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Dainik Bhaskar इस्लामाबाद धमाके पर भारत बोला:पाकिस्तान खुद को धोखा दे रहा; पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने भारत पर आरोप लगाया था, हमले में 31 मौतें हुईं
भारत ने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुक्रवार सुबह शिया मस्जिद में आत्मघाती हमले की निंदा करते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने देर रात बयान जारी कर कहा कि हमले में भारत के शामिल होने का दावा निराधार और निरर्थक है। विदेश मंत्रालय ने कहा- भारत इस्लामाबाद की मस्जिद पर हुए बम धमाके में जानमाल की हानि पर गहरी संवेदना व्यक्त करता है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान अपने सामाजिक ताने-बाने को जकड़े हुए मुद्दों का हल ढूंढने के बजाय, दूसरों को अपनी परेशानियों के लिए दोषी ठहरा रहा है। विदेश मंत्रालय ने आगे कहा- पाकिस्तान खुद को ही धोखा दे रहा है। भारत ऐसे हर आरोप को खारिज करता है, जो निराधार और निरर्थक दोनों है। भारत का ये बयान पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के उस दावे के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि इस हमले में भारत और अफगानिस्तान शामिल थे। इस्लामाबाद में जुमे की नमाज के दौरान शिया मस्जिद (इमामबाड़ा) में आत्मघाती हमला हुआ था। पाकिस्तानी अखबार द डॉन के मुताबिक, हमले में 31 लोगों की मौत हो गई और 169 घायल हुए हैं। कई मीडिया रिपोर्ट्स में 69 मौतों की जानकारी दी जा रही है। हमले से जुड़ी 6 तस्वीरें… राष्ट्रपति बोले- ये हमला इंसानियत के खिलाफ पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने धमाके में मारे गए लोगों के लिए शोक जताया है। उन्होंने कहा कि बेगुनाह लोगों को निशाना बनाना इंसानियत के खिलाफ है। जरदारी ने घायलों के जल्द ठीक होने की दुआ की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि घायलों को हर संभव बेहतर इलाज की सुविधा दी जाए। मंत्री ने कहा- ऐसी घटनाएं देश का हौसला नहीं तोड़ सकती पार्लियामेंट्री अफेयर्स के मंत्री डॉ. तारिक फजल चौधरी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि इस्लामाबाद में हुए धमाके की मैं कड़ी निंदा करता हूं। इस हमले में मारे गए लोगों के लिए दुखी हूं। ऐसी आतंकी घटनाएं देश और लोगों का हौसला नहीं तोड़ सकती। जरूरत है कि हम सब मिलकर शांति के लिए एकजुट हों और कानून व्यवस्था संभालने वाली एजेंसियों के साथ मजबूती से खड़े रहें। तीन महीने पहले आत्मघाती धमाके में 12 लोग मारे गए थे इससे पहले भी 11 नवंबर 2025 को इस्लामाबाद के G-11 इलाके में जिला और सत्र न्यायालय के बाहर आत्मघाती धमाका हुआ था। उस धमाके में 12 लोगों की मौत हो गई थी और 30 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में पाकिस्तान दूसरे नंबर पर ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2025 के मुताबिक, बुर्किना फासो के बाद पाकिस्तान दुनिया का दूसरा सबसे आतंक प्रभावित देश बन चुका है, जबकि 2024 में यह चौथे स्थान पर था। 2025 में TTP के हमलों में 90% की वृद्धि हुई है। वहीं बलूच आर्मी (BLA) के हमलों में 60% बढ़ोतरी हुई। इस्लामिक स्टेट- खुरासान (IS-K) ने अब पाकिस्तानी शहरों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान सबसे ज्यादा आतंक प्रभावित इलाके हैं। देश भर की कुल आतंकी घटनाओं में से 90% इसी इलाके में हुईं। रिपोर्ट में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान को लगातार दूसरे साल पाकिस्तान का सबसे खतरनाक आतंकवादी संगठन बताया गया। 2024 में इस ग्रुप ने 482 हमले किए, जिसकी वजह से 558 मौतें हुई थीं, जो 2023 के मुकाबले 91% ज्यादा हैं। --------------------------- ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तानी PM बोले- कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा बनेगा: कश्मीरियों के साथ मजबूती से खड़े, यह इलाका PAK की लाइफ लाइन है पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने गुरुवार को PoK में कश्मीर को लेकर एक बार फिर विवादित बयान दिया है। मुजफ्फराबाद में विधानसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा बनेगा।’ पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar उत्तराखंड के खलियाटॉप में रास्ता भटकीं हर्षा रिछारिया:अंधेरा बढ़ने के साथ खतरा बढ़ा, मुनस्यारी पुलिस ने रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के खलिया टॉप घूमने आईं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हर्षा रिछारिया अपने कुछ साथियों के साथ रास्ता भटक गईं। अंधेरा होने और मोबाइल नेटवर्क बाधित होने से स्थिति गंभीर हो गई। दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र और अंधेरा होने के कारण स्थिति गंभीर हो गई। सूचना मिलने पर मुनस्यारी पुलिस ने तुरंत खोजबीन शुरू की। पुलिस ने हर्षा और उनके दोस्तों को सुरक्षित ढूंढ निकाला। हर्षा ने पुलिस को धन्यवाद दिया। पुलिस ने लोगों से कहा है कि पहाड़ों पर घूमने जाएं तो मौसम और रास्तों की जानकारी रखें और अंधेरा होने से पहले सुरक्षित जगह पर पहुंच जाएं। अंधेरा होने से बढ़ा खतरा पिथौरागढ़ एसपी रेखा यादव ने बताया कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हर्षा रिछारिया अपनी बहन और अन्य साथियों के साथ मुनस्यारी घूमने आई थीं। उस दौरान वो खलिया टॉप गईं थीं। पहाड़ी इलाका होने के कारण रास्ते पहचानना मुश्किल हो गया और अंधेरा बढ़ने के साथ खतरा भी बढ़ गया। मोबाइल नेटवर्क न मिलने से संपर्क करना भी चुनौती बन गया। सभी को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया एसपी ने बताया कि सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष अनिल आर्या के नेतृत्व में कॉन्स्टेबल वीरेंद्र सिंह, बलवंत सिंह और प्रेम बंग्याल की टीम ने दुर्गम और जोखिम भरे रास्तों पर सर्च अभियान शुरू किया। रात के अंधेरे, ठंड और कठिन भौगोलिक स्थिति के बावजूद पुलिस टीम ने कई घंटों की मशक्कत के बाद सभी को ढूढकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। एसपी रेखा यादव ने बताया कि पिथौरागढ़ पुलिस जनसेवा, सुरक्षा एवं सहायता के अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए विषम परिस्थितियों में भी आमजन के साथ हर समय तत्परता से खड़ी रहती है। हर्षा रिछारिया ने पुलिस की सराहना की रेस्क्यू के बाद हर्षा रिछारिया और उनके साथियों ने पुलिस की तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता की सराहना की। उन्होंने कहा कि समय पर मदद न मिलती तो हालात बेहद खतरनाक हो सकते थे। पुलिस ने पर्यटकों से की अपील पुलिस प्रशासन ने इस घटना के बाद पर्यटकों से विशेष अपील की है कि पर्वतीय क्षेत्रों में भ्रमण के दौरान मौसम, समय और मार्ग की पूरी जानकारी लेकर ही यात्रा करें। अंधेरा होने से पहले सुरक्षित स्थान पर पहुंचना सुनिश्चित करें और बिना स्थानीय जानकारी के जोखिम भरे रास्तों पर जाने से बचें। -------------------- ये खबर भी पढ़ें… 'सनातन धर्म बॉयफ्रेंड नहीं जो आज पकड़ा कल छोड़ दिया':हर्षा रिछारिया पर बोले स्वामी आनंद स्वरूप- मैंने पहले ही कहा था ये सिर्फ रीलबाज 2025 प्रयागराज कुंभ से चर्चा में आईं हर्षा रिछारिया ने अब सनातन धर्म की राह छोड़ने का ऐलान कर दिया है। हर्षा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि वह “सीता माता नहीं हैं” और मौनी अमावस्या के बाद धर्म के रास्ते से हटकर अपने पुराने प्रोफेशन में लौट जाएंगी।(पढ़ें पूरी खबर)
Dainik Bhaskar तिरुपति लड्डू का घी बनाने में बाथरूम क्लीनर इस्तेमाल हुआ:आंध्र प्रदेश के CM नायडू का आरोप, कहा- पांच साल तक मिलावट होती रही
आंध्र प्रदेश के CM एन चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि पिछली YSRCP सरकार के दौरान तिरुपति के पवित्र लड्डू ऐसे घी से बनाए गए, जिसमें बाथरूम साफ करने वाले केमिकल मिले हुए थे। पांच सालों तक लड्डू बनाने में केमिकल मिला हुआ घी इस्तेमाल किया गया। कुरनूल जिले के कलुगोटला गांव में सभा को संबोधित करते हुए नायडू ने कहा कि पिछली सरकार ने भगवान वेंकटेश्वर स्वामी की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने का काम किया।प्रसाद में मिलावट की गई थी। YSRCP सरकार के समय प्रसिद्ध श्रीशैलम मंदिर में भी मिलावटी घी की सप्लाय किया गया। नायडू ने बताया कि दो तरह के केमिकल होते हैं-एक सब्जियों से बने होते हैं, जो महंगे होते हैं, जबकि जानवरों की चर्बी सस्ती होती है। CM नायडू के आरोप YSRCP सांसद बोले आरोप झूठे इस पर पलटवार करते हुए YSRCP सांसद वाई वी सुब्बा रेड्डी ने कहा कि 2022 की CFTRI रिपोर्ट में जानवरों की चर्बी की बात नहीं कही गई थी, हालांकि उसमें घी में मिलावट होने का जिक्र था। उन्होंने यह भी खारिज किया कि उन्होंने रिपोर्ट को दबाया था और कहा कि अगर दबाना होता, तो वे खुद सैंपल जांच के लिए क्यों भेजते। उन्होंने आरोप लगाया कि SIT रिपोर्ट से मामला साफ होने के बावजूद राज्य सरकार झूठे आरोप फैला रही है और YSRCP को बदनाम करने के लिए होर्डिंग्स लगा रही है। ----------------------------- ये खबर भी पढ़ें: तिरुपति मंदिर बोर्ड बोला-लड्डू मामले में क्लीन चिट नहीं दी:SIT चार्जशीट में घी में मिलावट के सबूत; CBI रिपोर्ट में चर्बी की पुष्टि नहीं तिरुपति मंदिर के लड्डू में मिलावट के मामले में मंदिर के बोर्ड तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने कहा का उसने किसी को भी क्लीनचिट नहीं दी है। बोर्ड के चेयरमैन बीआर नायडू ने शुक्रवार को तिरुपति में पद्मावती रेस्ट हाउस में मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि SIT की चार्जशीट में श्रीवारी लड्डू बनाने में मिलावटी घी की मौजूदगी साफ तौर पर साबित हुई है। उन्होंने कहा कि कुछ समूह झूठा दावा करके भक्तों को गुमराह कर रहे हैं कि इस मामले में क्लीन चिट दे दी गई है। पढ़ें पूरी खबर…
Dainik Bhaskar तिरुपति लड्डू का घी बनाने में बाथरूम क्लीनर इस्तेमाल हुआ:आंध्र प्रदेश के CM नायडू का आरोप, कहा- पांच साल तक मिलावट होती रही
आंध्र प्रदेश के CM एन चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि पिछली YSRCP सरकार के दौरान तिरुपति के पवित्र लड्डू ऐसे घी से बनाए गए, जिसमें बाथरूम साफ करने वाले केमिकल मिले हुए थे। पांच सालों तक लड्डू बनाने में केमिकल मिला हुआ घी इस्तेमाल किया गया। कुरनूल जिले के कलुगोटला गांव में सभा को संबोधित करते हुए नायडू ने कहा कि पिछली सरकार ने भगवान वेंकटेश्वर स्वामी की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने का काम किया।प्रसाद में मिलावट की गई थी। YSRCP सरकार के समय प्रसिद्ध श्रीशैलम मंदिर में भी मिलावटी घी की सप्लाय किया गया। नायडू ने बताया कि दो तरह के केमिकल होते हैं-एक सब्जियों से बने होते हैं, जो महंगे होते हैं, जबकि जानवरों की चर्बी सस्ती होती है। CM नायडू के आरोप YSRCP सांसद बोले आरोप झूठे इस पर पलटवार करते हुए YSRCP सांसद वाई वी सुब्बा रेड्डी ने कहा कि 2022 की CFTRI रिपोर्ट में जानवरों की चर्बी की बात नहीं कही गई थी, हालांकि उसमें घी में मिलावट होने का जिक्र था। उन्होंने यह भी खारिज किया कि उन्होंने रिपोर्ट को दबाया था और कहा कि अगर दबाना होता, तो वे खुद सैंपल जांच के लिए क्यों भेजते। उन्होंने आरोप लगाया कि SIT रिपोर्ट से मामला साफ होने के बावजूद राज्य सरकार झूठे आरोप फैला रही है और YSRCP को बदनाम करने के लिए होर्डिंग्स लगा रही है। ----------------------------- ये खबर भी पढ़ें: तिरुपति मंदिर बोर्ड बोला-लड्डू मामले में क्लीन चिट नहीं दी:SIT चार्जशीट में घी में मिलावट के सबूत; CBI रिपोर्ट में चर्बी की पुष्टि नहीं तिरुपति मंदिर के लड्डू में मिलावट के मामले में मंदिर के बोर्ड तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने कहा का उसने किसी को भी क्लीनचिट नहीं दी है। बोर्ड के चेयरमैन बीआर नायडू ने शुक्रवार को तिरुपति में पद्मावती रेस्ट हाउस में मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि SIT की चार्जशीट में श्रीवारी लड्डू बनाने में मिलावटी घी की मौजूदगी साफ तौर पर साबित हुई है। उन्होंने कहा कि कुछ समूह झूठा दावा करके भक्तों को गुमराह कर रहे हैं कि इस मामले में क्लीन चिट दे दी गई है। पढ़ें पूरी खबर…
Dainik Bhaskar रोहतक में IPS के पिता ने किया सुसाइड:अनाज मंडी में दुकान के बाहर कुर्सी पर बैठै थे, पिस्टल से सिर में मारी गोली; बेटा दमनदीव में तैनात
हरियाणा के रोहतक में आईपीएस राहुल बल्हारा के पिता जयपाल ने खुद को गोली मारकर सुसाइड कर लिया। शुक्रवार की शाम को वे अनाज मंडी में दुकान पर बैठे थे। इस दौरान उन्होंने अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकाली और सिर में गोली मार ली। गोली लगने से ही वे कुर्सी से नीचे गिर गए। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के दुकानदार मौके पर पहुंचे और लहूलुहान हालत में पड़े जयपाल को उठाया। पुलिस को सूचना देने के साथ ही उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर शिवाजी कॉलोनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में पीजीआई के ट्रोमा सेंटर में रखवाया। एफएसएल टीम ने भी मौके पर पहुंच कर साक्ष्य जुटाए। लाइसेंसी पिस्टल को भी कब्जे ले लिया गया है। बता दें कि जयपाल के आईपीएस बेटे राहुल बल्हारा वर्तमान में दमनदीप में तैनात है। पुलिस की ओर से उन्हें जानकारी दे दी गई है। जयपाल ने सुसाइड क्यों किया, फिलहाल पुलिस कारणों का पता लगा रही है। मृतक जयपाल उम्र करीब 60 साल अनाज मंडी में दुकान नंबर 38 पर बैठा हुआ था। शाम के समय जयपाल ने अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से खुद को गोली मारकर हत्या कर ली। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और एफएसएल एक्सपर्ट को सूचना दी। पुलिस ने शव को पीजीआई के ट्रोमा सेंटर में भेज दिया। मृतक की 3 बेटियां व एक बेटा जयपाल की 3 बेटियां है, जबकि एक बेटा राहुल बल्हारा है। राहुल बल्हारा का चयन आईपीएस के लिए हुआ था, जो दमनदीप में तैनात है। जयपाल ने आत्महत्या क्यों की, इसके पीछे क्या कारण रहा, इसके बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है। मृतक के परिजनों को सूचना दी गई है। पुलिस मामले में कर रही जांच शिवाजी कॉलोनी थाना एचएसओ राकेश सैनी ने बताया कि अनाजमंडी में एक सुसाइड की सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने शव को पीजीआई के ट्रोमा सेंटर में रखवा दिया है और परिजनों को सूचना दे दी है। पुलिस मामले में जांच कर रही है।
Dainik Bhaskar सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिग को गर्भपात की परमिशन दी:कहा- महिला को प्रेग्नेंसी जारी रखने के लिए मजबूर नहीं कर सकते
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को 17 साल की एक नाबालिग लड़की की 30 हफ्ते की प्रेग्नेंसी को मेडिकल टर्मिनेट करने की परमिशन दी। कोर्ट ने कहा कि किसी महिला, खासकर नाबालिग को, उसकी इच्छा के खिलाफ प्रेग्नेंसी जारी रखने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जवल भुयान की बेंच ने बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश को रद्द किया। कोर्ट के सामने मामला एक नाबालिग लड़की का था, जो पड़ोस के एक लड़के के साथ रिश्ते के दौरान प्रेग्नेंट हो गई थी और उसने मांग की है कि उसकी प्रेग्नेंसी खत्म कर दी जाए। कोर्ट ने मुंबई के जेजे हॉस्पिटल को निर्देश दिया कि वे सावधानियों को ध्यान में रखते हुए लड़की का मेडिकल गर्भपात करें। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में कहा गया था कि यदि गर्भावस्था को पूरा समय दिया जाए तो मां और बच्चे की जान को कोई तुरंत कोई खतरा नहीं है। इसके बावजूद कोर्ट ने कहा कि मां की इच्छा और उसका अपने शरीर पर अधिकार सबसे ज्यादा जरूरी है। अगर कोई महिला, खासकर नाबालिग प्रेग्नेंसी जारी नहीं रखना चाहती तो कोर्ट उसे मजबूर नहीं कर सकता। कोर्ट ने पूछा- 30 हफ्ते में गर्भपात की अनुमति क्यों नहीं कोर्ट ने सवाल उठाया कि जब 24 हफ्ते तक गर्भपात की अनुमति हो सकती है, तो फिर 30 हफ्ते में क्यों नहीं। कई बार किसी महिला को यह फैसला लेने में समय लग जाता है कि वह प्रेग्नेंसी खत्म करना चाहती है या नहीं। जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि यदि अदालतें ऐसे मामलों में मेडिकल टर्मिनेशन की अनुमति नहीं देतीं तो महिलाएं गैर-कानूनी और असुरक्षित तरीकों का सहारा लेने को मजबूर होंगी। झोलाछाप डॉक्टरों के पास जाएंगी जो बहुत खतरनाक हो सकता है। महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि बच्चे के जन्म के बाद उसे अनाथालय में रखा जा सकता है, लेकिन कोर्ट ने कहा कि यह विकल्प नाबालिग की इच्छा पर हावी नहीं हो सकता। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह अस्पताल के लिए आदेश का ऑपरेटिव हिस्सा तुरंत जारी कर रहा है, जबकि डिटेल ऑर्डर बाद में दिया जाएगा। ----------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… मुंबई में मूक-बधिर युवती से रेप, पांच महीने की प्रेग्नेंट थी, 17 लोगों का DNA टेस्ट में पिता ही रेपिस्ट निकला मुंबई के कफ परेड इलाके में एक 20 साल की मूक-बधिर युवती से रेप मामले में हैरान करने वाला खुलासा हुआ है। युवती के आसपास रहने वाले जिन 17 लोगों के DNA सैंपल लिए गए थे, उनमें उसके पिता का ही DNA मैच हुआ है। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar केरल में स्पा सेंटर में महिला से गैंगरेप:वसूली में ₹50 हजार देने से इनकार किया था, 6 आरोपियों ने घटना को अंजाम दिया
केरल के तिरुवल्ला में महिला से गैंगरेप की घटना हुई। पुलिस के मुताबिक 6 लोगों ने वारदात को अंजाम दिया। घटना 1 फरवरी की है। पुलिस ने कहा कि मुख्य आरोपी सुबिन 1 फरवरी को अपने साथियों के साथ इलाके के एक वेलनेस स्पा सेंटर पहुंचा था। चाकू दिखाकर धमकाते हुए ₹50 हजार रुपए की मांग की। महिला ने रुपए देने से इनकार कर दिया। इसके बाद सुबिन और उसके साथी महिला को घसीटकर दूसरे कमरे में ले गए और गैंगरेप किया। वीडियो भी रिकॉर्ड किया। आरोपियों ने वहां मौजूद एक कस्टमर से भी बदसलूकी की। इसके अलावा एक अन्य स्पा कर्मचारी से ₹2500 छीने। सुबिन आदतन अपराधी घटना पर पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी सुबिन आदतन अपराधी है। उस पर पहले से कई केस दर्ज हैं। गैंगरेप मामले में हमने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सुबिन भी अरेस्ट किया गया है। अन्य तीन आरोपी फरार हैं, उनकी तलाश की जा रही है। ………………………….. ये खबर भी पढ़ें… नाबालिग से गवर्नमेंट रेस्ट-हाउस, दफ्तर-होटल में गैंगरेप: सांसद का PA, कारोबारी और सरकारी कर्मचारी आरोपी छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में नाबालिग से 7 सालों तक गैंगरेप हुआ है। पीड़िता के आरोप के मुताबिक, आरोपियों में PWD विभाग के रिटायर्ड कर्मचारी, कारोबारी, BJP सांसद का पूर्व पीए शामिल है। मामला महिला थाने में दर्ज हुआ है। पूरी खबर पढ़ें...
Dainik Bhaskar AAP नेता लक्की की 9 मिनट में हत्या:परफेक्ट प्लानिंग, टारगेट का वेट, दोनों हाथ में पिस्टल लेकर फायरिंग; मर्डर की मिनट टु मिनट डिटेल
जालंधर में गुरुद्वारा मॉडल टाउन के बाहर आप नेता लक्की ओबरॉय की हमलावर ने लगभग 9 मिनट में ही हत्या कर दी। हमलावर युवक स्कूल पर 6 बजकर 27 मिनट 14 सेकेंड पर आए और गोलियां मारकर 7 बजकर 36 मिनट पर निकल गए। गुरुद्वारा के बाहर की CCTV फुटेज में सारा घटनाक्रम रिकॉर्ड हुआ है। इसमें हमलावर पूरी प्लानिंग के साथ आए दिखाई देते हैं। जैसे ही लक्की ओबेरॉय माथा टेकने के बाद 7 बजकर 36 मिनट 19 सेकेंड पर सफेद हुडी में बाहर निकलता है और अपनी थार की तरफ फुटपाथ से जाता है तो इस बीच हमलावर भी तेज कदमों से थार की तरफ बढ़ता है। 7 बजकर 36 मिनट 30 सेकेंड पर थार की डोर खोल लक्की ओबरॉय ड्राइविंग सीट पर बैठककर डोर बंद कर रहा होता है कि हमलावर सामने आता है, ड्राइविंग सीट की तरफ बढ़ता है और अपने दोनों हाथों में पकड़े पिस्टल से फायरिंग कर देता है। हमलावर युवक थार के साथ लगी एक सफेद कार के पीछे छिपा होता है। लक्की ओबरॉय के कार में बैठके ही वह 9 सैकेंड में थार के पास पहुंच जाता है। 5 सेकेंड तक गोलियां चलाता है और फिर स्कूटी पर सवार होकर दूसरे साथी के साथ भाग जाता है। घटना के कुछ मिनट तक लोगों को समझ नहीं आता कि हुआ क्या है। 6 बजकर 27 मिनट 14 सेकेंड पर आए हमलावर आप नेता लक्की ओबरॉय का मारने के लिए हमलावर सफेद रंग की स्कूटी पर आते हैं। गुरुद्वारा मॉडल टाउन की साथ वाली गली से दो युवक आते हुए दिखाई देते हैं। सुबह 6 बजकर 27 मिनट 14 सेकेंड पर एक युवक जिसने ब्लैक हुडी पहन रखी है, स्कूटी से उतरता है और एक कार के साथ खड़ा हो जाता है। इसके बाद गली से आते-जाते लोगों को देखना शुरू करता है। कुछ सेकेंड तक वहीं पर टहलता रहता है और माहौल को भांपता है। 7 बजकर 35 मिनट 50 सेकेंड, युवक कार के पीछे इधर-उधर घूमता रहा गुरुद्वारा सहिब से 30 मीटर के करीब दूरी पर खड़ा हमलावर को जैसे ही लक्की ओबरॉय के गुरुद्वारा से बाहर निकलने की सूचना मिलती है तो वह तेज कदमों के साथ 7 बजकर 35 मिनट 50 सेकेंड पर यानी 36 सेकेंड बाद कार के पीछे से तेज कदमों के साथ निकलता है। जेब में हाथ डाला युवक थार के साथ खड़ी एक अन्य सफेद गाड़ी के पीछे खड़ा हो जाता है। इसी कार के साथ लक्की ओबरॉय की काली थार पार्क थी। शूटर थार के बिलकुल पास जाकर गाड़ी के पीछे छिपकर अगले इशारे का इंतजार करता है। यहां पर वह 29 सेकेंड तक रुका रहता है। 7 बजकर 36 मिनट 19 सेकेंड, लक्की ओबरॉय की थार के बिलकुल पास पहुंचा हमला करने के लिए युवक सफेद कार के पीछे लक्की ओबरॉय की थार के बिलकुल पास 29 सेकेंड रुकने के बाद अगले इशारे का इंतजार कर रहा होता है। इतने में लक्की ओबरॉय 7 बजकर 36 मिनट 19 सेकेंड पर सफेद हुडी में बाहर निकलता है और अपनी थार की तरफ फुटपाथ से जाता है। 7 बजकर 36 मिनट 30 सेकेंड पर थार की डोर खोल अंदर बैठता है। इसी दौरान युवक आता है। 9 सेकेंड में थार के पास पहुंचा है। 7 बजकर 36 मिनट 39 सेकेंड पर पहला फायर युवक 7 बजकर 36 मिनट 39 सेकेंड पर पहला फायर करता है। 5 सेकेंड में गोलियां चलाकर युवक भाग जाता है। इसके बाद स्कूटी पर युवक आता है और सवार होकर निकल जाता है। युवक 7 सेकेंड में गाड़ी तक पहुंचा, 5 सेकेंड में गोलियां चलाईं, 7 सेकेंड में भाग गया। 7 बजकर 37 मिनट पर गुरुद्वारा का सेवादार पहुंचा गोलियां चलने के बाद गुरुद्वारा साहिब का सेवादार 7 बजकर 37 मिनट 5 सैकेंड पर बाहर आता है। गोलियां चलने के कुछ सैकेंड तक किसी को पता नहीं चल पाता है कि हुआ क्या है। सेवादार जब थार के पास जाता है तो लहूलुहान हालत में ड्राइविंग सीट पर आप नेता लक्की पड़े होते हैं। लोगों की मदद से उनको पास से अस्पताल पहुंचाया जाता है। 7 बजकर 40 मिनट पर अस्पताल पहुंचाया गोलियां लगने के बाद क्रिटकल हालत में लक्की ओबरॉय को 7 बजकर 40 मिनट पर अस्पताल लेकर जाया गया है। घटना स्थल से कुछ दूरी पर अस्पताल में फर्स्टएड के बाद उन्हें श्रीराम अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां पर डॉक्टरों ने सीपीआर देकर लक्की ओबरॉय को वेंटिलेकर पर रखा लेकिन साढ़े 9 बजे डेथ डिक्लेयर कर दी।
Dainik Bhaskar मुख्यमंत्री योगी ने बताया ज्ञान प्राप्त करने का फार्मूला:बोले- मां सरस्वती नहीं करती धर्म पर भेदभाव, महादेव के दर पर जो आएगा वहीं आशीर्वाद प्राप्त करेगा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यमकेश्वर में स्थित प्राचीन शिव मंदिर के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। इस मौके पर मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंटर कॉलेज यमकेश्वर में दो मंजिला भवन का लोकार्पण किया। इस नवनिर्मित भवन से कॉलेज के छात्रों को बेहतर शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिलेगी। लोकार्पण समारोह में जिले के कई अधिकारी और स्थानीय नेता मौजूद रहे। दोनों मुख्यमंत्रियों की यह यात्रा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस यात्रा से क्षेत्र के विकास को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को लाभ होगा। कार्यक्रम से जुड़ी PHOTOS… विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा उत्तराखंड यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तराखंड अपनी स्थापना के रजत जयंती वर्ष को संपन्न करने के साथ ही विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है। उत्तराखंड अपनी संस्कृति और सभ्यता को बचाते हुए अपने सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण करते हुए जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में विकास के नए आयाम आज यहां पर स्थापित हो रहे हैं। हम सबको इस बारे में ध्यान रखना होगा कि भौतिक विकास जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं होता है। विकास वही सार्थक होता है, जो अपनी सभ्यता और अपनी संस्कृति के मूल्यों का संरक्षण करते हुए उसका सम्मान करते हुए नए आयाम के साथ आगे बढ़ सकें। उस नए आयाम को स्थापित करने के लिए हमारी शिक्षा के केंद्रों को अपने आप को तैयार करना होगा। हमारे स्कूल केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रहे। हर सनातन धर्मावलंबी अपने साथ गोत्र लेकर चलता है, जो परंपरा को जोड़ता है। केवल शिक्षा का केंद्र नहीं था गुरुकुल सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्राचीन काल में गुरुकुल केवल शिक्षा का केंद्र नहीं था, बल्कि जीवन में पारंगत बनाने के केंद्र बिंदु थे। जहां से पढ़ा हुआ छात्र जीवन में अपने आप को असहाय नहीं पाता था। उसके लिए कोई भी काम छोटा नहीं था। उसके लिए कोई कार्य कठिन भी नहीं था। जब भी किसी व्यक्ति के लिए कोई कार्य न छोटा होता है, न चुनौतीपूर्ण होता है। उसको सफल होने में दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकती। जीवन में वहीं सफल हुआ है, जिसने सकारात्मक भाव के साथ अपनी सीढ़ी चढ़ने का प्रयास खुद किया हो, वैशाखी के भरोसे नहीं। छात्रों के लिए व्यवहारिक जानकारी भी जरूरी सीएम ने कहा कि हमारे देश का नेतृत्व ऐसे राष्ट्र ऋषि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ में है, जो भारत के विकास को नई ऊंचाइयों में लेकर जा रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 इसी ओर हम सबका ध्यान आकर्षित करती है। इस नीति में स्कूल केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रहेंगे, व्यवहारिक जानकारी भी उसको होनी चाहिए। हम लोगों को उस ओर जाना होगा। उत्तराखंड सरकार इस दिशा में कदम बढ़ाया। स्कूल में स्किल लैब हो, आज के समय की जो टेक्नॉलोजी है, उससे जुड़ी हुई चीजों को भी और आसान बनाने की तैयारी और उसका केंद्र बिंदु हमारे स्कूल बन रहे हैं। आज गांव-गांव में कनेक्टिविटी सीएम ने कहा कि किसी महापुरुष ने 1965 में यमकेश्वर में, जब यहां पर साधन नहीं थे, बिजली नहीं थी, सड़कें नहीं थी, यहां पर बिजली 1986 में आई है। आज गांव-गांव में आवागमन आसान हुआ है। जब हम बचपन में यमकेश्वर में मेले में आते थे और सभी से मिल जुल कर वापस पैदल अपने घर जाते थे। आवागमन के साधन नहीं थे, आज सब कुछ आसान हो चुका है। आज गांव-गांव में कनेक्टिविटी हो गई है। आप कहीं भी आसानी से आ-जा सकते हैं। महादेव के मंदिर जाने पर ही मिलेगा आशीर्वाद 1965 स्थापित इंटर कॉलेज पुराना भवन था आज यहां पर भव्य भवन आपके पास आ गया है। हमारे शिक्षा के केंद्र हमारी संस्कृति के भी आभार स्तंभ बने हैं। हमें अपनी शिक्षा को संस्कारों के साथ जोड़ना है। अक्सर होता है जब विद्यालय की व्यवस्था की बात करते हैं तो कुछ लोग अधकचरे ज्ञान के साथ आते हैं। जो कहते हैं कि सरस्वती वंदना क्यों होनी चाहिए, राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत पर प्रश्न उठाते हैं। मां सरस्वती ये नहीं बोलती कौन व्यक्ति कौन धर्म और कौन मजहब। जो मेहनत करेगा, मां सरस्वती की कृपा उसमें बरसती दिखाई देगी। भेद मां सरस्वती के मन में नहीं है, भेद लेने वाले के मन में हैं, जो लेना नहीं चाहता है, उसको कोई जबरदस्ती नहीं दे सकता है, लेकिन मां कृपा बराबर बरसाती है। महादेव के मंदिर में जो आएगा वहीं आशीर्वाद प्राप्त करेगा। जो आएगा नहीं, वह आशीर्वाद से वंचित ही रहेगा। क्योंकि उसके मन में नकारात्मकता है। नकारात्मकता हमेशा पतन की ओर लेकर जाती है। सकारात्मकता हमारी गति को प्रगति की ओर बढ़ाती है। ये हमें तय करना है कि हमें प्रगति अच्छी लगती है या दुर्गति अच्छी लगती है। अगर प्रगति चाहिए तो सकाराक्मक सोच बनाइए। हिमालय का जल दुनिया के लिए खाद्यान आपूर्ति का माध्यन सीएम योगी ने कहा कि हिमालय से निकला हुआ जल पूरे उत्तर भारत की भूमि को उपजाऊ बनाता है। देश का पेट भरता है, दुनिया के लिए खाद्यान आपूर्ति का माध्यन बनता है। बागवानी का एक माध्यम बनता है। पहले सरकार पर निर्भर नहीं थे ग्रामीण पहले गांव हमारा आधार था। हमने इस क्षेत्र में जब जन्म लिया था, हमारी सरकार पर निर्भरता जीरो थी। किसी भी काम के लिए सरकार पर निर्भरता नहीं, गांव के लोग मिलकर गांव के कार्यों को संपंन्न करते थे। गांव की सड़क भी गांव के लोग मिलकर बनाते थे। सरकार उस समय कभी-कभी आती थी। 1980 में विधायक और सांसद के दर्शन चुनाव के समय होते थे। आज के समय एक महीने तक विधायक इलाके में नहीं पहुंचा तो लोग आंख लाल-पीले करके बैठ जाते हैं। आज संवाद ऊपर से लेकर कार्यकर्ता के स्तर तक हो रहा है। आज गांव को आत्मनिर्भर बनाने की जगह सरकार से अधिक अपेक्षाएं होने लगी हैं। आज हर चीज के लिए सरकार को दोष दिया जाता है। 1980 का समय स्वर्णिम था। ग्रामीण अपने स्तर की ही गांव की समस्याओं को सुलझा लेते थे। लेकिन आज हर घर में झगड़े हो रहे हैं। भाई-भाई में विवाद हो रहा है। ये विकास नहीं नकारात्मकता है, हमें इससे बचना होगा। पैतृक गांव पंचूर जाएंगे सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज अपने पैतृक गांव पंचूर में एक निजी समारोह में भी शामिल होंगे। इससे पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हरिद्वार पहुंचे, जहां उन्होंने सप्तऋषि मैदान में आयोजित त्रिदिवसीय “गुरुदेव समाधि मंदिर और मूर्ति स्थापना महोत्सव” के अंतर्गत आयोजित धर्म सम्मेलन में शिरकत की। ------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… योगी पौड़ी गढ़वाल में अपनी बड़ी बहन से मिले:5 दिन पहले बहनोई की हुई थी मौत; कोटद्वार में सिद्धबली बाबा के किए दर्शन यूपी के CM योगी आदित्यनाथ रविवार को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल पहुंचे। यहां उन्होंने कोटद्वार में अपनी बड़ी बहन कौशल्या देवी को ढांढस बंधाया और बहनोई ओम प्रकाश सिंह रावत के निधन पर शोक संवेदना जताई।(पढ़ें पूरी खबर)
Dainik Bhaskar AAP नेता ने 11 दिन पहले ही मनाया था बर्थडे:आज जालंधर से खुरालगढ़ साहिब 2 बसें रवाना करनी थी, आधे घंटे पहले मर्डर
पंजाब के जालंधर में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबरॉय ने 11 दिन पहले ही अपना बर्थडे मनाया था। इस मौके पर मॉडल टाउन की शॉपकीपर एसोसिएशन ने केक काटकर उन्हें बधाई दी थी और उनकी 100 साल उम्र की कामना की थी। लक्की ओबरॉय ने इस कार्यक्रम से जुड़ी फोटो और वीडियो अपने फेसबुक पेज पर भी साझा किए थे। सभी लोग उस समय काफी खुश नजर आ रहे थे। लक्की ओबरॉय ने अपनी आखिरी फेसबुक पोस्ट 5 फरवरी को डाली थी, जिसमें उन्होंने शुक्रवार 6 फरवरी को सुबह 8 बजे श्री खुरालगढ़ साहिब के लिए हलके से दो बसें रवाना करने की जानकारी दी थी। लेकिन इससे आध घंटे पहले ही आज मॉडल टाउन में गोलियां मारकर उनकी हत्या कर दी गई। इससे पहले मोबाइल कारोबार से जुड़े मॉडल टाउन के दुकानदारों ने केक काटते हुए लक्की ओबरॉय को एक अच्छा, दिलदार और मददगार इंसान बताया था। किसी को अंदाजा नहीं था कि जन्मदिन के महज 11 दिन बाद उनके फैंस को उनके निधन की दुखद खबर सुनने को मिलेगी। 8 केक काटे, जिंदाबाद के नारे लगाए, बेल्ट गिफ्ट की लक्की ओबरॉय के फेसबुक पर 8 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। 27 जनवरी को उनके जन्मदिन पर आप और लक्की से जुड़े हुए यूथ ने भी उनका बर्थडे मनाया था। घर के लॉन में बर्थडे पार्टी को फेसबुक पर लाइव किया था। इस दौरान युवकों ने लक्की जिंदाबाद के नारे लगाए। इस पर लक्की भी जिंदाबाद कहते नजर आए। इस पर युवक कहने लगे भाई अपने बारे में ही जिंदाबाद के नारे लगा रहे हैं। युवकों ने एक साथ आठ केक काटे थे। इस खुशनुमा माहौल को लाइव करते हुए युवकों ने उनको गिफ्ट दिया। मौके पर ही लक्की ने गिफ्ट को रैप से बाहर निकालकर दिखया। युवकों ने लक्की को बेल्ट गिफ्ट में दी थी। जिसके लिए लक्की ने सबको धन्यावाद कहा। यात्रा के लिए 2 बसों को रवाना करनी थी लक्की ओबरॉय ने मौत से पहले अपने फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट की थी। ये पोस्ट 5 फरवरी को रात 8 बजकर 53 मिनट पर अपलोड की गई है। इसमें लक्की ओवराय ने हलके के लोगों से अपील की थी कि जो भी लोग खुरालगढ़ जाने के इच्छुक हैं, वो 6 फरवरी को सुबह 8 बजे भाई बन्नो की नगर चौक में पहुंचे। अपनी पोस्ट में लक्की ओबरॉय ने लिखा- आदरणीय संगत जी, आप सभी को सूचित किया जाता है कि कल श्री खुरालगढ़ साहिब के दर्शनों के लिए पंजाब सरकार द्वारा वार्ड नंबर 36 और वार्ड नंबर 39 से दो बसों की व्यवस्था की गई है। जो भी हमारे भाई, बहन और बुजुर्ग श्री खुरालगढ़ साहिब के दर्शन करने की इच्छा रखते हैं, वे कृपया सुबह 8 बजे भाई बन्नो जी नगर चौक से बस में सवार हो सकते हैं। बसें रवाना करने से आधा घंटा पहले मर्डर हुआ 6 फरवरी को सुबह 8 बजे लक्की ओबरॉय को कैंट की आप हलका इंचार्ज राजविंदर कौर थियाड़ा, लक्की और प्रिंस बाघा के नेतृत्व में बसों को रवाना करना था। इससे पहले 7 बजे के करीब वह गुरुद्वारा मॉडल टाउन में माथा टेकने के लिए आए थे। जैसे ही वह माथा टेककर साढ़े 7 बजे अपनी थार में बैठे और दरवाजा लॉक कर रहे थे, तो दूसरी तरफ से आए हमलावर ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इसमें लक्की ओबरॉय बुरी तरह घायल हो गए। गंभीर हालत में उनको मॉडल टाउन के ही अस्पताल में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दूसरी जगह ले जाने के लिए कह दिया। इसके बाद परिवार उनको श्रीराम मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल लेकर गए। जहां डॉक्टरों ने सीपीआर दी। इससे सांस चलने लगी तो वेंटिलेटर पर लेटाया गया, लेकिन आधे घंटे बाद ही कार्डियक अरेस्ट आया और लक्की ओबरॉय ने दम तोड़ दिया। अस्पताल में मां-पत्नी भगवान से प्रार्थना करते दिखीं श्रीराम अस्पताल पहुंची लक्की ओबरॉय की मां और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल था। मां बार-बार बेटे की हालत के बारे में पूछती रहीं। इस दौरान पत्नी अस्पताल के वेटिंग एरिया में कुर्सी पर बैठकर पति की सलामती के लिए प्रार्थना करती दिखीं। आधा घंटा डॉक्टरों ने लक्की ओबरॉय को बचाने की कोशिश की, लेकिन बाद में मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने डेडबॉडी को सिविल अस्पताल में रखवाया है। यहां पर पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया चल रह रही है। पत्नी नगर निगम चुनाव लड़ चुकीं लक्की ओवरॉय का जन्म 27 जनवरी 1983 को जालंधर में हुआ था। जालंधर में ही उनकी पढ़ाई हुई है। पत्नी सिमरन भी AAP से जुड़ी हुई थीं। 21 दिसंबर 2024 को जालंधर नगर निगम के हुए चुनाव में लक्की ने अपनी पत्नी को कैंट के वार्ड 35 से चुनाव लड़वाया था। इसमें वह कांग्रेस की उम्मीदवार हरशरन कौर हैप्पी से चुनाव हार गई थीं। फाइनांसर और रियल एस्टेट का काम करता था लक्की लक्की ओबराय का पेशा फानेंइस और रियल एस्टेट का था। आम आदमी पार्टी में आने से पहले वे स्थानीय स्तर पर सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी काम करते थे। पंजाब में 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान और उसके बाद आप की लहर के समय बहुत से स्थानीय नेताओं ने पार्टी जॉइन की थी, लक्की ओबरॉय भी उसी दौर के सक्रिय चेहरों में से एक थे। इसके बाद वह हलका कैंट से आप की इंचार्ज राजविंदर कौर थियाड़ा के करीबी बन गए और कॉलेज की प्रधानगी में अपना बर्चस्व चलाने लगा। इसी के चलते उसकी शेरू ग्रुप के साथ दुश्मनी हो गई। 25 दिसंबर को शेरू ग्रुप ने पोस्ट डालकर कॉलेज की प्रधानगी के बीच हस्तक्षेप न करने की चेतावनी भी दी थी। आप जॉइन करने से पहले लक्की कांग्रेस पार्टी के साथ भी एलाइन रहा है। हालांकि कांग्रेस में उसके पास कोई पद नहीं था। ****************** ये खबर भी पढ़ें: पंजाब में AAP नेता की गोली मारकर हत्या: जालंधर में गुरुद्वारे के बाहर हमला, सिर-सीने में 6 गोलियां मारीं; गैंगस्टर जोगा फोलड़ीवाल ने जिम्मेदारी ली पंजाब के जालंधर में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता लक्की ओबरॉय की 6 फरवरी की सुबह सरेआम गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। वे 43 साल के थे। स्कूटी पर आए दो युवकों ने उन्हें 6 गोलियां मारीं। इनमें से 5 गोलियां ओबरॉय के सीने और एक सिर में लगी। लक्की ओबरॉय जालंधर के पॉश एरिया, मॉडल टाउन इलाके में गुरुद्वारे में माथा टेकने आए थे। जैसे ही वे गुरुद्वारे से निकलकर अपनी थार गाड़ी में बैठने लगे तो बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोलियां चलते हुए का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। (पढ़ें पूरी खबर)
Dainik Bhaskar दिल्ली-जल बोर्ड के खोदे गड्ढे में गिरा बाइक सवार, मौत:परिवार को हत्या का शक, विभाग पर भी लापरवाही का आरोप लगाया
दिल्ली में निर्माणाधीन सड़क पर गड्ढे में गिरने से मोटरसाइकिल सवार की मौत हो गई। ये गड्ढा दिल्ली जल बोर्ड ने खोदा था। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में गुरुवार रात ये हादसा हुआ। पीड़ित के परिवार ने दिल्ली जल बोर्ड(DJB पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिवार को शक है कि उनके बेटे की हत्या की गई है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि गड्ढा DJB की कंस्ट्रक्शन साइट पर खोदा गया था और उसे बैरिकेड भी किया गया था। पुलिस को सुबह मिली जानकारी पुलिस ने बताया कि घटना के बारे में सुबह करीब 7 बजे कॉल मिली। उन्होंने बताया कि शव गड्ढे के अंदर उसकी मोटरसाइकिल के साथ मिला। पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान कैलाशपुरी निवासी कमल के रूप में हुई है, जो एक प्राइवेट बैंक के कॉल सेंटर में काम करता था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि गड्ढा DJB की कंस्ट्रक्शन साइट पर खोदा गया था और उसे बैरिकेड किया गया था। पीड़ित के परिवार के अनुसार, कमल गुरुवार देर रात रोहिणी में अपने ऑफिस से घर लौट रहा था और लगातार उनके संपर्क में था। घर नहीं लौटा तो परिवार ने ढूंढना शुरू किया परिवार के मुताबिक जब वह देर रात तक घर नहीं पहुंचा, तो उसके रिश्तेदारों ने उसे ढूंढना शुरू किया। जनकपुरी, सागरपुर, विकास पुरी और रोहिणी सहित कई पुलिस स्टेशनों में गए। परिवार ने बताया कि उन्होंने पूरी रात कमल को ढूंढा, लेकिन सुबह करीब 7.30 बजे उन्हें गड्ढे में उसका शव मिलने की सूचना मिली। पुलिस ने कहा- परिवार के आरोपों पर जांच कर रहे पुलिस ने बताया कि परिवार के लगाए गए आरोपों सहित सभी पहलुओं की जांच की जा रहे हैं। अधिकारी ने कहा, हम घटना के सही क्रम का पता लगाने के लिए मामले की जांच कर रहे हैं। मंत्री आशीष सूद बोले- लापरवाही पर बख्शा नहीं जाएगा दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने कहा, मुझे इस दुखद घटना की जानकारी सुबह करीब 8:30-9:00 बजे मिली, और मैं तब से मौके पर ही हूं। यह बहुत दुखद घटना है जिसमें एक जवान आदमी की असमय मौत हो गई। अब तक मिली जानकारी के आधार पर, सभी ज़रूरी सावधानियां बरतने और जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर किसी की तरफ से कोई लापरवाही पाई जाती है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने कहा- शिकायत सुबह 11 बजे से पहले दर्ज नहीं होगी मृतक के दोस्त ने बताया कि कल रात उससे बात की थी जब वह डिस्ट्रिक्ट सेंटर पहुंचा था। वह घर से सिर्फ 15 मिनट की दूरी पर था। एक घंटे बाद, जब वह घर नहीं पहुंचा, तो हम डिस्ट्रिक्ट सेंटर आए। जब हम शिकायत दर्ज कराने पुलिस स्टेशन गए, तो हमें बताया गया कि हमारी शिकायत सुबह 11 बजे से पहले दर्ज नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मेरे दोस्त की लोकेशन ढूंढने में हमारी मदद की और हमसे उसे यहां 200 मीटर के दायरे में ढूंढने के लिए कहा। 7 लोग आधी रात से सुबह 7 बजे तक उसे ढूंढ रहे थे, लेकिन हम उसे नहीं ढूंढ पाए। रात 1 बजे, जब हमने गड्ढे में देखा, तो वह वहां नहीं था। हम हर समय इसी सड़क पर थे, लेकिन हमें समझ नहीं आ रहा कि हमारे चेक करने के बाद वह यहां कैसे पहुंचा। जब हम सुबह 7 बजे घर वापस गए, तो मेरे दोस्त के फोन से हमें एक कॉल आया, और पुलिस ने हमें बताया कि वह यहां गड्ढे में है। उन्होंने कहा कि रात में पुलिस उसके फोन को क्यों ट्रेस नहीं कर पाई? हमें शक है कि उसकी हत्या की गई है।
Dainik Bhaskar दिल्ली-जल बोर्ड के खोदे गड्ढे में गिरा बाइक सवार, मौत:परिवार को हत्या का शक, विभाग पर भी लापरवाही का आरोप लगाया
दिल्ली में निर्माणाधीन सड़क पर गड्ढे में गिरने से मोटरसाइकिल सवार की मौत हो गई। ये गड्ढा दिल्ली जल बोर्ड ने खोदा था। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में गुरुवार रात ये हादसा हुआ। पीड़ित के परिवार ने दिल्ली जल बोर्ड(DJB) पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिवार को शक है कि उनके बेटे की हत्या की गई है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि गड्ढा DJB की कंस्ट्रक्शन साइट पर खोदा गया था और उसे बैरिकेड भी किया गया था। पुलिस को सुबह मिली जानकारी पुलिस ने बताया कि घटना के बारे में सुबह करीब 7 बजे कॉल मिली। उन्होंने बताया कि शव गड्ढे के अंदर उसकी मोटरसाइकिल के साथ मिला। पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान कैलाशपुरी निवासी कमल के रूप में हुई है, जो एक प्राइवेट बैंक के कॉल सेंटर में काम करता था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि गड्ढा DJB की कंस्ट्रक्शन साइट पर खोदा गया था और उसे बैरिकेड किया गया था। पीड़ित के परिवार के अनुसार, कमल गुरुवार देर रात रोहिणी में अपने ऑफिस से घर लौट रहा था और लगातार उनके संपर्क में था। घर नहीं लौटा तो परिवार ने ढूंढना शुरू किया परिवार के मुताबिक जब वह देर रात तक घर नहीं पहुंचा, तो उसके रिश्तेदारों ने उसे ढूंढना शुरू किया। जनकपुरी, सागरपुर, विकास पुरी और रोहिणी सहित कई पुलिस स्टेशनों में गए। परिवार ने बताया कि उन्होंने पूरी रात कमल को ढूंढा, लेकिन सुबह करीब 7.30 बजे उन्हें गड्ढे में उसका शव मिलने की सूचना मिली। पुलिस ने कहा- परिवार के आरोपों पर जांच कर रहे पुलिस ने बताया कि परिवार के लगाए गए आरोपों सहित सभी पहलुओं की जांच की जा रहे हैं। अधिकारी ने कहा, हम घटना के सही क्रम का पता लगाने के लिए मामले की जांच कर रहे हैं। मंत्री आशीष सूद बोले- लापरवाही पर बख्शा नहीं जाएगा दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने कहा, मुझे इस दुखद घटना की जानकारी सुबह करीब 8:30-9:00 बजे मिली, और मैं तब से मौके पर ही हूं। यह बहुत दुखद घटना है जिसमें एक जवान आदमी की असमय मौत हो गई। अब तक मिली जानकारी के आधार पर, सभी ज़रूरी सावधानियां बरतने और जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर किसी की तरफ से कोई लापरवाही पाई जाती है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने कहा- शिकायत सुबह 11 बजे से पहले दर्ज नहीं होगी मृतक के दोस्त ने बताया कि कल रात उससे बात की थी जब वह डिस्ट्रिक्ट सेंटर पहुंचा था। वह घर से सिर्फ 15 मिनट की दूरी पर था। एक घंटे बाद, जब वह घर नहीं पहुंचा, तो हम डिस्ट्रिक्ट सेंटर आए। जब हम शिकायत दर्ज कराने पुलिस स्टेशन गए, तो हमें बताया गया कि हमारी शिकायत सुबह 11 बजे से पहले दर्ज नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मेरे दोस्त की लोकेशन ढूंढने में हमारी मदद की और हमसे उसे यहां 200 मीटर के दायरे में ढूंढने के लिए कहा। 7 लोग आधी रात से सुबह 7 बजे तक उसे ढूंढ रहे थे, लेकिन हम उसे नहीं ढूंढ पाए। रात 1 बजे, जब हमने गड्ढे में देखा, तो वह वहां नहीं था। हम हर समय इसी सड़क पर थे, लेकिन हमें समझ नहीं आ रहा कि हमारे चेक करने के बाद वह यहां कैसे पहुंचा। जब हम सुबह 7 बजे घर वापस गए, तो मेरे दोस्त के फोन से हमें एक कॉल आया, और पुलिस ने हमें बताया कि वह यहां गड्ढे में है। उन्होंने कहा कि रात में पुलिस उसके फोन को क्यों ट्रेस नहीं कर पाई? हमें शक है कि उसकी हत्या की गई है। AAP नेता सौरभ भारद्वाज बोले- बीजेपी टैक्स का पैसा पार्टी फंड में डालती है AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि बेशर्म BJP सरकार टैक्स देने वालों का पैसा अपनी पार्टी फंड के तौर पर इस्तेमाल कर रही है। वे खुलेआम अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के परिवारों को मुआवजा और नौकरियां दे रहे हैं, जबकि सैकड़ों आम लोग मारे गए हैं। उन्होंने कहा कि यह मेन रोड दिल्ली सरकार के PWD के अंडर आती है, और इसे DJB ने खोदा था। लोकल RWA ने इस खतरे के बारे में अधिकारियों से कई बार शिकायत की थी, लेकिन कौन सुनता है? यह हादसा होना ही था। शिकायतों के बावजूद, इस मौत के जाल को ठीक से बैरिकेड नहीं लगाया गया ताकि लोगों की जान न जाए। तीन हफ्ते पहले नोएडा में कार दलदल में गिरने से इंजीनयर की मौत हुई थी बीती 16 जनवरी को नोएडा में घने कोहरे की वजह से साफ्टवेयर इंजीनियर की दलदल में गिरकर मौत हो गई थी। वह करीब 80 मिनट तक पिता के सामने चिल्लाता रहा। उनसे फोन कर कहा- पापा मुझे बचा लो, मैं मरना नहीं चाहता। इसके बाद कार समेत नाले के पानी से भरे 30 फीट गहरे दलदल में समा गया। इंजीनियर युवराज मेहता अपनी ग्रैंड विटारा कार से गुरुग्राम से नोएडा के सेक्टर-150 टाटा यूरिका पार्क जा रहे थे। रास्ते में एटीएस ले ग्रांड के पास कार नाले की दीवार तोड़ते हुए 30 फीट गहरे पानी से भरे दलदल में गड्ढे में गिर गई। युवराज की कार गड्ढे में गिरते ही दलदल में समाने लगी। युवराज किसी तरह कार से निकलकर उसके ऊपर चढ़ गए। पिता को फोन करके पूरी घटना बताई। डायल-112 पर सूचना देकर पिता मौके पर पहुंचे। प्रभारी निरीक्षक सर्वेश सिंह भी फोर्स के साथ वहां आए। दमकल कर्मी भी छोटी-बड़ी क्रेन के साथ पहुंचे। पूरी खबर पढ़ें… ----------- ये खबर भी पढ़ें… हर साल 5 लाख सड़क हादसों में 1.8 लाख मौतें, इनमें 18-34 की उम्र के युवा ज्यादा केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने 18 दिसंबर को राज्यसभा में बताया कि भारत में हर साल करीब 5 लाख सड़क हादसे होते हैं, जिनमें औसतन 1.8 लाख लोगों की जान जाती है। इनमें से 66% मौतें युवाओं (18 से 34 साल) की होती हैं। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी के सवाल पर गडकरी ने स्वीकार किया कि रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधारने और कानून सख्त करने के बावजूद सरकार मौतों की संख्या घटाने में पूरी तरह सफल नहीं हुई है। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar 'जनता ने नकारा तो कोर्ट का इस्तेमाल कर रहे':SC की प्रशांत किशोर को फटकार, पूछा- आपकी पार्टी को कितने वोट मिले
