीके से पेश किया जाता है।' CJI का बयान ऐसे समय आया जब कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन खत्म हो गया है और वह जंतर-मंतर 2.0 शुरू करने की योजना बना रही है। पढ़ें पूरी खबर…
Dainik Bhaskar बेंगलुरु से आतंकी लिंक मामले में युवक पकड़ा गया:अफगानिस्तान जाने की तैयारी कर रहा था; भारत और पाकिस्तान पर हमले की साजिश का आरोप
बेंगलुरु पुलिस ने पश्चिम बंगाल के 25 साल के आसफूल मलिक को हिरासत में लिया है। उस पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के एक सदस्य के साथ मिलकर भारत और पाकिस्तान में हमलों की साजिश रचने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, मलिक TTP में शामिल होकर पाकिस्तान की सेना के खिलाफ हमले करना चाहता था। उसे बेंगलुरु के जिगनी इलाके में संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों और आतंकी संगठनों से कथित संपर्क के चलते पकड़ा गया। फेसबुक पर अफगानिस्तान के व्यक्ति से संपर्क पुलिस का दावा है कि मलिक ने पहले फेसबुक पर अफगानिस्तान के इमरान हैदर नाम के व्यक्ति से संपर्क बनाया था। इमरान हैदर के TTP से जुड़े होने की आशंका है। मलिक ने इमरान हैदर से अफगानिस्तान जाने में मदद मांगी थी और इसके लिए वीजा भी अप्लाई किया था। हालांकि, मलिक ने बाद में पैसे की दिक्कत की वजह से इमरान से संपर्क तोड़ दिया था। मोबाइल फोन जांच में उसके और इमरान हैदर के बीच हुई चैट, कई वॉयस कॉल और ऑडियो बातचीत के रिकॉर्ड मिले हैं। पाकिस्तान में मुसलमानों पर हो रहे अत्याचारों को लेकर गुस्से में था पुलिस ने बताया कि बोम्मसंद्रा इंडस्ट्रियल एरिया में गश्त के दौरान उन्हें पश्चिम बंगाल के रहने वाले एक व्यक्ति की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने मलिक से पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में मलिक ने बताया कि वह पाकिस्तान में मुसलमानों के साथ हो रहे अत्याचारों को लेकर गुस्से में था। उसका मानना था कि पाकिस्तानी सेना मस्जिदों और आम लोगों पर हमले कर रही है। मलिक ने इजराइल-फिलिस्तीन विवाद पर पाकिस्तान के रुख को लेकर भी नाराजगी जताई थी। पुलिस का कहना है कि उसे भारत में मुसलमानों को परेशानी होने पर जवाबी कार्रवाई करने के लिए उकसाया जा रहा था।
Dainik Bhaskar राहुल-खड़गे लगातार दूसरे साल लालकिले समारोह में नहीं पहुंचे:2024 में 5वीं लाइन में बैठाने पर विवाद हुआ था: भाजपा बोली- राहुल की सोच दिमागी नक्सल जैसी
दिल्ली में लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में लगातार दूसरे साल राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल नहीं हुए। इस पर भाजपा ने कहा कि राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष बनने के योग्य नहीं हैं। राहुल गांधी की सोच ‘दिमागी नक्सल’ इकोसिस्टम जैसी है। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने X पर लिखा- राहुल लाल किले पर मौजूद रहने से बचते हैं। क्या कोई देशभक्त नेता प्रतिपक्ष या सार्वजनिक पद पर बैठा व्यक्ति जानबूझकर ऐसा कर सकता है? राहुल गांधी का समारोह में नहीं आने का फैसला वंदे मातरम के प्रति उनकी नफरत दिखाता है। रक्षा मंत्रालय ने राहुल और खड़गे को स्वतंत्रता दिवस समारोह का औपचारिक निमंत्रण भेजा था। हालांकि, दोनों कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। इसके पीछे 2024 का विवाद बताया जा रहा है। उस समय राहुल गांधी ने समारोह में अपनी सीटिंग व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई थी। 2024 में पीछे की लाइन में बैठाने पर हुआ था विवाद 2024 में राहुल गांधी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष बने थे। इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह में उन्हें लाल किले पर 5वीं पंक्ति में बैठाया गया था। कांग्रेस ने इस व्यवस्था की कड़ी आलोचना की थी और आरोप लगाया था कि सरकार ने राहुल को पीछे की सीट देकर नेता प्रतिपक्ष के पद का अपमान किया है। खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है।
Dainik Bhaskar भागवत बोले- युवाओं को दिशा मिले तो देश को फायदा:अगर ऐसा नहीं हुआ तो भविष्य में समाज पर बोझ बढ़ सकता है
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को नागपुर में कहा कि युवा देश के लिए ‘डेमोग्राफिक डिविडेंड' हैं। अगर उन्हें सही दिशा दी जाए तो देश को बहुत फायदा होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ तो भविष्य में समाज पर बोझ बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि 30 साल बाद युवा भी बुजुर्ग हो जाएंगे, इसलिए उन्हें केवल अपने बारे में नहीं सोचना चाहिए। भागवत ने युवाओं से भविष्य की पीढ़ियों की जरूरतों का भी ध्यान रखने को कहा। उन्होंने कहा कि भारत को अपनी परिस्थितियों के हिसाब से विकास और प्रगति के मानक खुद तय करने चाहिए। डेमोग्राफिक डिविडेंड यानी जनसंख्या लाभांश तब होता है, जब किसी देश में काम करने की उम्र वाले लोगों (15-64 साल) की संख्या बच्चों और बुजुर्गों से ज्यादा हो। इससे देश के पास काम करने वाली बड़ी आबादी होती है, जो आर्थिक विकास में मदद कर सकती है। भागवत की स्पीच, 6 बड़ी बातें; कहा- भारत के मानक ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड से अलग भारत के मानक दूसरे देशों से अलग: भागवत ने कहा कि युवाओं को पहले समझना होगा कि भारत अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, चीन और न्यूजीलैंड जैसे देशों से अलग है। उसे विकास और प्रगति के लिए अपने मानक बनाने चाहिए। दुनिया अधूरी सोच के कारण लड़खड़ा रही है: भारत का हिस्सा होने के नाते हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपनी सोच से दुनिया को भविष्य की राह दिखाएं और उसमें संतुलन लाएं। हमें इसके लिए तैयारी करनी होगी। अपनी जरूरतों के हिसाब से विकास हो: भारत की अपनी गरिमा, सम्मान और सर्वोच्च प्रतिष्ठा है। देश किस तरह का विकास चाहता है और प्रगति का उसका मानक क्या होगा, इस पर भारत को खुद विचार करना चाहिए। भारत की सोच सिर्फ पैसा कमाने तक सीमित नहीं: दुनिया का बड़ा हिस्सा भौतिक चीजों के नजरिए से सोचता है, जबकि भारत की सोच केवल पैसा कमाने तक सीमित नहीं है। युवाओं से कारोबार शुरू करने की अपील: युवाओं को मुश्किलों का हिम्मत से सामना करना होगा और सफलता के लिए काम करना होगा। आबादी के हिसाब से भारत को अलग सोचना होगा: कम आबादी, बड़े भौगोलिक इलाके या ज्यादा संसाधनों वाले देशों के लिए केवल रोजगार के बारे में सोचना पर्याप्त हो सकता है। लेकिन भारत जैसे देश की आबादी बहुत ज्यादा है और उसका भौगोलिक इलाका कनाडा, अमेरिका और चीन से छोटा है। इसलिए अपनी समस्याओं के लिए हमें पूरी तरह अलग सोच की जरूरत है। इसके लिए हमें ठीक से अध्ययन करना होगा। ---------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… भागवत बोले- जेन-जी हमारी पीढ़ी से ज्यादा ईमानदार और देशभक्त: हमें उनकी बात समझनी चाहिए संघ प्रमुख मोहन भागवत ने करीब 9 दिन पहले मुंबई में Gen-Z और Gen-अल्फा से 1 घंटे तक संवाद किया था। उन्होंने कहा कि जेन-जी और जेन-अल्फा, पुरानी पीढ़ी से भी ज्यादा देशभक्त और ईमानदार है। हमें उनकी बात सुननी चाहिए। उनसे बातचीत में कमी थी, इसीलिए दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन हुआ। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar पीएम ने जमीन से उठाकर बच्ची को टोपी पहनाई:पैर छूते समय गिरी सिर से टोपी
भाषण के बाद पीएम मोदी लाल किले में कार्यक्रम में आए बच्चों से मिल रहे थे। उन्हें अपने बीच देखकर बच्चे काफी खुश नजर आ रहे थे। इसी दौरान पैर छूने के लिए एक बच्ची झुकी तो उसकी टोपी गिर गई, प्रधानमंत्री ने जमीन पर गिरी टोपी उठाकर दोबारा बच्ची के सिर पर रखी। खबर का वीडियो देखने के लिए कवर इमेज पर क्लिक करें…
Dainik Bhaskar पीएम मोदी ने 13वीं बार लाल किले पर तिरंगा फहराया:गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया; 21 तोपों की सलामी भी मिली
पीएम ने 13वीं बार तिरंगा फहराया। उसके बाद राष्ट्रगान हुआ, 21 तोपों की सलामी दी गई। इससे पहली पीएम को गॉर्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। खबर का वीडियो देखने के लिए कवर इमेज पर क्लिक करें…
Dainik Bhaskar चमोली टनल हादसा-8वां शव मिला, 2 मजदूर अब भी लापता:7 पंप मशीनों से निकाला जा रहा पानी, दल-दल रोक रहा रेस्क्यू टीम का रास्ता
चमोली की विष्णुगाड़-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की टनल में हादसे के करीब 42 घंटे बाद 8वां शव बरामद हुआ है। सचिव आपदा प्रबंधन विभाग विनोद कुमार सुमन ने इसकी पुष्टि की है। 13 अगस्त की शाम अचानक पानी और मलबा आने से टनल में 22 मजदूर फंस गए थे। इनमें से 12 को सुरक्षित बाहर निकाला गया, 8 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 2 मजदूर अब भी लापता हैं। देश आज 15 अगस्त को आजादी का जश्न मना रहा है, लेकिन चमोली की इस टनल के बाहर उन दो मजदूरों के परिवार अपनों के लौटने का इंतजार कर रहे हैं। अंदर रेस्क्यू टीमें लगातार काम कर रही हैं। सबसे बड़ी मुश्किल पानी है, जो टनल में लगातार रिस रहा है। पंपों से पानी बाहर निकाला जा रहा है, लेकिन उसके साथ आया मलबा अब दलदल बन चुका है। यानी रेस्क्यू टीमों के सामने सिर्फ पानी निकालने की चुनौती नहीं है। पहले पानी कम करना है, फिर मलबे के बीच रास्ता बनाना है और उसके बाद दो लापता मजदूरों की तलाश करनी है। सवाल यह भी है कि अचानक इतना पानी और मलबा टनल में आया कहां से और अंदर इस वक्त हालात क्या हैं? समझिए टनल के अंदर चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन की पूरी स्थिति। सबसे पहले समझिए, अंदर रेस्क्यू कैसे चल रहा है? टनल के अंदर सबसे पहले पानी का स्तर कम करने की कोशिश हो रही है। इसके लिए 7 डिवाटरिंग पंप लगातार चलाए जा रहे हैं। लेकिन पानी का रिसाव पूरी तरह रुक नहीं रहा। यानी पंप जितनी तेजी से पानी निकाल रहे हैं, टनल के भीतर फिर पानी पहुंच रहा है। पानी कम होने के बाद भी रास्ता साफ नहीं होगा। पानी के साथ आया मलबा नीचे जमा है और कई जगह दलदल जैसा हो गया है। इसलिए रेस्क्यू टीम को पानी निकालना, मलबा हटाना और सुरक्षित रास्ता बनाना- तीनों काम साथ करने पड़ रहे हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन में THDC, HCC, NDRF, SDRF, CISF और जिला प्रशासन की टीमें लगी हैं। टीमें दो शिफ्टों में काम कर रही हैं और ये रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। पानी और मलबा आया कहां से, अभी साफ नहीं THDC के मुताबिक 1440 मीटर चेनज पर अचानक तेज आवाज के साथ बड़ी मात्रा में पानी और मलबा टनल में आया। लेकिन पानी का स्रोत क्या था, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है। कुछ सूत्रों के मुताबिक टनल से करीब 1500 मीटर अंदर पहले भी धंसाव हुआ था। हालांकि इसका 13 अगस्त के हादसे से सीधा संबंध है या नहीं, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। हादसे के कारणों की विस्तृत जांच बाद में होगी। फिलहाल रेस्क्यू टीमों का पूरा ध्यान तीन लापता मजदूरों तक पहुंचने पर है। जिस पहाड़ में टनल बनी, उसकी चट्टानें भी समझिए विष्णुगाड़-पीपलकोटी परियोजना की टनल पहाड़ के अंदर बनाई गई है। यहां मौजूद ग्रेनाइट एक कठोर क्रिस्टलाइन चट्टान है। ऐसी चट्टानों के अंदर पानी आम तौर पर चट्टान के कणों के बीच से आसानी से नहीं बहता, क्योंकि उनके बीच के खाली स्थान बहुत छोटे और आपस में जुड़े नहीं होते। लेकिन चट्टान में मौजूद प्राकृतिक दरारें, फ्रैक्चर और जॉइंट पानी के लिए रास्ता बना सकते हैं। यानी पहाड़ ऊपर से कितना भी ठोस दिखाई दे, उसके अंदर की दरारों में पानी जमा हो सकता है और इन्हीं रास्तों से पानी टनल तक पहुंच सकता है। USGS के अध्ययनों में भी ग्रेनाइट और दूसरी क्रिस्टलाइन चट्टानों में पानी के प्रवाह को फ्रैक्चर और जॉइंट से जुड़ा पाया गया है। दलदल में तलाश क्यों मुश्किल? रेस्क्यू टीम के लिए पानी निकालना सिर्फ पहला चरण है। पानी कम होने के बाद भी मलबा रास्ता रोक रहा है। पानी और मिट्टी-मलबे के मिश्रण से कई हिस्से दलदल जैसे हो गए हैं। ऐसे में बचावकर्मी सामान्य तरीके से आगे नहीं बढ़ सकते। उन्हें हर कदम देखकर रखना पड़ रहा है, क्योंकि मलबे के नीचे की स्थिति साफ नहीं है। ऊपर से लगातार पानी आने की स्थिति भी बनी हुई है। सामने आए रेस्क्यू वीडियो में बचावकर्मी टनल के अंदर नीले ड्रम के सहारे टॉर्च की रोशनी में तलाश करते नजर आ रहे हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अंदर सामान्य तरीके से चलकर सर्च करना कितना मुश्किल है। ---------------- ये खबर भी पढ़ें… CM धामी बोले- उत्तराखंड देवभूमि के साथ वीरभूमि:देहरादून में फहराया तिरंगा, धोती-कुर्ते में नजर आए; पुलिस अधिकारी-कर्मचारी मेडल से सम्मानित उत्तराखंड में आज 80वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया जा रहा है। देहरादून के परेड ग्राउंड में राज्यस्तरीय मुख्य समारोह आयोजित हुआ। यहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ध्वजारोहण कर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड देवभूमि के साथ वीरभूमि भी है और सरकार सैनिकों व उनके परिवारों के लिए पूरी निष्ठा से काम कर रही है। (पढ़ें पूरी खबर)
Dainik Bhaskar कौमी इंसाफ मोर्चा का चंडीगढ़ कूच:कोई तय रूट नहीं, मोहाली से घुसेंगे, गवर्नर हाउस के करीब पहुंचे सिमरनजीत मान हिरासत में लिए
बंदी सिखों की रिहाई और जगतार सिंह हवारा की पैरोल की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा पंजाब के गवर्नर हाउस की ओर कूच कर रहा है। मोर्चे के सदस्य मोहाली के YPS चौक से चंडीगढ़ की ओर जाने वाले रास्ते पर जुट रहे हैं। हालांकि इनका अभी कोई रुट तय नहीं है कि किस रास्ते से चंडीगढ़ जाएंगे। अमृतसर के शिअद अध्यक्ष सिमरनजीत मान को चंडीगढ़ पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। वह गवर्नर हाउस के नजदीक पहुंच गए थे। 29 जुलाई को चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर वारिस पंजाब दे के पद्रर्शन में हुए बवाल के बाद पुलिस इस बार ज्यादा सर्तक है। मोहाली से चंडीगढ़ जाने वाले ज्यादातर रास्तों पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी है, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। समर्थकों के चंडीगढ़ की ओर बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। उधर, रोष मार्च से ठीक पहले जेल में बंद पूर्व सीएम बेअंत सिंह के हत्याकांड में दोषी जगतार सिंह हवारा का एक वीडियो भी सामने आया था। जिसमें हवारा ने अपील करते हुए कहा था- 15 अगस्त का कार्यक्रम शांतिपूर्ण रखें, शरारती तत्वों से सावधान रहें और युवा वालंटियर बनकर व्यवस्था संभालें। प्रदर्शन से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….
