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Dainik Bhaskar 17 लोगों का DNA टेस्ट, उनमें पिता ही रेपिस्ट निकला:मुंबई में मूक-बधिर युवती से रेप मामले में खुलासा; पांच महीने की प्रेग्नेंट थी

मुंबई के कफ परेड इलाके में एक 20 वर्षीय दिव्यांग युवती से दुष्कर्म और उसे गर्भवती किए जाने का मामला सामने आया है। DNA जांच में भ्रूण से संबंध की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने युवती के पिता को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह मामला सितंबर 2025 में सामने आया था, जब युवती ने पेट में तकलीफ की शिकायत अपनी दादी से की। इशारों के जरिए उसने पेट में अजीब हरकत महसूस होने की बात बताई। इसके बाद उसे मुंबई के कामा एंड अल्बलेस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां मेडिकल जांच में उसके पांच महीने की गर्भवती होने की पुष्टि हुई। अस्पताल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। शुरुआत में युवती के बोल और सुन न पाने की वजह से बयान दर्ज करने में दिक्कत आई। पुलिस ने उसके पिता से पूछताछ की, लेकिन उन्होंने किसी भी तरह के यौन शोषण से इनकार किया और गर्भ ठहरने के बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। उन्होंने शिकायत दर्ज कराने से भी इनकार कर दिया। काउंसलिंग के बाद युवती ने शिकायत दर्ज कराई। उसके बयान के आधार पर पुलिस ने एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया और एक नाबालिग को हिरासत में लिया। मामले की जांच के दौरान कुल 17 संदिग्धों के DNA और रक्त नमूने लिए गए। 27 जनवरी को आई लैब रिपोर्ट में केवल एक DNA सैंपल का मिलान हुआ, जो युवती के पिता का था। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि दुष्कर्म की घटनाएं मार्च से सितंबर 2025 के बीच हुईं। मामले में 22 सितंबर 2025 को औपचारिक केस दर्ज किया गया था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।

Dainik Bhaskar भास्कर अपडेट्स:श्रीनगर में पिता के साथ बेटा-बेटी ड्रग तस्करी करते गिरफ्तार, कार के साथ लाखों रुपए की हेरोइन जब्त

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर स्थित खानयार इलाके में पुलिस ने ड्रग तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक ही परिवार के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से लाखों रुपए की हेरोइन बरामद की गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुलजार अहमद मीर, उनकी बेटी मुस्कान गुलजार मीर और बेटे उबैद गुलजार के रूप में हुई है। पुलिस ने उस कार को भी जब्त कर लिया है, जिसका इस्तेमाल ड्रग सप्लाई में किया जा रहा था। पुलिस के मुताबिक, ये लोग लंबे समय से श्रीनगर में नशीले पदार्थों की सप्लाई करते थे। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि खानयार थाना पुलिस को ड्रग तस्करी से जुड़ी गुप्त सूचना मिली थी। इसके आधार पर एक वाहन को रोका गया, जिसकी तलाशी के दौरान भारी मात्रा में हेरोइन बरामद हुई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपी श्रीनगर में ड्रग्स की सप्लाई करके बड़ी रकम कमा चुके थे। जब्त वाहन को भी ड्रग तस्करी से हुई कमाई से खरीदे जाने की बात सामने आई है। पुलिस ने खानयार थाने में संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।

Dainik Bhaskar भोपाल नगर निगम अवैध तोड़फोड़ का दोषी:हाईकोर्ट ने कहा- सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनदेखी की, कमिश्नर को कल सुनाई जाएगी सजा

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोपाल नगर निगम को अवैध निर्माण गिराने के मामले में दोषी ठहराया है। कोर्ट ने कहा- भोपाल नगर निगम ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय की गई गाइडलाइन का पालन किए बिना निर्माण को गिराया। यह कानून के राज को चुनौती देने जैसा है। हाईकोर्ट ने कहा- सुप्रीम कोर्ट ने अवैध निर्माण हटाने से पहले नोटिस में स्पष्ट आरोप, व्यक्तिगत सुनवाई, सुनवाई की कार्यवाही दर्ज करना और अंतिम आदेश के बाद अपील का मौका देने जैसी अनिवार्य शर्तें तय की हैं। भोपाल नगर निगम ने इन प्रक्रियाओं का पालन किए बिना सीधे तोड़फोड़ की कार्रवाई कर दी, जो कानूनन गलत है। यह आदेश हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ ने मार्लिन बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड बनाम नगर निगम भोपाल मामले में गुरुवार को दिया है। हाईकोर्ट ने भोपाल नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन को अदालत की अवमानना का दोषी ठहराते हुए 6 फरवरी 2026 को सजा के लिए सुनवाई तय की है। केस विचाराधीन था, फिर भी तोड़फोड़ की हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा- अवैध निर्माण को लेकर सिविल कोर्ट में केस चल रहा था। इसके बावजूद नगर निगम ने कोर्ट से अनुमति लिए बिना तोड़फोड़ कर दी। कंपनी की दलील- कानूनी प्रक्रिया पूरी किए बिना की तोड़फोड़ दरअसल, भोपाल के श्यामला हिल्स स्थित नादिर कॉलोनी में मार्लिन बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड की संपत्ति के एक हिस्से को अवैध बताते हुए नगर निगम ने तोड़ने का नोटिस दिया था। कंपनी ने इसको सिविल कोर्ट में चुनौती दी थी। सुनवाई पूरी हुए बिना ही नगर निगम ने इस हिस्से को ढहा दिया। इस पर कंपनी ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई। इसमें कहा- नगर निगम ने 18 नवंबर 2025 को उसकी संपत्ति के फ्रंट हिस्से को बिना विधिवत प्रक्रिया अपनाए तोड़ दिया। वहीं, नगर निगम की ओर से दलील दी गई कि निर्माण अवैध था और 7 नवंबर 2024 को दी गई अनुमति रद्द की जा चुकी थी। निगम ने यह भी कहा कि 14 मई 2025 को नोटिस जारी किया गया था और इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई। निगम कमिश्नर ने माना- निर्माण पहले जैसा नहीं कर सकते हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान भोपाल नगर निगम की आयुक्त संस्कृति जैन खुद पेश हुईं। निगम की ओर से बिना शर्त माफी का प्रस्ताव दिया गया, लेकिन कोर्ट ने शर्त रखी कि तोड़ा गया हिस्सा पहले जैसा बना दिया जाए। इस पर कमिश्नर संस्कृति जैन ने कहा कि तोड़े गए निर्माण को पहले जैसा नहीं किया जा सकता। इस पर कोर्ट ने कहा- अब आयुक्त को सजा के प्रश्न पर अपना पक्ष रखना होगा। 6 फरवरी को सुबह 10:30 बजे सजा पर सुनवाई की जाएगी। ये खबर भी पढ़ें… कम्प्यूटर टीचर्स की आउटसोर्सिंग पर रोक मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पोस्टेड कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टर्स को आउटसोर्स व्यवस्था में लाने के फैसले पर हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है। जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने सरकार, लोक शिक्षण संचालनालय और समग्र शिक्षा अभियान को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। पढ़ें पूरी खबर…

Dainik Bhaskar EC बोला-बंगाल में SIR के दौरान हिंसा और धमकी मिली:सुप्रीम कोर्ट में बताया- BLO की शिकायत पर पुलिस ने FIR भी नहीं की

इलेक्शन कमीशन (EC) ने सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को पश्चिम बंगाल में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर हलफनामा दाखिल कर जानकारी दी। EC ने कोर्ट में बताया कि बंगाल में SIR के दौरान चुनाव अधिकारियों को हिंसा, धमकी और काम में रुकावट जैसे हालात का सामना करना पड़ा। हलफनामे में कहा गया कि पश्चिम बंगाल की स्थिति अन्य राज्यों से अलग थी, जहां SIR की प्रक्रिया बिना किसी बड़ी घटना या रुकावट के पूरी हुई। EC ने कहा कि 2025 की वोटर लिस्ट को आगामी विधानसभा चुनावों में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, क्योंकि SIR के दौरान 58 लाख से ज्यादा मृत, स्थानांतरित और गैर-हाजिर वोटरों की पहचान की गई। EC ने आरोप लगाया कि बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) की शिकायतों पर लोकल पुलिस आमतौर पर FIR दर्ज करने से बचती रही। कई मामलों में जिला चुनाव अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद ही केस दर्ज हुए। राज्य सरकार ने जानबूझकर FIR दर्ज करने और अनुशासनात्मक कार्रवाई से जुड़े EC के निर्देशों का पालन नहीं किया। 24 नवंबर 2024 को कोलकाता स्थित चीफ इलेक्शन ऑफिसर के दफ्तर के घेराव का जिक्र करते हुए EC ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने जबरन घुसने की कोशिश की, पुलिस बैरिकेड तोड़े, दफ्तर में तोड़फोड़ की और अधिकारियों की आवाजाही रोकी। इससे सरकारी कामकाज गंभीर रूप से प्रभावित हुआ। बंगाल EC को सिर्फ Y कैटेगरी की सुरक्षा दी गई एफिडेविट में यह भी बताया गया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा खतरे का आकलन किए जाने के बाद पश्चिम बंगाल के चीफ इलेक्शन ऑफिसर को Y कैटेगरी की सुरक्षा दी गई थी। वह देश के ऐसे एकमात्र चुनाव अधिकारी थे जिन्हें यह सुरक्षा प्रदान की गई। EC ने बताया कि सभी चुनौतियों के बावजूद BLOs ने 7.08 करोड़ से अधिक काउंटिंग फॉर्म जमा किए, जो कुल का 92.40% है। इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन अधिकारियों की ओर से करीब 1.51 करोड़ नोटिस जारी किए गए। आयोग ने बताया कि एलिजिबिलिटी तय करने और त्रुटियों को सुधारने के लिए नोटिस फेज बेहद अहम है और इसे बिना डर या दबाव के पूरा किया जाना वोटर लिस्ट की शुचिता के लिए जरूरी है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि SIR की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और किसी को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। कोर्ट ने EC से कहा था कि लॉजिकल गड़बड़ियों वाली लिस्ट में शामिल लोगों के नाम ग्राम पंचायत भवनों और ब्लॉक कार्यालयों में प्रदर्शित किए जाएं, ताकि वहां दस्तावेज और आपत्तियां जमा की जा सकें।

Dainik Bhaskar EC बोला-बंगाल में SIR के दौरान हिंसा और धमकी मिली:सुप्रीम कोर्ट में बताया- BLO की शिकायत पर पुलिस ने FIR भी नहीं की

इलेक्शन कमीशन (EC) ने सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को पश्चिम बंगाल में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर हलफनामा दाखिल किया। EC ने कोर्ट में बताया कि बंगाल में SIR के दौरान चुनाव अधिकारियों को हिंसा, धमकी और काम में रुकावट जैसे हालात का सामना करना पड़ा। हलफनामे में कहा गया कि पश्चिम बंगाल की स्थिति अन्य राज्यों से अलग थी, जहां SIR की प्रक्रिया बिना किसी बड़ी घटना या रुकावट के पूरी हुई। EC ने कहा कि 2025 की वोटर लिस्ट को आगामी विधानसभा चुनावों में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, क्योंकि SIR के दौरान 58 लाख से ज्यादा मृत, स्थानांतरित और गैर-हाजिर वोटरों की पहचान की गई। EC ने आरोप लगाया कि बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) की शिकायतों पर लोकल पुलिस आमतौर पर FIR दर्ज करने से बचती रही। कई मामलों में जिला चुनाव अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद ही केस दर्ज हुए। राज्य सरकार ने जानबूझकर FIR दर्ज करने और अनुशासनात्मक कार्रवाई से जुड़े EC के निर्देशों का पालन नहीं किया। EC ने 24 नवंबर 2025 को कोलकाता स्थित चीफ इलेक्शन ऑफिसर के दफ्तर के घेराव का जिक्र करते हुए बताया कि प्रदर्शनकारियों ने जबरन घुसने की कोशिश की, पुलिस बैरिकेड तोड़े, दफ्तर में तोड़फोड़ की और अधिकारियों की आवाजाही रोकी। इसके बावजूद भी प्रदर्शनकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। बंगाल EC को सिर्फ Y कैटेगरी की सुरक्षा दी गई एफिडेविट में यह भी बताया गया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा खतरे का आकलन किए जाने के बाद पश्चिम बंगाल के चीफ इलेक्शन ऑफिसर को Y कैटेगरी की सुरक्षा दी गई थी। वह देश के ऐसे एकमात्र चुनाव अधिकारी थे जिन्हें यह सुरक्षा प्रदान की गई। EC ने बताया कि सभी चुनौतियों के बावजूद BLOs ने 7.08 करोड़ से अधिक काउंटिंग फॉर्म जमा किए, जो कुल का 92.40% है। इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन अधिकारियों की ओर से करीब 1.51 करोड़ नोटिस जारी किए गए। आयोग ने बताया कि एलिजिबिलिटी तय करने और त्रुटियों को सुधारने के लिए नोटिस फेज बेहद अहम है और इसे बिना डर या दबाव के पूरा किया जाना वोटर लिस्ट की शुचिता के लिए जरूरी है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि SIR की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और किसी को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। कोर्ट ने EC से कहा था कि लॉजिकल गड़बड़ियों वाली लिस्ट में शामिल लोगों के नाम ग्राम पंचायत भवनों और ब्लॉक कार्यालयों में प्रदर्शित किए जाएं, ताकि वहां दस्तावेज और आपत्तियां जमा की जा सकें। बंगाल में SIR प्रक्रिया से जुड़ी खबरें… 4 फरवरी: ममता बोलीं- EC बंगाल को निशाना बना रहा, नाम मिसमैच पर दिए नोटिस वापस लिए जाएं सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान मौजूद राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल चुनाव आयोग के निशाने पर है। जो काम 2 साल में होना था, उसे 3 महीने में करवाया जा रहा है। सुनवाई के बाद CJI सूर्यकांत की बेंच ने कहा कि असली लोग चुनावी सूची में बने रहने चाहिए। ममता की याचिका पर बेंच ने चुनाव आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी से 9 फरवरी तक जवाब मांगा। पूरी खबर पढ़ें… 3 फरवरी : ममता बोली- EC ने 6 पत्रों का जवाब नहीं दिया इससे पहले ममता ने मंगलवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने कहा कि चुनाव से ठीक पहले SIR क्यों किया जा रहा है? चार राज्य बंगाल, तमिलनाडु, केरल और असम में चुनाव होने हैं। SIR तीन राज्यों में हो रहा है, लेकिन भाजपा-शासित असम में नहीं। क्योंकि वह ‘डबल इंजन’ राज्य है। ममता बनर्जी ने घुसपैठियों पर कहा कि ये लोग (BJP) घुसपैठियों की बात करते हैं लेकिन ये तो आपकी जिम्मेदारी है। बॉर्डर की रखवाली केंद्र की जिम्मेदारी है। ऐसे में घुसपैठ के लिए वही जिम्मेदार है। पूरी खबर पढ़ें… 2 फरवरी: ममता काली शॉल ओढ़कर मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलीं ममता बनर्जी ने सोमवार को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के खिलाफ काली शॉल ओढ़कर दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की थी। उनके साथ SIR प्रभावित 13 परिवार और TMC के नेता भी थे। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि ममता ने अपने मुद्दे CEC को बताए लेकिन उनका जवाब सुने बिना ही नाराज होकर चली गईं। मुलाकात के बाद ममता ने कहा, "मैं बहुत दुखी हूं। मैं दिल्ली की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हूं। मैंने आज तक ऐसा अहंकारी और झूठा चुनाव आयुक्त नहीं देखा। वह इस तरह से बात करते हैं जैसे वह जमींदार हों और हम नौकर। पूरी खबर पढ़ें… 28 जनवरी : ममता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी ममता बनर्जी ने 28 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने चुनाव आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को इस मामले में पक्षकार बनाया है। इससे पहले उन्होंने 3 जनवरी को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर SIR को मनमाना और त्रुटिपूर्ण बताते हुए रोकने की मांग की थी। 19 जनवरी : SC बोला- आम लोगों को असुविधा नहीं होनी चाहिए सुप्रीम कोर्ट ने SIR प्रक्रिया को लेकर निर्देश जारी करते हुए कहा था कि यह प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और आम लोगों को किसी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया था कि ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ सूची में शामिल मतदाताओं के नाम ग्राम पंचायत भवनों और ब्लॉक कार्यालयों में प्रदर्शित किए जाएं। कोर्ट ने यह भी नोट किया था कि राज्य में करीब 1.25 करोड़ मतदाता इस सूची में शामिल हैं। इसमें 2002 की मतदाता सूची से तुलना के दौरान माता-पिता के नाम में अंतर या उम्र से जुड़ी विसंगतियां पाई गई हैं। ------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… बंगाल में 21-40 की उम्र के बेरोजगारों को ₹1500 मिलेंगे, कर्मचारियों का DA 4% बढ़ा पश्चिम बंगाल में 21-40 साल की आयु वर्ग के बेरोजगार लोगों को 1,500 रुपए का मासिक भत्ता दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि अगर उनकी सरकार सत्ता में दोबारा आती है ते यह योजना 15 अगस्त से शुरू की जाएगी। सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले में डियरनेस अलाउंस(DA) में भी 4% की बढ़ोतरी की गई है। पूरी खबर पढ़ें…