प्रशांत किशोर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई की और मांग को खारिज कर दिया है। प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज ने कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसकी मांग को सुप्रीम कोर्ट ने मानने से मना कर दिया है। कोर्ट ने जनसुराज पार्टी को पहले हाईकोर्ट जाने को कहा है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जनता ने आपको नकार दिया तो कोर्ट का इस्तेमाल लोकप्रियता हासिल करने के लिए कर रहे हैं। इसके बाद जनसुराज पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट से अपनी याचिका वापस ले ली। हार के बाद आपको याद आई SC ने कहा, जब पार्टी चुनाव में अपना सब कुछ हार गई तब वो यहां आ गई। आपको सद्भावना के बारे में भी बताना होगा। उन्होंने कहा कि फ्रीबीज (मुफ्त योजनाओं) के मुद्दे की हम जांच कर रहे हैं। लेकिन यहां ऐसा मामला है, जहां एक पॉलिटिक्ल पार्टी, जो चुनाव में सब कुछ हार गई, हमारे सामने आ गई है। हम राजनीतिक दलों के कहने पर फ्रीबीज के मुद्दे की जांच नहीं करना चाहते हैं। सीजेआई ने साफ कहा कि कोई चाहे तो योजना को चुनौती दे सकता है, लेकिन यहां मुख्य मांग चुनाव को रद्द करने की है। जनसुराज के वकील चंद्र उदय सिंह ने कहा, जो राज्य गरीब हैं और बजट में भी इसका प्रावधान नहीं था, ना ही पॉलिसी मैटर था लेकिन वहां सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार ने चुनाव के दौरान जब आदर्श आचार संहिता लागू थी, तो महिलाओं के खाते में दस दस हजार रुपए डाले. ये चुनावी आचार संहिता का सरासर उल्लंघन है। याचिका में कहा- महिलाओं के खातों में पैसे ट्रांसफर कर जीते याचिकाकर्ता के वकील ने आरोप लगाया कि इस योजना के तहत चुनाव प्रक्रिया के दौरान 15600 करोड़ रुपए महिला वोटरों के बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा कि आप हाईकोर्ट क्यों नहीं गए? सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका में कहा गया था कि चुनाव के दौरान बिहार सरकार ने गैरकानूनी तरीके अपनाए, इसलिए चुनाव रद्द करके दोबारा करवाए जाएं। याचिका में कहा गया था कि राज्य में जब आदर्श आचार संहिता लागू थी, तब महिला वोटरों को 10 हजार रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए। उस वक्त ऐसे कदम को गैरकानूनी माना जाना चाहिए। विधानसभा चुनाव में प्रशांत की पार्टी का हाल प्रशांत किशोर के दावे और हकीकत… चुनाव से पहले प्रशांत किशोर ने बड़े-बड़े दावे किए। जो चुनावी रिजल्ट में धराशाई हो गए। जैसे… 1. JDU 25 से कम सीटें जीतेगी, नीतीश CM नहीं बनेंगे; ऐसा नहीं हुआ तो राजनीति छोड़ दूंगा चुनाव के प्रचार के दौरान प्रशांत किशोर ने दावा किया कि नीतीश कुमार अब मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। उनकी सरकार जा रही है। 9 नवंबर को एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा- नीतीश सरकार जा रही है। 14 नवंबर के बाद नई सरकार आएगी। 7 अक्टूबर को एक इंटरव्यू में उन्होंने ये तक कहा कि JDU की 25 से कम सीटें आएंगी। अगर ज्यादा सीट आई तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा। हकीकत- आज NDA न सिर्फ सरकार में लौटी है, बल्कि पिछली बार से अच्छा प्रदर्शन करते हुए 202 सीटें जीत गई है। प्रशांत किशोर का खाता तक नहीं खुला है। वहीं JDU 85 सीटें जीती है। और वो विधानसभा में नंबर-3 से नंबर-2 की पोजिशन पर पहुंच गई है। अब देखना होगा कि क्या पीके राजनीति छोड़ देंगे। 2. जनसुराज को 130 सीटें मिली तो भी मैं अपनी हार मानूंगा सितंबर में प्रशांत किशोर ने कई मौकों पर कहा कि 2025 में बिहार इतिहास रचेगा। जनसुराज पार्टी की सरकार बनेगी। अगर 125-130 सीटें आई तो इसे भी मैं अपनी हार मानूंगा। हकीकत- जनसुराज को खाता भी नहीं खुला है। 98% प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई है। 3. महागठबंधन लड़ाई में नहीं है, NDA-जनसुराज मेन प्लेयर है चुनाव से 3 महीने पहले से प्रशांत किशोर यह दावा करते रहे कि इस बार लड़ाई NDA और जनसुराज के बीच है। महागठबंधन लड़ाई में नहीं है। हकीकत- चुनाव नतीजे देखें तो लड़ाई में जनसुराज रही ही नहीं। NDA और महागठबंधन के बीच ही लड़ाई हुई और जीत NDA की हुई। 4. बड़ी-बड़ी बातें की, लेकिन 45% से ज्यादा दागियों को दिया टिकट चुनाव से पहले प्रशांत किशोर दावा करते थे कि हम साफ-सुथरी राजनीति करने आए हैं। समाज के अच्छे लोगों को पार्टी टिकट देगी। हकीकत- ADR की रिपोर्ट के मुताबिक, जनसुराज पार्टी के 231 प्रत्याशियों में से 108 पर क्रिमिनल केस है। इसमें से 100 पर गंभीर क्रिमिनल केस है। 25 प्रत्याशियों पर हत्या के प्रयास का केस, 12 प्रत्याशियों पर हत्या का आरोप, 14 प्रत्याशियों पर महिलाओं के खिलाफ अत्याचार का केस है। 1280 दिन, 6,000KM पैदल चले, फिर भी नतीजा जीरो पार्टी को दिया 98 करोड़ रुपए का चंदा 29 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रशांत किशोर ने पार्टी और अपनी आय के फंडिंग के बारे में जानकारी दी।
Dainik Bhaskar सिद्धू मूसेवाला स्टाइल में AAP नेता की हत्या:3 कत्ल पुलिस सिक्योरिटी में; AAP सरकार के 4 साल में पंजाब के टॉप 10 हत्याकांड
जालंधर में शुक्रवार सुबह आम आदमी पार्टी (AAP) नेता लक्की ओबेरॉय की गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। शूटर आए और थार में ही उन्हें गोलियों से भून दिया। उनके कत्ल का स्टाइल मशहूर पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या से मिलता-जुलता है। मूसेवाला की भी शूटर्स ने थार गाड़ी में ही हत्या की थी। पंजाब में मार्च 2022 में सरकार बनाने वाली AAP के शासन में सरेआम गोलियां मारकर कत्ल करने के यह सिर्फ 2 ही मामले नहीं हैं बल्कि कबड्डी खिलाड़ियों से लेकर RSS नेता, AAP के ही सरपंच समेत 20 से ज्यादा ऐसे कत्ल हो चुके हैं। विपक्ष हर बार AAP सरकार को खराब लॉ एंड ऑर्डर पर घेरती है तो सरकार कत्ल के बाद आरोपियों को जल्द पकड़ने का दावा कर अपना बचाव कर लेती है। AAP की सरकार बनने के बाद कई हाईप्रोफाइल मर्डर हुए, टॉप 10 हत्याकांडों के बारे में जानने के लिए पूरी रिपोर्ट पढ़ें… 1. इंटरनेशनल कबड्डी प्लेयर की टूर्नामेंट में हत्या 10 मार्च को पंजाब में AAP की सरकार बनी। 117 में से AAP ने 92 सीटें जीत लीं। अभी CM भगंवत मान की शपथ भी नहीं हुई थी कि 14 मार्च को जालंधर में इंटरनेशनल कबड्डी प्लेयर संदीप नंगल अंबिया की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बेखौफ कातिल सीधे कबड्डी टूर्नामेंट में घुस गए और अंबियां पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। पुलिस ने जांच के बाद इसे गैंगस्टरों की रंजिश और कबड्डी टूर्नामेंट कराने के लिए कब्जे की लड़ाई से जोड़ा। इसके बाद उनकी पत्नी रूपिंदर कौर हाथ जोड़कर इंसाफ मांगती रह गई। 2. सिद्धू मूसेवाला की सिक्योरिटी हटते ही कत्ल हुआ पंजाबी गायक और कांग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला की 29 मई 2022 को पंजाब के मानसा जिले के जवाहरके गांव के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वे अपनी थार जीप से जा रहे थे, तभी हमलावरों ने उनका पीछा कर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। उन पर करीब 30 राउंड फायर किए गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या से एक दिन पहले उनकी सुरक्षा घटाई गई थी, जिस पर भी काफी विवाद हुआ। गैंगस्टर गोल्डी बराड़ और लॉरेंस गैंग ने इस हत्या की जिम्मेदारी ली, जिसे मोहाली के अकाली नेता विक्की मिड्डूखेड़ा की मौत का बदला बताया गया। इस केस में AAP सरकार अभी तक घिरी हुई है कि थ्रेट के बावजूद मूसेवाला की सिक्योरिटी क्यों घटाई गई और उसे सार्वजनिक क्यों किया गया। हालांकि कत्ल के दिन मूसेवाला गनमैन साथ लेकर नहीं गए थे। 3. पुलिस सिक्योरिटी में ही हिंदू नेता सूरी की हत्या अमृतसर में हिंदू नेता सुधीर सूरी की 4 नवंबर 2022 को अमृतसर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। वे एक मंदिर के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे, तभी हमलावर ने भीड़ के बीच से उन पर फायरिंग कर दी। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मौके से आरोपी को पकड़ लिया और हथियार बरामद किया। शुरुआती जांच में आरोपी के कट्टरपंथी विचारों और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच की गई। सूरी को सरकार की तरफ से वाई श्रेणी की सिक्योरिटी दी गई थी। हत्या के समय भी उनकी सिक्योरिटी साथ में थी। इसको लेकर भी सवाल उठे कि ऐसी सिक्योरिटी किस काम की, जो सूरी को कत्ल होने से नहीं बचा सके। 4. डेरा प्रेमी की पुलिस सिक्योरिटी में हत्या 10 नवंबर 2022 को पंजाब में श्री गुरू ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामले में नामजद आरोपी डेरा प्रेमी प्रदीप सिंह की गोली मारकर हत्या की गई थी। फरीदकोट में प्रदीप सिंह जब अपनी दुकान खोल रहे थे, तभी दो मोटरसाइकलों पर सवार 5 लोगों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। प्रदीप को कई गोलियां लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। उनकी हत्या के वक्त भी गनमैन घायल था। वह प्रदीप को बचाना तो दूर, खुद भी घायल हो गया। बाद में इस कत्ल की जिम्मेदारी गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने ली थी। 5. गैंगस्टर की मां को भी नहीं बख्शा 26 जून 2025 को गुरदासपुर के बटाला में कुख्यात गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया की मां हरजीत कौर और उनके चचेरे भाई करणवीर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। रात करीब 9 बजे गैंगस्टर की मां हरजीत कौर (52) और बॉडीगार्ड करणवीर सिंह (29) घर के बाहर गाड़ी में मौजूद थे। उसी वक्त बाइक पर आए 2 हमलावरों ने उनकी गाड़ी पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। लॉरेंस के विरोधी बंबीहा गैंग से जुड़े 3 गैंगस्टरों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर इसकी जिम्मेदारी ली है। इनमें 2 गैंगस्टर प्रभू दासुवाल और कौशल चौधरी का नाम सामने आया था। 6. शोरूम मालिक संजय वर्मा को गाड़ी से उतरते ही मारीं गोलियां 7 जुलाई 2025 को अबोहर में ‘न्यू वीयर वेल जेंट्स टेलर’ शोरूम के मालिक संजय वर्मा की भगत सिंह चौक के पास दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। संजय जैसे ही अपने शोरूम के पास अपनी कार से उतरे, मोटरसाइकिल सवार तीन अज्ञात हमलावरों ने उनके करीब पहुंचकर उन पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। संजय वर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत स्थानीय सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जांच में पता चला कि टेलर को फिरौती के लिए मारा गया था। संजय वर्मा की टेलर शॉप में पंजाब के कई बड़े नेताओं के कपड़े सिले जाते हैं। 7. RSS नेता के बेटे की हत्या 15 नवंबर 2025 को फिरोजपुर में RSS नेता बालदेव राज अरोड़ा के बेटे नवीन अरोड़ा को 2 हमलावरों ने गोली मार दी। घटना दिनदहाड़े हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर पहले से घात लगाकर बैठे थे और मौका मिलते ही नवीन अरोड़ा पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गंभीर रूप से घायल नवीन को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस की शुरुआती जांच में यह मामला गैंगस्टर नेटवर्क और टारगेट किलिंग से जुड़ा बताया गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को एनकाउंटर में दबोच लिया था। 8. शादी के 10 दिन बाद कबड्डी प्लेयर की हत्या 15 दिसंबर 2025 को मोहाली में कबड्डी कप के दौरान कबड्डी प्लेयर राणा बलाचौरियां की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस वक्त कबड्डी का टूर्नामेंट चल रहा था। आरोपी भरी भीड़ में सेल्फी लेने के बहाने बलाचौरिया के नजदीक आए और पॉइंट ब्लैंक रेंज से गोलियां मारकर कत्ल करने के बाद फरार हो गए। बलाचौरिया के सिर पर गोलियां मारी, जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। उनकी 10 दिन पहले शादी हुई थी। यह मामला इतना बड़ा बना कि पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने खुद संज्ञान लेते हुए DGP गौरव यादव को तलब किया। फिर पुलिस को जमकर फटकार भी लगाई। हैरानी की बात थी कि यहां भी पुलिस की तैनाती की गई थी लेकिन मौके पर कातिल नहीं पकड़े जा सके। 9. शादी समारोह में सरपंच के सिर पर मारी थी गोली 4-5 जनवरी 2026 को अमृतसर के मैरिगोल्ड रिजॉर्ट में आम आदमी पार्टी (AAP) के सरपंच जरमल सिंह की हत्या कर दी गई। वह तरनतारन जिले के वल्टोहा गांव के रहने वाले थे। वह एक शादी समारोह में शामिल होने आए थे। इसी दौरान 2 बदमाश पैलेस में आए और बिल्कुल नजदीक आकर पॉइंट ब्लैंक से उनके सिर में गोली मार दी। उस वक्त सरपंच खाना खा रहे थे। पुलिस ने इस मामले में पंजाब और छत्तीसगढ़ से हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि जांच में पता चला कि उन्हें भी धमकी मिली हुई थी और इस वजह से पुलिस की सिक्योरिटी भी थी। 10. हाईकोर्ट की चलती सुनवाई में SSP ऑफिस के बाहर हत्या 28 जनवरी 2026 को मोहाली के SSP ऑफिस के बाहर ड्रग्स केस में पेशी भुगतने आए उत्तराखंड के गुरविदंर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जिस वक्त कत्ल हुआ, उसके साथ उसकी पत्नी भी थी। बाइक पर आए 2 हमलावरों ने युवक पर 11 गोलियां चलाई थीं। कत्ल के बाद गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के नाम से एक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया कि मरने वाला युवक उसके भाई गुरलाल बराड़ के मर्डर केस में नामजद था। उसकी हत्या कर हमने बदला लिया है। पुलिस ने गैंगस्टर पर केस दर्ज किया। इसमें रोचक बात यह है कि जिस वक्त कत्ल हुआ, हाईकोर्ट में राणा बलाचौरिया मर्डर केस में सुनवाई चल रही थी और DGP गौरव यादव खुद पेश हो रखे थे। हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की थी कि SSP ऑफिस ही सुरक्षित नहीं है। **************** ये खबर भी पढ़ें… पंजाब में AAP नेता की गोली मारकर हत्या:सिर-सीने पर 6 गोलियां मारीं; जालंधर के गुरुद्वारे में माथा टेकने आए थे, टारगेट किलिंग का शक पंजाब के जालंधर में आम आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबरॉय की 6 फरवरी की सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई। वे 52 साल के थे। स्कूटी पर आए हमलावरों ने उन्हें 6 गोलियां मारीं। 5 सीने में और एक गोली सिर पर लगी (पढ़ें पूरी खबर)
Dainik Bhaskar भारतीय शादियों का नया ठिकाना:विदेशी डेस्टिनेशंस का बढ़ा क्रेज, थाईलैंड सबसे पसंदीदा, यूरोप बड़े बजट की पसंद
भारतीय शादियां अब देश के बैंक्वेट हॉल से निकलकर विदेशों के बीच और पैलेस रिसॉर्ट्स तक पहुंच गई हैं। इस बदलाव का असर ट्रैवल इंश्योरेंस के आंकड़ों में साफ दिख रहा है। थाईलैंड भारतीय शादियों के लिए सबसे पसंदीदा विदेशी डेस्टिनेशन बन गया है। इसके अलावा वियतनाम और श्रीलंका जैसे देश कम खर्च में खूबसूरत विकल्प बनकर उभरे हैं। इटली, स्पेन और ग्रीस जैसे यूरोपीय देश ज्यादा बजट वाले छोटे हिस्से को आकर्षित कर रहे हैं। ओमान और मालदीव जैसे देश अब खास रिश्तेदारों के साथ शादियों के लिए बहुत पसंद किए जा रहे हैं। पॉलिसी बाजार की नई रिपोर्ट के मुताबिक, डेस्टिनेशन वेडिंग से जुड़े ट्रैवल इंश्योरेंस की मांग 2023 से 2024 के बीच 27.4% बढ़ी। 2024–25 में अब तक यह ग्रोथ फिर से 27.4% रही है। शादी के साथ देश के लोगों की वेकेशन प्लानिंग भी बदल रही डेस्टिनेशन वेडिंग्स के चलते अब लोग शादी के साथ वेकेशन भी प्लान कर रहे हैं। यानी शादी के बहाने लोग नई जगहों पर घूमने भी जा रहे हैं। इससे ट्रैवल पैटर्न में बड़ा बदलाव आया है। अब शादी सिर्फ एक पारिवारिक समारोह नहीं, बल्कि एक इंटरनेशनल ट्रैवल इवेंट बन चुकी है। इकोनॉमी पर असर ग्रैंड व्यू रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक 2033 तक 55 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। क्रेडीफाई और फॉर्च्यून इंडिया के अनुसार, भारत में 1 करोड़ रुपए से ज्यादा बजट वाली 60% से ज्यादा शादियां अब डेस्टिनेशन वेडिंग्स होती हैं। राजस्थान में सबसे ज्यादा होती हैं डेस्टिनेशन वेडिंग्स डेस्टिनेशन वेडिंग्स के लिए राजस्थान अब भी सबसे लोकप्रिय है। जैसलमेर की रेत पर तारों के नीचे फेरे, जयपुर और जोधपुर के महलों में शाही शादी का अनुभव मिलता है। वहीं, गुलमर्ग की बर्फीली ढलानों पर शादी करने वाले कपल्स की संख्या भी बढ़ रही है। शहरों से लेकर छोटे कस्बों तक फैली डेस्टिनेशन वेडिंग मुंबई (16%), बेंगलुरु (13%) और दिल्ली (8%) जैसे बड़े शहरों में सबसे ज्यादा मांग है। वहीं हैदराबाद (5%) और चेन्नई (4%) भी पीछे नहीं हैं। पुणे, गुरुग्राम, नोएडा, जयपुर और लुधियाना जैसे टियर-2 शहरों से भी डेस्टिनेशन वेडिंग की प्लानिंग बढ़ रही है। भारत में जेन जी के 49% युवा घर से दूर शादी करना चाहते हैं, जबकि मिलेनियल्स में यह आंकड़ा करीब 33% है।
Dainik Bhaskar छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर 3 नक्सली ढेर, 1 जवान शहीद:गढ़चिरौली में एनकाउंटर, 1 घायल जवान को एयरलिफ्ट कर अस्पताल लाया गया; सर्चिंग जारी
छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ चल रही है। दोनों ओर से हुई गोलीबारी में महाराष्ट्र के C-60 कमांडोज ने 3 नक्सलियों को मार गिराया है। मुठभेड़ में एक जवान शहीद हो गया, जबकि एक अन्य जवान घायल हुआ है। घायल जवान को एयरलिफ्ट कर अस्पताल लाया गया है। मौके से एक AK-47 और एक SLR राइफल बरामद की गई है। मारे गए नक्सलियों की पहचान की जा रही है। मुठभेड़ की पुष्टि महाराष्ट्र पुलिस ने की है। यह पूरा मामला महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के भामरागढ़ तहसील क्षेत्र का है। घायल जवान ने अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम 6 फरवरी की सुबह अबूझमाड़ के जंगल में सर्चिंग पर निकली फोर्स की नक्सलियों के साथ मुठभेड़ हो गई। इस दौरान सी-60 के जवान, कॉन्स्टेबल दीपक चिन्ना मदावी (38 साल) गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हेलीकॉप्टर से भामरागढ़ उप-जिला अस्पताल ले जाने के बाद इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ा है। 1 दिन पहले छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर एनकाउंटर एक दिन पहले 5 फरवरी को छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सली कमांडर उधम सिंह का एनकाउंटर किया था। उधम सिंह 2021 में हुए टेकुलगुड़ेम एनकाउंटर में शामिल था। जहां नक्सली हमले में 22 जवान शहीद हुए थे। DVCM उधम सिंह प्लाटून नंबर 30 का कमांडर था और वह जगरगुंडा एरिया कमेटी का कमांडर था। इस पर 8 लाख का इनाम था। 1 साल में 232 नक्सली मारे गए बीजापुर एसपी डॉ जितेंद्र कुमार यादव के मुताबिक 2025 में जिले में हुए अलग-अलग मुठभेड़ों में 163 माओवादी मारे गए, वहीं, 2026 में अब तक 11 माओवादी ढेर चुके हैं। जनवरी 2024 से अब तक जिले में 232 नक्सली मारे गए, 1163 गिरफ्तार हुए और 888 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हुए हैं। इन टॉप नक्सलियों की तलाश में पुलिस 1 - थिप्परी तिरुपति उर्फ देवजी (61) देवजी तेलंगाना का रहने वाला है। बसवाराजू के एनकाउंटर के बाद नक्सल संगठन ने थिप्परी तिरुपति को नक्सल संगठन का महासचिव बनाया है। ये नक्सल संगठन में पोलित ब्यूरो मेंबर भी है। वर्तमान में नक्सल संगठन का सबसे टॉप लीडर यही है। छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों की पुलिस इसकी तलाश में जुटी हुई है। इसपर सिर्फ छत्तीसगढ़ में ही 1 करोड़ रुपए का इनाम घोषित है। 2. मुपल्ला लक्ष्मण राव उर्फ गणपति (74) गणपति भी तेलंगाना का रहने वाला है। बसवाराजू से पहले ये ही नक्सल संगठन का महासचिव था। हालांकि, बीमारी और बढ़ती उम्र के चलते इसने करीब 4-5 साल पहले ही संगठन के इस सबसे बड़े पद को छोड़ दिया था। जिसके बाद बसवाराजू को इसकी जिम्मेदारी दी गई थी। इसपर भी 1 करोड़ रुपए से ज्यादा का इनाम घोषित है। 3. मिशिर बेसरा उर्फ भास्कर (62) भास्कर झारखंड का रहने वाला है। वर्तमान में नक्सलियों का पोलित ब्यूरो मेंबर है। साथ ही ERB का इंचार्ज है। इसपर भी 1 करोड़ रुपए से ज्यादा का इनाम घोषित है। 4. पापा राव उर्फ मंगू (56) पापाराव छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले का रहने वाला है। वर्तमान में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZCM) मेंबर है। साथ ही पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी का इंचार्ज और दक्षिण सब जोनल ब्यूरो का सदस्य है। पापाराव अपने पास AK-47 राइफल रखता है। बस्तर के जल-जंगल जमीन से वाकिफ है, इसलिए कई बार पुलिस की गोलियों से बचकर निकला है। इसी इसने सरेंडर कर दिया या फिर एनकाउंटर में मारा गया तो नक्सलियों की पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी खत्म हो जाएगी। ……………………………. नक्सली मुठभेड़ से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… 22 जवानों की शहादत में शामिल नक्सली कमांडर उधम ढेर: छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर एनकाउंटर, शव-हथियार बरामद; 1 साल में मारे गए 232 नक्सली छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सली कमांडर उधम सिंह का एनकाउंटर कर दिया है। उधम सिंह साल 2021 में हुए टेकुलगुड़ेम एनकाउंटर में शामिल था। जहां नक्सली हमले में 22 जवान शहीद हुए थे। इसके साथ ही वह कई वारदातों में शामिल रहा। पढ़ें पूरी खबर…
Dainik Bhaskar 7 साल पाकिस्तानी जेल में काटकर बालाघाट लौट रहा प्रसन्नजीत:दिल्ली घूमने गया था, फिर लापता हुआ; बोला- पाक कैसे पहुंचा, याद नहीं
पाकिस्तान की जेल से सात साल बाद रिहा हुए प्रसन्नजीत रंगारी शुक्रवार रात बालाघाट के कटंगी पहुंचेंगे। प्रसन्नजीत के जीजा राजेश खोब्रागड़े, मैहकेपार रोजगार सहायक योगेंद्र चौधरी, मोहगांव रोजगार सहायक आशीष वासिनी और कॉन्स्टेबल लक्ष्मीप्रसाद बघेल, उन्हें लेने बालाघाट से अमृतसर गए थे। वहां से सभी लोग कार से गुरुवार रात बालाघाट के लिए निकले हैं। इससे पहले उन्होंने गोल्डन टेम्पल में दर्शन किए। प्रसन्नजीत ने अमृतसर में सबसे पहले अपने जीजा को पहचाना। कहा- जीजाजी नमस्ते, मैं आपको जानता हूं। प्रसन्नजीत को 31 जनवरी को पाकिस्तान की जेल से रिहा किया गया था। परिवार को उन्हें घर लाने में आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इसके बाद कलेक्टर मृणाल मीणा ने इंतजाम किए। ट्रेन के टिकट करवाकर परिवार के साथ प्रशासनिक कर्मचारियों को अमृतसर भेजा। बालाघाट पहुंचने से पहले रास्ते में दैनिक भास्कर ने प्रसन्नजीत के जीजा राजेश खोब्रागड़े और रोजगार सहायक योगेंद्र चौधरी से फोन पर बात की। बहन और गांव का नाम बताया रोजगार सहायक योगेंद्र चौधरी ने बताया कि रात 8 बजे तक बालाघाट के कटंगी पहुंचेंगे। यहां से प्रसन्नजीत को जीजा के गांव मैहकेपार ले जाया जाएगा। चौधरी ने कहा- हम 4 फरवरी की रात करीब 10:30 बजे अमृतसर पहुंचे थे। यहां रेडक्रॉस मजीठिया रोड थाने में औपचारिकताएं पूरी करवाईं। इसके बाद पुलिस ने प्रसन्नजीत को हमें सौंप दिया। सुबह गोल्डन टेम्पल के दर्शन किए। इसके बाद गुरुवार सुबह करीब 10 बजे कार से बालाघाट के लिए चल दिए। थाने में राजेश ने प्रसन्नजीत से पूछा- मुझे पहचानते हो? इस पर उसने हां में जवाब दिया। कहा- नमस्ते जीजाजी। इसके बाद अपनी बहन संघमित्रा का नाम बताया। पूछा कि कहां के रहने वाले हो तो प्रसन्नजीत ने कहा- कैलांजी गांव का रहने वाला हूं। अक्टूबर 2019 में पाकिस्तानी जेल पहुंचा था योगेंद्र चौधरी ने कहा- प्रसन्नजीत से पूछा गया कि वह पाकिस्तान कैसे पहुंचा। उसने कहा कि वह 2017 में दिल्ली घूमने गया था। इसी दौरान मानसिक स्थिति खराब हो गई थी। 2019 में लाहौर की पाकिस्तान जेल में था। लेकिन वहां कैसे पहुंचा, इस बारे में प्रसन्नजीत कुछ नहीं बता पा रहा है। पाकिस्तान में दर्ज एफआईआर में लिखा है कि अक्टूबर 2019 में प्रसन्नजीत को बिना वीजा और पासपोर्ट के पकड़ा गया था। इसके बाद उसे लाहौर जेल भेज दिया गया था। दिसंबर 2021 में पाकिस्तान में होने का पता चला प्रसन्नजीत के जीजा राजेश खोब्रागड़े ने कहा- वे 2017 में घर से लापता हो गए थे। कुछ समय बिहार रहे, फिर लौट आए लेकिन बाद में दोबारा गायब हो गए। परिजन ने काफी तलाश की। कोई सुराग नहीं मिला तो उन्हें मृत मान लिया गया था। दिसंबर 2021 में अचानक आए फोन से परिवार को पता चला कि प्रसन्नजीत पाकिस्तान की जेल में बंद हैं। उनकी बहन संघमित्रा लगातार उनकी घर वापसी के लिए संघर्ष कर रही थीं। 1 फरवरी को मिली जेल से रिहा होने की जानकारी 1 फरवरी 2022 को खैरलांजी थाना पुलिस से फोन आने पर परिवार को प्रसन्नजीत की रिहाई की जानकारी मिली। इसके बाद अमृतसर थाने से आए कॉल पर संघमित्रा ने करीब 5 साल बाद अपने भाई से बात की, उसकी आवाज सुनी। प्रसन्नजीत के लापता होने के बाद उनके पिता लोपचंद रंगारी का निधन हो चुका है। बहन संघमित्रा राजेश खोब्रागड़े, पूर्व जिला पंचायत सदस्य विक्रम देशमुख और कलेक्टर मृणाल मीणा के संयुक्त प्रयासों के परिणामस्वरूप प्रसन्नजीत पाकिस्तान से रिहा होकर अब घर लौट रहे हैं। मामले से जुड़ीं ये खबरें भी पढ़ें… 7 साल बाद पाकिस्तान से घर वापसी, प्रसन्नजीत छोड़े गए भारतीय कैदियों में शामिल मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के खैरलांजी निवासी प्रसन्नजीत रंगारी सात साल बाद पाकिस्तान की जेल से रिहा हो गए हैं। 31 जनवरी को पाकिस्तान द्वारा रिहा किए गए सात भारतीय कैदियों में उनका नाम भी शामिल है। वर्षों से उनकी वतन वापसी के लिए संघर्ष कर रहीं बहन संघमित्रा के प्रयास आखिरकार रंग ले आए। पढ़ें पूरी खबर… बहन हर साल करती है भाई के लौटने का इंतजार प्रिय भाई, मैं रक्षाबंधन पर तुझे बहुत याद करती हूं। मैं राखी बांधना चाहती हूं, लेकिन तू मुझसे बहुत दूर है। चिट्ठी में लिखी इस इबारत को पढ़ने के बाद संघमित्रा भाई की याद में रोने लगती है। वह पिछले 4 साल से अपने भाई को वापस भारत लाने की कोशिशें कर रही है। भारत सरकार को कई बार चिट्ठी लिख चुकी है लेकिन अभी तक उसे कोई कामयाबी नहीं मिली है। पढ़ें पूरी खबर…
Dainik Bhaskar हरिद्वार पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी:स्वामी सत्यमित्रानंद की मूर्ति का किया अनावरण, स्थापना महोत्सव का आज आखिरी दिन
हरिद्वार के सप्तऋषि आश्रम मैदान में चल रहे त्रिदिवसीय गुरुदेव समाधि मंदिर एवं पद्मभूषण ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज की मूर्ति स्थापना महोत्सव का आज तीसरा और अंतिम दिन है। समापन अवसर पर आयोजित धर्म सम्मेलन में देश की प्रमुख राजनीतिक और धार्मिक हस्तियां एक मंच पर मौजूद हैं। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में पहुंचकर स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज की मूर्ति का विधिवत अनावरण किया और उनकी प्राण प्रतिष्ठा के धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता की। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी इस कार्यक्रम में मौजूद हैं। इसस पहले सीएम धामी खुद अतिथियों के स्वागत के लिए देहरादून स्थित जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर पहुंचे थे। कार्यक्रम से जुड़ी PHOTOS देखें… कार्यक्रम से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…
Dainik Bhaskar परीक्षा पे चर्चा- छात्रों से बात करेंगे पीएम मोदी:एग्जाम में तनाव-मुक्त रहने के टिप्स देंगे; इस बार पार्टिसिपेशन 6.76 करोड़ से ज्यादा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार सुबह 10 बजे सालाना 'परीक्षा पे चर्चा' (PPC) कार्यक्रम में देशभर के छात्रों से बातचीत करेंगे। 2026 के 9वें एडिशन में पीएम छात्रों को परीक्षा के दौरान तनाव-मुक्त रहने में मदद करने और लर्निंग पर फोकस के टिप्स देंगे। X पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा- इस बार परीक्षा पे चर्चा जरूर देखें। इस साल बहुत ही दिलचस्प विषय हैं, खासकर तनाव-मुक्त रहने की जरूरत, सीखने पर ध्यान देना और भी बहुत कुछ। यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जिसका मैंने हमेशा आनंद लिया है, क्योंकि यह मुझे देश भर के होशियार दिमागों के साथ बातचीत करने का मौका देता है।" 27 जनवरी को परीक्षा पे चर्चा के 9वें एडिशन का वीडियो रिलीज हुआ था, जिसमें पीएम अलग-अलग लोकेशन पर बच्चों से सवाल-जवाब करते नजर आए। पीएम मोदी ने 5 राज्यों दिल्ली, कोयंबटूर (तमिलनाडु), रायपुर (छत्तीसगढ़), देव मोगरा (गुजरात) और गुवाहाटी (असम) में छात्रों से सीधे बातचीत की है। PPC के 9वें एडिशन में 4.5 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड पार्टिसिपेंट्स और 2.26 करोड़ एक्स्ट्रा लोग थे, जिन्होंने अलग-अलग एक्टिविटीज में हिस्सा लिया। इस साल कुल पार्टिसिपेशन 6.76 करोड़ से ज्यादा हैं। परीक्षा पे चर्चा' का एपिसोड सोनी Liv, प्राइम वीडियो और जी 5 जैसे OTT प्लेटफॉर्म पर भी मिलेगा। परीक्षा पे चर्चा के वीडियो के कुछ मोमेंट्स... परीक्षा पे चर्चा से जुड़े अपडेट के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…
Dainik Bhaskar मणिपुर में नए डिप्टी सीएम के विरोध में हिंसा भड़की:प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों को बैरक में धकेलने की कोशिश की; टायर जलाए, पत्थरबाजी की गई
मणिपुर के चूराचांदपुर जिले में गुरुवार शाम हिंसा भड़क गई। नए उप मुख्यमंत्रियों नेमचा किपगेन और लोसी दिखो के शपथ ग्रहण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। जिले के तुइबोंग मेन मार्केट इलाके में सैकड़ों युवा प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों को वापस उनकी बैरक में धकेलने की कोशिश की। जब सुरक्षा बलों ने बात मानने से इनकार कर दिया तो पत्थरबाजी शुरू हो गई। कुछ लोगों ने सड़क के बीच में टायर जला दिए। आदिवासी संगठन जॉइंट फोरम ऑफ सेवन ने कुकी-बहुल चूराचांदपुर में शुक्रवार सुबह 6 से 12 घंटे का बंद बुलाया है। वहीं, कुछ संगठनों ने नेम्चा किप्गेन, विधायकों एलएम खाउते, एन सेनाते को मारने वाले को 20 व 10-10 लाख इनाम देने का ऐलान किया है। 7 तस्वीरों में देखें स्थिति… डिप्टी सीएम और 3 विधायकों का विरोध नई सरकार में नेम्चा किप्गेन के डिप्टी सीएम बनने पर कुकी समुदाय बंट गया है। एक संगठन ने विश्वासघात व मैतेई से गठबंधन का आरोप लगाकर सरकार में शामिल तीनों कुकी विधायकों के सामाजिक बहिष्कार की घोषणा की है। तीन कुकी जोमी विधायक मणिपुर सरकार में शामिल हो रहे हैं, जिसमें नेमचा ने उप मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है और अन्य दो, एलएम खौटे और न्गुर्संगलुर, जल्द ही शपथ लेने वाले हैं। इसका पता चलने के बाद प्रदर्शनकारियों में गुस्सा और भड़क गया। सूत्रों के मुताबिक, बिती हिंसा में कुकी जोमी लोगों को बहुत नुकसान हुआ है। इंफाल में दिनदहाड़े सैकड़ों लोगों की हत्या कर दी गई और उनकी लाखों की संपत्ति जला दी गई, साथ ही उनके चर्चों को भी आग लगा दी गई। असम राइफल्स के हालात संभालने की जिम्मेदारी असम राइफल्स को स्थिति को शांत करने के लिए तैनात किया गया था, लेकिन शुरुआती प्रयासों में बहुत कम सफलता मिली। अंत में सुरक्षाबलों को अस्थायी रूप से पीछे हटना पड़ा। इसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक हिंसा अभी भी जारी है। क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। विधायकों पर धोखा देने का आरोप 2 फरवरी को कुकी विधायकों ने कहा था कि समुदाय के नेताओं से बातचीत के बाद ही सरकार से जुड़ने का फैसला लिया गया है। लेकिन नेम्चा ने दिल्ली में क्या बात की, इससे पर्दा नहीं उठा। इससे विवाद की स्थिति बनी है। समुदाय के बड़े हिस्से का मानना है कि विधायकों ने विश्वासघात किया। समर्थक धड़े का मानना है कि वे समुदाय की सुरक्षा और विकास के लिए शामिल हुए। विधानसभा में 10 कुकी विधायक, इनमें सात भाजपा के विधानसभा में 10 कुकी-विधायक हैं। इनमें 7 भाजपा के हैं। हमार जनजाति के विधायक एन सेनाते भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए टीम का हिस्सा थे। इसी टीम ने सरकार बनाने का दावा पेश किया। कुकी विधायक एलएम खौटे भी टीम में थे। हमार कुकी समुदाय का हिस्सा है। दो दिन पहले नई सरकार ने शपथ ली भाजपा नेता युमनाम खेमचंद सिंह मणिपुर के 13वें मुख्यमंत्री बने। राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने बुधवार शाम को इम्फाल स्थित लोकभवन में खेमचंद को शपथ दिलाई। खेमचंद मैतेई समुदाय से आते हैं। उनके साथ ही नगा समुदाय से आने वाले लोधी दिखो ने डिप्टी सीएम की शपथ ली। वे नगा पीपुल्स फ्रंट के विधायक हैं। वहीं, कुकी समुदाय से आने वालीं नेमचा किपगेन राज्य की पहली डिप्टी सीएम बनीं। भाजपा नेता नेमचा ने दिल्ली के मणिपुर भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए शपथ लीं। पूरी खबर पढ़ें… डिप्टी CM बनने वाली नेम्चा बीरेन सरकार में मंत्री रह चुकीं नई सरकार में कुकी-जो समुदाय को संतुष्ट करने के लिए नेम्चा किप्गेन को उपमुख्यमंत्री बनाया गया। नेम्चा 2017 और 2022 में कुकी बहुल कांगपोकपी से भाजपा की विधायक हैं। बीरेन सिंह के पहले कार्यकाल (2017-2020) में उन्होंने सामाजिक कल्याण एवं सहकारिता मंत्री का पद संभाला। बीरेन सिंह के दूसरे कार्यकाल में वे वाणिज्य एवं उद्योग, वस्त्र एवं सहकारिता विभाग की कैबिनेट मंत्री हैं। मैतेई-कुकी जाति हिंसा के दौरान इम्फाल में उनका सरकारी आवास जला दिया गया था। वे उन 10 कुकी-जो विधायकों में हैं, जिन्होंने पहाड़ी क्षेत्रों के लिए अलग प्रशासन की मांग की थी। कुकी-मैतेई समुदाय के बीच हिंसा की 3 मुख्य कारण 1. ST (अनुसूचित जनजाति) दर्जे की मांग: 14 अप्रैल 2023 को मणिपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को मैतेई समुदाय के लिए ST का दर्जा देने पर सिफारिश भेजने का निर्देश दिया था। इस आदेश के बाद कुकी समुदाय में आक्रोश फैला और हिंसा भड़की। कुकी पहले से ST श्रेणी में है। उन्हें डर है कि अगर मैतेई को भी ST का दर्जा मिला, तो वे पहाड़ी इलाकों में जमीन खरीद सकेंगे और इससे उनका सांस्कृतिक, सामाजिक और भौगोलिक अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। मणिपुर के इंफाल घाटी में लगभग 10% भूमि क्षेत्र है, जहां मैतेई बहुसंख्यक रहते हैं। बाकी 90% पहाड़ी इलाका कुकी और नगा समुदायों का है। यह क्षेत्र आदिवासी जमीन (Tribal Lands) के अंतर्गत आता है और मैतेई यहां जमीन नहीं खरीद सकते। 2. अलग कुकी प्रशासन की मांग: कुकी समुदाय 'कुकीलैंड' या 'जूमलैंड' नाम से अलग प्रशासनिक स्वायत्तता की मांग कर रहे हैं । मैतेई समुदाय और राज्य सरकार इस मांग को राज्य की अखंडता के लिए खतरा मानती है। 3. कुकी पर ड्रग्स तस्करी का आरोप: कुकी समुदाय पर म्यांमार से ड्रग्स की तस्करी का आरोप लगता रहा है। सरकार ने भी कुकी पर अवैध अफीम की खेती की तस्करी में शामिल होने का आरोप लगाया, जिससे सरकार के प्रति उनका अविश्वास और बढ़ गया। कुकी का मानना है कि उनके समुदाय को बदनाम करने के लिए ऐसे आरोप लगाए जाते हैं। कुकी समुदाय का आरोप है कि मणिपुर सरकार (पूर्व भाजपा सरकार) मैतेई का पक्ष लेती है। वे सुरक्षाबलों और पुलिस पर भी एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हैं। ---------------- ये खबर भी पढ़ें… मणिपुर में मैतेई शख्स की गोली मारकर हत्या, VIDEO:आदिवासी महिला के साथ अफेयर था; आरोपियों ने पहले बात की, फिर शूट कर दिया मणिपुर में मैतेई गुट के एक शख्स की आदिवासी महिला से अफेयर के चलते गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान मयांगलांबम ऋषिकांत (38) के रूप में हुई है। वह काकचिंग खुनौ का रहने वाला था। पुलिस के अनुसार, 21 जनवरी की रात अज्ञात बदमाशों ने तुइबुओंग इलाके से ऋषिकांत का अपहरण कर लिया और बाद में चुराचांदपुर के टी नटजांग गांव में उसकी हत्या कर दी। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar मणिपुर में नए डिप्टी सीएम के विरोध में हिंसा भड़की:प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों को बैरक में धकेलने की कोशिश की; टायर जलाए, पत्थरबाजी की
मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में गुरुवार शाम हिंसा भड़क गई। नए उपमुख्यमंत्रियों नेम्चा किप्गेन और लोसी दिखो के शपथ ग्रहण के खिलाफ प्रदर्शन हिंसक हो गया। जिले के तुइबोंग मेन मार्केट इलाके में सैकड़ों युवा प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों को वापस उनकी बैरक में धकेलने की कोशिश की। जब सुरक्षाबलों ने बात मानने से इनकार कर दिया तो पत्थरबाजी शुरू हो गई। कुछ लोगों ने सड़क के बीच में टायर जला दिए। आदिवासी संगठन जॉइंट फोरम ऑफ सेवन ने कुकी-बहुल चुराचांदपुर में शुक्रवार सुबह 6 से 12 घंटे का बंद बुलाया है। वहीं, कुछ संगठनों ने नेम्चा किप्गेन को मारने वाले को 20 लाख और विधायकों एलएम खाउते, एन सेनाते को मारने वाले को 10-10 लाख इनाम देने का ऐलान किया है। हिंसा की 9 तस्वीरें… डिप्टी सीएम और 3 विधायकों का विरोध नई सरकार में नेम्चा किप्गेन के डिप्टी सीएम बनने पर कुकी समुदाय बंट गया है। एक संगठन ने विश्वासघात व मैतेई से गठबंधन का आरोप लगाकर सरकार में शामिल तीनों कुकी विधायकों के सामाजिक बहिष्कार की घोषणा की है। तीन कुकी जो-मी विधायक मणिपुर सरकार में शामिल हैं, जिसमें नेम्चा ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है और अन्य दो, एलएम खाउते और नगुर्संगलुर, जल्द ही शपथ लेने वाले हैं। इसका पता चलने के बाद प्रदर्शनकारियों में गुस्सा और भड़क गया। सूत्रों के मुताबिक, हिंसा में कुकी जो-मी लोगों को बहुत नुकसान हुआ है। इंफाल में दिनदहाड़े सैकड़ों लोगों की हत्या कर दी गई और उनकी लाखों की संपत्ति जला दी। उनके चर्चों को भी आग लगा दी गई। असम राइफल्स को हालात संभालने की जिम्मेदारी असम राइफल्स को स्थिति को शांत करने के लिए तैनात किया गया था, लेकिन शुरुआती प्रयासों में बहुत कम सफलता मिली। अंत में सुरक्षाबलों को अस्थायी रूप से पीछे हटना पड़ा। इसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक हिंसा अभी भी जारी है। क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। विधायकों पर धोखा देने का आरोप 2 फरवरी को कुकी विधायकों ने कहा था कि समुदाय के नेताओं से बातचीत के बाद ही सरकार से जुड़ने का फैसला लिया गया है। लेकिन नेम्चा ने दिल्ली में क्या बात की, इससे पर्दा नहीं उठा। इससे विवाद की स्थिति बनी है। समुदाय के बड़े हिस्से का मानना है कि विधायकों ने विश्वासघात किया। समर्थक धड़े का मानना है कि वे समुदाय की सुरक्षा और विकास के लिए शामिल हुए। विधानसभा में 10 कुकी विधायक, इनमें सात भाजपा के विधानसभा में 10 कुकी-विधायक हैं। इनमें 7 भाजपा के हैं। हमार जनजाति के विधायक एन सेनाते भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए टीम का हिस्सा थे। इसी टीम ने सरकार बनाने का दावा पेश किया। कुकी विधायक एलएम खाउते भी टीम में थे। वे हमार कुकी समुदाय का हिस्सा है। दो दिन पहले नई सरकार ने शपथ ली भाजपा नेता युमनाम खेमचंद सिंह मणिपुर के 13वें मुख्यमंत्री बने। राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने बुधवार शाम को इम्फाल स्थित लोकभवन में खेमचंद को शपथ दिलाई। खेमचंद मैतेई समुदाय से आते हैं। उनके साथ ही नगा समुदाय से आने वाले लोसी दिखो ने डिप्टी सीएम की शपथ ली। वे नगा पीपुल्स फ्रंट के विधायक हैं। वहीं, कुकी समुदाय से आने वालीं नेम्चा किप्गेन राज्य की पहली डिप्टी सीएम बनीं। भाजपा नेता नेम्चा ने दिल्ली के मणिपुर भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए शपथ लीं। पूरी खबर पढ़ें… डिप्टी CM बनने वाली नेम्चा बीरेन सरकार में मंत्री रह चुकीं नई सरकार में कुकी-जो समुदाय को संतुष्ट करने के लिए नेम्चा किप्गेन को उपमुख्यमंत्री बनाया गया। नेम्चा 2017 और 2022 में कुकी बहुल कांगपोकपी से भाजपा की विधायक हैं। बीरेन सिंह के पहले कार्यकाल (2017-2020) में उन्होंने सामाजिक कल्याण एवं सहकारिता मंत्री का पद संभाला। बीरेन सिंह के दूसरे कार्यकाल में वे वाणिज्य एवं उद्योग, वस्त्र एवं सहकारिता विभाग की कैबिनेट मंत्री हैं। मैतेई-कुकी जाति हिंसा के दौरान इम्फाल में उनका सरकारी आवास जला दिया गया था। वे उन 10 कुकी-जो विधायकों में हैं, जिन्होंने पहाड़ी क्षेत्रों के लिए अलग प्रशासन की मांग की थी। कुकी-मैतेई समुदाय के बीच हिंसा की 3 मुख्य कारण 1. ST (अनुसूचित जनजाति) दर्जे की मांग: 14 अप्रैल 2023 को मणिपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को मैतेई समुदाय के लिए ST का दर्जा देने पर सिफारिश भेजने का निर्देश दिया था। इस आदेश के बाद कुकी समुदाय में आक्रोश फैला और हिंसा भड़की। कुकी पहले से ST श्रेणी में है। उन्हें डर है कि अगर मैतेई को भी ST का दर्जा मिला, तो वे पहाड़ी इलाकों में जमीन खरीद सकेंगे और इससे उनका सांस्कृतिक, सामाजिक और भौगोलिक अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। मणिपुर के इंफाल घाटी में लगभग 10% भूमि क्षेत्र है, जहां मैतेई बहुसंख्यक रहते हैं। बाकी 90% पहाड़ी इलाका कुकी और नगा समुदायों का है। यह क्षेत्र आदिवासी जमीन (Tribal Lands) के अंतर्गत आता है और मैतेई यहां जमीन नहीं खरीद सकते। 2. अलग कुकी प्रशासन की मांग: कुकी समुदाय 'कुकीलैंड' या 'जूमलैंड' नाम से अलग प्रशासनिक स्वायत्तता की मांग कर रहे हैं । मैतेई समुदाय और राज्य सरकार इस मांग को राज्य की अखंडता के लिए खतरा मानती है। 3. कुकी पर ड्रग्स तस्करी का आरोप: कुकी समुदाय पर म्यांमार से ड्रग्स की तस्करी का आरोप लगता रहा है। सरकार ने भी कुकी पर अवैध अफीम की खेती की तस्करी में शामिल होने का आरोप लगाया, जिससे सरकार के प्रति उनका अविश्वास और बढ़ गया। कुकी का मानना है कि उनके समुदाय को बदनाम करने के लिए ऐसे आरोप लगाए जाते हैं। कुकी समुदाय का आरोप है कि मणिपुर सरकार (पूर्व भाजपा सरकार) मैतेई का पक्ष लेती है। वे सुरक्षाबलों और पुलिस पर भी एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हैं। ---------------- ये खबर भी पढ़ें… मणिपुर में मैतेई शख्स की गोली मारकर हत्या, VIDEO:आदिवासी महिला के साथ अफेयर था; आरोपियों ने पहले बात की, फिर शूट कर दिया मणिपुर में मैतेई गुट के एक शख्स की आदिवासी महिला से अफेयर के चलते गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान मयांगलांबम ऋषिकांत (38) के रूप में हुई है। वह काकचिंग खुनौ का रहने वाला था। पुलिस के अनुसार, 21 जनवरी की रात अज्ञात बदमाशों ने तुइबुओंग इलाके से ऋषिकांत का अपहरण कर लिया और बाद में चुराचांदपुर के टी नटजांग गांव में उसकी हत्या कर दी। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar पंजाब में AAP नेता की गोली मारकर हत्या:सिर-सीने पर 6 गोलियां मारीं; जालंधर के गुरुद्वारे में माथा टेकने आए थे, टारगेट किलिंग का शक
पंजाब के जालंधर में आम आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबरॉय की 6 फरवरी की सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई। वे 52 साल के थे। स्कूटी पर आए हमलावरों ने उन्हें 6 गोलियां मारीं। 5 सीने में और एक गोली सिर पर लगी। लक्की ओबेरॉय मॉडल टाउन इलाके में गुरुद्वारे में माथा टेकने आए थे। जैसे ही वे गुरुद्वारे से निकलकर अपनी थार गाड़ी में बैठने लगे तो बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। परिजन गंभीर हालत में उन्हें मॉडल टाउन के प्राइवेट अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार को विश्वास नहीं हुआ तो वे उन्हें शहर के श्रीराम अस्पताल लेकर गए। यहां भी उन्हें मृत बताया गया। एडीसीपी जयंत परी ने बताया कि पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया गया है। CCTV खंगाले जा रहे हैं। हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस को उनकी टारगेट किलिंग का शक है। ओबेरॉय आम आदमी पार्टी (AAP) से जालंधर कैंट विधानसभा सीट के हलका इंचार्ज थे। थार में बैठते ही फायरिंग की पुलिस के मुताबिक लक्की ओबेरॉय सुबह 7:15 बजे पॉश इलाके मॉडल टाउन के गुरुद्वारे में माथा टेकने आए थे। वह नियमित तौर पर गुरुद्वारे में आते थे। गुरुद्वारे में माथा टेकने के बाद वह बाहर निकले और घर जाने के लिए थार में बैठ गए। इसी दौरान एक्टिवा पर सवार हमलावर वहां पहुंच गए। उन्होंने थार लेकर जाने से पहले ही थार पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जिससे थार के शीशे चकनाचूर हो गए। इसके बाद हमलावरों ने सीधे लक्की ओबेरॉय पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। इस दौरान उनकी छाती और चेहरे पर गोलियां मारीं गई। जब लक्की ओबेरॉय गंभीर रूप से घायल होकर सीट पर लुढ़क गए तो हमलावर वहां से फरार हो गए। ADCP बोले- सभी नाकों पर अलर्ट ADCP जयंत पुरी ने बताया कि वारदात के बाद हमलावर भाग गए थे। पुलिस ने सभी नाकों पर हमलावरों के बारे में सूचित कर दिया है। इसके साथ ही गुरुद्वारे के सीसीटीवी भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस के जो हाईटेक सीसीटीवी लगे हैं, उनकी फुटेज भी निकले जा रहे हैं, ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके। डॉक्टर बोले- 8 से 9 फायर हुए श्रीराम अस्पताल के डॉक्टर विशाल ने बताया कि सतिंपाल सिंह जोगी उर्फ लक्की ओबेरॉय को घायल हालत में लाया गया था। लक्की को टारगेट कर 8 से 9 फायर किए गए। इनमें 5 से 6 गोलियां उनके सीने पर लगी हैं जबकि एक गोली चेहरे पर लगी है। गोलियां लगने की वजह से उनकी हालत काफी गंभीर थी। जिसके बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखकर ट्रीटमेंट दिया जा रहा था लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। पत्नी नगर निगम का चुनाव लड़ चुकीं जानकारी के अनुसार, लक्की ओबरॉय जालंधर कैंट में AAP के हलका इंचार्ज थे। उनके परिवार में दो बेटियां और एक बेटा है। इसके इलावा दो भाई और मां भी हैं। उनकी पत्नी नगर निगम का चुनाव भी लड़ चुकी हैं। टिकट देकर विधानसभा में गुंडे भर्ती कर लिए- कुलदीप अकाली दल के काउंसलर कुलदीप ओबेरॉय ने कहा कि यह घटना सरकारों के लिए बहुत ही बुरी है। टिकट देकर विधानसभा में गुंडे भर्ती कर लिए हैं। जिसका नतीजा यह है कि सड़कों पर लोगों को गोलियां मारी जा रही हैं। लक्की ओबेरॉय गुरु घर के साथ जुड़े हुए थे और हर रोज माथा टेकने के लिए आते थे। उनकी किसी से क्या रंजिश थी यह तो नहीं जानते। लेकिन इतना पता है कि यह धार्मिक प्रवृत्ति के थे। उन्होंने कहा कि मेरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से रिक्वेस्ट है कि पार्लियामेंट में ऐसा कानून लेकर आएं कि किसी भी गुंडे को टिकट न मिल सके। कांग्रेस सांसद बोले- पंजाब को मजबूत CM की जरूरत अमृतसर से कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने आम आदमी पार्टी और पंजाब सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था लगातार बिगड़ रही है और रोजाना बड़ी आपराधिक घटनाएं हो रही हैं। औजला ने कहा कि पंजाब को एक मजबूत और जिम्मेदार मुख्यमंत्री की जरूरत है। उन्होंने केंद्र सरकार को भी बराबर का दोषी ठहराया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला।