Dainik Bhaskar लाल किले पर पहली बार वंदे मातरम गाया गया:फूलों की बारिश हुई; सेना के बैंड ने धुन बजाई
80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले पर पहली बार वंदे मातरम गाया गया। सेना के बैंड ने 'वंदे मातरम' की धुन बजाई और भारतीय वायु सेना के दो Mi-17 हेलीकॉप्टरों ने समारोह स्थल पर फूलों की बारिश की। इनमें से एक हेलीकॉप्टर पर राष्ट्रध्वज तिरंगा और दूसरे पर 'वंदे मातरम' का प्रतीक ध्वज लगा हुआ था। खबर का वीडियो देखने के लिए कवर इमेज पर क्लिक करें…
Dainik Bhaskar आजादी के वक्त बदबूदार मोहल्ले में सो रहे थे गांधी:भाषण से पहले नेहरू रोने क्यों लगे; दिग्गज नेताओं का पहला इंडिपेंडेंस डे कैसे बीता
14 अगस्त 1947 की शाम। लुटियंस की नई दिल्ली में यॉर्क रोड के बंगला नंबर 17 पर भीड़ जुट रही थी। यह जवाहरलाल नेहरू का आवास था, जो कुछ ही घंटों में आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री बनने वाले थे। संन्यासियों ने उन्हें पीतांबर पहनाया, माथे पर राख-तिलक लगाया। माथे की राख पोंछते ही नेहरू रात के भाषण की तैयारी में जुट गए। तभी फोन की घंटी बजी। लाहौर से एक ट्रंक कॉल थी। बात खत्म होते ही नेहरू का चेहरा उतर गया। मुंह से एक शब्द नहीं निकला। रिसीवर रखते ही उन्होंने दोनों हाथ चेहरे पर रख लिए। हाथ हटे तो आंखों में आंसू थे। चर्चित किताब ‘फ्रीडम एट मिडनाइट’ में लैरी कॉलिन्स और डोमिनिक लैपियर लिखते हैं कि उस वक्त नेहरू की बेटी इंदिरा गांधी पास ही थीं। पूछने पर नेहरू ने बताया- लाहौर में हिंदू-सिख इलाकों की पानी सप्लाई काट दी है, बच्चे प्यास से तड़प रहे हैं, पानी लेने जो निकल रहा है, उसे मार दिया जा रहा है, शहर जल रहा है। रुंधे गले से नेहरू बोले- मैं अब देश को कैसे संबोधित करूंगा? मेरे दिल का टुकड़ा लाहौर जल रहा है। इंदिरा ने पिता को दिलासा दिया। नेहरू ने खुद को संभाला और ठीक रात 11:55 बजे संसद के सेंट्रल हॉल पहुंच गए। सूती बंडी के काज में गुलाब खोंसे नेहरू ने ऐतिहासिक भाषण दिया- Tryst with Destiny। जैसे ही घड़ी की सुई 12 पर पहुंची, शंखनाद गूंजा। हजारों की भीड़ ने संसद भवन घेर रखा था, मूसलाधार बारिश हो रही थी और उसी बारिश में गूंज उठे नारे- 'महात्मा गांधी की जय।' लेकिन जिस शख्स के नाम की जय-जयकार दिल्ली में गूंज रही थी, वह उस वक्त दिल्ली से सैकड़ों किलोमीटर दूर, कलकत्ता के बदबूदार मोहल्ले की एक जर्जर इमारत के अंधेरे बंद कमरे में सोया हुआ था। भारत की आजादी से 33 घंटे पहले, यानी 13 अगस्त 1947 की दोपहर करीब 3 बजे। कलकत्ता की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती की तंग गलियों में एक पुरानी खस्ता हाल शेवरले कार धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थी। अंदर बैठे थे 77 साल के मोहनदास करमचंद गांधी। 4 लाख से ज्यादा लोगों की इस बस्ती में गंदगी और बदबू का कोई हिसाब नहीं था। कार जैसे ही मुहल्ले में पहुंची, गुस्साई भीड़ ने पत्थर और बोतलें बरसानी शुरू कर दीं। भीड़ में सिर्फ हिंदू थे। कार का दरवाजा खुला। गांधी उतरे, एक हाथ से शाल संभाले, दूसरा हाथ शांति की मुद्रा में उठाए। भीड़ से कोई चिल्लाकर बोला- ‘एक साल पहले नोआखाली में मुसलमानों ने कत्ल-ए-आम किया, बहू-बेटियों का बलात्कार किया, तब आप कहां थे?’ गांधी सीधे भीड़ के बीच चले गए। बोले, ‘आप मुझे मारना चाहते हैं? ठीक है, मैं सामने हूं। मारिए।’ गांधी ने आगे कहा- नोआखाली में अब एक भी हिंदू नहीं मारा जाएगा, इसका वचन खुद मुस्लिम लीग नेता हुसैन शहीद सुहरावर्दी ने दिया है। अगर फिर भी किसी हिंदू की जान गई, तो वे अपनी जान दे देंगे। भीड़ पल भर में शांत पड़ गई। गांधी उसी मोहल्ले के एक जर्जर मकान 'हैदरी मंजिल' में ठहर गए। कभी किसी अमीर मुसलमान का घर, अब चूहों-कॉकरोचों का बसेरा था, जिसे उनके आने से पहले साफ करवाया गया था। यहीं से गांधी कलकत्ता के मुसलमानों और नोआखाली के हिंदुओं, दोनों को बचाने की कोशिश में जुट गए। अगले दिन, यानी 14 अगस्त की प्रार्थना सभा में करीब 10 हजार लोग जुटे। गांधी ने कहा, ‘कल हम आजाद हो जाएंगे, लेकिन आज आधी रात को देश के टुकड़े भी होंगे। कल खुशी का दिन होगा, उतना ही दुख का भी। यह आजादी हमें एक बड़ी जिम्मेदारी सौंप रही है। अपना विवेक और भाईचारा मत छोड़िए। कलकत्ता में अगर यह बच गया, तो समझिए पूरे देश में बच गया।’ रात 12 बजे, जब नेहरू भारत की आजादी का ऐतिहासिक भाषण दे रहे थे, हैदरी मंजिल में न बल्ब जला, न लालटेन, न मोमबत्ती। सिर्फ अंधेरा और सन्नाटा। गांधी उस दिन थोड़ा जल्दी सोने चले गए थे। 15 अगस्त को गांधी की प्रार्थना सभा में 30 हजार से ज्यादा लोग पहुंचे। गांधी ने पूरा दिन उपवास, गीतापाठ और चरखे में बिताया। न झंडा फहराया, न कोई राजनीतिक भाषण दिया। सूचना-प्रसारण विभाग ने आजादी पर संदेश मांगा, तो उन्होंने साफ इनकार करते हुए कहा- ‘मेरे पास देश के लिए कोई संदेश नहीं है। मेरा दिल सूख चुका है।’ उस रोज गांधीजी की प्रार्थना सभा में कलकत्ता के मुसलमानों के नेता सुरहावर्दी ने कहा, ‘अब मैं बोलूंगा, 'जयहिन्द'! मेरे बाद आप लोग भी बोलेंगे!’ जवाब में 30 हजार लोगों के गले से फूट पड़ा- जय हिंद। पूरा देश साम्प्रदायिक दंगों की आग में झुलस रहा था, सिवाए कलकत्ता के। प्रार्थना-सभा के बाद गांधी जी उसी पुरानी शेवरले गाड़ी में शहर के दौरे पर निकले। इस बार कलकत्ता की भीड़ ने महात्मा की कार का स्वागत पत्थरों और बोतलों से नहीं, गुलाब-जल से किया। आंखों में आभार के आंसू भरकर वह शहर मानो कह रहा हो- ‘गांधी जी! आपने हमें बचा लिया।’ कलकत्ता में गांधी अपनी जान की बाजी लगाकर हिंदू-मुसलमानों को एक-दूसरे का गला काटने से रोकने में जुटे थे, उधर करांची में मोहम्मद अली जिन्ना पाकिस्तान बनने के जश्न की तैयारी कर रहे थे। उस रोज जिन्ना के तमाम कार्यक्रमों में से एक था- खुली गाड़ी में करांची की सड़कों पर अभिवादन परेड निकालना। ‘फ्रीडम एट मिडनाइट’ में लैरी कॉलिन्स और डोमिनिक लैपियर लिखते हैं- परेड से कुछ घंटे पहले सी.आई.डी. ने वायसराय माउंटबेटन को खबर दी थी कि आर.एस.एस. के कुछ लोग जिन्ना की खुली गाड़ी पर बम गिराने की साजिश रच रहे हैं और साजिशकर्ताओं की पहचान अब तक नहीं हो पाई। माउंटबेटन ने जिन्ना से बंद गाड़ी में यात्रा की गुजारिश की। जिन्ना ने साफ इनकार कर दिया। जिस मुल्क के लिए उन्होंने जिंदगी खपाई, उसके पहले ही कार्यक्रम में कायद-ए-आजम मुंह छिपाकर निकलें, यह मुमकिन नहीं था। भारत की आजादी से एक दिन पहले, यानी 14 अगस्त की सुबह करांची असेंबली हॉल में पाकिस्तान बनने का जश्न शुरू हुआ। तमगों से सजे माउंटबेटन जिन्ना के बगल में बैठे। ‘फ्रीडम एट मिडनाइट’ के मुताबिक, दोनों नेता अपना भाषण खत्म कर उस काली खुली रोल्स-रॉयस की तरफ बढ़े, जो माउंटबेटन को पहले ही किसी शव-गाड़ी जैसी लगने लगी थी। कार स्टार्ट हुई, तोपों की सलामी गूंजी और तीन मील लंबी सड़क पर इंसानों का समंदर उमड़ पड़ा। भीड़ लगातार 'पाकिस्तान जिंदाबाद', 'कायद-ए-आजम जिंदाबाद' के नारे लगा रही थी। एल्फिंस्टन स्ट्रीट पहुंचते ही अचानक नारे थम गए। एक डरावनी खामोशी फैल गई। यहां ज्यादातर दुकानें हिंदुओं की थीं। माउंटबेटन ने मन ही मन खुद को मौत के लिए तैयार कर लिया। लेकिन कुछ नहीं हुआ। गाड़ी सुरक्षित गवर्नमेंट हाउस पहुंच गई। पूरी यात्रा के दौरान तनाव से बेरंग रहा जिन्ना का चेहरा, कार रुकते ही पहली बार खिल उठा। उन्होंने अपने कमजोर हाथों से माउंटबेटन के घुटने थाम लिए और कहा, ‘खुदा का शुक्र है, मैं आपको जिंदा बचाकर ले आया!’ माउंटबेटन ने जवाब दिया, ‘माई गॉड। कौन किसे बचाकर लाया है। आप मुझे या मैं आपको?’ ‘फ्रीडम एट मिडनाइट’ के मुताबिक, बाद में जांच में पता चला कि आर.एस.एस. के लोग सच में करांची पहुंच चुके थे। हालांकि जिस नेता को बम फेंकने का इशारा देना था, ठीक उसी पल उसकी हिम्मत जवाब दे गई। 14 अगस्त की वह डरावनी कार-यात्रा सुरक्षित निपट गई। 15 अगस्त को जिन्ना ने सारे राजकीय अधिकार अपने हाथ में ले लिए। हमेशा लोकतंत्र की दुहाई देने वाला नेता, नए राष्ट्र की कमान संभालते ही लगभग एक तानाशाह की हैसियत में आ गया। 15 अगस्त को ही रमजान का आखिरी जुमा पड़ रहा था। पूरे पाकिस्तान में जोश दोगुना हो गया। हर गली, हर नुक्कड़, हर दुकान की खिड़की पर जिन्ना की तस्वीर टंगी थी। आजादी का दिन कायद-ए-आजम का निजी उत्सव जैसा बन गया। 'पाकिस्तान टाइम्स' अखबार ने तो यहां तक लिख डाला कि लाहौर के चिड़ियाघर के जानवर भी अपने रखवालों के जरिए जिन्ना को मुबारकबाद भेज रहे हैं और 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारों में मशगूल हैं। इस जश्न में जिन्ना की इकलौती संतान दीना मौजूद नहीं थी। वो करांची से सैकड़ों किमी दूर बंबई के कोलाबा इलाके के एक फ्लैट में पशोपेश में थी। उन्होंने अपनी बालकनी से भारत-पाकिस्तान दोनों के झंडे लटका रखे थे। वह तय नहीं कर पा रही थी कि किस मुल्क को अपना कहे? उस भारत को, जहां उसका जन्म हुआ था या उस पाकिस्तान को, जिसे उसके पिता ने गढ़ा था? बालकनी पर लटके वे दो झंडे उसी अनसुलझे सवाल की तस्वीर थे। आजादी मिलने में अब गिनती के घंटे बचे थे और सरदार पटेल रियासतों को भारत में जोड़ने का काम अनवरत करते जा रहे थे। 13 अगस्त, सुबह साढ़े आठ बजे। गृह सचिव वी.पी. मेनन पटेल के पास एक बुरी खबर लेकर पहुंचे। 97% से ज्यादा बौद्ध और गैर-मुस्लिम आबादी वाला चटगांव हिल पाकिस्तान के हिस्से में जा रहा है। उसी दिन चटगांव से दो लोग पटेल से मिलने आए। बेटी मणिबेन पटेल की डायरी ‘इनसाइड स्टोरी ऑफ सरदार पटेल’ में लिखा है, 'बापू (पटेल) सुनकर हैरान रह गए। दोपहर 12 बजे मेनन दोबारा आए, तो उन्होंने वायसराय को चिट्ठी लिखवाई।’ 14 अगस्त की सुबह साढ़े पांच बजे से ही कतार लग गई- कच्छ के दीवान, एक और दीवान, फिर एक और मुलाकाती। दिन भर मेनन, मोरारजी देसाई, जवाहरलाल आते-जाते रहे। दोपहर पौने तीन बजे धौलपुर, नाभा और झावर के शासकों ने अपने हस्ताक्षरित विलय-पत्र (इंस्ट्रूमेंट ऑफ एक्सेशन) पटेल को सौंपे। शाम साढ़े सात बजे मेनन ने बताया कि पाकिस्तान के लियाकत अली खान परसों मिलने आएंगे और भोपाल के नवाब भी जल्द अपने हस्ताक्षर भेज देंगे। रात दस बजे पटेल राजेंद्र बाबू के घर गए, जहां लॉन पर कोई धार्मिक अनुष्ठान चल रहा था। महिलाओं की भीड़ से पूरा लॉन भरा हुआ था। गाड़ियों से सड़क जाम थी। 15 अगस्त की सुबह आठ बजे पटेल वायसराय भवन गए, जहां मंत्रियों और गवर्नर-जनरल की शपथ का नजारा देखा। पौने दस बजे सीधे असेंबली पहुंचे, जहां लॉर्ड और लेडी माउंटबेटन की मौजूदगी में सत्र शुरू हुआ। ग्यारह बजे सत्र खत्म, फिर अनौपचारिक कैबिनेट मीटिंग। शाम में इंडिया गेट पर ऐतिहासिक झंडा-रोहण हुआ, लेकिन उसी जश्न के बीच लाहौर में गड़बड़ी को लेकर दो बार फोन आया। 16 अगस्त को पटेल लाल किले पर जवाहरलाल के हाथों होने वाले झंडा-रोहण में शामिल हुए। सुबह साढ़े दस बजे डिफेंस काउंसिल की बैठक के लिए गए, लेकिन लियाकत अली खान का विमान न पहुंचने से बैठक आधे घंटे में ही खत्म हो गई। इसके बाद श्यामा प्रसाद, जवाहरलाल, राजेंद्र बाबू, बलदेव सिंह और कुछ अफसरों के साथ एक लंबी चर्चा शुरू हुई, जो शाम पांच बजे तक चली। विषय था- बंटवारे की रैडक्लिफ लाइन। आजादी के ठीक एक दिन बाद भी, देश की सरहदें अभी कागज पर तय हो रही थीं। यानी जहां बाकी नेता भाषण दे रहे थे, झंडे फहरा रहे थे, आंसू बहा रहे थे, पटेल फाइलों, दस्तखतों और नक्शों के बीच वह अनदेखा काम कर रहे थे, जिसके बिना आजाद भारत का नक्शा ही पूरा नहीं होता। नई दिल्ली, 15 अगस्त 1947 की शाम पांच बजे। अंग्रेजों ने विश्व युद्ध में मारे गए 10 हजार भारतीय सैनिकों की याद में इंडिया गेट बनवाया था। यहीं नेहरू शासकीय तौर पर पहली बार आजाद भारत का तिरंगा फहराने वाले थे। माउंटबेटन के सलाहकारों ने अंदाजा लगाया था कि करीब 30 हजार लोग आएंगे। रस्सियों की गैलरी, रास्ते समेत पूरा इंतजाम उसी हिसाब से हुआ था। अंदाजा गलत निकला। दो-चार हजार से नहीं, बल्कि पूरे पांच लाख के फासले से। दिल्ली ने ऐसा मानव-सागर पहले कभी नहीं देखा था। जो रस्सियां-गैलरियां 30 हजार को संभालने के लिए बनी थीं, वे उस भीड़ में कहीं खो गईं। कुर्सियां सूखी टहनियों की तरह टूट रही थीं। कई देहाती लोग, जो घर से खाना बांधकर लाए थे, भूखे ही रह गए। भीड़ में इतने भिंचे हुए थे कि पोटली खोलने के लिए हाथ तक नहीं हिला पा रहे थे। माउंटबेटन की 17 साल की बेटी पामेला अपने पिता के स्टाफ के साथ वक्त पर पहुंच गई थीं, लेकिन मंच से जब सिर्फ सौ गज दूर रह गईं, तो आगे बढ़ना नामुमकिन हो गया। इतनी घनी भीड़ कि सुई रखने की जगह नहीं थी। मंच पर खड़े नेहरू ने उनकी परेशानी भांप ली। ‘फ्रीडम एट मिडनाइट’ किताब के मुताबिक नेहरू चिल्लाकर बोले- लोगों के ऊपर से चलती हुई आ जाओ। पामेला ने कहा, ‘लेकिन मैं ऊंची एड़ी की जूतियां पहने हूं।’ नेहरू बोले, ‘उतार दो।’ पामेला जैसी बड़े घराने की लड़की के लिए इतने बड़े मौके पर नंगे पांव चलना उचित नहीं लगा। उसने मना किया। नेहरू ने फिर कहा- तो पहने ही रहो, लोगों के ऊपर चढ़ो, आगे बढ़ो, किसी को बुरा नहीं लगेगा। पामेला ने आखिरकार जूतियां हाथ में उठा लीं और इंसानों के उस जिंदा कालीन पर चलना शुरू किया। भीड़ को यह तमाशा भा गया। वे हंसते-हंसते उसे आगे बढ़ाने में मदद करने लगे। जैसे ही माउंटबेटन की बग्घी के आगे चलते अंगरक्षकों की चमकीली पगड़ियां दूर से दिखीं, भीड़ किसी उफनती लहर की तरह आगे बढ़ने लगी। बग्घी में बैठे माउंटबेटन को समझते देर न लगी कि जैसा भव्य कार्यक्रम सोचा गया था, वैसा अब मुमकिन नहीं। बैंड भीड़ में फंस चुका था, गार्ड्स हिल भी नहीं सकते थे। खुद माउंटबेटन अपनी बग्घी से उतर पाने की हालत में नहीं थे। उन्होंने नेहरू से चिल्लाकर कहा- झंडा बस फहरा दीजिए, बाकी सब यहीं रोक देते हैं। केसरिया, सफेद और हरे रंग का वह झंडा धीरे-धीरे डंडे पर चढ़ने लगा। रानी विक्टोरिया के परपोते माउंटबेटन ने अपनी बग्घी में ही खड़े होकर उसे सलामी दी। झंडा जैसे ही पूरी तरह लहराया, पांच लाख से ज्यादा लोगों के गले से हर्षध्वनि निकली। ठीक उसी वक्त आसमान में एक इंद्रधनुष खिल उठा। शगुन-असगुन में यकीन रखने वाली उस भीड़ के लिए यह किसी ईश्वरीय संकेत से कम नहीं था। लोग एक-दूसरे से कहने लगे- ‘यह इंद्रधनुष भगवान ने भेजा है। अब देखते हैं, कौन हमारे सामने टिकता है।’ ------------------------------------- हमारा देश भारत है या इंडियाः राष्ट्रीय पशु शेर है या बाघ; इंडिपेंडेंस डे पर ऐसे 10 सवालों का क्विज, देश को कितना जानते हैं आप क्विज खेलने के लिए क्लिक करें
Dainik Bhaskar CM मान बोले- पंजाब तोड़ने के मंसूबे कामयाब नहीं होंगे:फिरोजपुर में तिरंगा फहराया; PM बोले- लुधियाना के उद्योगपति वर्ल्ड लेवल प्रोडक्ट बनाएं
देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने फिरोजपुर के कैंट बोर्ड स्टेडियम में तिरंगा फहराया। इससे पहले उन्होंने पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर के साथ हुसैनीवाला में शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि दी। यहां सीएम भगवंत मान ने कहा कि देश को आजाद कराने में पंजाबियों का सबसे बड़ा योगदान रहा। बंटवारे में सबसे बड़ी कीमत भी पंजाबियों ने ही चुकाई। मान ने कहा कि पंजाब के भाईचारे की सांझ को तोड़ने में लगी ताकतों के मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे। वहीं स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पहली बार सरकारी कार्यक्रम में वंदे मातरम गाया गया। लुधियाना में वित्तमंत्री हरपाल चीमा, चंडीगढ़ में गवर्नर व प्रशासक गुलाब चंद कटारिया, पठानकोट में फूड सप्लाई मंत्री लालचंद कटारूचक्क, जालंधर में मंत्री मोहिंदर भगत ने तिरंगा फहराया। वहीं दिल्ली में लाल किले पर तिरंगा फहराने के बाद PM नरेंद्र मोदी ने लुधियाना का जिक्र किया। उन्होंने अपील की कि MSME से जुड़े उद्योगपति अपने प्रोडक्ट वैश्विक स्तर पर बनाएं। PM मोदी ने कहा- पंजाब के लुधियाना से तमिलनाडू के त्रिपुर का टेक्सटाइल सेक्टर दुनिया के कोने-कोने तक पहुंच सकता है। अपना सामान दुनिया तक पहुंचाने के लिए हमें वैश्विक स्टैंडर्ड पर चीजें तैयार करनी होंगी और अन्य देशों से सस्ती देनी होंगी। सीएम भगवंत मान की 5 अहम बातें स्वतंत्रता दिवस समारोह से जुड़े PHOTOS… मिनट-टू-मिनट अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
Dainik Bhaskar पूरे यूपी में बारिश का अलर्ट, 11 नदियां उफान पर:MP के 12 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी; अरुणाचल में लैंडस्लाइड से 4 मौतें
यूपी में बारिश से गंगा, यमुना और शारदा समेत 11 नदियां उफान पर हैं। वाराणसी में 100 से ज्यादा छोटे मंदिर डूब गए हैं। राज्य के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट है। अरुणाचल प्रदेश के दिबांग वैली में बादल फटने के बाद बाढ़ से दो शेल्टर बह गए। हादसे में 5 सैन्यकर्मी लापता हैं। अपर सुबनसिरी में लैंडस्लाइड से 4 लोगों की मौत हुई। मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में बारिश जारी है। एमपी के 12 जिलों और राजस्थान के 18 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। हिमाचल में बिलासपुर-सोलन सीमा के पास लैंडस्लाइड से 114 सड़कें बंद हैं। 30 जून से बारिश से जुड़े हादसों में 78 लोगों की मौत हो चुकी है। ओडिशा में भारी बारिश से 6 जिलों में बाढ़ आ गई। प्रशासन ने 41 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। 429 गांव प्रभावित हुए हैं। सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति देशभर से मौसम की तस्वीरें देशभर के मौसम से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे दिए गए लाइव ब्लॉग को देखें…