Dainik Bhaskar UPSC परीक्षा के नोटिफिकेशन में ही 40 गलतियां:Examination को Examinaition और Candidates को Cadidates लिखा; सोशल मीडिया पर ट्रोल हुआ आयोग

यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन(UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 का नोटिफिकेशन 4 फरवरी को जारी किया। इस नोटिफिकेशन में ही 40 गलतियां मिलीं। नोटिफिकेशन में पेज 2 पर 'Examination' को 'Examinaiton' और 'candidates' को 'cadidates' लिखा गया है। वहीं, पेज 7 पर 'Benchmark' को 'Bechmark', 'Functional' को 'Functinal' और पेज 8 पर 'Abbreviations' की जगह 'Abbriviations' लिखा गया है। सोशल मीडिया पर यूजर स्क्रीनशॉट शेयर कर आयोग को ट्रोल कर रहे हैं। उम्मीदवार पूछ रहे कि अगर वे ऐसी गलती करें तो नंबर कटेंगे। एक्सपर्ट्स ने कहा किप्रूफरीडिंग में चूक हुई है। फॉर्म भरते समय सावधानी बरतें। आयोग के प्रोफेशनलिज्म पर सवाल UPSC भारत सरकार की एक संवैधानिक संस्था है। देश के लिए योग्य और ईमानदार अधिकारियों को चुनने के लिए जिम्मेदार है। सिविल सेवा परीक्षा के जरिए भर्ती किए गए अधिकारी डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर, SP और डिप्लोमैट जैसे कई पदों पर काम करते हैं। आलोचकों का कहना है कि आधिकारिक नोटिफिकेशन में इतनी बेसिक स्पेलिंग और ग्रामर की गलतियों से कमीशन के काम में बारीकियों पर ध्यान और प्रोफेशनलिज्म पर सवाल उठते हैं। आवेदन प्रक्रिया जारी गलतियों के बावजूद, CSE 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है और यह 24 फरवरी, 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट upsconline.nic.in के माध्यम से जारी रहेगी। इसके तहत सिविल सेवा परीक्षा 2026 में 933 पोस्ट और भारतीय वन सेवा 2026 के लिए 80 पोस्ट हैं। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा के लिए आवेदन करते हैं। 2025 में, 10 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने आवेदन जमा किए थे। इनमें से 4,161 ने प्रीलिम्स पास किया, 2,736 इंटरव्यू स्टेज तक पहुंचे। इनमें से 979 का चयन हुआ। UPSC सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने का रास्ता बंद उधर, नोटिफिकेशन के मुताबिक अब सिलेक्शन के बाद दोबारा परीक्षा देने की आजादी पहले जैसी नहीं रहेगी। नए प्रावधानों में सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने का रास्ता बंद कर दिया गया है। वहीं, IAS और IFS को लेकर पुराने नियम जस के तस रखे गए हैं। चयनित अफसर को एक बार परफॉर्मेंस बेहतर करने का मौका मिलेगा। जैसे किसी का 2026 में IPS में ‎​सिलेक्शन हुआ तो वह 2027 में परफॉर्मेंस ‎बेहतर करने की परीक्षा देने का पात्र होगा। ‎उसके बाद अगर वह परीक्षा देना चाहता है तो ‎उसे सेवा से इस्तीफा देना होगा। पूरी खबर पढ़ें… ‎

Dainik Bhaskar UPSC परीक्षा नोटिफिकेशन में ही 40 गलतियां:एग्जामिनेशन की स्पेलिंग Examinaition और कैंडिडेट को Cadidates लिखा; सोशल मीडिया पर आयोग ट्रोल

यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन(UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 का नोटिफिकेशन 4 फरवरी को जारी किया। इस नोटिफिकेशन में ही 40 गलतियां मिलीं। नोटिफिकेशन में पेज 2 पर 'Examination' को 'Examinaiton' और 'candidates' को 'cadidates' लिखा गया है। वहीं, पेज 7 पर 'Benchmark' को 'Bechmark', 'Functional' को 'Functinal' और पेज 8 पर 'Abbreviations' की जगह 'Abbriviations' लिखा गया है। सोशल मीडिया पर यूजर स्क्रीनशॉट शेयर कर आयोग को ट्रोल कर रहे हैं। उम्मीदवार पूछ रहे हैं कि अगर वे ऐसी गलती करें तो नंबर कटेंगे। एक्सपर्ट्स ने कहा कि प्रूफरीडिंग में चूक हुई है। फॉर्म भरते समय सावधानी बरतें। आयोग के प्रोफेशनलिज्म पर सवाल UPSC भारत सरकार की एक संवैधानिक संस्था है। देश के लिए योग्य और ईमानदार अधिकारियों को चुनने के लिए जिम्मेदार है। सिविल सेवा परीक्षा के जरिए भर्ती किए गए अधिकारी डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर, SP और डिप्लोमैट जैसे कई पदों पर काम करते हैं। आलोचकों का कहना है कि आधिकारिक नोटिफिकेशन में इतनी बेसिक स्पेलिंग और ग्रामर की गलतियों से कमीशन के काम में बारीकियों पर ध्यान और प्रोफेशनलिज्म पर सवाल उठते हैं। सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग यह नोटिफिकेशन जारी होते ही सोशल मीडिया पर आयोग की ट्रोलिंग शुरू हो गई। यूजर स्क्रीनशॉट शेयर कर रहे हैं और हर गलती बता रहे हैं। कई लोगों ने हैरानी जताई है कि दुनिया की सबसे मुश्किल परीक्षाओं में से एक करवाने वाले कमीशन ने एक ऑफिशियल डॉक्यूमेंट में इतनी गलतियां कैसे होने दीं। आवेदन प्रक्रिया जारी गलतियों के बावजूद, CSE 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है और यह 24 फरवरी, 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट upsconline.nic.in के माध्यम से जारी रहेगी। इसके तहत सिविल सेवा परीक्षा 2026 में 933 पोस्ट और भारतीय वन सेवा 2026 के लिए 80 पोस्ट हैं। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा के लिए आवेदन करते हैं। 2025 में, 10 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने आवेदन जमा किए थे। इनमें से 4,161 ने प्रीलिम्स पास किया, 2,736 इंटरव्यू स्टेज तक पहुंचे। इनमें से 979 का चयन हुआ। UPSC सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने का रास्ता बंद उधर, नोटिफिकेशन के मुताबिक अब सिलेक्शन के बाद दोबारा परीक्षा देने की आजादी पहले जैसी नहीं रहेगी। नए प्रावधानों में सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने का रास्ता बंद कर दिया गया है। वहीं, IAS और IFS को लेकर पुराने नियम जस के तस रखे गए हैं। चयनित अफसर को एक बार परफॉर्मेंस बेहतर करने का मौका मिलेगा। जैसे किसी का 2026 में IPS में ‎​सिलेक्शन हुआ तो वह 2027 में परफॉर्मेंस ‎बेहतर करने की परीक्षा देने का पात्र होगा। ‎उसके बाद अगर वह परीक्षा देना चाहता है तो ‎उसे सेवा से इस्तीफा देना होगा। पूरी खबर पढ़ें…

Dainik Bhaskar मंत्री बोले-कार्यक्रम में नहीं आईं तो लाड़ली-बहनों के नाम कटेंगे:सीहोर में करण सिंह की धमकी, कहा– CEO को कहकर रिपोर्ट भिजवाऊंगा

सीहोर जिले में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। इछावर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम धामंदा में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने लाड़ली-बहना योजना की लाभार्थियों को चेतावनी दी कि यदि वे कार्यक्रमों में शामिल नहीं होंगी, तो उनके नाम योजना से काट दिए जाएंगे। मंत्री वर्मा का यह बयान नवीन उप स्वास्थ्य केंद्र और आयुष्मान आरोग्य मंदिर के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान सामने आया। उन्होंने कहा कि ग्राम धामंदा में 894 लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपए की राशि दी जा रही है, इसके बावजूद सरकारी कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिति बेहद कम रहती है। एक दिन सभी बहनों को बुलाएंगे मंत्री ने मंच से कहा कि वे सीईओ से बात कर एक दिन सभी लाड़ली बहनों को बुलाएंगे। यदि उस दिन भी वे कार्यक्रम में शामिल नहीं हुईं, तो उनकी रिपोर्ट भिजवाकर योजना से नाम कटवाने की कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि कांग्रेस शासनकाल में महिलाओं को इस तरह की कोई आर्थिक सहायता मिलती थी या नहीं। पीएम दिल्ली से भेज रहे गेहूं मंत्री वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली से गेहूं भेज रहे हैं और किसानों के खातों में सीधे पैसे ट्रांसफर किए जा रहे हैं, लेकिन लोग सरकार की योजनाओं की अहमियत नहीं समझ पा रहे हैं। इस मौके पर उन्होंने सीहोर जिले के ग्राम नापलाखेड़ी में 56.09 लाख रुपए की लागत से बने नवीन उप स्वास्थ्य केंद्र और ग्राम धामंदा में 65 लाख रुपए की लागत से निर्मित आयुष्मान आरोग्य मंदिर का लोकार्पण किया। यह खबर भी पढ़ें ढाई साल में 5.70 लाख घटी लाड़ली बहनों की संख्या मध्यप्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में ढाई साल के अंतराल में 5 लाख 70 हजार से अधिक महिलाओं के नाम बाहर हो गए हैं। अब इस योजना में पात्र महिलाओं की संख्या 1 करोड़ 25 लाख 31 हजार ही रह गई है। पढ़ें पूरी खबर

Dainik Bhaskar सुप्रीम कोर्ट ने कार्यकारी DGP प्रथा पर सवाल उठाए:कहा- योग्य और वरिष्ठ अधिकारी वंचित हो रहे; गौरव यादव साढ़े 3 साल से पंजाब के एक्टिंग डीजीपी

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों में कार्यकारी DGP नियुक्त करने की प्रथा पर सवाल खड़े किए हैं। कोर्ट ने कहा कि यह तरीका योग्य और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को डीजीपी पद के लिए विचार से वंचित करता है। CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाला बागची की पीठ ने कहा कि राज्य सरकारें प्रकाश सिंह मामले में दिए गए दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए समय पर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को डीजीपी चयन के लिए नाम नहीं भेजतीं। इसके बजाय कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त कर देती हैं। कोर्ट ने UPSC को कहा कि यदि कोई राज्य ऐसा करने में विफल रहता है तो UPSC सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी पंजाब के लिए अहम है क्योंकि यहां के DGP गौरव यादव भी कार्यवाहक हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने 4 जुलाई 2022 को उन्हें एक्टिंग DGP बनाया था। तब से साढ़े 3 साल से यादव इसी तरह से काम कर रहे हैं। हाल ही में जेल से बाहर आए अकाली नेता बिक्रम मजीठिया ने भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पंजाब में परमानेंट DGP नियुक्त किया जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा- UPSC अपील करे, जवाबदेही तय होगी कोर्ट ने आदेश में कहा, “हम UPSC को अधिकृत करते हैं कि वह राज्यों को पत्र लिखकर संबंधित डीजीपी की नियुक्ति के लिए समय पर प्रस्ताव भेजने को कहे। यदि ऐसे प्रस्ताव नहीं भेजे जाते हैं, तो UPSC को प्रकाश सिंह मामले में आवेदन दायर करने का निर्देश देते हैं। यह स्पष्ट है कि ऐसे मामलों में संबंधित राज्यों की जवाबदेही तय की जाएगी और आवश्यक परिणाम सामने आएंगे। DGP की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट के क्या निर्देश सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार, किसी राज्य में पुलिस प्रमुख (डीजीपी) की नियुक्ति राज्य सरकार की ओर से UPSC द्वारा तैयार किए गए तीन वरिष्ठ अधिकारियों के पैनल में से की जाती है। इसके लिए सरकार पैनल भेजती है, जिसमें सीनियोरिटी के हिसाब से सरकार को 3 नाम भेजे जाते हैं। इनमें से किसी एक को डीजीपी नियुक्त किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने ये टिप्पणी क्यों की कोर्ट का यह निर्देश तेलंगाना हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई करते हुए आया, जिसमें UPSC को राज्य सरकार की ओर से भेजे गए नामों को प्रक्रिया में लेने का निर्देश दिया गया था। UPSC ने हाईकोर्ट के आदेश पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि राज्य सरकार ने डीजीपी चयन की प्रक्रिया में अत्यधिक देरी की है। UPSC के अनुसार, तेलंगाना के अंतिम डीजीपी अनुराग शर्मा 2017 में सेवानिवृत्त हुए थे और इसके बाद राज्य सरकार ने लंबे समय तक UPSC को कोई सिफारिश नहीं भेजी। UPSC का कहना था कि राज्य सरकार ने अंततः अप्रैल 2025 में सिफारिश भेजी, लेकिन UPSC ने यह कहते हुए उस पर कार्रवाई नहीं की कि 2017 से अब तक अत्यधिक विलंब हो चुका है। UPSC ने इसे एक गंभीर चूक बताते हुए कहा कि राज्य सरकार को पहले प्रकाश सिंह मामले में सुप्रीम कोर्ट से स्पष्टीकरण या आदेश लेना चाहिए था। आयोग ने यह भी कहा कि तेलंगाना अकेला ऐसा राज्य नहीं है जो इस तरह की देरी की रणनीति अपना रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने चिंता पर सहमति जताई सुप्रीम कोर्ट ने UPSC की चिंता से सहमति जताई और कहा कि इस देरी से कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के करियर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है, जिनमें से कई अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं और डीजीपी पद के लिए उन पर विचार ही नहीं हो सका। हालांकि, अदालत ने यह भी कहा कि UPSC की ओर से आपत्ति उठाने से स्थिति नहीं सुधरेगी, बल्कि इससे चूक करने वाले राज्यों को ही लाभ होगा। इसके बाद अदालत ने UPSC को तेलंगाना के लिए डीजीपी चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्देश दिया। पंजाब में साढ़े 3 साल से एक्टिंग डीजीपी पंजाब में पिछले करीब साढ़े 3 साल से 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी गौरव याद डीजीपी का पद संभाले हैं। उनकी 4 जुलाई 2022 को इस पद पर नियुक्ति हुई। पंजाब सरकार ने इस संबंध में UPSC को नियमित डीजीपी की नियुक्ति के लिए पैनल नहीं भेजा। पंजाब सरकार ने 2023 में पुलिस एक्ट में संशोधन कर UPSC को बाइपास करने की कोशिश की थी, लेकिन वर्तमान में कोई नियमित नियुक्ति नहीं हुई है। इस विषय पर मजीठिया ने भी ये 4 बातें लिखीं...

Dainik Bhaskar PM मोदी बोले- बिट्‌टू सिख, इसलिए गद्दार कहा:पार्टी तो कई छोड़ते हैं, शातिर दिमाग युवराज के मन में नफरत, सिखों-गुरुओं का अपमान किया