Dainik Bhaskar 754 विमानों की जांच, 377 बार-बार खराब हुए:सरकार बोली- एक साल में एअर इंडिया ग्रुप के 191, इंडिगो के 148 विमानों में रिपीटीटिव डिफेक्ट मिले
हवाई यात्रा की सुरक्षा सवालों में है। जनवरी 2025 से देश की छह प्रमुख एयरलाइंस के कुल 754 विमानों की तकनीकी जांच की गई। इनमें से 377 विमानों में बार-बार आने वाली खराबियों की पहचान हुई। यानी एक ही खराबी बार-बार सामने आई, भले ही उसे पहले ठीक कर दिया गया था। जिन विमानों की जांच की गई, उनमें एअर इंडिया ग्रुप के 267 विमानों में से 191 (72%) में बार-बार तकनीकी खराबी पाई गई। जो सबसे ज्यादा है। इसके बाद इंडिगो का नंबर था। जिसके 405 विमानों की जांच की गई। उनमें से 148 में इस साल 3 फरवरी तक रिपीटीटिव डिफेक्ट ( एक ही खराबी बार-बार) पाई गई। लोकसभा में नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि DGCA ने पिछले साल सुरक्षा को लेकर बड़े पैमाने पर जांच की। इस दौरान 3890 सर्विलांस इंस्पेक्शन, 56 ऑडिट, 492 रैंप चेक और 84 विदेशी विमानों की जांच की गई। 874 स्पॉट चेक और 550 नाइट सर्विलांस भी किए गए। एअर इंडिया बोली- ज्यादातर दिक्कतें कैटेगरी D में, ये सेफ्टी से जुड़ी नहीं एअर इंडिया के एक प्रवक्ता ने सरकारी डेटा जारी के बाद कहा, "हमने बहुत ज्यादा सावधानी बरतते हुए अपने पूरे फ्लीट में चेक किए हैं। इसलिए, संख्या ज्यादा है। एयरलाइन के एक सीनियर एग्जीक्यूटिव ने कहा कि प्लेन में अलग-अलग तरह के इक्विपमेंट चेक किए जाते हैं। इन्हें इक्विपमेंट की प्रायोरिटी या अर्जेंसी के आधार पर A, B, C और D सेगमेंट में बांटा गया है। एग्जीक्यूटिव के मुताबिक- “एअर इंडिया के मामले में, ज्यादातर दिक्कतें कैटेगरी D में हैं, जिसमें सीटें, ट्रे टेबल, स्क्रीन (सीटों के पीछे) वगैरह जैसी चीजें शामिल हैं। ये एयरक्राफ्ट की सेफ्टी से जुड़ी नहीं हैं।” एग्जीक्यूटिव ने आगे कहा कि अगले दो सालों में जब नैरो-बॉडी एयरक्राफ्ट के लिए रेट्रोफिट प्रोग्राम शुरू होगा, तो ये दिक्कतें भी हल हो जाएंगी। देश की प्रमुख यात्री एयरलाइंस 2,645 पद खाली पड़े सरकार ने बताया एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया और 3 विमानन नियामक संस्थाओं डीजीसीए, बीसीएएस व एईआरए में 2,645 पद खाली पड़े हैं। ---------------------- एयलाइंस से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें … इंडिगो के खिलाफ CCI ने दिए जांच के आदेश, कहा- जानबूझकर हजारों फ्लाइट्स कैंसिल कीं, इससे लाखों पैसेंजर परेशान हुए थे कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के खिलाफ 'अनफेयर बिजनेस प्रैक्टिस' यानी अनुचित व्यापारिक गतिविधियों को लेकर जांच के आदेश दिए हैं। यह कार्रवाई दिसंबर में इंडिगो की हजारों फ्लाइट्स कैंसिल करने से हुए ऑपरेशनल संकट पर की गई है। आयोग का मानना है कि फ्लाइट्स रद्द करने से बाजार में उड़ानों की कमी हुई, जिससे यात्रियों को परेशानी हुई और प्रतिस्पर्धा नियमों का उल्लंघन हुआ। पढ़ें पूरी खबर…
Dainik Bhaskar एअर इंडिया के 191,इंडिगो के 148 विमानों में बार-बार खराबी:सरकार ने संसद में माना 754 प्लेन की जांच में यह बात सामने आई
हवाई यात्रा की सुरक्षा सवालों में है। जनवरी 2025 से देश की छह प्रमुख एयरलाइंस के कुल 754 विमानों की तकनीकी जांच की गई। इनमें से 377 विमानों में बार-बार आने वाली खराबियों की पहचान हुई। यानी एक ही खराबी बार-बार सामने आई, भले ही उसे पहले ठीक कर दिया गया था। जिन विमानों की जांच की गई, उनमें एअर इंडिया ग्रुप के 267 विमानों में से 191 (72%) में बार-बार तकनीकी खराबी पाई गई। जो सबसे ज्यादा है। इसके बाद इंडिगो का नंबर था। जिसके 405 विमानों की जांच की गई। उनमें से 148 में इस साल 3 फरवरी तक रिपीटीटिव डिफेक्ट ( एक ही खराबी बार-बार) पाई गई। लोकसभा में नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि DGCA ने पिछले साल सुरक्षा को लेकर बड़े पैमाने पर जांच की। इस दौरान 3890 सर्विलांस इंस्पेक्शन, 56 ऑडिट, 492 रैंप चेक और 84 विदेशी विमानों की जांच की गई। 874 स्पॉट चेक और 550 नाइट सर्विलांस भी किए गए। एअर इंडिया बोली- ज्यादातर दिक्कतें कैटेगरी D में, ये सेफ्टी से जुड़ी नहीं एअर इंडिया के एक प्रवक्ता ने सरकारी डेटा जारी के बाद कहा, "हमने बहुत ज्यादा सावधानी बरतते हुए अपने पूरे फ्लीट में चेक किए हैं। इसलिए, संख्या ज्यादा है। एयरलाइन के एक सीनियर एग्जीक्यूटिव ने कहा कि प्लेन में अलग-अलग तरह के इक्विपमेंट चेक किए जाते हैं। इन्हें इक्विपमेंट की प्रायोरिटी या अर्जेंसी के आधार पर A, B, C और D सेगमेंट में बांटा गया है। एग्जीक्यूटिव के मुताबिक- “एअर इंडिया के मामले में, ज्यादातर दिक्कतें कैटेगरी D में हैं, जिसमें सीटें, ट्रे टेबल, स्क्रीन (सीटों के पीछे) वगैरह जैसी चीजें शामिल हैं। ये एयरक्राफ्ट की सेफ्टी से जुड़ी नहीं हैं।” एग्जीक्यूटिव ने आगे कहा कि अगले दो सालों में जब नैरो-बॉडी एयरक्राफ्ट के लिए रेट्रोफिट प्रोग्राम शुरू होगा, तो ये दिक्कतें भी हल हो जाएंगी। देश की प्रमुख यात्री एयरलाइंस 2,645 पद खाली पड़े सरकार ने बताया एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया और 3 विमानन नियामक संस्थाओं डीजीसीए, बीसीएएस व एईआरए में 2,645 पद खाली पड़े हैं। ---------------------- एयलाइंस से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें … इंडिगो के खिलाफ CCI ने दिए जांच के आदेश, कहा- जानबूझकर हजारों फ्लाइट्स कैंसिल कीं, इससे लाखों पैसेंजर परेशान हुए थे कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के खिलाफ 'अनफेयर बिजनेस प्रैक्टिस' यानी अनुचित व्यापारिक गतिविधियों को लेकर जांच के आदेश दिए हैं। यह कार्रवाई दिसंबर में इंडिगो की हजारों फ्लाइट्स कैंसिल करने से हुए ऑपरेशनल संकट पर की गई है। आयोग का मानना है कि फ्लाइट्स रद्द करने से बाजार में उड़ानों की कमी हुई, जिससे यात्रियों को परेशानी हुई और प्रतिस्पर्धा नियमों का उल्लंघन हुआ। पढ़ें पूरी खबर…
Dainik Bhaskar हिमाचल में बर्फ के बीच 15km पैदल अस्पताल पहुंचाया बुजुर्ग,VIDEO:13 दिन से बंद है सड़क; कुर्सी को 'पालकी' बना पार किया जोखिम भरा सफर
हिमाचल प्रदेश के सराज विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीणों ने बर्फ के बीच खतरनाक रास्ते से एक मरीज को लगभग 15 किलोमीटर तक पैदल कंधे पर उठाकर अस्पताल पहुंचाया। इससे जुड़ा वीडियो अब सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है। दरअसल, 23 फरवरी को सराज विधानसभा क्षेत्र में भारी हिमपात हुआ। इससे क्षेत्र को गाड़ागुसैनी सड़क पिछले 13 दिन से बंद हो गई। बीते बुधवार को छलाई गांव के बुजुर्ग शिव लाल बीमार पड़ गए। इसके बाद ग्रामीणों ने शिव लाल को कुर्सी पर रस्सी के सहारे बांधा और कुर्मी में दो लंबे डंडे बांधकर कंधे पर उठाकर शिव लाल को गाड़ागुसैनी लाया। गांव के 15 से 20 लोगों ने दुर्गम व खतरनाक रास्ते से मरीज को अस्पताल पहुंचाया। रास्ते पर 2 फुट बर्फ जमी थी रास्ते में करीब दो फीट तक बर्फ जमी हुई थी, जिससे हर कदम पर फिसलने और हादसे का खतरा बना रहा। इसके बावजूद, ग्रामीणों ने हिम्मत नहीं हारी और बुजुर्ग को सुरक्षित स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाया। सड़क बहाल नहीं होने से ग्रामीणों में लोक निर्माण विभाग और सरकार के खिलाफ रोष व्याप्त है। PWD महकमा कछुआ गति से काम कर रहा: समेश स्थानीय निवासी समेश राजपूत ने बताया कि कई बार लोक निर्माण विभाग और प्रशासन को सड़क बहाल करने की सूचना दी गई, लेकिन काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। उन्होंने बताया कि मौसम साफ हुए 10 दिन बीत गए है। मगर अभी तक 3 किलोमीटर सड़क से ही बर्फ हटाई गई है। इस वजह से गांव के बुजुर्ग को कंधे पर उठाकर अस्पताल पहुंचाना पड़ा। उन्होंने सरकार से सड़क को जल्दी बहाल करने की गुहार लगाई है। सड़क और स्वास्थ्य की बदहाल स्थिति उजागर इस घटना ने एक बार फिर दूरदराज के इलाकों में सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाल स्थिति को उजागर कर दिया है। सराज विधानसभा क्षेत्र नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का गृह क्षेत्र है, इसके बावजूद यहां ग्रामीण आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। देखें मरीज को अस्पताल पहुंचाने के 3 PHOTOS…
Dainik Bhaskar दक्ष की आखिरी कॉल- पापा चॉकलेट लाना:पिता बोला- पैसे नहीं हैं, जा… फिर उठा ले गया गुलदार; मां पीछे दौड़ी और बिलखती रही
पहाड़ में शाम के साढ़े पांच बजे पूरी तरह अंधेरा नहीं होता, बस धुंधलका छाने लगता है। बबीता अपने बेटे दक्ष का हाथ पकड़े हुए घर से सटे शौचालय की ओर जा रही थीं। यह उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा था। घर जर्जर है, आंगन खुला है और चारों तरफ झाड़ियां हैं। बबीता को अंदाजा भी नहीं था कि उन झाड़ियों में मौत बैठी है। गुलदार घात लगाए बैठा था। जैसे ही मां-बेटे पगडंडी पर पहुंचे, झाड़ियों से एक काली परछाई निकली। इससे पहले कि बबीता कुछ समझ पातीं, एक झपट्टा लगा। यह हमला इतना तेज और सटीक था कि बबीता के हाथ से दक्ष की नन्हीं उंगलियां छूट गईं। “दक्ष…!” बबीता के मुंह से बस इतना ही निकल पाया। गुलदार बच्चे को जबड़े में दबाकर बिजली की तेजी से जंगल की ओर भाग गया। मां पीछे दौड़ी, चिल्लाई, लेकिन जंगल के सन्नाटे ने उसकी आवाज़ निगल ली। कुछ ही पलों में सब खत्म हो चुका था। जिस बेटे को उसने 9 महीने कोख में रखा, जिसे गरीबी और अभावों के बीच सीने से लगाकर पाला, वह चंद सेकंड में उसकी आंखों के सामने ओझल हो गया। वो आखिरी कॉल: पापा, गाड़ी लाओगे? इस हादसे की सबसे दर्दनाक परत वह फोन कॉल है, जो हादसे से कुछ ही घंटे पहले की गई थी। बबीता ने अपने पति हेमंत सिंह को फोन मिलाया था। हेमंत पिछले 4 साल से मुंबई में है। न घर आता है, न पैसा भेजता है। बबीता ने फोन बेटे दक्ष को दिया। दक्ष ने तोतली जुबान में अपनी फरमाइश रखी, “पापा, मेरे लिए चॉकलेट और गाड़ी लाना।” एक 5 साल के बच्चे की दुनिया चॉकलेट और खिलौने तक ही सीमित होती है। उसे नहीं पता था कि पिता और मां के रिश्तों में कितनी खटास है। उधर से पिता का जवाब आया, जो अब बबीता के कानों में पिघले शीशे की तरह चुभ रहा है। हेमंत ने कहा— “पैसे नहीं हैं।” और फिर शायद झुंझलाकर फोन काट दिया या डांट दिया। बबीता रोते हुए बताती हैं, “बच्चे को भगा दिया… कहा जा…।” दक्ष को चॉकलेट तो नहीं मिली, लेकिन कुछ घंटों बाद उसे मौत मिल गई। विडंबना देखिए, जब गुलदार दक्ष को उठा ले गया, तो बबीता ने बदहवास होकर फिर पति को फोन किया। शायद इस उम्मीद में कि इस दुख की घड़ी में वो ढांढस बंधाएंगे। फोन उठा… लेकिन उधर से कोई आवाज़ नहीं आई। और फिर फोन कट गया। टूटी चूड़ियां और खून के निशान घटना की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। लोग मशालें और डंडे लेकर जंगल की ओर दौड़े। वन विभाग की टीम और प्रशासन के लोग भी पहुंचे। वन क्षेत्राधिकारी (DFO) महात्म यादव मौके का मंजर बयां करते हुए सिहर उठते हैं। वे बताते हैं- “जैसे ही हमें सूचना मिली, हम मौके पर दौड़े। रास्तों पर खोजबीन शुरू हुई। थोड़ी दूर जाने पर हमें रास्ते में बबीता की टूटी हुई चूड़ियां मिलीं।” ये चूड़ियां शायद तब टूटी होंगी जब बबीता ने अपने बेटे को बचाने के लिए गुलदार से खींचतान की होगी या फिर हताशा में अपने हाथ पटके होंगे। थोड़ा और आगे जाने पर जमीन पर खून के निशान मिले। और फिर… घर से करीब 2-3 किलोमीटर दूर झाड़ियों में वह मिला, जिसे देखने की हिम्मत किसी में नहीं थी। दक्ष का शव। यादव बताते हैं, “बॉडी को देखकर स्पष्ट था कि गुलदार ने उसे अपना निवाला बनाया है। उसने बच्चे को खाया था…।” घर के हाल खराब, न छत है न दीवारें सुरक्षित दैनिक भास्कर की टीम जब बबीता के घर पहुंची, तो वहां गरीबी अपने सबसे वीभत्स रूप में दिखाई दी। यह घर नहीं, ईंट-पत्थरों का एक ऐसा ढांचा है जो कभी भी गिर सकता है। गौशाला की छत टूटी हुई है। बारिश में पानी टपकता है और ठंड में सर्द हवाएं सीधे हड्डियों में चुभती हैं। पति 4 साल से लापता नहीं, भगोड़ा है गांव वाले बताते हैं कि हेमंत सिंह 4 साल पहले रोजगार के नाम पर मुंबई गया था। शुरुआत में शायद एकाध बार बात हुई, लेकिन फिर उसने पलटकर नहीं देखा। न वह घर आया, न ही उसने कभी एक रुपया भेजा। पीछे रह गईं बबीता, बूढ़े सास-ससुर और तीन बच्चे कृतिका (10 साल), काव्या (7 साल) और दक्ष (5 साल, जो अब नहीं रहा)। बबीता ने हार नहीं मानी। पहाड़ की औरतों का जज्बा देखिए, उसने अकेले दम पर खेती-किसानी शुरू की। सुबह अंधेरे में उठकर जंगल से चारा लाना, गाय-भैंस पालना, दूध बेचना और उसी से बच्चों का पेट भरना। वह पिता भी थी और मां भी। लेकिन नियति को शायद यह संघर्ष भी मंजूर नहीं था। डीएम और अन्य अधिकारी घर पहुंचे बुधवार को जिलाधिकारी (DM) प्रतीक जैन और अन्य अधिकारी पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। माहौल गमगीन था। डीएम ने बबीता को सांत्वना देने की कोशिश की, लेकिन बबीता का दर्द आंसुओं के सैलाब बनकर फूट पड़ा। डीएम के सामने बबीता ने जो कहा, उसने वहां मौजूद हर अधिकारी को निशब्द कर दिया। बबीता फफकते हुए बोलीं, साहब, जब पालना नहीं था, तो बच्चे क्यों पैदा किए… सजा बच्चों को क्यों? मेरे बच्चे की क्या गलती थी? उनका इशारा अपने पति की ओर था, जिसने जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ लिया था। BDO ने कहा, परिवार की पूरी मदद करेंगे खंड विकास अधिकारी (BDO) सुरेश शाह ने बताया, “परिवार की स्थिति बहुत दयनीय है। मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। हम तत्काल खनन न्यास से आवास के लिए 60,000 रुपये की पहली किस्त आज ही जारी कर रहे हैं। कुल 1,20,000 रुपये मकान के लिए दिए जाएंगे।” उन्होंने आगे बताया- “इसके अलावा मनरेगा के तहत साइट डेवलपमेंट का काम दिया जाएगा।” शाह कहते हैं- “वन विभाग की तरफ से 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जा रहा है, जिसका चेक प्रक्रिया में है। समाज कल्याण विभाग से पेंशन और अन्य मदद भी सुनिश्चित की जाएगी।” गांव वालों का गुस्सा, हम कब तक डर के साये में जिएं? सिंद्रवाणी गांव में अब सिर्फ मातम नहीं, गुस्सा भी है। ग्राम प्रधान पुष्पा देवी कहती हैं, “यह पहली घटना नहीं है। पूरा गांव डर के साये में है। शाम 5 बजते ही लोग घरों में कैद हो जाते हैं। बबीता का घर देखिए, टूटने की कगार पर है। उसकी दो छोटी बेटियां हैं। अब उनका क्या होगा? हमें सिर्फ मुआवजा नहीं, सुरक्षा चाहिए।” ग्रामीण अमर सिंह राणा प्रशासन की लेटलतीफी पर सवाल उठाते हैं। साहब लोग अब आ रहे हैं। आपदा को छह-सात महीने हो गए, हमने कई बार कहा था कि गांव की स्थिति बुरी है। कोई सुध लेने नहीं आया। परसों जनता दरबार में भी बात उठाई थी कि 5 दिन बाद आएंगे। आज जब बच्चा मर गया, तब पूरी फौज आ गई है। राणा आगे कहते हैं, हमें आश्वासन तो मिल रहा है, लेकिन रात को नींद नहीं आती। गुलदार यहीं घूम रहा है। वन विभाग ने पिंजरा लगाया है, लेकिन क्या गारंटी है कि वह उसमें फंसेगा ही? गुलदार को मारने की अनुमति के लिए लिख रहे पत्र डीएफओ महात्म यादव बताते हैं कि विभाग ने इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया है। 3 पिंजरे गांव के अलग-अलग स्थानों पर लगाए गए हैं। देहरादून से वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट और ट्रैंकुलाइजर विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप मिश्रा को बुलाया गया है। गांव में मचान बनाए जा रहे हैं, जहां वन विभाग के शार्प शूटर्स पूरी रात पहरा देंगे। जरूरत पड़ने पर गुलदार को मारने की अनुमति के लिए भी लिखा जा रहा है। डीएफओ ने अपील करते हुए कहा- “मेरी हाथ जोड़कर विनती है, जब तक गुलदार पकड़ा नहीं जाता, कोई भी अकेला जंगल न जाए। महिलाएं घास लेने जाएं तो बड़े समूह में जाएं और दिन ढलने से पहले वापस आ जाएं।” लेकिन यह अपील उस पहाड़ी जीवन की कड़वी सच्चाई से टकराती है, जहां चूल्हा तभी जलता है जब महिला जंगल से लकड़ी और चारा लाती है। जंगल जाना शौक नहीं, मजबूरी है। बेटियां अब भी दरवाजा देख रही हैं घर के एक कोने में बबीता की दो बेटियां कृतिका और काव्या गुमसुम बैठी हैं। बड़ी बेटी कृतिका शायद थोड़ा बहुत समझ रही है कि कुछ बहुत बुरा हुआ है, लेकिन 7 साल की काव्या की नजरें बार-बार दरवाजे की तरफ जाती हैं। शायद उसे लग रहा है कि उसका छोटा भाई अभी दौड़कर आएगा और उससे झगड़ा करेगा। ये बच्चियां अब अपनी मां का एकमात्र सहारा हैं। लेकिन मां की हालत ऐसी नहीं है कि वह उन्हें संभाल सके। बबीता की आंखें अब भी उसी मोबाइल फोन पर टिकी हैं, जिससे आखिरी बार दक्ष ने अपने पिता से बात की थी। मानव-वन्यजीव संघर्ष या सिस्टम की नाकामी उत्तराखंड के पहाड़ों में यह कहानी नई नहीं है। पलायन के कारण गांव खाली हो रहे हैं, खेत बंजर हो रहे हैं और जंगल आबादी के करीब आ रहे हैं। नतीजा गुलदार अब आंगन तक पहुंच रहे हैं। यहीं रहने वाले ग्रामीण अमर सिंह राणा ने साफ कहा “गुलदार को पिंजरे में कैद करने से कुछ नहीं होगा। उसे गोली मारनी चाहिए। वह आदमखोर हो चुका है। अगर उसे जिंदा छोड़ा गया, तो कल किसी और मां की गोद उजड़ेगी।” शाम फिर ढल रही है। सिंद्रवाणी गांव में सन्नाटा और गहरा हो गया है। प्रशासन के वाहन लौट चुके हैं। नेता और अधिकारी अपने वादे करके जा चुके हैं। रह गई है तो बस बबीता, उसकी दो डरी-सहमी बेटियां और दक्ष की यादें। मुआवजे के 10 लाख रुपये बैंक खाते में आ जाएंगे। जर्जर घर की मरम्मत भी शायद हो जाएगी। लेकिन बबीता का वो सवाल पहाड़ की वादियों में टकराकर वापस आ रहा है। एक मां, जिसे पति ने छोड़ दिया और बेटे को गुलदार ने छीन लिया। अब उसके पास जीने के लिए सिर्फ दो बेटियां हैं और मरने के लिए वो यादें, जो उसे हर पल तोड़ रही हैं। दक्ष अब कभी चॉकलेट नहीं मांगेगा। लेकिन उसकी खामोशी, सिस्टम के शोर पर बहुत भारी है। 3 पॉइंट में पढ़िए पूरी घटना… 1. सिंद्रवाणी गांव में आंगन से उठा ले गया गुलदार रुद्रप्रयाग जिले की न्याय पंचायत सारी के अंतर्गत सिंद्रवाणी (छिंका–नगरासू) गांव में 3 फरवरी की शाम करीब 5 बजे 5 वर्षीय दक्ष अपने घर के आंगन में मां के साथ खेल रहा था। इसी दौरान घात लगाए बैठे गुलदार ने अचानक हमला कर दिया। इससे पहले कि मां कुछ समझ पाती, गुलदार बच्चे को उसके हाथ से झपटकर जंगल की ओर ले गया। मां की चीख-पुकार सुनते ही परिवार और ग्रामीण मौके पर जुट गए। 2. रातभर चला सर्च ऑपरेशन, जंगल में छानबीन घटना के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीण लाठी-डंडे, मशाल और टॉर्च लेकर जंगल की ओर दौड़े। सूचना मिलने पर वन विभाग, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें भी मौके पर पहुंचीं और रातभर सघन सर्च अभियान चलाया गया। टीमों ने आसपास के जंगलों और झाड़ियों में कई घंटों तक तलाश की। 3. क्षत-विक्षत शव 1 किलोमीटर दूर झाड़ियों में मिला काफी देर की खोजबीन के बाद देर रात घर से करीब एक किलोमीटर दूर जंगल की झाड़ियों में बच्चे का क्षत-विक्षत शव मिला। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने क्षेत्र के 8 स्कूलों में दो दिन की छुट्टी घोषित कर दी थी। इसके बाद डीएम ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने आश्वस्त किया कि मृतक बालक की माता के बैंक खाते में 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें: नैनीताल में इंजीनियर ने स्टेटस लगाकर किया सुसाइड: मंगेतर की फोटो लगाकर लिखा- धोखेबाज तू बदल गई; सगाई टूटने से था आहत नैनीताल में टेलीकॉम कंपनी में इंजीनियर ने किराए के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले उसकी सगाई टूट गई थी, जिससे वह मानसिक रूप से काफी परेशान चल रहा था। आत्महत्या से कुछ समय पहले मोबाइल पर धोखा देने की बात कहते हुए सगाई से जुड़ा स्टेटस भी लगाया था। जिसमें मंगेतर की फोटो लगाकर लिखा- धोखेबाज तू बदल गई। (पढ़ें पूरी खबर)
Dainik Bhaskar कैलाश मानसरोवर का 400 KM लंबा मार्ग सिमटा:यात्री विश्राम के लिए बनी धर्मशालाएं खंडहर; एक्सपर्ट बोले- धरोहर का हो संरक्षण
कैलाश मानसरोवर यात्रा का 400 किलोमीटर लंबा मार्ग, जिस पर कभी भक्तों के कदमों की आहट और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे गूंजते थे, अब सिमटता जा रहा है। यह मार्ग कहीं सड़क निर्माण में कट गया तो कहीं जंगलों में गुम हो गया है। यात्रियों और व्यापारियों के ठहरने के लिए बनी करीब 500 धर्मशालाएं भी खंडहर में बदल रही हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा हिंदुओं की प्रमुख और पवित्र यात्राओं में गिनी जाती है। सड़कें न होने के दौर में पूरी यात्रा पैदल तय की जाती थी। श्रद्धालु हल्द्वानी के काठगोदाम से अल्मोड़ा, बागेश्वर या टनकपुर-चंपावत होते हुए पिथौरागढ़ पहुंचते थे। वहां से अस्कोट, धारचूला और गुंजी के रास्ते लिपुलेख दर्रे से तिब्बत (चीन) में प्रवेश करते थे। यह मार्ग सिर्फ धार्मिक ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर भी रहा है। कल्चरल एक्सपर्ट के मुताबिक इसका संरक्षण होना चाहिए, वरना अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा। अब 3 प्वाइंट्स में जानिए आखिर क्यों सिमट रहा मार्ग… 1. सड़क आने से पहले यही था एकमात्र रास्ता जब कुमाऊं का पहाड़ी इलाका सड़क से नहीं जुड़ा था, तब कैलाश यात्रा पूरी तरह पैदल होती थी। करीब 400 किलोमीटर लंबे इस दुर्गम मार्ग पर पहाड़, नदियां और घने जंगल यात्रियों की परीक्षा लेते थे। 2. सड़कें बढ़ीं, पैदल रास्ते सिमटते गए 1960 में पिथौरागढ़ तक सड़क पहुंची और 1970 के दशक में टनकपुर-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग बना। यात्री धारचूला तक वाहन से पहुंचने लगे, लेकिन आगे का सफर पैदल ही होता था। बाद में सड़क तवाघाट और फिर नजंग तक बन गई। हर नए सड़क खंड के साथ पैदल मार्ग छोटा होता चला गया। 3. 2020 के बाद पैदल मार्ग इतिहास बनने लगा वर्ष 2020 में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने सड़क को सीधे लिपुलेख दर्रे तक जोड़ दिया, जिसका ऑनलाइन उद्घाटन तत्कालीन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया। दिल्ली से लिपुलेख तक वाहन पहुंचने लगे और परंपरागत पैदल मार्गों का उपयोग लगभग बंद हो गया। कई जगह रास्ते सड़क निर्माण में कट गए, जबकि कुछ हिस्सों में अब केवल निशान ही बचे हैं। दानवीर जसुली देवी ने बनवाईं थी धर्मशालाएं धारचूला के दारमा क्षेत्र के दातू गांव निवासी जसुली देवी ने कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर धर्मशालाओं का निर्माण कराया था। पति जम्बू सिंह के निधन के बाद उन्होंने अपनी अपार संपत्ति गंगा में दान करने का फैसला किया, लेकिन अंग्रेज अधिकारियों ने धन को जनहित में लगाने की सलाह दी। इसके बाद जसुली देवी ने धारचूला से पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और काठगोदाम तक धर्मशालाएं बनवाईं। नेपाल में भी उन्होंने यात्रियों के लिए ठहरने की व्यवस्था कराई। आज लोग उन्हें दानवीर जसुली देवी बुढ़ि सौक्याणी के नाम से याद करते हैं। उपयोग बंद होने से अब गिने-चुने ही बचे करीब 1900 के आसपास इस यात्रा मार्ग पर लगभग 500 धर्मशालाएं बनी थीं, जहां कैलाश यात्री और व्यापारी विश्राम करते थे। सड़क बनने के बाद इनका उपयोग बंद हो गया और अब बहुत कम धर्मशालाएं सुरक्षित बची हैं। धारचूला-पिथौरागढ़-टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कनालीछीना के सतगढ़ गांव की धर्मशाला अभी अच्छी स्थिति में है। पिथौरागढ़-चंडाक पैदल मार्ग की एक धर्मशाला का हाल ही में नगर निगम ने सुधार कराया है, जबकि बाकी अधिकांश खंडहर बन चुकी हैं। ‘यह मार्ग सिर्फ रास्ता नहीं, धरोहर है’ पिथौरागढ़ के वरिष्ठ पत्रकार और कल्चरल एक्सपर्ट बद्री दत्त कसनियाल कहते हैं कि कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग का धार्मिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्व है। हजारों श्रद्धालु सदियों तक इसी रास्ते से यात्रा करते रहे हैं। यह मार्ग एक हेरिटेज की तरह है, जिसे संरक्षित किया जाना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियां इसकी विरासत को जान सकें। पांच पड़ावों में पूरी होती थी यात्रा आधार शिविर धारचूला से वाहन से नजंग तक पहुंचने के बाद यात्री मालपा होते हुए बूंदी जाते थे। यहां पड़ाव के बाद यात्रा छियालेख, गर्ब्यांग होते हुए गुंजी पहुंचती थी, जहां दो दिन रुककर मेडिकल जांच कराई जाती थी। अनुमति मिलने पर यात्री कालापानी और फिर अंतिम पड़ाव नाविढांग पहुंचते थे। यहां से लिपुलेख पार करने के बाद भारतीय सुरक्षा बल यात्रियों को चीन के अधिकारियों को सौंपते थे। 1962 के युद्ध तक नहीं थी कोई रोक साल 1962 तक कैलाश मानसरोवर यात्रा पर कोई रोकटोक नहीं थी। भारत से हजारों श्रद्धालु इस यात्रा पर जाते थे और तिब्बत की तकलाकोट व भारत की गुंजी मंडियों के बीच व्यापार भी होता था। भारत-चीन युद्ध के बाद यात्रा और व्यापार बंद हो गए। वर्ष 1981 में यात्रा फिर शुरू हुई और 1992 में भारत-चीन व्यापार भी बहाल हुआ। --------------------- ये खबर भी पढ़ें : बद्रीनाथ में माइनस 15° में साधुओं की तपस्या: दो से तीन फीट बर्फ; लोक कल्याण और मोक्ष के लिए 15 साधक योग और ध्यान में लीन उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम में ऐसी बर्फीली हवाएं चल रही हैं, जो आम इंसान का हौसला तोड़ दें। शाम ढलते ही तापमान माइनस 15° सेल्सियस तक पहुंच जाता है और चारों ओर दो से तीन फीट मोटी बर्फ की चादर के बीच सन्नाटा पसरा रहता है। ऐसे कठोर हालात में 15 साधु लोक कल्याण और मोक्ष प्राप्ति के लिए योग साधना में लीन हैं। (पढ़ें पूरी खबर)
Dainik Bhaskar राजस्थान में टेंपरेचर 2.6°C, विजिबिलिटी 60 मीटर:बिहार, एमपी, यूपी में घना कोहरा, उत्तराखंड में शीतलहर; हिमाचल में 9 फरवरी से वेसटर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा
राजस्थान के सीकर जिले में न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है। यहां पर आज सुबह न्यूनतम तापमान 2.6 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, अलवर जिले के ग्रामीण इलाकों में कोहरा छाया। यहां विजिबिलिटी करीब 60 मीटर तक रही। बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश में सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा। तीनों ही जगह विजिबिलिटी 0 से 50 मीटर तक ही रही। यूपी के ही उन्नाव में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर घने कोहरे के कारण बस-कारों समेत 10 गाड़ियां टकरा गईं। हादसे में 10 लोग घायल हो गए। एक्सप्रेस-वे पर करीब दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया। हिमाचल प्रदेश में 9 फरवरी को वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। इससे 10 और 11 फरवरी को पूरे प्रदेश में बारिश बर्फबारी होगी। ऊंचे पहाड़ों पर भारी बर्फबारी और निचले इलाकों में अच्छी बारिश होगी। राज्यों में मौसम की 2 तस्वीरें… अगले 2 दिन का मौसम
Dainik Bhaskar हिमाचल प्रदेश के 14 जिलों में तापमान 5° से नीचे:यूपी और एमपी में घना कोहरा; तीन दिन बाद पहाड़ों पर बर्फबारी के आसार
हिमाचल प्रदेश के 14 शहरों में रात का तापमान 5° सेल्सियस या इससे नीचे रिकॉर्ड किया गया है। मैदानी इलाकों में घने कोहरे की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा और मंडी के निचले इलाकों में कोहरा रहेगा। वहीं, उत्तर प्रदेश के 11 और मध्य प्रदेश के 30 जिलों में घना कोहरा छाया रहा। एमपी में बीते 24 घंटे में ग्वालियर समेत 8 शहरों में पारा 10° से नीचे रहा। उत्तराखंड में भी घने कोहरे की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के मुताबिक पहाड़ी राज्यों में 9 फरवरी से बर्फबारी हो सकती है। उत्तराखंड में 3000 मीटर या उससे ज्यादा ऊंचाई वाले कुछ इलाकों में बारिश या बर्फबारी के आसार हैं। हिमाचल प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने से 10 और 11 फरवरी को ज्यादातर हिस्सों में अच्छी बारिश-बर्फबारी होगी। राज्यों में मौसम की 2 तस्वीरें… अगले 2 दिन का मौसम राज्यों में मौसम का हाल… मध्य प्रदेश: वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर खत्म, MP में फिर बढ़ी ठंड, 8 शहरों में पारा फिर 10°C से नीचे वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम का असर खत्म होने से मध्य प्रदेश में सर्दी का असर बढ़ा है। उत्तरी हवाओं की वजह से दिन में ठिठुरन बढ़ गई है, जबकि रात का टेम्परेचर भी 10 डिग्री से नीचे आ गया है। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार-गुरुवार की रात ग्वालियर समेत 8 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। वहीं, 30 से ज्यादा जिलों में कहीं हल्का तो कहीं घना कोहरा छाया रहा। पूरी खबर पढ़ें… बिहार: फरवरी अंत तक ठंड से राहत नहीं, 10 डिग्री के साथ सीवान सबसे ठंडा बिहार में मौसम सामान्य बना हुआ है। पहाड़ी इलाकों में फिर से बारिश और बर्फबारी की संभावना है, इसका बिहार में असर देखा जा सकता है। फरवरी के दूसरे हफ्ते से तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। पिछले 24 घंटे के दौरान 10.3 डिग्री के साथ सीवान सबसे ठंडा जिला रहा। जबकि मोतिहारी में 10.6 डिग्री, समस्तीपुर में 10.9 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। पटना में न्यूनतम तापमान सबसे अधिक 14 डिग्री रहा। पूरी खबर पढ़ें… उत्तराखंड: पहाड़ों में बर्फीली हवाओं से सर्दी बढ़ेगी, दो दिन बाद उत्तरकाशी समेत 5 जिलों में बारिश-बर्फबारी उत्तराखंड में आज दिनभर मौसम साफ रहेगा। हालांकि, सुबह के समय 5 जिलों में कोहरा दिख सकता है। पूर्वानुमान के मुताबिक अगले दो दिनों तक सभी जिलों में मौसम साफ ही रहेगा और अच्छी धूप निकलेगी। इस दौरान कहीं भी बारिश या बर्फबारी का अनुमान नहीं है। IMD के अनुसार 9 फरवरी को मौसम में हल्का बदलाव हो सकता है। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में 3000 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले कुछ इलाकों में बारिश या बर्फबारी हो सकती है। पूरी खबर पढ़ें… हरियाणा: राज्य में पश्चिमी विक्षोभ का दो दिन आंशिक असर रहेगा, अधिकतम तापमान 25 डिग्री के करीब पहुंचा हरियाणा में आज से एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ दस्तक दे रहा है। इसका आंशिक प्रभाव हरियाणा में देखने को मिलेगा। इसके कारण कुछ इलाकों में बादल हो सकते हैं। तेज हवा चलने के भी आसार हैं। बीते 24 घंटे में हरियाणा में सबसे ज्यादा तापमान फरीदाबाद में दर्ज किया गया, जहां पारा 24.1°C तक पहुंच गया। हिसार और भिवानी तापमान 23.0°C, अंबाला में 22.0°C, करनाल में 21.8°C और रोहतक में 21.6°C दर्ज किया गया है। पूरी खबर पढ़ें… हिमाचल प्रदेश: मैदानी इलाकों में कोहरे का अलर्ट, 14 शहरों में तापमान 5॰C से नीचे गिरा, 10-11 फरवरी को फिर बारिश-बर्फबारी हिमाचल प्रदेश के मैदानी इलाकों में घने कोहरे की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा और मंडी जिले के निचले इलाकों में कोहरा रहेगा। 14 शहरों में रात का तापमान 5 डिग्री सेल्सियस या इससे भी नीचे लुढ़क गया है। मौसम विभाग ने बताया कि 9 फरवरी को वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा। इससे चंबा, लाहौल स्पीति और किन्नौर के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। 10 और 11 फरवरी को प्रदेश के ज्यादातर भागों में अच्छी बारिश-बर्फबारी होगी। पूरी खबर पढ़ें… उत्तर प्रदेश: 11 जिलों में घना कोहरा, हरदोई रहा सबसे ठंडा, पारा 8°C, अगले 2 दिन में फिर बदलेगा मौसम यूपी के मौसम में उतार-चढ़ाव बरकरार है। अभी 11 जिलों में घना कोहरा छाया रहा है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद मौसम साफ हो जाने से पिछले 48 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में गिरावट आई है। यहां हरदोई में तापमान 8°C रहा। मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिन में मौसम फिर बदलने के आसार हैं। पूरी खबर पढ़ें… पंजाब: आज से चलेगी शीत लहर, पांच दिन मौसम शुष्क रहेगा, फरीदकोट सबसे ठंडा पंजाब और चंडीगढ़ में कड़ाके की ठंड का दौर भले ही बीत चुका हो, लेकिन सर्दी का अहसास अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। यहां दो दिनों तक ठंडी हवाएं चलेंगी। 24 घंटे में राज्य के अधिकतम तापमान में 1.1 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। अब यह सामान्य के करीब पहुंच गया है। दिन में सबसे अधिक तापमान आनंदपुर साहिब में 24.6 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम तापमान फरीदकोट में 4.8° दर्ज किया गया। पूरी खबर पढ़ें… छत्तीसगढ़: रात में 2-3 डिग्री तक गिर सकता है तापमान, अगले सात दिन ऐसा ही बने रहेगा मौसम छत्तीसगढ़ में मौसम शुष्क बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार 48 घंटों के भीतर प्रदेश के न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगले 7 दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई खास परिवर्तन नहीं होगा। दिन के तापमान स्थिर बने रहने के संकेत हैं, जबकि रातें ठंडी हो सकती हैं। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar हिमाचल में कोहरे से ठिठुरन बढ़ी:10 शहरों में तापमान 5॰C से नीचे गिरा, विजिबिलिटी 50 मीटर से कम, 10-11 को बारिश-बर्फबारी
हिमाचल प्रदेश के मैदानी इलाकों में आज सुबह के वक्त घना छाया रहा। खासकर बिलासपुर शहर, भाखड़ा बांध के आसपास और मंडी की बल्ह घाटी के आसपास के क्षेत्रों में विजिबिलिटी 50 मीटर से भी नीचे गिर गई। इससे वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। कोहरे के कारण मैदानी इलाकों में सुबह-शाम और रात के वक्त कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। इससे 10 शहरों में तापमान 5 डिग्री या इससे भी नीचे गिर गया है। इस वजह से मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, बिलासपुर और सोलन की रातें शिमला से ठंडी हो गई है। बीती रात को शिमला का पारा 7.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि मंडी के सुंदरनगर का 3.5 डिग्री सेल्सियस, कुल्लू के भुंतर का 2.1 डिग्री, धर्मशाला का 5.2 डिग्री, ऊना का 5.5 डिग्री, सोलन का 3.0 डिग्री और बरठी का 4.1 डिग्री तक गिर गया है। ठंड से बचने को लोग आग के अलाव का सहारा ले रहे है। कुकुमसैरी का पारा माइनस 14.1 डिग्री तक लुढ़का वहीं लाहौल स्पीति के कुकुमसैरी का तापमान माइनस 14.1 डिग्री, ताबो का माइनस -11.4 डिग्री और मनाली का 0.1 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। हालांकि, दिन के वक्त धूप खिलने से अधिकतम तापमान में इजाफा हो रहा है, लेकिन बीते चार दिन से मैदानी इलाकों में निरंतर कोहरा पड़ रहा है। कोहरे की वजह से मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से कम चल रहा है। 10-11 को अच्छी बारिश-बर्फबारी मौसम विभाग के अनुसार- हिमाचल में फिर से मौसम बदलेगा। 8 फरवरी तक पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहेगा। मगर 9 फरवरी को वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा। इस दिन चंबा, लाहौल स्पीति और किन्नौर के अधिक ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी हो सकती है। अन्य क्षेत्र में धूप खिलेगी, लेकिन 10 और 11 फरवरी को प्रदेश के ज्यादातर भागों में अच्छी बारिश-बर्फबारी होगी।
Dainik Bhaskar PM की 'परीक्षा पे चर्चा' में दिखेगी चंडीगढ़ की अनन्या:अपने हाथ से बना हैंडबैग गिफ्ट किया, मोदी बोले- वैरी गुड; छात्रा बोली- घर के करीबी जैसे लगे
चंडीगढ़ की सरकारी स्कूल की 9वीं की छात्रा अनन्या शर्मा पीएम नरेंद्र मोदी के साथ ‘परीक्षा-पे चर्चा’ कार्यक्रम में शामिल हुई। कड़ी चयन प्रक्रिया से गुजरकर चुनी गई अनन्या ने न सिर्फ कार्यक्रम में भाग लिया, बल्कि पीएम को अपने हाथ से बनाया हुआ हैंडबैग और बुके भी भेंट किया। पीएम ने अनन्या के गिफ्ट की तारीफ करते हुए “वेरी गुड” कहा। इस उपलब्धि से स्कूल और परिवार में खुशी का माहौल है। अनन्या ने कहा कि उन्हें एक पल के लिए भी यह एहसास नहीं हुआ कि वह किसी अनजान जगह या अनजान व्यक्ति के बीच हैं। दो इंटरव्यू के बाद हुआ चयन अनन्या शर्मा मोहाली के जीरकपुर की रहने वालीं हैं और चंडीगढ़ के सेक्टर-20 डी स्थित गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी में पढ़ती हैं। अनन्या ने बताया कि परीक्षा-पे चर्चा के लिए उनका चयन कई चरणों की प्रक्रिया के बाद हुआ। उनके दो इंटरव्यू हुए। पहला इंटरव्यू 17 जनवरी को, जबकि दूसरा इंटरव्यू 19 जनवरी को लिया गया। इसके बाद वह ट्रेन से दिल्ली पहुंचीं और प्रधानमंत्री आवास (पीएमओ हाउस) गईं। वहां देश के अलग-अलग राज्यों से चुने गए छात्र मौजूद थे। अनन्या 24 जनवरी को वापस लौटीं। शुक्रवार (6 फरवरी) को सेक्टर 20 डी के स्कूल में परीक्षा-पे चर्चा का प्रोग्राम दिखाया जाएगा। मंजिल को कभी नहीं भूलना चाहिए अनन्या ने बताया कि दिल्ली में सभी बच्चों ने खूब एंजॉय किया और नया अनुभव मिला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बिताए गए पलों को खास बताते हुए कहा कि जब सभी बच्चे साथ में खाना खा रहे थे, तभी प्रधानमंत्री अचानक वहां पहुंच गए। प्रधानमंत्री ने बच्चों से पूछा कि उन्हें क्या अच्छा लगता है। अनन्या ने जवाब दिया कि उन्हें डांस करना पसंद है। इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि हॉबी को कभी नहीं छोड़ना चाहिए और अपनी मंजिल को कभी नहीं भूलना चाहिए, तभी इंसान ऊंचाइयों तक पहुंचता है। हैंडबैग और बुके किया गिफ्ट अनन्या ने बताया कि वह प्रधानमंत्री के लिए अपने हाथ से बनाया हुआ हैंडबैग और बुके गिफ्ट के तौर पर लेकर गई थीं। जब उन्होंने यह गिफ्ट प्रधानमंत्री को दिया तो प्रधानमंत्री ने पूछा कि क्या यह खरीदा हुआ है। अनन्या ने बताया कि यह उन्होंने खुद बनाया है। इस पर प्रधानमंत्री ने उनकी तारीफ करते हुए कहा, “वेरी गुड।” अनन्या ने कहा कि प्रधानमंत्री से मिलकर उन्हें बिल्कुल भी अजनबीपन महसूस नहीं हुआ। उन्हें ऐसा लगा जैसे वह अपने ही घर के किसी बुज़ुर्ग, माता-पिता या करीबी इंसान के साथ खड़ी हों। एक पल के लिए भी यह एहसास नहीं हुआ कि वह किसी अनजान जगह या अनजान व्यक्ति के बीच हैं। परीक्षा-पे चर्चा कार्यक्रम में जाने का सपना था अनन्या ने बताया कि प्रधानमंत्री से परीक्षा-पे चर्चा में शामिल होना उनका काफी समय से सपना था। इसी वजह से वह प्रधानमंत्री से जुड़ी किताबें पढ़ती थीं और उनके विचारों को सुनती थीं। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने असम का गमछा देकर सभी बच्चों का स्वागत भी किया। इस मौके पर अनन्या की शिक्षिका जोशना ने बताया कि परीक्षा-पे चर्चा के लिए चंडीगढ़ से करीब 1 लाख 8 हजार छात्रों के नाम प्रतियोगिता के लिए आए थे। इनमें से 10 छात्रों को इंटरव्यू के लिए चुना गया, जिनमें 6 सरकारी स्कूलों और 4 निजी स्कूलों के छात्र शामिल थे। इंटरव्यू के बाद दो छात्रों का चयन हुआ। इनमें एक अनन्या शर्मा और दूसरी सेक्टर-32 स्थित मॉडल स्कूल की छात्रा थीं। इसके बाद दोनों का अंतिम इंटरव्यू भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय में सचिव संजय जबीन द्वारा लिया गया। अंतिम चयन में अनन्या शर्मा को परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम के लिए चुना गया।
Dainik Bhaskar बजट सत्र का आठवां दिन:कल लोकसभा में PM की स्पीच के बिना और राज्यसभा में भाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पास
संसद के बजट सत्र का शुक्रवार को 8वां दिन है। गुरुवार को लोकसभा और राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव हंगामे के बीच पास हुआ। लोकसभा में 2004 के बाद पहली बार यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री के भाषण के बिना पास हुआ है। वहीं राज्यसभा में पीएम नरेंद्र मोदी के भाषण के बाद प्रस्ताव पास हुआ। मोदी ने राज्यसभा में 97 मिनट का भाषण दिया। विपक्षी सांसदों ने स्पीच की शुरुआत में यहां भी हंगामा किया और फिर वॉकआउट कर गए। विपक्ष लगातार 4 दिनों से दोनों सदनों में हंगामा कर रहा है। उनका आरोप है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को भाषण नहीं देने दिया गया। साथ ही विपक्ष के 8 सांसदों को निलंबित किए जाने का भी विरोध हो रहा है। आज भी हंगामे के आसार हैं। बजट सत्र में इन बिलों पर चर्चा संभव बजट सत्र 65 दिनों में 30 बैठकों तक चलेगा। यह 2 अप्रैल को खत्म होगा। 28 जनवरी से शुरू हुआ पहला चरण 13 फरवरी को खत्म होगा। इसके बाद दूसर चरण 9 मार्च को शुरू होगा। लोकसभा में 9 विधेयक लंबित हैं, जिनमें विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025, प्रतिभूति बाजार संहिता 2025 और संविधान (129वां संशोधन) विधेयक 2024 शामिल हैं। इन विधेयकों की वर्तमान में संसदीय स्थायी या प्रवर समितियां जांच कर रही हैं। बजट सत्र की पिछली 7 दिन की कार्यवाही पढ़ें… 5 फरवरी : लोकसभा में PM की स्पीच के बिना धन्यवाद प्रस्ताव पास, राज्यसभा में पीएम ने 97 मिनट का भाषण दिया बजट सत्र के 7वें दिन लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव हंगामे के बीच पास हो गया। 2004 के बाद पहली बार यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री के भाषण के बिना पास हुआ है। वहीं प्रधानमंत्री ने गुरुवार को राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर करीब 97 मिनट का भाषण दिया। विपक्षी सांसदों ने स्पीच की शुरुआत में यहां भी हंगामा किया और फिर वॉकआउट कर गए। पूरी खबर पढ़ें… 4 फरवरी : स्पीकर के ऑफिस में BJP और विपक्ष के सांसदों के बीच बहस, भाजपा सांसद ने गांधी परिवार पर लिखी किताबें दिखाईं लोकसभा में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गांधी परिवार और कांग्रेस पर लिखी किताबें और नोट्स दिखाए। उन्होंने कहा इन किताबों में गांधी परिवार और कांग्रेस परिवार की मक्कारी, गद्दारी, भ्रष्टाचार और अय्याशी का जिक्र है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के ऑफिस में विपक्ष और बीजेपी सांसदों के बीच भी बहस हुई। ऑफिस का जो वीडियो सामने आया है, इसमें विपक्ष की महिला सांसद केंद्रीय संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू से कुछ कहती नजर आ रही हैं। पूरी खबर पढ़ें… 3 फरवरी : राहुल ने कहा- मैं विपक्ष का नेता, मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा लोकसभा में राहुल गांधी ने कहा, 'कल मैंने इस आर्टिकल पर अपना भाषण शुरू किया था। स्पीकर सर ने कहा था इसे ऑथेंटिकेट करें। मैं आज इसे ऑथेंटिकेट कर रहा हूं। राहुल ने आर्टिकल टेबल किया। राहुल ने जैसे ही कहा- मैंने जैसा कल कहा था कि राष्ट्रपति की स्पीच में नेशनल सिक्योरिटी का महत्वपूर्ण मुद्दा है। वैसे ही हंगामा होने लगा। राहुल बोले- मुझे परमिशन नहीं दी जा रही है। मैं विपक्ष का नेता हूं। पूरी खबर पढ़ें… 2 फरवरी : राहुल बोले- चीनी टैंक लद्दाख बॉर्डर पहुंचे, शाह-राजनाथ ने टोका, स्पीकर ने माइक बंद कराया लोकसभा में सोमवार को राहुल गांधी के भाषण के दौरान जोरदार हंगामा हुआ। राहुल ने पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे की अनपब्लिश्ड बुक का हवाला देते हुए कहा- 4 चीनी टैंक लद्दाख बॉर्डर के पास पहुंच गए थे। राहुल के ऐसा कहते ही पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फिर गृह मंत्री शाह ने उन्हें टोका। इसके बाद स्पीकर ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें रोका। पूरी खबर पढ़ें… 1 फरवरी : बजट 2026-27 पेश- ऑपरेशन सिंदूर के बाद रक्षा बजट 15% बढ़ा, इनकम टैक्स में बदलाव नहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट पेश कर दिया। वे संसद में 85 मिनट बोलीं, लेकिन आम आदमी के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। हालांकि टैक्स फाइल करने में सहूलियत, रेलवे प्रोजेक्ट और 3 नए आयुर्वेदिक AIIMS जैसी नई बातें कही हैं। पूरी खबर पढ़ें… 29 जनवरी : देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' संसद में पेश, पीएम बोले थे- हमारी रिफॉर्म एक्सप्रेस चल पड़ी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' यानी इकोनॉमिक सर्वे लोकसभा में पेश किया गया। इस सर्वे में बताया गया है वित्त वर्ष 2026-2027 में जीडीपी ग्रोथ 6.8% से 7.2% की रेंज में रहने का अनुमान है। पीएम ने सदन के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था- हमारी सरकार की पहचान रही है, रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। अब हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं। पूरी खबर पढ़ें… 28 जनवरी : राष्ट्रपति ने 45 मिनट स्पीच दी, कहा- ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून मुद्दों का जिक्र किया संसद का बजट सत्र राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। राष्ट्रपति ने अपनी 45 मिनट की स्पीच में ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून, दुनिया में भारत की भूमिका जैसे मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में वर्तमान में 150 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। भारत अपना अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यूरोपीय संघ के साथ मुक्त समझौते से सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar बजट सत्र का आठवां दिन:कल लोकसभा में PM की स्पीच के बिना और राज्यसभा में भाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पास