Dainik Bhaskar MP के 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट:यूपी के उन्नाव में सड़क पर नावें चलीं, बिहार के 10 गांव बाढ़ की चपेट में
मध्य प्रदेश में बारिश का एक और दौर शुरू हो गया है। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। यहां 24 घंटे में 4 इंच या इससे ज्यादा बारिश हो सकती है। दिल्ली में शुक्रवार को कई हिस्सों में बारिश हुई, जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। IMD ने शनिवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कई जगह हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने का भी अनुमान है। यूपी में शुक्रवार को लखनऊ-नोएडा और गाजियाबाद समेत 60 शहरों में बारिश हुई। नोएडा और झांसी में गलियों में दो-तीन फीट तक पानी भर गया। संभल में बिजली गिरने से 45 साल की महिला की मौत हो गई। IMD के मुताबिक, शनिवार को भी पूरे प्रदेश में तेज बारिश की संभावना है। झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में लगातार बारिश के बीच शुक्रवार को एक कच्चा मकान अचानक ढह गया। हादसे में 3 महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। वहीं, पड़ोसी पूर्वी सिंहभूम जिले में स्वर्णरेखा और खरकई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बिहार में मानसून एक बार फिर एक्टिव होने वाला है। मौसम विभाग ने पटना समेत 18 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। कुछ जगहों पर बिजली गिरने की भी आशंका है। समस्तीपुर में गंगा की सहायक बाया नदी का जलस्तर बढ़ गया है। करीब 10 गावों की 50 हजार की आबादी प्रभावित है। सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति देशभर से मौसम की तस्वीरें
Dainik Bhaskar खबर हटके- सोते भालू को जगाया, ₹5 लाख जुर्माना:सुअर की आवाज निकालने का खेल; KYC के लिए हाथ से खोलनी पड़ रही आंखें
नॉर्वे में एक शख्स को सोते भालू को जगाने पर करीब 5 लाख रुपए का जुर्माना लगा। वहीं, फ्रांस में सुअर जैसी आवाज निकालने का खेल हुआ। इधर, नागालैंड में वीडियो KYC के लिए एक शख्स की आंखें दोस्तों को हाथ से खोलनी पड़ीं। मध्य प्रदेश में ट्रांसफॉर्मर से करंट लगने पर बैल की मौत के बाद लोगों ने ट्रांसफॉर्मर को लाठी-डंडों से पीटा। वहीं, चीन में एक ऐसी परंपरा है, जिसमें लड़की शादी के लिए पसंद के लड़के की तरफ बॉल फेंकती है। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
Dainik Bhaskar निहंग बोला-वाहेगुरु के आदेश पर हमला किया:सुखबीर बादल के सामने आते ही किया वार; मजीठिया का दावा- हाथ पर 150 टांके लगे, हड्डी फ्रैक्चर
पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम एवं शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर महाराष्ट्र के नांदेड़ में गुरुद्वारा माता साहिब में हमला करने वाले निहंग जसपाल सिंह ने दावा किया कि उसे हमला करने का आदेश गुरु साहिब से मिला था। उसने कहा कि जब वह नांदेड़ में गुरुद्वारा साहिब में अरदास कर रहा था उस समय उसे आदेश हुआ। उसके बाद जब सुखबीर बादल उसके सामने आए तो उसने खंजर निकालकर उस पर वार कर दिया। उधर, अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने दावा किया कि सुखबीर बादल के हाथ में सात-आठ टांके नहीं बल्कि 150 के करीब टांके लगे हैं और उनके हाथ की हड्डी भी फ्रैक्चर हुई है। मजीठिया का कहना है कि सुखबीर बादल को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में दिखाया है। बिक्रम मजीठिया का कहना है कि जल्दी ही अकाली दल का एक शिष्टमंडल केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिलेगा और सुखबीर बादल पर लगातार हो रहे हमलों की जांच एनआईए से करवाने की मांग करेंगे। सुखबीर बादल पर 13 अगस्त को हमला हुआ था। पुलिस पूछताछ में निहंग ने क्या बताया, 4 पॉइंट में जानिए… हमले के बाद सुखबीर सिंह बादल ने कही ये अहम बातें: जसपाल सिंह के कॉर्पोरेट वकील से निहंग बनने की कहानी… आरोपी अपने बयान पर टिका है एसपी निलाभ का कहना है कि अब तक की पूछताछ में आरोपी ने लगातार यही बयान दिया है कि वह पंजाब की स्थिति और नशे की समस्या से आहत था। प्राथमिक जांच में किसी बाहरी संदिग्ध व्यक्ति से निर्देश मिलने या पहले से रची गई साजिश के प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं मिले हैं। हालांकि, उसके इस दावे की पुष्टि के लिए उसके कॉल रिकॉर्ड और पिछले कुछ महीनों के संपर्कों की गहनता से पड़ताल की जा रही है। ------------ ये खबर भी पढ़ें… पूर्व डिप्टी CM सुखबीर बादल को गुरुग्राम मेदांता लाया गया, सांसद पत्नी जान बचाने वाले इंस्पेक्टर से मिलीं महाराष्ट्र के नांदेड में गुरुद्वारा माता साहिब में हमले के बाद गुरुवार को शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष व पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल लाया गया। सुखबीर बादल के दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने पर बिक्रम सिंह मजीठिया समेत अकाली नेता उनसे मिलने पहुंचे। (पढ़ें पूरी खबर)
Dainik Bhaskar जालंधर का बरगद, जिस पर अंग्रेजों ने क्रांतिकारी लटकाए:अंग्रेजी हुकूमत से भिड़े भारतीय सैनिक तो तोप के मुंह से बांधकर उड़ाए
जालंधर का कंपनी बाग- आज यहां बच्चे खेलते हैं, लोग सैर करते हैं। लेकिन कभी यहां अंग्रेजों का खौफ था। करीब 300 साल पुराना बरगद का पेड़ आज भी खड़ा है, जिस पर अंग्रेजों ने क्रांतिकारियों को लटकाकर फांसी दी थी। यही नहीं, 1857 में पास की जालंधर छावनी में भारतीय सैनिकों ने अंग्रेजों के खिलाफ बगावत कर दी थी। पकड़े गए विद्रोहियों को फांसी दी गई, कुछ को तोप के मुंह से बांधकर उड़ा दिया गया। इसका नाम कंपनी बाग कैसे पड़ा? इस बरगद की कहानी क्या है? 15 अगस्त पर पढ़िए जालंधर के उस पार्क की कहानी, जिसकी जमीन में अंग्रेजी हुकूमत के खौफनाक किस्से दफन हैं। जालंधर पर अंग्रेजों का कब्जा, फिर बनी सैन्य छावनी महाराजा रणजीत सिंह के निधन के बाद 1846 में प्रथम एंग्लो-सिख युद्ध के बाद अंग्रेजों ने जालंधर पर कब्जा किया। जालंधर दोआबा यानी सतलुज और ब्यास नदियों के बीच के इलाके पर कब्जे के बाद अंग्रेजों ने लाहौर-दिल्ली रूट पर अपनी सैन्य पकड़ मजबूत करने के लिए यहां छावनी बनाई। छावनी में ब्रिटिश सैनिकों के साथ भारतीय पैदल सेना यानी नेटिव इन्फैंट्री, घुड़सवार सेना और तोपखाने की टुकड़ियां तैनात की गईं। इसके पास ब्रिटिश प्रशासन के मुख्य दफ्तर और अधिकारियों के बंगले भी बनाए गए। प्रशासनिक अधिकारियों और सैन्य अफसरों के विश्राम और सैर के लिए पार्क विकसित किया गया। जालंधर में ईस्ट इंडिया कंपनी का दफ्तर भी खोला गया। अंग्रेजी फौज की एक कंपनी यहां आई और इसी से इस जगह का नाम कंपनी बाग पड़ने की बात सामने आती है। कंपनी बाग का 300 साल पुराना बरगद पेड़ और फांसी की कहानी कंपनी बाग में करीब 300 साल पुराना बरगद का पेड़ आज भी मौजूद है। इतिहासकार दीपक जालंधरी की किताब ‘एक शहर जालंधर’ के अनुसार, अंग्रेजी शासन के खिलाफ आवाज उठाने वाले कई क्रांतिकारियों को इसी पेड़ पर लटकाकर फांसी दी गई थी। दीपक जालंधरी के अनुसार, यह जगह अंग्रेजों के आने से पहले से आबाद थी। बाद में अंग्रेजों ने इसे अपने सैन्य इस्तेमाल के लिए विकसित किया। आज इसी जगह पर लोग सुबह-शाम सैर करने आते हैं और पार्क में बच्चों के लिए झूले भी लगे हैं। अंग्रेजों के आने के बाद कई बार बदला कंपनी बाग का नाम कंपनी बाग का नाम समय के साथ कई बार बदला गया। इतिहासकार दीपक जालंधरी के अनुसार, दिल्ली गेट के सामने होने के कारण इसे पहले दिल्ली पार्क के नाम से जाना जाता था। अंग्रेजी शासन के दौरान जब यहां फौज की टुकड़ी तैनात की गई तो बाग को दोबारा विकसित किया गया। अंग्रेजों ने इसका नाम एम्प्रेस पार्क रखा। कुछ समय बाद अंग्रेजों ने शहर से बाहर अपनी बड़ी सैन्य छावनी बनाई, जिसे आज जालंधर कैंट के नाम से जाना जाता है। 1858 में ईस्ट इंडिया कंपनी से शासन ब्रिटिश सरकार के हाथ में जाने के बाद कंपनी बाग का नाम क्वींस गार्डन किए जाने का भी उल्लेख है। आजादी के बाद इसका नाम नेहरू गार्डन रखा गया। इसके बाद फिर से यह कंपनी बाग के नाम से पहचाना जाने लगा। 1857 की क्रांति: जालंधर छावनी में भी हुई बगावत मई-जून 1857 में मेरठ और दिल्ली की छावनियों से शुरू हुई बगावत का असर जालंधर तक पहुंचा। 7-8 जून 1857 की रात जालंधर छावनी में तैनात भारतीय सैनिकों ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ विद्रोह कर दिया। इसमें 6वीं नेटिव इन्फैंट्री, 36वीं नेटिव इन्फैंट्री और 8वीं लाइट कैवलरी के सैनिक शामिल थे। भारतीय सैनिकों ने ब्रिटिश अधिकारियों के खिलाफ हथियार उठा लिए। उन्होंने सरकारी खजाने और हथियारों पर कब्जा करने का प्रयास किया। बगावत के बाद कई सिपाहियों को गिरफ्तार किया गया। कुछ सिपाही जालंधर से निकलकर दिल्ली पहुंच गए। गिरफ्तार किए गए विद्रोहियों के खिलाफ अंग्रेजों ने कार्रवाई की और कई को फांसी दी गई। विद्रोहियों को फांसी दी, तोप के आगे बांधकर भी उड़ाया 1857 की बगावत को दबाने के बाद अंग्रेजों ने पकड़े गए विद्रोहियों और उनके स्थानीय मददगारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। 1904 और 1980 के गजेटियर संस्करणों में 1857 के विद्रोह के दौरान दी गई सजाओं का उल्लेख है। 7-8 जून 1857 को जालंधर छावनी में 6वीं और 36वीं नेटिव इन्फैंट्री तथा 8वीं कैवलरी के सैनिकों के विद्रोह के बाद ब्रिटिश अधिकारियों ने स्थिति पर नियंत्रण किया। इसके बाद पकड़े गए विद्रोहियों के खिलाफ त्वरित सैन्य मुकदमे चलाए गए। विद्रोह को पूरी तरह दबाने और जनता व दूसरे सैनिकों में खौफ पैदा करने के लिए पकड़े गए सिपाहियों व उनके स्थानीय मददगारों को फांसी दी गई। कुछ को तोप के आगे बांधकर उड़ा दिया गया। आजादी की लड़ाई में भी बना रहा कंपनी बाग कंपनी बाग सिर्फ अंग्रेजी सेना की गतिविधियों से जुड़ा स्थान नहीं था। दीपक जालंधरी की किताब के अनुसार, स्वतंत्रता सेनानी यहां जलसे करने आते थे। इन कार्यक्रमों के जरिए लोगों को जागरूक किया जाता था। समय-समय पर नेता भी यहां सभाएं करते थे। आजादी के बाद पंडित जवाहरलाल नेहरू जालंधर आए तो कंपनी बाग भी पहुंचे। इसके बाद इसे नेहरू गार्डन नाम दिया गया। स्थानीय इतिहास के अनुसार, इंदिरा गांधी भी यहां जलसा करने पहुंची थीं। शुरुआत में यहां कुछ ही पेड़ थे। बाद में इसे आधुनिक पार्क के रूप में विकसित किया गया। आज इसका रखरखाव जालंधर नगर निगम करता है। शहर के लोग यहां सुबह-शाम सैर करने आते हैं और बच्चों के लिए झूले भी लगे हैं। (सोर्स- ‘एक शहर जालंधर’ किताब- दीपक जालंधरी( कंपनी बाग, पुराने जालंधर, बरगद और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े स्थानीय इतिहास के संदर्भ।) और पंजाब/जालंधर गजेटियर: अंग्रेजी शासन, जालंधर छावनी और 1857 की बगावत के दौरान हुई कार्रवाई और सजाओं से जुड़े संदर्भ।)
Dainik Bhaskar पंजाब: बिना वर्दी के फौजी, जिन्हें कहा जाता 'जिंदा शहीद':शहीद दोस्त की आखिरी बात ने बदली जिंदगी; अशोक चक्र विजेता की बहन को SDM बनवाया
आज 15 अगस्त है। पूरा देश आजादी का 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। तिरंगा फहराया जा रहा है। मगर, पंजाब का एक शख्स उन घरों को याद कर रहा है, जहां जहां तिरंगे में लिपटा कोई अपना कभी आखिरी बार लौटा था। ये शख्स हैं पंजाब में पठानकोट के रहने वाले कुंवर रविंदर सिंह विक्की। जब शहीदों के अंतिम विदाई के वक्त जुटी भीड़ वहां से हट जाती है तो विक्की शहीद परिवार के साथ खड़े रहते हैं। 400+ शहीद जवानों की अंतिम यात्राएं, 5 हजार+ श्रद्धांजलि कार्यक्रम और 300+ दिन हर साल शहीद परिवारों के बीच। खुद फौजी नहीं, फिर भी सेना और आम लोगों के बीच इन्हें ‘जिंदा शहीद’ माना जाता है। एक दोस्त की शहादत ने उन्हें इस राह पर क्यों उतारा? कैसे शहीद परिवारों के हक की लड़ाई उनका मिशन बनी? कैसे अशोक चक्र विजेता शहीद की बहन को SDM की नौकरी दिलाने के लिए सालों संघर्ष किया? और क्यों विक्की मानते हैं कि शहादत के बाद परिवार को सबसे ज्यादा साथ की जरूरत होती है? पढ़िए, पंजाब के ‘जिंदा शहीद’ रविंदर विक्की के 30 साल के सफर की कहानी… लेफ्टिनेंट दोस्त की बात व उनकी शहादत से बदला जीवन विक्की के मुताबिक, उनके बचपन के दोस्त लेफ्टिनेंट गुरदीप सलारिया 23 पंजाब रेजीमेंट में तैनात थे। दिसंबर 1995 में छुट्टी पर आए गुरदीप से उनकी पठानकोट के सलारिया चौक पर मुलाकात हुई थी। ये चौक गोरखा रेजिमेंट के मरणोपरांत परमवीर चक्र विजेता कैप्टन गुरबचन सलारिया के नाम पर था। वहां गुरदीप ने विक्की से कहा था कि मौत ऐसी हो, जिसे पीढ़ियां याद रखें और जिसके नाम पर यादगारें बनें। विक्की ने उन्हें ऐसी बात न करने के लिए कहा था। इसके कुछ समय बाद गुरदीप ड्यूटी पर लौट गए। 14 जनवरी 1996 को विक्की को जिला सैनिक बोर्ड से उनकी शहादत की सूचना मिली। गुरदीप के जाने के बाद विक्की के मन में सवाल उठा कि जिस परिवार का इकलौता बेटा देश पर कुर्बान हो गया, उसके साथ कौन खड़ा होगा। यहीं से शहीद परिवारों के लिए काम करने का फैसला लिया। अप्रैल 1996 में शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद का गठन किया गया। गुरदीप के पिता रिटायर्ड कर्नल सागर सिंह सलारिया संस्था के पहले अध्यक्ष बने। 400 से ज्यादा शहीदों की अंतिम यात्रा, 5 हजार+ कार्यक्रम तीन दशक के सफर में विक्की 400 से ज्यादा शहीद जवानों की अंतिम यात्रा में शामिल हो चुके हैं। वे परिवारों के घर पहुंचकर उनके दुख में साथ खड़े होते हैं और उनकी मांगों को प्रशासन तक पहुंचाते हैं। संस्था के अनुसार, अब तक 5 हजार से ज्यादा श्रद्धांजलि और देशभक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। हर साल करीब 200 शहीद सैनिकों के बलिदान दिवस मनाए जाते हैं। इन कार्यक्रमों में शहीद परिवारों को सम्मानित किया जाता है और युवाओं को भारतीय सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित किया जाता है। संस्था का दावा है कि उसने 300 से ज्यादा शहीद परिवारों को अडॉप्ट किया है। गुरदासपुर और पठानकोट क्षेत्र में 100 से ज्यादा सरकारी स्कूलों और यादगारी गेटों का नाम अमर शहीदों के नाम पर करवाने में भी परिषद की भूमिका रही है। पहला संघर्ष- स्कूल का नाम शहीद के नाम पर रखवाया संस्था के शुरुआती संघर्षों में साल 1996 में लेफ्टिनेंट गुरदीप सलारिया के नाम पर तारागढ़ के सरकारी स्कूल का नाम रखने की मांग भी शामिल थी। नेताओं और प्रशासन की ओर से आश्वासन मिलते रहे, लेकिन नाम नहीं बदला गया। इसके बाद 1998 में गुरदीप के पिता कर्नल सागर सिंह सलारिया धरने पर बैठ गए। उन्होंने सरकार को शौर्य चक्र लौटाने की बात भी कही। दो दिन चले संघर्ष के बाद तारागढ़ के स्कूल का नाम बदलकर शहीद लेफ्टिनेंट गुरदीप सिंह सलारिया मेमोरियल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, तारागढ़ किया गया। गुरदीप सलारिया 23 पंजाब रेजीमेंट के शौर्य चक्र विजेता अधिकारी थे। उनके नाम पर स्कूल में बलिदान दिवस के कार्यक्रम आज भी आयोजित होते रहे हैं। अशोक चक्र विजेता की बहन को SDM बनवाया 2 जनवरी 2004 को जम्मू रेलवे स्टेशन पर आतंकियों ने हमला किया था। लेफ्टिनेंट त्रिवेणी सिंह ने क्विक रिएक्शन टीम का नेतृत्व करते हुए आतंकियों का मुकाबला किया और यात्रियों की जान बचाते हुए शहीद हो गए। उन्हें मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। शहादत के बाद परिवार को नौकरी देने का आश्वासन मिला, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ा। उनके पिता कैप्टन जनमेज सिंह ठाकुर ने बेटी ज्योत्सना सिंह की नौकरी के लिए सरकार और प्रशासन से संपर्क किया। विक्की की शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद ने परिवार के साथ मिलकर कानूनी और प्रशासनिक लड़ाई लड़ी। लंबी प्रक्रिया के बाद ज्योत्सना सिंह को सरकारी नौकरी मिली। मूल जानकारी के अनुसार, वे अब एसडीएम मुकेरियां के पद पर कार्यरत हैं। विक्की को 2001 में मिला ‘जिंदा शहीद’ नाम विक्की के मुताबिक, वर्ष 2000 में दिल्ली में उनकी मुलाकात ऑल इंडिया एंटी टेररिस्ट फ्रंट के अध्यक्ष मनिंदरजीत सिंह बिट्टा से हुई। उनके काम से प्रभावित बिट्टा परिषद के कई कार्यक्रमों में शामिल हुए। वर्ष 2001 में एक कार्यक्रम में मंच से विक्की को ‘बिना वर्दी का सैनिक’ और ‘जिंदा शहीद’ कहकर संबोधित किया गया। यह कोई औपचारिक नाम तो नहीं लेकिन अब यही नाम उनकी पहचान बन गया। सेना की विभिन्न यूनिटों में होने वाले कार्यक्रमों में भी उन्हें इसी नाम से संबोधित किया जाता है। विक्की खुद कहते हैं कि वे वर्दी नहीं पहनते, लेकिन पिछले तीन दशक से सैनिकों और उनके परिवारों के लिए काम करना ही उनका मिशन है। राष्ट्रपति से सम्मान, सेना से कमेंडेशन कार्ड और बैज रविंदर विक्की को उनकी सेवाओं के लिए राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलते गए। 