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के केंद्रीय राज्य मंत्री व लुधियाना से पूर्व सांसद रवनीत बिट्‌टू को गद्दार कहने के मामले में PM नरेंद्र मोदी की एंट्री हो गई है। गुरुवार को राज्यसभा में बोलते हुए PM मोदी ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा कि कांग्रेस के शातिर दिमाग युवराज ने एक सिख को गद्दार कहा। बिट्‌टू सिख हैं, इसलिए उन्हें गद्दार कहा वर्ना कांग्रेस छोड़कर तो कई लोग जा चुके हैं। यह सिखों और गुरुओं का अपमान है। PM ने कहा कि इससे उनकी सिखों के प्रति नफरत उजागर होती है। बता दें कि कल राहुल गांधी ने संसद के मकर द्वार पर प्रदर्शन के दौरान बिट्‌टू के गुजरने पर उन्हें गद्दार दोस्त कहा था। इस पर बिट्‌टू ने उन्हें देश का दुश्मन कहते हुए हाथ मिलाने से इनकार कर दिया। इसके बाद सीढ़ियों पर दोनों में तीखी तकरार हुई। बिट्‌टू ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी उनके साथ मारपीट करने वाले थे। उनकी पगड़ी उतार सकते थे। गद्दार कहने पर PM मोदी की 3 अहम बातें बिट्‌टू को गद्दार कहने से जुड़ा पूरा मामला जानिए… राहुल गांधी और रवनीत बिट्‌टू के बीच कैसे हुई बहस मकर द्वार पर कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी की अगुआई में प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान केंद्रीय रेलवे राज्य मंत्री व लुधियाना के पूर्व सांसद रवनीत बिट्‌टू संसद भवन के भीतर जाने के लिए वहां से गुजरे। यह देख राहुल गांधी ने कहा- गद्दार बिल्कुल पास से गुजर रहा है। राहुल गांधी ने फिर कहा- उसका चेहरा देखो, कैसा दिख रहा है। राहुल गांधी बिट्‌टू की तरफ बढ़े और कहा– हेलो ब्रदर, मेरे गद्दार दोस्त। यह सुनकर बिट्‌टू ने राहुल गांधी की तरफ उंगली उठाई तो राहुल गांधी ने कहा- डोंट वरी, तुम वापस आओगे। इस पर रवनीत बिट्‌टू ने राहुल गांधी को जवाब देते हुए कहा कि देश के दुश्मनों से कोई लेना-देना नहीं है। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसी सांसदों ने सरेंडर-सरेंडर की नारेबाजी शुरू कर दी। यह देख बिट्‌टू ने कहा कि तुम देश के दुश्मन हो। इसके बाद बिट्‌टू संसद की सीढ़ियां चढ़ने लगे तो फिर राहुल गांधी के साथ उनकी तीखी तकरार हुई। इसके बाद रवनीत बिट्‌टू संसद में चले गए। राहुल गांधी और रवनीत बिट्‌टू में तकरार के 3 PHOTOS… ****************** ये खबरें भी पढ़ें … रवनीत बिट्‌टू बोले- कांग्रेस MP गांधी परिवार के बंधुआ मजदूर, राहुल गांधी पीटने आए, वेणुगोपाल-रंधावा ने रोका राहुल गांधी से तकरार के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्‌टू ने उन्हें 3 बार सांसद बनाने को लेकर कांग्रेसियों को करारा जवाब दिया है। बिट्‌टू ने कहा कि अगर मैं कांग्रेस में यूथ प्रधान बना तो चुनाव जीतकर बना (पढ़ें पूरी खबर) राहुल गांधी ने रवनीत बिट्‌टू को गद्दार कहा:बोले- डॉन्ट वरी, तुम कांग्रेस में लौटोगे; मंत्री बोले- तुम देश के दुश्मन, हाथ नहीं मिलाया कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार (4 फरवरी) को केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्‌टू को गद्दार कहा। उन्होंने यह बात दिल्ली में संसद के बाहर मकर द्वार के सामने प्रदर्शन के दौरान कही। प्रदर्शन के दौरान जब बिट्‌टू सामने से आए तो उन्हें देखकर राहुल गांधी ने कहा- मेरा ट्रेटर फ्रेंड (गद्दार दोस्त) आ रहा है। इसके बाद राहुल गांधी ने हाथ मिलाने के लिए हाथ बढ़ाया, लेकिन बिट्‌टू ने हाथ नहीं मिलाया (पढ़ें पूरी खबर) राहुल गांधी ने बिट्‌टू को गद्दार क्यों कहा:पगड़ी नहीं पहनते थे, राहुल के कहने पर बांधी राहुल गांधी और केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू में तीखी बहस हुई। राहुल गांधी ने उन्हें 'गद्दार दोस्त' कह डाला। राहुल गांधी ने बिट्‌टू को लेकर इतने तीखे शब्द क्यों यूज किए, इसकी भी लंबी कहानी है। बिट्‌टू कभी कांग्रेस में राहुल गांधी के करीबियों में से एक थे। वह यूथ कांग्रेस के प्रधान भी बने (पढ़ें पूरी खबर)

Dainik Bhaskar मेघालय में अवैध कोयला खदान में धमाका, 16 की मौत:कई मजदूरों के फंसे होने की आशंका, बचाव और खोज अभियान जारी

मेघालय के ईस्ट जैंतिया हिल्स जिले में गुरुवार को अवैध कोयला खदान में धमाका हो गया। हादसे में कम से कम 16 मजदूरों की मौत हो गई। कई मजदूरों के अब भी खदान में फंसे होने की आशंका है। यह जानकारी राज्य की पुलिस महानिदेशक आई. नोंग्रांग ने दी। बचाव दल राहत और खोज अभियान में लगे हुए हैं। यह हादसा सुबह थांग्स्कु इलाके में हुआ। नोंग्रांग ने कहा,अब तक 16 शव बरामद किए जा चुके हैं। धमाके के समय खदान के अंदर कितने मजदूर थे, यह अभी साफ नहीं है। और लोगों के फंसे होने की आशंका है। एक घायल शिलांग रैफर एक घायल व्यक्ति को पहले सुतंगा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उसे बेहतर इलाज के लिए शिलांग के अस्पताल में रेफर किया गया। यह जानकारी ईस्ट जैंतिया हिल्स के SP विकाश कुमार ने दी। पुलिस के मुताबिक, विस्फोट कोयला खनन के दौरान हुआ और यह खदान अवैध रूप से संचालित की जा रही थी। धमाके का कारण पता नहीं धमाके का कारण के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है और मामले की जांच की जाएगी। गौरतलब है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने वर्ष 2014 में मेघालय में रैट-होल कोयला खनन और अन्य अवैज्ञानिक खनन तरीकों पर रोक लगा दी थी। यह रोक पर्यावरण को होने वाले नुकसान और मजदूरों की सुरक्षा को देखते हुए लगाई गई थी। साथ ही, ऐसे तरीकों से निकाले गए कोयले के अवैध परिवहन पर भी प्रतिबंध लगाया गया था। रैट होल माइनिंग में बहुत संकरी सुरंगें खोदी जाती हैं रैट-होल माइनिंग में बहुत संकरी सुरंगें खोदी जाती हैं, जिनकी ऊंचाई आमतौर पर 3-4 फीट होती है। मजदूर इन्हीं सुरंगों में घुसकर कोयला निकालते हैं। ये सुरंगें इतनी छोटी होती हैं कि उनमें एक समय में केवल एक व्यक्ति ही जा सकता है। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी इस प्रतिबंध को बरकरार रखा और केवल वैज्ञानिक, नियंत्रित और पर्यावरण सुरक्षा के नियमों के तहत ही खनन की अनुमति दी। ---------------------------------- ये खबर भी पढ़ें:

Dainik Bhaskar बंगाल में 21-40 की उम्र के बेरोजगारों को ₹1500 मिलेंगे:कर्मचारियों का DA 4% बढ़ा; 4.06 लाख करोड़ रुपए का अंतरिम बजट पेश

पश्चिम बंगाल में 21-40 वर्ष की आयु वर्ग के बेरोजगार लोगों को 1,500 रुपए का मासिक भत्ता दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि अगर उनकी सरकार सत्ता में दोबारा आती है ते यह योजना 15 अगस्त से शुरू की जाएगी। सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले में डियरनेस अलाउंस(DA) में भी 4% की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, लक्ष्मी भंडार योजना के तहत भी 500 रुपए बढ़ाए गए हैं। इसमें अभी तक सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,000 रुपए और SC/ST महिलाओं को 1,200 रुपए दिए जाते थे। पश्चिम बंगाल सरकार ने गुरुवार को राज्य विधानसभा में 2026-27 वित्तीय वर्ष के लिए 4.06 लाख करोड़ रुपए का अंतरिम बजट पेश किया। राज्य में तीन महीने में विधानसभा चुनाव होने हैं। बंगाल के बजट में ये घोषणाएं… ममता बोलीं- केंद्र पर 2 लाख करोड़ बकाया सीएम ने आरोप लगाया कि केंद्र पर पश्चिम बंगाल का लगभग 2 लाख करोड़ रुपये का वैध बकाया है। बनर्जी ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, ग्रामीण आवास, ग्रामीण सड़कें और सर्व शिक्षा अभियान जैसी प्रमुख योजनाओं के लिए फंड सालों से रोक दिया गया है। ------------ ये खबर भी पढ़ें… बजट 2026- इनकम टैक्स जस का तस:बस रिवाइज्ड रिटर्न अब 31 दिसंबर के बदले 31 मार्च तक भरें, विदेश पैसे भेजने पर अब 2% टैक्स केंद्रीय बजट में इनकम टैक्स को लेकर को कोई बड़ी घोषणा नहीं हुई। हालांकि रिवाइज्ड रिटर्न भरने की तारीख 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई। वहीं, विदेश रुपए भेजने पर अब 5% के बदले 2% टैक्स लगेगा। पूरी खबर पढ़ें…

Dainik Bhaskar बंगाल में 21-40 की उम्र के बेरोजगारों को ₹1500 मिलेंगे:कर्मचारियों का DA 4% बढ़ा; 4.06 लाख करोड़ रुपए का अंतरिम बजट पेश

पश्चिम बंगाल में 21-40 वर्ष की आयु वर्ग के बेरोजगार लोगों को 1,500 रुपए का मासिक भत्ता दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि अगर उनकी सरकार सत्ता में दोबारा आती है ते यह योजना 15 अगस्त से शुरू की जाएगी। सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले में डियरनेस अलाउंस(DA) में भी 4% की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, लक्ष्मी भंडार योजना के तहत भी 500 रुपए बढ़ाए गए हैं। इसमें अभी तक सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,000 रुपए और SC/ST महिलाओं को 1,200 रुपए दिए जाते थे। पश्चिम बंगाल सरकार ने गुरुवार को राज्य विधानसभा में 2026-27 वित्तीय वर्ष के लिए 4.06 लाख करोड़ रुपए का अंतरिम बजट पेश किया। राज्य में तीन महीने में विधानसभा चुनाव होने हैं। बंगाल के बजट में ये घोषणाएं… ममता बोलीं- केंद्र पर 2 लाख करोड़ बकाया सीएम ने आरोप लगाया कि केंद्र पर पश्चिम बंगाल का लगभग 2 लाख करोड़ रुपये का वैध बकाया है। बनर्जी ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, ग्रामीण आवास, ग्रामीण सड़कें और सर्व शिक्षा अभियान जैसी प्रमुख योजनाओं के लिए फंड सालों से रोक दिया गया है। ------------ ये खबर भी पढ़ें… बजट 2026- इनकम टैक्स जस का तस:बस रिवाइज्ड रिटर्न अब 31 दिसंबर के बदले 31 मार्च तक भरें, विदेश पैसे भेजने पर अब 2% टैक्स केंद्रीय बजट में इनकम टैक्स को लेकर को कोई बड़ी घोषणा नहीं हुई। हालांकि रिवाइज्ड रिटर्न भरने की तारीख 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई। वहीं, विदेश रुपए भेजने पर अब 5% के बदले 2% टैक्स लगेगा। पूरी खबर पढ़ें…

Dainik Bhaskar आसाराम के अहमदाबाद आश्रम पर चलेगा बुलडोजर:हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जमीन वापस लेने का आदेश दिया, 500 करोड़ से ज्यादा है कीमत

अहमदाबाद के मोटेरा में स्थित आसाराम का मुख्य आश्रम अब कानूनी विवादों में है। गुजरात हाईकोर्ट ने 45,000 वर्ग मीटर से अधिक की आश्रम की जमीन को राज्य सरकार के कब्जे में लेने और अवैध ढांचों को हटाने की मंजूरी दे दी है। इस आश्रम की जगह अब 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनेगा। वर्तमान में इस जमीन की मार्केट वैल्यू 500 करोड़ रुपए से ज्यादा की है। गुजरात हाईकोर्ट की जस्टिस वैभवी नानावती ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को जमीन वापस लेने की अनुमति दी. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि विकास परियोजना की आवश्यकता और नियमों के उल्लंघन को देखते हुए सरकारी कार्रवाई उचित है. इस फैसले के बाद अहमदाबाद नगर निगम (AMC) किसी भी समय अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर सकता है। 32 अवैध यूनिट स्थापित हो थीं आश्रम में मिली जानकारी के अनुसार मोटेरा स्थित आश्रम परिसर में करीब 32 अवैध यूनिट स्थापित की गई थीं। प्रशासन को जांच के दौरान पता चला कि इन इकाइयों का इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों और अनधिकृत निर्माण के लिए किया जा रहा था। नियमों के उल्लंघन और सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के आरोपों के चलते कलेक्टर कार्यालय की ओर से नोटिस जारी किया गया था। आसाराम ने 1972 में की थी आश्रम की स्थापना अहमदाबाद में साबरमती नदी किनारे इस आश्रम की स्थापना आसाराम ने 1972 में की थी। आसाराम ने यहां सबसे पहले एक कुटिया बनाई थी, जिसे 'मोक्ष कुटिया' के रूप में पहचाना जाता था। धीरे-धीरे इसी कुटिया के आसपास निर्माण कार्य होता चला गया और बाद में इसे आसाराम मोटेरा आश्रम के नाम से पहचाना जाने लगा। राज्य अधिकारियों ने अदालत के सामने ठोस आधार प्रस्तुत किया था कि दशकों पहले सीमित धार्मिक उपयोग के यह भूमि आवंटित की गई थी। लेकिन, धीरे-धीरे आश्रम का दायरा कानूनी सीमा से काफी बाहर निकल गया था। आसाराम 2 मामलों में गुनहगार जोधपुर कोर्ट: आसाराम को जोधपुर पुलिस ने इंदौर के आश्रम से साल 2013 में गिरफ्तार किया था। इसके बाद से आसाराम जेल में बंद था। पांच साल तक लंबी सुनवाई के बाद 25 अप्रैल 2018 को कोर्ट ने आसाराम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। गांधीनगर कोर्ट: आसाराम के खिलाफ गुजरात के गांधीनगर में आश्रम की एक महिला ने रेप का मामला दर्ज करवाया था। कोर्ट ने 31 जनवरी 2023 को इस मामले में आसाराम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। बेटा नारायण साईं भी रेप के आरोप में उम्रकैद की सजा काट रहा आसाराम के साथ उसका बेटा नारायण साईं भी उम्रकैद की सजा काट रहा है। साईं के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत सूरत के जहांगीरपुरा थाने में 2013 में दर्ज हुई थी। सूरत सेशंस कोर्ट में 2014 में मामले की सुनवाई शुरू हुई और 2019 में इस पर फैसला सुनाया गया। इसमें नारायण साईं को आजीवन कैद की सजा सुनाई गई थी। वहीं, दुष्कर्म के ही मामले में आसाराम को साल 2018 में जोधपुर के एक कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। -------------------------- आसाराम से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… भक्तों ने ढोल-नगाड़ों से किया वेलकम, हाथों में दीपक लिए हजारों लोग सड़कों पर खड़े थे दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम शुक्रवार को 13 साल बाद सूरत पहुंचा। यहां आश्रम में अनुयायियों ने उनका ढोल-नगाड़ों से भव्य स्वागत किया। आश्रम में लोग हाथों में दीपक लेकर दर्शन के लिए खड़े हुए थे। पूरी खबर पढ़ें…

Dainik Bhaskar नौकरी के बदले जिस्म, नाबालिग से 7 साल तक गैंगरेप:गवर्नमेंट रेस्ट-हाउस, दफ्तर, होटल में दुष्कर्म; BJP सांसद का PA, कारोबारी और सरकारी-कर्मचारी शामिल