संसद के बजट सत्र का शुक्रवार को 8वां दिन है। गुरुवार को लोकसभा और राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव हंगामे के बीच पास हुआ। लोकसभा में 2004 के बाद पहली बार यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री के भाषण के बिना पास हुआ है। वहीं राज्यसभा में पीएम नरेंद्र मोदी के भाषण के बाद प्रस्ताव पास हुआ। मोदी ने राज्यसभा में 97 मिनट का भाषण दिया। विपक्षी सांसदों ने स्पीच की शुरुआत में यहां भी हंगामा किया और फिर वॉकआउट कर गए। विपक्ष लगातार 4 दिनों से दोनों सदनों में हंगामा कर रहा है। उनका आरोप है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को भाषण नहीं देने दिया गया। साथ ही विपक्ष के 8 सांसदों को निलंबित किए जाने का भी विरोध हो रहा है। आज भी हंगामे के आसार हैं। बजट सत्र में इन बिलों पर चर्चा संभव बजट सत्र 65 दिनों में 30 बैठकों तक चलेगा। यह 2 अप्रैल को खत्म होगा। 28 जनवरी से शुरू हुआ पहला चरण 13 फरवरी को खत्म होगा। इसके बाद दूसर चरण 9 मार्च को शुरू होगा। लोकसभा में 9 विधेयक लंबित हैं, जिनमें विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025, प्रतिभूति बाजार संहिता 2025 और संविधान (129वां संशोधन) विधेयक 2024 शामिल हैं। इन विधेयकों की वर्तमान में संसदीय स्थायी या प्रवर समितियां जांच कर रही हैं। बजट सत्र की पिछली 7 दिन की कार्यवाही पढ़ें… 5 फरवरी : लोकसभा में PM की स्पीच के बिना धन्यवाद प्रस्ताव पास, राज्यसभा में पीएम ने 97 मिनट का भाषण दिया बजट सत्र के 7वें दिन लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव हंगामे के बीच पास हो गया। 2004 के बाद पहली बार यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री के भाषण के बिना पास हुआ है। वहीं प्रधानमंत्री ने गुरुवार को राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर करीब 97 मिनट का भाषण दिया। विपक्षी सांसदों ने स्पीच की शुरुआत में यहां भी हंगामा किया और फिर वॉकआउट कर गए। पूरी खबर पढ़ें… 4 फरवरी : स्पीकर के ऑफिस में BJP और विपक्ष के सांसदों के बीच बहस, भाजपा सांसद ने गांधी परिवार पर लिखी किताबें दिखाईं लोकसभा में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गांधी परिवार और कांग्रेस पर लिखी किताबें और नोट्स दिखाए। उन्होंने कहा इन किताबों में गांधी परिवार और कांग्रेस परिवार की मक्कारी, गद्दारी, भ्रष्टाचार और अय्याशी का जिक्र है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के ऑफिस में विपक्ष और बीजेपी सांसदों के बीच भी बहस हुई। ऑफिस का जो वीडियो सामने आया है, इसमें विपक्ष की महिला सांसद केंद्रीय संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू से कुछ कहती नजर आ रही हैं। पूरी खबर पढ़ें… 3 फरवरी : राहुल ने कहा- मैं विपक्ष का नेता, मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा लोकसभा में राहुल गांधी ने कहा, 'कल मैंने इस आर्टिकल पर अपना भाषण शुरू किया था। स्पीकर सर ने कहा था इसे ऑथेंटिकेट करें। मैं आज इसे ऑथेंटिकेट कर रहा हूं। राहुल ने आर्टिकल टेबल किया। राहुल ने जैसे ही कहा- मैंने जैसा कल कहा था कि राष्ट्रपति की स्पीच में नेशनल सिक्योरिटी का महत्वपूर्ण मुद्दा है। वैसे ही हंगामा होने लगा। राहुल बोले- मुझे परमिशन नहीं दी जा रही है। मैं विपक्ष का नेता हूं। पूरी खबर पढ़ें… 2 फरवरी : राहुल बोले- चीनी टैंक लद्दाख बॉर्डर पहुंचे, शाह-राजनाथ ने टोका, स्पीकर ने माइक बंद कराया लोकसभा में सोमवार को राहुल गांधी के भाषण के दौरान जोरदार हंगामा हुआ। राहुल ने पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे की अनपब्लिश्ड बुक का हवाला देते हुए कहा- 4 चीनी टैंक लद्दाख बॉर्डर के पास पहुंच गए थे। राहुल के ऐसा कहते ही पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फिर गृह मंत्री शाह ने उन्हें टोका। इसके बाद स्पीकर ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें रोका। पूरी खबर पढ़ें… 1 फरवरी : बजट 2026-27 पेश- ऑपरेशन सिंदूर के बाद रक्षा बजट 15% बढ़ा, इनकम टैक्स में बदलाव नहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट पेश कर दिया। वे संसद में 85 मिनट बोलीं, लेकिन आम आदमी के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। हालांकि टैक्स फाइल करने में सहूलियत, रेलवे प्रोजेक्ट और 3 नए आयुर्वेदिक AIIMS जैसी नई बातें कही हैं। पूरी खबर पढ़ें… 29 जनवरी : देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' संसद में पेश, पीएम बोले थे- हमारी रिफॉर्म एक्सप्रेस चल पड़ी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' यानी इकोनॉमिक सर्वे लोकसभा में पेश किया गया। इस सर्वे में बताया गया है वित्त वर्ष 2026-2027 में जीडीपी ग्रोथ 6.8% से 7.2% की रेंज में रहने का अनुमान है। पीएम ने सदन के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था- हमारी सरकार की पहचान रही है, रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। अब हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं। पूरी खबर पढ़ें… 28 जनवरी : राष्ट्रपति ने 45 मिनट स्पीच दी, कहा- ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून मुद्दों का जिक्र किया संसद का बजट सत्र राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। राष्ट्रपति ने अपनी 45 मिनट की स्पीच में ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून, दुनिया में भारत की भूमिका जैसे मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में वर्तमान में 150 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। भारत अपना अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यूरोपीय संघ के साथ मुक्त समझौते से सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar तांत्रिक विद्या से फंसाकर संबंध बनाने वाली लेडी इंस्पेक्टर सस्पेंड:हिसार में FIR रद्द कराने के बदले कॉलोनाइजर ब्लैकमेल किया, ₹1 लाख मंथली मांगी
हरियाणा पुलिस की एक महिला इंस्पेक्टर को एक कॉलोनाइजर को तंत्र विद्या के जरिए फंसाकर ब्लैकमेल करने के मामले में सस्पेंड कर दिया गया है। आरोप है कि महिला इंस्पेक्टर ने FIR रद्द कराने के बदले व्यक्ति के साथ शारीरिक संबंध बनाए और फंसाने का डर दिखाकर एक लाख रुपए मंथली मांगने लगी। जींद की रहने वाली एक महिला ने DGP को पत्र लिखकर इंस्पेक्टर रचना देवी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और कोर्ट में चालान पेश करने की मांग की थी। शिकायत के आधार पर ही रचना देवी के खिलाफ यह कार्रवाई की गई। रचना देवी फिलहाल फतेहाबाद में समन ब्रांच में कार्यरत थी। इस मामले में दैनिक भास्कर एप की टीम ने हिसार के ADGP केके राव से बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि यह केस पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में है, इसलिए वे कुछ नहीं कह सकते। वहीं, केस के जांच अधिकारी DSP सुमित कुमार ने बताया कि रचना देवी के वॉयस सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। इससे पहले पीड़ित व्यक्ति के वॉयस सैंपल लिए गए थे। रचना देवी हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत पर हैं। पहले भी सस्पेंड हुई, कुछ समय बाद बहाल हिसार के आजाद नगर थाने में 9 जून 2025 को एक FIR दर्ज हुई जिसमें एक महिला ने बताया कि उसके पति कॉलोनाइजर और पूर्व जिला पार्षद सदस्य हैं। उनके खिलाफ हिसार में एक मामला दर्ज हुआ था। उस मामले की जांच के दौरान तत्कालीन इंस्पेक्टर रचना ने FIR खारिज करने के बदले उनके पति के साथ जबरन संबंध बनाए और रेप केस में फंसाने की धमकी देकर लंबे समय तक आर्थिक लूटपाट की। तत्कालीन DGP शत्रुजीत कपूर के आदेश पर महिला को सस्पेंड कर दिया गया था। कुछ समय बाद वह फिर बहाल हो गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि महिला इंस्पेक्टर पद का दुरुपयोग कर जांच को प्रभावित कर रही है और गवाहों को धमका रही है। डिजिटल सबूत देने के बावजूद अभी तक पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश नहीं किया है। अब जानिए महिला इंस्पेक्टर के खिलाफ क्या शिकायत दी… नजदीकी बढ़ाकर शारीरिक संबंध बनाए: जींद की महिला ने बताया कि पति प्रॉपर्टी का काम करते हैं। 2022 में उनकी एक जमीन के मामले में हरियाणा स्टेट इनफोर्समेंट ब्यूरो ने FIR दर्ज की थी, जिसकी जांच अधिकारी रचना देवी थी। इसी दौरान रचना ने उनके पति से नजदीकी बढ़ाई और उनकी आर्थिक स्थिति जानने के बाद पैसे ऐंठने की नीयत से उनके साथ शारीरिक संबंध बना लिए। तांत्रिक विद्या से अपने वश में किया: महिला ने आरोप लगाया कि रचना ने पति को तांत्रिकों के जरिए अपने वश में कर लिया और उन्हें दिन-रात शराब के नशे में रखने लगी। उसने पति का हमारे पास आना-जाना बंद करवा दिया और धमकी दी कि अगर उसकी बात नहीं मानी, तो वह उन्हें रेप के झूठे केस में जेल भिजवा देगी। हर महीने एक लाख रुपए मांगे: शिकायत में आगे कहा कि रचना पति को जबरदस्ती सिरसा, शिमला और कसौली जैसी जगहों पर ले जाती थी, जहां होटलों में खुद को पत्नी बताती। वह पति से हर महीने 1 लाख रुपए की मांग की और उनके क्रेडिट कार्ड से अपने लिए सोने के गहने और कीमती सामान खरीदे। परिवार को मरवाना चाहती थी: महिला ने आगे कहा कि मेरे पति की ऑडियो रिकॉर्डिंग और वॉट्सएप चैट से पता चला है कि रचना देवी तांत्रिकों की मदद से मेरा और मेरे बच्चों का मर्डर करवाना चाहती थी, ताकि हमारी पूरी संपत्ति और नकदी हड़प सके। अन्य पीड़ितों का हवाला: महिला ने कहा कि जांच करने पर पता चला कि रचना ने पहले भी कई लोगों को इसी तरह शिकार बनाया है। राजकुमार जांगड़ा नामक व्यक्ति ने भी बताया कि इंस्पेक्टर ने उसे भी रेप केस की धमकी देकर करोड़ों रुपए और गाड़ियां ऐंठ ली थीं। अधिकारियों के नाम पर रिश्वत मांगी: महिला ने कहा कि जब रचना का ट्रांसफर हिसार हुआ तो उसने मेरे पति के खिलाफ चल रहे केस में उच्चाधिकारियों को देने के नाम पर रिश्वत की मांग की। वह विभाग की गुप्त जानकारियां भी मेरे पति के साथ साझा करती थी। अब जानिए महिला ने DGP को क्या पत्र लिखा.… प्रभाव दिखाकर जांच को बाधित कर रही महिला ने DGP को लिखे पत्र में बताया कि पूर्व में की गई शिकायतों के बाद आरोपी महिला इंस्पेक्टर के खिलाफ आजाद नगर थाने में केस दर्ज है, जिसमें भ्रष्टाचार, वेश्यावृत्ति और प्रताड़ना जैसी धाराएं शामिल थीं। इसके बाद उसे सस्पेंड भी किया गया था। मगर, उसने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर विभागीय जांच को प्रभावित किया और दोबारा बहाल हो गई। वह अब गवाहों को धमका रही है और जांच को बाधित कर रही है। बेटे ने आत्महत्या की कोशिश की लेटर में महिला ने आगे लिखा कि रचना के खिलाफ पर्याप्त 'डिजिटल साक्ष्य' होने के बावजूद पुलिस ने अभी तक शिकायतकर्ता के कीमती आभूषण और नकदी बरामद नहीं की है और न ही कोर्ट में चालान पेश किया गया है। इस पूरी प्रताड़ना के कारण उनका परिवार सामाजिक और आर्थिक रूप से टूट चुका है। इस तनाव के चलते उनके बेटे ने कई बार आत्महत्या करने की कोशिश की है।
Dainik Bhaskar खबर हटके- अमेरिका में जैन धर्म अपनाने लगे छात्र!:माफिया को पकड़ने के लिए ₹1 का इनाम; ‘तवायफ’ नाम गांव के लिए बना मुसीबत
कई छात्र खाना खाने से बचने के लिए खुद को जैन बताने लगे हैं। वहीं, पुलिस ने एक शराब माफिया पर सिर्फ 1 रुपए का इनाम घोषित किया। उधर,एक गांव का नाम लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… ************* रिसर्च सहयोग: किशन कुमार खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
Dainik Bhaskar 17 लोगों का DNA टेस्ट, उनमें पिता ही रेपिस्ट निकला:मुंबई में मूक-बधिर युवती से रेप मामले में खुलासा; पांच महीने की प्रेग्नेंट थी
मुंबई के कफ परेड इलाके में एक 20 वर्षीय दिव्यांग युवती से दुष्कर्म और उसे गर्भवती किए जाने का मामला सामने आया है। DNA जांच में भ्रूण से संबंध की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने युवती के पिता को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह मामला सितंबर 2025 में सामने आया था, जब युवती ने पेट में तकलीफ की शिकायत अपनी दादी से की। इशारों के जरिए उसने पेट में अजीब हरकत महसूस होने की बात बताई। इसके बाद उसे मुंबई के कामा एंड अल्बलेस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां मेडिकल जांच में उसके पांच महीने की गर्भवती होने की पुष्टि हुई। अस्पताल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। शुरुआत में युवती के बोल और सुन न पाने की वजह से बयान दर्ज करने में दिक्कत आई। पुलिस ने उसके पिता से पूछताछ की, लेकिन उन्होंने किसी भी तरह के यौन शोषण से इनकार किया और गर्भ ठहरने के बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। उन्होंने शिकायत दर्ज कराने से भी इनकार कर दिया। काउंसलिंग के बाद युवती ने शिकायत दर्ज कराई। उसके बयान के आधार पर पुलिस ने एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया और एक नाबालिग को हिरासत में लिया। मामले की जांच के दौरान कुल 17 संदिग्धों के DNA और रक्त नमूने लिए गए। 27 जनवरी को आई लैब रिपोर्ट में केवल एक DNA सैंपल का मिलान हुआ, जो युवती के पिता का था। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि दुष्कर्म की घटनाएं मार्च से सितंबर 2025 के बीच हुईं। मामले में 22 सितंबर 2025 को औपचारिक केस दर्ज किया गया था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
Dainik Bhaskar 17 लोगों का DNA टेस्ट, उनमें पिता ही रेपिस्ट निकला:मुंबई में मूक-बधिर युवती से रेप मामले में खुलासा; पांच महीने की प्रेग्नेंट थी
मुंबई के कफ परेड इलाके में एक 20 साल की मूक-बधिर युवती से रेप मामले में हैरान करने वाला खुलासा हुआ है। युवती के आसपास रहने वाले जिन 17 लोगों के DNA सैंपल लिए गए थे, उनमें उसके पिता का ही DNA मैच हुआ है। यह मामला सितंबर 2025 में सामने आया था, जब युवती ने अपनी दादी से पेट दर्द की शिकायत की थी। इशारों के जरिए उसने पेट में अजीब हरकत महसूस होने की बात बताई। इसके बाद उसे मुंबई के कामा एंड अल्बलेस अस्पताल में भर्ती कराया गया। मेडिकल जांच में पता चला कि वह पांच महीने की प्रेग्नेंट है। मार्च से सितंबर 2025 के बीच हुआ था रेप अस्पताल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को मामले की सूचना दी। पुलिस ने बताया कि पीड़ित का अबॉर्शन करा दिया गया था। हालांकि, उसके भ्रूण का DNA सैंपल जांच के लिए लैब भेजा गया। 27 जनवरी को फोरेंसिक रिपोर्ट सामने आई। इसमें पिता के DNA और भ्रूण से लिए गए सैंपल के बीच मिलान की पुष्टि हुई। इसके बाद 3 फरवरी को पुलिस ने पिता को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि रेप की घटनाएं मार्च से सितंबर 2025 के बीच हुईं। पिता ने FIR दर्ज कराने से इनकार किया था मामले में 22 सितंबर 2025 को औपचारिक केस दर्ज किया गया था। शुरुआत में युवती के बोल और सुन न पाने की वजह से बयान दर्ज करने में दिक्कत आई। पुलिस ने उसके पिता से पूछताछ की, लेकिन उन्होंने किसी भी तरह के यौन शोषण से इनकार किया था। हालांकि, पिता अपनी बेटी की प्रेग्नेंसी को लेकर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। उसने FIR दर्ज कराने से भी इनकार कर दिया। काउंसलिंग के बाद युवती ने शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, वह पिता या किसी अन्य आरोपी का नाम नहीं बता पा रही थी। तस्वीरों के आधार पर दो लोगों को गिरफ्तारी हुई थी पुलिस ने उसे कई लोगों की तस्वीरें दिखाईं। फिर उसके हावभाव के आधार पर एक 16 साल के लड़के और एक 32 साल के व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। मामले की जांच के दौरान कुल 17 संदिग्धों के DNA और बल्ड सैंपल लिए गए। इनमें पीड़ित का पिता, परिवार के सदस्य और पड़ोसी शामिल थे, जो पीड़ित से अक्सर मिलते थे। अब DNA रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस यह जांच कर रही है कि इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। महिलाओं पर अपराध मामले में दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) ने अक्टूबर 2025 में साल 2023 के दौरान देश में हुए अपराधों की रिपोर्ट सार्वजनिक की। इसके मुताबिक, यूपी महिलाओं के खिलाफ अपराधों में सबसे आगे है। दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र है, जहां महिलाओं से मारपीट, रेप और हत्या की घटनाएं होती हैं। टॉप 5 की लिस्ट में राजस्थान, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश भी शामिल है। ---------------------------- मुंबई की यह खबर भी पढ़ें… मुंबई में लिफ्ट में फटे गैस से भरे गुब्बारे, VIDEO:लिफ्ट में मौजूद महिला और व्यक्ति आग में घिरे मुंबई की एक बिल्डिंग की लिफ्ट में बुधवार को गुब्बारे फटने से आग लग गई। लिफ्ट में पहले एक महिला और फिर एक व्यक्ति गुब्बारे लेकर घुसता है। इसके बाद अचानक से गुब्बारों में ब्लास्ट हो जाता है। पुलिस ने बताया कि आग से आदमी और महिला को चोटें आई हैं। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar भास्कर अपडेट्स:श्रीनगर में पिता के साथ बेटा-बेटी ड्रग तस्करी करते गिरफ्तार, कार के साथ लाखों रुपए की हेरोइन जब्त
जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर स्थित खानयार इलाके में पुलिस ने ड्रग तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक ही परिवार के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से लाखों रुपए की हेरोइन बरामद की गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुलजार अहमद मीर, उनकी बेटी मुस्कान गुलजार मीर और बेटे उबैद गुलजार के रूप में हुई है। पुलिस ने उस कार को भी जब्त कर लिया है, जिसका इस्तेमाल ड्रग सप्लाई में किया जा रहा था। पुलिस के मुताबिक, ये लोग लंबे समय से श्रीनगर में नशीले पदार्थों की सप्लाई करते थे। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि खानयार थाना पुलिस को ड्रग तस्करी से जुड़ी गुप्त सूचना मिली थी। इसके आधार पर एक वाहन को रोका गया, जिसकी तलाशी के दौरान भारी मात्रा में हेरोइन बरामद हुई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपी श्रीनगर में ड्रग्स की सप्लाई करके बड़ी रकम कमा चुके थे। जब्त वाहन को भी ड्रग तस्करी से हुई कमाई से खरीदे जाने की बात सामने आई है। पुलिस ने खानयार थाने में संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
Dainik Bhaskar भास्कर अपडेट्स:सिक्किम के नामची में भूकंप, रिक्टर स्केल पर 4.0 तीव्रता दर्ज
सिक्किम के नामची में शुक्रवार सुबह 4.0 तीव्रता का भूकंप आया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप पृथ्वी की सतह से 5 किमी की गहराई पर सुबह 3:11 बजे आया। भूकंप में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। आज की अन्य बड़ी खबरें… श्रीनगर में पिता के साथ बेटा-बेटी ड्रग तस्करी करते गिरफ्तार, कार के साथ लाखों रुपए की हेरोइन जब्त जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर स्थित खानयार इलाके में पुलिस ने ड्रग तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक ही परिवार के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से लाखों रुपए की हेरोइन बरामद की गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुलजार अहमद मीर, उनकी बेटी मुस्कान गुलजार मीर और बेटे उबैद गुलजार के रूप में हुई है। पुलिस ने उस कार को भी जब्त कर लिया है, जिसका इस्तेमाल ड्रग सप्लाई में किया जा रहा था। पुलिस के मुताबिक, ये लोग लंबे समय से श्रीनगर में नशीले पदार्थों की सप्लाई करते थे। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि खानयार थाना पुलिस को ड्रग तस्करी से जुड़ी गुप्त सूचना मिली थी। इसके आधार पर एक वाहन को रोका गया, जिसकी तलाशी के दौरान भारी मात्रा में हेरोइन बरामद हुई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपी श्रीनगर में ड्रग्स की सप्लाई करके बड़ी रकम कमा चुके थे। जब्त वाहन को भी ड्रग तस्करी से हुई कमाई से खरीदे जाने की बात सामने आई है। पुलिस ने खानयार थाने में संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। अहमदाबाद में आसाराम के 500 करोड़ के मोटेरा आश्रम पर चलेगा बुलडोजर गुजरात हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के मामले में सजायाफ्ता आसाराम के अहमदाबाद स्थित मोटेरा आश्रम के भूखंड को अधिग्रहित करने की अनुमति दे दी है। मोटेरा में स्थित यह आश्रम आसाराम का मुख्य आश्रम है, जिसकी बाजार कीमत 500 करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई है। हाईकोर्ट के इस फैसले के साथ वर्षों से चला आ रहा कानूनी विवाद समाप्त हो गया और आश्रम परिसर पर बुलडोजर कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया। अहमदाबाद महानगर पालिका ने आश्रम परिसर में अवैध निर्माण और नियम उल्लंघन को लेकर समय-समय पर कई नोटिस जारी किए थे। जवाब में आश्रम प्रबंधन ने निर्माण को वैध घोषित कराने के लिए 30 से अधिक याचिकाएं दायर की थीं, जिससे मामला लंबे समय तक कोर्ट में उलझा रहा।
Dainik Bhaskar भोपाल नगर निगम अवैध तोड़फोड़ का दोषी:हाईकोर्ट ने कहा- सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनदेखी की, कमिश्नर को कल सुनाई जाएगी सजा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोपाल नगर निगम को अवैध निर्माण गिराने के मामले में दोषी ठहराया है। कोर्ट ने कहा- भोपाल नगर निगम ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय की गई गाइडलाइन का पालन किए बिना निर्माण को गिराया। यह कानून के राज को चुनौती देने जैसा है। हाईकोर्ट ने कहा- सुप्रीम कोर्ट ने अवैध निर्माण हटाने से पहले नोटिस में स्पष्ट आरोप, व्यक्तिगत सुनवाई, सुनवाई की कार्यवाही दर्ज करना और अंतिम आदेश के बाद अपील का मौका देने जैसी अनिवार्य शर्तें तय की हैं। भोपाल नगर निगम ने इन प्रक्रियाओं का पालन किए बिना सीधे तोड़फोड़ की कार्रवाई कर दी, जो कानूनन गलत है। यह आदेश हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ ने मार्लिन बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड बनाम नगर निगम भोपाल मामले में गुरुवार को दिया है। हाईकोर्ट ने भोपाल नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन को अदालत की अवमानना का दोषी ठहराते हुए 6 फरवरी 2026 को सजा के लिए सुनवाई तय की है। केस विचाराधीन था, फिर भी तोड़फोड़ की हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा- अवैध निर्माण को लेकर सिविल कोर्ट में केस चल रहा था। इसके बावजूद नगर निगम ने कोर्ट से अनुमति लिए बिना तोड़फोड़ कर दी। कंपनी की दलील- कानूनी प्रक्रिया पूरी किए बिना की तोड़फोड़ दरअसल, भोपाल के श्यामला हिल्स स्थित नादिर कॉलोनी में मार्लिन बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड की संपत्ति के एक हिस्से को अवैध बताते हुए नगर निगम ने तोड़ने का नोटिस दिया था। कंपनी ने इसको सिविल कोर्ट में चुनौती दी थी। सुनवाई पूरी हुए बिना ही नगर निगम ने इस हिस्से को ढहा दिया। इस पर कंपनी ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई। इसमें कहा- नगर निगम ने 18 नवंबर 2025 को उसकी संपत्ति के फ्रंट हिस्से को बिना विधिवत प्रक्रिया अपनाए तोड़ दिया। वहीं, नगर निगम की ओर से दलील दी गई कि निर्माण अवैध था और 7 नवंबर 2024 को दी गई अनुमति रद्द की जा चुकी थी। निगम ने यह भी कहा कि 14 मई 2025 को नोटिस जारी किया गया था और इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई। निगम कमिश्नर ने माना- निर्माण पहले जैसा नहीं कर सकते हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान भोपाल नगर निगम की आयुक्त संस्कृति जैन खुद पेश हुईं। निगम की ओर से बिना शर्त माफी का प्रस्ताव दिया गया, लेकिन कोर्ट ने शर्त रखी कि तोड़ा गया हिस्सा पहले जैसा बना दिया जाए। इस पर कमिश्नर संस्कृति जैन ने कहा कि तोड़े गए निर्माण को पहले जैसा नहीं किया जा सकता। इस पर कोर्ट ने कहा- अब आयुक्त को सजा के प्रश्न पर अपना पक्ष रखना होगा। 6 फरवरी को सुबह 10:30 बजे सजा पर सुनवाई की जाएगी। ये खबर भी पढ़ें… कम्प्यूटर टीचर्स की आउटसोर्सिंग पर रोक मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पोस्टेड कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टर्स को आउटसोर्स व्यवस्था में लाने के फैसले पर हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है। जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने सरकार, लोक शिक्षण संचालनालय और समग्र शिक्षा अभियान को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। पढ़ें पूरी खबर…
Dainik Bhaskar EC बोला-बंगाल में SIR के दौरान हिंसा और धमकी मिली:सुप्रीम कोर्ट में बताया- BLO की शिकायत पर पुलिस ने FIR भी नहीं की
इलेक्शन कमीशन (EC) ने सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को पश्चिम बंगाल में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर हलफनामा दाखिल कर जानकारी दी। EC ने कोर्ट में बताया कि बंगाल में SIR के दौरान चुनाव अधिकारियों को हिंसा, धमकी और काम में रुकावट जैसे हालात का सामना करना पड़ा। हलफनामे में कहा गया कि पश्चिम बंगाल की स्थिति अन्य राज्यों से अलग थी, जहां SIR की प्रक्रिया बिना किसी बड़ी घटना या रुकावट के पूरी हुई। EC ने कहा कि 2025 की वोटर लिस्ट को आगामी विधानसभा चुनावों में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, क्योंकि SIR के दौरान 58 लाख से ज्यादा मृत, स्थानांतरित और गैर-हाजिर वोटरों की पहचान की गई। EC ने आरोप लगाया कि बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) की शिकायतों पर लोकल पुलिस आमतौर पर FIR दर्ज करने से बचती रही। कई मामलों में जिला चुनाव अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद ही केस दर्ज हुए। राज्य सरकार ने जानबूझकर FIR दर्ज करने और अनुशासनात्मक कार्रवाई से जुड़े EC के निर्देशों का पालन नहीं किया। 24 नवंबर 2024 को कोलकाता स्थित चीफ इलेक्शन ऑफिसर के दफ्तर के घेराव का जिक्र करते हुए EC ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने जबरन घुसने की कोशिश की, पुलिस बैरिकेड तोड़े, दफ्तर में तोड़फोड़ की और अधिकारियों की आवाजाही रोकी। इससे सरकारी कामकाज गंभीर रूप से प्रभावित हुआ। बंगाल EC को सिर्फ Y कैटेगरी की सुरक्षा दी गई एफिडेविट में यह भी बताया गया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा खतरे का आकलन किए जाने के बाद पश्चिम बंगाल के चीफ इलेक्शन ऑफिसर को Y कैटेगरी की सुरक्षा दी गई थी। वह देश के ऐसे एकमात्र चुनाव अधिकारी थे जिन्हें यह सुरक्षा प्रदान की गई। EC ने बताया कि सभी चुनौतियों के बावजूद BLOs ने 7.08 करोड़ से अधिक काउंटिंग फॉर्म जमा किए, जो कुल का 92.40% है। इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन अधिकारियों की ओर से करीब 1.51 करोड़ नोटिस जारी किए गए। आयोग ने बताया कि एलिजिबिलिटी तय करने और त्रुटियों को सुधारने के लिए नोटिस फेज बेहद अहम है और इसे बिना डर या दबाव के पूरा किया जाना वोटर लिस्ट की शुचिता के लिए जरूरी है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि SIR की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और किसी को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। कोर्ट ने EC से कहा था कि लॉजिकल गड़बड़ियों वाली लिस्ट में शामिल लोगों के नाम ग्राम पंचायत भवनों और ब्लॉक कार्यालयों में प्रदर्शित किए जाएं, ताकि वहां दस्तावेज और आपत्तियां जमा की जा सकें।
Dainik Bhaskar EC बोला-बंगाल में SIR के दौरान हिंसा और धमकी मिली:सुप्रीम कोर्ट में बताया- BLO की शिकायत पर पुलिस ने FIR भी नहीं की
इलेक्शन कमीशन (EC) ने सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को पश्चिम बंगाल में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर हलफनामा दाखिल किया। EC ने कोर्ट में बताया कि बंगाल में SIR के दौरान चुनाव अधिकारियों को हिंसा, धमकी और काम में रुकावट जैसे हालात का सामना करना पड़ा। हलफनामे में कहा गया कि पश्चिम बंगाल की स्थिति अन्य राज्यों से अलग थी, जहां SIR की प्रक्रिया बिना किसी बड़ी घटना या रुकावट के पूरी हुई। EC ने कहा कि 2025 की वोटर लिस्ट को आगामी विधानसभा चुनावों में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, क्योंकि SIR के दौरान 58 लाख से ज्यादा मृत, स्थानांतरित और गैर-हाजिर वोटरों की पहचान की गई। EC ने आरोप लगाया कि बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) की शिकायतों पर लोकल पुलिस आमतौर पर FIR दर्ज करने से बचती रही। कई मामलों में जिला चुनाव अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद ही केस दर्ज हुए। राज्य सरकार ने जानबूझकर FIR दर्ज करने और अनुशासनात्मक कार्रवाई से जुड़े EC के निर्देशों का पालन नहीं किया। EC ने 24 नवंबर 2025 को कोलकाता स्थित चीफ इलेक्शन ऑफिसर के दफ्तर के घेराव का जिक्र करते हुए बताया कि प्रदर्शनकारियों ने जबरन घुसने की कोशिश की, पुलिस बैरिकेड तोड़े, दफ्तर में तोड़फोड़ की और अधिकारियों की आवाजाही रोकी। इसके बावजूद भी प्रदर्शनकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। बंगाल EC को सिर्फ Y कैटेगरी की सुरक्षा दी गई एफिडेविट में यह भी बताया गया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा खतरे का आकलन किए जाने के बाद पश्चिम बंगाल के चीफ इलेक्शन ऑफिसर को Y कैटेगरी की सुरक्षा दी गई थी। वह देश के ऐसे एकमात्र चुनाव अधिकारी थे जिन्हें यह सुरक्षा प्रदान की गई। EC ने बताया कि सभी चुनौतियों के बावजूद BLOs ने 7.08 करोड़ से अधिक काउंटिंग फॉर्म जमा किए, जो कुल का 92.40% है। इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन अधिकारियों की ओर से करीब 1.51 करोड़ नोटिस जारी किए गए। आयोग ने बताया कि एलिजिबिलिटी तय करने और त्रुटियों को सुधारने के लिए नोटिस फेज बेहद अहम है और इसे बिना डर या दबाव के पूरा किया जाना वोटर लिस्ट की शुचिता के लिए जरूरी है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि SIR की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और किसी को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। कोर्ट ने EC से कहा था कि लॉजिकल गड़बड़ियों वाली लिस्ट में शामिल लोगों के नाम ग्राम पंचायत भवनों और ब्लॉक कार्यालयों में प्रदर्शित किए जाएं, ताकि वहां दस्तावेज और आपत्तियां जमा की जा सकें। बंगाल में SIR प्रक्रिया से जुड़ी खबरें… 4 फरवरी: ममता बोलीं- EC बंगाल को निशाना बना रहा, नाम मिसमैच पर दिए नोटिस वापस लिए जाएं सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान मौजूद राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल चुनाव आयोग के निशाने पर है। जो काम 2 साल में होना था, उसे 3 महीने में करवाया जा रहा है। सुनवाई के बाद CJI सूर्यकांत की बेंच ने कहा कि असली लोग चुनावी सूची में बने रहने चाहिए। ममता की याचिका पर बेंच ने चुनाव आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी से 9 फरवरी तक जवाब मांगा। पूरी खबर पढ़ें… 3 फरवरी : ममता बोली- EC ने 6 पत्रों का जवाब नहीं दिया इससे पहले ममता ने मंगलवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने कहा कि चुनाव से ठीक पहले SIR क्यों किया जा रहा है? चार राज्य बंगाल, तमिलनाडु, केरल और असम में चुनाव होने हैं। SIR तीन राज्यों में हो रहा है, लेकिन भाजपा-शासित असम में नहीं। क्योंकि वह ‘डबल इंजन’ राज्य है। ममता बनर्जी ने घुसपैठियों पर कहा कि ये लोग (BJP) घुसपैठियों की बात करते हैं लेकिन ये तो आपकी जिम्मेदारी है। बॉर्डर की रखवाली केंद्र की जिम्मेदारी है। ऐसे में घुसपैठ के लिए वही जिम्मेदार है। पूरी खबर पढ़ें… 2 फरवरी: ममता काली शॉल ओढ़कर मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलीं ममता बनर्जी ने सोमवार को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के खिलाफ काली शॉल ओढ़कर दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की थी। उनके साथ SIR प्रभावित 13 परिवार और TMC के नेता भी थे। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि ममता ने अपने मुद्दे CEC को बताए लेकिन उनका जवाब सुने बिना ही नाराज होकर चली गईं। मुलाकात के बाद ममता ने कहा, "मैं बहुत दुखी हूं। मैं दिल्ली की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हूं। मैंने आज तक ऐसा अहंकारी और झूठा चुनाव आयुक्त नहीं देखा। वह इस तरह से बात करते हैं जैसे वह जमींदार हों और हम नौकर। पूरी खबर पढ़ें… 28 जनवरी : ममता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी ममता बनर्जी ने 28 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने चुनाव आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को इस मामले में पक्षकार बनाया है। इससे पहले उन्होंने 3 जनवरी को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर SIR को मनमाना और त्रुटिपूर्ण बताते हुए रोकने की मांग की थी। 19 जनवरी : SC बोला- आम लोगों को असुविधा नहीं होनी चाहिए सुप्रीम कोर्ट ने SIR प्रक्रिया को लेकर निर्देश जारी करते हुए कहा था कि यह प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और आम लोगों को किसी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया था कि ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ सूची में शामिल मतदाताओं के नाम ग्राम पंचायत भवनों और ब्लॉक कार्यालयों में प्रदर्शित किए जाएं। कोर्ट ने यह भी नोट किया था कि राज्य में करीब 1.25 करोड़ मतदाता इस सूची में शामिल हैं। इसमें 2002 की मतदाता सूची से तुलना के दौरान माता-पिता के नाम में अंतर या उम्र से जुड़ी विसंगतियां पाई गई हैं। ------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… बंगाल में 21-40 की उम्र के बेरोजगारों को ₹1500 मिलेंगे, कर्मचारियों का DA 4% बढ़ा पश्चिम बंगाल में 21-40 साल की आयु वर्ग के बेरोजगार लोगों को 1,500 रुपए का मासिक भत्ता दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि अगर उनकी सरकार सत्ता में दोबारा आती है ते यह योजना 15 अगस्त से शुरू की जाएगी। सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले में डियरनेस अलाउंस(DA) में भी 4% की बढ़ोतरी की गई है। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar UPSC परीक्षा के नोटिफिकेशन में ही 40 गलतियां:Examination को Examinaition और Candidates को Cadidates लिखा; सोशल मीडिया पर ट्रोल हुआ आयोग
यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन(UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 का नोटिफिकेशन 4 फरवरी को जारी किया। इस नोटिफिकेशन में ही 40 गलतियां मिलीं। नोटिफिकेशन में पेज 2 पर 'Examination' को 'Examinaiton' और 'candidates' को 'cadidates' लिखा गया है। वहीं, पेज 7 पर 'Benchmark' को 'Bechmark', 'Functional' को 'Functinal' और पेज 8 पर 'Abbreviations' की जगह 'Abbriviations' लिखा गया है। सोशल मीडिया पर यूजर स्क्रीनशॉट शेयर कर आयोग को ट्रोल कर रहे हैं। उम्मीदवार पूछ रहे कि अगर वे ऐसी गलती करें तो नंबर कटेंगे। एक्सपर्ट्स ने कहा किप्रूफरीडिंग में चूक हुई है। फॉर्म भरते समय सावधानी बरतें। आयोग के प्रोफेशनलिज्म पर सवाल UPSC भारत सरकार की एक संवैधानिक संस्था है। देश के लिए योग्य और ईमानदार अधिकारियों को चुनने के लिए जिम्मेदार है। सिविल सेवा परीक्षा के जरिए भर्ती किए गए अधिकारी डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर, SP और डिप्लोमैट जैसे कई पदों पर काम करते हैं। आलोचकों का कहना है कि आधिकारिक नोटिफिकेशन में इतनी बेसिक स्पेलिंग और ग्रामर की गलतियों से कमीशन के काम में बारीकियों पर ध्यान और प्रोफेशनलिज्म पर सवाल उठते हैं। आवेदन प्रक्रिया जारी गलतियों के बावजूद, CSE 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है और यह 24 फरवरी, 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट upsconline.nic.in के माध्यम से जारी रहेगी। इसके तहत सिविल सेवा परीक्षा 2026 में 933 पोस्ट और भारतीय वन सेवा 2026 के लिए 80 पोस्ट हैं। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा के लिए आवेदन करते हैं। 2025 में, 10 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने आवेदन जमा किए थे। इनमें से 4,161 ने प्रीलिम्स पास किया, 2,736 इंटरव्यू स्टेज तक पहुंचे। इनमें से 979 का चयन हुआ। UPSC सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने का रास्ता बंद उधर, नोटिफिकेशन के मुताबिक अब सिलेक्शन के बाद दोबारा परीक्षा देने की आजादी पहले जैसी नहीं रहेगी। नए प्रावधानों में सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने का रास्ता बंद कर दिया गया है। वहीं, IAS और IFS को लेकर पुराने नियम जस के तस रखे गए हैं। चयनित अफसर को एक बार परफॉर्मेंस बेहतर करने का मौका मिलेगा। जैसे किसी का 2026 में IPS में सिलेक्शन हुआ तो वह 2027 में परफॉर्मेंस बेहतर करने की परीक्षा देने का पात्र होगा। उसके बाद अगर वह परीक्षा देना चाहता है तो उसे सेवा से इस्तीफा देना होगा। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar UPSC परीक्षा नोटिफिकेशन में ही 40 गलतियां:एग्जामिनेशन की स्पेलिंग Examinaition और कैंडिडेट को Cadidates लिखा; सोशल मीडिया पर आयोग ट्रोल
यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन(UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 का नोटिफिकेशन 4 फरवरी को जारी किया। इस नोटिफिकेशन में ही 40 गलतियां मिलीं। नोटिफिकेशन में पेज 2 पर 'Examination' को 'Examinaiton' और 'candidates' को 'cadidates' लिखा गया है। वहीं, पेज 7 पर 'Benchmark' को 'Bechmark', 'Functional' को 'Functinal' और पेज 8 पर 'Abbreviations' की जगह 'Abbriviations' लिखा गया है। सोशल मीडिया पर यूजर स्क्रीनशॉट शेयर कर आयोग को ट्रोल कर रहे हैं। उम्मीदवार पूछ रहे हैं कि अगर वे ऐसी गलती करें तो नंबर कटेंगे। एक्सपर्ट्स ने कहा कि प्रूफरीडिंग में चूक हुई है। फॉर्म भरते समय सावधानी बरतें। आयोग के प्रोफेशनलिज्म पर सवाल UPSC भारत सरकार की एक संवैधानिक संस्था है। देश के लिए योग्य और ईमानदार अधिकारियों को चुनने के लिए जिम्मेदार है। सिविल सेवा परीक्षा के जरिए भर्ती किए गए अधिकारी डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर, SP और डिप्लोमैट जैसे कई पदों पर काम करते हैं। आलोचकों का कहना है कि आधिकारिक नोटिफिकेशन में इतनी बेसिक स्पेलिंग और ग्रामर की गलतियों से कमीशन के काम में बारीकियों पर ध्यान और प्रोफेशनलिज्म पर सवाल उठते हैं। सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग यह नोटिफिकेशन जारी होते ही सोशल मीडिया पर आयोग की ट्रोलिंग शुरू हो गई। यूजर स्क्रीनशॉट शेयर कर रहे हैं और हर गलती बता रहे हैं। कई लोगों ने हैरानी जताई है कि दुनिया की सबसे मुश्किल परीक्षाओं में से एक करवाने वाले कमीशन ने एक ऑफिशियल डॉक्यूमेंट में इतनी गलतियां कैसे होने दीं। आवेदन प्रक्रिया जारी गलतियों के बावजूद, CSE 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है और यह 24 फरवरी, 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट upsconline.nic.in के माध्यम से जारी रहेगी। इसके तहत सिविल सेवा परीक्षा 2026 में 933 पोस्ट और भारतीय वन सेवा 2026 के लिए 80 पोस्ट हैं। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा के लिए आवेदन करते हैं। 2025 में, 10 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने आवेदन जमा किए थे। इनमें से 4,161 ने प्रीलिम्स पास किया, 2,736 इंटरव्यू स्टेज तक पहुंचे। इनमें से 979 का चयन हुआ। UPSC सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने का रास्ता बंद उधर, नोटिफिकेशन के मुताबिक अब सिलेक्शन के बाद दोबारा परीक्षा देने की आजादी पहले जैसी नहीं रहेगी। नए प्रावधानों में सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने का रास्ता बंद कर दिया गया है। वहीं, IAS और IFS को लेकर पुराने नियम जस के तस रखे गए हैं। चयनित अफसर को एक बार परफॉर्मेंस बेहतर करने का मौका मिलेगा। जैसे किसी का 2026 में IPS में सिलेक्शन हुआ तो वह 2027 में परफॉर्मेंस बेहतर करने की परीक्षा देने का पात्र होगा। उसके बाद अगर वह परीक्षा देना चाहता है तो उसे सेवा से इस्तीफा देना होगा। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar मंत्री बोले-कार्यक्रम में नहीं आईं तो लाड़ली-बहनों के नाम कटेंगे:सीहोर में करण सिंह की धमकी, कहा– CEO को कहकर रिपोर्ट भिजवाऊंगा
सीहोर जिले में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। इछावर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम धामंदा में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने लाड़ली-बहना योजना की लाभार्थियों को चेतावनी दी कि यदि वे कार्यक्रमों में शामिल नहीं होंगी, तो उनके नाम योजना से काट दिए जाएंगे। मंत्री वर्मा का यह बयान नवीन उप स्वास्थ्य केंद्र और आयुष्मान आरोग्य मंदिर के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान सामने आया। उन्होंने कहा कि ग्राम धामंदा में 894 लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपए की राशि दी जा रही है, इसके बावजूद सरकारी कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिति बेहद कम रहती है। एक दिन सभी बहनों को बुलाएंगे मंत्री ने मंच से कहा कि वे सीईओ से बात कर एक दिन सभी लाड़ली बहनों को बुलाएंगे। यदि उस दिन भी वे कार्यक्रम में शामिल नहीं हुईं, तो उनकी रिपोर्ट भिजवाकर योजना से नाम कटवाने की कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि कांग्रेस शासनकाल में महिलाओं को इस तरह की कोई आर्थिक सहायता मिलती थी या नहीं। पीएम दिल्ली से भेज रहे गेहूं मंत्री वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली से गेहूं भेज रहे हैं और किसानों के खातों में सीधे पैसे ट्रांसफर किए जा रहे हैं, लेकिन लोग सरकार की योजनाओं की अहमियत नहीं समझ पा रहे हैं। इस मौके पर उन्होंने सीहोर जिले के ग्राम नापलाखेड़ी में 56.09 लाख रुपए की लागत से बने नवीन उप स्वास्थ्य केंद्र और ग्राम धामंदा में 65 लाख रुपए की लागत से निर्मित आयुष्मान आरोग्य मंदिर का लोकार्पण किया। यह खबर भी पढ़ें ढाई साल में 5.70 लाख घटी लाड़ली बहनों की संख्या मध्यप्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में ढाई साल के अंतराल में 5 लाख 70 हजार से अधिक महिलाओं के नाम बाहर हो गए हैं। अब इस योजना में पात्र महिलाओं की संख्या 1 करोड़ 25 लाख 31 हजार ही रह गई है। पढ़ें पूरी खबर
Dainik Bhaskar सुप्रीम कोर्ट ने कार्यकारी DGP प्रथा पर सवाल उठाए:कहा- योग्य और वरिष्ठ अधिकारी वंचित हो रहे; गौरव यादव साढ़े 3 साल से पंजाब के एक्टिंग डीजीपी
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों में कार्यकारी DGP नियुक्त करने की प्रथा पर सवाल खड़े किए हैं। कोर्ट ने कहा कि यह तरीका योग्य और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को डीजीपी पद के लिए विचार से वंचित करता है। CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाला बागची की पीठ ने कहा कि राज्य सरकारें प्रकाश सिंह मामले में दिए गए दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए समय पर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को डीजीपी चयन के लिए नाम नहीं भेजतीं। इसके बजाय कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त कर देती हैं। कोर्ट ने UPSC को कहा कि यदि कोई राज्य ऐसा करने में विफल रहता है तो UPSC सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी पंजाब के लिए अहम है क्योंकि यहां के DGP गौरव यादव भी कार्यवाहक हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने 4 जुलाई 2022 को उन्हें एक्टिंग DGP बनाया था। तब से साढ़े 3 साल से यादव इसी तरह से काम कर रहे हैं। हाल ही में जेल से बाहर आए अकाली नेता बिक्रम मजीठिया ने भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पंजाब में परमानेंट DGP नियुक्त किया जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा- UPSC अपील करे, जवाबदेही तय होगी कोर्ट ने आदेश में कहा, “हम UPSC को अधिकृत करते हैं कि वह राज्यों को पत्र लिखकर संबंधित डीजीपी की नियुक्ति के लिए समय पर प्रस्ताव भेजने को कहे। यदि ऐसे प्रस्ताव नहीं भेजे जाते हैं, तो UPSC को प्रकाश सिंह मामले में आवेदन दायर करने का निर्देश देते हैं। यह स्पष्ट है कि ऐसे मामलों में संबंधित राज्यों की जवाबदेही तय की जाएगी और आवश्यक परिणाम सामने आएंगे। DGP की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट के क्या निर्देश सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार, किसी राज्य में पुलिस प्रमुख (डीजीपी) की नियुक्ति राज्य सरकार की ओर से UPSC द्वारा तैयार किए गए तीन वरिष्ठ अधिकारियों के पैनल में से की जाती है। इसके लिए सरकार पैनल भेजती है, जिसमें सीनियोरिटी के हिसाब से सरकार को 3 नाम भेजे जाते हैं। इनमें से किसी एक को डीजीपी नियुक्त किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने ये टिप्पणी क्यों की कोर्ट का यह निर्देश तेलंगाना हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई करते हुए आया, जिसमें UPSC को राज्य सरकार की ओर से भेजे गए नामों को प्रक्रिया में लेने का निर्देश दिया गया था। UPSC ने हाईकोर्ट के आदेश पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि राज्य सरकार ने डीजीपी चयन की प्रक्रिया में अत्यधिक देरी की है। UPSC के अनुसार, तेलंगाना के अंतिम डीजीपी अनुराग शर्मा 2017 में सेवानिवृत्त हुए थे और इसके बाद राज्य सरकार ने लंबे समय तक UPSC को कोई सिफारिश नहीं भेजी। UPSC का कहना था कि राज्य सरकार ने अंततः अप्रैल 2025 में सिफारिश भेजी, लेकिन UPSC ने यह कहते हुए उस पर कार्रवाई नहीं की कि 2017 से अब तक अत्यधिक विलंब हो चुका है। UPSC ने इसे एक गंभीर चूक बताते हुए कहा कि राज्य सरकार को पहले प्रकाश सिंह मामले में सुप्रीम कोर्ट से स्पष्टीकरण या आदेश लेना चाहिए था। आयोग ने यह भी कहा कि तेलंगाना अकेला ऐसा राज्य नहीं है जो इस तरह की देरी की रणनीति अपना रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने चिंता पर सहमति जताई सुप्रीम कोर्ट ने UPSC की चिंता से सहमति जताई और कहा कि इस देरी से कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के करियर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है, जिनमें से कई अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं और डीजीपी पद के लिए उन पर विचार ही नहीं हो सका। हालांकि, अदालत ने यह भी कहा कि UPSC की ओर से आपत्ति उठाने से स्थिति नहीं सुधरेगी, बल्कि इससे चूक करने वाले राज्यों को ही लाभ होगा। इसके बाद अदालत ने UPSC को तेलंगाना के लिए डीजीपी चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्देश दिया। पंजाब में साढ़े 3 साल से एक्टिंग डीजीपी पंजाब में पिछले करीब साढ़े 3 साल से 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी गौरव याद डीजीपी का पद संभाले हैं। उनकी 4 जुलाई 2022 को इस पद पर नियुक्ति हुई। पंजाब सरकार ने इस संबंध में UPSC को नियमित डीजीपी की नियुक्ति के लिए पैनल नहीं भेजा। पंजाब सरकार ने 2023 में पुलिस एक्ट में संशोधन कर UPSC को बाइपास करने की कोशिश की थी, लेकिन वर्तमान में कोई नियमित नियुक्ति नहीं हुई है। इस विषय पर मजीठिया ने भी ये 4 बातें लिखीं...