15 दिसंबर 2024 को नई दिल्ली में तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के आवास पर आयोजित ‘एट होम’ कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें सम्मानित किया। 2020 में तत्कालीन आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने उन्हें कमेंडेशन कार्ड और प्रशस्ति पत्र दिया। 2022 में लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पिंदर सिंह ने उन्हें मेडल से सम्मानित किया। पंजाब के तत्कालीन राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर ने गणतंत्र दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में उन्हें स्टेट अवार्ड दिया। कनाडा के नागरिक पीटरसन की ओर से उन्हें एक एनआरआई के माध्यम से ‘प्राइड ऑफ इंडिया’ सम्मान दिए जाने की जानकारी भी मूल विवरण में दी गई है। विक्की के अनुसार, 2022 में उन्हें भारतीय सेना की ओर से कमेंडेशन पत्र और कमेंडेशन बैज मिला। उनका कहना है कि किसी सिविलियन को यह सम्मान मिलना दुर्लभ है। उनके लिए यह बैज इसलिए खास है क्योंकि वे इसे सैनिकों और उनके परिवारों की सेवा के लिए सेना की ओर से मिले सम्मान के रूप में देखते हैं। शहीद परिवारों के लिए विक्की की 2 प्रमुख मांगें शहीद परिवारों संग अपने परिवार की जिम्मेदारी भी कुंवर रविंदर सिंह विक्की का जन्म 31 अक्टूबर 1970 को पठानकोट के गांव सैदीपुर में सूबेदार बलवान सिंह और राजकुमारी के घर हुआ। उन्होंने दीनानगर के सरकारी स्कूल से पढ़ाई की और इसके बाद एसएसएम कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। उनकी पत्नी प्रो. वंदना देवी एसएसएम कॉलेज दीनानगर में प्रोफेसर हैं। बेटी वंशिका ठाकुर 22 साल की हैं और जीएनडीयू से लॉ की पढ़ाई कर रही हैं। बेटा उदयप्रताप सिंह 15 साल का है और नौवीं कक्षा में पढ़ता है। विक्की के पिता रिटायर्ड नायब सूबेदार बलवान सिंह का करीब दो साल पहले निधन हुआ। प्राइवेट नौकरी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ विक्की शहीद परिवारों के लिए काम करते रहे हैं। कई बार शहीद परिवार की जरूरत की वजह से वह परिवार को कम समय दे पाते हैं, लेकिन इसमें परिवार उनकी पूरी मदद करता है। अंतिम इच्छा: ‘मेरी आखिरी सांस भी शहीद की मां के आंसू पोंछते निकले’ तीन दशक से शहीद परिवारों के बीच काम कर रहे विक्की का कहना है कि शहीद परिवारों को केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि साथ और सम्मान की भी जरूरत होती है। विक्की की इच्छा है कि उनकी आखिरी सांस भी किसी शहीद की मां के आंसू पोंछते हुए या उस बहन का हौसला बढ़ाते हुए निकले, जिसने देश के लिए अपना भाई या पति खोया है।
Dainik Bhaskar स्वतंत्रता दिवस पर कभी केसरिया, कभी तिरंगे वाली पगड़ी पहनी:पिछले 12 साल में लाल किले पर हर बार अलग रहा PM मोदी का अंदाज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 13वीं बार लाल किले पर तिरंगा फहराने वाले हैं। हर बार स्वतंत्रता दिवस पर PM मोदी का पहनावा, खास तौर पर उनकी पगड़ी सुर्खियों में रहती है। पिछले 12 साल में PM मोदी ने चार बार केसरिया पगड़ी पहनी। 2025 के अलावा 2021, 2020 और 2018 में भी केसरिया पगड़ी पहनी थी। PM मोदी का पिछले 12 साल का पहनावा और उसकी खासियत जानिए… नेहरू-इंदिरा ने सबसे छोटा भाषण दिया था मोदी से पहले, लाल किले से सबसे लंबा भाषण देने का रिकॉर्ड जवाहरलाल नेहरू के नाम था। नेहरू ने 1947 में 72 मिनट का भाषण दिया था। इसके बाद, 1997 में आई.के. गुजराल ने 71 मिनट का सबसे लंबा भाषण दिया था। PM मोदी ने 2015 में लाल किले से 83 मिनट लंबे भाषण के साथ नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ दिया। 1954 में पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू और 1966 में इंदिरा गांधी के नाम स्वतंत्रता दिवस पर सबसे छोटे भाषण (14 मिनट) का रिकॉर्ड है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अटल बिहारी वाजपेयी ने भी लाल किले से सबसे छोटे भाषण दिए थे। 2012 और 2013 में मनमोहन सिंह ने सिर्फ 32 और 35 मिनट के भाषण दिए थे। 2002 और 2003 में वाजपेयी ने 25 और 30 मिनट तक स्पीच दी थी।
Dainik Bhaskar स्वतंत्रता दिवस पर कभी केसरिया, कभी तिरंगे वाली पगड़ी पहनी:पिछले 12 साल में लाल किले पर हर बार अलग रहा PM मोदी का अंदाज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 13वीं बार लाल किले पर तिरंगा फहराने वाले हैं। हर बार स्वतंत्रता दिवस पर PM मोदी का पहनावा, खास तौर पर उनकी पगड़ी सुर्खियों में रहती है। पिछले 12 साल में PM मोदी ने चार बार केसरिया पगड़ी पहनी। 2025 के अलावा 2021, 2020 और 2018 में भी केसरिया पगड़ी पहनी थी। PM मोदी का पिछले 12 साल का पहनावा और उसकी खासियत जानिए… नेहरू-इंदिरा ने सबसे छोटा भाषण दिया था मोदी से पहले, लाल किले से सबसे लंबा भाषण देने का रिकॉर्ड जवाहरलाल नेहरू के नाम था। नेहरू ने 1947 में 72 मिनट का भाषण दिया था। इसके बाद, 1997 में आई.के. गुजराल ने 71 मिनट का सबसे लंबा भाषण दिया था। PM मोदी ने 2015 में लाल किले से 83 मिनट लंबे भाषण के साथ नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ दिया। 1954 में पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू और 1966 में इंदिरा गांधी के नाम स्वतंत्रता दिवस पर सबसे छोटे भाषण (14 मिनट) का रिकॉर्ड है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अटल बिहारी वाजपेयी ने भी लाल किले से सबसे छोटे भाषण दिए थे। 2012 और 2013 में मनमोहन सिंह ने सिर्फ 32 और 35 मिनट के भाषण दिए थे। 2002 और 2003 में वाजपेयी ने 25 और 30 मिनट तक स्पीच दी थी।
Dainik Bhaskar लोकसभा सेक्रेटेरिएट ने राहुल गांधी को नोटिस भेजा:अमित शाह पर टिप्पणी को लेकर 28 अगस्त तक जवाब मांगा; BJP ने स्पीकर से शिकायत की थी
लोकसभा सेक्रेटेरिएट ने BJP सांसद अनुराग ठाकुर और संजय जायसवाल की शिकायतों के आधार पर राहुल गांधी को नोटिस भेजा है। दोनों सांसदों ने एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ राहुल गांधी की टिप्पणियों को असंसदीय बताया था। सेक्रेटेरिएट ने राहुल गांधी से 28 अगस्त तक इन आरोपों पर अपना जवाब देने को कहा है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने दोनों शिकायतों को जांच के लिए सदन की विशेषाधिकार समिति के पास भेज दिया है। जायसवाल बोले- संसद की गरिमा बनाए रखने के लिए कार्रवाई जरूरी लोकसभा में BJP के चीफ व्हिप संजय जायसवाल ने X पर लेटर शेयर किया। इसमें उन्होंने कहा कि अमित शाह के खिलाफ राहुल गांधी की आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर उन्होंने विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया था। इन टिप्पणियों से अमित शाह की सांसद के तौर पर गरिमा और संसद की मर्यादा प्रभावित हुई। जायसवाल ने 29 जुलाई को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को लेटर लिखकर राहुल के खिलाफ नियमों के तहत उचित कार्रवाई की मांग की थी। अनुराग ने 30 जुलाई को शिकायत की थी वहीं, अनुराग ठाकुर ने 30 जुलाई को अपनी शिकायत में राहुल गांधी पर असंसदीय और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए। ठाकुर ने इसे सदन के नियमों के खिलाफ बताया। उन्होंने राहुल गांधी पर विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का भी आरोप लगाया।
Dainik Bhaskar लोकसभा ने राहुल गांधी को नोटिस भेजा:अमित शाह पर टिप्पणी को लेकर 28 अगस्त तक जवाब मांगा; BJP ने स्पीकर से शिकायत की थी
लोकसभा ने BJP सांसद अनुराग ठाकुर और संजय जायसवाल की शिकायतों के आधार पर राहुल गांधी को नोटिस भेजा है। दोनों सांसदों ने एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान अमित शाह के खिलाफ उनकी टिप्पणियों को असंसदीय बताया था। राहुल को 28 अगस्त तक अपना जवाब दाखिल करने को कहा गया है। राहुल ने 29 जुलाई को बिल पर चर्चा के दौरान इडियट और अंधभक्त जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। इसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने इन शब्दों को सदन की कार्यवाही से हटाने का आदेश दिया था। जायसवाल बोले- संसद की गरिमा बनाए रखने के लिए कार्रवाई जरूरी लोकसभा में BJP के चीफ व्हिप संजय जायसवाल ने X पर लेटर शेयर किया। इसमें उन्होंने कहा कि अमित शाह के खिलाफ राहुल गांधी की आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर उन्होंने विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया था। इन टिप्पणियों से अमित शाह की सांसद के तौर पर गरिमा और संसद की मर्यादा प्रभावित हुई। जायसवाल ने 29 जुलाई को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को लेटर लिखकर राहुल के खिलाफ नियमों के तहत उचित कार्रवाई की मांग की थी। अनुराग ने 30 जुलाई को शिकायत की थी वहीं, अनुराग ठाकुर ने 30 जुलाई को राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि बिल पर लोकसभा में चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने असंसदीय और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। साथ ही उनके खिलाफ गंभीर आरोप लगाए, लेकिन सदन के नियम 353 के तहत इसके लिए पर्याप्त पूर्व सूचना नहीं दी गई। राहुल ने कहा- प्रधान का इस्तीफा दिखावा राहुल गांधी ने 29 जुलाई को कहा था कि उन्होंने कई छात्रों से बातचीत की थी। खासकर लवली नाम की एक 18 साल की छात्रा से। राहुल ने उसी बातचीत का हवाला देते हुए 'इडियट' और 'अंधभक्त' वाले उदाहरण लोकसभा में दिए। सत्ता पक्ष ने इसे असंसदीय बताया। राहुल ने आगे कहा कि पेपर लीक से छात्रों का भविष्य बर्बाद हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था शिक्षा मंत्रालय नहीं, बल्कि RSS चला रहा है और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा केवल दिखावा है। ----------- ये खबर भी पढ़ें… लोकसभा में राहुल की 50 मिनट की स्पीच, जमकर हंगामा:'इडियट' शब्द बोलने पर स्पीकर ने 11 बार, रिजिजू ने 7 बार टोका, कहा- माफी मांगें विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पेपर लीक से जुड़े बिल पर 50 मिनट स्पीच दी। उन्होंने इडियट और अंधभक्त जैसे शब्द बोले। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar जम्मू-कश्मीर का सलाल डैम तिरंगे के रंगों से जगमगाया:स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर दिखा खूबसूरत नजारा
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में सलाल डैम को तिरंगे के रंगों से सजाया गया है। रात के समय डैम से बहता पानी केसरिया, सफेद और हरे रंग की रोशनी में तिरंगे जैसा नजर आता है। खबर का वीडियो देखने के लिए कवर इमेज पर क्लिक करें…
Dainik Bhaskar जम्मू-कश्मीर का सलाल डैम तिरंगे के रंगों से जगमगाया:स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर दिखा खूबसूरत नजारा
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में सलाल डैम को तिरंगे के रंगों से सजाया गया है। रात के समय डैम से बहता पानी केसरिया, सफेद और हरे रंग की रोशनी में तिरंगे जैसा नजर आता है। खबर का वीडियो देखने के लिए कवर इमेज पर क्लिक करें…
Dainik Bhaskar मोदी 13वीं बार लाल किले से तिरंगा फहराएंगे:पहली बार लाल किले पर वंदे मातरम गाया जाएगा; जेन-जी इवेंट का हिस्सा बनेंगे
देश में आज 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया जाएगा। पीएम मोदी लगातार 13वीं बार लाल किले से तिरंगा फहराएंगे। इस बार लाल किले से पहली बार वंदे मातरम गाया जाएगा। लाल किले पर करीब 3 घंटे का कार्यक्रम होगा। सबसे पहले सशस्त्र बल और दिल्ली पुलिस के जवान प्रधानमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर देंगे। उसके बाद राष्ट्रगीत होगा, पीएम राष्ट्र ध्वज फहराएंगे फिर राष्ट्रगान होगा। फिर 21 तोपों की सलामी दी जाएगी। उसके बाद भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टरों से पुष्प वर्षा होगी। पीएम का लाल किले से संबोधन होगा। 2,500 NCC कैडेट और मॉय भारत वॉलंटियर्स ज्ञानपथ पर वंदे मातरम आकृति बनाएंगे। कार्यक्रम की सुरक्षा में 15-20 हजार जवान तैनात किए गए हैं। 1,000 से ज्यादा CCTV कैमरों से निगरानी की जा रही है। 5000 स्पेशल गेस्ट आ रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस 2026: युवाओं पर फोकस देश के 92 गांवों में आजादी के बाद पहली बार तिरंगा फहरेगा लाल किले से मोदी औसतन 85 मिनट बोलते हैं, 2025 में सबसे लंबा भाषण पीएम मोदी 13वीं बार लाल किले से संबोधन देंगे। 2014 में पहली बार लाल किले से देश को संबोधित किया था। पिछले 12 सालों में पीएम मोदी लाल किले से औसतन 85 मिनट का भाषण देते हैं। 2025 में सबसे लंबा 103 मिनट का भाषण दिया था। लाल किले से सबसे ज्यादा बार तिरंगा फहराने का रिकॉर्ड नेहरू के नाम 15 अगस्त 2026 तक लाल किले की प्राचीर से सबसे ज्यादा बार तिरंगा फहराने का रिकॉर्ड जवाहरलाल नेहरू के नाम है। नेहरू ने 17 बार ध्वजारोहण किया था, जबकि इंदिरा गांधी ने 16 बार तिरंगा फहराया। पीएम मोदी ने 2025 तक 12 बार लगातार लाल किले से ध्वजारोहण किया था और 2026 में उनका 13वां लगातार ध्वजारोहण होगा। लाल किले से बड़ी घोषणाएं; जनधन, आयुष्मान भारत का यहीं से ऐलान हुआ पिछले 12 स्वतंत्रता दिवस संबोधनों में पीएम मोदी ने जनधन, स्वच्छ भारत, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, आयुष्मान भारत, आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत जैसे बड़े अभियानों और लक्ष्यों की घोषणा की। उन्होंने 2019 में CDS पद, 2023 में परिवारवाद, भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण के खिलाफ लड़ाई और 2024 में सूर्य घर योजना पर जोर दिया। उनके भाषणों में लगातार युवा, किसान, महिला सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता प्रमुख मुद्दे रहे।
Dainik Bhaskar महुआ मोइत्रा का आरोप- सर्किट हाउस खाली करने को कहा:बाहर भीड़ ने लगाए जय श्रीराम के नारे
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया है कि शुक्रवार देर रात प्रशासन ने उन्हें कृष्णानगर सर्किट हाउस का कमरा खाली करने को कहा। साथ ही उन्होंने कहा कि बाहर बड़ी संख्या में लोग जय श्री राम के नारे लगा रहे थे। वह शाम करीब 6:30 बजे सर्किट हाउस पहुंची थीं और उन्हें वही कमरा दिया गया था, जिसमें वह आमतौर पर ठहरती हैं। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…
Dainik Bhaskar महुआ मोइत्रा का आरोप-प्रशासन ने सर्किट हाउस खाली करने कहा:भीड़ ने जय श्रीराम के नारे लगाए; बोलीं- नहीं हटूंगी, लोकसभा स्पीकर को लेटर लिखा
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि बंगाल के नदिया जिला प्रशासन ने उन्हें देर रात कृष्णानगर के सर्किट हाउस का रुम खाली करने को कहा। उन्होंने कहा कि रुम खाली करने से मना करने के बाद सर्किट हाउस के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। भीड़ जय श्रीराम के नारे लगा रही थी और डराने की कोशिश कर रही थी। इस घटना को लेकर मोइत्रा ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को लेटर लिखा। इसमें सुरक्षा और प्रोटोकॉल के उल्लंघन का आरोप लगाया है। मोइत्रा बोली- मैं 2029 तक निर्वाचित सांसद हूं मोइत्रा ने X पर आगे कहा कि वह 2029 तक निर्वाचित सांसद हैं। लोकसभा का सत्र शुक्रवार को खत्म हुआ और वह कृष्णानगर सर्किट हाउस में रात रुक रही थीं, जो सांसदों के लिए आधिकारिक आवास है। उन्होंने कहा कि मौजूदा महिला सांसद होने और अपने ही लोकसभा क्षेत्र के सर्किट हाउस में ठहरने के बावजूद प्रशासन उन्हें कमरा खाली करने के लिए कहा। मोइत्रा ने कमरा खाली करने से इनकार कर दिया। उनके मुताबिक, जिला प्रशासन की ओर से उन्हें बार-बार फोन और मैसेज कर कमरा खाली करने के लिए कहा जा रहा था। मोइत्रा ने 2016 में विधानसभा जीता था मोइत्रा बेसिक एजुकेशन के बाद हायर एजुकेशन के लिए अमेरिका गईं। बाद में उनकी नौकरी लंदन के एक प्रतिष्ठित बैंक में लगी। कुछ सालों में उनका नौकरी से मोह भंग हुआ और वे राजनीति में आ गई। उन्होंने 2016 में पहला चुनाव पश्चिम बंगाल के करीम नगर विधानसभा से जीता था। 2019 में वे TMC के टिकट पर कृष्णानगर से लोकसभा चुनाव लड़ी और जीतीं। ------------- ये खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट बोला- सांसद अंडे फेंके जाने से डरते हैं:स्वतंत्रता सेनानियों ने गोलियां झेलीं, महुआ मोइत्रा की हेट स्पीच से जुड़ी याचिका खारिज की सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा की याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा, ‘राजनीति में आने के बाद अंडे फेंके जाने से क्यों डरती हैं, जबकि हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने गोलियां तक झेली थीं।’ पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar भास्कर अपडेट्स:टीवी चैनलों पर 12 मिनट एडवर्टाइजमेंट की सीमा हटेगी, सरकार का फैसला