यह सिर्फ गैंगरेप की कहानी नहीं है…यह रोजी, डर और रसूख के गठजोड़ से रची गई ऐसी दरिंदगी है, जो 7 साल तक एक नाबालिग की सांसों पर पहरा बनकर बैठी रही। मां को नौकरी देने के बदले बेटी की इज्जत गिरवी रखी गई। सरकारी दफ्तर, रेस्ट हाउस, होटल और रसूखदारों के घर, हर जगह इंसानियत का कत्ल होता रहा, और खामोशी को वीडियो की धमकियों से जकड़ दिया गया। शुरुआत मां को झाड़ू-पोछा की नौकरी देने के नाम पर हुई और अंत तक उसकी बेटी के देह को सौदे की तरह इस्तेमाल किया गया। हैवानियत की ये कहानी सुनकर रूह कांप जाएगी। नौकरी लगवाने के बाद लड़की से हर छुट्टियों के दिन दुष्कर्म, पीछा छोड़ने के नाम पर भी दुष्कर्म। हद तो तब हो गई जब शादी तुड़वाने लड़की के शरीर पर दांतों से काटने के निशान बना दिए गए। यह कहानी दर्द की नहीं, उस क्रूर व्यवस्था की है, जिसमें एक लड़की को जीते-जी तोड़ दिया, लेकिन खामोशी के बाद जब उसने सच बोला, तो पूरा सिस्टम कटघरे में खड़ा हो गया। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में नाबालिग से 7 सालों तक गैंगरेप हुआ है। पीड़िता के आरोप के मुताबिक, आरोपियों में PWD विभाग के रिटायर्ड कर्मचारी, कारोबारी, BJP सांसद का पूर्व पीए शामिल है। मामला महिला थाने में दर्ज हुआ है। इस रिपोर्ट में पढ़िए रोजी के नाम पर रसूखदारों ने नाबालिग को कैसे अपने जाल में फंसाया और किस हद तक की दरिंदगी की गई। आखिरकार किस तरह पीड़िता ने हिम्मत जुटाई और थाने तक पहुंची… मां काम पर जाती थी तो करते थे दुष्कर्म साल 2018 से यह सिलसिला शुरू हुआ। जब 14 साल की नाबालिग अपनी मां के साथ अप्रैल 2018 में बिलासपुर से दुर्ग पहुंची। उसके किसी रिश्तेदार ने नौकरी के लिए गोविंद सिंह ठाकुर से मुलाकात करवाई थी। गोविंद सिंह पीडब्ल्यूडी विभाग में पदस्थ था। आरोपी गोविंद ने दुर्ग के सिविल लाइन क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी के क्वार्टर में मां-बेटी को ठहरवाया और मां को झाड़ू-पोछा का काम दिलवा दिया। जब पीड़िता की मां काम पर जाती थी, तब वह अकेली रहती थी। इसी दौरान अप्रैल 2018 के अंतिम सप्ताह में गोविंद ठाकुर और विभाग के ही एक कर्मचारी राजू कश्यप ने क्वार्टर में नाबालिग से बारी-बारी से दुष्कर्म किया। पीड़िता का आरोप है कि घटना के बाद उसे धमकाया गया कि अगर उसने किसी को बताया तो उसे दुर्ग से भगा दिया जाएगा। लॉकडाउन के समय बिलासपुर लौट गई थी दोनों साल 2020 में लॉकडाउन के दौरान काम बंद होने पर मां-बेटी से क्वार्टर खाली करवा दिया गया। इसके करीब 6 महीने बाद वे दुर्ग लौटे और किसी अन्य क्षेत्र में रहने लगे। धीरे-धीरे इस सदमे से बाहर निकलने लगी थी और 2022-23 में नाबालिग ने पढ़ाई भी शुरू कर दी थी। जुलाई 2023 में राजू कश्यप ने उसे फोन कर नौकरी का ऑफर दिया और पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस बुलाया। पीड़िता की रिपोर्ट के मुताबिक बीएन पांडेय, जो कि दुर्ग सांसद विजय बघेल के पूर्व पीए रहे हैं। उसने नौकरी दिलाने में मदद की। पांडेय ने पीडबल्यूडी में फोन कर अफसरों को निर्देशित किया था। रेस्ट हाउस और सर्किट हाउस में हर जगह प्रभाव जमाया। नौकरी की वजह से पीड़िता दबाव में थी। अब आरोपी उससे वाट्सऐप पर न्यूड वीडियो मंगवाने लगे। स्टाफ ग्रुप में वीडियो वायरल करने की धमकी देते लगे। इस तरह से लड़की को लंबे समय तक डर में रखा। इसके बाद अलग-अलग स्थानों पर उसे बुलाकर कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया गया। इस दौरान भी फोटो-वीडियो बनाए गए। हालांकि, दुर्ग सांसद विजय बघेल ने बीएन पांडेय के उनके PA होने से इंकार किया है। उन्होंने कहा है कि वह निज सहायक पद पर नहीं था। डिपार्टमेंटल अटैच में काम कर रहा था। नौकरी लगने के बाद हर छुट्टी के दिन दुष्कर्म पीडब्ल्यूडी में संविदा नौकरी लगवाने के बाद हर छुट्टियों के दिन नाबालिग को बुलाकर शोषण किया जाता रहा। इतना ही नहीं आरोपी व्हाट्सऐप कॉल के जरिए न्यूड फोटो और वीडियो की मांग करते थे। मना करने पर परिवार को बताने की धमकी देते थे। इसके बाद 2024 में कारोबारी अनिल चौधरी के घर पर बुलाकर फिर से सामूहिक दुष्कर्म किया। अगस्त 2024 को उसे कवर्धा ले जाया गया और वहां रेस्ट हाउस में भी गैंगरेप हुआ और इसके बाद पाटन के रेस्ट हाउस में भी रेप किया गया। पीछा छोड़ने के नाम पर भी किया रेप अक्टूबर 2025 में कारोबारी विजय स्वाइन अग्रवाल ने नाबालिग को इंदिरा मार्केट स्थित एक होटल में मिलने बुलाया। पीड़िता ने मना किया, लेकिन दबाव बनाया गया। आरोपी ने कहा कि अंतिम बार वो उससे मिल लेगी तो उसका पीछा छोड़ देंगे। 11 अक्टूबर 2025 को उसी होटल में उसे बुलाकर नाबालिग से फिर दुष्कर्म किया गया। नाबालिग से हैवानियत का सिलसिला इसके बाद भी जारी रहा। मंगेतर को बताई आपबीती, उसने दी हिम्मत इस दौरान पीड़िता की शादी तय हुई। इसमें भी आरोपियों ने रुकावटें बनानी शुरू कर दी। शादी तुड़वाने तक की कोशिश की गई। शरीर पर दांत से काटने के निशान बनाए गए। पीड़िता ने जैसे-तैसे अपनी सारी आपबीती अपने मंगेतर को बताई। मंगेतर ने उसे हिम्मत दी और न्याय के लिए आवाज उठाने को कहा। इसके बाद पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अब तक 3 आरोपी गिरफ्तार, तीन फरार पीड़िता की रिपोर्ट पर पुलिस अब जांच में जुट गई है। मामले में विवेचना जारी है। अभी तक पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। फरार की तलाश में पुलिस ने टीमें रवाना कर दी है। जिन्हें यूपी और बिहार में खोजा जा रहा है। ………………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… सरकारी नौकरी के नाम पर नाबालिग से गैंगरेप: दुर्ग में 8 साल तक बनाए संबंध, रिटायर्ड PWD कर्मचारी अरेस्ट, कई हाईप्रोफाइल जांच के घेरे में छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर नाबालिग लड़की से गैंगरेप का मामला सामने आया है। मामले में PWD के एक रिटायर्ड कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है। अब तक कुल 3 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जबकि 3 अन्य आरोपी की तलाश जारी है। फरार आरोपियों में हाईप्रोफाइल लोग शामिल बताए जा रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…

Dainik Bhaskar PM मोदी राज्यसभा पहुंचे, थोड़ी देर में स्पीच:राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देंगे; कल लोकसभा में स्पीच टाली गई थी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बजट सत्र के सातवें दिन गुरुवार को राज्यसभा में पहुंच गए हैं। वह थोड़ी देर में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देंगे। इससे पहले लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव हंगामे के बीच पास हो गया। 2004 के बाद पहली बार यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री के भाषण के बिना पास हुआ है। दरअसल, तीसरे पिछले तीन दिनों से चीन घुसपैठ, अमेरिका ट्रेड डील पर नेता विपक्ष राहुल के भाषण पर हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही बार-बार रोकनी पड़ी है। इसके बाद मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मंत्रियों के एक समूह ने मुलाकात की थी, ताकि प्रधानमंत्री का जवाब तय समय पर हो सके।

Dainik Bhaskar संसदीय समिति बोली-RAC बर्थ मिलने पर आंशिक किराया लौटाए रेलवे:सुपरफास्ट ट्रेनों का बेंचमार्क बदलें; अभी 55 किमी/घंटे की रफ्तार को सुपरफास्ट मानता है विभाग

संसदीय समिति ने मंगलवार को कहा RAC कैटेगरी के तहत बुक किए गए टिकटों के लिए यात्री से पूरा किराया लेना सही नहीं है। समिति ने रेल मंत्रालय को सुझाव दिया कि रेल मंत्रालय को ऐसे यात्री को आंशिक किराया वापस करने के लिए नियम बनाना चाहिए। मौजूदा नियम के तहत, रेलवे RAC कैटेगरी के तहत ट्रेनों में बर्थ बुक करने के लिए यात्री से पूरा किराया लेता है। हालांकि, यात्री RAC कैटेगरी में रह सकता है और बर्थ दूसरे RAC यात्री के साथ साझा कर सकता है। दोनों यात्री रेलवे को पूरा किराया देते हैं। वहीं, सुपरफास्ट ट्रेनों को कैटेगराइज करने के लिए समिति ने कहा कि इसके लिए 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार का बेंचमार्क बेहद कम है। समिति ने कहा कि 2007 से सुपरफास्ट ट्रेनों के कैटेगराइजेशन के नियमों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अभी 55 किमी/घंटे की रफ्तार वाली ट्रेनें सुपरफास्ट मानी जाती हैं। संसद में रिपोर्ट पेश की गई पार्लियामेंट्री अकाउंट्स कमिटी (PAC) ने बुधवार को संसद में पेश की गई अपनी रिपोर्ट ‘भारतीय रेलवे में ट्रेन संचालन में समय की पाबंदी और यात्रा का समय’ में कहा कि RAC (कैंसलेशन के बदले आरक्षण) के तहत टिकटों के लिए पूरा किराया लेना सही नहीं है। इसमें चार्ट बनने के बाद भी टिकट धारक को बिना बर्थ की सुविधा के RAC कैटेगरी में रहना पड़ता है। समिति ने रेलवे से ऐसे यात्रियों को आंशिक किराया वापस करने और इस संबंध में उठाए गए कदमों के बारे में उसे सूचित करने का आग्रह किया। सुपरफास्ट कैटेगरी के नियमों में बदलाव करने का सुझाव समिति ने भारतीय रेलवे में सुपरफास्ट ट्रेनों के नियमों की समीक्षा करने की आवश्यकता पर ध्यान देने के लिए कहा। समिति ने कहा कि मई 2007 में रेलवे ने फैसला किया था कि यदि किसी ट्रेन की ऐवरेज स्पीड दोनों अप और डाउन दिशाओं में, ब्रॉड गेज पर न्यूनतम 55 किमी प्रति घंटा और मीटर गेज पर 45 किमी प्रति घंटा है, तो उसे सुपरफास्ट (SF) ट्रेन माना जाएगा। समिति ने कहा कि ऑडिट में पाया गया कि किसी ट्रेन को सुपरफास्ट के रूप में कैटेगराइज करने के लिए 55 किमी प्रति घंटे का बेंचमार्क ही कम है। समिति ने कहा, 2007 से SF ट्रेनों के वर्गीकरण के मानदंडों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसके साथ ही 478 सुपरफास्ट ट्रेनों में से 123 सुपरफास्ट ट्रेनों की निर्धारित गति 55 किमी प्रति घंटे से कम है। मंत्रालय ने कहा- स्टॉपेज देने से स्पीड कम होती है अपने जवाब में मंत्रालय ने समिति को बताया कि सुपरफास्ट के रूप में कैटेगराइज्ड 123 ट्रेनों की सूची की जांच से पता चला कि मौजूदा आंकड़ों के अनुसार 47 ट्रेनों की गति 55 किमी प्रति घंटे से अधिक है। जहां तक ​​55 किमी प्रति घंटे से कम स्पीड पर चलने वाली बाकी ट्रेनों की बात है, तो मंत्रालय ने कहा कि रेगुलर ऑपरेशन शुरू होने के बाद अतिरिक्त स्टॉपेज देने से कुछ ट्रेनों की औसत स्पीड पर असर पड़ा है। समिति ने कहा- ये केवल ज्यादा किराया वसूलने के लिए किया गया रिपोर्ट में कहा गया है, समिति इस नतीजे पर पहुंचने के लिए मजबूर है कि ट्रेनों को सुपरफास्ट के रूप में अलग करने का मकसद ज्यादा किराया वसूलना था। जब भी ट्रेनों की स्पीड कम हुई, तो भारतीय रेलवे को ट्रेन को सुपरफास्ट कैटेगरी से हटा देना चाहिए था और किराया रिवाइज करना चाहिए था। समिति ने और क्या कहा… PAC कमेटी में 22 सांसद पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (पीएसी) में कुल 22 सदस्य हैं। इसमें लोकसभा से 15 और राज्यसभा से 7 सांसद शामिल हैं। लोकसभा स्पीकर द्वारा अध्यक्ष चुना जाता है, जो परंपरा से विपक्ष का नेता होता है।​ कमेटी में बीजेपी-एनडीए के 13 सदस्य हैं। यह कमेटी केंद्र सरकार के खर्चों की जांच करती है।

Dainik Bhaskar संसदीय समिति बोली-RAC बर्थ मिलने पर आंशिक किराया लौटाए रेलवे:सुपरफास्ट ट्रेनों का बेंचमार्क बदलें; अभी 55 किमी/घंटे की रफ्तार को सुपरफास्ट मानता है विभाग

संसदीय समिति ने मंगलवार को कहा RAC कैटेगरी के तहत बुक किए गए टिकटों के लिए यात्री से पूरा किराया लेना सही नहीं है। समिति ने रेल मंत्रालय को सुझाव दिया कि रेल मंत्रालय को ऐसे यात्री को आंशिक किराया वापस करने के लिए नियम बनाना चाहिए। मौजूदा नियम के तहत, रेलवे RAC कैटेगरी के तहत ट्रेनों में बर्थ बुक करने के लिए यात्री से पूरा किराया लेता है। हालांकि, यात्री RAC कैटेगरी में रह सकता है और बर्थ दूसरे RAC यात्री के साथ साझा कर सकता है। दोनों यात्री रेलवे को पूरा किराया देते हैं। वहीं, सुपरफास्ट ट्रेनों को कैटेगराइज करने के लिए समिति ने कहा कि इसके लिए 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार का बेंचमार्क बेहद कम है। समिति ने कहा कि 2007 से सुपरफास्ट ट्रेनों के कैटेगराइजेशन के नियमों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अभी 55 किमी/घंटे की रफ्तार वाली ट्रेनें सुपरफास्ट मानी जाती हैं। संसद में रिपोर्ट पेश की गई पार्लियामेंट्री अकाउंट्स कमिटी (PAC) ने बुधवार को संसद में पेश की गई अपनी रिपोर्ट ‘भारतीय रेलवे में ट्रेन संचालन में समय की पाबंदी और यात्रा का समय’ में कहा कि RAC (कैंसलेशन के बदले आरक्षण) के तहत टिकटों के लिए पूरा किराया लेना सही नहीं है। इसमें चार्ट बनने के बाद भी टिकट धारक को बिना बर्थ की सुविधा के RAC कैटेगरी में रहना पड़ता है। समिति ने रेलवे से ऐसे यात्रियों को आंशिक किराया वापस करने और इस संबंध में उठाए गए कदमों के बारे में उसे सूचित करने का आग्रह किया। सुपरफास्ट कैटेगरी के नियमों में बदलाव करने का सुझाव समिति ने भारतीय रेलवे में सुपरफास्ट ट्रेनों के नियमों की समीक्षा करने की आवश्यकता पर ध्यान देने के लिए कहा। समिति ने कहा कि मई 2007 में रेलवे ने फैसला किया था कि यदि किसी ट्रेन की ऐवरेज स्पीड दोनों अप और डाउन दिशाओं में, ब्रॉड गेज पर न्यूनतम 55 किमी प्रति घंटा और मीटर गेज पर 45 किमी प्रति घंटा है, तो उसे सुपरफास्ट (SF) ट्रेन माना जाएगा। समिति ने कहा कि ऑडिट में पाया गया कि किसी ट्रेन को सुपरफास्ट के रूप में कैटेगराइज करने के लिए 55 किमी प्रति घंटे का बेंचमार्क ही कम है। समिति ने कहा, 2007 से SF ट्रेनों के वर्गीकरण के मानदंडों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसके साथ ही 478 सुपरफास्ट ट्रेनों में से 123 सुपरफास्ट ट्रेनों की निर्धारित गति 55 किमी प्रति घंटे से कम है। मंत्रालय ने कहा- स्टॉपेज देने से स्पीड कम होती है अपने जवाब में मंत्रालय ने समिति को बताया कि सुपरफास्ट के रूप में कैटेगराइज्ड 123 ट्रेनों की सूची की जांच से पता चला कि मौजूदा आंकड़ों के अनुसार 47 ट्रेनों की गति 55 किमी प्रति घंटे से अधिक है। जहां तक ​​55 किमी प्रति घंटे से कम स्पीड पर चलने वाली बाकी ट्रेनों की बात है, तो मंत्रालय ने कहा कि रेगुलर ऑपरेशन शुरू होने के बाद अतिरिक्त स्टॉपेज देने से कुछ ट्रेनों की औसत स्पीड पर असर पड़ा है। समिति ने कहा- ये केवल ज्यादा किराया वसूलने के लिए किया गया रिपोर्ट में कहा गया है, समिति इस नतीजे पर पहुंचने के लिए मजबूर है कि ट्रेनों को सुपरफास्ट के रूप में अलग करने का मकसद ज्यादा किराया वसूलना था। जब भी ट्रेनों की स्पीड कम हुई, तो भारतीय रेलवे को ट्रेन को सुपरफास्ट कैटेगरी से हटा देना चाहिए था और किराया रिवाइज करना चाहिए था। समिति ने और क्या कहा… ब्रॉड गेज और मीटर गेज क्या होते हैं? गेज का मतलब होता है रेल की पटरियों के बीच की दूरी। पटरियों के बीच की दूरी अगर 1.676 मीटर हो तो इसे ब्रॉड गेज कहा जाता है। यह भारत में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला गेज है। लगभग सभी एक्सप्रेस, सुपरफास्ट, राजधानी, शताब्दी और वंदे भारत ट्रेनें इसी पर चलती हैं। वहीं, मीटर गेज में पटरियों के बीच की दूरी 1 मीटर होती है। पहले यह पहाड़ी और छोटे रूट्स पर ज्यादा इस्तेमाल होता था। इस गेज पर ट्रेनें धीमी गति से चलती हैं और वजन क्षमता कम होती है। PAC कमेटी में 22 सांसद पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (पीएसी) में कुल 22 सदस्य हैं। इसमें लोकसभा से 15 और राज्यसभा से 7 सांसद शामिल हैं। लोकसभा स्पीकर द्वारा अध्यक्ष चुना जाता है, जो परंपरा से विपक्ष का नेता होता है।​ कमेटी में बीजेपी-एनडीए के 13 सदस्य हैं। यह कमेटी केंद्र सरकार के खर्चों की जांच करती है। ---------------- ये खबर भी पढ़ें… स्पीकर बोले-कल पीएम के साथ कुछ भी हो सकता था:मैंने लोकसभा न आने का आग्रह किया, स्पीच टाली; विपक्षी महिला सांसदों ने कुर्सी घेरी थी लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने गुरुवार को कहा- बुधवार को लोकसभा में पीएम मोदी के साथ अप्रत्याशित घटना हो सकती थी। इसलिए उनकी कल शाम 5 बजे होने वाली स्पीच टालनी पड़ी। आशंका के चलते मैंने ही उनसे न आने का आग्रह किया था। दरअसल, पीएम मोदी 5 फरवरी को लोकसभा में शाम 5 बजे धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देने वाले थे, लेकिन विपक्ष की महिला सांसदों के हंगामे के चलते स्पीकर संध्या राय ने कार्यवाही अगले दिन तक स्थगित कर दी। इससे पीएम नरेंद्र मोदी का संबोधन भी टल गया। पूरी खबर पढ़ें…