Dainik Bhaskar PM मोदी बोले- बिट्टू सिख, इसलिए गद्दार कहा:पार्टी तो कई छोड़ते हैं, शातिर दिमाग युवराज के मन में नफरत, सिखों-गुरुओं का अपमान किया
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के केंद्रीय राज्य मंत्री व लुधियाना से पूर्व सांसद रवनीत बिट्टू को गद्दार कहने के मामले में PM नरेंद्र मोदी की एंट्री हो गई है। गुरुवार को राज्यसभा में बोलते हुए PM मोदी ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा कि कांग्रेस के शातिर दिमाग युवराज ने एक सिख को गद्दार कहा। बिट्टू सिख हैं, इसलिए उन्हें गद्दार कहा वर्ना कांग्रेस छोड़कर तो कई लोग जा चुके हैं। यह सिखों और गुरुओं का अपमान है। PM ने कहा कि इससे उनकी सिखों के प्रति नफरत उजागर होती है। बता दें कि कल राहुल गांधी ने संसद के मकर द्वार पर प्रदर्शन के दौरान बिट्टू के गुजरने पर उन्हें गद्दार दोस्त कहा था। इस पर बिट्टू ने उन्हें देश का दुश्मन कहते हुए हाथ मिलाने से इनकार कर दिया। इसके बाद सीढ़ियों पर दोनों में तीखी तकरार हुई। बिट्टू ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी उनके साथ मारपीट करने वाले थे। उनकी पगड़ी उतार सकते थे। गद्दार कहने पर PM मोदी की 3 अहम बातें बिट्टू को गद्दार कहने से जुड़ा पूरा मामला जानिए… राहुल गांधी और रवनीत बिट्टू के बीच कैसे हुई बहस मकर द्वार पर कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी की अगुआई में प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान केंद्रीय रेलवे राज्य मंत्री व लुधियाना के पूर्व सांसद रवनीत बिट्टू संसद भवन के भीतर जाने के लिए वहां से गुजरे। यह देख राहुल गांधी ने कहा- गद्दार बिल्कुल पास से गुजर रहा है। राहुल गांधी ने फिर कहा- उसका चेहरा देखो, कैसा दिख रहा है। राहुल गांधी बिट्टू की तरफ बढ़े और कहा– हेलो ब्रदर, मेरे गद्दार दोस्त। यह सुनकर बिट्टू ने राहुल गांधी की तरफ उंगली उठाई तो राहुल गांधी ने कहा- डोंट वरी, तुम वापस आओगे। इस पर रवनीत बिट्टू ने राहुल गांधी को जवाब देते हुए कहा कि देश के दुश्मनों से कोई लेना-देना नहीं है। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसी सांसदों ने सरेंडर-सरेंडर की नारेबाजी शुरू कर दी। यह देख बिट्टू ने कहा कि तुम देश के दुश्मन हो। इसके बाद बिट्टू संसद की सीढ़ियां चढ़ने लगे तो फिर राहुल गांधी के साथ उनकी तीखी तकरार हुई। इसके बाद रवनीत बिट्टू संसद में चले गए। राहुल गांधी और रवनीत बिट्टू में तकरार के 3 PHOTOS… ****************** ये खबरें भी पढ़ें … रवनीत बिट्टू बोले- कांग्रेस MP गांधी परिवार के बंधुआ मजदूर, राहुल गांधी पीटने आए, वेणुगोपाल-रंधावा ने रोका राहुल गांधी से तकरार के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू ने उन्हें 3 बार सांसद बनाने को लेकर कांग्रेसियों को करारा जवाब दिया है। बिट्टू ने कहा कि अगर मैं कांग्रेस में यूथ प्रधान बना तो चुनाव जीतकर बना (पढ़ें पूरी खबर) राहुल गांधी ने रवनीत बिट्टू को गद्दार कहा:बोले- डॉन्ट वरी, तुम कांग्रेस में लौटोगे; मंत्री बोले- तुम देश के दुश्मन, हाथ नहीं मिलाया कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार (4 फरवरी) को केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को गद्दार कहा। उन्होंने यह बात दिल्ली में संसद के बाहर मकर द्वार के सामने प्रदर्शन के दौरान कही। प्रदर्शन के दौरान जब बिट्टू सामने से आए तो उन्हें देखकर राहुल गांधी ने कहा- मेरा ट्रेटर फ्रेंड (गद्दार दोस्त) आ रहा है। इसके बाद राहुल गांधी ने हाथ मिलाने के लिए हाथ बढ़ाया, लेकिन बिट्टू ने हाथ नहीं मिलाया (पढ़ें पूरी खबर) राहुल गांधी ने बिट्टू को गद्दार क्यों कहा:पगड़ी नहीं पहनते थे, राहुल के कहने पर बांधी राहुल गांधी और केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू में तीखी बहस हुई। राहुल गांधी ने उन्हें 'गद्दार दोस्त' कह डाला। राहुल गांधी ने बिट्टू को लेकर इतने तीखे शब्द क्यों यूज किए, इसकी भी लंबी कहानी है। बिट्टू कभी कांग्रेस में राहुल गांधी के करीबियों में से एक थे। वह यूथ कांग्रेस के प्रधान भी बने (पढ़ें पूरी खबर)
Dainik Bhaskar मेघालय में अवैध कोयला खदान में धमाका, 16 की मौत:कई मजदूरों के फंसे होने की आशंका, बचाव और खोज अभियान जारी
मेघालय के ईस्ट जैंतिया हिल्स जिले में गुरुवार को अवैध कोयला खदान में धमाका हो गया। हादसे में कम से कम 16 मजदूरों की मौत हो गई। कई मजदूरों के अब भी खदान में फंसे होने की आशंका है। यह जानकारी राज्य की पुलिस महानिदेशक आई. नोंग्रांग ने दी। बचाव दल राहत और खोज अभियान में लगे हुए हैं। यह हादसा सुबह थांग्स्कु इलाके में हुआ। नोंग्रांग ने कहा,अब तक 16 शव बरामद किए जा चुके हैं। धमाके के समय खदान के अंदर कितने मजदूर थे, यह अभी साफ नहीं है। और लोगों के फंसे होने की आशंका है। एक घायल शिलांग रैफर एक घायल व्यक्ति को पहले सुतंगा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उसे बेहतर इलाज के लिए शिलांग के अस्पताल में रेफर किया गया। यह जानकारी ईस्ट जैंतिया हिल्स के SP विकाश कुमार ने दी। पुलिस के मुताबिक, विस्फोट कोयला खनन के दौरान हुआ और यह खदान अवैध रूप से संचालित की जा रही थी। धमाके का कारण पता नहीं धमाके का कारण के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है और मामले की जांच की जाएगी। गौरतलब है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने वर्ष 2014 में मेघालय में रैट-होल कोयला खनन और अन्य अवैज्ञानिक खनन तरीकों पर रोक लगा दी थी। यह रोक पर्यावरण को होने वाले नुकसान और मजदूरों की सुरक्षा को देखते हुए लगाई गई थी। साथ ही, ऐसे तरीकों से निकाले गए कोयले के अवैध परिवहन पर भी प्रतिबंध लगाया गया था। रैट होल माइनिंग में बहुत संकरी सुरंगें खोदी जाती हैं रैट-होल माइनिंग में बहुत संकरी सुरंगें खोदी जाती हैं, जिनकी ऊंचाई आमतौर पर 3-4 फीट होती है। मजदूर इन्हीं सुरंगों में घुसकर कोयला निकालते हैं। ये सुरंगें इतनी छोटी होती हैं कि उनमें एक समय में केवल एक व्यक्ति ही जा सकता है। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी इस प्रतिबंध को बरकरार रखा और केवल वैज्ञानिक, नियंत्रित और पर्यावरण सुरक्षा के नियमों के तहत ही खनन की अनुमति दी। ---------------------------------- ये खबर भी पढ़ें:
Dainik Bhaskar बंगाल में 21-40 की उम्र के बेरोजगारों को ₹1500 मिलेंगे:कर्मचारियों का DA 4% बढ़ा; 4.06 लाख करोड़ रुपए का अंतरिम बजट पेश
पश्चिम बंगाल में 21-40 वर्ष की आयु वर्ग के बेरोजगार लोगों को 1,500 रुपए का मासिक भत्ता दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि अगर उनकी सरकार सत्ता में दोबारा आती है ते यह योजना 15 अगस्त से शुरू की जाएगी। सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले में डियरनेस अलाउंस(DA) में भी 4% की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, लक्ष्मी भंडार योजना के तहत भी 500 रुपए बढ़ाए गए हैं। इसमें अभी तक सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,000 रुपए और SC/ST महिलाओं को 1,200 रुपए दिए जाते थे। पश्चिम बंगाल सरकार ने गुरुवार को राज्य विधानसभा में 2026-27 वित्तीय वर्ष के लिए 4.06 लाख करोड़ रुपए का अंतरिम बजट पेश किया। राज्य में तीन महीने में विधानसभा चुनाव होने हैं। बंगाल के बजट में ये घोषणाएं… ममता बोलीं- केंद्र पर 2 लाख करोड़ बकाया सीएम ने आरोप लगाया कि केंद्र पर पश्चिम बंगाल का लगभग 2 लाख करोड़ रुपये का वैध बकाया है। बनर्जी ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, ग्रामीण आवास, ग्रामीण सड़कें और सर्व शिक्षा अभियान जैसी प्रमुख योजनाओं के लिए फंड सालों से रोक दिया गया है। ------------ ये खबर भी पढ़ें… बजट 2026- इनकम टैक्स जस का तस:बस रिवाइज्ड रिटर्न अब 31 दिसंबर के बदले 31 मार्च तक भरें, विदेश पैसे भेजने पर अब 2% टैक्स केंद्रीय बजट में इनकम टैक्स को लेकर को कोई बड़ी घोषणा नहीं हुई। हालांकि रिवाइज्ड रिटर्न भरने की तारीख 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई। वहीं, विदेश रुपए भेजने पर अब 5% के बदले 2% टैक्स लगेगा। पूरी खबर पढ़ें…
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पश्चिम बंगाल में 21-40 वर्ष की आयु वर्ग के बेरोजगार लोगों को 1,500 रुपए का मासिक भत्ता दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि अगर उनकी सरकार सत्ता में दोबारा आती है ते यह योजना 15 अगस्त से शुरू की जाएगी। सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले में डियरनेस अलाउंस(DA) में भी 4% की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, लक्ष्मी भंडार योजना के तहत भी 500 रुपए बढ़ाए गए हैं। इसमें अभी तक सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,000 रुपए और SC/ST महिलाओं को 1,200 रुपए दिए जाते थे। पश्चिम बंगाल सरकार ने गुरुवार को राज्य विधानसभा में 2026-27 वित्तीय वर्ष के लिए 4.06 लाख करोड़ रुपए का अंतरिम बजट पेश किया। राज्य में तीन महीने में विधानसभा चुनाव होने हैं। बंगाल के बजट में ये घोषणाएं… ममता बोलीं- केंद्र पर 2 लाख करोड़ बकाया सीएम ने आरोप लगाया कि केंद्र पर पश्चिम बंगाल का लगभग 2 लाख करोड़ रुपये का वैध बकाया है। बनर्जी ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, ग्रामीण आवास, ग्रामीण सड़कें और सर्व शिक्षा अभियान जैसी प्रमुख योजनाओं के लिए फंड सालों से रोक दिया गया है। ------------ ये खबर भी पढ़ें… बजट 2026- इनकम टैक्स जस का तस:बस रिवाइज्ड रिटर्न अब 31 दिसंबर के बदले 31 मार्च तक भरें, विदेश पैसे भेजने पर अब 2% टैक्स केंद्रीय बजट में इनकम टैक्स को लेकर को कोई बड़ी घोषणा नहीं हुई। हालांकि रिवाइज्ड रिटर्न भरने की तारीख 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई। वहीं, विदेश रुपए भेजने पर अब 5% के बदले 2% टैक्स लगेगा। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar आसाराम के अहमदाबाद आश्रम पर चलेगा बुलडोजर:हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जमीन वापस लेने का आदेश दिया, 500 करोड़ से ज्यादा है कीमत
अहमदाबाद के मोटेरा में स्थित आसाराम का मुख्य आश्रम अब कानूनी विवादों में है। गुजरात हाईकोर्ट ने 45,000 वर्ग मीटर से अधिक की आश्रम की जमीन को राज्य सरकार के कब्जे में लेने और अवैध ढांचों को हटाने की मंजूरी दे दी है। इस आश्रम की जगह अब 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनेगा। वर्तमान में इस जमीन की मार्केट वैल्यू 500 करोड़ रुपए से ज्यादा की है। गुजरात हाईकोर्ट की जस्टिस वैभवी नानावती ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को जमीन वापस लेने की अनुमति दी. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि विकास परियोजना की आवश्यकता और नियमों के उल्लंघन को देखते हुए सरकारी कार्रवाई उचित है. इस फैसले के बाद अहमदाबाद नगर निगम (AMC) किसी भी समय अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर सकता है। 32 अवैध यूनिट स्थापित हो थीं आश्रम में मिली जानकारी के अनुसार मोटेरा स्थित आश्रम परिसर में करीब 32 अवैध यूनिट स्थापित की गई थीं। प्रशासन को जांच के दौरान पता चला कि इन इकाइयों का इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों और अनधिकृत निर्माण के लिए किया जा रहा था। नियमों के उल्लंघन और सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के आरोपों के चलते कलेक्टर कार्यालय की ओर से नोटिस जारी किया गया था। आसाराम ने 1972 में की थी आश्रम की स्थापना अहमदाबाद में साबरमती नदी किनारे इस आश्रम की स्थापना आसाराम ने 1972 में की थी। आसाराम ने यहां सबसे पहले एक कुटिया बनाई थी, जिसे 'मोक्ष कुटिया' के रूप में पहचाना जाता था। धीरे-धीरे इसी कुटिया के आसपास निर्माण कार्य होता चला गया और बाद में इसे आसाराम मोटेरा आश्रम के नाम से पहचाना जाने लगा। राज्य अधिकारियों ने अदालत के सामने ठोस आधार प्रस्तुत किया था कि दशकों पहले सीमित धार्मिक उपयोग के यह भूमि आवंटित की गई थी। लेकिन, धीरे-धीरे आश्रम का दायरा कानूनी सीमा से काफी बाहर निकल गया था। आसाराम 2 मामलों में गुनहगार जोधपुर कोर्ट: आसाराम को जोधपुर पुलिस ने इंदौर के आश्रम से साल 2013 में गिरफ्तार किया था। इसके बाद से आसाराम जेल में बंद था। पांच साल तक लंबी सुनवाई के बाद 25 अप्रैल 2018 को कोर्ट ने आसाराम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। गांधीनगर कोर्ट: आसाराम के खिलाफ गुजरात के गांधीनगर में आश्रम की एक महिला ने रेप का मामला दर्ज करवाया था। कोर्ट ने 31 जनवरी 2023 को इस मामले में आसाराम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। बेटा नारायण साईं भी रेप के आरोप में उम्रकैद की सजा काट रहा आसाराम के साथ उसका बेटा नारायण साईं भी उम्रकैद की सजा काट रहा है। साईं के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत सूरत के जहांगीरपुरा थाने में 2013 में दर्ज हुई थी। सूरत सेशंस कोर्ट में 2014 में मामले की सुनवाई शुरू हुई और 2019 में इस पर फैसला सुनाया गया। इसमें नारायण साईं को आजीवन कैद की सजा सुनाई गई थी। वहीं, दुष्कर्म के ही मामले में आसाराम को साल 2018 में जोधपुर के एक कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। -------------------------- आसाराम से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… भक्तों ने ढोल-नगाड़ों से किया वेलकम, हाथों में दीपक लिए हजारों लोग सड़कों पर खड़े थे दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम शुक्रवार को 13 साल बाद सूरत पहुंचा। यहां आश्रम में अनुयायियों ने उनका ढोल-नगाड़ों से भव्य स्वागत किया। आश्रम में लोग हाथों में दीपक लेकर दर्शन के लिए खड़े हुए थे। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar नौकरी के बदले जिस्म, नाबालिग से 7 साल तक गैंगरेप:गवर्नमेंट रेस्ट-हाउस, दफ्तर, होटल में दुष्कर्म; BJP सांसद का PA, कारोबारी और सरकारी-कर्मचारी शामिल
यह सिर्फ गैंगरेप की कहानी नहीं है…यह रोजी, डर और रसूख के गठजोड़ से रची गई ऐसी दरिंदगी है, जो 7 साल तक एक नाबालिग की सांसों पर पहरा बनकर बैठी रही। मां को नौकरी देने के बदले बेटी की इज्जत गिरवी रखी गई। सरकारी दफ्तर, रेस्ट हाउस, होटल और रसूखदारों के घर, हर जगह इंसानियत का कत्ल होता रहा, और खामोशी को वीडियो की धमकियों से जकड़ दिया गया। शुरुआत मां को झाड़ू-पोछा की नौकरी देने के नाम पर हुई और अंत तक उसकी बेटी के देह को सौदे की तरह इस्तेमाल किया गया। हैवानियत की ये कहानी सुनकर रूह कांप जाएगी। नौकरी लगवाने के बाद लड़की से हर छुट्टियों के दिन दुष्कर्म, पीछा छोड़ने के नाम पर भी दुष्कर्म। हद तो तब हो गई जब शादी तुड़वाने लड़की के शरीर पर दांतों से काटने के निशान बना दिए गए। यह कहानी दर्द की नहीं, उस क्रूर व्यवस्था की है, जिसमें एक लड़की को जीते-जी तोड़ दिया, लेकिन खामोशी के बाद जब उसने सच बोला, तो पूरा सिस्टम कटघरे में खड़ा हो गया। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में नाबालिग से 7 सालों तक गैंगरेप हुआ है। पीड़िता के आरोप के मुताबिक, आरोपियों में PWD विभाग के रिटायर्ड कर्मचारी, कारोबारी, BJP सांसद का पूर्व पीए शामिल है। मामला महिला थाने में दर्ज हुआ है। इस रिपोर्ट में पढ़िए रोजी के नाम पर रसूखदारों ने नाबालिग को कैसे अपने जाल में फंसाया और किस हद तक की दरिंदगी की गई। आखिरकार किस तरह पीड़िता ने हिम्मत जुटाई और थाने तक पहुंची… मां काम पर जाती थी तो करते थे दुष्कर्म साल 2018 से यह सिलसिला शुरू हुआ। जब 14 साल की नाबालिग अपनी मां के साथ अप्रैल 2018 में बिलासपुर से दुर्ग पहुंची। उसके किसी रिश्तेदार ने नौकरी के लिए गोविंद सिंह ठाकुर से मुलाकात करवाई थी। गोविंद सिंह पीडब्ल्यूडी विभाग में पदस्थ था। आरोपी गोविंद ने दुर्ग के सिविल लाइन क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी के क्वार्टर में मां-बेटी को ठहरवाया और मां को झाड़ू-पोछा का काम दिलवा दिया। जब पीड़िता की मां काम पर जाती थी, तब वह अकेली रहती थी। इसी दौरान अप्रैल 2018 के अंतिम सप्ताह में गोविंद ठाकुर और विभाग के ही एक कर्मचारी राजू कश्यप ने क्वार्टर में नाबालिग से बारी-बारी से दुष्कर्म किया। पीड़िता का आरोप है कि घटना के बाद उसे धमकाया गया कि अगर उसने किसी को बताया तो उसे दुर्ग से भगा दिया जाएगा। लॉकडाउन के समय बिलासपुर लौट गई थी दोनों साल 2020 में लॉकडाउन के दौरान काम बंद होने पर मां-बेटी से क्वार्टर खाली करवा दिया गया। इसके करीब 6 महीने बाद वे दुर्ग लौटे और किसी अन्य क्षेत्र में रहने लगे। धीरे-धीरे इस सदमे से बाहर निकलने लगी थी और 2022-23 में नाबालिग ने पढ़ाई भी शुरू कर दी थी। जुलाई 2023 में राजू कश्यप ने उसे फोन कर नौकरी का ऑफर दिया और पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस बुलाया। पीड़िता की रिपोर्ट के मुताबिक बीएन पांडेय, जो कि दुर्ग सांसद विजय बघेल के पूर्व पीए रहे हैं। उसने नौकरी दिलाने में मदद की। पांडेय ने पीडबल्यूडी में फोन कर अफसरों को निर्देशित किया था। रेस्ट हाउस और सर्किट हाउस में हर जगह प्रभाव जमाया। नौकरी की वजह से पीड़िता दबाव में थी। अब आरोपी उससे वाट्सऐप पर न्यूड वीडियो मंगवाने लगे। स्टाफ ग्रुप में वीडियो वायरल करने की धमकी देते लगे। इस तरह से लड़की को लंबे समय तक डर में रखा। इसके बाद अलग-अलग स्थानों पर उसे बुलाकर कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया गया। इस दौरान भी फोटो-वीडियो बनाए गए। हालांकि, दुर्ग सांसद विजय बघेल ने बीएन पांडेय के उनके PA होने से इंकार किया है। उन्होंने कहा है कि वह निज सहायक पद पर नहीं था। डिपार्टमेंटल अटैच में काम कर रहा था। नौकरी लगने के बाद हर छुट्टी के दिन दुष्कर्म पीडब्ल्यूडी में संविदा नौकरी लगवाने के बाद हर छुट्टियों के दिन नाबालिग को बुलाकर शोषण किया जाता रहा। इतना ही नहीं आरोपी व्हाट्सऐप कॉल के जरिए न्यूड फोटो और वीडियो की मांग करते थे। मना करने पर परिवार को बताने की धमकी देते थे। इसके बाद 2024 में कारोबारी अनिल चौधरी के घर पर बुलाकर फिर से सामूहिक दुष्कर्म किया। अगस्त 2024 को उसे कवर्धा ले जाया गया और वहां रेस्ट हाउस में भी गैंगरेप हुआ और इसके बाद पाटन के रेस्ट हाउस में भी रेप किया गया। पीछा छोड़ने के नाम पर भी किया रेप अक्टूबर 2025 में कारोबारी विजय स्वाइन अग्रवाल ने नाबालिग को इंदिरा मार्केट स्थित एक होटल में मिलने बुलाया। पीड़िता ने मना किया, लेकिन दबाव बनाया गया। आरोपी ने कहा कि अंतिम बार वो उससे मिल लेगी तो उसका पीछा छोड़ देंगे। 11 अक्टूबर 2025 को उसी होटल में उसे बुलाकर नाबालिग से फिर दुष्कर्म किया गया। नाबालिग से हैवानियत का सिलसिला इसके बाद भी जारी रहा। मंगेतर को बताई आपबीती, उसने दी हिम्मत इस दौरान पीड़िता की शादी तय हुई। इसमें भी आरोपियों ने रुकावटें बनानी शुरू कर दी। शादी तुड़वाने तक की कोशिश की गई। शरीर पर दांत से काटने के निशान बनाए गए। पीड़िता ने जैसे-तैसे अपनी सारी आपबीती अपने मंगेतर को बताई। मंगेतर ने उसे हिम्मत दी और न्याय के लिए आवाज उठाने को कहा। इसके बाद पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अब तक 3 आरोपी गिरफ्तार, तीन फरार पीड़िता की रिपोर्ट पर पुलिस अब जांच में जुट गई है। मामले में विवेचना जारी है। अभी तक पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। फरार की तलाश में पुलिस ने टीमें रवाना कर दी है। जिन्हें यूपी और बिहार में खोजा जा रहा है। ………………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… सरकारी नौकरी के नाम पर नाबालिग से गैंगरेप: दुर्ग में 8 साल तक बनाए संबंध, रिटायर्ड PWD कर्मचारी अरेस्ट, कई हाईप्रोफाइल जांच के घेरे में छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर नाबालिग लड़की से गैंगरेप का मामला सामने आया है। मामले में PWD के एक रिटायर्ड कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है। अब तक कुल 3 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जबकि 3 अन्य आरोपी की तलाश जारी है। फरार आरोपियों में हाईप्रोफाइल लोग शामिल बताए जा रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…
Dainik Bhaskar PM मोदी राज्यसभा पहुंचे, थोड़ी देर में स्पीच:राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देंगे; कल लोकसभा में स्पीच टाली गई थी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बजट सत्र के सातवें दिन गुरुवार को राज्यसभा में पहुंच गए हैं। वह थोड़ी देर में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देंगे। इससे पहले लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव हंगामे के बीच पास हो गया। 2004 के बाद पहली बार यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री के भाषण के बिना पास हुआ है। दरअसल, तीसरे पिछले तीन दिनों से चीन घुसपैठ, अमेरिका ट्रेड डील पर नेता विपक्ष राहुल के भाषण पर हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही बार-बार रोकनी पड़ी है। इसके बाद मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मंत्रियों के एक समूह ने मुलाकात की थी, ताकि प्रधानमंत्री का जवाब तय समय पर हो सके।
Dainik Bhaskar संसदीय समिति बोली-RAC बर्थ मिलने पर आंशिक किराया लौटाए रेलवे:सुपरफास्ट ट्रेनों का बेंचमार्क बदलें; अभी 55 किमी/घंटे की रफ्तार को सुपरफास्ट मानता है विभाग
संसदीय समिति ने मंगलवार को कहा RAC कैटेगरी के तहत बुक किए गए टिकटों के लिए यात्री से पूरा किराया लेना सही नहीं है। समिति ने रेल मंत्रालय को सुझाव दिया कि रेल मंत्रालय को ऐसे यात्री को आंशिक किराया वापस करने के लिए नियम बनाना चाहिए। मौजूदा नियम के तहत, रेलवे RAC कैटेगरी के तहत ट्रेनों में बर्थ बुक करने के लिए यात्री से पूरा किराया लेता है। हालांकि, यात्री RAC कैटेगरी में रह सकता है और बर्थ दूसरे RAC यात्री के साथ साझा कर सकता है। दोनों यात्री रेलवे को पूरा किराया देते हैं। वहीं, सुपरफास्ट ट्रेनों को कैटेगराइज करने के लिए समिति ने कहा कि इसके लिए 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार का बेंचमार्क बेहद कम है। समिति ने कहा कि 2007 से सुपरफास्ट ट्रेनों के कैटेगराइजेशन के नियमों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अभी 55 किमी/घंटे की रफ्तार वाली ट्रेनें सुपरफास्ट मानी जाती हैं। संसद में रिपोर्ट पेश की गई पार्लियामेंट्री अकाउंट्स कमिटी (PAC) ने बुधवार को संसद में पेश की गई अपनी रिपोर्ट ‘भारतीय रेलवे में ट्रेन संचालन में समय की पाबंदी और यात्रा का समय’ में कहा कि RAC (कैंसलेशन के बदले आरक्षण) के तहत टिकटों के लिए पूरा किराया लेना सही नहीं है। इसमें चार्ट बनने के बाद भी टिकट धारक को बिना बर्थ की सुविधा के RAC कैटेगरी में रहना पड़ता है। समिति ने रेलवे से ऐसे यात्रियों को आंशिक किराया वापस करने और इस संबंध में उठाए गए कदमों के बारे में उसे सूचित करने का आग्रह किया। सुपरफास्ट कैटेगरी के नियमों में बदलाव करने का सुझाव समिति ने भारतीय रेलवे में सुपरफास्ट ट्रेनों के नियमों की समीक्षा करने की आवश्यकता पर ध्यान देने के लिए कहा। समिति ने कहा कि मई 2007 में रेलवे ने फैसला किया था कि यदि किसी ट्रेन की ऐवरेज स्पीड दोनों अप और डाउन दिशाओं में, ब्रॉड गेज पर न्यूनतम 55 किमी प्रति घंटा और मीटर गेज पर 45 किमी प्रति घंटा है, तो उसे सुपरफास्ट (SF) ट्रेन माना जाएगा। समिति ने कहा कि ऑडिट में पाया गया कि किसी ट्रेन को सुपरफास्ट के रूप में कैटेगराइज करने के लिए 55 किमी प्रति घंटे का बेंचमार्क ही कम है। समिति ने कहा, 2007 से SF ट्रेनों के वर्गीकरण के मानदंडों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसके साथ ही 478 सुपरफास्ट ट्रेनों में से 123 सुपरफास्ट ट्रेनों की निर्धारित गति 55 किमी प्रति घंटे से कम है। मंत्रालय ने कहा- स्टॉपेज देने से स्पीड कम होती है अपने जवाब में मंत्रालय ने समिति को बताया कि सुपरफास्ट के रूप में कैटेगराइज्ड 123 ट्रेनों की सूची की जांच से पता चला कि मौजूदा आंकड़ों के अनुसार 47 ट्रेनों की गति 55 किमी प्रति घंटे से अधिक है। जहां तक 55 किमी प्रति घंटे से कम स्पीड पर चलने वाली बाकी ट्रेनों की बात है, तो मंत्रालय ने कहा कि रेगुलर ऑपरेशन शुरू होने के बाद अतिरिक्त स्टॉपेज देने से कुछ ट्रेनों की औसत स्पीड पर असर पड़ा है। समिति ने कहा- ये केवल ज्यादा किराया वसूलने के लिए किया गया रिपोर्ट में कहा गया है, समिति इस नतीजे पर पहुंचने के लिए मजबूर है कि ट्रेनों को सुपरफास्ट के रूप में अलग करने का मकसद ज्यादा किराया वसूलना था। जब भी ट्रेनों की स्पीड कम हुई, तो भारतीय रेलवे को ट्रेन को सुपरफास्ट कैटेगरी से हटा देना चाहिए था और किराया रिवाइज करना चाहिए था। समिति ने और क्या कहा… PAC कमेटी में 22 सांसद पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (पीएसी) में कुल 22 सदस्य हैं। इसमें लोकसभा से 15 और राज्यसभा से 7 सांसद शामिल हैं। लोकसभा स्पीकर द्वारा अध्यक्ष चुना जाता है, जो परंपरा से विपक्ष का नेता होता है। कमेटी में बीजेपी-एनडीए के 13 सदस्य हैं। यह कमेटी केंद्र सरकार के खर्चों की जांच करती है।
Dainik Bhaskar संसदीय समिति बोली-RAC बर्थ मिलने पर आंशिक किराया लौटाए रेलवे:सुपरफास्ट ट्रेनों का बेंचमार्क बदलें; अभी 55 किमी/घंटे की रफ्तार को सुपरफास्ट मानता है विभाग
संसदीय समिति ने मंगलवार को कहा RAC कैटेगरी के तहत बुक किए गए टिकटों के लिए यात्री से पूरा किराया लेना सही नहीं है। समिति ने रेल मंत्रालय को सुझाव दिया कि रेल मंत्रालय को ऐसे यात्री को आंशिक किराया वापस करने के लिए नियम बनाना चाहिए। मौजूदा नियम के तहत, रेलवे RAC कैटेगरी के तहत ट्रेनों में बर्थ बुक करने के लिए यात्री से पूरा किराया लेता है। हालांकि, यात्री RAC कैटेगरी में रह सकता है और बर्थ दूसरे RAC यात्री के साथ साझा कर सकता है। दोनों यात्री रेलवे को पूरा किराया देते हैं। वहीं, सुपरफास्ट ट्रेनों को कैटेगराइज करने के लिए समिति ने कहा कि इसके लिए 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार का बेंचमार्क बेहद कम है। समिति ने कहा कि 2007 से सुपरफास्ट ट्रेनों के कैटेगराइजेशन के नियमों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अभी 55 किमी/घंटे की रफ्तार वाली ट्रेनें सुपरफास्ट मानी जाती हैं। संसद में रिपोर्ट पेश की गई पार्लियामेंट्री अकाउंट्स कमिटी (PAC) ने बुधवार को संसद में पेश की गई अपनी रिपोर्ट ‘भारतीय रेलवे में ट्रेन संचालन में समय की पाबंदी और यात्रा का समय’ में कहा कि RAC (कैंसलेशन के बदले आरक्षण) के तहत टिकटों के लिए पूरा किराया लेना सही नहीं है। इसमें चार्ट बनने के बाद भी टिकट धारक को बिना बर्थ की सुविधा के RAC कैटेगरी में रहना पड़ता है। समिति ने रेलवे से ऐसे यात्रियों को आंशिक किराया वापस करने और इस संबंध में उठाए गए कदमों के बारे में उसे सूचित करने का आग्रह किया। सुपरफास्ट कैटेगरी के नियमों में बदलाव करने का सुझाव समिति ने भारतीय रेलवे में सुपरफास्ट ट्रेनों के नियमों की समीक्षा करने की आवश्यकता पर ध्यान देने के लिए कहा। समिति ने कहा कि मई 2007 में रेलवे ने फैसला किया था कि यदि किसी ट्रेन की ऐवरेज स्पीड दोनों अप और डाउन दिशाओं में, ब्रॉड गेज पर न्यूनतम 55 किमी प्रति घंटा और मीटर गेज पर 45 किमी प्रति घंटा है, तो उसे सुपरफास्ट (SF) ट्रेन माना जाएगा। समिति ने कहा कि ऑडिट में पाया गया कि किसी ट्रेन को सुपरफास्ट के रूप में कैटेगराइज करने के लिए 55 किमी प्रति घंटे का बेंचमार्क ही कम है। समिति ने कहा, 2007 से SF ट्रेनों के वर्गीकरण के मानदंडों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसके साथ ही 478 सुपरफास्ट ट्रेनों में से 123 सुपरफास्ट ट्रेनों की निर्धारित गति 55 किमी प्रति घंटे से कम है। मंत्रालय ने कहा- स्टॉपेज देने से स्पीड कम होती है अपने जवाब में मंत्रालय ने समिति को बताया कि सुपरफास्ट के रूप में कैटेगराइज्ड 123 ट्रेनों की सूची की जांच से पता चला कि मौजूदा आंकड़ों के अनुसार 47 ट्रेनों की गति 55 किमी प्रति घंटे से अधिक है। जहां तक 55 किमी प्रति घंटे से कम स्पीड पर चलने वाली बाकी ट्रेनों की बात है, तो मंत्रालय ने कहा कि रेगुलर ऑपरेशन शुरू होने के बाद अतिरिक्त स्टॉपेज देने से कुछ ट्रेनों की औसत स्पीड पर असर पड़ा है। समिति ने कहा- ये केवल ज्यादा किराया वसूलने के लिए किया गया रिपोर्ट में कहा गया है, समिति इस नतीजे पर पहुंचने के लिए मजबूर है कि ट्रेनों को सुपरफास्ट के रूप में अलग करने का मकसद ज्यादा किराया वसूलना था। जब भी ट्रेनों की स्पीड कम हुई, तो भारतीय रेलवे को ट्रेन को सुपरफास्ट कैटेगरी से हटा देना चाहिए था और किराया रिवाइज करना चाहिए था। समिति ने और क्या कहा… ब्रॉड गेज और मीटर गेज क्या होते हैं? गेज का मतलब होता है रेल की पटरियों के बीच की दूरी। पटरियों के बीच की दूरी अगर 1.676 मीटर हो तो इसे ब्रॉड गेज कहा जाता है। यह भारत में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला गेज है। लगभग सभी एक्सप्रेस, सुपरफास्ट, राजधानी, शताब्दी और वंदे भारत ट्रेनें इसी पर चलती हैं। वहीं, मीटर गेज में पटरियों के बीच की दूरी 1 मीटर होती है। पहले यह पहाड़ी और छोटे रूट्स पर ज्यादा इस्तेमाल होता था। इस गेज पर ट्रेनें धीमी गति से चलती हैं और वजन क्षमता कम होती है। PAC कमेटी में 22 सांसद पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (पीएसी) में कुल 22 सदस्य हैं। इसमें लोकसभा से 15 और राज्यसभा से 7 सांसद शामिल हैं। लोकसभा स्पीकर द्वारा अध्यक्ष चुना जाता है, जो परंपरा से विपक्ष का नेता होता है। कमेटी में बीजेपी-एनडीए के 13 सदस्य हैं। यह कमेटी केंद्र सरकार के खर्चों की जांच करती है। ---------------- ये खबर भी पढ़ें… स्पीकर बोले-कल पीएम के साथ कुछ भी हो सकता था:मैंने लोकसभा न आने का आग्रह किया, स्पीच टाली; विपक्षी महिला सांसदों ने कुर्सी घेरी थी लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने गुरुवार को कहा- बुधवार को लोकसभा में पीएम मोदी के साथ अप्रत्याशित घटना हो सकती थी। इसलिए उनकी कल शाम 5 बजे होने वाली स्पीच टालनी पड़ी। आशंका के चलते मैंने ही उनसे न आने का आग्रह किया था। दरअसल, पीएम मोदी 5 फरवरी को लोकसभा में शाम 5 बजे धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देने वाले थे, लेकिन विपक्ष की महिला सांसदों के हंगामे के चलते स्पीकर संध्या राय ने कार्यवाही अगले दिन तक स्थगित कर दी। इससे पीएम नरेंद्र मोदी का संबोधन भी टल गया। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar स्पीकर बोले-कल पीएम के साथ कुछ भी हो सकता था:मैंने ही लोकसभा न आने का आग्रह किया था, स्पीच टाली; विपक्षी सांसदों ने कुर्सी घेरी थी
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने गुरुवार को कहा- बुधवार को लोकसभा में पीएम मोदी के साथ अप्रत्याशित घटना हो सकती थी। इसलिए उनकी कल शाम 5 बजे होने वाली स्पीच टालनी पड़ी। आशंका के चलते मैंने ही उनसे न आने का आग्रह किया था। दरअसल, पीएम मोदी 5 फरवरी को लोकसभा में शाम 5 बजे धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देने वाले थे, लेकिन विपक्ष की महिला सांसदों के हंगामे के चलते स्पीकर संध्या राय ने कार्यवाही अगले दिन तक स्थगित कर दी। इससे पीएम नरेंद्र मोदी का संबोधन भी टल गया। स्पीकर बोले- अगर अप्रिय घटना होती तो लोकतंत्र की परंपरा तार-तार हो जाती लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा- कल लोकसभा अध्यक्ष के कार्यालय में जो हुआ, वह सदन के इतिहास में कभी नहीं हुआ। जब सदन के नेता पीएम मोदी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब देना था तो विपक्षी सांसद प्रधानमंत्री की सीट के पास पहुंचकर कोई अप्रत्याशित घटना कर सकते थे। बिरला ने कहा- अगर ये घटना हो जाती तो लोकतंत्र की परंपरा को तार-तार हो जाती। इसको टालने के लिए मैंने पीएम से सदन में न आने का आग्रह किया। पीएम ने मेरे सुझाव को माना। बिरला ने विपक्षी सांसदों से कहा कि आप पोस्टर लेकर आएंगे तो सदन नहीं चलेगा। जिस तरह से महिला सदस्य पीएम की सीट तक पहुंची, उसे देश ने देखा। ये उचित नहीं था। ये सदन की गरिमा के अनुकूल भी नहीं था। बुधवार को पीएम की स्पीच से पहले क्या हुआ शाम 5 बजे जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तब विपक्ष की महिला सांसदों ने सत्ताधारी नेताओं की कुर्सियां घेर लीं। इनमें पीएम मोदी की कुर्सी भी थी। महिला सांसदों के हाथ में बड़े बैनर थे, जिन पर लिखा था- जो सही है, वो करो। ये सांसद मंगलवार को हंगामे के बाद 8 विपक्षी सांसदों के निलंबन का विरोध कर रही थीं। हंगामे के चलते स्पीकर ने कार्यवाही स्थगित कर दी। कुछ मंत्रियों ने विपक्षी सांसदों से जाने को कहा, इसके बाद उन्होंने घेराव बंद किया।
Dainik Bhaskar भोपाल में छात्राओं पर कटर से हमला, साइको-मैन गिरफ्तार:पत्नी से विवाद के बाद बनाया निशाना, पुलिस ने रखा था 20 हजार का इनाम
भोपाल में तीन छात्राओं पर कटर से हमला करने वाले साइको मैन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसे बुधवार रात छोला इलाके में घेराबंदी कर पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी का नाम देवेंद्र अहिरवार है। वह सागर जिले का रहने वाला है। शुरुआती जांच में पता चला है कि पत्नी से झगड़ा होने के बाद उसने अपना गुस्सा निकालने के लिए एक बाद एक तीन छात्राओं को निशाना बनाया। 20 हजार रुपए का इनाम था, 5 टीमें तलाश में जुटी थीं पुलिस के मुताबिक, आरोपी पर 20 हजार रुपए इनाम था। क्राइम ब्रांच, अयोध्या नगर और पिपलानी थाने की 5 टीमें उसकी तलाश में लगी थी। इसमें करीब 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी शामिल थे। इसके लिए पुलिस ने शहर के आपराधिक प्रवृत्ति वालों का डेटा निकालकर भी मैच करने की कोशिश की थी। 100 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक किए पुलिस के मुताबिक,आरोपी शराब पीने का आदी है और भोपाल में मजदूरी करता है। पुलिस ने बदमाश की तलाश के लिए 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक किए। इसके बाद उसे बदमाश का सुराग लगा। एक के बाद एक तीन छात्राओं को बनाया निशाना सिरफिरे देवेंद्र अहिरवार ने 29 जनवरी की रात पत्नी से विवाद किया था। इसके बाद बाइक पर सवार होकर निकला। भानपुर ब्रिज के रास्ते आरोपी अयोध्या नगर और पिपलानी इलाके में पहुंचा। यहां उसने तीन छात्राओं पर कटर से हमला कर उन्हें घायल कर दिया। दो छात्राओं को गंभीर चोटें आई थीं, जबकि एक को मामूली चोट लगी। 30 जनवरी को पीड़िताओं की शिकायत पर अयोध्या और पिपलानी पुलिस ने दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की थी। आरोपी अलग-अलग स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों में कैद हुआ था। चेहरे पर रूमाल बांधे था आरोपी आरोपी ने अपना चेहरा रूमाल से ढंक रखा था। पिपलानी इलाके में ही आरोपी ने एक अन्य युवती पर भी हमला किया था। हालांकि मामूली रूप से घायल हुई थी।
Dainik Bhaskar BBA स्टूडेंट का शव 50 घंटे बाद मिला:कुरुक्षेत्र SYL में झाड़ियों में फंसी थी बॉडी, इकलौते बेटे की मौत से मां-बाप का बुरा हाल
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में मंगलवार को ज्योतिसर के पास सतलुज यमुना लिंक (SYL) नहर में कार गिरने के बाद डूबे BBA के स्टूडेंट वरुण सिंगला का शव 50 घंटे बाद बरामद हो गया। वरुण का शव घटनास्थल से थोड़ी ही दूर नहर में नीचे झाड़ियों के बीच फंसाहम इसे लगातार अपडेट कर रहे हैं.. हुआ था। गोताखोरों ने शव को बाहर निकालकर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए LNJP अस्पताल भेज दिया। वहीं, इकलौते बेटे का शव मिलते परिवार में मातम पसर गया। वरुण के मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है। वरुण की तलाश के लिए गोताखोर और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें लगी हुई थीं। युवती का कल हुआ था पोस्टमॉर्टम उधर, पुलिस बुधवार को आरुषि (21) निवासी शास्त्री कॉलोनी के शव का पोस्टमॉर्टम करवा चुकी है। आरुषि के परिवार ने वरुण सिंगला पर जानबूझ कर कार को नहर में गिराने के आरोप लगाए थे। जिस पर पुलिस ने वरुण के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था।
Dainik Bhaskar रेलवे का बड़ा फैसला:जम्मू-कश्मीर में 3 रेल प्रोजेक्ट रोके, सेब के 7 लाख पेड़ बचाने की कोशिश; स्थानीय लोगों ने जताई थी आपत्ति
रेल मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर में प्रस्तावित तीन परियोजनाओं को रोक दिया है। रेलवे ने दिसंबर 2023 में कश्मीर में तीन नई लाइनों के सर्वे को मंजूरी दी थी। ये रेल लाइनें थीं- सोपोर-कुपवाड़ा (33.7 किमी), अवंतीपोरा-शोपियां (27.6 किमी) और अनंतनाग-बिजबेहारा-पहलगाम (77.5 किमी)। हालांकि स्थानीय लोगों और सरकार की आपत्ति के बाद सर्वे रोक दिया गया है। मालूम हो, श्रीनगर से बारामूला तक एक ट्रैक मौजूद है। प्रस्तावित तीनों लाइन घाटी के प्रमुख बागवानी जिलों से गुजरने वाली थीं। इनमें शोपियां, पुलवामा, अनंतनाग शामिल हैं। किसान इसलिए विरोध कर रहे थे क्योंकि यहां ट्रैक बिछाए जाने से 7 लाख से अधिक सेब के पेड़ काटे जाते। इतनी कृषि भूमि के नुकसान से हजारों परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाता। ...ताकि सेब के बागानों को नुकसान से बचाया जा सके केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का कहना है कि तीन रेल प्रोजेक्ट जम्मू-कश्मीर सरकार और सांसदों की सिफारिश के बाद फिलहाल रोक दिए गए हैं, ताकि सेब के बागानों को नुकसान से बचाया जा सके। रेल लाइन इन इलाकों को छूकर निकल जाती जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला का कहना है कि मकसद अगर पहलगाम के रास्ते लद्दाख या शोपियां के जरिए राजौरी व पुंछ को जोड़ना होता, तो विचार कर सकते थे। रेल लाइन इन इलाकों को छूकर निकल जाती।
Dainik Bhaskar तमिलनाडु के मंत्री बोले- हिंदीभाषी यहां पानीपुरी बेचने आते हैं:हमारे बच्चे तमिल के साथ अंग्रेजी भी जानते हैं इसलिए विदेश में करोड़ों कमा रहे
तमिलनाडु के कृषि मंत्री एमआरके पन्नीरसेल्वम ने कहा कि उत्तर भारत से आए लोग सिर्फ हिंदी जानते हैं, इसलिए उन्हें अच्छी नौकरियां नहीं मिलतीं। वे तमिलनाडु आकर टेबल साफ करने, मजदूरी करने या पानी पूरी बेचने जैसे काम करते हैं। जबकि तमिलनाडु की दो-भाषा नीति (तमिल और अंग्रेजी) की वजह से यहां के बच्चे अमेरिका, लंदन जैसी जगहों पर करोड़ों कमा रहे हैं। पन्नीरसेल्वम ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में ये बातें कही। बीजेपी और दूसरी विपक्षी पार्टी DMK नेता के इस बयान का विरोध कर रहे है। तमिलनाडु बीजेपी ने X पर पन्नीरसेल्वम की वीडियो शेयर करते हुए ऐसे बयानों को एक पैटर्न बताया। बीजेपी ने लिखा कि यह केवल एक व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं है, बल्कि एक पैटर्न बन चुका है। DMK के कई नेता प्रवासी मजदूरों का, विशेषकर उत्तर भारतीय या हिंदी बोलने वालों का बार-बार मजाक उड़ा चुके हैं। ऐसे में जब तमिलनाडु में प्रवासी मजदूरों के खिलाफ हिंसा बढ़ रही है, इस तरह के बयान गैर-जिम्मेदाराना और खतरनाक हैं। विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया… भाषा को लेकर केंद्र से लंबे समय से चल रहा विवाद तमिलनाडु की स्टालिन सरकार और केंद्र के बीच लंबे समय से राज्य में हिंदी भाषा के इस्तेमाल को लेकर तकरार चल रही है। पिछले साल मार्च में CM स्टालिन ने स्टेट बजट 2025-26 के सिंबल से रुपए का सिंबल '₹' हटाकर तमिल अक्षर 'ரூ' (तमिल भाषा में रुपए को दर्शाने वाले ‘रुबाई’ का पहला अक्षर) लगा दिया था। CM स्टालिन केंद्र सरकार की 3 भाषा फार्मूले (Three Language Policy) का विरोध करते रहे हैं। उन्होंने कई बार भाजपा पर राज्य के लोगों पर हिंदी थोपने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा था कि राज्य की दो-भाषा नीति (तमिल और अंग्रेजी) से शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार को फायदा हुआ हुआ है। भाषा विवाद पर DMK नेताओं के पिछले बयान… 24 जनवरी: स्टालिन बोले- तमिलनाडु में हिंदी के लिए कोई जगह नहीं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और DMK अध्यक्ष एम के स्टालिन ने तमिल भाषा शहीद दिवस पर कहा था कि यहां हिंदी के लिए कभी भी कोई जगह नहीं होगी। हम इसे थोपने का हमेशा विरोध करेंगे। तमिल भाषा के लिए हमारा प्यार कभी नहीं मरेगा। जब भी हिंदी को हम पर थोपा गया, इसका उसी तेजी से विरोध भी किया गया। CM ने कहा कि मैं उन शहीदों को कृतज्ञतापूर्वक सम्मान देता हूं जिन्होंने तमिल के लिए अपनी कीमती जान दे दी। भाषा युद्ध में अब और कोई जान नहीं जाएगी। पूरी खबर पढ़ें… 14 जनवरी: DMK सांसद बोले-नार्थ में महिलाओं को बच्चा करने कहा जाता DMK सांसद दयानिधि मारन ने 14 जनवरी को उत्तर भारतीय महिलाओं को लेकर विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि उत्तर भारतीय राज्यों में लड़कियों से कहा जाता है कि वे नौकरी नहीं करें, घर में रहें, किचन में काम करें और बच्चे पैदा करें। मारन ने कहा था कि तमिलनाडु में लड़कियों की शिक्षा और सशक्तिकरण पर ध्यान दिया जाता है। हमारे छात्राओं को गर्व होना चाहिए। हम तमिलनाडु में लड़कियों को पढ़ाई करने के लिए कहते हैं। उन्हें लैपटॉप देते है, जिसका इस्तेमाल वे पढ़ाई करने और इंटरव्यू देने के लिए कर रही हैं। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar हिमाचल में टूरिस्ट युवतियों के स्टंट का VIDEO:एक कार की खिड़की से लटकी, दूसरी सनरूफ से बाहर निकली; ₹3500 का चालान काटा
हिमाचल प्रदेश के मंडी में 2 टूरिस्ट लड़कियों को गाड़ी में स्टंटबाजी करना महंगा पड़ा। मनाली से वापस लौटते वक्त एक लड़की कार के सनरूफ और दूसरी खिड़की से बाहर लटककर जोर-जोर से चिल्ला रही थी। इसी दौरान पीछे कार में चल रहे एक व्यक्ति ने वीडियो बनाकर पुलिस को भेज दिया। जैसे ही कार पुंघ पहुंची, तो पुलिस ने नाका लगाकर कार को रोका और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 3500 रुपए का चालान काट दिया है। DSP भारत भूषण ने कहा कि सनरूफ से खड़े होकर सफर करना अपराध है। लड़कियां उत्तर प्रदेश की रही वालीं थी, जो मनाली से घूमकर वापस घर जा रहीं थी। मनाली से जा रही थीं चंडीगढ़ जानकारी के अनुसार, बीते बुधवार (4 फरवरी) को उत्तर प्रदेश नंबर (UP-14-FH-8572) की कार मनाली से वापस चंडीगढ़ साइड जा रही थी। कार को मोहम्मद उमर चला रहा था। शाम 6 बजकर 2 मिनट पर चंडीगढ़-मनाली फोरलेन पर सुंदरनगर के पास दो लड़कियां कार से बाहर निकलती हैं और जोर जोर से चिल्लाती है। इनकी गाड़ी के पीछे चल रही दूसरी कार में सवार किसी व्यक्ति ने इसका वीडियो बनाकर पुलिस को शेयर किया। कुछ दूरी पर पुंघ में पुलिस ने नाका लगाकर इस गाड़ी को रोका और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान कर दिया। इस दौरान पुलिस ने पर्यटकों को दोबारा ऐसा नहीं करने की हिदायत दी। DSP बोले- सनरूफ से खड़े होकर सफर करना अपराध सुंदरनगर के डीएसपी भारत भूषण ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पर्यटकों का स्वागत है। लेकिन कानून तोड़ने और जान जोखिम में डालने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि चलती गाड़ी से बाहर निकलना, सनरूफ से खड़े होकर सफर करना या हुड़दंग मचाना गंभीर अपराध है। इससे जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है। ट्रैफिक नियमों का पालन करें डीएसपी ने हिमाचल आने वाले सभी पर्यटकों से अपील की कि वे यहां की सड़कों पर अनुशासन बनाए रखें, ट्रैफिक नियमों का पालन करें और अपनी व दूसरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। साथ ही उन्होंने आम जनता से भी आग्रह किया कि यदि कहीं सड़क सुरक्षा से जुड़ी लापरवाही या ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन नजर आए, तो उसकी सूचना या वीडियो तुरंत पुलिस को दें। ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। बता दें कि हिमाचल के अलग-अलग पर्यटन स्थलों पर इस तरह की स्टंटबाजी के मामले सामने आते रहे हैं। खासकर समर टूरिज्म सीजन के दौरान बहुत से पर्यटक सनरूफ से बाहर निकल कर सैर करते हैं। शिमला, कुफरी, मनाली, सोलन, मंडी में ऐसे वीडियो समय समय पर सामने आते रहे हैं। मगर ऐसा करना अपराध है। ------------ ये खबर भी पढ़ें… चंडीगढ़-मनाली फोरलेन पर खतरनाक स्टंट,VIDEO, गाड़ी से तेज रफ्तार में यूटर्न लिया हिमाचल प्रदेश के मंडी में फोरलेन पर ‘रील रिकॉर्ड’ करने के चक्कर में स्टंटबाजी करना महंगा पड़ा। चंडीगढ़-मनाली फोरलेन पर हराबाग में स्टंटबाजी का वीडियो वायरल होते ही सुंदरनगर पुलिस ने ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने पर ड्राइवर का 18 हजार 500 रुपए का चालान काटा। पढ़ें पूरी खबर…
Dainik Bhaskar मणिपुर के नए डिप्टी सीएम नेमचा किपगेन का विरोध:कुकी ग्रुप्स ने बंद बुलाया: आज से विधानसभा का सत्र शुरू होगा