सरकार ने टीवी चैनलों पर हर घंटे अधिकतम 12 मिनट विज्ञापन दिखाने की सीमा हटाने का फैसला किया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।मंत्रालय ने कहा कि प्रसारण क्षेत्र में हुए बड़े बदलावों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
Dainik Bhaskar भास्कर अपडेट्स:महाराष्ट्र के यवतमाल में रील बनाने के दौरान डैम में गिरीं 2 छात्राएं; दोनों की मौत
महाराष्ट्र के यवतमाल में सेल्फी लेने और रील बनाने के दौरान डैम में गिरने से दो कॉलेज छात्राओं की मौत हो गई। हादसा शुक्रवार को बोरगांव डैम में हुआ। पुलिस के मुताबिक, फार्मेसी कॉलेज के करीब 15 छात्र-छात्राओं का समूह कॉलेज की छुट्टी के बाद डैम घूमने गया था। इसी दौरान मोहिनी गौत्रे और अमृता खेडकर डैम की दीवार पर खड़े होकर मोबाइल से सेल्फी और रील बना रही थीं। रील बनाने के दौरान एक छात्रा का संतुलन बिगड़ गया और वह डैम में गिर गई। उसे बचाने के लिए उसकी दोस्त भी पानी में कूद गई। दोनों पानी की गहराई और तेज बहाव का अंदाजा नहीं लगा सकीं और बहाव में डूब गईं। आज की अन्य बड़ी खबरें… राहुल गांधी 22 अगस्त को पुणे में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में शामिल होंगे, महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर बात करेंगे राहुल गांधी 22 अगस्त को पुणे में छात्रों की गूंज अभियान के चौथे चरण में शामिल होंगे। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। सपकाल ने बताया कि राहुल गांधी कार्यक्रम में महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर बात करेंगे। हालांकि, कार्यक्रम का स्थान अभी तय नहीं किया गया है। राहुल ने 17 जून को राजस्थान के कोटा से इस अभियान की शुरुआत की थी। टीवी चैनलों पर 12 मिनट एडवर्टाइजमेंट की सीमा हटेगी, सरकार का फैसला सरकार ने टीवी चैनलों पर हर घंटे अधिकतम 12 मिनट विज्ञापन दिखाने की सीमा हटाने का फैसला किया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।मंत्रालय ने कहा कि प्रसारण क्षेत्र में हुए बड़े बदलावों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
Dainik Bhaskar तिरंगे के रंग में सजे 112 फीट ऊंचे आदियोगी:स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर दिखी देशभक्ति की झलक
तमिलनाडु के कोयंबटूर में ईशा योग केंद्र में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर 112 फीट ऊंची आदियोगी प्रतिमा तिरंगे के रंगों में जगमगा उठी। केसरिया, सफेद और हरे रंग की रोशनी से पूरा परिसर देशभक्ति के रंग में रंगा दिखाई दिया। खबर का वीडियो देखने के लिए कवर इमेज पर क्लिक करें…
Dainik Bhaskar तिरंगे के रंग में सजे 112 फीट ऊंचे आदियोगी:स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर दिखी देशभक्ति की झलक
तमिलनाडु के कोयंबटूर में ईशा योग केंद्र में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर 112 फीट ऊंची आदियोगी प्रतिमा तिरंगे के रंगों में जगमगा उठी। केसरिया, सफेद और हरे रंग की रोशनी से पूरा परिसर देशभक्ति के रंग में रंगा दिखाई दिया। खबर का वीडियो देखने के लिए कवर इमेज पर क्लिक करें…
Dainik Bhaskar इंडिपेंडेंस डे से पहले तिरंगे के रंग में रंगी दिल्ली:इंडिया गेट-राष्ट्रपति भवन तक दिखा आजादी का जश्न
भारत की आजादी के 80 साल पूरे होने के जश्न से पहले देश की राजधानी दिल्ली तिरंगे के रंग में रंग गई है। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शहर के कई ऐतिहासिक जगहों को तिरंगे की रोशनी से सजाया गया है। नेशनल मीयूजियम, इंडिया गेट और राष्ट्रपति भवन रात में केसरिया, सफेद और हरे रंग की रोशनी से जगमगाते नजर आए। खबर का वीडियो देखने के लिए कवर इमेज पर क्लिक करें…
Dainik Bhaskar सेना के लिए 1,577 करोड़ रुपए के रक्षा सौदे हुए:लॉइटरिंग म्युनिशन सिस्टम, हथियार और सामान खरीदा जाएगा
रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को भारतीय सेना के लिए लॉइटरिंग म्युनिशन सिस्टम, म्यूनिशन और दूसरे सामान खरीदने के लिए दो कंपनियों के साथ करीब 1,577 करोड़ रुपए के कॉन्ट्रैक्ट किए। नई दिल्ली में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में इन कॉन्ट्रैक्ट पर दस्तखत किए गए। मंत्रालय ने एक बयान में इसकी जानकारी दी। टाटा और NIBE के साथ कॉन्ट्रैक्ट मंत्रालय ने कहा, “रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना के लिए लॉटरिंग म्युनिशन सिस्टम, म्युनिशन और दूसरे सामान की खरीद के लिए टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड और निबे प्राइवेट लिमिटेड के साथ करीब 1,577 करोड़ रुपए के कॉन्ट्रैक्ट किए हैं।” मंत्रालय के मुताबिक, लॉटरिंग म्युनिशन सिस्टम एक अहम उपकरण है। इसे आर्टिलरी रेजिमेंट की क्षमता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। इससे भारतीय सेना की कुल ऑपरेशनल क्षमता मजबूत होगी। इस खरीद से सेना को क्या फायदा होगा… 1. आर्टिलरी की क्षमता बढ़ेगी: तोपखाने की यूनिटों को दुश्मन के महत्वपूर्ण लक्ष्यों का पता लगाने और उन्हें निशाना बनाने में अतिरिक्त क्षमता मिलेगी। 2. लक्ष्य पर हमला करने में लचीलापन: सिस्टम को टारगेट वाले एरिया में भेजकर वहां कुछ समय तक लक्ष्य तलाशा जा सकता है। 3. तेज रिएक्शन: लक्ष्य मिलने के बाद उसी सिस्टम का इस्तेमाल हमला करने के लिए किया जा सकता है। 4. बाय इंडियन कैटेगरी में खरीद: इस खरीद से घरेलू रक्षा उद्योग और भारत में सैन्य उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। 5. फास्ट ट्रैक प्रोक्योरमेंट: खरीद फास्ट ट्रैक प्रोसीजर के तहत की गई है। इसका उद्देश्य जरूरी सैन्य क्षमता को सामान्य लंबी खरीद प्रक्रिया की तुलना में तेजी से उपलब्ध कराना है।
Dainik Bhaskar राजस्थान की HPCL रिफाइनरी में फिर आग लगी:ऑयल लीकेज से हादसा, 15 मिनट में बुझाई; उद्घाटन से एक दिन पहले भी आग लगी थी
राजस्थान के बालोतरा में देश की सबसे हाईटेक हिंदुस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड (HPCL) की रिफाइनरी में एक बार फिर आग लग गई। शुक्रवार शाम करीब 6 बजे क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) में ऑयल रिसाव हो रहा था, जहां चिंगारी के बाद आग लग गई। हालांकि आग लगते ही रिफाइनरी का फायर सिस्टम एक्टिव हो गया और सायरन भी बजने लगे। धुआं उठने पर मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर फायर बिग्रेड की गाड़ियां पहुंची और करीब 15 मिनट में आग पर काबू पा लिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आग से बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। इस रिफाइनरी का उद्घाटन 21 अप्रैल को होना था। इससे पहले रिफाइनरी में 20 अप्रैल को यहां आग लग गई थी। आग की वजह से 21 अप्रैल को होने वाला उद्घाटन टल गया था। इसके बाद 4 जुलाई को पीएम मोदी ने इसका उद्घाटन किया था। 20 अप्रैल को लगी आग 3 घंटे में बुझी थी इसी साल 20 अप्रैल को रिफाइनरी के दो हिस्सों क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) और वैक्यूम डिस्टिलेशन यूनिट (VDU) में आग लग गई थी। यूनिट से धुआं उठने पर कर्मचारियों ने फायर सेफ्टी सिस्टम चालू किया। इसके बाद मौके पर पहुंचीं फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने 2 से 3 घंटे में आग पर काबू पाया। इस दौरान यूनिट से लपटें उठती रहीं। यह घटना 21 अप्रैल को रिफाइनरी के उद्घाटन से एक दिन पहले हुई थी। हादसे के बाद पीएम नरेंद्र मोदी का यहां आने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद यहां पर रिपेयरिंग का काम किया गया और 4 जुलाई को प्रधानमंत्री ने रिफाइनरी का उद्घाटन किया। 4500 एकड़ में बनी है HPCL की रिफाइनरी सरकारी तेल कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड यानी HPCL की यह रिफाइनरी राजस्थान में नए बने जिले बालोतरा के पचपदरा में मौजूद है। 4500 एकड़ (7200 बीघा) में बनी रिफाइनरी में विदेशों से मंगाए जाने वाले कच्चे तेल को प्रोसेस करने और उससे अलग-अलग प्रोडक्ट तैयार करने के लिए पूरा कॉम्प्लेक्स बनाया गया है। यहां सालाना 9 मिलियन टन कच्चा तेल साफ किया जा सकता है। देश की सबसे हाईटेक रिफाइनरी पचपदरा रिफाइनरी HPCL (74%) और राजस्थान सरकार (26%) का संयुक्त उपक्रम है। 15 साल के लंबे इंतजार और 42,229 करोड़ रुपए की अतिरिक्त लागत (शुरुआती लागत से तुलना) के बाद अब यह रेगिस्तान की तस्वीर बदलने को तैयार हुई है। पचपदरा रिफाइनरी की सबसे बड़ी खासियत इसका नेल्सन कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स (NCI) है। यह लगभग 17 है। तकनीकी भाषा में इसका मतलब है कि यह देश की सबसे उन्नत, हाई-कन्वर्जन रिफाइनरी है। यह दुनिया के किसी भी कोने से आने वाले भारी, निम्न गुणवत्ता (लो क्वालिटी) वाले कच्चे तेल को भी बेशकीमती पेट्रोल, डीजल, पेट्रोकेमिकल में बदलने की क्षमता रखती है। इस रिफाइनरी के अधिकांश रिएक्टर, कॉलम, भारी टैंक भारत में ही बने हैं। इसका दिमाग यानी कंट्रोल सिस्टम, हाई-प्रेशर कंप्रेसर के लिए अमेरिका, जापान, यूरोप की तकनीक का सहारा लिया गया है। इसकी फिनिशिंग, वेल्डिंग की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय स्तर की बनाए रखने के लिए नीदरलैंड के टेक्निशीयन ने यहां काम किया। ये खबर भी पढ़िए… राजस्थान में हिंदुस्तान पेट्रोलियम की रिफाइनरी में आग:कई घंटे बाद काबू पाया गया; कल प्रधानमंत्री उद्घाटन करने वाले थे, घटना के बाद कार्यक्रम स्थगित राजस्थान में बाड़मेर के नजदीक बालोतरा में हिंदुस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड (HPCL) की रिफाइनरी में सोमवार दोपहर 2 बजे भीषण आग लग गई। जानकारी के मुताबिक आग रिफाइनरी में कच्चे तेल को साफ करने वाली दो यूनिट में लगी। (पूरी खबर पढ़ें) PM बोले- भारत सबसे बड़े ऊर्जा संकट से उबरा:2 हजार तक पहुंच सकती थी घरेलू सिलेंडर की कीमत, राजस्थान रिफाइनरी का उद्घाटन किया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 जुलाई को बालोतरा के पचपदरा में देश की सबसे आधुनिक रिफाइनरी का उद्घाटन किया। पीएम ने कहा- पश्चिमी एशिया में हुए युद्ध के कारण 21वीं सदी का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट पैदा हो गया था। इस दौरान भारत की दृढ़ शक्ति के कारण सबसे बड़ा संकट भी छोटा हो गया। (पूरी खबर पढ़ें)
Dainik Bhaskar 78 गैलेंट्री अवॉर्ड का ऐलान, इस बार 19 शौर्य चक्र:13 मरणोपरांत पुरस्कार भी; 1 जवान को शौर्य चक्र और 5 को दोबारा सेना मेडल
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर सशस्त्र बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के जवानों के लिए 78 वीरता पुरस्कारों को मंजूरी दी है। इनमें 13 मरणोपरांत पुरस्कार शामिल हैं। वीरता पुरस्कारों की लिस्ट वीरता पुरस्कारों में बार शब्द का मतलब क्या है गैलेंट्री अवॉर्ड्स में बार शब्द का मतलब एक ही वीरता पुरस्कार उसी व्यक्ति को दोबारा मिलने पर उस दोबारा की गई वीरता को मूल पदक के साथ अलग से मान्यता देना है। मान लीजिए किसी सैन्य अधिकारी को शौर्य चक्र मिला। बाद में वह फिर ऐसी असाधारण वीरता दिखाता है जिसके लिए उसे दोबारा शौर्य चक्र दिए जाने की पात्रता बनती है। ऐसी स्थिति में उसे दूसरा अलग शौर्य चक्र देने के बजाय उसके मूल शौर्य चक्र के साथ एक “बार” प्रदान किया जाता है।
Dainik Bhaskar विदेशी नेताओं पर टिप्पणी पर MEA की नसीहत:किसी भी मुद्दे को सम्मानपूर्वक उठाएं, राहुल गांधी ने विदेश नीति पर किया था कमेंट
विदेश मंत्रालय ने विदेशी नेताओं से संबंधित राजनीतिक टिप्पणियों में संयम और सम्मान बरतने का आह्वान किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत के इटली के साथ मजबूत संबंध हैं और वह इन संबंधों को और मजबूत करना चाहता है। जायसवाल ने किसी का नाम नहीं लिया। लेकिन, उनका इशारा राहुल गांधी की तरह हो सकता है क्योंकि, एक दिन पहले ही राहुल गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर कटाक्ष किया था। गुरुवार को दिल्ली में हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय सम्मेलन में राहुल गांधी ने कहा था कि पीएम मोदी की विदेश नीति नेताओं को गले लगाने तक ही सीमित रह गई है। इस दौरान मंच से कांग्रेस नेता ने इटली की प्रेसीडेंट मेलोनी का नाम लेकर भी कमेंट किया था। संदीप ने कहा- आपने मुझे मेलोनी समझकर तो नहीं पकड़ा था राहुल गांधी ने पीएम मोदी की विदेश नीति पर निशाना साधते हुए कहा था कि पीएम की कूटनीति विदेशी नेताओं को गले लगाने से कुछ ज्यादा ही जुड़ी हुई है। मुझे नहीं पता कि उन्हें यह विचार कहां से आया। उन्हें लगता है कि गले लगाना ही विदेश नीति है। ऐसा कहते हुए राहुल ने मंच पर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को गले लगा लिया। वहीं, दीक्षित ने चुटकी लेते हुए कहा था- आपने मुझे मेलोनी समझकर तो नहीं पकड़ा था?" राहुल ने जवाब दिया- मैं अभी वहां तक नहीं पहुंचा हूं। उनकी इस बात से लोग हंस पड़े। राहुल के स्पीच की 4 बड़ी बातें ------------------- ये खबर भी पढ़ें… राहुल बोले-देश में लोगों को बोलने से रोका जा रहा:हमारा काम आवाज बुलंद करना लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को आरोप लगाया, ‘सरकार लोगों को अपनी बात रखने से रोक रही है। सरकार व्यवस्था लागू करना चाहती है, जबकि कांग्रेस का काम भारत को अपनी बात कहने का मौका देना है। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar राष्ट्रपति मुर्मू का देश के नाम संबोधन थोड़ी देर में:80वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति भवन में डिनर भी होस्ट करेंगी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश को संबोधित करेंगी। यह संबोधन शाम 7 बजे आकाशवाणी के पूरे राष्ट्रीय नेटवर्क पर प्रसारित किया जाएगा। दूरदर्शन के सभी चैनलों पर पहले हिंदी में और उसके बाद अंग्रेजी में दिखाया जाएगा। दूरदर्शन पर हिंदी और अंग्रेजी में संबोधन के प्रसारण के बाद, दूरदर्शन के रीजनल चैनल क्षेत्रीय भाषाओं में इसका प्रसारण किया जाएगा। आकाशवाणी रीजनल नेटवर्क पर रात 9:30 बजे क्षेत्रीय भाषाओं में इसे टेलीकास्ट करेंगे। द्रौपदी मुर्मू देश की 15वीं राष्ट्रपति हैं। वे इस सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुंचने वाली देश की पहली आदिवासी और दूसरी महिला राष्ट्रपति हैं। 64 साल की मुर्मू ने साल 2022 देश में सबसे कम उम्र में राष्ट्रपति बनने का रिकॉर्ड भी बनाया। एट होम रिसेप्शन में आएंगे 650 गेस्ट, 100 VVIP राष्ट्रपति भवन में होने वाले एट होम रिसेप्शन का आयोजन अमृत उद्यान परिसर में होगा। शाम 6 बजे से होने वाले इवेंट में करीब 650 मेहमानों को बुलाया गया है। इसमें से 100 VVIP गेस्ट होंगे।
Dainik Bhaskar बैंकॉक में 28 घंटे से फंसे भारत के 200 लोग:MP के भी कई यात्री; एअर इंडिया की फ्लाइट से वापस लौटना था; तकनीकी खराबी आई
थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भारत के 200 लोग गुरुवार शाम से फंसे हैं। वे एअर इंडिया की फ्लाइट से वापस भारत लौट रहे थे, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण फ्लाइट रनवे से वापस लौट आई यात्रियों में कई मध्य प्रदेश के भी हैं। उनका कहना है कि एअर इंडिया ने न तो फ्लाइट कैंसिल की और न ही रिफंड किया। कभी 2 तो कभी 4 घंटे फ्लाइट डिले बताई जा रही है। इस तरह 28 घंटे बीत चुके हैं। इससे यात्रियों में नाराजगी भी देखने को मिली है। शाम 4 बजे एयरपोर्ट पहुंचे थे, फ्लाइट अभी तक नहीं मिली यात्रियों ने बताया कि गुरुवार शाम 4-5 बजे से ही एयरपोर्ट पहुंचे थे। हम बहुत परेशान हैं। 28 घंटे से सिर्फ इंतजार ही कर रहे हैं, लेकिन कोई दूसरी फ्लाइट अरेंज नहीं की जा रही है। एअर इंडिया के किसी भी अधिकारी ने बात नहीं की है शुक्रवार को सिर्फ चेक इन और चेक आउट ही कर रहे हैं। छोटे बच्चे और महिलाएं भी हैं। सब नौकरीपेशा हैं। घंटों से परेशान हो रहे हैं। कभी एयरपोर्ट तो कभी होटल में भेज रहे इंदौर की दिव्या माहेश्वरी ने बताया कि वह अपनी बुआ के साथ घूमने आई थीं। गुरुवार की शाम 5.30 बजे बैंकॉक से वापसी की एअर इंडिया की फ्लाइट थी। यह फ्लाइट दिल्ली के लिए थी। शाम 6 बजे बोर्डिंग किया और 6.15 बजे रन-वे पर आ गए। सभी पैसेंजर फ्लाइट सनसेट का वीडियो बना रहे थे। तभी कुछ देर में ही फ्लाइट वापस रनवे पर पहुंची। केबिन की लाइट ऑन हुई तो क्रू मेंबर्स से पूछा कि क्या हुआ? उन्होंने तकनीकी खराबी आने का हवाला दिया और अपडेट लेने की जानकारी दी। गुरुवार रात 8.30 बजे तक फ्लाइट में बैठाकर रखा गया था। आधे घंटे के बाद फ्लाइट से उतारा और एयरपोर्ट पर पहुंचे। यात्रियों ने जानकारी दी कि रात 11.15 बजे फ्लाइट उड़ान भरेगी। कुछ देर बाद फ्लाइट अगले दिन तक रद्द रहने की बात कही गई। रात 12 बजे की होटल की व्यवस्था एअर इंडिया ने ही होटल की व्यवस्था की। जहां रात 12 बजे पहुंचे। आज, शुक्रवार को शाम 5.30 बजे की फ्लाइट होने की बात कही। दोपहर 1.30 बजे एयरपोर्ट पर वापस आए। तीन से चार घंटे तक इंतजार करने के बाद कहा गया कि शाम 7.15 बजे फ्लाइट उड़ान भरेगी। मौजूदा एयर प्लेन में तकनीकी खराबी होने की वजह से यात्रियों ने एअर इंडिया से दूसरे प्लेन से भारत भेजने की मांग भी की। कई यात्री ऐसे हैं, जो दूसरी फ्लाइट से भारत लौट आए। एअर इंडिया बोला- ऑपरेशनल कारणों से बदला शेड्यूल एअर इंडिया ने यात्रियों को भेजे ई-मेल में कहा कि बैंकॉक से नई दिल्ली जाने वाली फ्लाइट AI4335 का शेड्यूल परिचालन (Operational) कारणों से बदला गया है। कंपनी के मुताबिक फ्लाइट अब 14 अगस्त को बैंकॉक समयानुसार शाम 7:15 बजे रवाना होगी और रात 10 बजे दिल्ली पहुंचेगी। एअर इंडिया ने यात्रियों से हुई असुविधा पर खेद जताया है। ई-मेल में देरी का कारण ऑपरेशनल रीजन बताया गया है, तकनीकी खराबी का उल्लेख नहीं किया गया। ------------- यह खबरें भी पढ़ें फुकेट-दिल्ली फ्लाइट 4 सेकेंड तक आउट ऑफ कंट्रोल रही थी:एयरबस कंपनी की जांच में खुलासा एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट के करीब 300 फीट नीचे आने की घटना में नया खुलासा हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स में एयरबस की शुरुआती ब्लैक बॉक्स जांच के मुताबिक, विमान के तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम एक साथ फेल हो गए थे। इस वजह से 4 सेकंड तक विमान पायलट के कंट्रोल से बाहर हो गया था। पढ़ें पूरी खबर