Dainik Bhaskar स्पीकर बोले-कल पीएम के साथ कुछ भी हो सकता था:मैंने ही लोकसभा न आने का आग्रह किया था, स्पीच टाली; विपक्षी सांसदों ने कुर्सी घेरी थी

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने गुरुवार को कहा- बुधवार को लोकसभा में पीएम मोदी के साथ अप्रत्याशित घटना हो सकती थी। इसलिए उनकी कल शाम 5 बजे होने वाली स्पीच टालनी पड़ी। आशंका के चलते मैंने ही उनसे न आने का आग्रह किया था। दरअसल, पीएम मोदी 5 फरवरी को लोकसभा में शाम 5 बजे धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देने वाले थे, लेकिन विपक्ष की महिला सांसदों के हंगामे के चलते स्पीकर संध्या राय ने कार्यवाही अगले दिन तक स्थगित कर दी। इससे पीएम नरेंद्र मोदी का संबोधन भी टल गया। स्पीकर बोले- अगर अप्रिय घटना होती तो लोकतंत्र की परंपरा तार-तार हो जाती लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा- कल लोकसभा अध्यक्ष के कार्यालय में जो हुआ, वह सदन के इतिहास में कभी नहीं हुआ। जब सदन के नेता पीएम मोदी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब देना था तो विपक्षी सांसद प्रधानमंत्री की सीट के पास पहुंचकर कोई अप्रत्याशित घटना कर सकते थे। बिरला ने कहा- अगर ये घटना हो जाती तो लोकतंत्र की परंपरा को तार-तार हो जाती। इसको टालने के लिए मैंने पीएम से सदन में न आने का आग्रह किया। पीएम ने मेरे सुझाव को माना। बिरला ने विपक्षी सांसदों से कहा कि आप पोस्टर लेकर आएंगे तो सदन नहीं चलेगा। जिस तरह से महिला सदस्य पीएम की सीट तक पहुंची, उसे देश ने देखा। ये उचित नहीं था। ये सदन की गरिमा के अनुकूल भी नहीं था। बुधवार को पीएम की स्पीच से पहले क्या हुआ शाम 5 बजे जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तब विपक्ष की महिला सांसदों ने सत्ताधारी नेताओं की कुर्सियां घेर लीं। इनमें पीएम मोदी की कुर्सी भी थी। महिला सांसदों के हाथ में बड़े बैनर थे, जिन पर लिखा था- जो सही है, वो करो। ये सांसद मंगलवार को हंगामे के बाद 8 विपक्षी सांसदों के निलंबन का विरोध कर रही थीं। हंगामे के चलते स्पीकर ने कार्यवाही स्थगित कर दी। कुछ मंत्रियों ने विपक्षी सांसदों से जाने को कहा, इसके बाद उन्होंने घेराव बंद किया।

Dainik Bhaskar भोपाल में छात्राओं पर कटर से हमला, साइको-मैन गिरफ्तार:पत्नी से विवाद के बाद बनाया निशाना, पुलिस ने रखा था 20 हजार का इनाम

भोपाल में तीन छात्राओं पर कटर से हमला करने वाले साइको मैन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसे बुधवार रात छोला इलाके में घेराबंदी कर पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी का नाम देवेंद्र अहिरवार है। वह सागर जिले का रहने वाला है। शुरुआती जांच में पता चला है कि पत्नी से झगड़ा होने के बाद उसने अपना गुस्सा निकालने के लिए एक बाद एक तीन छात्राओं को निशाना बनाया। 20 हजार रुपए का इनाम था, 5 टीमें तलाश में जुटी थीं पुलिस के मुताबिक, आरोपी पर 20 हजार रुपए इनाम था। क्राइम ब्रांच, अयोध्या नगर और पिपलानी थाने की 5 टीमें उसकी तलाश में लगी थी। इसमें करीब 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी शामिल थे। इसके लिए पुलिस ने शहर के आपराधिक प्रवृत्ति वालों का डेटा निकालकर भी मैच करने की कोशिश की थी। 100 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक किए पुलिस के मुताबिक,आरोपी शराब पीने का आदी है और भोपाल में मजदूरी करता है। पुलिस ने बदमाश की तलाश के लिए 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक किए। इसके बाद उसे बदमाश का सुराग लगा। एक के बाद एक तीन छात्राओं को बनाया निशाना सिरफिरे देवेंद्र अहिरवार ने 29 जनवरी की रात पत्नी से विवाद किया था। इसके बाद बाइक पर सवार होकर निकला। भानपुर ब्रिज के रास्ते आरोपी अयोध्या नगर और पिपलानी इलाके में पहुंचा। यहां उसने तीन छात्राओं पर कटर से हमला कर उन्हें घायल कर दिया। दो छात्राओं को गंभीर चोटें आई थीं, जबकि एक को मामूली चोट लगी। 30 जनवरी को पीड़िताओं की शिकायत पर अयोध्या और पिपलानी पुलिस ने दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की थी। आरोपी अलग-अलग स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों में कैद हुआ था। चेहरे पर रूमाल बांधे था आरोपी आरोपी ने अपना चेहरा रूमाल से ढंक रखा था। पिपलानी इलाके में ही आरोपी ने एक अन्य युवती पर भी हमला किया था। हालांकि मामूली रूप से घायल हुई थी।

Dainik Bhaskar BBA स्टूडेंट का शव 50 घंटे बाद मिला:कुरुक्षेत्र SYL में झाड़ियों में फंसी थी बॉडी, इकलौते बेटे की मौत से मां-बाप का बुरा हाल

हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में मंगलवार को ज्योतिसर के पास सतलुज यमुना लिंक (SYL) नहर में कार गिरने के बाद डूबे BBA के स्टूडेंट वरुण सिंगला का शव 50 घंटे बाद बरामद हो गया। वरुण का शव घटनास्थल से थोड़ी ही दूर नहर में नीचे झाड़ियों के बीच फंसाहम इसे लगातार अपडेट कर रहे हैं.. हुआ था। गोताखोरों ने शव को बाहर निकालकर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए LNJP अस्पताल भेज दिया। वहीं, इकलौते बेटे का शव मिलते परिवार में मातम पसर गया। वरुण के मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है। वरुण की तलाश के लिए गोताखोर और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें लगी हुई थीं। युवती का कल हुआ था पोस्टमॉर्टम उधर, पुलिस बुधवार को आरुषि (21) निवासी शास्त्री कॉलोनी के शव का पोस्टमॉर्टम करवा चुकी है। आरुषि के परिवार ने वरुण सिंगला पर जानबूझ कर कार को नहर में गिराने के आरोप लगाए थे। जिस पर पुलिस ने वरुण के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था।

Dainik Bhaskar रेलवे का बड़ा फैसला:जम्मू-कश्मीर में 3 रेल प्रोजेक्ट रोके, सेब के 7 लाख पेड़ बचाने की कोशिश; स्थानीय लोगों ने जताई थी आपत्ति

रेल मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर में प्रस्तावित तीन परियोजनाओं को रोक दिया है। रेलवे ने दिसंबर 2023 में कश्मीर में तीन नई लाइनों के सर्वे को मंजूरी दी थी। ये रेल लाइनें थीं- सोपोर-कुपवाड़ा (33.7 किमी), अवंतीपोरा-शोपियां (27.6 किमी) और अनंतनाग-बिजबेहारा-पहलगाम (77.5 किमी)। हालांकि स्थानीय लोगों और सरकार की आपत्ति के बाद सर्वे रोक दिया गया है। मालूम हो, श्रीनगर से बारामूला तक एक ट्रैक मौजूद है। प्रस्तावित तीनों लाइन घाटी के प्रमुख बागवानी जिलों से गुजरने वाली थीं। इनमें शोपियां, पुलवामा, अनंतनाग शामिल हैं। किसान इसलिए विरोध कर रहे थे क्योंकि यहां ट्रैक बिछाए जाने से 7 लाख से अधिक सेब के पेड़ काटे जाते। इतनी कृषि भूमि के नुकसान से हजारों परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाता। ...ताकि सेब के बागानों को नुकसान से बचाया जा सके केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का कहना है कि तीन रेल प्रोजेक्ट जम्मू-कश्मीर सरकार और सांसदों की सिफारिश के बाद फिलहाल रोक दिए गए हैं, ताकि सेब के बागानों को नुकसान से बचाया जा सके। रेल लाइन इन इलाकों को छूकर निकल जाती जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला का कहना है कि मकसद अगर पहलगाम के रास्ते लद्दाख या शोपियां के जरिए राजौरी व पुंछ को जोड़ना होता, तो विचार कर सकते थे। रेल लाइन इन इलाकों को छूकर निकल जाती।

Dainik Bhaskar तमिलनाडु के मंत्री बोले- हिंदीभाषी यहां पानीपुरी बेचने आते हैं:हमारे बच्चे तमिल के साथ अंग्रेजी भी जानते हैं इसलिए विदेश में करोड़ों कमा रहे

तमिलनाडु के कृषि मंत्री एमआरके पन्नीरसेल्वम ने कहा कि उत्तर भारत से आए लोग सिर्फ हिंदी जानते हैं, इसलिए उन्हें अच्छी नौकरियां नहीं मिलतीं। वे तमिलनाडु आकर टेबल साफ करने, मजदूरी करने या पानी पूरी बेचने जैसे काम करते हैं। जबकि तमिलनाडु की दो-भाषा नीति (तमिल और अंग्रेजी) की वजह से यहां के बच्चे अमेरिका, लंदन जैसी जगहों पर करोड़ों कमा रहे हैं। पन्नीरसेल्वम ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में ये बातें कही। बीजेपी और दूसरी विपक्षी पार्टी DMK नेता के इस बयान का विरोध कर रहे है। तमिलनाडु बीजेपी ने X पर पन्नीरसेल्वम की वीडियो शेयर करते हुए ऐसे बयानों को एक पैटर्न बताया। बीजेपी ने लिखा कि यह केवल एक व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं है, बल्कि एक पैटर्न बन चुका है। DMK के कई नेता प्रवासी मजदूरों का, विशेषकर उत्तर भारतीय या हिंदी बोलने वालों का बार-बार मजाक उड़ा चुके हैं। ऐसे में जब तमिलनाडु में प्रवासी मजदूरों के खिलाफ हिंसा बढ़ रही है, इस तरह के बयान गैर-जिम्मेदाराना और खतरनाक हैं। विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया… भाषा को लेकर केंद्र से लंबे समय से चल रहा विवाद तमिलनाडु की स्टालिन सरकार और केंद्र के बीच लंबे समय से राज्य में हिंदी भाषा के इस्तेमाल को लेकर तकरार चल रही है। पिछले साल मार्च में CM स्टालिन ने स्टेट बजट 2025-26 के सिंबल से रुपए का सिंबल '₹' हटाकर तमिल अक्षर 'ரூ' (तमिल भाषा में रुपए को दर्शाने वाले ‘रुबाई’ का पहला अक्षर) लगा दिया था। CM स्टालिन केंद्र सरकार की 3 भाषा फार्मूले (Three Language Policy) का विरोध करते रहे हैं। उन्होंने कई बार भाजपा पर राज्य के लोगों पर हिंदी थोपने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा था कि राज्य की दो-भाषा नीति (तमिल और अंग्रेजी) से शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार को फायदा हुआ हुआ है। भाषा विवाद पर DMK नेताओं के पिछले बयान… 24 जनवरी: स्टालिन बोले- तमिलनाडु में हिंदी के लिए कोई जगह नहीं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और DMK अध्यक्ष एम के स्टालिन ने तमिल भाषा शहीद दिवस पर कहा था कि यहां हिंदी के लिए कभी भी कोई जगह नहीं होगी। हम इसे थोपने का हमेशा विरोध करेंगे। तमिल भाषा के लिए हमारा प्यार कभी नहीं मरेगा। जब भी हिंदी को हम पर थोपा गया, इसका उसी तेजी से विरोध भी किया गया। CM ने कहा कि मैं उन शहीदों को कृतज्ञतापूर्वक सम्मान देता हूं जिन्होंने तमिल के लिए अपनी कीमती जान दे दी। भाषा युद्ध में अब और कोई जान नहीं जाएगी। पूरी खबर पढ़ें… 14 जनवरी: DMK सांसद बोले-नार्थ में महिलाओं को बच्चा करने कहा जाता DMK सांसद दयानिधि मारन ने 14 जनवरी को उत्तर भारतीय महिलाओं को लेकर विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि उत्तर भारतीय राज्यों में लड़कियों से कहा जाता है कि वे नौकरी नहीं करें, घर में रहें, किचन में काम करें और बच्चे पैदा करें। मारन ने कहा था कि तमिलनाडु में लड़कियों की शिक्षा और सशक्तिकरण पर ध्यान दिया जाता है। हमारे छात्राओं को गर्व होना चाहिए। हम तमिलनाडु में लड़कियों को पढ़ाई करने के लिए कहते हैं। उन्हें लैपटॉप देते है, जिसका इस्तेमाल वे पढ़ाई करने और इंटरव्यू देने के लिए कर रही हैं। पूरी खबर पढ़ें…

Dainik Bhaskar हिमाचल में टूरिस्ट युवतियों के स्टंट का VIDEO:एक कार की खिड़की से लटकी, दूसरी सनरूफ से बाहर निकली; ₹3500 का चालान काटा

हिमाचल प्रदेश के मंडी में 2 टूरिस्ट लड़कियों को गाड़ी में स्टंटबाजी करना महंगा पड़ा। मनाली से वापस लौटते वक्त एक लड़की कार के सनरूफ और दूसरी खिड़की से बाहर लटककर जोर-जोर से चिल्ला रही थी। इसी दौरान पीछे कार में चल रहे एक व्यक्ति ने वीडियो बनाकर पुलिस को भेज दिया। जैसे ही कार पुंघ पहुंची, तो पुलिस ने नाका लगाकर कार को रोका और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 3500 रुपए का चालान काट दिया है। DSP भारत भूषण ने कहा कि सनरूफ से खड़े होकर सफर करना अपराध है। लड़कियां उत्तर प्रदेश की रही वालीं थी, जो मनाली से घूमकर वापस घर जा रहीं थी। मनाली से जा रही थीं चंडीगढ़ जानकारी के अनुसार, बीते बुधवार (4 फरवरी) को उत्तर प्रदेश नंबर (UP-14-FH-8572) की कार मनाली से वापस चंडीगढ़ साइड जा रही थी। कार को मोहम्मद उमर चला रहा था। शाम 6 बजकर 2 मिनट पर चंडीगढ़-मनाली फोरलेन पर सुंदरनगर के पास दो लड़कियां कार से बाहर निकलती हैं और जोर जोर से चिल्लाती है। इनकी गाड़ी के पीछे चल रही दूसरी कार में सवार किसी व्यक्ति ने इसका वीडियो बनाकर पुलिस को शेयर किया। कुछ दूरी पर पुंघ में पुलिस ने नाका लगाकर इस गाड़ी को रोका और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान कर दिया। इस दौरान पुलिस ने पर्यटकों को दोबारा ऐसा नहीं करने की हिदायत दी। DSP बोले- सनरूफ से खड़े होकर सफर करना अपराध सुंदरनगर के डीएसपी भारत भूषण ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पर्यटकों का स्वागत है। लेकिन कानून तोड़ने और जान जोखिम में डालने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि चलती गाड़ी से बाहर निकलना, सनरूफ से खड़े होकर सफर करना या हुड़दंग मचाना गंभीर अपराध है। इससे जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है। ट्रैफिक नियमों का पालन करें डीएसपी ने हिमाचल आने वाले सभी पर्यटकों से अपील की कि वे यहां की सड़कों पर अनुशासन बनाए रखें, ट्रैफिक नियमों का पालन करें और अपनी व दूसरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। साथ ही उन्होंने आम जनता से भी आग्रह किया कि यदि कहीं सड़क सुरक्षा से जुड़ी लापरवाही या ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन नजर आए, तो उसकी सूचना या वीडियो तुरंत पुलिस को दें। ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। बता दें कि हिमाचल के अलग-अलग पर्यटन स्थलों पर इस तरह की स्टंटबाजी के मामले सामने आते रहे हैं। खासकर समर टूरिज्म सीजन के दौरान बहुत से पर्यटक सनरूफ से बाहर निकल कर सैर करते हैं। शिमला, कुफरी, मनाली, सोलन, मंडी में ऐसे वीडियो समय समय पर सामने आते रहे हैं। मगर ऐसा करना अपराध है। ------------ ये खबर भी पढ़ें… चंडीगढ़-मनाली फोरलेन पर खतरनाक स्टंट,VIDEO, गाड़ी से तेज रफ्तार में यूटर्न लिया हिमाचल प्रदेश के मंडी में फोरलेन पर ‘रील रिकॉर्ड’ करने के चक्कर में स्टंटबाजी करना महंगा पड़ा। चंडीगढ़-मनाली फोरलेन पर हराबाग में स्टंटबाजी का वीडियो वायरल होते ही सुंदरनगर पुलिस ने ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने पर ड्राइवर का 18 हजार 500 रुपए का चालान काटा। पढ़ें पूरी खबर…