मणिपुर में आज से विधानसभा का नया सत्र शुरू हो रहा है। यह सत्र नए मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह के शपथ ग्रहण के एक दिन बाद बुलाया गया है। राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने गुरुवार शाम 4 बजे से सत्र बुलाया है। सरकार गठन को लेकर कुकी संगठनों ने विरोध किया है। बुधवार शाम दिल्ली में कुकी-जो समूह से जुड़े लोगों ने मणिपुर भवन के बाहर प्रदर्शन किया। वहीं, मणिपुर में जॉइंट फोरम ऑफ सेवन (JF7) ने शुक्रवार को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक कुकी बहुल इलाकों में बंद का आह्वान किया है। कुकी-जो परिषद ने कहा है कि यदि समुदाय का कोई विधायक सामूहिक फैसले के खिलाफ सरकार में शामिल होता है, तो उसके फैसले की जिम्मेदारी संगठन की नहीं होगी। कुछ कुकी संगठनों ने भी समुदाय के विधायकों को सरकार गठन से दूर रहने की चेतावनी दी है। उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन के खिलाफ प्रदर्शन युमनाम खेमचंद सिंह के मुख्यमंत्री बनने के साथ कुकी समुदाय से आने वाली नेमचा किपगेन को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। इसके विरोध में कुकी बहुल कांगपोकपी जिले में बुधवार रात प्रदर्शन हुए। लेइमाखोंग के पास प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर जलाकर विरोध जताया। नेमचा किपगेन कांगपोकपी से भाजपा विधायक हैं और इससे पहले बीरेन सिंह सरकार में सामाजिक कल्याण, सहकारिता, वाणिज्य, उद्योग और वस्त्र विभाग की मंत्री रह चुकी हैं। जातीय हिंसा के दौरान इम्फाल में उनका सरकारी आवास जला दिया गया था। वे उन 10 कुकी-जो विधायकों में शामिल हैं, जिन्होंने पहाड़ी क्षेत्रों के लिए अलग प्रशासन की मांग की थी। युमनाम खेमचंद बीरेन सिंह के नजदीकी, लेकिन कट्टर मैतेई नहीं युमनाम खेमचंद सिंग्जामेई क्षेत्र (इंफाल वेस्ट) से भाजपा विधायक हैं। 2017-2022 तक मणिपुर विधानसभा स्पीकर रहे। 2022 में पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह की दूसरी सरकार में मंत्री रहे। वे मैतेई समुदाय से आते हैं, जो मणिपुर के घाटी क्षेत्र में बहुसंख्यक हैं। बीरेन सिंह के साथ नजदीकी भी हैं। हाल के महीनों में वे शांति प्रयासों में सक्रिय रहे हैं। मई 2023 हिंसा के बाद दिसंबर 2025 में कुकी बहुल इलाकों और रिलीफ कैंप का दौरा करने वाले वे पहले मैतेई नेता हैं। बीरेन सिंह की तुलना में मध्यमार्गी माने जाते हैं। यही बात इन्हें कट्टर मैतेई लाइन से अलग करती है। कुकी-मैतेई समुदाय के बीच हिंसा की 3 मुख्य कारण 1. ST (अनुसूचित जनजाति) दर्जे की मांग: 14 अप्रैल 2023 को मणिपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को मैतेई समुदाय के लिए ST का दर्जा देने पर सिफारिश भेजने का निर्देश दिया था। इस आदेश के बाद कुकी समुदाय में आक्रोश फैला और हिंसा भड़की। कुकी पहले से ST श्रेणी में है। उन्हें डर है कि अगर मैतेई को भी ST का दर्जा मिला, तो वे पहाड़ी इलाकों में जमीन खरीद सकेंगे और इससे उनका सांस्कृतिक, सामाजिक और भौगोलिक अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। मणिपुर के इंफाल घाटी में लगभग 10% भूमि क्षेत्र है, जहां मैतेई बहुसंख्यक रहते हैं। बाकी 90% पहाड़ी इलाका कुकी और नगा समुदायों का है। यह क्षेत्र आदिवासी जमीन (Tribal Lands) के अंतर्गत आता है और मैतेई यहां जमीन नहीं खरीद सकते। 2. अलग कुकी प्रशासन की मांग: कुकी समुदाय 'कुकीलैंड' या 'जूमलैंड' नाम से अलग प्रशासनिक स्वायत्तता की मांग कर रहे हैं । मैतेई समुदाय और राज्य सरकार इस मांग को राज्य की अखंडता के लिए खतरा मानती है। 3. कुकी पर ड्रग्स तस्करी का आरोप: कुकी समुदाय पर म्यांमार से ड्रग्स की तस्करी का आरोप लगता रहा है। सरकार ने भी कुकी पर अवैध अफीम की खेती की तस्करी में शामिल होने का आरोप लगाया, जिससे सरकार के प्रति उनका अविश्वास और बढ़ गया। कुकी का मानना है कि उनके समुदाय को बदनाम करने के लिए ऐसे आरोप लगाए जाते हैं। कुकी समुदाय का आरोप है कि मणिपुर सरकार (पूर्व भाजपा सरकार) मैतेई का पक्ष लेती है। वे सुरक्षाबलों और पुलिस पर भी एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हैं।
Dainik Bhaskar मणिपुर की नई डिप्टी सीएम नेमचा किपगेन का विरोध:कुकी ग्रुप्स ने बंद बुलाया: आज से विधानसभा का सत्र शुरू होगा
मणिपुर में आज से विधानसभा का नया सत्र शुरू हो रहा है। यह सत्र नए मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह के शपथ ग्रहण के एक दिन बाद बुलाया गया है। राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने गुरुवार शाम 4 बजे से सत्र बुलाया है। इधर, दिल्ली में बुधवार शाम को कुकी-जो समूह से जुड़े लोगों ने मणिपुर भवन के बाहर प्रदर्शन किया। मणिपुर में जॉइंट फोरम ऑफ सेवन (JF7) ने शुक्रवार को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक कुकी बहुल इलाकों में बंद का आह्वान किया है। ये विरोध प्रदर्शन कुकी समुदाय से आने वाली उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन का किया जा रहा है। कुकी-जो परिषद ने कहा है कि यदि समुदाय का कोई विधायक सामूहिक फैसले के खिलाफ सरकार में शामिल होता है, तो उसके फैसले की जिम्मेदारी संगठन की नहीं होगी। बीरेन सरकार में मंत्री रह चुकी हैं नेमचा किपगेन नेमचा किपगेन कांगपोकपी से भाजपा विधायक हैं और इससे पहले बीरेन सिंह सरकार में सामाजिक कल्याण, सहकारिता, वाणिज्य, उद्योग और वस्त्र विभाग की मंत्री रह चुकी हैं। जातीय हिंसा के दौरान इम्फाल में उनका सरकारी आवास जला दिया गया था। वे उन 10 कुकी-जो विधायकों में शामिल हैं, जिन्होंने पहाड़ी क्षेत्रों के लिए अलग प्रशासन की मांग की थी। नेमचा के उपमुख्यमंत्री बनने के बाद मणिपुर के कुकी बहुल कांगपोकपी जिले में बुधवार रात प्रदर्शन हुए। लेइमाखोंग के पास प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर जलाकर विरोध जताया। कुछ कुकी संगठनों ने भी समुदाय के विधायकों को सरकार गठन से दूर रहने की चेतावनी दी है। युमनाम खेमचंद बीरेन सिंह के नजदीकी, लेकिन कट्टर मैतेई नहीं युमनाम खेमचंद सिंग्जामेई क्षेत्र (इंफाल वेस्ट) से भाजपा विधायक हैं। 2017-2022 तक मणिपुर विधानसभा स्पीकर रहे। 2022 में पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह की दूसरी सरकार में मंत्री रहे। वे मैतेई समुदाय से आते हैं, जो मणिपुर के घाटी क्षेत्र में बहुसंख्यक हैं। बीरेन सिंह के साथ नजदीकी भी हैं। हाल के महीनों में वे शांति प्रयासों में सक्रिय रहे हैं। मई 2023 हिंसा के बाद दिसंबर 2025 में कुकी बहुल इलाकों और रिलीफ कैंप का दौरा करने वाले वे पहले मैतेई नेता हैं। बीरेन सिंह की तुलना में मध्यमार्गी माने जाते हैं। यही बात इन्हें कट्टर मैतेई लाइन से अलग करती है। कुकी-मैतेई समुदाय के बीच हिंसा की 3 मुख्य कारण 1. ST (अनुसूचित जनजाति) दर्जे की मांग: 14 अप्रैल 2023 को मणिपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को मैतेई समुदाय के लिए ST का दर्जा देने पर सिफारिश भेजने का निर्देश दिया था। इस आदेश के बाद कुकी समुदाय में आक्रोश फैला और हिंसा भड़की। कुकी पहले से ST श्रेणी में है। उन्हें डर है कि अगर मैतेई को भी ST का दर्जा मिला, तो वे पहाड़ी इलाकों में जमीन खरीद सकेंगे और इससे उनका सांस्कृतिक, सामाजिक और भौगोलिक अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। मणिपुर के इंफाल घाटी में लगभग 10% भूमि क्षेत्र है, जहां मैतेई बहुसंख्यक रहते हैं। बाकी 90% पहाड़ी इलाका कुकी और नगा समुदायों का है। यह क्षेत्र आदिवासी जमीन (Tribal Lands) के अंतर्गत आता है और मैतेई यहां जमीन नहीं खरीद सकते। 2. अलग कुकी प्रशासन की मांग: कुकी समुदाय 'कुकीलैंड' या 'जूमलैंड' नाम से अलग प्रशासनिक स्वायत्तता की मांग कर रहे हैं । मैतेई समुदाय और राज्य सरकार इस मांग को राज्य की अखंडता के लिए खतरा मानती है। 3. कुकी पर ड्रग्स तस्करी का आरोप: कुकी समुदाय पर म्यांमार से ड्रग्स की तस्करी का आरोप लगता रहा है। सरकार ने भी कुकी पर अवैध अफीम की खेती की तस्करी में शामिल होने का आरोप लगाया, जिससे सरकार के प्रति उनका अविश्वास और बढ़ गया। कुकी का मानना है कि उनके समुदाय को बदनाम करने के लिए ऐसे आरोप लगाए जाते हैं। कुकी समुदाय का आरोप है कि मणिपुर सरकार (पूर्व भाजपा सरकार) मैतेई का पक्ष लेती है। वे सुरक्षाबलों और पुलिस पर भी एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हैं। ---------------- मणिपुर हिंसा से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… मणिपुर में मैतेई शख्स की गोली मारकर हत्या, VIDEO: आदिवासी महिला के साथ अफेयर था; आरोपियों ने पहले बात की, फिर शूट कर दिया मणिपुर- 3 साल पहले गैंगरेप की शिकार युवती की मौत: सदमे में थी; 2023 हिंसा में किडनैपिंग, फिर दरिंदगी हुई, अबतक एक भी गिरफ्तारी नहीं
Dainik Bhaskar बद्रीनाथ में माइनस 15° में साधुओं की तपस्या:दो से तीन फीट बर्फ, सन्नाटा और भयंकर ठंड; 15 साधक योग और ध्यान में लीन
उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम में ऐसी बर्फीली हवाएं चल रही हैं, जो आम इंसान का हौसला तोड़ दें। शाम ढलते ही तापमान माइनस 15° सेल्सियस तक पहुंच जाता है और चारों ओर दो से तीन फीट मोटी बर्फ की चादर के बीच सन्नाटा पसरा रहता है। ऐसे कठोर हालात में भी 15 तपस्वी साधु कठिन योग साधना और ध्यान में लीन हैं। करीब 11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित बद्रीनाथ धाम इस समय पूरी तरह बर्फ से ढका हुआ है। शीतकाल के दौरान धाम में आम जनजीवन ठप रहता है और आवाजाही लगभग असंभव हो जाती है। इसके बावजूद 15 साधु-संत अपनी कुटियाओं, गुफाओं और आश्रमों में रहकर निरंतर तप कर रहे हैं। बर्फ, सन्नाटा और भयंकर ठंड भी इन साधकों के संकल्प को डिगा नहीं पाई है। 4 वर्षों से निरंतर तप कर रहे स्वामी अरसानंद इन साधकों में स्वामी अरसानंद जी महाराज पिछले चार साल से लगातार 12 महीने बद्रीनाथ धाम में निवास कर भगवान बद्री विशाल के ध्यान में रमे हुए हैं। भीषण सर्दी और कठिन प्राकृतिक परिस्थितियों के बीच भी उनकी साधना बिना रुकावट के जारी है। प्रशासन की अनुमति से ही हो रही योग साधना ज्योतिर्मठ के उप जिलाधिकारी चन्द्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि नियमों के तहत प्रशासन की अनुमति के बाद ही शीतकाल में बद्रीनाथ धाम में रुकने की इजाजत दी जाती है। वर्तमान में 15 साधक प्रशासन की अनुमति से यहां योग और ध्यान साधना कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि साधकों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की ओर से सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। उन्हें समय पर जरूरी दवाइयां और राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। साधु-संतों का होता है विशेष मेडिकल परीक्षण डॉ. गौतम भारद्वाज ने बताया कि शीतकाल में तपस्या करने वाले साधु-संतों का विशेष मेडिकल परीक्षण किया जाता है। इसमें ऑक्सीजन लेवल, ब्लड प्रेशर, हड्डियों की स्थिति और अन्य आवश्यक जांच शामिल होती हैं। उन्होंने कहा कि उच्च हिमालयी क्षेत्र में रहने के लिए हृदय और छाती की जांच बेहद जरूरी होती है। सभी मेडिकल जांच पूरी होने के बाद ही साधु-संतों को मेडिकल सर्टिफिकेट जारी किया जाता है। साधु-संतों का होता है विशेष मेडिकल परीक्षण डॉ. गौतम भारद्वाज ने जानकारी देते हुए बताया कि बद्रीनाथ धाम में शीतकाल के दौरान तपस्या करने वाले साधु-संतों का विशेष मेडिकल परीक्षण किया जाता है। इस जांच में ऑक्सीजन लेवल, हड्डियों की स्थिति, ब्लड प्रेशर (बीपी) आदि की गहन जांच शामिल होती है। उन्होंने आगे बताया कि उच्च हिमालयी क्षेत्र (हाई एल्टीट्यूड) में रहने के लिए मुख्य रूप से हृदय (दिल) और छाती (चेस्ट) की जांच अत्यंत आवश्यक होती है। सभी आवश्यक मेडिकल जांच पूर्ण होने के बाद साधु-संतों को मेडिकल सर्टिफिकेट प्रदान किया जाता है। मेडिकल सर्टिफिकेट प्राप्त करने के पश्चात ही साधु-संत शीतकालीन तपस्या के लिए अपना आवेदन प्रस्तुत करते हैं। जांच के बाद ही दी जाती है शीतकाल में रहने की अनुमति शीतकाल में बद्रीनाथ धाम की आवाजाही पूरी तरह बाधित रहती है। ऐसे में साधु-संतों के लिए राशन और जरूरी दवाइयां पहले ही उपलब्ध करा दी जाती हैं। बद्रीनाथ धाम में शीतकाल में ठहरने के लिए ज्योतिर्मठ तहसील प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य है। कागजातों और मेडिकल जांच के बाद ही रहने की स्वीकृति दी जाती है। सुरक्षा के लिहाज से इस दौरान सुरक्षाकर्मी भी धाम में तैनात रहते हैं। चारों युगों में स्थिर रही बद्रीनाथ की तपोभूमि बद्रीनाथ धाम की महिमा पर प्रकाश डालते हुए पूर्व धर्माधिकारी आचार्य भुवन उनियाल ने बताया कि बद्रीनाथ एक प्राचीन तपोभूमि है, जिसका अस्तित्व चारों युगों में रहा है। शास्त्रीय प्रमाणों के अनुसार सतयुग में इसे ‘मुक्ति प्रदा’ और त्रेता युग में ‘योग सिद्धिदा’ कहा गया। उन्होंने बताया कि द्वापर और कलियुग में भी बद्रीनाथ की महिमा बनी रही है। यह धाम आज भी योग, तप और भक्ति की प्राचीन परंपराओं को जीवित रखे हुए है। कलियुग में हरि नाम और ध्यान ही साधना का आधार भगवान बदरी विशाल की सेवा में पीढ़ियों से समर्पित पंडित राकेश डिमरी राकुड़ी ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार कलियुग में भगवान की प्राप्ति का सबसे सरल और श्रेष्ठ मार्ग हरि नाम संकीर्तन और ध्यान है। उन्होंने कहा कि कलियुग में इन बर्फीली वादियों में साधु-संत केवल नाम जप और ध्यान के बल पर मोक्ष के इस द्वार पर अडिग खड़े हैं। बद्रीनाथ को कलियुग में ‘बद्रिकाश्रम’ भी कहा गया है। ------------------ ये खबर भी पढ़ें … हरिद्वार पहुंचीं अजित पवार की अस्थियां: VIP घाट पर तैयारियां शुरू; महाराष्ट्र में लैंडिंग के दौरान प्लेन क्रैश में हुआ था निधन महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार की अस्थियां उत्तराखंड पहुंच गई हैं। हरिद्वार स्थित वीआईपी घाट पर अभी फिलहाल विसर्जन से पहले की तैयारियां और पूजा की जा रही है। इस दौरान एनसीपी के कई नेता यहां पर मौजूद हैं, हालांकि परिवार से कोई सदस्य हैं या नहीं इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। (पढ़ें पूरी खबर)
Dainik Bhaskar खेजड़ी आंदोलन खत्म कराने दो मंत्री बीकानेर पहुंचे:मंत्रियों के सामने बेहोश हुए 2 अनशनकारी, फौरन अस्थायी हॉस्पिटल ले जाया गया
बीकानेर में चल रहे ‘खेजड़ी बचाओ’ आंदोलन का असर होने लगा है। कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता मंत्री केके विश्नोई और राज्य जीव-जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत बिश्नोई गुरुवार सुबह करीब 11 बजे अनशन स्थल पर पहुंचे। इस दौरान लोगों ने खेजड़ी बचाने के समर्थन में नारेबाजी की। अनशनस्थल पर गोरधन महाराज सभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मंच पर मंत्री के.के. बिश्नोई और जसवंत सिंह बिश्नोई भी मौजूद थे। इसी दौरान अनशनकारी मुखराम धरणीया अचानक अचेत हो गए। इसके अलावा एक महिला भी बेहोश हो गई। दोनों को तुरंत मंच के पीछे बने अस्थायी हॉस्पिटल ले जाया गया। 21 अनशनकारियों की तबीयत बिगड़ी बीकानेर में कलेक्ट्रेट के पास पॉलिटेक्निक कॉलेज ग्राउंड में 2 फरवरी से अनशन की शुरुआत हुई थी। आज (गुरुवार) चौथे दिन भी अनशन जारी है। बुधवार देर रात 4 अनशनकारियों को अस्थायी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। CMHO पुखराज साध ने बताया- बिश्नोई धर्मशाला में बने अस्थायी हॉस्पिटल में 18 अनशनकारी भर्ती हैं। पीबीएम हॉस्पिटल में 4 अनशनकारी भर्ती किए गए थे, जिनमें से दो को छुट्टी दे दी गई है। अनशनस्थल की PHOTOS…. पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग देखिए….
Dainik Bhaskar अल फलाह यूनिवर्सिटी चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी गिरफ्तार:दिल्ली पुलिस की कार्रवाई, यूजीसी ने दर्ज करवाई 2 FIR; कोर्ट से कस्टडी मंजूर
फरीदाबाद जिले की अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जावद अहमद सिद्दीकी को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। यूजीसी की ओर से दिल्ली ब्लास्ट के बाद 2 एफआईआर दर्ज करवाई गई थी। उसी में दिल्ली पुलिस द्वारा यह कार्रवाई की गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी कार्रवाई शुरू की थी। क्राइम ब्रांच ने निजी विश्वविद्यालय के संचालन से जुड़े कथित अनियमितताओं और फर्जीवाड़े के आरोपों में मामले दर्ज किए थे। सिद्दीकी को स्थानीय कोर्ट में पेश किया गया, जिसने आगे की पूछताछ के लिए चार दिन की पुलिस कस्टडी मंजूर की। दिल्ली ब्लास्ट के बाद शुरू हुई जांच दिल्ली ब्लास्ट के बाद चर्चा में आई फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी व अल-फलाह ग्रुप के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी और अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दाखिल मनी लॉन्ड्रिंग की चार्जशीट पर संज्ञान लेने के लिए दिल्ली की साकेत कोर्ट में 31 जनवरी को सुनवाई की गई। कोर्ट ने ये फैसला ईडी की दलीलें सुनने के बाद दिया है। 4 पाइंट में जानिए अब तक कार्रवाई और जांच
Dainik Bhaskar हरिद्वार पहुंचीं अजित पवार की अस्थियां:VIP घाट पर तैयारियां शुरू; महाराष्ट्र में लैंडिंग के दौरान प्लेन क्रैश में हुआ था निधन
महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार की अस्थियां उत्तराखंड पहुंच गई हैं। हरिद्वार स्थित वीआईपी घाट पर अभी फिलहाल विसर्जन से पहले की तैयारियां और पूजा की जा रही है। इस दौरान एनसीपी के कई नेता यहां पर मौजूद हैं, हालांकि परिवार से कोई सदस्य हैं या नहीं इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। अजित पवार का 28 जनवरी को बारामती एयरपोर्ट पर एक चार्टर्ड विमान दुर्घटना में निधन हो गया था। इस हादसे में उनके साथ दो पायलट, एक महिला क्रू मेंबर और एक सुरक्षाकर्मी समेत कुल 5 लोगों की जान गई थी। विमान लैंडिंग के दौरान रनवे से पहले गिर गया था और उसमें आग लग गई थी। देशभर के प्रमुख तीर्थों और नदियों में होगा विसर्जन राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के मुताबिक, अजित पवार की अस्थियों को देश की प्रमुख नदियों और महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों पर विसर्जित किया जाएगा, ताकि देशभर के समर्थक अपने नेता को श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें। उत्तराखंड के हरिद्वार में विसर्जन के बाद अस्थि कलश यात्रा उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (संगम) और वाराणसी (मणिकर्णिका घाट) पहुंचेगी। इसके बाद बिहार की राजधानी पटना में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यात्रा आगे पंजाब, जम्मू-कश्मीर, झारखंड होते हुए तमिलनाडु के कन्याकुमारी तक जाएगी। इस दौरान 10 से अधिक राज्यों में शोक सभाएं और प्रार्थना कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विमान हादसे में हुआ था निधन अजित पवार का 28 जनवरी को बारामती एयरपोर्ट पर एक चार्टर्ड विमान दुर्घटना में निधन हो गया था। यह हादसा उस समय हुआ, जब विमान लैंडिंग की कोशिश कर रहा था। विमान रनवे से पहले गिर गया और उसमें आग लग गई। इस दुर्घटना में अजित पवार के साथ दो पायलट, एक महिला क्रू मेंबर और एक सुरक्षाकर्मी समेत कुल 5 लोगों की मौत हुई थी। हादसे से जुड़ा एक सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया था, जिसमें विमान को गिरते हुए देखा गया। राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार अजित पवार का अंतिम संस्कार बारामती में राजकीय सम्मान के साथ किया गया था। उनके दोनों पुत्र पार्थ पवार और जय पवार ने मुखाग्नि दी थी। इस दौरान हजारों की संख्या में आम नागरिक, पार्टी कार्यकर्ता और विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे थे। अजित के बाद उनकी पत्नी को सियासत की नई जिम्मेदारी अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने हाल ही में महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। अजित पवार की मौत के तीन दिन बाद एनसीपी विधायक दल की बैठक में सुनेत्रा पवार को पार्टी का नेता चुना गया। इसके बाद राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने उन्हें लोकभवन में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह करीब 12 मिनट तक चला। डिप्टी सीएम बनने से पहले सुनेत्रा पवार ने राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा दिया था। सरकार में उन्हें राज्य उत्पादन शुल्क, खेल एवं युवा कल्याण और अल्पसंख्यक विकास/औकाफ विभाग सौंपे गए हैं। ------------ ये खबर भी पढ़ें… अजित पवार लियरजेट–45 प्लेन में सवार थे:VSR वेंचर्स के इसी मॉडल का प्लेन 2023 में क्रैश हुआ था, मुंबई रनवे पर दो टुकड़े हुए थे महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की बुधवार को बारामती में प्लेन क्रैश में मौत हो गई। इस हादसे में चार और लोगों की जान गई। हादसा तब हुआ जब उनका विमान बारामती एयरपोर्ट पर लैंड करने वाला था। (पढ़ें पूरी खबर)
Dainik Bhaskar राजस्थान की सूफिया 98 घंटे तक खतरनाक पहाड़ों पर दौड़ीं:गिनीज बुक में दर्ज हुआ रिकॉर्ड, पहले भी मनाली-लेह के रास्ते पर की थी रनिंग
अजमेर की रनर सूफिया सूफी (40) ने एक और गिनीज विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। सूफिया सूफी ने हिमाचल प्रदेश के मनाली से लेह तक 430 किलोमीटर की दूरी 98 घंटे 27 मिनट में पूरी की। सूफिया सूफी इससे पहले 4 रिकॉर्ड बना चुकी हैं। रनर ने बताया- मनाली से लेह तक पांचों ऊंचे और खतरना दर्रों (पहाड़) को पार करते हुए सबसे तेज रन पूरा किया। यह एक हाई-एल्टीट्यूड एंड्योरेंस रनिंग चैलेंज था, जिसमें 8500 मीटर से ज्यादा की कुल चढ़ाई शामिल थी। इसकी दूरी 430 किलोमीटर थी। यह रेस मैंने 31 अगस्त 2023 को पूरी किए थी। यह अवॉर्ड 2 फरवरी को मिला है। 2021 में रन 156 घंटे में पूरा किया था सूफी ने आगे बताया- मैंने इससे पहले 2021 में यह रन 156 घंटे में पूरा किया था, जो उस समय एक रिकॉर्ड था। लेकिन बाद में एक रनर प्रीति ने 100 घंटे से ज्यादा में पूरा कर रिकॉर्ड तोड़ दिया। तभी उन्होंने तय कर लिया था कि वह एक बार फिर दौड़ेंगी और नया रिकॉर्ड बनाएंगी। रेस के दौरान पेट में इन्फेक्शन हुआ मैंने रनिंग की शुरुआत फिटनेस को बेहतर करने के इरादे से की थी। धीरे-धीरे यह मेरा जुनून बन गया। इस रेस के दौरान पेट में इन्फेक्शन होने के बावजूद, मैंने हार नहीं मानी और इसे पूरा किया। मनाली से लेह तक के दुर्गम रास्तों पर दौड़ना आसान नहीं था। यह रेस दुनिया की सबसे चुनौतीपूर्ण रेसों में से एक है। ग्राउंड हैंडलिंग ऑफिसर की नौकरी छोड़ी, फिर रनिंग चुनी सूफी का जन्म 1 अगस्त 1985 को अजमेर (वैशाली नगर, मित्र नगर रातीडांग रोड) में हुआ। उन्होंने बताया मैंने अजमेर के महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया। मैं फिलहाल मनाली में रहती हूं। साल 2008 में मैं दिल्ली चली गई और वहां एविएशन का कोर्स किया। साल 2009 में मुझे दिल्ली एयरपोर्ट पर ग्राउंड हैंडलिंग ऑफिसर की नौकरी मिली, लेकिन 2019 में मैंने नौकरी छोड़ दी और पूरी तरह से रनिंग को समर्पित कर दिया रनर सोफिया, जो पहले ही ये रिकॉर्ड बना चुकी हैं भारत में पूर्व से पश्चिम तक दौड़, फिर दुनिया का चक्कर रनर ने कहा- 1 अगस्त से भारत में पूर्व से पश्चिम तक दौड़ेंगी, यदि मैं ये रेस पूरी करती हूं तो फिर से गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बन जाएगा। इसके बाद दिसंबर से रन अराउंड द वर्ल्ड शुरू होगा। इसमें 30,000 किलोमीटर की दूरी तय करनी होगी। इसमें करीब 630 दिनों में 30 देशों को कवर करने का लक्ष्य है।
Dainik Bhaskar UPSC-सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने का रास्ता बंद:रैंक सुधारने का मौका सिर्फ एक बार; नए नियम 2026 से लागू
संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 का नोटिफिकेशन बुधवार को जारी किया है। आयोग ने इस बार 933 पदों के लिए भर्ती विज्ञापन जारी किया है। आवेदन की आखिरी तारीख 24 फरवरी है। परीक्षा केंद्र में फेस ऑथेंटिकेशन के बाद ही एंट्री दी जाएगी। इस बार प्रयास और पात्रता से जुड़े नियमों में भी बड़ा बदलाव किया गया है। इसके मुताबिक अब सिलेक्शन के बाद दोबारा परीक्षा देने की आजादी पहले जैसी नहीं रहेगी। नए प्रावधानों में सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने का रास्ता बंद कर दिया गया है। वहीं, IAS और IFS को लेकर पुराने नियम जस के तस रखे गए हैं। चयनित अफसर को एक बार परफॉर्मेंस बेहतर करने का मौका मिलेगा। जैसे किसी का 2026 में IPS में सिलेक्शन हुआ तो वह 2027 में परफॉर्मेंस बेहतर करने की परीक्षा देने का पात्र होगा। उसके बाद अगर वह परीक्षा देना चाहता है तो उसे सेवा से इस्तीफा देना होगा। पहले से IPS को दोबारा IPS नहीं पहले से आईपीएस में चयनित या नियुक्त उम्मीदवार सीएसई 2026 से दोबारा आईपीएस नहीं पा सकेंगे। वहीं प्रीलिम्स के बाद लेकिन मेन्स से पहले अगर आईएएस या आईएफएस बनते हैं, तो मेन्स लिखने की अनुमति नहीं मिलेगी। ये बदलाव यूपीएससी 2026 में पहली बार दिखेंगे --------------------- यूपीएससी से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… IAS-IPS के कैडर एलोकेशन के नियम बदले: 25 कैडरों को 4 ग्रुप में बांटा, जियोग्राफिकल जोन खत्म भारत सरकार ने UPSC कैडर अलॉटमेंट के लिए 2017 से चली आ रही 'जोन सिस्टम' की व्यवस्था को खत्म कर दिया है। इसकी जगह नई 'कैडर एलोकेशन पॉलिसी 2026' लागू कर दी गई है। इसके तहत अब 'साइकिल सिस्टम' के जरिए अफसरों के कैडर का बंटवारा होगा। ये पॉलिसी इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (IAS), इंडियन पुलिस सर्विस (IPS) और इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFoS) के लिए चयनित उम्मीदवारों पर लागू होगी। पढ़ें पूरी खबर…
Dainik Bhaskar UPSC-सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने का रास्ता बंद:रैंक सुधारने का मौका सिर्फ एक बार; नए नियम 2026 से लागू
संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 का नोटिफिकेशन बुधवार को जारी किया है। आयोग ने इस बार 933 पदों के लिए भर्ती विज्ञापन जारी किया है। आवेदन की आखिरी तारीख 24 फरवरी है। परीक्षा केंद्र में फेस ऑथेंटिकेशन के बाद ही एंट्री दी जाएगी। इस बार प्रयास और पात्रता से जुड़े नियमों में भी बड़ा बदलाव किया गया है। इसके मुताबिक अब सिलेक्शन के बाद दोबारा परीक्षा देने की आजादी पहले जैसी नहीं रहेगी। नए प्रावधानों में सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने का रास्ता बंद कर दिया गया है। वहीं, IAS और IFS को लेकर पुराने नियम जस के तस रखे गए हैं। चयनित अफसर को एक बार परफॉर्मेंस बेहतर करने का मौका मिलेगा। जैसे किसी का 2026 में IPS में सिलेक्शन हुआ तो वह 2027 में परफॉर्मेंस बेहतर करने की परीक्षा देने का पात्र होगा। उसके बाद अगर वह परीक्षा देना चाहता है तो उसे सेवा से इस्तीफा देना होगा। पहले से IPS को दोबारा IPS नहीं पहले से आईपीएस में चयनित या नियुक्त उम्मीदवार सीएसई 2026 से दोबारा आईपीएस नहीं पा सकेंगे। वहीं प्रीलिम्स के बाद लेकिन मेन्स से पहले अगर आईएएस या आईएफएस बनते हैं, तो मेन्स लिखने की अनुमति नहीं मिलेगी। ये बदलाव यूपीएससी 2026 में पहली बार दिखेंगे लोकसभा में पूछा गया- लद्दाख के उम्मीदवारों को लैंग्वेज पेपर में छूट क्यों लोकसभा में बुधवार को पूछा गया कि क्या लद्दाख के उम्मीदवारों को सिविल सेवा (मुख्य) परीक्षा में भारतीय भाषा के क्वालिफाइंग पेपर (पेपर-A) से छूट देने का कोई प्रस्ताव है। इस पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने जबाव दिया कि सिविल सेवा परीक्षा के नियम समय के साथ बदलते रहते हैं। सभी उम्मीदवारों के लिए बराबरी का मौका देने के लिए सरकार सुधार और जरूरी कदम उठाती रहती है। फिलहाल लद्दाख के उम्मीदवारों को भाषा पेपर से छूट देने का कोई तय फैसला घोषित नहीं किया गया है। मौजूदा नियम CSE रूल्स-2025) के तहत 6 राज्य अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम के उम्मीदवारों के लिए भारतीय भाषा का पेपर देना अनिवार्य नहीं है। --------------------- यूपीएससी से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… IAS-IPS के कैडर एलोकेशन के नियम बदले: 25 कैडरों को 4 ग्रुप में बांटा, जियोग्राफिकल जोन खत्म भारत सरकार ने UPSC कैडर अलॉटमेंट के लिए 2017 से चली आ रही 'जोन सिस्टम' की व्यवस्था को खत्म कर दिया है। इसकी जगह नई 'कैडर एलोकेशन पॉलिसी 2026' लागू कर दी गई है। इसके तहत अब 'साइकिल सिस्टम' के जरिए अफसरों के कैडर का बंटवारा होगा। ये पॉलिसी इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (IAS), इंडियन पुलिस सर्विस (IPS) और इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFoS) के लिए चयनित उम्मीदवारों पर लागू होगी। पढ़ें पूरी खबर…
Dainik Bhaskar गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड, बहनें खुद को कोरियन मानती थीं:यूट्यूब से भाषा सीखी; हिंदुस्तानी लड़के पसंद नहीं थे
गाजियाबाद में 3 बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर सुसाइड कर लिया। पहले सामने आया कि उन्होंने कोरियन गेम खेलने के दौरान टास्क पूरा करते हुए मौत को गले लगाया। मगर 10 घंटे की छानबीन के बाद पता चला कि पिता चेतन ने बच्चों को डांटा था। मोबाइल भी छीन लिया था। इसके बाद उन्होंने 3 फरवरी की रात 2 बजे बालकनी से कूदकर सुसाइड कर लिया। निशिका 16 साल, प्राची 14 साल जबकि पाखी 12 साल की थी। कमरे से मिली डायरी, परिवार ने बेटियों की जिंदगी के बारे में बताया, उससे सामने आया कि बच्चियां खुद को भारतीय नहीं, कोरियर मान रही थीं। उन्हें लड़के भी कोरियन पसंद आते थे। वह नाम बदल चुकी थी। यूट्यूब चैनल बनाकर उसपर कोरियन कंटेंट जनरेट करती थीं। यूट्यूब की मदद से कोरियर भाषा भी सीख ली थी। घर में बातचीत भी कोरियाई भाषा में करमती थी। कैसे ये बच्चियां खुद को कोरियन समझने लगीं, ये इस रिपोर्ट में पढ़िए… कोविड में स्कूल छूटा, फिर बच्चियां कोरियन मूवी देखने लगीं शुरुआत छानबीन में जो फैक्ट सामने आए, वो बेहद चौंकाने वाले थे। 6 सालों में बच्चियां कोरियन कल्चर में ढल चुकी थीं। कोविड काल (2020) में बहनों के स्कूल छूटे, तो मोबाइल पर कोरियन मूवी और फिर वेब-सीरीज देखने लगीं। निशिका कोरियन कल्चर में सबसे पहले ढली, बाद में प्राची और पाखी भी अपनी बड़ी बहन को फॉलो करने लगीं। परिवार के लोगों ने पुलिस को बताया- कोविड के दौरान तीनों लड़कियां कई-कई घंटे कोरियन म्यूजिक सुनती थीं। साथ ही, फिल्में, वेब सीरीज और वीडियो देखती रहती थीं। उन पर कोरियन कल्चर का इतना असर हुआ कि वो खुद को भारतीय की जगह कोरियन मानने लगी थीं। कोरियन लोगों की तरह पहनावा, खाना, बात करने का तरीका अपनाने लगीं। वीडियो और इंटरनेट की मदद से कोरियन भाषा सीखने लगीं। आपस में कोरियन भाषा में बात भी करती थीं। स्थिति यह हो गई कि पिता को भारतीय और खुद को कोरियन बताने लगीं। तीनों ने मिलकर यूट्यूब चैनल बनाया, कोरियर कंटेंट बनातीं निशिका 2022 में धीरे-धीरे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर कोरियर रील्स देखने लगी। उसका कोरियन रील की ओर रुझान बढ़ता गया। तीनों ने मिलकर एक यूट्यूब चैनल बनाया। उस पर कोरियन कल्चर आधारित कंटेंट अपलोड करती थीं। यही वजह रही कि पिता ने उनसे मोबाइल फोन छीन लिए थे। इस चैनल को तीनों बहनों ने एक महीने पहले खुद ही डिलीट भी कर दिया था। निशिका क्लास चार, प्राची क्लास तीन और पाखी दूसरी कक्षा तक पढ़ी थी। पढ़ाई-लिखाई में रुचि कम होने से तीनों बहनें फेल होने लगीं तो स्कूल जाना बंद कर दिया। आर्थिक तंगी के चलते पिता चेतन ने भी पढ़ाई पर ज्यादा जोर नहीं दिया, क्योंकि उन्हें लग रहा था कि एक खर्च कम हो रहा, वो प्लान कर रहे थे कि जब आर्थिक स्थिति सुधरेगी, तब दोबारा एडमिशन करवा देंगे। छोटी बहन से बातचीत की बंद निशिका, प्राची और पाखी ने चार साल की छोटी बहन को भी साथ रखना शुरू कर दिया था। उसे भी कोरियन वीडियो दिखाना और भाषा सिखाने की कोशिश की। पिता ने यह देखा तो तीनों बहनों को डांटकर छोटी बेटी को इन सब से दूर रखने को कहा। सूत्रों के अनुसार, उस दिन से तीनों ने छोटी बहन से दूरी बना ली। उससे बातचीत बंद कर दी। 3 फरवरी की रात तीनों बेटियां चेतन की पहली पत्नी के साथ कमरे में सो रही थीं। रात करीब डेढ़ बजे तीनों ने मां के गालों को चूमकर आई लव यू कहा और कमरे से निकल गईं। इसके बाद वह पूजा वाले कमरे में गईं। बालकनी पर 2 स्टेप वाले स्टूल लगाए। फिर एक-एक करके छलांग लगा दी। इससे पहले उन्होंने कमरे का लॉक लगा दिया। जिसे घटना के बाद परिवार ने तोड़ दिया। साली से रिलेशन बढ़ाए, तो पत्नी घर छोड़ गई पुलिस की जांच में आया कि चेतन अपने कारोबार में 2 करोड़ रुपए का घाटा झेल चुका है, जिससे परिवार में क्लेश होता था। पहली पत्नी और फिर उसकी छोटी बहन हिना से दूसरी शादी कर ली थी। एक साल से चेतन ने उनकी तीसरी और सबसे छोटी बहन को भी घर में रखा हुआ था। मई, 2025 में जब चेतन का पहली पत्नी से झगड़ा हुआ था। तब उसने कहा कि मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी, मेरी बहन से भी शादी कर ली। मैं उसे भी सहन कर चुकी, अब मेरी तीसरी बहन को घर में रख लिया। कम से कम उसकी तो जिंदगी बर्बाद मत करो। इसी बात पर पहली पत्नी नाराज होकर चली गई, जिसके बाद चेतन ने पत्नी के गुम होने की रिपोर्ट टीलामोड थाने में दर्ज कराई थी। बाद में पत्नी को दिल्ली से ले आया। इस सुसाइड की कहानी में पुलिस 5 सवालों के जवाब ढूंढ रही- सवाल 1. बालकनी पर जहां से तीनों बहनों ने कूदकर सुसाइड किया, वहां बॉलकनी में रेलिंग पर और बाहर की तरफ खड़े होने की जगह नहीं थी। जबकि सामने फ्लैट में रहने वाले ने कहा कि रेलिंग पर बच्ची बैठी हुई थी। सवाल 2. जहां से तीनों ने छलांग लगाई, वहां नौवीं मंजिल की ऊंचाई करीब 85 फीट है। तीनों बच्चियों के शव जहां गिरे, वहां दीवार से एक शव करीब 1 फीट दूर, दूसरी बहन का शव 8 फीट दूर और तीसरी बच्ची का शव 9 फीट दूर मिला। इतनी ऊंचाई से आखिर दीवार से सटकर शव का गिरना संदेह पैदा कर रहा है। सवाल 3. अगर तीनों बच्चियां बैठकर कूदी तो फिर तीनों के शव एक ही दिशा में गिरने थे। सवाल 4. चेतन की दोनों पत्नियां बहनें हैं। रात में पत्नी आखिर में अभद्र गालियां क्यों दे रही थीं? वह पति की तरफ इशारा कर रही थीं। सवाल 5. पुलिश कमिश्नर के सामने दोनों पत्नी नहीं आईं, अंदर से दरवाजा बंद कर लिया, पति एक ऑफिसर के पैर पकड़ने की तरफ हाथ बढ़ाता दिखा, फिर जोर-जोर से रोता रहा। क्राइम स्पॉट की 3 तस्वीरें अब पूरा मामला जान लीजिए बिल्डिंग की नौवीं मंजिल से कूद गईं 3 बहनें गाजियाबाद में तीन सगी बहनों ने नौवीं मंजिल की बालकनी से कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के मुताबिक, मंगलवार रात 2 बजे तीनों ने कमरे को अंदर से बंद किया, फिर स्टूल रखकर एक-एक करके बालकनी से छलांग लगा दी। उनकी उम्र करीब 12, 14 और 16 साल है। पिता के मुताबिक, तीनों बेटियों को टास्क-बेस्ड कोरियन लव गेम की लत थी। वे हर वक्त एकसाथ रहती थीं। एक साथ नहाती थीं और टॉयलेट जाती थीं। इस कदर गेम की लत थी कि स्कूल भी छोड़ दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा है कि पिता ने उन्हें गेम खेलने से मना किया और फटकार लगाई। इसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया। तीनों बहनें जिस कमरे में सोती थीं, वहां पुलिस को एक डायरी मिली है। इसके 18 पन्नों में सुसाइड नोट लिखा मिला। पुलिस का दावा है कि नोट में लिखा है- “मम्मी-पापा सॉरी… गेम नहीं छोड़ पा रही हूं। अब आपको एहसास होगा कि हम गेम से कितना प्यार करते थे, जिसको आप छुड़वाना चाहते थे।” घटना भारत सिटी बी-1 टॉवर के फ्लैट नंबर 907 की है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर आलोक प्रियदर्शी ने बताया- अभी तक की जांच में सामने आया है कि तीनों ने आत्महत्या की है। तीनों मोबाइल से गेम खेलती थीं। किन परिस्थितियों में आत्महत्या की गई, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस बोली- मोबाइल फोन में कोरियन कल्चर में ढलने के साक्ष्य मिले एडिशनल पुलिस कमिश्नर आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि तीनों बहनों ने सुसाइड किया है। जिसमें उनके पिता से पुलिस ने बयान दर्ज किए हैं। पता चला कि पिता कारोबार में घाटा भी आ चुका हैं, जिसमें मोबाइल फोन में कोरियन के साक्ष्य मिले हैं, जहां तीनों ने अपने अलग नाम रख रहे थें। जिसमें पुलिस पूरे साक्ष्य के आधार पर आगे की जांच कर रही है। कैसे पेरेंट्स बच्चों को इंटरनेट सेफ्टी सिखाएं- कैसे जानें कि बच्चा मोबाइल फोन का एडिक्ट है- ---------------- इस घटना से जुड़ी हुई ये खबरें भी पढ़ें - सुसाइड करने वाली 3 बहनों का रहस्यमयी कमरा:दीवारों पर स्केच, क्रॉस के निशान, लिखा- मैं बहुत अकेली हूं सुसाइड करने वाली बहनों के पिता ने 2 शादी कीं:साली से अफेयर, बेटियों से कहता था- मोबाइल छोड़ दो गाजियाबाद में 3 बहनों ने मंगलवार की रात सुसाइड कर लिया। पिता चेतन ने पुलिस को कोरियन गेम की लत की कहानी सुनाई। पुलिस ने 1 घंटे पिता के साथ बंद कमरे में बात की। तब सामने आया कि चेतन कुमार शेयर ट्रेडिंग में 2 करोड़ का घाटा झेल चुके हैं। हालात ऐसे हो गए थे कि 3 साल पहले बेटियों की पढ़ाई छुड़वानी पड़ी। पढ़िए पूरी खबर…
Dainik Bhaskar भास्कर अपडेट्स:केरल में वैन से विस्फोटक भरे 100 से ज्यादा बॉक्स मिले, तरबूज के नीचे छिपाकर ले जा रहा था चालक
केरल के पलक्कड़ में बुधवार रात पुलिस ने एक पिकअप वैन से बड़ी मात्रा में विस्फोटक जब्त किए। वैन में तरबूज की खेप के नीचे छिपाकर 100 से ज्यादा बॉक्स में जिलेटिन स्टिक और 20 से अधिक बॉक्स में डेटोनेटर रखे गए थे। पुलिस ने चालक को हिरासत में ले लिया है। पलक्कड़ टाउन साउथ थाने के एक अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई रात करीब 9 बजे पलक्कड़ टाउन इलाके में की गई। पुलिस के मुताबिक, विस्फोटकों के बॉक्स तरबूज की खेप के नीचे छिपाकर रखे गए थे, ताकि शक न हो। अधिकारी ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि राज्य में अवैध रूप से बड़ी मात्रा में विस्फोटक लाए जा रहे हैं। इसके बाद वाहन जांच शुरू की गई। जब पुलिस ने पिकअप वैन को रोकने का इशारा किया तो चालक नहीं रुका और गाड़ी भगा ले गया। इसके बाद पुलिस ने पीछा कर वैन को रोका और वैन की तलाशी ली। प्रारंभिक पूछताछ में चालक ने पुलिस को बताया कि उसने ये बॉक्स तमिलनाडु के कोयंबटूर से लोड किए थे और उन्हें केरल के थ्रिसूर स्थित एक खदान तक ले जा रहा था। पुलिस ने बताया कि जब्त किए गए सभी बॉक्स की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद चालक के खिलाफ एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। मामले की आगे की जांच जारी है। आज की अन्य बड़ी खबरें… रेलवे ने हाथियों की सुरक्षा के लिए AI सिस्टम लगाया, ट्रैक पर आते ही अलर्ट, लोको पायलट को रियल टाइम सूचना मिलेगी भारतीय रेलवे ने हाथियों को ट्रेन से टकराने से बचाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित इंट्रूजन डिटेक्शन सिस्टम (IDS) शुरू किया है। यह सिस्टम रेल मंत्रालय ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के साथ मिलकर लॉन्च किया है। रेल मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, यह सिस्टम डिस्ट्रीब्यूटेड एकॉस्टिक सेंसर (DAS) तकनीक पर काम करता है। इसके जरिए रेलवे ट्रैक के आसपास हाथियों की मौजूदगी का पता लगाया जाता है और लोको पायलट, स्टेशन मास्टर व कंट्रोल रूम को रियल टाइम अलर्ट भेजा जाता है, ताकि समय रहते ट्रेन की रफ्तार कम की जा सके या अन्य जरूरी कदम उठाए जा सकें। IDS सिस्टम में ऑप्टिकल फाइबर, हार्डवेयर और हाथियों की चाल से जुड़ी पहले से इंस्टॉल की गई सिग्नेचर तकनीक शामिल है। जैसे ही ट्रैक के पास हाथियों की गतिविधि होती है, सिस्टम अलर्ट जनरेट करता है। फिलहाल यह सिस्टम नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर रेलवे (NFR) के 141 रूट किलोमीटर में उन संवेदनशील इलाकों में काम कर रहा है, जिन्हें वन विभाग ने चिन्हित किया है। इसके अलावा, भारतीय रेलवे के अन्य जोनों में भी IDS लगाने को मंजूरी दी गई है।
Dainik Bhaskar भास्कर अपडेट्स:केरल में वैन से विस्फोटक भरे 100 से ज्यादा बॉक्स मिले, तरबूज के नीचे छिपाकर ले जा रहा था चालक
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार किया है। यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) की शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए धोखाधड़ी और गड़बड़ियों से जुड़े मामले में दो अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं। गिरफ्तारी के बाद, सिद्दीकी को दिल्ली की एक अदालत में पेश किया गया, जिसने क्राइम ब्रांच को चार दिन की पुलिस रिमांड दी। आज की अन्य बड़ी खबरें… केरल में वैन से विस्फोटक भरे 100 से ज्यादा बॉक्स मिले, तरबूज के नीचे छिपाकर ले जा रहा था चालक केरल के पलक्कड़ में बुधवार रात पुलिस ने एक पिकअप वैन से बड़ी मात्रा में विस्फोटक जब्त किए। वैन में तरबूज की खेप के नीचे छिपाकर 100 से ज्यादा बॉक्स में जिलेटिन स्टिक और 20 से अधिक बॉक्स में डेटोनेटर रखे गए थे। पुलिस ने चालक को हिरासत में ले लिया है। पलक्कड़ टाउन साउथ थाने के एक अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई रात करीब 9 बजे पलक्कड़ टाउन इलाके में की गई। पुलिस के मुताबिक, विस्फोटकों के बॉक्स तरबूज की खेप के नीचे छिपाकर रखे गए थे, ताकि शक न हो। अधिकारी ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि राज्य में अवैध रूप से बड़ी मात्रा में विस्फोटक लाए जा रहे हैं। इसके बाद वाहन जांच शुरू की गई। जब पुलिस ने पिकअप वैन को रोकने का इशारा किया तो चालक नहीं रुका और गाड़ी भगा ले गया। इसके बाद पुलिस ने पीछा कर वैन को रोका और वैन की तलाशी ली। प्रारंभिक पूछताछ में चालक ने पुलिस को बताया कि उसने ये बॉक्स तमिलनाडु के कोयंबटूर से लोड किए थे और उन्हें केरल के थ्रिसूर स्थित एक खदान तक ले जा रहा था। पुलिस ने बताया कि जब्त किए गए सभी बॉक्स की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद चालक के खिलाफ एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। मामले की आगे की जांच जारी है। रेलवे ने हाथियों की सुरक्षा के लिए AI सिस्टम लगाया, ट्रैक पर आते ही अलर्ट, लोको पायलट को रियल टाइम सूचना मिलेगी भारतीय रेलवे ने हाथियों को ट्रेन से टकराने से बचाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित इंट्रूजन डिटेक्शन सिस्टम (IDS) शुरू किया है। यह सिस्टम रेल मंत्रालय ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के साथ मिलकर लॉन्च किया है। रेल मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, यह सिस्टम डिस्ट्रीब्यूटेड एकॉस्टिक सेंसर (DAS) तकनीक पर काम करता है। इसके जरिए रेलवे ट्रैक के आसपास हाथियों की मौजूदगी का पता लगाया जाता है और लोको पायलट, स्टेशन मास्टर व कंट्रोल रूम को रियल टाइम अलर्ट भेजा जाता है, ताकि समय रहते ट्रेन की रफ्तार कम की जा सके या अन्य जरूरी कदम उठाए जा सकें। IDS सिस्टम में ऑप्टिकल फाइबर, हार्डवेयर और हाथियों की चाल से जुड़ी पहले से इंस्टॉल की गई सिग्नेचर तकनीक शामिल है। जैसे ही ट्रैक के पास हाथियों की गतिविधि होती है, सिस्टम अलर्ट जनरेट करता है। फिलहाल यह सिस्टम नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर रेलवे (NFR) के 141 रूट किलोमीटर में उन संवेदनशील इलाकों में काम कर रहा है, जिन्हें वन विभाग ने चिन्हित किया है। इसके अलावा, भारतीय रेलवे के अन्य जोनों में भी IDS लगाने को मंजूरी दी गई है।
Dainik Bhaskar हिमाचल में PM की घोषणा पर सियासी घमासान:मंत्री नेगी बोले-1500 करोड़ का स्पेशल पैकेज छोड़ो, आपदा-राहत के लिए 15 पैसे भी नहीं मिले