Dainik Bhaskar पंजाब-चंडीगढ़ दिनभर,10 बड़ी खबरें:सुखबीर बादल डिस्चार्ज, बोले- डरने वाला नहीं; घोड़ी के चक्कर में ₹5 लाख गंवाए; बच्ची के प्राइवेट पार्ट में 50 टांके, 4 सर्जरी हुईं
नमस्कार, पंजाब-चंडीगढ़ में आज की सबसे बड़ी खबर अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह से जुड़ी रही। उनके घर पर फायरिंग हुई। गाड़ी पर गोली के निशान पड़े हैं। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें… इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. अकाल तख्त के पूर्व जत्थेदार के घर पर फायरिंग अमृतसर के प्रताप नगर में अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह के घर पर कई राउंड फायरिंग की गई। घटना का पता उस समय चला, जब घर के बाहर खड़ी कार पर गोली लगने का निशान मिला और मौके से एक कारतूस भी बरामद हुआ। सीसीटीवी फुटेज में गोली चलने की आवाज रिकॉर्ड होने की भी बात सामने आई है। साथ ही लाल टी-शर्ट पहने एक युवक स्कूटर पर जाते हुए नजर आया है। जिसे पुलिस स्कूटर के नंबर से ट्रेस कर रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल भी मौके पर पहुंचे। डीसीपी इन्वेस्टिगेशन रविंदर पाल सिंह संधू ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गोली ऊपर से चलकर नीचे की ओर आई और इसके बाद घटनास्थल पर लगी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गोली किस दिशा से चली। पुलिस ने उनके PSO से भी पूछताछ की है। पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने ही करीब 2 साल पहले सुखबीर बादल को बेअदबी मामले में धार्मिक सजा सुनाई थी। सुखबीर बादल पर कल (13 अगस्त को) महाराष्ट्र के नांदेड में गुरुद्वारा माता साहिब में निहंग ने कृपाण से हमला कर दिया था। (पढ़ें पूरी खबर) 2. सुखबीर बादल सर्जरी के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज महाराष्ट्र के नांदेड में गुरुद्वारा माता साहिब में निहंग के हमले से घायल शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष व पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। सुखबीर के हाथ पर कृपाण से करीब 5 सेंटीमीटर का कट लगा था। डॉक्टरों ने उन्हें 8 से 9 टांके लगाए। सर्जरी के बाद उन्हें गुरुवार को नांदेड़ अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। अस्पताल से निकलने के बाद उन्होंने कहा कि मैं पंजाब में अशांति नहीं फैलने दूंगा। ऐसा कभी नहीं होने दूंगा। मेरे पिता जब तक सीएम रहे, कभी ऐसा नहीं होने दिया। मुझ पर कितने भी हमले हो जाएं, मैं डरने वाला नहीं हूं। जिस पर गुरु का हाथ है, उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। सुखबीर बादल पर बीते कल (13 अगस्त) हमला हुआ। आरोपी निहंग जसपाल सिंह ने सुखबीर बादल के सामने आते ही अपनी कृपाण निकालकर उनकी छाती की तरफ वार किया, लेकिन सुखबीर बादल ने अपना हाथ आगे कर दिया, जिसकी वजह से कृपाण छाती तक नहीं पहुंची और बाजू में घाव हो गया। हमलावर निहंग दूसरा वार करता, तब तक महाराष्ट्र पुलिस की स्पेशल प्रोटेक्शन यूनिट के इंस्पेक्टर संतोष वैजनाथ केंद्रे ने अपना हाथ आगे किया। जिससे उन्हें भी चोट लगी। इसके बाद हमलावर को काबू कर लिया गया। (पढ़ें पूरी खबर) 3. शिवराज चौहान बोले- विपक्ष ने संसद नहीं चलने दी चंडीगढ़ पहुंचे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दुनिया के विभिन्न देशों के साथ हुए सभी समझौतों में भारत के हितों का ध्यान रखा गया है। देश का नुकसान नहीं हुआ है। राष्ट्रहित सर्वोपरि है। किसान और जनता के हित भी सरकार के लिए महत्वपूर्ण हैं। कृषि मंत्री ने कहा कि संसद बहस और चर्चा के लिए है। विपक्ष ने इसे चलने नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों और गरीबों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होनी थी, लेकिन बार-बार नई मांगें रखकर संसद की कार्यवाही बाधित की गई। यह देखकर दुख होता है। विपक्ष लोकतंत्र की मर्यादा और संविधान को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि एक तरफ नेता प्रतिपक्ष लोगों को गले लगाते हैं और विदेश नीति की बात करते हैं, वहीं उसी पार्टी का दूसरा व्यक्ति प्रधानमंत्री के लिए गलत भाषा का इस्तेमाल करता है। उन्होंने इसे देश की माताओं और बहनों का अपमान बताया। इससे पहले कृषि मंत्री ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत CBDC आधारित प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) योजना का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया भी मौजूद रहे। (पढ़ें पूरी खबर) 4. मेक्सिको में फंसा पंजाबी युवक, वीडियो में रोता दिखा पंजाबी सिख युवक ने रोते हुए एक वीडियो जारी किया है। इसमें वह मेक्सिको में फंसे होने की बात बताते हुए लोगों से वहां न आने की अपील कर रहा है। वीडियो में युवक कमरे के अंदर बिस्तर पर लेटा हुआ दिखाई दे रहा है। वह हाथ जोड़कर अपने साथ हुई मारपीट के बारे में बता रहा है। वीडियो पर कैप्शन लिखा है- ‘मेक्सिको में भारतीय सिख के साथ घिनौना व्यवहार।’ युवक ने बताया कि वह डंकी रूट के जरिए मेक्सिको पहुंचा था। वहां से निकलने और भागने की कोशिश की, लेकिन उसके साथ मारपीट की गई। युवक का कहना है कि मारपीट के कारण वह ठीक से चल भी नहीं पा रहा है। वीडियो में युवक काफी परेशान और डरा हुआ नजर आ रहा है। वह रोते हुए लोगों से अपील करता है कि वे मेक्सिको जाने की कोशिश न करें। साथ ही, उसने लोगों से कहा कि वे किसी एजेंट के झांसे में न आएं और डंकी रूट के जरिए विदेश जाने से बचें। हालांकि वीडियो में युवक ने अपना नाम और पता नहीं बताया है। (पढ़ें पूरी खबर) 5. चार जिलों में बारिश, पठानकोट-जोगिंदर नगर रेल मार्ग ठप चंडीगढ़, मोहाली, लुधियाना, पटियाला और पठानकोट में बारिश हुई। चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र ने पंजाब और चंडीगढ़ में आज बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने 19 अगस्त तक मौसम खराब रहने की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों को तूफान के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी है। राज्य के अधिकतम तापमान में 0.7 डिग्री की बढ़ोतरी हुई, जिससे यह सामान्य से 2.7 डिग्री अधिक हो गया है। सबसे अधिक तापमान 37.2°C पटियाला में दर्ज किया गया। पठानकोट और हिमाचल के कांगड़ा क्षेत्र में हो रही मूसलाधार बारिश व रेल पटरियों पर पत्थर गिरने (भूस्खलन) के चलते ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। रेलवे प्रशासन के अनुसार पठानकोट-बैजनाथ पपरोला सेक्शन पर चलने वाली 4 ट्रेनों को अगले आदेश तक रद्द कर दिया गया है। इसके तहत ट्रेन संख्या 52467, 52470, 52474 और 52465 को अगले आदेश तक रद्द कर दिया गया है। ट्रेन संख्या 52464, जो बैजनाथ पपरोला से ज्वालामुखी रोड रेलवे स्टेशन के बीच चलती है, अब केवल कोपरलाहड़ रेलवे स्टेशन तक संचालित होगी। (पढ़ें पूरी खबर) 6. लेडी इंस्पेक्टर के परिवार ने पति-सास को पीटा मोहाली के जीरकपुर की एयरोसिटी में बिजली विभाग के कर्मचारी और उसकी मां पर बहू ने अटैक करवा दिया। पीड़ित परिवार ने कहा कि बहू पंजाब पुलिस में इंस्पेक्टर है। उसने अपने परिजन घर पर भेजकर डंडों से हमला करवाया। परिवार का दावा है कि बहू का पटियाला के कांस्टेबल से रिलेशन है, जिसको लेकर घर में आए दिन विवाद होता था। इसकी शिकायत बहू के परिवार वालों से भी की थी। जिसके बाद उसके पिता और भाई पति पर ही हमला करने आ गए। कर्मचारी के सिर और उसकी मां की टांगों पर डंडों से कई वार किए गए। इसका एक सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है। घटना के बाद परिवार ने जीरकपुर थाने में शिकायत दी। परिवार का आरोप है कि कई दिन बीतने के बावजूद मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। परिवार का दावा है कि महिला पुलिस अधिकारी होने के कारण उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की जा रही। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच चल रही है। (पढ़ें पूरी खबर) 7. पपीता का नाम सुनते ही कांपने लगती है बच्ची, रेप के बाद फेंकी प्राइवेट पार्ट पर 50 टांके…4 सर्जरियां और रात में चीखकर उठ बैठती 13 साल की मासूम। जालंधर में श्मशान घाट के पास बोरी में खून से लथपथ मिली बच्ची की चोटों को डॉक्टरों ने इलाज कर ठीक किया, लेकिन उसके मन पर लगा जख्म आज भी नहीं भरा है। घटना के बाद बच्ची ने बताया था कि राजेश अंकल ने उसे पपीता देने का बहाना बनाकर बाइक पर बैठाया और सुनसान जगह ले गए। वहां उसके साथ गलत काम (रेप) किया और बाद में उसे बोरी में भरकर श्मशान घाट के पास फेंक दिया। यही कारण है कि बच्ची पपीते का नाम सुनते ही आज भी डर से कांपने लगती है। आरोपी के फरार होने और जिला कोर्ट से अंतिम मुआवजा नहीं मिलने के बाद पीड़ित परिवार अब न्याय की आखिरी आस लेकर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचा है। मामले की पैरवी कर रहीं एडवोकेट सिमरन कौर ने कहा कि बच्ची फिलहाल 7वीं कक्षा में पढ़ रही है और अपनी आगे की पढ़ाई जारी रखे हुए है। उन्होंने कहा कि बच्ची को न्याय दिलाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। (पढ़ें पूरी खबर) 8. 12 पुलिस अधिकारियों को राष्ट्रपति मेडल मिलेगा स्वतंत्रता दिवस पर पंजाब पुलिस के 12 अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया जाएगा। इनमें इंस्पेक्टर बलजीत सिंह को राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक के लिए चुना गया है, जबकि 11 अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रपति सराहनीय सेवा पदक मिलेगा। सराहनीय सेवा पदक पाने वालों में IGP बाबू लाल मीणा, IGP एस. भूपति, DSP सुभाष चंद, DSP जसवीर सिंह, DSP करनैल सिंह, DSP संजीव कुमार, ACP गगनदीप सिंह, ASI निर्मल सिंह, इंस्पेक्टर निर्मल सिंह, इंस्पेक्टर रामपाल सिंह और IGP नवनीत सिंह विर्क शामिल हैं। ये पदक पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को उनकी उत्कृष्ट, सराहनीय और लंबी सेवा के लिए दिए जाते हैं। (पढ़ें पूरी खबर) 9. अनाज मंडी में तेजधार हथियार से काटकर युवक की हत्या फाजिल्का की अनाज मंडी में युवक की तेजधार हथियारों से काटकर हत्या कर दी गई। इस हमले में युवक का 4 वर्षीय भतीजा भी घायल हुआ है। मृतक सौरव कुमार आर्य नगर का रहने वाला था। उसके पिता संदीप सिंह और मां दुर्गा रानी ने बताया कि सौरव अपने भतीजे को साथ लेकर छाछ लेने के लिए निकला था। इसी दौरान अनाज मंडी के पास घात लगाए बैठे कुछ युवकों ने उस पर अचानक तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। इससे उसके हाथ, पैर, सिर, मुंह और बाजुओं पर गंभीर चोटें आईं। इससे उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पिता ने बताया कि बेटे की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी और उन्हें नहीं पता कि उनके बेटे को किस कसूर की इतनी खौफनाक सजा मिली है। पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से इंसाफ की मांग की है। डीएसपी बीएस रंधावा ने बताया कि पुलिस ने करीब 4 से 5 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं, जो संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। (पढ़ें पूरी खबर) खबर जरा हटके… 10. 25 लाख की घोड़ी पसंद आई, 5 लाख लेकर भागा शख्स मोगा के बाघापुराना में 25 लाख रुपए की घोड़ी खरीदने का सौदा हुआ। खरीदार ने सौदा पक्का करने के लिए 5 लाख रुपए टोकन मनी दे दी, लेकिन इसके बाद न घोड़ी मिली और न ही रकम वापस हुई। शिकायत के बाद पुलिस ने गुजरात के मेहसाणा निवासी विशाल एस. पटेल के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता परमिंदर सिंह ने पुलिस को बताया कि उन्होंने आरोपी से मारवाड़ी नस्ल की घोड़ी खरीदने का सौदा किया था। दोनों पक्षों के बीच घोड़ी की कीमत करीब 25 लाख रुपए तय हुई थी। सौदे को पक्का करने के लिए आरोपी को 5 लाख रुपए टोकन मनी के रूप में दिए थे। परमिंदर सिंह ने बताया कि रकम लेने के बाद आरोपी ने न तो घोड़ी उपलब्ध करवाई और न ही टोकन के तौर पर लिए गए 5 लाख रुपए वापस किए। काफी समय तक इंतजार और संपर्क करने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला, जिसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। थाना प्रभारी मनप्रीत सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है और आरोपी से जुड़े तथ्यों व लेन-देन की जानकारी जुटाई जा रही है। (पढ़ें पूरी खबर) (कल शाम 6 बजे फिर होगी मुलाकात)
Dainik Bhaskar रिजिजू बोले- जंतर-मंतर पर गोली नहीं चली:तो किसने चलाई का सवाल ही नहीं उठता, हजारों की भीड़ में पैलेट्स गन से दो ही घायल क्यों हुए
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को कहा कि जंतर-मंतर पर पुलिस ने प्रदर्शन को रोकने के लिए ज्यादा बल का प्रयोग नहीं किया। इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में रिजिजू ने कहा कि, जब हजारों की भीड़ संसद की तरफ बढ़ेगी तो सुरक्षाबल रोकने का प्रयास तो करेंगे। रिजिजू ने आगे कहा कि, विपक्ष प्रदर्शन के दौरान गोली चलने का झूठा दावा कर रहा है। जब जंतर-मंतर पर गोली चली ही नहीं तो किसने चलाई का सवाल नहीं उठता। विपक्ष ने आरोप लगाया था कि 20 जुलाई के संसद मार्च के दौरान पुलिस ने पैलेट गन समेत अत्यधिक बल का इस्तेमाल किया। रिजिजू ने कहा कि अगर हजारों लोगों के प्रदर्शन में पैलेट गन चलाई गई होती तो बड़ी संख्या में लोग घायल होते। सिर्फ एक-दो लोगों को चोट नहीं लगती। दरअसल राहुल गांधी ने दावा किया था पैलेट्स गन से दो छात्र घायल हुए थे। एक प्रदर्शनकारी के शरीर पर करीब 20 पैलेट के घाव मिले थे। मेडिकल रिकॉर्ड में उसकी पीठ और कोहनी पर चोटों का जिक्र था। एक अन्य प्रदर्शनकारी की आंख में गंभीर चोट की भी रिपोर्ट सामने आई थी। राहुल के पैलेट गन चलने के 2 दावे…. 24 जुलाई: घायल छात्र की टी-शर्ट उठाकर घाव दिखाए राहुल गांधी ने 24 जुलाई को अपने आवास 10 जनपथ पर छात्रों के प्रदर्शन में घायल एक स्टूडेंट के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। राहुल ने कहा, 'मैं यह बताना चाहता हूं कि यहां खड़ा मेरा भाई उस समय पैलेट गन से घायल हो गया था, जब वह तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध-प्रदर्शन कर रहा था।' 29 जुलाई: छात्रों पर दिल्ली में पैलेट गन चली, नुकीली लाठियां मारी गईं राहुल ने 29 जुलाई को फिर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। एक छात्र का चेहरा दिखाते हुए कहा कि उस पर पैलेट गन चलाई गई, जिससे उसकी आंख में चोट लगी। राहुल ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान शॉक बैटन इस्तेमाल किया गया। लाठी में कील लगाकर स्टूडेंट्स को मारा गया। महिलाओं को पुलिसकर्मियों ने थप्पड़ मारा। सादे कपड़े में RSS के गुंडे पहुंचे और छात्रों की पिटाई की। 20 जुलाई को कॉकरोच पार्टी ने संसद मार्च निकाला, पुलिस का लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले छोडे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकाला था। सुबह 8 बजे शुरू हुए प्रदर्शन में 10 बजे बैरिकेड तोड़कर प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़े। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, जबकि देर शाम पथराव की तस्वीरें भी सामने आईं। प्रदर्शन में 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी और इतने ही प्रदर्शनकारी घायल हुए। CJP ने आरोप लगाया कि पुलिस ने निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, पैलेट्स गन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
Dainik Bhaskar सीजेआई कांत ने कहा, टिप्पणी का गलत इस्तेमाल हुआ:युवाओं को भटकाने की कोशिश, सोशल मीडिया पर बिना संदर्भ क्लिप से जताई चिंता