Dainik Bhaskar मणिपुर के नए डिप्टी सीएम नेमचा किपगेन का विरोध:कुकी ग्रुप्स ने बंद बुलाया: आज से विधानसभा का सत्र शुरू होगा

मणिपुर में आज से विधानसभा का नया सत्र शुरू हो रहा है। यह सत्र नए मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह के शपथ ग्रहण के एक दिन बाद बुलाया गया है। राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने गुरुवार शाम 4 बजे से सत्र बुलाया है। सरकार गठन को लेकर कुकी संगठनों ने विरोध किया है। बुधवार शाम दिल्ली में कुकी-जो समूह से जुड़े लोगों ने मणिपुर भवन के बाहर प्रदर्शन किया। वहीं, मणिपुर में जॉइंट फोरम ऑफ सेवन (JF7) ने शुक्रवार को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक कुकी बहुल इलाकों में बंद का आह्वान किया है। कुकी-जो परिषद ने कहा है कि यदि समुदाय का कोई विधायक सामूहिक फैसले के खिलाफ सरकार में शामिल होता है, तो उसके फैसले की जिम्मेदारी संगठन की नहीं होगी। कुछ कुकी संगठनों ने भी समुदाय के विधायकों को सरकार गठन से दूर रहने की चेतावनी दी है। उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन के खिलाफ प्रदर्शन युमनाम खेमचंद सिंह के मुख्यमंत्री बनने के साथ कुकी समुदाय से आने वाली नेमचा किपगेन को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। इसके विरोध में कुकी बहुल कांगपोकपी जिले में बुधवार रात प्रदर्शन हुए। लेइमाखोंग के पास प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर जलाकर विरोध जताया। नेमचा किपगेन कांगपोकपी से भाजपा विधायक हैं और इससे पहले बीरेन सिंह सरकार में सामाजिक कल्याण, सहकारिता, वाणिज्य, उद्योग और वस्त्र विभाग की मंत्री रह चुकी हैं। जातीय हिंसा के दौरान इम्फाल में उनका सरकारी आवास जला दिया गया था। वे उन 10 कुकी-जो विधायकों में शामिल हैं, जिन्होंने पहाड़ी क्षेत्रों के लिए अलग प्रशासन की मांग की थी। युमनाम खेमचंद बीरेन सिंह के नजदीकी, लेकिन कट्‌टर मैतेई नहीं युमनाम खेमचंद सिंग्जामेई क्षेत्र (इंफाल वेस्ट) से भाजपा विधायक हैं। 2017-2022 तक मणिपुर विधानसभा स्पीकर रहे। 2022 में पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह की दूसरी सरकार में मंत्री रहे। वे मैतेई समुदाय से आते हैं, जो मणिपुर के घाटी क्षेत्र में बहुसंख्यक हैं। बीरेन सिंह के साथ नजदीकी भी हैं। हाल के महीनों में वे शांति प्रयासों में सक्रिय रहे हैं। मई 2023 हिंसा के बाद दिसंबर 2025 में कुकी बहुल इलाकों और रिलीफ कैंप का दौरा करने वाले वे पहले मैतेई नेता हैं। बीरेन सिंह की तुलना में मध्यमार्गी माने जाते हैं। यही बात इन्हें कट्टर मैतेई लाइन से अलग करती है। कुकी-मैतेई समुदाय के बीच हिंसा की 3 मुख्य कारण 1. ST (अनुसूचित जनजाति) दर्जे की मांग: 14 अप्रैल 2023 को मणिपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को मैतेई समुदाय के लिए ST का दर्जा देने पर सिफारिश भेजने का निर्देश दिया था। इस आदेश के बाद कुकी समुदाय में आक्रोश फैला और हिंसा भड़की। कुकी पहले से ST श्रेणी में है। उन्हें डर है कि अगर मैतेई को भी ST का दर्जा मिला, तो वे पहाड़ी इलाकों में जमीन खरीद सकेंगे और इससे उनका सांस्कृतिक, सामाजिक और भौगोलिक अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। मणिपुर के इंफाल घाटी में लगभग 10% भूमि क्षेत्र है, जहां मैतेई बहुसंख्यक रहते हैं। बाकी 90% पहाड़ी इलाका कुकी और नगा समुदायों का है। यह क्षेत्र आदिवासी जमीन (Tribal Lands) के अंतर्गत आता है और मैतेई यहां जमीन नहीं खरीद सकते। 2. अलग कुकी प्रशासन की मांग: कुकी समुदाय 'कुकीलैंड' या 'जूमलैंड' नाम से अलग प्रशासनिक स्वायत्तता की मांग कर रहे हैं । मैतेई समुदाय और राज्य सरकार इस मांग को राज्य की अखंडता के लिए खतरा मानती है। 3. कुकी पर ड्रग्स तस्करी का आरोप: कुकी समुदाय पर म्यांमार से ड्रग्स की तस्करी का आरोप लगता रहा है। सरकार ने भी कुकी पर अवैध अफीम की खेती की तस्करी में शामिल होने का आरोप लगाया, जिससे सरकार के प्रति उनका अविश्वास और बढ़ गया। कुकी का मानना है कि उनके समुदाय को बदनाम करने के लिए ऐसे आरोप लगाए जाते हैं। कुकी समुदाय का आरोप है कि मणिपुर सरकार (पूर्व भाजपा सरकार) मैतेई का पक्ष लेती है। वे सुरक्षाबलों और पुलिस पर भी एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हैं।

Dainik Bhaskar मणिपुर की नई डिप्टी सीएम नेमचा किपगेन का विरोध:कुकी ग्रुप्स ने बंद बुलाया: आज से विधानसभा का सत्र शुरू होगा

मणिपुर में आज से विधानसभा का नया सत्र शुरू हो रहा है। यह सत्र नए मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह के शपथ ग्रहण के एक दिन बाद बुलाया गया है। राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने गुरुवार शाम 4 बजे से सत्र बुलाया है। इधर, दिल्ली में बुधवार शाम को कुकी-जो समूह से जुड़े लोगों ने मणिपुर भवन के बाहर प्रदर्शन किया। मणिपुर में जॉइंट फोरम ऑफ सेवन (JF7) ने शुक्रवार को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक कुकी बहुल इलाकों में बंद का आह्वान किया है। ये विरोध प्रदर्शन कुकी समुदाय से आने वाली उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन का किया जा रहा है। कुकी-जो परिषद ने कहा है कि यदि समुदाय का कोई विधायक सामूहिक फैसले के खिलाफ सरकार में शामिल होता है, तो उसके फैसले की जिम्मेदारी संगठन की नहीं होगी। बीरेन सरकार में मंत्री रह चुकी हैं नेमचा किपगेन नेमचा किपगेन कांगपोकपी से भाजपा विधायक हैं और इससे पहले बीरेन सिंह सरकार में सामाजिक कल्याण, सहकारिता, वाणिज्य, उद्योग और वस्त्र विभाग की मंत्री रह चुकी हैं। जातीय हिंसा के दौरान इम्फाल में उनका सरकारी आवास जला दिया गया था। वे उन 10 कुकी-जो विधायकों में शामिल हैं, जिन्होंने पहाड़ी क्षेत्रों के लिए अलग प्रशासन की मांग की थी। नेमचा के उपमुख्यमंत्री बनने के बाद मणिपुर के कुकी बहुल कांगपोकपी जिले में बुधवार रात प्रदर्शन हुए। लेइमाखोंग के पास प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर जलाकर विरोध जताया। कुछ कुकी संगठनों ने भी समुदाय के विधायकों को सरकार गठन से दूर रहने की चेतावनी दी है। युमनाम खेमचंद बीरेन सिंह के नजदीकी, लेकिन कट्‌टर मैतेई नहीं युमनाम खेमचंद सिंग्जामेई क्षेत्र (इंफाल वेस्ट) से भाजपा विधायक हैं। 2017-2022 तक मणिपुर विधानसभा स्पीकर रहे। 2022 में पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह की दूसरी सरकार में मंत्री रहे। वे मैतेई समुदाय से आते हैं, जो मणिपुर के घाटी क्षेत्र में बहुसंख्यक हैं। बीरेन सिंह के साथ नजदीकी भी हैं। हाल के महीनों में वे शांति प्रयासों में सक्रिय रहे हैं। मई 2023 हिंसा के बाद दिसंबर 2025 में कुकी बहुल इलाकों और रिलीफ कैंप का दौरा करने वाले वे पहले मैतेई नेता हैं। बीरेन सिंह की तुलना में मध्यमार्गी माने जाते हैं। यही बात इन्हें कट्टर मैतेई लाइन से अलग करती है। कुकी-मैतेई समुदाय के बीच हिंसा की 3 मुख्य कारण 1. ST (अनुसूचित जनजाति) दर्जे की मांग: 14 अप्रैल 2023 को मणिपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को मैतेई समुदाय के लिए ST का दर्जा देने पर सिफारिश भेजने का निर्देश दिया था। इस आदेश के बाद कुकी समुदाय में आक्रोश फैला और हिंसा भड़की। कुकी पहले से ST श्रेणी में है। उन्हें डर है कि अगर मैतेई को भी ST का दर्जा मिला, तो वे पहाड़ी इलाकों में जमीन खरीद सकेंगे और इससे उनका सांस्कृतिक, सामाजिक और भौगोलिक अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। मणिपुर के इंफाल घाटी में लगभग 10% भूमि क्षेत्र है, जहां मैतेई बहुसंख्यक रहते हैं। बाकी 90% पहाड़ी इलाका कुकी और नगा समुदायों का है। यह क्षेत्र आदिवासी जमीन (Tribal Lands) के अंतर्गत आता है और मैतेई यहां जमीन नहीं खरीद सकते। 2. अलग कुकी प्रशासन की मांग: कुकी समुदाय 'कुकीलैंड' या 'जूमलैंड' नाम से अलग प्रशासनिक स्वायत्तता की मांग कर रहे हैं । मैतेई समुदाय और राज्य सरकार इस मांग को राज्य की अखंडता के लिए खतरा मानती है। 3. कुकी पर ड्रग्स तस्करी का आरोप: कुकी समुदाय पर म्यांमार से ड्रग्स की तस्करी का आरोप लगता रहा है। सरकार ने भी कुकी पर अवैध अफीम की खेती की तस्करी में शामिल होने का आरोप लगाया, जिससे सरकार के प्रति उनका अविश्वास और बढ़ गया। कुकी का मानना है कि उनके समुदाय को बदनाम करने के लिए ऐसे आरोप लगाए जाते हैं। कुकी समुदाय का आरोप है कि मणिपुर सरकार (पूर्व भाजपा सरकार) मैतेई का पक्ष लेती है। वे सुरक्षाबलों और पुलिस पर भी एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हैं। ---------------- मणिपुर हिंसा से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… मणिपुर में मैतेई शख्स की गोली मारकर हत्या, VIDEO: आदिवासी महिला के साथ अफेयर था; आरोपियों ने पहले बात की, फिर शूट कर दिया मणिपुर- 3 साल पहले गैंगरेप की शिकार युवती की मौत: सदमे में थी; 2023 हिंसा में किडनैपिंग, फिर दरिंदगी हुई, अबतक एक भी गिरफ्तारी नहीं

Dainik Bhaskar बद्रीनाथ में माइनस 15° में साधुओं की तपस्या:दो से तीन फीट बर्फ, सन्नाटा और भयंकर ठंड; 15 साधक योग और ध्यान में लीन

उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम में ऐसी बर्फीली हवाएं चल रही हैं, जो आम इंसान का हौसला तोड़ दें। शाम ढलते ही तापमान माइनस 15° सेल्सियस तक पहुंच जाता है और चारों ओर दो से तीन फीट मोटी बर्फ की चादर के बीच सन्नाटा पसरा रहता है। ऐसे कठोर हालात में भी 15 तपस्वी साधु कठिन योग साधना और ध्यान में लीन हैं। करीब 11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित बद्रीनाथ धाम इस समय पूरी तरह बर्फ से ढका हुआ है। शीतकाल के दौरान धाम में आम जनजीवन ठप रहता है और आवाजाही लगभग असंभव हो जाती है। इसके बावजूद 15 साधु-संत अपनी कुटियाओं, गुफाओं और आश्रमों में रहकर निरंतर तप कर रहे हैं। बर्फ, सन्नाटा और भयंकर ठंड भी इन साधकों के संकल्प को डिगा नहीं पाई है। 4 वर्षों से निरंतर तप कर रहे स्वामी अरसानंद इन साधकों में स्वामी अरसानंद जी महाराज पिछले चार साल से लगातार 12 महीने बद्रीनाथ धाम में निवास कर भगवान बद्री विशाल के ध्यान में रमे हुए हैं। भीषण सर्दी और कठिन प्राकृतिक परिस्थितियों के बीच भी उनकी साधना बिना रुकावट के जारी है। प्रशासन की अनुमति से ही हो रही योग साधना ज्योतिर्मठ के उप जिलाधिकारी चन्द्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि नियमों के तहत प्रशासन की अनुमति के बाद ही शीतकाल में बद्रीनाथ धाम में रुकने की इजाजत दी जाती है। वर्तमान में 15 साधक प्रशासन की अनुमति से यहां योग और ध्यान साधना कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि साधकों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की ओर से सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। उन्हें समय पर जरूरी दवाइयां और राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। साधु-संतों का होता है विशेष मेडिकल परीक्षण डॉ. गौतम भारद्वाज ने बताया कि शीतकाल में तपस्या करने वाले साधु-संतों का विशेष मेडिकल परीक्षण किया जाता है। इसमें ऑक्सीजन लेवल, ब्लड प्रेशर, हड्डियों की स्थिति और अन्य आवश्यक जांच शामिल होती हैं। उन्होंने कहा कि उच्च हिमालयी क्षेत्र में रहने के लिए हृदय और छाती की जांच बेहद जरूरी होती है। सभी मेडिकल जांच पूरी होने के बाद ही साधु-संतों को मेडिकल सर्टिफिकेट जारी किया जाता है। साधु-संतों का होता है विशेष मेडिकल परीक्षण डॉ. गौतम भारद्वाज ने जानकारी देते हुए बताया कि बद्रीनाथ धाम में शीतकाल के दौरान तपस्या करने वाले साधु-संतों का विशेष मेडिकल परीक्षण किया जाता है। इस जांच में ऑक्सीजन लेवल, हड्डियों की स्थिति, ब्लड प्रेशर (बीपी) आदि की गहन जांच शामिल होती है। उन्होंने आगे बताया कि उच्च हिमालयी क्षेत्र (हाई एल्टीट्यूड) में रहने के लिए मुख्य रूप से हृदय (दिल) और छाती (चेस्ट) की जांच अत्यंत आवश्यक होती है। सभी आवश्यक मेडिकल जांच पूर्ण होने के बाद साधु-संतों को मेडिकल सर्टिफिकेट प्रदान किया जाता है। मेडिकल सर्टिफिकेट प्राप्त करने के पश्चात ही साधु-संत शीतकालीन तपस्या के लिए अपना आवेदन प्रस्तुत करते हैं। जांच के बाद ही दी जाती है शीतकाल में रहने की अनुमति शीतकाल में बद्रीनाथ धाम की आवाजाही पूरी तरह बाधित रहती है। ऐसे में साधु-संतों के लिए राशन और जरूरी दवाइयां पहले ही उपलब्ध करा दी जाती हैं। बद्रीनाथ धाम में शीतकाल में ठहरने के लिए ज्योतिर्मठ तहसील प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य है। कागजातों और मेडिकल जांच के बाद ही रहने की स्वीकृति दी जाती है। सुरक्षा के लिहाज से इस दौरान सुरक्षाकर्मी भी धाम में तैनात रहते हैं। चारों युगों में स्थिर रही बद्रीनाथ की तपोभूमि बद्रीनाथ धाम की महिमा पर प्रकाश डालते हुए पूर्व धर्माधिकारी आचार्य भुवन उनियाल ने बताया कि बद्रीनाथ एक प्राचीन तपोभूमि है, जिसका अस्तित्व चारों युगों में रहा है। शास्त्रीय प्रमाणों के अनुसार सतयुग में इसे ‘मुक्ति प्रदा’ और त्रेता युग में ‘योग सिद्धिदा’ कहा गया। उन्होंने बताया कि द्वापर और कलियुग में भी बद्रीनाथ की महिमा बनी रही है। यह धाम आज भी योग, तप और भक्ति की प्राचीन परंपराओं को जीवित रखे हुए है। कलियुग में हरि नाम और ध्यान ही साधना का आधार भगवान बदरी विशाल की सेवा में पीढ़ियों से समर्पित पंडित राकेश डिमरी राकुड़ी ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार कलियुग में भगवान की प्राप्ति का सबसे सरल और श्रेष्ठ मार्ग हरि नाम संकीर्तन और ध्यान है। उन्होंने कहा कि कलियुग में इन बर्फीली वादियों में साधु-संत केवल नाम जप और ध्यान के बल पर मोक्ष के इस द्वार पर अडिग खड़े हैं। बद्रीनाथ को कलियुग में ‘बद्रिकाश्रम’ भी कहा गया है। ------------------ ये खबर भी पढ़ें … हरिद्वार पहुंचीं अजित पवार की अस्थियां: VIP घाट पर तैयारियां शुरू; महाराष्ट्र में लैंडिंग के दौरान प्लेन क्रैश में हुआ था निधन महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार की अस्थियां उत्तराखंड पहुंच गई हैं। हरिद्वार स्थित वीआईपी घाट पर अभी फिलहाल विसर्जन से पहले की तैयारियां और पूजा की जा रही है। इस दौरान एनसीपी के कई नेता यहां पर मौजूद हैं, हालांकि परिवार से कोई सदस्य हैं या नहीं इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। (पढ़ें पूरी खबर)

Dainik Bhaskar खेजड़ी आंदोलन खत्म कराने दो मंत्री बीकानेर पहुंचे:मंत्रियों के सामने बेहोश हुए 2 अनशनकारी, फौरन अस्थायी हॉस्पिटल ले जाया गया

बीकानेर में चल रहे ‘खेजड़ी बचाओ’ आंदोलन का असर होने लगा है। कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता मंत्री केके विश्नोई और राज्य जीव-जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत बिश्नोई गुरुवार सुबह करीब 11 बजे अनशन स्थल पर पहुंचे। इस दौरान लोगों ने खेजड़ी बचाने के समर्थन में नारेबाजी की। अनशनस्थल पर गोरधन महाराज सभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मंच पर मंत्री के.के. बिश्नोई और जसवंत सिंह बिश्नोई भी मौजूद थे। इसी दौरान अनशनकारी मुखराम धरणीया अचानक अचेत हो गए। इसके अलावा एक महिला भी बेहोश हो गई। दोनों को तुरंत मंच के पीछे बने अस्थायी हॉस्पिटल ले जाया गया। 21 अनशनकारियों की तबीयत बिगड़ी बीकानेर में कलेक्ट्रेट के पास पॉलिटेक्निक कॉलेज ग्राउंड में 2 फरवरी से अनशन की शुरुआत हुई थी। आज (गुरुवार) चौथे दिन भी अनशन जारी है। बुधवार देर रात 4 अनशनकारियों को अस्थायी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। CMHO पुखराज साध ने बताया- बिश्नोई धर्मशाला में बने अस्थायी हॉस्पिटल में 18 अनशनकारी भर्ती हैं। पीबीएम हॉस्पिटल में 4 अनशनकारी भर्ती किए गए थे, जिनमें से दो को छुट्टी दे दी गई है। अनशनस्थल की PHOTOS…. पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग देखिए….