हिमाचल प्रदेश में मानसून की तबाही के बाद केंद्र से मिलने वाली आपदा राहत एक बार फिर राजनीतिक और संवैधानिक बहस का मुद्दा बन गई है। बीते साल भारी बारिश से हुई तबाही का जायजा लेने 9 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं धर्मशाला पहुंचे थे। इस दौरान PM ने हिमाचल प्रदेश के लिए 1500 करोड़ रुपए के विशेष आपदा राहत पैकेज की घोषणा की थी। मगर लगभग चार महीने बाद भी यह राशि राज्य को जारी नहीं की गई है। इस देरी को लेकर हिमाचल सरकार ने केंद्र पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राज्य के राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि केंद्र की मोदी सरकार हिमाचल के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि 1500 करोड़ रुपए का स्पेशल पैकेज तो दूर, राज्य को आपदा राहत के नाम पर 15 पैसे भी नहीं मिले हैं। जगत नेगी ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब हिमाचल को आपदा राहत के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा हो। उन्होंने याद दिलाया कि साल 2023 में भी हिमाचल प्रदेश ने सदी की सबसे भीषण आपदा झेली है। जिसमें राज्य को 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ था। उस आपदा के बाद केंद्र सरकार की टीमें खुद हिमाचल आईं और नुकसान का आकलन किया। केंद्रीय टीमों की रिपोर्ट में भी 9300 करोड़ रुपए के नुकसान की पुष्टि की थी। 2023 की राहत भी अधूरी- नेगी इसके बावजूद, केंद्र सरकार ने PDNA (पोस्ट डिजास्टर नीड्स असेसमेंट) के तहत केवल 2500 करोड़ रुपए की सहायता को मंजूरी दी। मंत्री नेगी का आरोप है कि 2023 की पूरी स्वीकृत राशि भी अब तक जारी नहीं की गई। मंत्री नेगी ने कहा कि वर्ष 2024 में केवल 600 करोड़ रुपए दिए गए, जबकि हाल ही में फिर से 600 करोड़ रुपए देने की बात कही गई है। यानी वर्ष 2026 में प्रवेश करने के बावजूद हिमाचल अभी भी 2023 की आपदा राहत का इंतजार कर रहा है। उत्तराखंड-बिहार को पूरा बजट तो हिमाचल को क्यों नहीं: जगत जगत नेगी ने इस मुद्दे को संघीय ढांचे से जोड़ते हुए सवाल उठाया कि जब उत्तराखंड और बिहार जैसे राज्यों को आपदा राहत की राशि समय पर मिल सकती है, तो हिमाचल के साथ अलग व्यवहार क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति संघीय व्यवस्था की मूल भावना के खिलाफ है, जहां सभी राज्यों को समान अधिकार और समान व्यवहार मिलना चाहिए। जब PM ने घोषणा की, तो पैसा रोकने वाला कौन: मंत्री नेगी ने यह भी सवाल उठाया कि जब विशेष पैकेज की घोषणा खुद प्रधानमंत्री स्तर से हुई, तो फिर उसे जारी करने में इतनी देरी क्यों की जा रही है। आपदा राहत में देरी से पुनर्निर्माण, पुनर्वास और बुनियादी ढांचे की बहाली पर सीधा असर पड़ता है। केंद्रीय बजट का दुरुपयोग कर रही राज्य सरकार: BJP वहीं, इस पूरे मामले पर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र राणा ने पलटवार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र से मिलने वाले पैसे का प्रदेश सरकार दुरुपयोग कर रही है। राणा ने कहा कि जिस उद्देश्य के लिए केंद्र से फंड जारी किया जा रहा है, उस पर खर्च नहीं किया जा रहा। केंद्र सरकार को इसकी जानकारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि जिन अधिकारियों की इसमें संलिप्तता पाई गई, वे “हॉट वॉटर” यानी गंभीर मुसीबत में पड़ जाएंगे। राजेंद्र राणा ने कहा कि केंद्र ने हाल ही में 600 करोड़ रुपये जारी किए हैं, लेकिन प्रदेश सरकार आभार जताने के बजाय आरोप लगाने में लगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार आपदा और सड़कों की मरम्मत के लिए मिलने वाले केंद्रीय बजट से कर्मचारियों की सैलरी दे रही है।
Dainik Bhaskar पहली सरकारी कैब सर्विस भारत टैक्सी लॉन्च:ओला-उबर की तरह ड्राइवर को कमीशन नहीं देना होगा, पीक आवर में किराया नहीं बढ़ेगा
देश की पहली सहकारी कैब टैक्सी सर्विस 'भारत टैक्सी' आज से दिल्ली और गुजरात के कुछ शहरों में शुरू हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में इस एप को लॉन्च किया। इस मौके पर गृह मंत्री ने कहा कि, ‘सर्विस की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें ड्राइवरों से कोई कमीशन नहीं लिया जाएगा और वे खुद इस प्लेटफॉर्म के हिस्सेदार या मालिक होंगे। इसके अलावा, पीक आवर्स में यूजर्स को सर्ज प्राइस (ज्यादा किराया) भी नहीं देना होगा। भारत टैक्सी' का उद्देश्य ड्राइवरों को निजी एग्रीगेटर कंपनियों के मॉडल से आजादी दिलाना है।' टैक्सी का ट्रायल 2 दिसंबर को दिल्ली और गुजरात के राजकोट में शुरू किया गया था, जो सफल रहा है। रिटायरमेंट सेविंग्स और ड्राइवर सपोर्ट सिस्टम मिलेगा लॉन्चिंग के दौरान अमित शाह एप के ट्रायल में बेहतर प्रदर्शन करने वाले 6 ड्राइवर्स (जिन्हें 'सारथी' कहा गया है) को सम्मानित किया। इन ड्राइवर्स को कंपनी के शेयर सर्टिफिकेट बांटे गए। सम्मानित होने वाले ड्राइवर्स को 5 लाख रुपए का एक्सिडेंटल और 5 लाख रुपए का फैमिली हेल्थ इंश्योरेंस कवर दिया गया। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म से जुड़ने वाले सभी ड्राइवर्स के लिए रिटायरमेंट सेविंग्स और ड्राइवर सपोर्ट सिस्टम जैसी सुविधाएं भी जोड़ी गईं। जीरो कमीशन और सर्ज-प्राइसिंग से राहत मिलेगी निजी कंपनियां जैसे ओला और उबर आमतौर पर ड्राइवरों की कमाई से 20% से 30% तक कमीशन वसूलती हैं। इसके उलट, भारत टैक्सी 'जीरो-कमीशन' मॉडल पर काम करेगी। यानी ड्राइवर जितनी कमाई करेगा, वह सीधे उसके पास जाएगी। इसके साथ ही, ग्राहकों के लिए भी राहत की बात यह है कि इसमें 'सर्ज-प्राइसिंग' (पीक ऑवर्स में ज्यादा किराया) का सिस्टम नहीं होगा। इससे यात्रियों को भी किफायती दरों पर टैक्सी मिल सकेगी। अगले 2 साल में हर शहर तक पहुंचने का टारगेट भारत टैक्सी को अगले दो साल में देश के सभी राज्यों और प्रमुख शहरों में शुरू करने का टारगेट है। इसके लिए सरकार के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के साथ इसे इंटीग्रेट किया जाएगा। दिल्ली के 7 प्रमुख स्थानों पर ड्राइवरों के लिए सपोर्ट सेंटर भी शुरू किए गए हैं। भारत टैक्सी को कौन चलाएगा यह सदस्यता आधारित मॉडल है, जिसे सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड चलाएगा। इसकी स्थापना जून में ₹300 करोड़ की रकम के साथ हुई। एप आधारित यह सेवा डिजिटल इंडिया का हिस्सा है। इसकी एक संचालन परिषद होगी, जिसमें अमूल के एमडी जयेन मेहता चेयरमैन और एनसीडीसी के उप प्रबंधक निदेशक रोहित गुप्ता वाइस चेयरमैन हैं। इसके अलावा 8 अन्य सदस्य भी हैं, जो देश की विभिन्न सहकारी समितियों से जुड़े हैं। इस बोर्ड की पहली बैठक 16 अक्टूबर को हो चुकी है। 4 सवाल-जवाब में भारत टैक्सी के फायदे समझिए... 1. इसकी सर्विस कैसे ले सकेंगे? भारत टैक्सी का एप ओला-उबर जैसा होगा, जो नवंबर में एप स्टोर्स से डाउनलोड कर सकेंगे। एप हिंदी, गुजराती, मराठी और अंग्रेजी में होगा। 2. ड्राइवरों को क्या फायदा होगा? हर राइड की 100% कमाई ड्राइवर को मिलेगी। उसे सिर्फ दैनिक, साप्ताहिक या मासिक शुल्क देना होगा, जो कि बहुत ही सामान्य रहेगा। 3. महिला सारथी की क्या भूमिका रहेगी? यानी महिला ड्राइवर्स। पहले चरण में 100 महिलाएं जुड़ेंगी। 2030 तक इनकी संख्या 15 हजार करेंगे। 15 नवंबर से मुफ्त प्रशिक्षण, विशेष बीमा मिलेगा। 4. यह सेवा 2030 तक कैसे आगे बढ़ेगी? ये खबर भी पढ़ें… ओला-उबर से 30% तक सस्ती भारत टैक्सी: किराए में ₹100 से ज्यादा का अंतर; दिल्ली में इस महीने, मुंबई-पुणे में छह महीने बाद शुरू केंद्र सरकार की सहकारी सर्विस ‘भारत टैक्सी’ जनवरी 2026 से दिल्ली और गुजरात में शुरू हो सकती है। यह छह महीने बाद मुंबई, पुणे में शुरू होगी। सहकारी टैक्सी का ट्रायल डेढ़ महीने पहले दिल्ली और गुजरात के राजकोट में शुरू हुआ था, जो सफल रहा है। अपने पायलट प्रोजेक्ट में यह ओला-उबर पर भारी पड़ रही है। सहकारी टैक्सी पीक ऑवर में अपनी प्राइवेट प्रतिद्वंद्वियों से 25 से 30% तक सस्ती पड़ रही है। भास्कर ने दिल्ली में 100 से ज्यादा ड्राइवरों, राइडर्स, यूनियन पदाधिकारियों और भारत टैक्सी एप से जुड़े अधिकारियों से बात की। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar ‘₹20 हजार के लिए बेटी मार डाली’:कैथल में पिता बोले- दुकान में लॉस कहकर पैसे लाने का दबाव बनाया, पति ने फट्टी से पीटा
कैथल में 3 दिन पहले दहेज के लिए हुई महिला ज्योति की हत्या के मामले में खुलासा हुआ है। ज्योति के पिता ने कहा कि 20 हजार रुपए के लिए पति ने उसे मार डाला। ज्योति पर बार-बार पैसे लाने का दबाव बनाया जा रहा था। वह उसे कह रहे थे कि उनकी कपड़े की दुकान में लॉस हो गया है, इसलिए पैसे लेकर आ। इसी बात पर 2 फरवरी को ज्योति के पति ने लकड़ी की फट्टी से उसकी बेरहमी से पिटाई की, जिसमें उसकी मौत हो गई। पिता का कहना है कि दहेज को लेकर काफी लंबे समय से बेटी को परेशान किया जा रहा था। पूंडरी थाने में 5 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ज्योति के पति को गिरफ्तार कर चुकी है। अब सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा मामला…. 8 मिनट का CCTV सामने आया, चीखने की आवाज आ रही… हाए मम्मी, मर गई जैसी आवाजें ज्योति से मारपीट से जुड़ा 8 मिनट 46 सेकेंड का एक CCTV वीडियो सामने आया है, जिसमें ससुराल पक्ष के लोग उसे एक बंद कमरे में पीट रहे हैं। वीडियो में ज्योति "हाए मम्मी, हाए मर गई" जैसी चीखें मारकर बचाने के लिए गुहार लगा रही है। उसकी चीख-पुकार सुनकर पड़ोस के कुछ लोग आते हैं और दरवाजे पर आकर उसके पति से दरवाजा खोलने के लिए कहते हैं। पड़ोसियों ने बीच-बचाव की कोशिश की वीडियो में दिख रहा है कि कुछ पड़ोसी दरवाजा खटखटाते हैं, लेकिन दरवाजा नहीं खोला जाता। घर के बाहर खड़ी महिलाएं युवक को दरवाजा तोड़ने को कहती हैं। काफी मशक्कत के बाद युवक दरवाजा खोल लेता है। फिर वह महिलाओं के साथ अंदर जाता है और ज्योति को पीट रहे उसके पति को बाहर लाता है। ज्योति के पति के हाथ में फट्टी है। जब उससे फट्टी छीनने की कोशिश की तो वह खुद को छुड़ाकर फिर से अंदर चला जाता है। देवर भी पाइप लेकर जाता दिखा वीडियो में दिख रहा है कि ज्योति का देवर पाइप लेकर घर में जाता है, जिसके कुछ समय बाद ज्योति की चीखों की आवाज सुनाई देती है। इस दौरान, ससुराल पक्ष से महिला की ननद घर के बाहर खड़ी रहती है और फिर से दरवाजा बंद कर देती है। कुछ समय बाद वह भी घर के अंदर चली जाती है। जांच अधिकारी बोले- बाकी लोगों की भूमिका देख रहे पूंडरी थाने के जांच अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि इस मामले में ज्योति के पति को गिरफ्तार कर लिया गया है। ससुराल पक्ष के अन्य लोगों के शामिल होने के संबंध में जांच जारी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट अभी आनी बाकी है, लेकिन प्राथमिक तौर पर यह सामने आया है कि मारपीट के दौरान गंभीर चोटें लगने के कारण ज्योति की मौत हुई है। फट्टी और पाइप बरामद कर ली गई है। -------------------------- ये खबर भी पढ़ें :- कैथल में विवाहिता की पीट-पीटकर हत्या:मायके से कैश लाने की मांग; परिजन का ससुराल पक्ष पर मर्डर का आरोप कैथल में ससुरालियों ने दहेज की मांग करते हुए एक 31 वर्षीय विवाहिता को पीट-पीटकर मार डाला। ससुराल वाले उससे बार-बार दहेज में पैसे लाने की मांग कर रहे थे। मृतका के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने उसके पति, सास, ससुर, ननद और देवर पर उसे पीटने और हत्या करने का आरोप लगाया है। पढ़ें पूरी खबर…
Dainik Bhaskar उत्तराखंड में पीपल बना दूल्हा, वट बनी दुल्हन:मंत्रोच्चार के साथ वैदिक रीति-रिवाजों से हुई अनोखी शादी; ढोल-दमाऊं की थाप पर नाचे बाराती
उत्तराखंड के अल्मोड़ा में पीपल और वट (बरगद) वृक्ष सात जन्मों के साथी बने। 15 साल पूरे होने पर दोनों वृक्षों को दूल्हा-दुल्हन के रूप में सजाकर वैदिक रीति-रिवाजों से विवाह कराया गया। मंत्रोच्चार, मंगलगीत और ढोल-दमाऊं की थाप के बीच आयोजित इस अनोखे समारोह में पूरा गांव बाराती बना। लमगड़ा विकासखंड की ग्राम पंचायत सैनोली में जब बैंड की धुन गूंजी और बारात निकली तो माहौल बिल्कुल पारंपरिक शादी जैसा हो गया। फर्क सिर्फ इतना था कि यहां दूल्हा-दुल्हन कोई इंसान नहीं, बल्कि दो वृक्ष थे। पीपल को दूल्हा और वट को दुल्हन की तरह सजाया गया था। विवाह से पहले मेहंदी और हल्दी की रस्में निभाई गईं, समधी मिलन हुआ और जयमाला के बाद पुष्पवर्षा की गई। पहले 4 तस्वीरों में देखिए विवाह… प्राइमरी स्कूल की शिक्षिका ने लगाए थे पौधे इन दोनों पौधों को वर्ष 2011 में हरेला पर्व पर प्राइमरी स्कूल सैनोली की शिक्षिका कला बिष्ट ने लगाया था। 15 वर्ष पूरे होने पर ग्रामीणों ने परंपराओं के अनुसार उनका विवाह कराने का निर्णय लिया। वैवाहिक कार्यक्रम में बहादुर सिंह और चंपा देवी ने कन्यादान की रस्म निभाई, जबकि वर पक्ष की ओर से पान सिंह और शांति देवी बारात लेकर पहुंचे। पुरोहित देवी दत्त जोशी और गिरीश चंद्र जोशी ने विधि-विधान से विवाह संस्कार संपन्न कराया और फेरे कराए। डीजे की धुन पर बारातियों ने किया डांस शादी को उत्सव का रूप देते हुए छलिया नृत्य और झोड़ा गायन की प्रस्तुतियां दी गईं। बैंड और डीजे की धुन पर बारातियों और घरातियों ने जमकर नृत्य किया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई इस अनोखे विवाह का साक्षी बना। मेहमानों के लिए पूड़ी, चावल, रायता समेत विभिन्न व्यंजन भी तैयार किए गए थे। नई पीढ़ी को प्रकृति से जोड़ने की पहल ग्रामीणों ने इस परंपरा को ‘हरिशंकरी विवाह’ बताया। ग्राम सैनोली की बिमला बिष्ट के अनुसार, ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को प्रकृति और परंपराओं से जोड़ते हैं। जनहित में सक्रिय जगदीश सिंह ने कहा कि पीपल और वट का विवाह धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देता है। ऐसे प्रयास समाज में पेड़ों के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता बढ़ाने का काम करते हैं। ---------------- ये खबर भी पढ़ें : मदरसा बोर्ड खत्म करने वाला पहला राज्य बना उत्तराखंड: CM बोले- देवभूमि में संकीर्ण मजहबी शिक्षा नहीं मिलेगी; कांग्रेस ने किया था बोर्ड का गठन उत्तराखंड में अल्पसंख्यक शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ऐलान के बाद राज्य में अब “मदरसा बोर्ड” नाम से कोई बोर्ड नहीं होगा। आगामी जुलाई सत्र से इसे खत्म कर सभी मदरसों को उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अंडर लाया जाएगा। ऐसा कदम उठाने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य है। (पढ़ें पूरी खबर)
Dainik Bhaskar उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी, हिमाचल में कोहरा:कई राज्यों में कोहरे से विजिबिलिटी 50 मीटर से कम, यूपी में बूंदाबांदी से तापमान गिरा
उत्तराखंड के पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चमोली जैसी जगहों पर बर्फबारी हुई। पिथौरागढ़ के आदि कैलाश और ओम पर्वत तक चोटियां सफेद हो गई है। मसूरी में आधें घंटे तक ओले गिरे। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर शहर, भाखड़ा डैम के आसपास, मंडी की बल्ह घाटी व सुंदरनगर में कोहरे के कारण विजिबिलिटी 40 मीटर से भी नीचे गिर गई। राजस्थान, बिहार, हरियाणा, मध्य प्रदेश में कोहरे से विजिबिलिटी कहीं 50 मीटर से कम तो कहीं 100 मीटर रही। कोहरे के कारण दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली एक दर्जन से ज्यादा ट्रेनें देरी से चल रही हैं। सबसे ज्यादा असर मालवा एक्सप्रेस पर पड़ा, जो 8 घंटे से अधिक की देरी से चल रही है। उत्तर प्रदेश में बुधवार को लखनऊ-कानपुर, झांसी समेत प्रदेश के 21 जिलों में घना कोहरा छाया रहा। कई जगह विजिबिलिटी शून्य पर पहुंच गई। प्रयागराज में बुधवार सुबह बूंदाबांदी हुई। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। राज्यों में मौसम की 4 तस्वीरें… अगले 2 दिन का मौसम
Dainik Bhaskar उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी, हिमाचल में कोहरा:कई राज्यों में कोहरे से विजिबिलिटी 50 मीटर से कम, यूपी में बूंदाबांदी से तापमान गिरा
उत्तराखंड के पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चमोली जैसी जगहों पर बर्फबारी हुई। पिथौरागढ़ के आदि कैलाश और ओम पर्वत तक चोटियां सफेद हो गई है। मसूरी में आधें घंटे तक ओले गिरे। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर शहर, भाखड़ा डैम के आसपास, मंडी की बल्ह घाटी व सुंदरनगर में कोहरे के कारण विजिबिलिटी 40 मीटर से भी नीचे गिर गई। राजस्थान, बिहार, हरियाणा, मध्य प्रदेश में कोहरे से विजिबिलिटी कहीं 50 मीटर से कम तो कहीं 100 मीटर रही। कोहरे के कारण दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली एक दर्जन से ज्यादा ट्रेनें देरी से चल रही हैं। सबसे ज्यादा असर मालवा एक्सप्रेस पर पड़ा, जो 8 घंटे से अधिक की देरी से चल रही है। उत्तर प्रदेश में बुधवार को लखनऊ-कानपुर, झांसी समेत प्रदेश के 21 जिलों में घना कोहरा छाया रहा। कई जगह विजिबिलिटी शून्य पर पहुंच गई। प्रयागराज में बुधवार सुबह बूंदाबांदी हुई। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। राज्यों में मौसम की 4 तस्वीरें… अगले 2 दिन का मौसम
Dainik Bhaskar हिमाचल में कोहरे का अटैक:शिमला से ठंडी मैदानी इलाकों की रातें, विजिबिलिटी 40 मीटर से नीचे गिरी, कुकुमसैरी का पारा -14.9॰C तक गिरा
हिमाचल प्रदेश के मैदानी इलाकों में सुबह के वकत घना कोहरा छाया। बिलासपुर शहर, भाखड़ा बांध और बल्ह घाटी के आसपास कोहरे के कारण विजिबिलिटी 50 मीटर से भी नीचे गिर गई। इससे वाहन चालकों को परेशानी हुई। मंडी के सुंदरगनर, सोलन के बद्दी, पांवटा साहिब और हमीरपुर के सुजानपुर में भी कोहरा छाया है। कोहरे के कारण मैदानी इलाकों में रात और सुबह के वक्त कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। इससे कई मैदानी इलाकों की रातें शिमला से भी ठंडे हो गई है। बीती रात में शिमला का न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि सुंदरनगर का 3.1 डिग्री, भुंतर 1.2, सोलन 2.5, धर्मशाला 3.8 और कांगड़ा का कांगड़ा का तापमान भी 4.5 डिग्री तक गिर गया है। 4 शहरों में माइनस में तापमान वहीं लाहौल स्पीति के कुकुमसैरी का न्यूनतम तापमान माइनस 14.9 डिग्री, ताबो का माइनस 11.4, मनाली का माइनस 0.7 और कल्पा का माइनस 2 डिग्री तक लुढ़क चुका है। ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर जिला के निचले इलाकों में तीन दिन से सुबह 10 बजे कोहरा छा रहा है और अगले तीन दिन भी परेशान करता रहेगा। 4 दिन खिलेगी धूप मौसम विभाग (IMD) के अनुसार- प्रदेश में अगले 4 दिन मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। इससे दिन के तापमान में चार से पांच डिग्री सेल्सियस का उछाल आएगा। मगर निचले इलाकों में रात का पारा कोहरे के कारण सामान्य से थोड़ा नीचे रहेगा। 6 फरवरी को चंबा और लाहौल स्पीति के अधिक ऊंचे क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी जरूर हो सकती है। मगर ज्यादातर भागों में धूप खिलेगी। 9 को फिर बारिश-बर्फबारी 8 फरवरी को फिर से वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव दोबारा एक्टिव होगा। इस दिन चंबा और लाहौल स्पीति के अधिक ऊंचे पहाड़ों पर हल्का हिमपात हो सकता है। मगर 9 फरवरी को वेस्टर्न डिस्टरबेंस दोबारा स्ट्रान्ग होकर बरसेगा। इससे 9 और 10 फरवरी को पूरे प्रदेश में अच्छी बारिश-बर्फबारी होगी।
Dainik Bhaskar बजट सत्र का सातवां दिन:विपक्षी दलों ने मीटिंग बुलाई; कल लोकसभा में PM मोदी की स्पीच टली, आज राज्यसभा में बोल सकते हैं
संसद के बजट सत्र की गुरुवार को सातवें दिन की कार्यवाही होगी। लोकसभा में 2 फरवरी से राष्ट्रपति के अभिभाषण प्रस्ताव पर धन्यवाद पर चर्चा हो रही है। हालांकि पहले दो दिन राहुल गांधी के भाषण पर हंगामा हुआ, जिसके बाद स्पीकर ने विपक्ष के 8 सांसदों को निलंबित कर दिया था। वहीं बुधवार को 8 सांसदों के निलंबन के विरोध में विपक्षी सांसदों के लगातार हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही 4 बार स्थगित हुई। शाम 5 बजे पीएम नरेंद्र मोदी धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देने वाले थे, लेकिन विपक्ष की महिला सांसदों के हंगामे के चलते लोकसभा स्थगित कर दी गई। इससे पीएम नरेंद्र मोदी का संबोधन भी टल गया। शाम 5 बजे जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तब विपक्ष की महिला सांसदों ने सत्ताधारी नेताओं की कुर्सियां घेर लीं। इनमें पीएम मोदी की कुर्सी भी थी। महिला सांसदों के हाथ में बड़े बैनर थे, जिन पर लिखा था- जो सही है, वो करो। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री आज राज्यसभा में भाषण दे सकते हैं। लोकसभा में उनके जवाब के बिना ही प्रस्ताव पास हो सकता है। इसके अलावा विपक्षी दलों ने सुबह 10 बजे संसद भवन में राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कमरे में बैठक बुलाई है। बजट सत्र में इन बिलों पर चर्चा संभव बजट सत्र 65 दिनों में 30 बैठकों तक चलेगा। यह 2 अप्रैल को खत्म होगा। 28 जनवरी से शुरू हुआ पहला चरण 13 फरवरी को खत्म होगा। इसके बाद दूसर चरण 9 मार्च को शुरू होगा। लोकसभा में 9 विधेयक लंबित हैं, जिनमें विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025, प्रतिभूति बाजार संहिता 2025 और संविधान (129वां संशोधन) विधेयक 2024 शामिल हैं। इन विधेयकों की वर्तमान में संसदीय स्थायी या प्रवर समितियां जांच कर रही हैं। बजट सत्र की पिछली 6 दिन की कार्यवाही पढ़ें… 4 फरवरी : स्पीकर के ऑफिस में BJP और विपक्ष के सांसदों के बीच बहस, भाजपा सांसद ने गांधी परिवार पर लिखी किताबें दिखाईं लोकसभा में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गांधी परिवार और कांग्रेस पर लिखी किताबें और नोट्स दिखाए। उन्होंने कहा इन किताबों में गांधी परिवार और कांग्रेस परिवार की मक्कारी, गद्दारी, भ्रष्टाचार और अय्याशी का जिक्र है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के ऑफिस में विपक्ष और बीजेपी सांसदों के बीच भी बहस हुई। ऑफिस का जो वीडियो सामने आया है, इसमें विपक्ष की महिला सांसद केंद्रीय संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू से कुछ कहती नजर आ रही हैं। पूरी खबर पढ़ें… 3 फरवरी : राहुल ने कहा- मैं विपक्ष का नेता, मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा लोकसभा में राहुल गांधी ने कहा, 'कल मैंने इस आर्टिकल पर अपना भाषण शुरू किया था। स्पीकर सर ने कहा था इसे ऑथेंटिकेट करें। मैं आज इसे ऑथेंटिकेट कर रहा हूं। राहुल ने आर्टिकल टेबल किया। राहुल ने जैसे ही कहा- मैंने जैसा कल कहा था कि राष्ट्रपति की स्पीच में नेशनल सिक्योरिटी का महत्वपूर्ण मुद्दा है। वैसे ही हंगामा होने लगा। राहुल बोले- मुझे परमिशन नहीं दी जा रही है। मैं विपक्ष का नेता हूं। पूरी खबर पढ़ें… 2 फरवरी : राहुल बोले- चीनी टैंक लद्दाख बॉर्डर पहुंचे, शाह-राजनाथ ने टोका, स्पीकर ने माइक बंद कराया लोकसभा में सोमवार को राहुल गांधी के भाषण के दौरान जोरदार हंगामा हुआ। राहुल ने पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे की अनपब्लिश्ड बुक का हवाला देते हुए कहा- 4 चीनी टैंक लद्दाख बॉर्डर के पास पहुंच गए थे। राहुल के ऐसा कहते ही पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फिर गृह मंत्री शाह ने उन्हें टोका। इसके बाद स्पीकर ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें रोका। पूरी खबर पढ़ें… 1 फरवरी : बजट 2026-27 पेश- ऑपरेशन सिंदूर के बाद रक्षा बजट 15% बढ़ा, इनकम टैक्स में बदलाव नहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट पेश कर दिया। वे संसद में 85 मिनट बोलीं, लेकिन आम आदमी के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। हालांकि टैक्स फाइल करने में सहूलियत, रेलवे प्रोजेक्ट और 3 नए आयुर्वेदिक AIIMS जैसी नई बातें कही हैं। पूरी खबर पढ़ें… 29 जनवरी : देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' संसद में पेश, पीएम बोले थे- हमारी रिफॉर्म एक्सप्रेस चल पड़ी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' यानी इकोनॉमिक सर्वे लोकसभा में पेश किया गया। इस सर्वे में बताया गया है वित्त वर्ष 2026-2027 में जीडीपी ग्रोथ 6.8% से 7.2% की रेंज में रहने का अनुमान है। पीएम ने सदन के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था- हमारी सरकार की पहचान रही है, रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। अब हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं। पूरी खबर पढ़ें… 28 जनवरी : राष्ट्रपति ने 45 मिनट स्पीच दी, कहा- ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून मुद्दों का जिक्र किया संसद का बजट सत्र राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। राष्ट्रपति ने अपनी 45 मिनट की स्पीच में ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून, दुनिया में भारत की भूमिका जैसे मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में वर्तमान में 150 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। भारत अपना अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यूरोपीय संघ के साथ मुक्त समझौते से सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। पूरी खबर पढ़ें…
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संसद के बजट सत्र की गुरुवार को सातवें दिन की कार्यवाही होगी। लोकसभा में 2 फरवरी से राष्ट्रपति के अभिभाषण प्रस्ताव पर धन्यवाद पर चर्चा हो रही है। हालांकि पहले दो दिन राहुल गांधी के भाषण पर हंगामा हुआ, जिसके बाद स्पीकर ने विपक्ष के 8 सांसदों को निलंबित कर दिया था। वहीं बुधवार को 8 सांसदों के निलंबन के विरोध में विपक्षी सांसदों के लगातार हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही 4 बार स्थगित हुई। शाम 5 बजे पीएम नरेंद्र मोदी धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देने वाले थे, लेकिन विपक्ष की महिला सांसदों के हंगामे के चलते लोकसभा स्थगित कर दी गई। इससे पीएम नरेंद्र मोदी का संबोधन भी टल गया। शाम 5 बजे जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तब विपक्ष की महिला सांसदों ने सत्ताधारी नेताओं की कुर्सियां घेर लीं। इनमें पीएम मोदी की कुर्सी भी थी। महिला सांसदों के हाथ में बड़े बैनर थे, जिन पर लिखा था- जो सही है, वो करो। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री आज राज्यसभा में भाषण दे सकते हैं। लोकसभा में उनके जवाब के बिना ही प्रस्ताव पास हो सकता है। इसके अलावा विपक्षी दलों ने सुबह 10 बजे संसद भवन में राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कमरे में बैठक बुलाई है। बजट सत्र में इन बिलों पर चर्चा संभव बजट सत्र 65 दिनों में 30 बैठकों तक चलेगा। यह 2 अप्रैल को खत्म होगा। 28 जनवरी से शुरू हुआ पहला चरण 13 फरवरी को खत्म होगा। इसके बाद दूसर चरण 9 मार्च को शुरू होगा। लोकसभा में 9 विधेयक लंबित हैं, जिनमें विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025, प्रतिभूति बाजार संहिता 2025 और संविधान (129वां संशोधन) विधेयक 2024 शामिल हैं। इन विधेयकों की वर्तमान में संसदीय स्थायी या प्रवर समितियां जांच कर रही हैं। बजट सत्र की पिछली 6 दिन की कार्यवाही पढ़ें… 4 फरवरी : स्पीकर के ऑफिस में BJP और विपक्ष के सांसदों के बीच बहस, भाजपा सांसद ने गांधी परिवार पर लिखी किताबें दिखाईं लोकसभा में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गांधी परिवार और कांग्रेस पर लिखी किताबें और नोट्स दिखाए। उन्होंने कहा इन किताबों में गांधी परिवार और कांग्रेस परिवार की मक्कारी, गद्दारी, भ्रष्टाचार और अय्याशी का जिक्र है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के ऑफिस में विपक्ष और बीजेपी सांसदों के बीच भी बहस हुई। ऑफिस का जो वीडियो सामने आया है, इसमें विपक्ष की महिला सांसद केंद्रीय संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू से कुछ कहती नजर आ रही हैं। पूरी खबर पढ़ें… 3 फरवरी : राहुल ने कहा- मैं विपक्ष का नेता, मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा लोकसभा में राहुल गांधी ने कहा, 'कल मैंने इस आर्टिकल पर अपना भाषण शुरू किया था। स्पीकर सर ने कहा था इसे ऑथेंटिकेट करें। मैं आज इसे ऑथेंटिकेट कर रहा हूं। राहुल ने आर्टिकल टेबल किया। राहुल ने जैसे ही कहा- मैंने जैसा कल कहा था कि राष्ट्रपति की स्पीच में नेशनल सिक्योरिटी का महत्वपूर्ण मुद्दा है। वैसे ही हंगामा होने लगा। राहुल बोले- मुझे परमिशन नहीं दी जा रही है। मैं विपक्ष का नेता हूं। पूरी खबर पढ़ें… 2 फरवरी : राहुल बोले- चीनी टैंक लद्दाख बॉर्डर पहुंचे, शाह-राजनाथ ने टोका, स्पीकर ने माइक बंद कराया लोकसभा में सोमवार को राहुल गांधी के भाषण के दौरान जोरदार हंगामा हुआ। राहुल ने पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे की अनपब्लिश्ड बुक का हवाला देते हुए कहा- 4 चीनी टैंक लद्दाख बॉर्डर के पास पहुंच गए थे। राहुल के ऐसा कहते ही पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फिर गृह मंत्री शाह ने उन्हें टोका। इसके बाद स्पीकर ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें रोका। पूरी खबर पढ़ें… 1 फरवरी : बजट 2026-27 पेश- ऑपरेशन सिंदूर के बाद रक्षा बजट 15% बढ़ा, इनकम टैक्स में बदलाव नहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट पेश कर दिया। वे संसद में 85 मिनट बोलीं, लेकिन आम आदमी के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। हालांकि टैक्स फाइल करने में सहूलियत, रेलवे प्रोजेक्ट और 3 नए आयुर्वेदिक AIIMS जैसी नई बातें कही हैं। पूरी खबर पढ़ें… 29 जनवरी : देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' संसद में पेश, पीएम बोले थे- हमारी रिफॉर्म एक्सप्रेस चल पड़ी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' यानी इकोनॉमिक सर्वे लोकसभा में पेश किया गया। इस सर्वे में बताया गया है वित्त वर्ष 2026-2027 में जीडीपी ग्रोथ 6.8% से 7.2% की रेंज में रहने का अनुमान है। पीएम ने सदन के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था- हमारी सरकार की पहचान रही है, रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। अब हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं। पूरी खबर पढ़ें… 28 जनवरी : राष्ट्रपति ने 45 मिनट स्पीच दी, कहा- ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून मुद्दों का जिक्र किया संसद का बजट सत्र राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। राष्ट्रपति ने अपनी 45 मिनट की स्पीच में ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून, दुनिया में भारत की भूमिका जैसे मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में वर्तमान में 150 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। भारत अपना अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यूरोपीय संघ के साथ मुक्त समझौते से सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar दोस्त के फोन में देखी थी बहन की न्यूड फोटो:दुबई में मर्डर का प्लान बनाया, 2 साल मौके का इंतजार किया; गुरुग्राम बुलाकर की हत्या
गुरुग्राम में सुहेब हत्याकांड में खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में पता चला है कि सुहेब और जिशान दुबई में साथ काम करते थे। इसी दौरान जिशान ने सुहेब के मोबाइल में अपनी बहन की न्यूड फोटो देख ली थीं, जिसके बाद उसे दोनों के बीच अफेयर होने का शक हुआ। जिशान ने दुबई में ही सुहेब की हत्या की योजना बनानी शुरू कर दी, लेकिन उसे वहां ऐसा करने का अवसर नहीं मिला। लगभग डेढ़ साल बाद जब दोनों भारत वापस लौटे, तो जिशान ने अपनी योजना पर काम करना शुरू कर दिया। हालांकि, भारत लौटने के बाद सुहेब ने जिशान से उसकी बहन के साथ शादी करने की बात भी कही, लेकिन जिशान इसके लिए तैयार नहीं हुआ। जब जिशान ने अपनी बहन से दोनों के अफेयर के बारे में पूछा, तो उसने इससे इनकार कर दिया। इसके बाद, 23 जनवरी को अपनी योजना को अंजाम देने के लिए वह उत्तर प्रदेश में अपने गांव गया। वहां उसने सुहेब के घर जाकर उसे गुरुग्राम में नौकरी दिलाने का लालच दिया। जब सुहेब गुरुग्राम आया, तो जिशान ने उसे शराब पिलाई और नशे में उसकी हत्या कर दी। फिर उसने शव को कंबल में लपेटकर एक नाले में फेंक दिया। जानिए जिशान ने कैसे रची हत्या की साजिश… जिशान पर शक की 3 बड़ी वजह पुलिस बोली- बयान बदलने से पकड़ में आया आनंद गार्डन चौकी इंचार्ज PSI अमित ने बताया कि इस मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच में पता चला कि जिशान ने सबूत मिटाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उसकी खुद की गलतियों से वह पकड़ में आ गया। फिलहाल तीनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। --------------- यह खबर भी पढ़ें… गुरुग्राम में बहन के साथ अफेयर पर बेस्टफ्रेंड का मर्डर: शराब पिलाकर वायर से गला घोंटा, शव कंबल में लपेटकर नाले में फेंका गुरुग्राम में बहन के प्रेम प्रसंग से नाराज होकर भाई ने उसके बॉयफ्रेंड की गला दबाकर हत्या कर दी। आरोपी ने पहले युवक को खूब शराब पिलाई। उसके नशे में होने के बाद इलैक्ट्रिक वायर से उसका गला दबा दिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी और मृतक बेस्ट फ्रेंड थे। दोनों एक ही गांव के रहने वाले थे। (पूरी खबर पढ़ें)
Dainik Bhaskar खबर हटके- चुनाव जीतने के लिए बेटी की जान ली:19 साल तक खुद को लड़की समझता रहा लड़का; पेड़ों से गिर रही छिपकलियां
सरपंच का चुनाव लड़ने की चाह में एक पिता ने अपनी ही बेटी की जान ले ली। वहीं, अमेरिका में एक शख्स 19 साल तक खुद को लड़की समझता रहा। उधर, ठंड बढ़ते ही पेड़ों से छिपकलियां गिरने लगीं। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… ************* रिसर्च सहयोग: किशन कुमार खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
Dainik Bhaskar ब्रिटेन ने बोइंग-787 में खराबी पर एअर इंडिया से पूछा:फ्यूल स्विच में खामी थी, तो विमान को उड़ान भरने की इजाजत कैसे दी
लंदन में उड़ान भरने से ठीक पहले एअर इंडिया के बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान में आई तकनीकी गड़बड़ी अब अंतरराष्ट्रीय जांच का मामला बन गई है। ब्रिटेन की सिविल एविएशन अथॉरिटी (CAA) ने एअर इंडिया से इस मामले पर एक हफ्ते में स्पष्टीकरण मांगा है। यह विमान रविवार को लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट से बेंगलुरु आया था। यहां पहुंचने के बाद सुरक्षा जांच के लिए ग्राउंड कर दिया गया। पायलट ने लैंडिंग के समय विमान के फ्यूल कंट्रोल स्विच में संभावित खराबी की सूचना दी थी। विमान में 200 यात्री सवार थे। अब ब्रिटिश CAA ने मामले की सख्त रुख अपनाते हुए एअर इंडिया को लिखे लेटर में पूछा है- जब फ्यूज कंट्रोल स्विच में समस्या देखी गई थी, तो विमान को लंदन से उड़ान भरने की अनुमति कैसे दी गई? CAA ने चेतावनी दी है कि अगर भारतीय एयरलाइन कंपनी से पूरा और संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो एअर इंडिया और उसके बोइंग 787 बेड़े के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल एअर इंडिया के बेड़े में बोइंग 787 मॉडल के 32 विमान हैं। अहमदाबाद में एअर इंडिया का बोइंग 787-8 ही क्रैश हुआ था यह मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि पिछले साल 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रहा एअर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान ही क्रैश हुआ था। हादसे में 260 लोगों की मौत हुई थी। शुरुआती जांच रिपोर्ट में कहा गया था कि टेक-ऑफ के तुरंत बाद ईंधन की सप्लाई कट गई थी। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि क्रैश होने से पहले विमान के फ्यूल कंट्रोल स्विच बंद कर दिए गए थे। इसके बाद DGCA ने 12 जुलाई 2025 को सभी एयरलाइनों को अपने विमानों में फ्यूल स्विच सिस्टम की जांच करने का निर्देश दिया था। फ्यूल कंट्रोल स्विच का काम और तकनीक फ्यूल कंट्रोल स्विच विमान के कॉकपिट में थ्रस्ट लीवर के पास होते हैं। ये इंजन में फ्यूल की सप्लाई को कंट्रोल करते हैं। इसका मुख्य काम इंजन में फ्यूल की सप्लाई को शुरू करना (रन पोजिशन) या बंद करना (कटऑफ पोजिशन) है। हर इंजन के लिए अलग-अलग फ्यूल कंट्रोल स्विच होता है। उदाहरण के लिए, बोइंग-787 में दो इंजन हैं, तो दो स्विच होंगे- एक बाएं इंजन के लिए, एक दाएं के लिए। रन पोजिशन: जब स्विच 'रन' पर होता है, तो फ्यूल वाल्व खुलता है और इंजन में फ्यूल की सप्लाई शुरू हो जाती है। इससे इंजन चालू रहता है और विमान को थ्रस्ट मिलता है। कटऑफ पोजिशन: जब स्विच को 'कटऑफ' पर किया जाता है तो फ्यूल वाल्व बंद हो जाता है और इंजन में फ्यूल की सप्लाई रुक जाती है। इससे इंजन तुरंत बंद हो जाता है। फ्यूल कंट्रोल स्विच स्प्रिंग-लोडेड होते हैं और इनमें डिटेंट (एक तरह का लॉक) होता है, जो इन्हें अपनी पोजिशन में स्थिर रखता है। स्विच को हिलाने के लिए तीन स्टेप्स चाहिए- पकड़ना, डिटेंट से बाहर निकालना और रिलीज करना। ये कोई नॉर्मल स्विच नहीं है, जो गलती से धक्का लगने से दब जाए जाए।
Dainik Bhaskar ब्रिटेन ने बोइंग-787 में खराबी पर एअर इंडिया से पूछा:फ्यूल स्विच में खामी थी, तो विमान को उड़ान भरने की इजाजत कैसे दी
लंदन में उड़ान भरने से ठीक पहले एअर इंडिया के बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान में आई तकनीकी गड़बड़ी अब अंतरराष्ट्रीय जांच का मामला बन गई है। ब्रिटेन की सिविल एविएशन अथॉरिटी (CAA) ने एअर इंडिया से इस मामले पर एक हफ्ते में स्पष्टीकरण मांगा है। यह विमान रविवार को लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट से बेंगलुरु आया था। यहां पहुंचने के बाद सुरक्षा जांच के लिए ग्राउंड कर दिया गया। पायलट ने लैंडिंग के समय विमान के फ्यूल कंट्रोल स्विच (FCS) में संभावित खराबी की सूचना दी थी। विमान में 200 यात्री सवार थे। अब ब्रिटिश CAA ने मामले की सख्त रुख अपनाते हुए एअर इंडिया को लिखे लेटर में पूछा है- जब फ्यूज कंट्रोल स्विच में समस्या देखी गई थी, तो विमान को लंदन से उड़ान भरने की अनुमति कैसे दी गई? CAA ने चेतावनी दी है कि अगर भारतीय एयरलाइन कंपनी से पूरा और संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो एअर इंडिया और उसके बोइंग 787 बेड़े के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल एअर इंडिया के बेड़े में बोइंग 787 मॉडल के 33 विमान हैं। इनमें 28 विमान फिलहाल ऑपरेशनल हैं। एअर इंडिया ने कहा- फ्यूल स्विच में कोई खामी नहीं एअर इंडिया ने बुधवार को मामले पर कहा कि उसने अपने सभी ऑपरेशनल बोइंग-787 ड्रीमलाइनर विमानों में फ्यूल कंट्रोल स्विच की एहतियाती जांच पूरी कर ली है और किसी भी विमान में कोई तकनीकी समस्या नहीं पाई गई। दूसरी तरफ, भारतीय विमानन नियामक DGCA की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि फ्यूल कंट्रोल स्विच के संचालन में “अपेरेंटली करेक्ट प्रोसिड्योर” का पालन नहीं हुआ। DGCA ने एअर इंडिया को निर्देश दिया है कि सभी क्रू मेंबर्स सही ऑपरेटिंग प्रोसीजर का पालन अनिवार्य रूप से कराया जाए। अहमदाबाद में एअर इंडिया का बोइंग 787-8 ही क्रैश हुआ था यह मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि पिछले साल 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रहा एअर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान ही क्रैश हुआ था। हादसे में 260 लोगों की मौत हुई थी। शुरुआती जांच रिपोर्ट में कहा गया था कि टेक-ऑफ के तुरंत बाद ईंधन की सप्लाई कट गई थी। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि क्रैश होने से पहले विमान के फ्यूल कंट्रोल स्विच बंद कर दिए गए थे। इसके बाद DGCA ने 12 जुलाई 2025 को सभी एयरलाइनों को अपने विमानों में फ्यूल स्विच सिस्टम की जांच करने का निर्देश दिया था। फ्यूल कंट्रोल स्विच का काम और तकनीक फ्यूल कंट्रोल स्विच विमान के कॉकपिट में थ्रस्ट लीवर के पास होते हैं। ये इंजन में फ्यूल की सप्लाई को कंट्रोल करते हैं। इसका मुख्य काम इंजन में फ्यूल की सप्लाई को शुरू करना (रन पोजिशन) या बंद करना (कटऑफ पोजिशन) है। हर इंजन के लिए अलग-अलग फ्यूल कंट्रोल स्विच होता है। उदाहरण के लिए, बोइंग-787 में दो इंजन हैं, तो दो स्विच होंगे- एक बाएं इंजन के लिए, एक दाएं के लिए। रन पोजिशन: जब स्विच 'रन' पर होता है, तो फ्यूल वाल्व खुलता है और इंजन में फ्यूल की सप्लाई शुरू हो जाती है। इससे इंजन चालू रहता है और विमान को थ्रस्ट मिलता है। कटऑफ पोजिशन: जब स्विच को 'कटऑफ' पर किया जाता है तो फ्यूल वाल्व बंद हो जाता है और इंजन में फ्यूल की सप्लाई रुक जाती है। इससे इंजन तुरंत बंद हो जाता है। फ्यूल कंट्रोल स्विच स्प्रिंग-लोडेड होते हैं और इनमें डिटेंट (एक तरह का लॉक) होता है, जो इन्हें अपनी पोजिशन में स्थिर रखता है। स्विच को हिलाने के लिए तीन स्टेप्स चाहिए- पकड़ना, डिटेंट से बाहर निकालना और रिलीज करना। ये कोई नॉर्मल स्विच नहीं है, जो गलती से धक्का लगने से दब जाए जाए। ----------------------------- एअर इंडिया से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… अहमदाबाद प्लेन क्रैश, मृतकों के परिजन को सामान लौटाना शुरू: वेब पोर्टल पर घड़ी, चूड़ियां, स्वेटर, जूते दिखाए; एअर इंडिया ने परिजन को लिंक भेजी एअर इंडिया प्लेन का एक इंजन हवा में बंद: दूसरे इंजन से दिल्ली में इमरजेंसी लैंडिंग; 335 यात्रियों को मुंबई ले जा रहा था
Dainik Bhaskar सुप्रीम कोर्ट बोला- अनिल अंबानी देश नहीं छोड़ेंगे:बैंक फ्रॉड केस में ED-CBI को फटकार; कहा- जांच में देरी की, अब ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेंगे
सुप्रीम कोर्ट ने अनिल धीरुभाई अंबानी ग्रुप (ADAG) जुड़े ₹40 हजार करोड़ के बैंक फ्रॉड केस में जांच एजेंसियों पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा- CBI और ED जांच में देरी का कारण नहीं बता सकीं। दोनों एजेंसियां पहले ही काफी समय ले चुकी हैं। आगे ऐसी ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेंगे। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने CBI और ED से चार हफ्ते में ताजा स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। कोर्ट ने यह रिकॉर्ड किया कि अनिल अंबानी उसकी पूर्व अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ेंगे। असल में याचिकाकर्ता और पूर्व आईएएस अफसर ईएएस सरमा ने अनिल के देश छोड़ने की आशंका जताई थी। सुनवाई के दौरान अनिल अंबानी ने अपने वकील मुकुल रोहतगी के जरिए कोर्ट को आश्वासन दिया कि वे कोर्ट की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ेंगे। ED ने कहा- 40 हजार करोड़ सायफन, अपराध की कमाई ₹20 हजार करोड़ सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि अनिल अंबानी के खिलाफ पहले ही लुकआउट सर्कुलर जारी किए जा चुके हैं। मेहता ने कोर्ट को बताया- अनिल समूह की कंपनियों के जरिए करीब ₹40 हजार करोड़ सायफन किए जाने का आरोप है। इस पर कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी की- यह इतनी बड़ी रकम सायफन होने का मामला है। कोर्ट ने ED के हलफनामे को रिकॉर्ड में लिया कि अपराध से अर्जित आय ₹20 हजार करोड़ से अधिक आंकी गई है। एजेंसी ₹8,078 करोड़ की संपत्ति अस्थायी रूप से अटैच कर चुकी है। अनिल बोले- कारोबारी घाटा, कर्ज में चूक पर आपराधिक केस न बने अनिल अंबानी की ओर से पेश वकील श्याम दीवान ने सार्वजनिक धन की हेराफेरी के आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा- रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने करीब ₹20 हजार करोड़ चुका दिए हैं। कारोबारी घाटे व कर्ज में चूक को आपराधिक केस नहीं बनाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले 23 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने CBI और ED को सीलबंद लिफाफे में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था और अनिल अंबानी और ADAG को नोटिस जारी किया था। याचिका में आरोप है कि 2007-08 से फ्रॉड चल रहा था, लेकिन FIR 2025 में दर्ज हुई। याचिका के मुताबिक 2013-17 के बीच RCOM, रिलायंस इंफ्राटेल (RITL) और रिलायंस टेलिकॉम (RTL) ने SBI और अन्य बैंक से ₹40 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज लिया था। बाद में लोन की रकम का तय मकसद के बजाय दूसरी जगह इस्तेमाल हुआ। कुछ मामलों में ग्रुप की दूसरी कंपनियों को फंड ट्रांसफर किया गया। समय पर लोन चुकाने में भी चूक (NPA) हुई। जांच में फंड्स के गलत इस्तेमाल का खुलासा ED ने अपनी जांच में पाया है कि रिलायंस होम फाइनेंस (RHFL) और रिलायंस कॉमर्शियल फाइनेंस (RCFL) में बड़े पैमाने पर फंड्स का गलत इस्तेमाल हुआ। 2017 से 2019 के बीच यस बैंक ने RHFL में 2,965 करोड़ और RCFL में 2,045 करोड़ का इन्वेस्टमेंट किया था। दिसंबर 2019 तक ये अमाउंट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) बन गए। RHFL का 1,353 करोड़ और RCFL का 1,984 करोड़ अभी तक बकाया है। कुल मिलाकर यस बैंक को 2,700 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ। ED के मुताबिक ये फंड्स रिलायंस ग्रुप की दूसरी कंपनियों में डायवर्ट किए गए। लोन अप्रूवल प्रोसेस में भी कई गड़बड़ियां मिलीं। जैसे, कुछ लोन उसी दिन अप्लाई, अप्रूव और डिस्बर्स हो गए। फील्ड चेक और मीटिंग्स स्किप हो गईं। डॉक्यूमेंट्स ब्लैंक या डेटलेस मिले। ED ने इसे 'इंटेंशनल कंट्रोल फेल्योर' बताया है। जांच PMLA की धारा 5(1) के तहत चल रही है और 31 अक्टूबर 2025 को अटैचमेंट ऑर्डर जारी हुए। ---------------------------------- अनिल अंबानी से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… कांग्रेस का दावा- अनिल अंबानी ने एपस्टीन से मदद मांगी:मोदी-ट्रम्प की मुलाकात करानी थी; कल कहा था- ट्रम्प के लिए मोदी इजराइल में नाचे कांग्रेस ने 1 फरवरी को अनिल अंबानी और अमेरिका के यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के बीच 16 मार्च 2017 को हुई चैट का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर शेयर किया है। अनिल अंबानी चैट में एपस्टीन से कुशनर और बैनन (ट्रम्प के करीबी) से मुलाकात में उसकी मदद मांगते नजर आ रहे हैं। साथ ही ट्रम्प-मोदी की मुलाकात में भी एपस्टीन की हेल्प मांग रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar सुप्रीम कोर्ट बोला- अनिल अंबानी देश नहीं छोड़ेंगे:बैंक फ्रॉड केस में ED-CBI को फटकार; कहा- जांच में देरी की, अब ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेंगे
सुप्रीम कोर्ट ने अनिल धीरुभाई अंबानी ग्रुप (ADAG) जुड़े ₹40 हजार करोड़ के बैंक फ्रॉड केस में जांच एजेंसियों पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा- CBI और ED जांच में देरी का कारण नहीं बता सकीं। दोनों एजेंसियां पहले ही काफी समय ले चुकी हैं। आगे ऐसी ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेंगे। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने CBI और ED से चार हफ्ते में ताजा स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। कोर्ट ने यह रिकॉर्ड किया कि अनिल अंबानी उसकी पूर्व अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ेंगे। असल में याचिकाकर्ता और पूर्व आईएएस अफसर ईएएस सरमा ने अनिल के देश छोड़ने की आशंका जताई थी। सुनवाई के दौरान अनिल अंबानी ने अपने वकील मुकुल रोहतगी के जरिए कोर्ट को आश्वासन दिया कि वे कोर्ट की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ेंगे। ED ने कहा- 40 हजार करोड़ सायफन, अपराध की कमाई ₹20 हजार करोड़ सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि अनिल अंबानी के खिलाफ पहले ही लुकआउट सर्कुलर जारी किए जा चुके हैं। मेहता ने कोर्ट को बताया- अनिल समूह की कंपनियों के जरिए करीब ₹40 हजार करोड़ सायफन किए जाने का आरोप है। इस पर कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी की- यह इतनी बड़ी रकम सायफन होने का मामला है। कोर्ट ने ED के हलफनामे को रिकॉर्ड में लिया कि अपराध से अर्जित आय ₹20 हजार करोड़ से अधिक आंकी गई है। एजेंसी ₹8,078 करोड़ की संपत्ति अस्थायी रूप से अटैच कर चुकी है। अनिल बोले- कारोबारी घाटा, कर्ज में चूक पर आपराधिक केस न बने अनिल अंबानी की ओर से पेश वकील श्याम दीवान ने सार्वजनिक धन की हेराफेरी के आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा- रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने करीब ₹20 हजार करोड़ चुका दिए हैं। कारोबारी घाटे व कर्ज में चूक को आपराधिक केस नहीं बनाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले 23 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने CBI और ED को सीलबंद लिफाफे में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था और अनिल अंबानी और ADAG को नोटिस जारी किया था। याचिका में आरोप है कि 2007-08 से फ्रॉड चल रहा था, लेकिन FIR 2025 में दर्ज हुई। याचिका के मुताबिक 2013-17 के बीच RCOM, रिलायंस इंफ्राटेल (RITL) और रिलायंस टेलिकॉम (RTL) ने SBI और अन्य बैंक से ₹40 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज लिया था। बाद में लोन की रकम का तय मकसद के बजाय दूसरी जगह इस्तेमाल हुआ। कुछ मामलों में ग्रुप की दूसरी कंपनियों को फंड ट्रांसफर किया गया। समय पर लोन चुकाने में भी चूक (NPA) हुई। जांच में फंड्स के गलत इस्तेमाल का खुलासा ED ने अपनी जांच में पाया है कि रिलायंस होम फाइनेंस (RHFL) और रिलायंस कॉमर्शियल फाइनेंस (RCFL) में बड़े पैमाने पर फंड्स का गलत इस्तेमाल हुआ। 2017 से 2019 के बीच यस बैंक ने RHFL में 2,965 करोड़ और RCFL में 2,045 करोड़ का इन्वेस्टमेंट किया था। दिसंबर 2019 तक ये अमाउंट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) बन गए। RHFL का 1,353 करोड़ और RCFL का 1,984 करोड़ अभी तक बकाया है। कुल मिलाकर यस बैंक को 2,700 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ। ED के मुताबिक ये फंड्स रिलायंस ग्रुप की दूसरी कंपनियों में डायवर्ट किए गए। लोन अप्रूवल प्रोसेस में भी कई गड़बड़ियां मिलीं। जैसे, कुछ लोन उसी दिन अप्लाई, अप्रूव और डिस्बर्स हो गए। फील्ड चेक और मीटिंग्स स्किप हो गईं। डॉक्यूमेंट्स ब्लैंक या डेटलेस मिले। ED ने इसे 'इंटेंशनल कंट्रोल फेल्योर' बताया है। जांच PMLA की धारा 5(1) के तहत चल रही है और 31 अक्टूबर 2025 को अटैचमेंट ऑर्डर जारी हुए। ---------------------------------- अनिल अंबानी से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… कांग्रेस का दावा- अनिल अंबानी ने एपस्टीन से मदद मांगी:मोदी-ट्रम्प की मुलाकात करानी थी; कल कहा था- ट्रम्प के लिए मोदी इजराइल में नाचे कांग्रेस ने 1 फरवरी को अनिल अंबानी और अमेरिका के यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के बीच 16 मार्च 2017 को हुई चैट का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर शेयर किया है। अनिल अंबानी चैट में एपस्टीन से कुशनर और बैनन (ट्रम्प के करीबी) से मुलाकात में उसकी मदद मांगते नजर आ रहे हैं। साथ ही ट्रम्प-मोदी की मुलाकात में भी एपस्टीन की हेल्प मांग रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर 35 घंटे से जाम:20km तक गाड़ियों की लाइन लगी; लोगों दो दिन से बिना खाना-पानी और टॉयलेट के फंसे
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर खंडाला घाट सेक्शन में गैस टैंकर पलटने के कारण करीब 35 घंटे से ट्रैफिक जाम है। एक्सप्रेसवे पर 20 किलोमीटर तक गाड़ियों की लंबी लाइन लगी है। सैकड़ों वाहन फंसे हैं। लोग दो दिन से बिना खाना, पानी और टॉयलेट सुविधाओं के रास्ता क्लियर होने का इंतजार कर रहे हैं। खंडाला घाट सेक्शन में 3 फरवरी की शाम करीब 5 बजे अडोशी टनल के पास एक गैस टैंकर पलट गया था। टैंकर से ज्वलनशील प्रोपाइलीन गैस लीक हो रही थी। इसके बाद सुरक्षा कारणों से एक्सप्रेसवे के कई हिस्से बंद करने पड़े। महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MSRDC) के अनुसार, टैंकर में मौजूद प्रोपाइलीन गैस को दूसरे टैंकरों में ट्रांसफर कर दिया गया है। हालांकि, अब तक क्षतिग्रस्त टैंकर को रास्ते से नहीं हटाया जा सका है। अब गुरुवार सुबह तक ट्रैफिक सामान्य होने की संभावना जताई गई है। NDRF, SDRF और भारत पेट्रोलियम की टीमें तैनात गैस लीक के बाद हालात संभालने के लिए NDRF, SDRF और भारत पेट्रोलियम (BPCL) की टीमें मौके पर तैनात की गईं। पुणे से मुंबई जाने वाली लेन पूरी तरह बंद कर दी गई और ट्रैफिक को पुराने मुंबई-पुणे हाईवे की ओर डायवर्ट किया गया। स्थिति को कुछ हद तक संभालने के लिए पुणे लेन से मुंबई की ओर 15–20 मिनट के ब्लॉक में गाड़ियां जा रही हैं। हालांकि, बुधवार शाम तक गैस लीक जारी रहने से जाम पूरी तरह खत्म नहीं हो सका। बुधवार रात तक वाहनों की कतारें करीब 20 किलोमीटर तक फैल गईं। एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों से टोल वसूली रोकी गई MSRDC ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए मुंबई-बाउंड कैरिजवे बंद रखा गया, जिससे दोनों दिशाओं में ट्रैफिक प्रभावित हुआ। इस दौरान एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली भी बुधवार सुबह से निलंबित कर दी गई। जाम का असर बस सेवाओं पर भी पड़ा। महाराष्ट्र राज्य परिवहन निगम (MSRTC) की 165 बसें अलग-अलग जगहों पर फंसी रहीं। बुधवार को 139 बस सेवाएं रद्द करनी पड़ीं, जिनमें 73 ई-शिवनेरी और 66 सामान्य बसें शामिल थीं। परिवहन विभाग के अनुसार, 163 बसें एक्सप्रेसवे पर फंसी रहीं। इनमें सतारा की 46, सोलापुर की 36, पुणे की 20, सांगली की 18, कोल्हापुर की 13, पालघर की 12, ठाणे की 11 और मुंबई डिवीजन की 7 बसें शामिल थीं। यात्रियों के बीच पानी और बिस्कुट बांटे गए मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के संचालन और रखरखाव के लिए जिम्मेदार MSRDC और IRB MPEPL की टीमें FM रेडियो, सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से यात्रियों को लगातार अपडेट देती रहीं। लोगों से अपील की गई कि बेहद जरूरी न हो तो यात्रा से बचें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। फंसे यात्रियों की मदद के लिए IRB MPEPL और पुणे ग्रामीण पुलिस ने जहां संभव हो सका वहां पानी और बिस्कुट बांटे। एक MSRTC ड्राइवर ने बताया कि उनकी बस अडोशी टनल के पास करीब 9 घंटे तक फंसी रही और आखिरकार बुधवार सुबह 3 बजे पनवेल पहुंच सकी। यात्रियों ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई। कुछ यूजर्स ने एक्सप्रेसवे को ‘पार्किंग लॉट’ बताया। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को टॉयलेट और पानी की कमी के कारण सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी। अधिकारियों के मुताबिक, हालात की समीक्षा के बाद बस सेवाएं चरणबद्ध तरीके से फिर शुरू की जाएंगी। एक्सप्रेसवे कंट्रोल रूम ने उम्मीद जताई है कि गुरुवार सुबह तक ट्रैफिक में राहत मिल सकती है। ------------------------------------ मुंबई से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… मुंबई में लिफ्ट में फटे गैस से भरे गुब्बारे, VIDEO: लिफ्ट में मौजूद महिला और व्यक्ति आग में घिरे मुंबई की एक बिल्डिंग की लिफ्ट में बुधवार को गुब्बारे फटने से आग लग गई। लिफ्ट में पहले एक महिला और फिर एक व्यक्ति गुब्बारे लेकर घुसता है। इसके बाद अचानक से गुब्बारों में ब्लास्ट हो जाता है। पुलिस ने बताया कि आग से आदमी और महिला को चोटें आई हैं। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर 31 घंटे बाद जाम खुला:टैंकर पलटने से रास्ता बंद था; गाड़ियों की 25km लंबी कतारें, डेढ़ लाख से ज्यादा लोग फंसे थे
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर करीब 31 घंटे बाद गुरुवार सुबह ट्रैफिक जाम खुल गया। यहां 3 फरवरी से डेढ़ लाख वाहनों में लोग फंसे थे। गाड़ियों की 25 किमी लंबी कतारें लग गई थीं। जाम में फंसे लोगों को खाना, पानी और टॉयलेट सुविधाओं की कमी के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस जाम में फंसे लोगों में उद्योगपति और पिनैकल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सुधीर मेहता भी शामिल थे। वे एक्सप्रेसवे पर लगभग आठ घंटे तक फंसे रहे और बाद में उन्हें हेलिकॉप्टर से पुणे ले जाया गया। मेहता ने बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर हेलिकॉप्टर से ली गई जाम की तस्वीर शेयर की। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर खंडाला घाट सेक्शन में 3 फरवरी की शाम करीब 5 बजे अडोशी टनल के पास एक गैस टैंकर पलट गया था। टैंकर से प्रोपाइलीन गैस लीक हो रही थी। इसके बाद सुरक्षा कारणों से एक्सप्रेसवे के कई हिस्से बंद करने पड़े थे। महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MSRDC) के अनुसार, टैंकर में मौजूद प्रोपाइलीन गैस को दूसरे टैंकरों में ट्रांसफर किया गया। फिर क्षतिग्रस्त टैंकर को रास्ते से हटाया गया। तब जाकर जाम धीरे-धीरे खुलना शुरू हुआ। NDRF, SDRF और भारत पेट्रोलियम की टीमें तैनात गैस लीक के बाद हालात संभालने के लिए NDRF, SDRF और भारत पेट्रोलियम (BPCL) की टीमें मौके पर तैनात की गई थीं। पुणे से मुंबई जाने वाली लेन पूरी तरह बंद कर दी गई थी और ट्रैफिक को पुराने मुंबई-पुणे हाईवे की ओर डायवर्ट किया गया था। स्थिति को कुछ हद तक संभालने के लिए पुणे लेन से मुंबई की ओर 15–20 मिनट के ब्लॉक में गाड़ियां जा रही थी। हालांकि, बुधवार शाम तक गैस लीक जारी रहने से जाम बढ़ता ही जा रहा था। बुधवार शाम तक वाहनों की कतारें करीब 20 किलोमीटर तक फैल गई थीं। एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों से टोल वसूली रोकी गई जाम खुलने से पहले MSRDC ने बताया था कि यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए मुंबई-बाउंड कैरिजवे बंद रखा गया है, जिससे दोनों दिशाओं में ट्रैफिक प्रभावित हुआ। इस दौरान एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली भी बुधवार सुबह से निलंबित कर दी गई थी। जाम का असर बस सेवाओं पर भी पड़ा। महाराष्ट्र राज्य परिवहन निगम (MSRTC) की 165 बसें अलग-अलग जगहों पर फंसी रहीं। बुधवार को 139 बस सेवाएं रद्द करनी पड़ीं, जिनमें 73 ई-शिवनेरी और 66 सामान्य बसें शामिल थीं। परिवहन विभाग के अनुसार, 163 बसें एक्सप्रेसवे पर फंसी रहीं। इनमें सतारा की 46, सोलापुर की 36, पुणे की 20, सांगली की 18, कोल्हापुर की 13, पालघर की 12, ठाणे की 11 और मुंबई डिवीजन की 7 बसें शामिल थीं। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर जाम की 3 तस्वीरें… यात्रियों के बीच पानी और बिस्कुट बांटे गए मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के संचालन और रखरखाव के लिए जिम्मेदार MSRDC और IRB MPEPL की टीमें FM रेडियो, सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से यात्रियों को लगातार अपडेट देती रहीं। लोगों से अपील की गई कि बेहद जरूरी न हो तो यात्रा से बचें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। फंसे यात्रियों की मदद के लिए IRB MPEPL और पुणे ग्रामीण पुलिस ने जहां संभव हो सका वहां पानी और बिस्कुट बांटे। एक MSRTC ड्राइवर ने बताया कि उनकी बस अडोशी टनल के पास करीब 9 घंटे तक फंसी रही और आखिरकार बुधवार सुबह 3 बजे पनवेल पहुंच सकी। यात्रियों ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई। कुछ यूजर्स ने एक्सप्रेसवे को ‘पार्किंग लॉट’ बताया। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को टॉयलेट और पानी की कमी के कारण सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी। अधिकारियों के मुताबिक, हालात की समीक्षा के बाद बस सेवाएं चरणबद्ध तरीके से फिर शुरू की जाएंगी। एक्सप्रेसवे कंट्रोल रूम ने उम्मीद जताई है कि गुरुवार सुबह तक ट्रैफिक में राहत मिल सकती है। ------------------------------------ मुंबई से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… मुंबई में लिफ्ट में फटे गैस से भरे गुब्बारे, VIDEO: लिफ्ट में मौजूद महिला और व्यक्ति आग में घिरे मुंबई की एक बिल्डिंग की लिफ्ट में बुधवार को गुब्बारे फटने से आग लग गई। लिफ्ट में पहले एक महिला और फिर एक व्यक्ति गुब्बारे लेकर घुसता है। इसके बाद अचानक से गुब्बारों में ब्लास्ट हो जाता है। पुलिस ने बताया कि आग से आदमी और महिला को चोटें आई हैं। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar संसद परिसर में सीढ़ियों से गिरे सांसद शशि थरूर:अखिलेश यादव और सांसदों ने संभाला, गंभीर चोट नहीं आई
संसद परिसर में बुधवार को कांग्रेस सांसद शशि थरूर सीढ़ियों से उतरते समय फिसलकर गिर पड़े। मौके पर मौजूद सांसदों और कर्मचारियों ने तुरंत उनकी मदद की। कांग्रेस सांसद शशि थरूर मोबाइल फोन पर बात करते हुए संसद भवन परिसर में सीढ़ियों से उतर रहे थे, तभी उनका पैर फिसल गया और वे गिर पड़े। इस दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और अन्य सांसदों ने तुरंत आगे बढ़कर उन्हें संभाला। संसद के स्टाफ ने भी उन्हें खड़ा होने में मदद की। थरूर के गिरने की घटना के बाद वहां कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा, हालांकि थरूर को कोई गंभीर चोट लगने की सूचना नहीं है। सांसदों ने उनका हालचाल भी जाना। शशि थरूर के साथ हुए हादसे का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है। शशि थरूर संसद की सीढियों से गिरे, 4 तस्वीरें: संसद के मकर द्वार पर सस्पेंड सांसदों का विरोध प्रदर्शन लोकसभा से निलंबित विपक्ष के बुधवार को 8 सांसदों ने पोस्टर लेकर विरोध जताया। पोस्टर पर लिखा- पीएम इज कॉम्प्रोमाइज्ड (प्रधानमंत्री ने समझौता किया)। पोस्टर पर पूर्व आर्मी चीफ नरवणे, पीएम नरेंद्र मोदी और जेफ्री एपस्टीन की तस्वीर थी। इन सांसदों को चेयर की तरफ पेपर उछालने की शिकायत पर पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित किया गया है। आज सुबह लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर विपक्ष ने हंगामा किया। ------------------------------------------------ ये खबर भी पढ़ें: लोकसभा में PM मोदी की स्पीच टली:शाम 5 बजे भाषण से पहले विपक्षी महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री की खाली कुर्सी घेरी, सदन कल तक स्थगित विपक्षी सांसदों के लगातार हंगामे के चलते बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही 4 बार स्थगित हुई। शाम 5 बजे प्रधानमंत्री धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देने वाले थे, लेकिन विपक्ष की महिला सांसदों के हंगामे के चलते स्पीकर संध्या राय ने कार्यवाही कल तक स्थगित कर दी। इससे पीएम नरेंद्र मोदी का संबोधन भी टल गया। पढ़ें पूरी खबर…
Dainik Bhaskar मुंबई में लिफ्ट में फटे गैस से भरे गुब्बारे, VIDEO:लिफ्ट में मौजूद महिला और व्यक्ति आग में घिरे; CCTV में रिकॉर्ड हुई पूरी घटना
मुंबई की एक बिल्डिंग की लिफ्ट में बुधवार को गुब्बारे फटने से आग लग गई। लिफ्ट में दो व्यक्ति गुब्बारे लेकर घुसे थे। वहां एक महिला भी मौजूद थी। ये पूरी घटना लिफ्ट में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। पुलिस ने बताया कि आग से आदमी और महिला को चोटें आई हैं। उन्होंने बताया कि गुब्बारे बेचने वाले के खिलाफ केस भी दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक यह पता नहीं चला है कि गुब्बारों में किस तरह की गैस भरी थी। फिलहाल पुलिस मामले में जांच कर रही है। 3 वीडियो में देखिए पूरी घटना… अब समझिए क्या हुआ… ---------------- ये खबर भी पढ़ें… पुणे में कार ने 5 साल के बच्चे को कुचला:मौत, CCTV में कैद हुई पूरी घटना; दोस्त को छोड़ने आया था कार सवार महाराष्ट्र के पुणे स्थित लोनी काल्भोर में 23 जनवरी को एक रिहायशी सोसाइटी में कार ने साइकल चला रहे 5 साल के बच्चे को कुचल दिया। इस हादसे में बच्चे की मौत हो गई। ये पूरी घटना सोसाइटी में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई। वीडियो में दिखता है बच्चा साइकल चला रहा था तभी एक कार आई और बच्चे को कुचलते हुए निकल गई। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar मुंबई में लिफ्ट में फटे गैस से भरे गुब्बारे, VIDEO:लिफ्ट में मौजूद महिला और व्यक्ति आग में घिरे; CCTV में रिकॉर्ड हुई पूरी घटना
मुंबई की एक बिल्डिंग की लिफ्ट में बुधवार को गुब्बारे फटने से आग लग गई। लिफ्ट में पहले एक महिला और फिर एक व्यक्ति गुब्बारे लेकर घुसता है। इसके बाद अचानक से गुब्बारों में ब्लास्ट हो जाता है। पुलिस ने बताया कि आग से आदमी और महिला को चोटें आई हैं। उन्होंने बताया कि गुब्बारे बेचने वाले के खिलाफ केस भी दर्ज किया गया है। पूरी घटना लिफ्ट में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। पुलिस के मुताबिक यह पता नहीं चला है कि गुब्बारों में किस तरह की गैस भरी थी। फिलहाल पुलिस मामले में जांच कर रही है। 3 वीडियो में देखिए पूरी घटना… अब समझिए क्या हुआ… ---------------- ये खबर भी पढ़ें… पुणे में कार ने 5 साल के बच्चे को कुचला:मौत, CCTV में कैद हुई पूरी घटना; दोस्त को छोड़ने आया था कार सवार महाराष्ट्र के पुणे स्थित लोनी काल्भोर में 23 जनवरी को एक रिहायशी सोसाइटी में कार ने साइकल चला रहे 5 साल के बच्चे को कुचल दिया। इस हादसे में बच्चे की मौत हो गई। ये पूरी घटना सोसाइटी में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई। वीडियो में दिखता है बच्चा साइकल चला रहा था तभी एक कार आई और बच्चे को कुचलते हुए निकल गई। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar सुप्रीम कोर्ट केंद्र से बोला-वांगचुक की जमानत पर विचार करें:दलीलों के अलावा भी सोचिए, उनकी तबीयत ठीक नहीं, जेल में 5 महीने हो गए
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र से पूछा कि क्या सरकार क्लाइमेट एक्टिविस्ट और साइंटिस्ट सोनम वांगचुक की तबीयत को देखते हुए उनकी हिरासत पर फिर से विचार कर सकती है? जस्टिस अरविंद कुमार और पी बी वराले की बेंच ने कहा कि वांगचुक की हेल्थ रिपोर्ट अच्छी नहीं है। कोर्ट ने केंद्र की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल के एम नटराज से इस मामले में निर्देश लेने को कहा। कोर्ट ने कहा- दलीलों और कानून के बिंदुओं के अलावा, कोर्ट के अधिकारी के तौर पर इस पर थोड़ा सोचिए। हिरासत का आदेश 26 सितंबर, 2025 को पारित किया गया था, लगभग पांच महीने हो गए हैं। इसपर नटराज ने कहा कि वह यह सुझाव संबंधित अधिकारियों के सामने रखेंगे। दरअसल, 24 सितंबर 2025 को लेह में हुई हिंसा भड़काने के आरोप में 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत 26 वांगचुक को पुलिस ने हिरासत में लिया गया था। तब से वे जोधपुर जेल में हैं। 3 फरवरी: सरकार बोली-वांगचुक बॉर्डर एरिया में लोगों को भड़का रहे थे केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि सोनम वांगचुक को इसलिए हिरासत में लिया गया, क्योंकि वे पाकिस्तान और चीन से सटे संवेदनशील बॉर्डर इलाके में लोगों को भड़का रहे थे। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी.बी. वराले की बेंच लद्दाख हिंसा से जुड़े मामले में वांगचुक की गिरफ्तारी के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। पूरी खबर पढ़ें… 2 फरवरी: सरकार बोली– वांगचुक लद्दाख को नेपाल-बांग्लादेश बनाना चाहते थे केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि सोनम वांगचुक लद्दाख को नेपाल या बांग्लादेश जैसा बनाना चाहते हैं। ऐसे व्यक्ति को और जहर उगलने की इजाजत नहीं दी जा सकती। मेहता ने कहा कि नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे उदाहरण देना, युवाओं को भड़काने और देश की एकता के खिलाफ माहौल बनाने के बराबर है। पूरी खबर पढ़ें… पत्नी गीतांजलि बोली थीं- अधिकारियों ने सही फैसला नहीं किया इससे पहले वांगचुक की पत्नी गीताांजलि अंग्मो ने 12 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि उनके पति को हिरासत में लेने के फैसले में अधिकारियों ने ठीक से सोच-विचार नहीं किया। उन्हें बेकार व गैर-जरूरी बातों के आधार पर नजरबंद किया गया। अंग्मो की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच में दावा किया कि जिन चार वीडियो के आधार पर नजरबंदी की गई वे सोनम वांगचुक को दिए ही नहीं गए। इससे उनका अपना बचाव में सही ढंग से बात रखने का अधिकार छिन गया। वीडियो नहीं देने से वांगचुक का सलाहकार बोर्ड और सरकार के सामने अपनी बात रखने का अधिकार प्रभावित हुआ है। पूरी खबर पढ़ें… सोनम वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया था। वह लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर आन्दोलन कर रहे थे। आन्दोलन के दौरान हुए हिंसक प्रदर्शनों के दो दिन बाद उनकी गिरफ्तारी की गई थी। इन प्रदर्शनों में चार लोगों की मौत हुई थी और 90 लोग घायल हुए थे। सरकार का आरोप है कि वांगचुक ने इस हिंसा को भड़काया। NSA सरकार को ऐसे लोगों को हिरासत में लेने का अधिकार देता है, जिनसे देश की सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था को खतरा हो। इसके तहत किसी व्यक्ति को अधिकतम 12 महीने तक नजरबंद रखा जा सकता है। अंग्मो ने कहा कि 24 सितंबर को लेह में हुई हिंसा का सोनम वांगचुक के बयानों या कामों से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने बताया कि वांगचुक ने खुद सोशल मीडिया पर हिंसा की निंदा की थी और कहा था कि हिंसा से लद्दाख का शांतिपूर्ण आंदोलन विफल हो जाएगा। दरअसल लद्दाख पहले जम्मू-कश्मीर राज्य का हिस्सा था। 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने यहां से धारा 370 और 35 ए को हटाकर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दो अलग राज्य बनाया था। जम्मू-कश्मीर को विधानसभा वाला राज्य बनाया था, जिसका प्रशासन राज्य सरकार के पास और सुरक्षा व्यवस्था केंद्र सरकार के पास है, जबकि लद्दाख को पूरी तरह केंद्र शासित राज्य बनाया था। -------------- ये खबर भी पढ़ें… वांगचुक की पत्नी बोलीं-सोनम जेल में फर्श पर सो रहे:बैरक में टहलने तक की जगह नहीं, सरकार जानती हैं उनके केस में दम नहीं लद्दाख के एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने कहा कि सोनम को जेल में फर्श पर कंबल में सोना पड़ा रहा है। उनके पास कोई फर्नीचर नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके बैरक में इतनी भी जगह नहीं है कि वे ठीक से टहल सकें। आंगमे ने कहा कि सॉलिसिटर जनरल तारीख पर तारीख मांग रहे हैं क्योंकि उन्हें एहसास हो गया है कि केस में कोई दम नहीं है। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar सुप्रीम कोर्ट केंद्र से बोला-वांगचुक की जमानत पर विचार करें:दलीलों के अलावा भी सोचिए, उनकी तबीयत ठीक नहीं, जेल में 5 महीने हो गए
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र से पूछा कि क्या सरकार क्लाइमेट एक्टिविस्ट और साइंटिस्ट सोनम वांगचुक की तबीयत को देखते हुए उनकी हिरासत पर फिर से विचार कर सकती है? जस्टिस अरविंद कुमार और पी बी वराले की बेंच ने कहा कि वांगचुक की हेल्थ रिपोर्ट अच्छी नहीं है। कोर्ट ने केंद्र की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल के एम नटराज से इस मामले में निर्देश लेने को कहा। कोर्ट ने कहा- दलीलों और कानून के बिंदुओं के अलावा, कोर्ट के अधिकारी के तौर पर इस पर थोड़ा सोचिए। हिरासत का आदेश 26 सितंबर, 2025 को पारित किया गया था, लगभग पांच महीने हो गए हैं। इसपर नटराज ने कहा कि वह यह सुझाव संबंधित अधिकारियों के सामने रखेंगे। दरअसल, 24 सितंबर 2025 को लेह में हुई हिंसा भड़काने के आरोप में 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत 26 वांगचुक को पुलिस ने हिरासत में लिया गया था। तब से वे जोधपुर जेल में हैं। 3 फरवरी: सरकार बोली-वांगचुक बॉर्डर एरिया में लोगों को भड़का रहे थे केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि सोनम वांगचुक को इसलिए हिरासत में लिया गया, क्योंकि वे पाकिस्तान और चीन से सटे संवेदनशील बॉर्डर इलाके में लोगों को भड़का रहे थे। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी.बी. वराले की बेंच लद्दाख हिंसा से जुड़े मामले में वांगचुक की गिरफ्तारी के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। पूरी खबर पढ़ें… 2 फरवरी: सरकार बोली– वांगचुक लद्दाख को नेपाल-बांग्लादेश बनाना चाहते थे केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि सोनम वांगचुक लद्दाख को नेपाल या बांग्लादेश जैसा बनाना चाहते हैं। ऐसे व्यक्ति को और जहर उगलने की इजाजत नहीं दी जा सकती। मेहता ने कहा कि नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे उदाहरण देना, युवाओं को भड़काने और देश की एकता के खिलाफ माहौल बनाने के बराबर है। पूरी खबर पढ़ें… पत्नी गीतांजलि बोली थीं- अधिकारियों ने सही फैसला नहीं किया इससे पहले वांगचुक की पत्नी गीताांजलि अंग्मो ने 12 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि उनके पति को हिरासत में लेने के फैसले में अधिकारियों ने ठीक से सोच-विचार नहीं किया। उन्हें बेकार व गैर-जरूरी बातों के आधार पर नजरबंद किया गया। अंग्मो की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच में दावा किया कि जिन चार वीडियो के आधार पर नजरबंदी की गई वे सोनम वांगचुक को दिए ही नहीं गए। इससे उनका अपना बचाव में सही ढंग से बात रखने का अधिकार छिन गया। वीडियो नहीं देने से वांगचुक का सलाहकार बोर्ड और सरकार के सामने अपनी बात रखने का अधिकार प्रभावित हुआ है। पूरी खबर पढ़ें… सोनम वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया था। वह लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर आन्दोलन कर रहे थे। आन्दोलन के दौरान हुए हिंसक प्रदर्शनों के दो दिन बाद उनकी गिरफ्तारी की गई थी। इन प्रदर्शनों में चार लोगों की मौत हुई थी और 90 लोग घायल हुए थे। सरकार का आरोप है कि वांगचुक ने इस हिंसा को भड़काया। NSA सरकार को ऐसे लोगों को हिरासत में लेने का अधिकार देता है, जिनसे देश की सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था को खतरा हो। इसके तहत किसी व्यक्ति को अधिकतम 12 महीने तक नजरबंद रखा जा सकता है। अंग्मो ने कहा कि 24 सितंबर को लेह में हुई हिंसा का सोनम वांगचुक के बयानों या कामों से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने बताया कि वांगचुक ने खुद सोशल मीडिया पर हिंसा की निंदा की थी और कहा था कि हिंसा से लद्दाख का शांतिपूर्ण आंदोलन विफल हो जाएगा। दरअसल लद्दाख पहले जम्मू-कश्मीर राज्य का हिस्सा था। 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने यहां से धारा 370 और 35 ए को हटाकर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दो अलग राज्य बनाया था। जम्मू-कश्मीर को विधानसभा वाला राज्य बनाया था, जिसका प्रशासन राज्य सरकार के पास और सुरक्षा व्यवस्था केंद्र सरकार के पास है, जबकि लद्दाख को पूरी तरह केंद्र शासित राज्य बनाया था। -------------- ये खबर भी पढ़ें… वांगचुक की पत्नी बोलीं-सोनम जेल में फर्श पर सो रहे:बैरक में टहलने तक की जगह नहीं, सरकार जानती हैं उनके केस में दम नहीं लद्दाख के एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने कहा कि सोनम को जेल में फर्श पर कंबल में सोना पड़ा रहा है। उनके पास कोई फर्नीचर नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके बैरक में इतनी भी जगह नहीं है कि वे ठीक से टहल सकें। आंगमे ने कहा कि सॉलिसिटर जनरल तारीख पर तारीख मांग रहे हैं क्योंकि उन्हें एहसास हो गया है कि केस में कोई दम नहीं है। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar शरद पवार बोले-फडणवीस विलय की बातचीत में शामिल नहीं थे:उन्हें कमेंट करने का अधिकार नहीं; विद्या प्रतिष्ठान में अजित के बेटों से मिले NCP-SP चीफ
NCP(SP) चीफ शरद पवार ने बुधवार को कहा कि महाराष्ट्र के CM देवेंद्र फडणवीस राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों के बीच विलय की चर्चा में शामिल नहीं थे। इसलिए उन्हें इस पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। शरद ने दावा किया कि NCP (SP) नेता जयंत पाटिल और उनके भतीजे और NCP चीफ अजित पवार विलय की बातचीत का नेतृत्व कर रहे थे। दरअसल CM फडणवीस ने पिछले दिनों कहा था कि अगर NCP मर्जर की बातचीत सच में चल रही होती, तो अजित पवार ने उनके साथ यह बात शेयर की होती। महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी CM अजित पवार की 28 जनवरी को पुणे जिले के बारामती में प्लेन दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बाद ही शरद पवार और उनकी पार्टी के नेताओं ने दावा किया था कि विलय के लिए 12 फरवरी की तारीख तय की थी। बारामती में आज के 2 घटनाक्रम अजित पवार के लिए कश्मीर से कन्याकुमारी तक कलश यात्रा NCP यूथ कांग्रेस दिवंगत डिप्टी सीएम और पार्टी प्रमुख अजित पवार के लिए कश्मीर से कन्याकुमारी तक 'कलश यात्रा' निकाल रही है। यह यात्रा 4 से 7 फरवरी के बीच देश के चारों कोनों को कवर करेगी। यह यात्रा 14 राज्यों से होकर गुजरेगी। अजित की मौत के बाद विद्या प्रतिष्ठान में पहली बैठक NCP (SP) प्रमुख शरद पवार की अध्यक्षता में विद्या प्रतिष्ठान में एक बैठक हुई। इसमें अजित पवार के बेटे पार्थ पवार, जय पवार, विजया पाटिल और दूसरे सदस्य शामिल हुए। उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद यह पहली बैठक थी। शरद पवार और अजित पवार के बेटों पार्थ पवार और जय पवार के बीच एक बंद कमरे में भी बैठक हुई। यह बैठक विद्या प्रतिष्ठान के परिसर में हुई। सूत्रों ने बताया कि बैठक करीब डेढ़ घंटे तक चली। बैठक के एजेंडे के बारे में तत्काल कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। सूत्रों के अनुसार बैठक में NCP के दोनों गुटों का संभावित विलय और आगामी जिला परिषद चुनाव पर बातचीत हुई। -------------------- ये खबर भी पढ़ें: NCP के दोनों गुटों के विलय पर अब भी सस्पेंस:सुनेत्रा बारामती लौटीं, शरद पवार मुंबई पहुंचे; CM फडणवीस जिला परिषद-पंचायत समिति चुनाव प्रचार नहीं करेंगे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसी बीच, एनसीपी (एसपी) के अध्यक्ष शरद पवार रविवार सुबह बारामती से मुंबई के लिए रवाना हो गए, जबकि अजित पवार की पत्नी और डिप्टी CM सुनेत्रा पवार बारामती लौट आईं। पढ़ें पूरी खबर…
Dainik Bhaskar इंपैक्ट फीचर:वेनिस में 61वीं इंटरनेशनल आर्ट एग्जीबिशन, भारत की ‘जिओग्राफिस ऑफ डिस्टेंस: रिमेंबरिंग होम’ एक्जीबिशन का प्रदर्शन होगा
भारत मंडप ने वेनिस बिएनाले की 61वीं अंतरराष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में अपनी भागीदारी की जानकारी दी है। मंडप में समूह प्रदर्शनी “Geographies of Distance: remembering home” प्रस्तुत की जाएगी। प्रदर्शनी भारत सरकार का संस्कृति मंत्रालय लगा रहा है। इसका क्यूरेशन डॉ. अमीन जाफ़र ने किया है। यह प्रदर्शनी वैश्विक मंच पर एक महत्वपूर्ण समय में भारत की सांस्कृतिक गहराई को दर्शाएगी। भारत मंडप 2019 के बाद पहली बार वेनिस लौट रहा है। प्रदर्शनी नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर और सेरेंडिपिटी आर्ट्स फाउंडेशन के सहयोग से की जा रही है। जो भारत की प्रमुख बहु-विषयक सांस्कृतिक संस्थां हैं। इस प्रदर्शनी में शामिल पांचों भारतीय कलाकार अलवर बालासुब्रमण्यम (बाला), सुमाक्षी सिंह, रंजनी शेट्टर, आसिम वाक़िफ़ और स्कारमा सोनम ताशी, हजारों साल पुरानी भारतीय भौतिक और शिल्प परंपराओं से प्रेरणा लेकर “घर” की भावना से भावनात्मक जुड़ाव को अभिव्यक्त करते हैं। हालांकि इन कलाकारों की पृष्ठभूमि, अनुभव और कार्यशैली अलग-अलग है, लेकिन सभी अपने काम में भारत से जुड़े प्राकृतिक और पारंपरिक जैविक पदार्थों का उपयोग करते हैं। ‘घर’ की बदलती परिभाषा प्रदर्शनी यह दिखाती है कि जिन लोगों का जीवन दूरी, बदलाव और प्रवास से जुड़ा है, उनके लिए “घर” कोई स्थिर जगह नहीं, बल्कि एक ऐसी भावना बन जाता है जिसे वे अपने साथ लेकर चलते हैं — स्मृति, सामग्री, परंपरा, रस्म और व्यक्तिगत अनुभव का मिश्रण। आज भारत तेज़ी से बदल रहा है — शहर फैल रहे हैं, ऊंचाई में भी और चौड़ाई में भी। लोग पहले से कहीं ज्यादा मोबाइल हैं — देश के भीतर भी और दुनिया भर में फैले प्रवासी भारतीयों के रूप में भी। दुनिया की लगभग 20% आबादी भारतीय मूल की है और फिर भी वे अपनी संस्कृति और जड़ों से गहरे जुड़े हुए हैं। ऐसे में सवाल उठता है —क्या घर कोई जगह है या स्मृति और भावना का एहसास? प्रदर्शनी में क्या दिखेगा पूरी प्रदर्शनी में “घर” के तत्व टूटे हुए, लटके हुए, अस्थायी या नाज़ुक रूप में दिखाई देते हैं। कलाकार जुड़ाव, दूरी, बदलाव और अपनापन जैसे भावों को तलाशते हैं। ये कलाकार शामिल होंगे अलवर बालासुब्रमण्यम (बाला): तमिलनाडु के ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं। मिट्टी और ज़मीन से बने कामों के ज़रिये प्रकृति और अपने परिवेश से संवाद करते हैं। सुमाक्षी सिंह: नई दिल्ली की कलाकार। कढ़ाई और धागों से बनी स्थापत्य जैसी रचनाओं में स्मृति को आकार देती हैं। रंजनी शेट्टर: कर्नाटक में कार्यरत। पारंपरिक हस्तशिल्प से प्रेरित मूर्तियाँ बनाती हैं, जो गुरुत्वाकर्षण को चुनौती देती प्रतीत होती हैं। आसिम वाक़िफ़: आर्किटेक्ट पृष्ठभूमि से। रिसायकल और फेंकी गई सामग्रियों से संरचनाएं बनाकर उपभोग और पर्यावरण के मुद्दों पर सवाल उठाते हैं। स्कारमा सोनम ताशी: लद्दाख के कलाकार। कागज की लुगदी (पेपर माशे) और पारंपरिक तकनीकों से पर्यावरण और सांस्कृतिक संरक्षण पर काम करते हैं। वेनिस में भारत की उपस्थिति भारत वेनिस में शोर के साथ नहीं, बल्कि एक आत्मविश्वास के रूप में मौजूद होगा। संगीत, कविता, प्रदर्शन और संवाद शहर की रोज़मर्रा की लय में घुलते नजर आएंगे — कभी पुल पर सुबह, कभी शाम की गूंज में। बिएनाले के दौरान संगीत, कविता, परफॉर्मेंस और बातचीत का एक विशेष कार्यक्रम भी होगा। भारत की वेनिस बिएनाले में वापसी गर्व और सांस्कृतिक आत्मविश्वास का प्रतीक है। यह मंडप एक ऐसे भारत को दिखाएगा जो अपनी सभ्यतागत स्मृति से जुड़ा है और दुनिया से संवाद में है।-गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय संस्कृति व पर्यटन मंत्री ये कलाकार भारत की बदलती सच्चाइयों को व्यक्तिगत और नवाचारी तरीकों से अभिव्यक्त करते हैं।- विवेक अग्रवाल (सचिव, संस्कृति मंत्रालय): भारत की सांस्कृतिक अभिव्यक्ति सबसे प्रभावशाली तब होती है जब वह बहु-विषयक और संवाद के लिए खुली हो।-सुनील कांट मुंजाल (सेरेंडिपिटी आर्ट्स) यह प्रदर्शनी “घर” को एक भावनात्मक और आंतरिक स्थान के रूप में देखती है - नाज़ुक, व्यक्तिगत और सार्वभौमिक।-डॉ. अमीन जाफ़र (क्यूरेटर):
Dainik Bhaskar शहजाद पूनावाला की मां को कार ने मारी टक्कर, CCTV:पुणे में एक्सीडेंट कर भागा, CM फडणवीस बोले- आरोपी को पकड़ने के लिए टीम लगाई
महाराष्ट्र के पुणे में बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला की मां को एक कार सवार ने मंगलवार शाम को टक्कर मार दी। हादसे में यासमीन पूनावाला गंभीर रूप से घायल हो गई। शहजाद ने बताया कि उनकी मां को गंभीर चोटें आई है। डॉक्टर ने सर्जरी करवाने को कहा है। पूनावाला ने बताया कि उनकी मां ड्राइवर और स्टाफ के साथ थीं और कार में पेट्रोल भरवाने के दौरान सड़क किनारे खड़ी थीं। उसी वक्त एक कार ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी। हादसे के तीन सीसीटीवी फुटेज… सीएम फड़नवीस ने शहजाद से फोन पर बात की घटना के बाद शहजाद ने X पर पोस्ट कर पुणे सिटी पुलिस और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। इसके बाद सीएम फडणवीस ने बीजेपी प्रवक्ता से फोन पर बात की और X पर लिखा कि यह घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। आरोपी को पकड़ने के लिए सीनियर पुलिस अधिकारियों की टीम लगाई है। ----------------------------------------------------------- यह खबर भी पढ़ें… पोर्श हिट-एंड-रन: सुप्रीम कोर्ट ने तीन आरोपियों को जमानत दी:मृतक के परिजन नाखुश, पिता बोले- ऐसे में बेटे को न्याय कैसे मिलेगा पुणे पोर्श हिट-एंड-रन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तीन आरोपियों आदित्य सूद, आशीष मित्तल और अमर गायकवाड़ को जमानत दे दी है। इन तीनों पर ब्लड सैंपल बदलने और नाबालिग आरोपी को बचाने का आरोप था। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar शहजाद पूनावाला की मां को कार ने मारी टक्कर, CCTV:पुणे में एक्सीडेंट कर भागा, CM फडणवीस बोले- आरोपी को पकड़ने के लिए टीम लगाई
महाराष्ट्र के पुणे में बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला की मां को एक कार सवार ने मंगलवार शाम को टक्कर मार दी। हादसे में यासमीन पूनावाला गंभीर रूप से घायल हो गई। शहजाद ने बताया कि उनकी मां को गंभीर चोटें आई है। डॉक्टर ने सर्जरी करवाने को कहा है। पूनावाला ने बताया कि उनकी मां ड्राइवर और स्टाफ के साथ थीं और कार में पेट्रोल भरवाने के दौरान सड़क किनारे खड़ी थीं। उसी वक्त एक कार ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी। हादसे के तीन सीसीटीवी फुटेज… सीएम फड़नवीस ने शहजाद से फोन पर बात की घटना के बाद शहजाद ने X पर पोस्ट कर पुणे सिटी पुलिस और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। इसके बाद सीएम फडणवीस ने बीजेपी प्रवक्ता से फोन पर बात की और X पर लिखा कि यह घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। आरोपी को पकड़ने के लिए सीनियर पुलिस अधिकारियों की टीम लगाई है। ----------------------------------------------------------- यह खबर भी पढ़ें… पोर्श हिट-एंड-रन: सुप्रीम कोर्ट ने तीन आरोपियों को जमानत दी:मृतक के परिजन नाखुश, पिता बोले- ऐसे में बेटे को न्याय कैसे मिलेगा पुणे पोर्श हिट-एंड-रन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तीन आरोपियों आदित्य सूद, आशीष मित्तल और अमर गायकवाड़ को जमानत दे दी है। इन तीनों पर ब्लड सैंपल बदलने और नाबालिग आरोपी को बचाने का आरोप था। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar मणिपुर में आज NDA सरकार का शपथ ग्रहण संभव:नए CM युमनाम इंफाल पहुंचे; सरकार में 2 डिप्टी CM कुकी नेता नेम्चा पहली महिला उपमुख्यमंत्री होंगी
पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू होने के एक साल के भीतर NDA सरकार फिर से बहाल होने जा रही है। न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार, सूत्रों ने बताया है कि विधायक दल का नेता युमनाम खेमचंद सिंह आज राज्यपाल से मुलाकात करके सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं। इसके बाद आज ही वे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। सरकार में दो उप मुख्यमंत्री भी होंगे। इनमें एक महिला कुकी नेता नेम्चा किप्गेन और दूसरे नगा समुदाय से NPF विधायक लोसी दीखो हैं। नेम्चा पहली महिला डिप्टी सीएम होंगी। नई दिल्ली में मंगलवार को मणिपुर भाजपा के विधायक दल की बैठक हुई थी। इसमें भाजपा विधायक युमनाम खेमचंद सिंह को विधायक दल का नेता चुना गया था। आज NDA के घटक दलों के विधायकों की बैठक में तीनों नामों पर मुहर लग सकती है। मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदाय के बीच जातीय हिंसा के कारण 9 फरवरी 2025 को तत्कालीन CM एन. बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था। इसके 4 दिन बाद, 13 फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू किया गया। अब 12 फरवरी 2026 को राष्ट्रपति शासन की समयसीमा खत्म हो रही है। युमनाम खेमचंद बीरेन सिंह के नजदीकी, लेकिन कट्टर मैतेई नहीं युमनाम खेमचंद सिंग्जामेई क्षेत्र (इंफाल वेस्ट) से भाजपा विधायक हैं। 2017-2022 तक मणिपुर विधानसभा स्पीकर रहे। 2022 में पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह की दूसरी सरकार में मंत्री रहे। वे मैतेई समुदाय से आते हैं, जो मणिपुर के घाटी क्षेत्र में बहुसंख्यक हैं। बीरेन सिंह के साथ नजदीकी भी हैं। हाल के महीनों में वे शांति प्रयासों में सक्रिय रहे। मई 2023 हिंसा के बाद दिसंबर 2025 में कुकी बहुल इलाकों और रिलीफ कैंप का दौरा करने वाले वे पहले मैतेई नेता हैं। बीरेन सिंह की तुलना में मध्यमार्गी माने जाते हैं। यही बात इन्हें कट्टर मैतेई लाइन से अलग करती है। डिप्टी CM बनने वाली नेम्चा बीरेन सरकार में मंत्री रह चुकीं नई सरकार में कुकी-जो समुदाय को संतुष्ट करने के लिए नेम्चा किप्गेन काे उपमुख्यमंत्री बनाया जा रहा है। नेम्चा 2017 और 2022 में कुकी बहुल कांगपोकपी से भाजपा की विधायक हैं। बीरेन सिंह के पहले कार्यकाल (2017-2020) में उन्होंने सामाजिक कल्याण एवं सहकारिता मंत्री का पद संभाला। बीरेन सिंह के दूसरे कार्यकाल में वे वाणिज्य एवं उद्योग, वस्त्र एवं सहकारिता विभाग की कैबिनेट मंत्री हैं। मैतेई-कुकी जाति हिंसा के दौरान इम्फाल में उनका सरकारी आवास जला दिया गया था। वे उन 10 कुकी-जो विधायकों में हैं, जिन्होंने पहाड़ी क्षेत्रों के लिए अलग प्रशासन की मांग की थी। मणिपुर विधानसभा में BJP के अभी 37 विधायक मणिपुर की 60 सदस्यीय विधानसभा में अभी भाजपा के 37 विधायक हैं। सरकार का कार्यकाल 2027 तक है। हालांकि, राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद विधानसभा निलंबित कर दी गई थी। 2022 के चुनाव में 32 भाजपा विधायक जीते थे। JDU ने छह सीटें जीती थीं, जिनमें से पांच विधायक बाद में भाजपा में शामिल हो गए। अन्य विधायकों में से छह NPP से, पांच NPF से, पांच कांग्रेस से, दो कुकी पीपुल्स अलायंस से, एक जनता दल (यूनाइटेड) से और तीन निर्दलीय हैं। एक मौजूदा विधायक के निधन के बाद एक सीट खाली है। कुकी-मैतेई समुदाय के बीच हिंसा की 3 मुख्य कारण 1. ST (अनुसूचित जनजाति) दर्जे की मांग: 14 अप्रैल 2023 को मणिपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को मैतेई समुदाय के लिए ST का दर्जा देने पर सिफारिश भेजने का निर्देश दिया था। इस आदेश के बाद कुकी समुदाय में आक्रोश फैला और हिंसा भड़की। कुकी पहले से ST श्रेणी में है। उन्हें डर है कि अगर मैतेई को भी ST का दर्जा मिला, तो वे पहाड़ी इलाकों में जमीन खरीद सकेंगे और इससे उनका सांस्कृतिक, सामाजिक और भौगोलिक अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। मणिपुर के इंफाल घाटी में लगभग 10% भूमि क्षेत्र है, जहां मैतेई बहुसंख्यक रहते हैं। बाकी 90% पहाड़ी इलाका कुकी और नगा समुदायों का है। यह क्षेत्र आदिवासी जमीन (Tribal Lands) के अंतर्गत आता है और मैतेई यहां जमीन नहीं खरीद सकते। 2. अलग कुकी प्रशासन की मांग: कुकी समुदाय 'कुकीलैंड' या 'जूमलैंड' नाम से अलग प्रशासनिक स्वायत्तता की मांग कर रहे हैं । मैतेई समुदाय और राज्य सरकार इस मांग को राज्य की अखंडता के लिए खतरा मानती है। 3. कुकी पर ड्रग्स तस्करी का आरोप: कुकी समुदाय पर म्यांमार से ड्रग्स की तस्करी का आरोप लगता रहा है। सरकार ने भी कुकी पर अवैध अफीम की खेती की तस्करी में शामिल होने का आरोप लगाया, जिससे सरकार के प्रति उनका अविश्वास और बढ़ गया। कुकी का मानना है कि उनके समुदाय को बदनाम करने के लिए ऐसे आरोप लगाए जाते हैं। कुकी समुदाय का आरोप है कि मणिपुर सरकार (पूर्व भाजपा सरकार) मैतेई का पक्ष लेती है। वे सुरक्षाबलों और पुलिस पर भी एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हैं। ------------------------------- मणिपुर हिंसा से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… मणिपुर में मैतेई शख्स की गोली मारकर हत्या, VIDEO: आदिवासी महिला के साथ अफेयर था; आरोपियों ने पहले बात की, फिर शूट कर दिया मणिपुर- 3 साल पहले गैंगरेप की शिकार युवती की मौत: सदमे में थी; 2023 हिंसा में किडनैपिंग, फिर दरिंदगी हुई, अबतक एक भी गिरफ्तारी नहीं