प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने कहा है कि उनकी मौखिक टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया गया और देश के युवाओं को भटकाने के लिए गलत मंशा से इस्तेमाल किया गया। उन्होंने सोशल मीडिया पर अदालती कार्यवाही की क्लिप बिना पूरे संदर्भ के प्रसारित किए जाने पर चिंता जताई। सीजेआई ने कहा कि अदालती कार्यवाही के छोटे वीडियो आजकल सोशल मीडिया पर बिना पर्याप्त संदर्भ के शेयर किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो बात कही ही नहीं गई, उसे ऐसे पेश किया जाता है जैसे वह कही गई हो। 15 मई को टिप्पणी पर शुरू हुआ ऑनलाइन आंदोलन 15 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान सीजेआई कांत ने फर्जी डिग्री वाले कुछ लोगों की तुलना ‘कॉकरोच’ से की थी। उन्होंने कहा था कि ऐसे लोग सिस्टम पर हमला करने के लिए सोशल मीडिया या आरटीआई एक्टिविस्ट बन जाते हैं। सीजेआई की इस टिप्पणी के बाद युवाओं में बड़े स्तर पर विरोध हुआ। इसके बाद व्यंग्य के तौर पर ऑनलाइन आंदोलन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) शुरू हुआ। डीडी न्यूज को दिए इंटरव्यू में सीजेआई कांत ने कहा कि जो हुआ, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था। उन्होंने साफ किया कि जिन लोगों की बात थी, उनके बारे में वह ऐसी बातें सोच भी नहीं सकते। उन्होंने कहा, “मेरी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया गया और उसका गलत इस्तेमाल हुआ। जो बात कही ही नहीं गई, उसे ऐसे दिखाया गया जैसे वह कही गई हो। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। खास तौर पर, यह देश के युवाओं को भटकाने की एक बड़ी गलत मंशा वाली कोशिश है।” मीडिया से अदालती कार्यवाही की जिम्मेदारी से रिपोर्टिंग की अपील सीजेआई ने मीडिया से अदालती कार्यवाही की जिम्मेदारी से रिपोर्टिंग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज में सद्भाव बनाए रखना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा, “आप सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया या किसी भी तरह के मीडिया में हैं, या केवल एक नागरिक हैं। हम सभी के पास अधिकार, संवैधानिक कर्तव्य और जिम्मेदारियां हैं।” सीजेआई ने कहा, “जब हम अधिकारों की बात करते हैं, तो हमारे पास अपनी जिम्मेदारियां पूरी करने की क्षमता भी होनी चाहिए। इसलिए मैं उनसे अपनी जिम्मेदारियों को ध्यान में रखने की अपील करूंगा। समाज में सद्भाव बनाए रखने के लिए हम सभी को लगातार प्रयास करने चाहिए।” जंतर-मंतर के प्रदर्शन में दोनों पक्षों के लोग घायल हुए एक महीने से ज्यादा समय तक चले सीजेपी के नेतृत्व वाले प्रदर्शनों में जंतर-मंतर पर नीट-यूजी पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसमें दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए। इन प्रदर्शनों के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। न्यायिक कार्यवाही की क्लिप से कमाई पर रोक की बात सीजेआई ने अपने हाल के आदेश का भी जिक्र किया। इस आदेश में अदालती कार्यवाही की ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग को सोशल मीडिया और दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बिना अनुमति फैलाने, दोबारा पोस्ट करने, अपलोड करने और उससे कमाई करने पर रोक लगाई गई है। 53वें सीजेआई ने कहा कि न्यायिक कार्यवाही में पारदर्शिता जरूरी है, लेकिन इसका व्यावसायिक फायदा नहीं उठाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “हम न्यायपालिका में पारदर्शिता लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। पारदर्शिता होनी चाहिए। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए हमने सुप्रीम कोर्ट में लाइव स्ट्रीमिंग शुरू की।” सीजेआई ने कहा, “लेकिन लाइव स्ट्रीमिंग का गलत इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। खास तौर पर इसका व्यावसायिक इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। लोग छोटे-छोटे क्लिप अपने निजी फायदे और व्यावसायिक लाभ के लिए गलत तरीके से इस्तेमाल करते हैं। यह बंद होना चाहिए।”
Dainik Bhaskar डोभाल बोले- भारत की सहनशीलता को कमजोरी न समझें:भारत सख्त जवाब दे सकता है; 88 घंटे ऑपरेशन सिंदूर चलाया, आतंकी कैंप तबाह किए
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने कहा कि भारत की उदारता और सहनशीलता को कमजोरी नहीं समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत जोखिम उठा सकता है और नतीजों की परवाह किए बिना कड़ा प्रहार कर सकता है। डोभाल ने यह बात डिस्कवरी की आने वाली डॉक्यूमेंट्री सीरीज ‘डिक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर’ में कही है। यह ऑपरेशन 88 घंटे चला था और इसका मकसद खास तौर पर पहलगाम आतंकी हमले के जिम्मेदार दुश्मन के कैंप तबाह करना था। यह ऑपरेशन पर डोभाल का पहला इंटरव्यू है। उन्होंने कहा, “हमने ऑपरेशन का मकसद दुश्मन के कैंप तबाह करना तय किया था, खास तौर पर उन कैंपों को, जो पहलगाम हमले के जिम्मेदार थे।” 15 जनवरी को रात 9 बजे रिलीज होगी डॉक्यूमेंट्री डिस्कवरी ने एक बयान में बताया कि दो हिस्सों वाली यह डॉक्यूमेंट्री सीरीज ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े फैसलों और घटनाओं को सामने लाएगी। इसमें भारत के सैन्य और राष्ट्रीय सुरक्षा नेतृत्व को शामिल किया गया है। सीरीज में उन लोगों के प्रत्यक्ष अनुभव भी बताए जाएंगे, जिन्होंने भारत की प्रतिक्रिया की निगरानी की थी। डोभाल इसमें सैन्य कार्रवाई के पीछे लिए गए फैसलों और भारत के संकल्प के बारे में बताएंगे। ‘डिक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर’ का प्रीमियर शनिवार रात 9 बजे डिस्कवरी चैनल और स्ट्रीमिंग सर्विस discovery+ पर होगा। 6 मई 2025: सेना ने PoK में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे। भारत सरकार ने कहा था कि इन हमलों में 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया था। इसके बाद 10 मई को भारत और पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशकों (DGMO) के बीच बातचीत के बाद दोनों देशों ने सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई थी। भारत की एयरस्ट्राइक में कई पाकिस्तानी एयरबेस तबाह हुए थे भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के कई एयरबेस तबाह किए थे। प्राइवेट कंपनी मक्सर (Maxar) के सैटेलाइट ने इन तबाह एयरबेस की फोटोज जारी की थीं। मक्सर ने पाकिस्तान के जिनकी फोटोज जारी की, उनमें सरगोधा, नूर खान, भोलारी और सुक्कुर के एयरबेस थे। फोटोज में साफ देखा जा सकता है कि हमले के पहले और बाद में वहां क्या स्थिति थी। सेना ने बताया था कहां-कहां की थी एयरस्ट्राइक सेना ने 7 मई 2025 की सुबह बताया था कि पाकिस्तान और पीओके में 9 टारगेट पहचाने गए थे। इन्हें हमने तबाह कर दिया। लॉन्चपैड, ट्रेनिंग सेंटर्स टारगेट किए गए। इनके नाम हैं..
Dainik Bhaskar आरजी कर केस में गिरफ्तार पूर्व TMC विधायक पर हमला:कोर्ट ले जाते समय भीड़ ने जूते-अंडे फेंके
कोलकाता में आरजी कर अस्पताल की डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के बाद जल्द अंतिम संस्कार कराने के आरोप में गिरफ्तार पूर्व टीएमसी विधायक निर्मल घोष पर भीड़ ने हमला किया। यह घटना शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के एक पुलिस थाने के बाहर हुई। घोष को एक दिन पहले ओडिशा से गिरफ्तार किया गया था। पुलिसकर्मी उन्हें खरदह पुलिस थाने से बैरकपुर सब-डिविजनल कोर्ट ले जाने के लिए जेल वैन तक पहुंचा रहे थे। सुरक्षाकर्मी उन्हें घेरे हुए थे, फिर भी भीड़ ने घोष को लात-घूंसों से पीटा। लोगों ने उन पर जूते, अंडे और कीचड़ भी फेंका। थाने के बाहर भीड़ ने पीटा घोष काफी परेशान नजर आए। पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों ने उन्हें घेरा हुआ था और हमले से सिर को बचाने के लिए हेलमेट पहना दिया था। बैरकपुर कोर्ट में भी दूसरे लोगों के एक समूह ने घोष के खिलाफ ‘चोर, चोर’ के नारे लगाए। पुलिस उन्हें जल्दी से कोर्ट के लॉकअप में ले गई। एक अन्य आरोपी संजीब मुखर्जी के साथ भी ऐसा ही व्यवहार हुआ। पुलिसकर्मी जब उन्हें कोर्ट ले जाने वाली गाड़ी तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे, तब भीड़ ने उनके साथ भी धक्का-मुक्की और हमला किया। पूर्व पार्षद पर भी जल्द अंतिम संस्कार में शामिल होने का आरोप संजीब मुखर्जी पीड़ित परिवार के पड़ोसी और पनिहाटी नगरपालिका के पूर्व टीएमसी पार्षद हैं। उन्हें घोष का करीबी सहयोगी बताया जाता है। पुलिस के मुताबिक, डॉक्टर के शव को पोस्टमॉर्टम के बाद पनिहाटी श्मशान घाट ले जाया गया था। आरोप है कि उस समय मुखर्जी वहां मौजूद थे। घोष के सफेद कुर्ते और मुखर्जी की शर्ट पर कोर्ट लॉकअप ले जाते समय कीचड़ और अंडे के दाग दिखाई दे रहे थे। इस मामले के तीसरे आरोपी और पनिहाटी नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन सोमनाथ डे फरार हैं। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस दोनों नेताओं की 14 दिन की रिमांड मांगेगी सूत्रों के मुताबिक, पुलिस दिन में दोनों गिरफ्तार टीएमसी नेताओं को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के बाद 14 दिन की रिमांड मांग सकती है। आरोपियों की गिरफ्तारी मृत डॉक्टर के पिता की नई शिकायत के बाद हुई। उन्होंने सोमवार को शिकायत दी थी, जिसे बाद में एफआईआर में बदल दिया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि घोष उत्तर 24 परगना जिले के पनिहाटी से उस समय विधायक थे। उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर दो अन्य लोगों के साथ मिलकर बेटी के शव का परिवार की इच्छा के खिलाफ जल्द अंतिम संस्कार कराया। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद नई जांच शुरू हुई पीड़ित डॉक्टर की दूसरी बरसी पर रविवार को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी उनके लिए आयोजित स्मृति कार्यक्रम में शामिल हुए थे। उन्होंने बैरकपुर पुलिस कमिश्नर को जल्द अंतिम संस्कार के आरोपों की नई जांच शुरू करने का निर्देश दिया था। परिवार की नई शिकायत इसके एक दिन बाद दर्ज की गई। यह मामला पहले से चल रही सीबीआई जांच के दायरे में शामिल नहीं था। पीड़ित के माता-पिता ने आरोप लगाया था कि पूर्व विधायक और दूसरे आरोपियों की निगरानी में अंतिम संस्कार जल्दबाजी में कराया गया। उनका कहना था कि ऐसा इसलिए किया गया, ताकि दूसरी बार पोस्टमॉर्टम की संभावना खत्म हो जाए। माता-पिता के मुताबिक, दूसरे पोस्टमॉर्टम से उनकी बेटी के बलात्कार और हत्या से जुड़ी अहम जानकारी सामने आ सकती थी।
Dainik Bhaskar आरजी कर केस में गिरफ्तार पूर्व TMC विधायक पर हमला:कोर्ट ले जाते समय भीड़ ने पीटा, जूते-अंडे फेंके; जल्दबाजी में डॉक्टर के अंतिम संस्कार का आरोप
कोलकाता के आरजी कर अस्पताल की डॉक्टर के रेप-मर्डर मामले में गिरफ्तार पूर्व TMC विधायक निर्मल घोष पर भीड़ ने हमला कर दिया। पुलिस शुक्रवार को उन्हें नॉर्थ 24 परगना के खरदह थाने से बैरकपुर कोर्ट ले जा रही थी। तभी भीड़ ने उन्हें घेर लिया। लोगों ने निर्मल घोष को लात-घूंसों से पीटा और उन पर जूते-चप्पल, अंडे और कीचड़ भी फेंका। सुरक्षा के लिए पुलिस ने निर्मल घोष के सिर पर हेलमेट लगाया। उनके सफेद कुर्ते पर कीचड़ और अंडे के निशान दिखाई दिए। बैरकपुर कोर्ट पहुंचने पर भी लोगों ने उनके खिलाफ ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए। पुलिस ने 13 अगस्त को निर्मल घोष और उनके करीबी संजीब मुखर्जी को ओडिशा से गिरफ्तार किया था। मामले में गिरफ्तार दूसरे आरोपी संजीब मुखर्जी के साथ भी ऐसा ही हुआ। मुखर्जी पीड़िता के पड़ोसी और पानीहाटी नगरपालिका के पूर्व TMC पार्षद हैं। वह निर्मल घोष के करीबी माने जाते हैं। आरोप है कि डॉक्टर का शव पोस्टमॉर्टम के बाद पानीहाटी श्मशान घाट ले जाए जाने के दौरान मुखर्जी वहां मौजूद थे। इस मामले का तीसरा आरोपी सोमनाथ डे है, जो पानीहाटी नगरपालिका का पूर्व चेयरमैन है और फिलहाल फरार है। पुलिस दोनों गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश कर 14 दिन की रिमांड मांग सकती है। पीड़ित के पिता की शिकायत के बाद हुई गिरफ्तारी दोनों की गिरफ्तारी पीड़ित के पिता की नई शिकायत के बाद हुई। उन्होंने सोमवार को शिकायत दर्ज कराई थी, जिसे बाद में FIR में बदल दिया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि तत्कालीन पानीहाटी विधायक निर्मल घोष ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए उनकी बेटी के शव का परिवार की इच्छा के खिलाफ जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराया। पीड़िता के माता-पिता का आरोप है कि अंतिम संस्कार इतनी जल्दी कराया गया कि दोबारा पोस्टमॉर्टम की संभावना खत्म हो गई, जिससे रेप और हत्या से जुड़े अहम सबूत सामने आने से रोके जा सकते थे। CBI जांच में शामिल नहीं था जल्द अंतिम संस्कार का एंगल जल्दबाजी में अंतिम संस्कार का यह आरोप अब तक चल रही CBI जांच के दायरे में नहीं था। पीड़िता की दूसरी बरसी पर रविवार को हुए एक स्मृति कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस मामले का जिक्र किया था। इसके बाद उन्होंने बैरकपुर पुलिस कमिश्नर को अंतिम संस्कार में हुई कथित जल्दबाजी की नए सिरे से जांच शुरू करने का निर्देश दिया था। इसी जांच के बाद पीड़िता के पिता की शिकायत पर FIR दर्ज हुई और निर्मल घोष व संजीब मुखर्जी को गिरफ्तार किया गया। यह खबर लगातार अपडेट की जा रही है…
Dainik Bhaskar राहुल गांधी को राहत, शिकायत और समन रद्द:SC ने कहा- जरूरी मंजूरी नहीं ली गई थी; 2022 में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान सावरकर पर दिया था बयान
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को विनायक दामोदर सावरकर पर टिप्पणी से जुड़े आपराधिक मानहानि मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को ट्रायल कोर्ट की ओर से जारी मानहानि शिकायत और राहुल गांधी को जारी समन को रद्द कर दिया। जस्टिस दीपांकर दत्ता और शील नागू की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि इस मामले में जरूरी मंजूरी (Sanction) हासिल नहीं की गई थी। उत्तर प्रदेश की ओर से दाखिल हलफनामे में भी ऐसी मंजूरी का कोई उल्लेख नहीं मिला। क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने? सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल और शिकायतकर्ता की ओर से पेश वकील ने बताया कि उत्तर प्रदेश की ओर से दाखिल हलफनामे में मंजूरी का कोई खुलासा नहीं है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसी स्थिति में शिकायत और मजिस्ट्रेट की ओर से पारित आदेश रद्द किए जाते हैं। 2022 के बयान से जुड़ा है मामला यह मानहानि मामला 17 नवंबर 2022 को राहुल गांधी की ओर से महाराष्ट्र के अकोला जिले में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान दिए गए बयान से जुड़ा था। राहुल गांधी पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने सावरकर के खिलाफ जानबूझकर अपमानजनक टिप्पणी की। मामले में अधिवक्ता नृपेंद्र पांडेय ने शिकायत दाखिल की थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि राहुल गांधी की टिप्पणी सावरकर की छवि खराब करने की सुनियोजित कोशिश का हिस्सा थी। लखनऊ कोर्ट में चल रही थी कार्रवाई शिकायत के आधार पर निचली अदालत ने राहुल गांधी को समन जारी किया था। राहुल गांधी ने निचली अदालत के इस आदेश और उनके खिलाफ चल रही कार्यवाही को चुनौती दी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने 4 अप्रैल 2025 को कहा था कि राहुल गांधी इस मामले में सेशंस कोर्ट में रिवीजन दाखिल कर सकते हैं और उस चरण पर हाईकोर्ट के हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है।
Dainik Bhaskar शिक्षकों की कमी पर लखनऊ में सड़क पर उतरे जेन-अल्फा:आगरा की सड़क जाम की, मंत्री असीम अरुण का काफिला फंसा तो रुककर की बात