Dainik Bhaskar अल फलाह यूनिवर्सिटी चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी गिरफ्तार:दिल्ली पुलिस की कार्रवाई, यूजीसी ने दर्ज करवाई 2 FIR; कोर्ट से कस्टडी मंजूर

फरीदाबाद जिले की अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जावद अहमद सिद्दीकी को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। यूजीसी की ओर से दिल्ली ब्लास्ट के बाद 2 एफआईआर दर्ज करवाई गई थी। उसी में दिल्ली पुलिस द्वारा यह कार्रवाई की गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी कार्रवाई शुरू की थी। क्राइम ब्रांच ने निजी विश्वविद्यालय के संचालन से जुड़े कथित अनियमितताओं और फर्जीवाड़े के आरोपों में मामले दर्ज किए थे। सिद्दीकी को स्थानीय कोर्ट में पेश किया गया, जिसने आगे की पूछताछ के लिए चार दिन की पुलिस कस्टडी मंजूर की। दिल्ली ब्लास्ट के बाद शुरू हुई जांच दिल्ली ब्लास्ट के बाद चर्चा में आई फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी व अल-फलाह ग्रुप के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी और अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दाखिल मनी लॉन्ड्रिंग की चार्जशीट पर संज्ञान लेने के लिए दिल्ली की साकेत कोर्ट में 31 जनवरी को सुनवाई की गई। कोर्ट ने ये फैसला ईडी की दलीलें सुनने के बाद दिया है। 4 पाइंट में जानिए अब तक कार्रवाई और जांच

Dainik Bhaskar हरिद्वार पहुंचीं अजित पवार की अस्थियां:VIP घाट पर तैयारियां शुरू; महाराष्ट्र में लैंडिंग के दौरान प्लेन क्रैश में हुआ था निधन

महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार की अस्थियां उत्तराखंड पहुंच गई हैं। हरिद्वार स्थित वीआईपी घाट पर अभी फिलहाल विसर्जन से पहले की तैयारियां और पूजा की जा रही है। इस दौरान एनसीपी के कई नेता यहां पर मौजूद हैं, हालांकि परिवार से कोई सदस्य हैं या नहीं इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। अजित पवार का 28 जनवरी को बारामती एयरपोर्ट पर एक चार्टर्ड विमान दुर्घटना में निधन हो गया था। इस हादसे में उनके साथ दो पायलट, एक महिला क्रू मेंबर और एक सुरक्षाकर्मी समेत कुल 5 लोगों की जान गई थी। विमान लैंडिंग के दौरान रनवे से पहले गिर गया था और उसमें आग लग गई थी। देशभर के प्रमुख तीर्थों और नदियों में होगा विसर्जन राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के मुताबिक, अजित पवार की अस्थियों को देश की प्रमुख नदियों और महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों पर विसर्जित किया जाएगा, ताकि देशभर के समर्थक अपने नेता को श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें। उत्तराखंड के हरिद्वार में विसर्जन के बाद अस्थि कलश यात्रा उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (संगम) और वाराणसी (मणिकर्णिका घाट) पहुंचेगी। इसके बाद बिहार की राजधानी पटना में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यात्रा आगे पंजाब, जम्मू-कश्मीर, झारखंड होते हुए तमिलनाडु के कन्याकुमारी तक जाएगी। इस दौरान 10 से अधिक राज्यों में शोक सभाएं और प्रार्थना कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विमान हादसे में हुआ था निधन अजित पवार का 28 जनवरी को बारामती एयरपोर्ट पर एक चार्टर्ड विमान दुर्घटना में निधन हो गया था। यह हादसा उस समय हुआ, जब विमान लैंडिंग की कोशिश कर रहा था। विमान रनवे से पहले गिर गया और उसमें आग लग गई। इस दुर्घटना में अजित पवार के साथ दो पायलट, एक महिला क्रू मेंबर और एक सुरक्षाकर्मी समेत कुल 5 लोगों की मौत हुई थी। हादसे से जुड़ा एक सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया था, जिसमें विमान को गिरते हुए देखा गया। राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार अजित पवार का अंतिम संस्कार बारामती में राजकीय सम्मान के साथ किया गया था। उनके दोनों पुत्र पार्थ पवार और जय पवार ने मुखाग्नि दी थी। इस दौरान हजारों की संख्या में आम नागरिक, पार्टी कार्यकर्ता और विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे थे। अजित के बाद उनकी पत्नी को सियासत की नई जिम्मेदारी अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने हाल ही में महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। अजित पवार की मौत के तीन दिन बाद एनसीपी विधायक दल की बैठक में सुनेत्रा पवार को पार्टी का नेता चुना गया। इसके बाद राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने उन्हें लोकभवन में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह करीब 12 मिनट तक चला। डिप्टी सीएम बनने से पहले सुनेत्रा पवार ने राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा दिया था। सरकार में उन्हें राज्य उत्पादन शुल्क, खेल एवं युवा कल्याण और अल्पसंख्यक विकास/औकाफ विभाग सौंपे गए हैं। ------------ ये खबर भी पढ़ें… अजित पवार लियरजेट–45 प्लेन में सवार थे:VSR वेंचर्स के इसी मॉडल का प्लेन 2023 में क्रैश हुआ था, मुंबई रनवे पर दो टुकड़े हुए थे महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की बुधवार को बारामती में प्लेन क्रैश में मौत हो गई। इस हादसे में चार और लोगों की जान गई। हादसा तब हुआ जब उनका विमान बारामती एयरपोर्ट पर लैंड करने वाला था। (पढ़ें पूरी खबर)

Dainik Bhaskar राजस्थान की सूफिया 98 घंटे तक खतरनाक पहाड़ों पर दौड़ीं:गिनीज बुक में दर्ज हुआ रिकॉर्ड, पहले भी मनाली-लेह के रास्ते पर की थी रनिंग

अजमेर की रनर सूफिया सूफी (40) ने एक और गिनीज विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। सूफिया सूफी ने हिमाचल प्रदेश के मनाली से लेह तक 430 किलोमीटर की दूरी 98 घंटे 27 मिनट में पूरी की। सूफिया सूफी इससे पहले 4 रिकॉर्ड बना चुकी हैं। रनर ने बताया- मनाली से लेह तक पांचों ऊंचे और खतरना दर्रों (पहाड़) को पार करते हुए सबसे तेज रन पूरा किया। यह एक हाई-एल्टीट्यूड एंड्योरेंस रनिंग चैलेंज था, जिसमें 8500 मीटर से ज्यादा की कुल चढ़ाई शामिल थी। इसकी दूरी 430 किलोमीटर थी। यह रेस मैंने 31 अगस्त 2023 को पूरी किए थी। यह अवॉर्ड 2 फरवरी को मिला है। 2021 में रन 156 घंटे में पूरा किया था सूफी ने आगे बताया- मैंने इससे पहले 2021 में यह रन 156 घंटे में पूरा किया था, जो उस समय एक रिकॉर्ड था। लेकिन बाद में एक रनर प्रीति ने 100 घंटे से ज्यादा में पूरा कर रिकॉर्ड तोड़ दिया। तभी उन्होंने तय कर लिया था कि वह एक बार फिर दौड़ेंगी और नया रिकॉर्ड बनाएंगी। रेस के दौरान पेट में इन्फेक्शन हुआ मैंने रनिंग की शुरुआत फिटनेस को बेहतर करने के इरादे से की थी। धीरे-धीरे यह मेरा जुनून बन गया। इस रेस के दौरान पेट में इन्फेक्शन होने के बावजूद, मैंने हार नहीं मानी और इसे पूरा किया। मनाली से लेह तक के दुर्गम रास्तों पर दौड़ना आसान नहीं था। यह रेस दुनिया की सबसे चुनौतीपूर्ण रेसों में से एक है। ग्राउंड हैंडलिंग ऑफिसर की नौकरी छोड़ी, फिर रनिंग चुनी सूफी का जन्म 1 अगस्त 1985 को अजमेर (वैशाली नगर, मित्र नगर रातीडांग रोड) में हुआ। उन्होंने बताया मैंने अजमेर के महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया। मैं फिलहाल मनाली में रहती हूं। साल 2008 में मैं दिल्ली चली गई और वहां एविएशन का कोर्स किया। साल 2009 में मुझे दिल्ली एयरपोर्ट पर ग्राउंड हैंडलिंग ऑफिसर की नौकरी मिली, लेकिन 2019 में मैंने नौकरी छोड़ दी और पूरी तरह से रनिंग को समर्पित कर दिया रनर सोफिया, जो पहले ही ये रिकॉर्ड बना चुकी हैं भारत में पूर्व से पश्चिम तक दौड़, फिर दुनिया का चक्कर रनर ने कहा- 1 अगस्त से भारत में पूर्व से पश्चिम तक दौड़ेंगी, यदि मैं ये रेस पूरी करती हूं तो फिर से गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बन जाएगा। इसके बाद दिसंबर से रन अराउंड द वर्ल्ड शुरू होगा। इसमें 30,000 किलोमीटर की दूरी तय करनी होगी। इसमें करीब 630 दिनों में 30 देशों को कवर करने का लक्ष्य है।

Dainik Bhaskar UPSC-सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने का रास्ता बंद:रैंक सुधारने का मौका सिर्फ एक बार; नए नियम 2026 से लागू

संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 का नोटिफिकेशन बुधवार को जारी किया है। आयोग ने इस बार 933 पदों के लिए भर्ती विज्ञापन जारी किया है। आवेदन की आखिरी तारीख 24 फरवरी है। परीक्षा केंद्र में फेस ऑथेंटिकेशन के बाद ही एंट्री दी जाएगी। इस बार प्रयास और पात्रता से जुड़े नियमों में भी बड़ा बदलाव किया गया है। इसके मुताबिक अब सिलेक्शन के बाद दोबारा परीक्षा देने की आजादी पहले जैसी नहीं रहेगी। नए प्रावधानों में सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने का रास्ता बंद कर दिया गया है। वहीं, IAS और IFS को लेकर पुराने नियम जस के तस रखे गए हैं। चयनित अफसर को एक बार परफॉर्मेंस बेहतर करने का मौका मिलेगा। जैसे किसी का 2026 में IPS में ‎​सिलेक्शन हुआ तो वह 2027 में परफॉर्मेंस ‎बेहतर करने की परीक्षा देने का पात्र होगा। ‎उसके बाद अगर वह परीक्षा देना चाहता है तो ‎उसे सेवा से इस्तीफा देना होगा।‎ पहले से IPS को दोबारा IPS नहीं पहले से आईपीएस में चयनित‎ या नियुक्त उम्मीदवार सीएसई 2026 से दोबारा‎ आईपीएस नहीं पा सकेंगे। वहीं प्रीलिम्स के बाद‎ लेकिन मेन्स से पहले अगर आईएएस या‎ आईएफएस बनते हैं, तो मेन्स लिखने की‎ अनुमति नहीं मिलेगी।‎ ये बदलाव यूपीएससी 2026 में पहली बार दिखेंगे --------------------- यूपीएससी से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… IAS-IPS के कैडर एलोकेशन के नियम बदले: 25 कैडरों को 4 ग्रुप में बांटा, जियोग्राफिकल जोन खत्‍म भारत सरकार ने UPSC कैडर अलॉटमेंट के लिए 2017 से चली आ रही 'जोन सिस्टम' की व्यवस्था को खत्म कर दिया है। इसकी जगह नई 'कैडर एलोकेशन पॉलिसी 2026' लागू कर दी गई है। इसके तहत अब 'साइकिल सिस्टम' के जरिए अफसरों के कैडर का बंटवारा होगा। ये पॉलिसी इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (IAS), इंडियन पुलिस सर्विस (IPS) और इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFoS) के लिए चयनित उम्‍मीदवारों पर लागू होगी। पढ़ें पूरी खबर…

Dainik Bhaskar UPSC-सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने का रास्ता बंद:रैंक सुधारने का मौका सिर्फ एक बार; नए नियम 2026 से लागू

संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 का नोटिफिकेशन बुधवार को जारी किया है। आयोग ने इस बार 933 पदों के लिए भर्ती विज्ञापन जारी किया है। आवेदन की आखिरी तारीख 24 फरवरी है। परीक्षा केंद्र में फेस ऑथेंटिकेशन के बाद ही एंट्री दी जाएगी। इस बार प्रयास और पात्रता से जुड़े नियमों में भी बड़ा बदलाव किया गया है। इसके मुताबिक अब सिलेक्शन के बाद दोबारा परीक्षा देने की आजादी पहले जैसी नहीं रहेगी। नए प्रावधानों में सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने का रास्ता बंद कर दिया गया है। वहीं, IAS और IFS को लेकर पुराने नियम जस के तस रखे गए हैं। चयनित अफसर को एक बार परफॉर्मेंस बेहतर करने का मौका मिलेगा। जैसे किसी का 2026 में IPS में ‎​सिलेक्शन हुआ तो वह 2027 में परफॉर्मेंस ‎बेहतर करने की परीक्षा देने का पात्र होगा। ‎उसके बाद अगर वह परीक्षा देना चाहता है तो ‎उसे सेवा से इस्तीफा देना होगा।‎ पहले से IPS को दोबारा IPS नहीं पहले से आईपीएस में चयनित‎ या नियुक्त उम्मीदवार सीएसई 2026 से दोबारा‎ आईपीएस नहीं पा सकेंगे। वहीं प्रीलिम्स के बाद‎ लेकिन मेन्स से पहले अगर आईएएस या‎ आईएफएस बनते हैं, तो मेन्स लिखने की‎ अनुमति नहीं मिलेगी।‎ ये बदलाव यूपीएससी 2026 में पहली बार दिखेंगे लोकसभा में पूछा गया- लद्दाख के उम्मीदवारों को लैंग्वेज पेपर में छूट क्यों लोकसभा में बुधवार को पूछा गया कि क्या लद्दाख के उम्मीदवारों को सिविल सेवा (मुख्य) परीक्षा में भारतीय भाषा के क्वालिफाइंग पेपर (पेपर-A) से छूट देने का कोई प्रस्ताव है। इस पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने जबाव दिया कि सिविल सेवा परीक्षा के नियम समय के साथ बदलते रहते हैं। सभी उम्मीदवारों के लिए बराबरी का मौका देने के लिए सरकार सुधार और जरूरी कदम उठाती रहती है। फिलहाल लद्दाख के उम्मीदवारों को भाषा पेपर से छूट देने का कोई तय फैसला घोषित नहीं किया गया है। मौजूदा नियम CSE रूल्स-2025) के तहत 6 राज्य अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम के उम्मीदवारों के लिए भारतीय भाषा का पेपर देना अनिवार्य नहीं है। --------------------- यूपीएससी से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… IAS-IPS के कैडर एलोकेशन के नियम बदले: 25 कैडरों को 4 ग्रुप में बांटा, जियोग्राफिकल जोन खत्‍म भारत सरकार ने UPSC कैडर अलॉटमेंट के लिए 2017 से चली आ रही 'जोन सिस्टम' की व्यवस्था को खत्म कर दिया है। इसकी जगह नई 'कैडर एलोकेशन पॉलिसी 2026' लागू कर दी गई है। इसके तहत अब 'साइकिल सिस्टम' के जरिए अफसरों के कैडर का बंटवारा होगा। ये पॉलिसी इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (IAS), इंडियन पुलिस सर्विस (IPS) और इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFoS) के लिए चयनित उम्‍मीदवारों पर लागू होगी। पढ़ें पूरी खबर…