लखनऊ के पारा में शुक्रवार को जेन अल्फा सड़क पर उतर आए। इससे आगरा एक्सप्रेसवे जाने वाली सड़क जाम हो गई। जाम में समाज कल्याण विभाग के राज्यमंत्री असीम अरुण की गाड़ी फंस गई। वह गाड़ी से उतरे। जेन अल्फा छात्रों से बात कर उन्हें उनके स्कूल वापस ले गए। ये छात्र समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित मोहान रोड स्थित सर्वोदय विद्यालय के थे। नारेबाजी करते हुए विद्यालय में शिक्षकों की संख्या बढ़ाने की मांग कर रहे थे। छात्रों के प्रदर्शन के दौरान रोड पर ट्रैफिक रुक गया। करीब 1 घंटे तक सड़क के दोनों ओर जाम लगा रहा। इस दौरान आगरा एक्सप्रेसवे पर भी कुछ देर के लिए ट्रैफिक बाधित हुआ। आगरा एक्सप्रेसवे यहां से केवल 1 किमी दूर है। इसी ट्रैफिक में इत्तेफाक से विभाग के राज्यमंत्री असीम अरुण फंस गए। उन्होंने छात्रों से बात की तो छात्र विद्यालय के अंदर गए। बता दें कि मोहान रोड स्थित सर्वोदय विद्यालय में इस सत्र में करीब 450 छात्र पढ़ रहे हैं। यहां बच्चों के रहने, खाने, पढ़ने की व्यवस्था पूरी तरह फ्री रहती है। 3 तस्वीरें देखिए- पारा पुलिस मौके पर पहुंची, जाम खुलवाने की मशक्कत छात्रों ने आरोप लगाया कि उनके विद्यालय में पर्याप्त टीचर नहीं हैं। टीचरों की कमी के कारण सभी कक्षाओं की पढ़ाई समय पर पूरी नहीं हो पा रही है, जिससे उनकी शिक्षा प्रभावित हो रही है। विद्यालय में जल्द से जल्द पर्याप्त टीचरों की नियुक्ति की जाए ताकि उनकी पढ़ाई सुचारु रूप से चल सके। सड़क जाम की सूचना मिलते ही पारा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों को समझाने और यातायात व्यवस्था को सामान्य करने का प्रयास किया। पुलिस बल करीब 1 घंटे तक छात्रों को समझाने की कोशिश करती रही। छात्रों के सड़क पर आने के करीब 1 घंटे बाद 1:20 बजे सड़क को खाली कराया जा सका। मंत्री के सामने बच्चों को बैठाया गया छात्रों को विद्यालय प्रशासन की मदद से विद्यालय के अंदर ले जाया गया। वहां पर समाज कल्याण विभाग के राज्यमंत्री असीम अरुण भी पहुंच गए। उनके सामने हॉल में प्रिंसिपल विनोद कुमार ने छात्रों से बात की। उन्होंने कहा कि आपने अपनी बात रखी, यह अच्छी बात है लेकिन इस तरह से रखी, यह अच्छा नहीं कहा जा सकता। खेल के सामान, लाइब्रेरी न जा पाने की शिकायत विद्यालय के ऑडिटोरियम में सैकड़ों छात्रों ने राज्यमंत्री असीम अरुण से विद्यालय में खेलकूद के सामान की कमी, खराब बिजली व्यवस्था, लाइब्रेरी का इस्तेमाल नहीं कर पाने, साफ-सफाई सहित अन्य समस्याएं बताईं। नीट और जेईई की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए चलाई जा रही मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग में केमिस्ट्री के अध्यापक की कमी बताई। इस पर असीम अरुण ने छात्रों को सकारात्मक आश्वासन दिया। मंत्री बोले- आप लोगों का जाम लगाना देखकर बुरा लगा मंत्री असीम अरुण ने छात्रों से बात की। उन्होंने कहा कि आपकी बात सुनकर यहां नहीं आया, मैं तो यहां से गुजर रहा था। कन्नौज जा रहा था। देखा कि जाम लगा है। जब यह पता चला कि आप लोगों ने जाम लगाया है तो देखकर बुरा लगा। खैर, मैंने आप लोगों से बात की तो आप अंदर आ गए। यह अच्छा रहा। मंत्री ने कहा- समाज कल्याण विभाग की ओर से लखनऊ में 2 सर्वोदय विद्यालय संचालित हैं। शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए पिछले साल अतिथि वक्ताओं की व्यवस्था की गई थी। किसी कारण से हाईकोर्ट से इसमें रोक लग गई। इस मामले में 17 अगस्त की तारीख लगी है। बच्चों की समस्या, हमारी समस्या है। ------------------------ ये खबर भी पढ़िए- डीएम ऑफिस जा रहे 300-बच्चों को पुलिस ने दौड़ाकर पकड़ा:हमीरपुर में तिरंगा लेकर 6 किमी चले, खराब सड़क की शिकायत करने जा रहे थे हमीरपुर में सड़क नहीं बनने पर मंगलवार सुबह 10 बजे छात्र-छात्राओं ने हाथ में तिरंगा लेकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्र-छात्राएं तिरंगा लेकर डीएम से मिलने उनके ऑफिस जा रहे थे। लेकिन, पुलिस ने सभी को कलेक्ट्रेट के गेट पर ही रोक दिया। इस पर बच्चे दौड़कर अंदर जाने लगे, तो पुलिस ने उनको पकड़कर गेट से बाहर कर दिया। (पूरी खबर पढ़िए)
Dainik Bhaskar अकाल तख्त के पूर्व जत्थेदार के घर पर फायरिंग:गाड़ी पर भी गोली मारी; सुखबीर बादल को बेअदबी के मामले में धार्मिक सजा दी थी
अमृतसर में अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह के घर पर फायरिंग हुई। घटना का पता उस समय चला, जब घर के बाहर खड़ी कार पर गोली लगने का निशान मिला और मौके से एक गोली का खोल भी बरामद किया गया। सीसीटीवी फुटेज में गोली चलने की आवाज रिकॉर्ड होने की बात सामने आई है। लेकिन फायरिंग करने वाले लोगों की स्पष्ट पहचान नहीं हो सकी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह ने ही सुखबीर बादल को बेअदबी मामले में धार्मिक सजा सुनाई थी। सुखबीर बादल पर कल (13 अगस्त को) महाराष्ट्र के नांदेड में गुरुद्वारा माता साहिब में निहंग ने कृपाण से हमला किया। मामले की जांच कर रही पुलिस पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। फायरिंग करने वालों की पहचान के लिए पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं। अकाल तख्त के बारे में जानिए, जिसके ज्ञानी रघबीर सिंह जत्थेदार रहे खबर को हम लगातार अपडेट कर रहे हैं…
Dainik Bhaskar इस बार जनगणना में जाति भी पूछी जाएगी:पिछड़ा वर्ग या सामान्य का विकल्प नहीं; केंद्र सरकार ने 40 सवालों की लिस्ट जारी की
देश में जनगणना के लिए केंद्र सरकार ने शुक्रवार को 40 सवालों की सूची जारी कर दी है। इनमें व्यक्ति के नाम, काम, धर्म, भाषा, बच्चों की संख्या, मोबाइल नंबर, आधार और पासपोर्ट नंबर वगैरह शामिल हैं। जनगणना के दौरान जाति भी पूछी जाएगी। एससी या एसटी यानी अनुसूचित जाति या जनजाति से है या नहीं। इसमें अन्य पिछड़ा वर्ग या सामान्य का विकल्प नहीं है। खबर अपडेट की जा रही है
Dainik Bhaskar हैदराबाद लॉ यूनिवर्सिटी ग्रेजुएट्स के विरोध पर सुप्रीम कोर्ट सख्त:CJI बोले- ये छात्रों और मेरे बीच की बात, बार काउंसिल कौन होता है दखल देने वाला
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को हैदराबाद की नेशनल एकेडमी ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च (NALSAR) यूनिवर्सिटी में छात्रों के एनरोलमेंट विवाद को लेकर काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। CJI सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि NALSAR के छात्रों और फैकल्टी के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाए। सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने BCI के सर्कुलर पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा- यह बिल्कुल बेवजह था। मैं खुद ऐसा छात्र रहा हूं जो विरोध प्रदर्शनों में सक्रिय रूप से शामिल होता था। यह छात्रों और मेरे बीच की बातचीत है, BCI कौन होता है इसमें दखल देने वाला? सूर्यकांत ने कहा कि अगर छात्र कानून के दायरे में रहकर अपनी बात रख रहे हैं, तो उन्हें अपनी आवाज उठाने की अनुमति होनी चाहिए। क्या है पूरा मामला? NALSAR के करीब 450 छात्रों ने CJI सूर्यकांत को यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि बनाए जाने का विरोध किया था। छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन को पत्र लिखकर न्योता वापस लेने की मांग की थी। यह विरोध CJI की उन हालिया टिप्पणियों को लेकर था, जिन्हें छात्रों ने प्रदर्शनकारियों से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान किया गया बताया था। इसके बाद BCI ने 13 अगस्त को सभी स्टेट बार काउंसिलों को निर्देश दिया था कि NALSAR के 2026 बैच के लॉ ग्रेजुएट्स का वकील के तौर पर एनरोलमेंट अगले आदेश तक न किया जाए। साथ ही यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर से तीन दिन में रिपोर्ट मांगकर विरोध अभियान शुरू करने, उसे आयोजित करने या छात्रों को जुटाने वालों की जानकारी मांगी गई थी। कुछ घंटों में BCI ने फैसला बदला विरोध के बाद BCI ने उसी दिन अपना फैसला बदल दिया। परिषद ने कहा कि 2026 बैच के ज्यादातर छात्र निर्दोष हैं और उन्हें किसी दूसरे की गलती के लिए नुकसान नहीं उठाना चाहिए। अब सभी NALSAR छात्र अपनी पसंद की स्टेट बार काउंसिल में एनरोल हो सकते हैं। BCI ने हालांकि कहा कि वह यूनिवर्सिटी से मांगी गई रिपोर्ट का इंतजार करेगी और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जा सकता है। बाद में BCI ने 2026 बैच के खिलाफ अपनी कार्यवाही भी बंद कर दी और कहा कि बैच के छात्रों की किसी गड़बड़ी या आंदोलन में भूमिका नहीं मिली। SCBA ने भी BCI के कदम पर सवाल उठाए थे BCI के शुरुआती आदेश पर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के अध्यक्ष और वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने भी आपत्ति जताई थी। उन्होंने इसे मनमाना, गैरकानूनी और जरूरत से ज्यादा कार्रवाई बताते हुए कहा था कि छात्रों को अपनी बात रखने के कारण वकालत में प्रवेश से वंचित करने की धमकी नहीं दी जानी चाहिए।
Dainik Bhaskar पुलिस-फायर सर्विस के 301 कर्मियों को गैलेंट्री अवॉर्ड:इनमें नक्सल इलाकों के 197 जवान, कुल 1057 लोगों को मेडल; स्वतंत्रता दिवस पर केंद्र का ऐलान
केंद्र सरकार ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पुलिस और फायर सर्विस के 301 कर्मियों को गैलेंट्री अवॉर्ड देने का ऐलान किया है। इनमें सबसे ज्यादा नक्सल प्रभावित इलाकों में बहादुरी दिखाने वाले 197 जवान शामिल हैं। इन 301 गैलेंट्री अवॉर्ड में 272 पुलिसकर्मी और 29 फायर सर्विस कर्मी शामिल हैं। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, नॉर्थ-ईस्ट और अन्य क्षेत्रों के कर्मियों को भी वीरता के लिए सम्मानित किया गया है। कुल मिलाकर इस स्वतंत्रता दिवस पर पुलिस, फायर, होम गार्ड, सिविल डिफेंस और जेल सेवाओं के 1,057 कर्मियों को अलग-अलग गैलेंट्री और सर्विस मेडल दिए जाएंगे। वहीं 92 कर्मियों को राष्ट्रपति पदक और 664 कर्मियों को मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस भी दिया गया है। सरकार के मुताबिक, गैलेंट्री मेडल जान बचाने, संपत्ति की रक्षा करने, अपराध रोकने या अपराधियों को पकड़ने के दौरान दिखाई गई बहादुरी के लिए दिया जाता है। 92 कर्मियों को राष्ट्रपति पदक, इनमें 83 पुलिस जवान सरकार ने 92 कर्मियों को प्रेसिडेंट्स मेडल फॉर डिस्ट्रिंग्विश्ड सर्विस (PSM) देने का भी ऐलान किया है। इनमें 83 पुलिस, 4 फायर सर्विस, 3 सिविल डिफेंस एवं होम गार्ड और 2 जेल सेवा के कर्मी शामिल हैं। 664 को मेरिटोरियस सर्विस मेडल इसके अलावा 664 कर्मियों को मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस (MSM) दिया गया है। इनमें 606 पुलिस, 28 फायर सर्विस, 18 सिविल डिफेंस एवं होम गार्ड और 12 जेल सेवा के कर्मी शामिल हैं। यह सम्मान कर्तव्य के प्रति लगन और बेहतर सेवा के लिए दिया जाता है। यह खबर लगातार अपडेट की जा रही है…
Dainik Bhaskar योगी बोले- 1947 के कत्लेआम के सपा-कांग्रेस दोषी:मोदी जैसा पीएम होता तो कोई भारत का बाल भी बांका नहीं कर पाता
सीएम योगी ने शुक्रवार को लखनऊ में कहा- कांग्रेस और सपा जैसी पार्टियों के लोग ही 1947 के विभाजन और कत्लेआम के वास्तविक दोषी हैं। अगर उस समय नरेंद्र मोदी जैसा प्रधानमंत्री होता, तो भारत का कोई बाल भी बांका नहीं कर पाता। योगी ने सपा नेता आजम खान का बिना नाम लिए शिवपाल यादव के बयान पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा- भारत के विभाजन के लिए जिम्मेदार व्यक्ति के नाम पर विश्वविद्यालय बनाने वाले व्यक्ति की सपा आज पैरोकार बन रही है। कह रही है कि हम आएंगे तो उसको गृहमंत्री बनाएंगे। ये फिर दंगा करवाना चाहते हैं। जिसने मुजफ्फरनगर और सहारनपुर के दंगाइयों को सीएम आवास पर लाकर सम्मानित करवाया, ऐसे व्यक्ति के समर्थन में ये लोग दलीलें दे रहे हैं। इनकी शर्मनाक सोच को देखिए। सीएम योगी विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। दरअसल, 2 दिन पहले शिवपाल यादव ने रामपुर जेल में बंद आजम खान से मुलाकात के बाद कहा था- सपा सरकार बनने पर आजम खान को गृहमंत्री बनाएंगे। उन पर हुए हर जुल्म का बदला लेंगे। इससे पहले, भाजपा ने लखनऊ में मौनव्रत पदयात्रा निकाली। इस दौरान सीएम योगी मास्क लगाकर पैदल चले। इसके बाद लोकभवन में सीएम ने कहा- कांग्रेस ने देश के साथ विश्वासघात किया। 1947 में वे मौन थे और किसी भी तरह सत्ता पाना चाहते थे। उनकी आज भी यही मंशा है। पढ़िए सीएम योगी के स्पीच की प्रमुख बातें… 1- ‘सत्ता के लिए सनातन राष्ट्र के टुकड़े कर दिए गए’ सीएम ने कहा- आज पूरा देश विभाजन की भीषण त्रासदी के स्मृति दिवस के साथ जुड़ा है। यह विश्व मानवता के इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक है। करोड़ों हिंदुओं को अपनी ही मातृभूमि, जन्मभूमि से विस्थापित होना पड़ा था। लाखों की संख्या में हिंदू, बौद्ध, सिख, जैनों का कत्लेआम हुआ था। किसी भी स्तर पर कोई सुनवाई नहीं थी। सत्ता प्राप्त करने की लिप्सा इस हद तक थी कि एक सनातन राष्ट्र के टुकड़े कर दिए गए। यह दिवस इतिहास के उन काले अध्यायों से हमें बहुत कुछ सीखने की प्रेरणा भी प्रदान कर रहा है, क्योंकि केवल उसका स्मरण भर करने से इस समस्या का समाधान नहीं होने वाला है। यह समस्या क्यों पैदा हुई, किन लोगों के कारण पैदा हुई, इसके कितने दोषियों को सजा दी गई और आखिर कब तक यह हिंदुस्तान इसकी कीमत चुकाता रहेगा? 2- ‘बांग्लादेश में हिंदुओं का कत्लेआम हुआ, लेकिन ये पार्टियां चुप रहीं’ योगी ने कहा- यह सवाल आज भी हमारे सामने है। इसलिए इतिहास सिर्फ परीक्षा में पढ़ने वाला विषय नहीं है। यह हमें अपने गौरवशाली अतीत पर गर्व करने और पुरानी गलतियों से सीखकर उन्हें सुधारने का मौका भी देता है। स्मृति दिवस मनाने के पीछे प्रधानमंत्री जी की यही सोच है। जो लोग 1947 में चुप थे और उनकी नजर सिर्फ सत्ता पाने पर थी, वे आज भी उसी सोच पर चल रहे हैं। देश की कीमत पर सत्ता हासिल करना ही उनका मकसद रहा है। आपने बांग्लादेश में हिंदुओं का कत्लेआम देखा होगा, ये दल तब भी मौन थे। इन्हें डर था कि बोलने से उनका वोटबैंक नाराज हो सकता है। वे अपने स्वार्थ के लिए सत्ता को निजी संपत्ति और पारिवारिक विरासत मानते हैं। इसी सोच के कारण देश के साथ धोखा करते हैं और अराजकता और अव्यवस्था फैलाते हैं। 3- ‘आपसी मतभेद, जाति-क्षेत्र के आधार पर बंटवारे के चलते देश गुलाम हुआ था’ सीएम ने कहा- देश के गुलाम होने के दो बड़े कारण थे। पहला, आपसी मतभेद और दूसरा, जाति-क्षेत्र के आधार पर बंटवारा। इन मतभेदों के साथ साजिशें भी होती रहीं और साजिश करने वाले सफल हुए। नतीजा यह हुआ कि देश गुलाम हो गया। हम एकजुट होकर लड़ नहीं पाए। लोगों को लगता था कि हमला किसी दूसरे पर हो रहा है, मैं क्यों बोलूं? इसका खामियाजा पूरे देश को भुगतना पड़ा। सनातन काल से एक रहे भारत के भी टुकड़े कर दिए गए। 4-‘CAA को लेकर यूपी में दंगे करवाने के प्रयास हुए’ सीएम ने कहा- मैं भौचक था, जब प्रधानमंत्री नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA) लेकर आए। एक्ट का विरोध करने का कोई औचित्य नहीं था, लेकिन एक्ट का प्रावधान था कि अगर अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश से हिंदू, जैन, बौद्ध, पारसी या ईसाई निकाला गया है और उसे भारत में रहते हुए 5 साल हो गए हैं, तो हम उसे नागरिकता देंगे। इसमें कहीं भी मुसलमान, कांग्रेस या समाजवादी पार्टी की जमीन लेने की बात नहीं कही गई थी, लेकिन देश के अंदर आंदोलन करने के प्रयास हुए। लखनऊ, कानपुर, मेरठ, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर में जगह-जगह दंगे करने के प्रयास हुए। कृपा थी कि उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार थी। अगर सपा की सरकार होती तो प्रदेश दंगों से कभी उबर नहीं पाता। मैं ये नहीं समझ पा रहा था कि ये लोग विरोध क्यों कर रहे थे? आखिर विरोध का कारण क्या है? उस विरोध को सपा और कांग्रेस पीछे से समर्थन दे रहे थे। आजम ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर के नाम पर बनवाई थी यूनिवर्सिटी आजम खान ने साल 2005 में जौहर यूनिवर्सिटी बनवाई थी। इसका नाम प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी मौलाना मोहम्मद अली जौहर के नाम पर रखा गया है। उन्होंने ब्रिटिश हुकूमत के विरोध में कई आंदोलनों की शुरुआत की थी। मोहम्मद अली जौहर मुस्लिम लीग और कांग्रेस, दोनों के अध्यक्ष रहे थे। भारत की आजादी के बाद उनके परिवार के ज्यादातर लोग पाकिस्तान चले गए थे। 15 जुलाई को रामपुर डीएम ने यूनिवर्सिटी की 40 में से 38 इमारतों को ढहाने का आदेश दिया था। हालांकि, मुरादाबाद के कमिश्नर आन्जनेय सिंह की कोर्ट ने रामपुर डीएम के आदेश पर रोक लगा दी थी। अभी मामला कोर्ट में चल रहा है। सीएम के कार्यक्रम के पल-पल अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
Dainik Bhaskar एयर इंडिया की फ्लाइट में तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम फेल:चार सेकंड तक कंट्रोल ने प्रतिक्रिया नहीं दी, विमान 300 फीट नीचे गिरा; 24 घायल
थाईलैंड के फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 में तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम कुछ समय के लिए फेल हो गए थे। इस वजह से विमान के एलिवेटर और एलेरॉन 4 सेकंड तक काम नहीं कर पाए। एयरबस की प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना 4 अगस्त को विमान के क्रूज के दौरान हुई। अचानक ऊंचाई कम होने से विमान 300 फीट नीचे गिरा, जिसमें 20 यात्री और 4 क्रू मेंबर घायल हुए थे। को-पायलट ने नोज-डाउन इनपुट दिया, कंट्रोल ने प्रतिक्रिया नहीं दी रिपोर्ट के अनुसार, को-पायलट ने विमान को नीचे लाने के लिए पूरा नोज-डाउन इनपुट दिया था। हालांकि, कंट्रोल ने शुरुआत में इस इनपुट पर प्रतिक्रिया नहीं दी। कुछ समय बाद विमान के हाइड्रोलिक सिस्टम फिर से काम करने लगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस समस्या की मूल वजह अभी पता नहीं चली है। एयर इंडिया ने पहले टर्बुलेंस को वजह बताया था फ्लाइट AI2379 में यह घटना अचानक टर्बुलेंस के दौरान हुई थी। एयर इंडिया के शुरुआती बयान में विमान के 300 फीट नीचे गिरने की वजह टर्बुलेंस बताई गई थी। देशभर की ताजा खबरों, ब्रेकिंग हेडलाइंस और रियल टाइम अपडेट के लिए DB डिजिटल से जुड़े रहें। यहां राजनीति, सरकारी नीतियों, अपराध, मौसम, देश की बड़ी खबरों और कर्नाटक बंद की लाइव खबरें मिलेंगी।