Dainik Bhaskar गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड, बहनें खुद को कोरियन मानती थीं:यूट्यूब से भाषा सीखी; हिंदुस्तानी लड़के पसंद नहीं थे

गाजियाबाद में 3 बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर सुसाइड कर लिया। पहले सामने आया कि उन्होंने कोरियन गेम खेलने के दौरान टास्क पूरा करते हुए मौत को गले लगाया। मगर 10 घंटे की छानबीन के बाद पता चला कि पिता चेतन ने बच्चों को डांटा था। मोबाइल भी छीन लिया था। इसके बाद उन्होंने 3 फरवरी की रात 2 बजे बालकनी से कूदकर सुसाइड कर लिया। निशिका 16 साल, प्राची 14 साल जबकि पाखी 12 साल की थी। कमरे से मिली डायरी, परिवार ने बेटियों की जिंदगी के बारे में बताया, उससे सामने आया कि बच्चियां खुद को भारतीय नहीं, कोरियर मान रही थीं। उन्हें लड़के भी कोरियन पसंद आते थे। वह नाम बदल चुकी थी। यूट्यूब चैनल बनाकर उसपर कोरियन कंटेंट जनरेट करती थीं। यूट्यूब की मदद से कोरियर भाषा भी सीख ली थी। घर में बातचीत भी कोरियाई भाषा में करमती थी। कैसे ये बच्चियां खुद को कोरियन समझने लगीं, ये इस रिपोर्ट में पढ़िए… कोविड में स्कूल छूटा, फिर बच्चियां कोरियन मूवी देखने लगीं शुरुआत छानबीन में जो फैक्ट सामने आए, वो बेहद चौंकाने वाले थे। 6 सालों में बच्चियां कोरियन कल्चर में ढल चुकी थीं। कोविड काल (2020) में बहनों के स्कूल छूटे, तो मोबाइल पर कोरियन मूवी और फिर वेब-सीरीज देखने लगीं। निशिका कोरियन कल्चर में सबसे पहले ढली, बाद में प्राची और पाखी भी अपनी बड़ी बहन को फॉलो करने लगीं। परिवार के लोगों ने पुलिस को बताया- कोविड के दौरान तीनों लड़कियां कई-कई घंटे कोरियन म्यूजिक सुनती थीं। साथ ही, फिल्में, वेब सीरीज और वीडियो देखती रहती थीं। उन पर कोरियन कल्चर का इतना असर हुआ कि वो खुद को भारतीय की जगह कोरियन मानने लगी थीं। कोरियन लोगों की तरह पहनावा, खाना, बात करने का तरीका अपनाने लगीं। वीडियो और इंटरनेट की मदद से कोरियन भाषा सीखने लगीं। आपस में कोरियन भाषा में बात भी करती थीं। स्थिति यह हो गई कि पिता को भारतीय और खुद को कोरियन बताने लगीं। तीनों ने मिलकर यूट्यूब चैनल बनाया, कोरियर कंटेंट बनातीं निशिका 2022 में धीरे-धीरे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर कोरियर रील्स देखने लगी। उसका कोरियन रील की ओर रुझान बढ़ता गया। तीनों ने मिलकर एक यूट्यूब चैनल बनाया। उस पर कोरियन कल्चर आधारित कंटेंट अपलोड करती थीं। यही वजह रही कि पिता ने उनसे मोबाइल फोन छीन लिए थे। इस चैनल को तीनों बहनों ने एक महीने पहले खुद ही डिलीट भी कर दिया था। निशिका क्लास चार, प्राची क्लास तीन और पाखी दूसरी कक्षा तक पढ़ी थी। पढ़ाई-लिखाई में रुचि कम होने से तीनों बहनें फेल होने लगीं तो स्कूल जाना बंद कर दिया। आर्थिक तंगी के चलते पिता चेतन ने भी पढ़ाई पर ज्यादा जोर नहीं दिया, क्योंकि उन्हें लग रहा था कि एक खर्च कम हो रहा, वो प्लान कर रहे थे कि जब आर्थिक स्थिति सुधरेगी, तब दोबारा एडमिशन करवा देंगे। छोटी बहन से बातचीत की बंद निशिका, प्राची और पाखी ने चार साल की छोटी बहन को भी साथ रखना शुरू कर दिया था। उसे भी कोरियन वीडियो दिखाना और भाषा सिखाने की कोशिश की। पिता ने यह देखा तो तीनों बहनों को डांटकर छोटी बेटी को इन सब से दूर रखने को कहा। सूत्रों के अनुसार, उस दिन से तीनों ने छोटी बहन से दूरी बना ली। उससे बातचीत बंद कर दी। 3 फरवरी की रात तीनों बेटियां चेतन की पहली पत्नी के साथ कमरे में सो रही थीं। रात करीब डेढ़ बजे तीनों ने मां के गालों को चूमकर आई लव यू कहा और कमरे से निकल गईं। इसके बाद वह पूजा वाले कमरे में गईं। बालकनी पर 2 स्टेप वाले स्टूल लगाए। फिर एक-एक करके छलांग लगा दी। इससे पहले उन्होंने कमरे का लॉक लगा दिया। जिसे घटना के बाद परिवार ने तोड़ दिया। साली से रिलेशन बढ़ाए, तो पत्नी घर छोड़ गई पुलिस की जांच में आया कि चेतन अपने कारोबार में 2 करोड़ रुपए का घाटा झेल चुका है, जिससे परिवार में क्लेश होता था। पहली पत्नी और फिर उसकी छोटी बहन हिना से दूसरी शादी कर ली थी। एक साल से चेतन ने उनकी तीसरी और सबसे छोटी बहन को भी घर में रखा हुआ था। मई, 2025 में जब चेतन का पहली पत्नी से झगड़ा हुआ था। तब उसने कहा कि मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी, मेरी बहन से भी शादी कर ली। मैं उसे भी सहन कर चुकी, अब मेरी तीसरी बहन को घर में रख लिया। कम से कम उसकी तो जिंदगी बर्बाद मत करो। इसी बात पर पहली पत्नी नाराज होकर चली गई, जिसके बाद चेतन ने पत्नी के गुम होने की रिपोर्ट टीलामोड थाने में दर्ज कराई थी। बाद में पत्नी को दिल्ली से ले आया। इस सुसाइड की कहानी में पुलिस 5 सवालों के जवाब ढूंढ रही- सवाल 1. बालकनी पर जहां से तीनों बहनों ने कूदकर सुसाइड किया, वहां बॉलकनी में रेलिंग पर और बाहर की तरफ खड़े होने की जगह नहीं थी। जबकि सामने फ्लैट में रहने वाले ने कहा कि रेलिंग पर बच्ची बैठी हुई थी। सवाल 2. जहां से तीनों ने छलांग लगाई, वहां नौवीं मंजिल की ऊंचाई करीब 85 फीट है। तीनों बच्चियों के शव जहां गिरे, वहां दीवार से एक शव करीब 1 फीट दूर, दूसरी बहन का शव 8 फीट दूर और तीसरी बच्ची का शव 9 फीट दूर मिला। इतनी ऊंचाई से आखिर दीवार से सटकर शव का गिरना संदेह पैदा कर रहा है। सवाल 3. अगर तीनों बच्चियां बैठकर कूदी तो फिर तीनों के शव एक ही दिशा में गिरने थे। सवाल 4. चेतन की दोनों पत्नियां बहनें हैं। रात में पत्नी आखिर में अभद्र गालियां क्यों दे रही थीं? वह पति की तरफ इशारा कर रही थीं। सवाल 5. पुलिश कमिश्नर के सामने दोनों पत्नी नहीं आईं, अंदर से दरवाजा बंद कर लिया, पति एक ऑफिसर के पैर पकड़ने की तरफ हाथ बढ़ाता दिखा, फिर जोर-जोर से रोता रहा। क्राइम स्पॉट की 3 तस्वीरें अब पूरा मामला जान लीजिए बिल्डिंग की नौवीं मंजिल से कूद गईं 3 बहनें गाजियाबाद में तीन सगी बहनों ने नौवीं मंजिल की बालकनी से कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के मुताबिक, मंगलवार रात 2 बजे तीनों ने कमरे को अंदर से बंद किया, फिर स्टूल रखकर एक-एक करके बालकनी से छलांग लगा दी। उनकी उम्र करीब 12, 14 और 16 साल है। पिता के मुताबिक, तीनों बेटियों को टास्क-बेस्ड कोरियन लव गेम की लत थी। वे हर वक्त एकसाथ रहती थीं। एक साथ नहाती थीं और टॉयलेट जाती थीं। इस कदर गेम की लत थी कि स्कूल भी छोड़ दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा है कि पिता ने उन्हें गेम खेलने से मना किया और फटकार लगाई। इसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया। तीनों बहनें जिस कमरे में सोती थीं, वहां पुलिस को एक डायरी मिली है। इसके 18 पन्नों में सुसाइड नोट लिखा मिला। पुलिस का दावा है कि नोट में लिखा है- “मम्मी-पापा सॉरी… गेम नहीं छोड़ पा रही हूं। अब आपको एहसास होगा कि हम गेम से कितना प्यार करते थे, जिसको आप छुड़वाना चाहते थे।” घटना भारत सिटी बी-1 टॉवर के फ्लैट नंबर 907 की है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर आलोक प्रियदर्शी ने बताया- अभी तक की जांच में सामने आया है कि तीनों ने आत्महत्या की है। तीनों मोबाइल से गेम खेलती थीं। किन परिस्थितियों में आत्महत्या की गई, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस बोली- मोबाइल फोन में कोरियन कल्चर में ढलने के साक्ष्य मिले एडिशनल पुलिस कमिश्नर आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि तीनों बहनों ने सुसाइड किया है। जिसमें उनके पिता से पुलिस ने बयान दर्ज किए हैं। पता चला कि पिता कारोबार में घाटा भी आ चुका हैं, जिसमें मोबाइल फोन में कोरियन के साक्ष्य मिले हैं, जहां तीनों ने अपने अलग नाम रख रहे थें। जिसमें पुलिस पूरे साक्ष्य के आधार पर आगे की जांच कर रही है। कैसे पेरेंट्स बच्चों को इंटरनेट सेफ्टी सिखाएं- कैसे जानें कि बच्चा मोबाइल फोन का एडिक्ट है- ---------------- इस घटना से जुड़ी हुई ये खबरें भी पढ़ें - सुसाइड करने वाली 3 बहनों का रहस्यमयी कमरा:दीवारों पर स्केच, क्रॉस के निशान, लिखा- मैं बहुत अकेली हूं सुसाइड करने वाली बहनों के पिता ने 2 शादी कीं:साली से अफेयर, बेटियों से कहता था- मोबाइल छोड़ दो गाजियाबाद में 3 बहनों ने मंगलवार की रात सुसाइड कर लिया। पिता चेतन ने पुलिस को कोरियन गेम की लत की कहानी सुनाई। पुलिस ने 1 घंटे पिता के साथ बंद कमरे में बात की। तब सामने आया कि चेतन कुमार शेयर ट्रेडिंग में 2 करोड़ का घाटा झेल चुके हैं। हालात ऐसे हो गए थे कि 3 साल पहले बेटियों की पढ़ाई छुड़वानी पड़ी। पढ़िए पूरी खबर…

Dainik Bhaskar भास्कर अपडेट्स:केरल में वैन से विस्फोटक भरे 100 से ज्यादा बॉक्स मिले, तरबूज के नीचे छिपाकर ले जा रहा था चालक

केरल के पलक्कड़ में बुधवार रात पुलिस ने एक पिकअप वैन से बड़ी मात्रा में विस्फोटक जब्त किए। वैन में तरबूज की खेप के नीचे छिपाकर 100 से ज्यादा बॉक्स में जिलेटिन स्टिक और 20 से अधिक बॉक्स में डेटोनेटर रखे गए थे। पुलिस ने चालक को हिरासत में ले लिया है। पलक्कड़ टाउन साउथ थाने के एक अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई रात करीब 9 बजे पलक्कड़ टाउन इलाके में की गई। पुलिस के मुताबिक, विस्फोटकों के बॉक्स तरबूज की खेप के नीचे छिपाकर रखे गए थे, ताकि शक न हो। अधिकारी ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि राज्य में अवैध रूप से बड़ी मात्रा में विस्फोटक लाए जा रहे हैं। इसके बाद वाहन जांच शुरू की गई। जब पुलिस ने पिकअप वैन को रोकने का इशारा किया तो चालक नहीं रुका और गाड़ी भगा ले गया। इसके बाद पुलिस ने पीछा कर वैन को रोका और वैन की तलाशी ली। प्रारंभिक पूछताछ में चालक ने पुलिस को बताया कि उसने ये बॉक्स तमिलनाडु के कोयंबटूर से लोड किए थे और उन्हें केरल के थ्रिसूर स्थित एक खदान तक ले जा रहा था। पुलिस ने बताया कि जब्त किए गए सभी बॉक्स की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद चालक के खिलाफ एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। मामले की आगे की जांच जारी है। आज की अन्य बड़ी खबरें… रेलवे ने हाथियों की सुरक्षा के लिए AI सिस्टम लगाया, ट्रैक पर आते ही अलर्ट, लोको पायलट को रियल टाइम सूचना मिलेगी भारतीय रेलवे ने हाथियों को ट्रेन से टकराने से बचाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित इंट्रूजन डिटेक्शन सिस्टम (IDS) शुरू किया है। यह सिस्टम रेल मंत्रालय ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के साथ मिलकर लॉन्च किया है। रेल मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, यह सिस्टम डिस्ट्रीब्यूटेड एकॉस्टिक सेंसर (DAS) तकनीक पर काम करता है। इसके जरिए रेलवे ट्रैक के आसपास हाथियों की मौजूदगी का पता लगाया जाता है और लोको पायलट, स्टेशन मास्टर व कंट्रोल रूम को रियल टाइम अलर्ट भेजा जाता है, ताकि समय रहते ट्रेन की रफ्तार कम की जा सके या अन्य जरूरी कदम उठाए जा सकें। IDS सिस्टम में ऑप्टिकल फाइबर, हार्डवेयर और हाथियों की चाल से जुड़ी पहले से इंस्टॉल की गई सिग्नेचर तकनीक शामिल है। जैसे ही ट्रैक के पास हाथियों की गतिविधि होती है, सिस्टम अलर्ट जनरेट करता है। फिलहाल यह सिस्टम नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर रेलवे (NFR) के 141 रूट किलोमीटर में उन संवेदनशील इलाकों में काम कर रहा है, जिन्हें वन विभाग ने चिन्हित किया है। इसके अलावा, भारतीय रेलवे के अन्य जोनों में भी IDS लगाने को मंजूरी दी गई है।

Dainik Bhaskar भास्कर अपडेट्स:केरल में वैन से विस्फोटक भरे 100 से ज्यादा बॉक्स मिले, तरबूज के नीचे छिपाकर ले जा रहा था चालक

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार किया है। यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) की शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए धोखाधड़ी और गड़बड़ियों से जुड़े मामले में दो अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं। गिरफ्तारी के बाद, सिद्दीकी को दिल्ली की एक अदालत में पेश किया गया, जिसने क्राइम ब्रांच को चार दिन की पुलिस रिमांड दी। आज की अन्य बड़ी खबरें… केरल में वैन से विस्फोटक भरे 100 से ज्यादा बॉक्स मिले, तरबूज के नीचे छिपाकर ले जा रहा था चालक केरल के पलक्कड़ में बुधवार रात पुलिस ने एक पिकअप वैन से बड़ी मात्रा में विस्फोटक जब्त किए। वैन में तरबूज की खेप के नीचे छिपाकर 100 से ज्यादा बॉक्स में जिलेटिन स्टिक और 20 से अधिक बॉक्स में डेटोनेटर रखे गए थे। पुलिस ने चालक को हिरासत में ले लिया है। पलक्कड़ टाउन साउथ थाने के एक अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई रात करीब 9 बजे पलक्कड़ टाउन इलाके में की गई। पुलिस के मुताबिक, विस्फोटकों के बॉक्स तरबूज की खेप के नीचे छिपाकर रखे गए थे, ताकि शक न हो। अधिकारी ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि राज्य में अवैध रूप से बड़ी मात्रा में विस्फोटक लाए जा रहे हैं। इसके बाद वाहन जांच शुरू की गई। जब पुलिस ने पिकअप वैन को रोकने का इशारा किया तो चालक नहीं रुका और गाड़ी भगा ले गया। इसके बाद पुलिस ने पीछा कर वैन को रोका और वैन की तलाशी ली। प्रारंभिक पूछताछ में चालक ने पुलिस को बताया कि उसने ये बॉक्स तमिलनाडु के कोयंबटूर से लोड किए थे और उन्हें केरल के थ्रिसूर स्थित एक खदान तक ले जा रहा था। पुलिस ने बताया कि जब्त किए गए सभी बॉक्स की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद चालक के खिलाफ एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। मामले की आगे की जांच जारी है। रेलवे ने हाथियों की सुरक्षा के लिए AI सिस्टम लगाया, ट्रैक पर आते ही अलर्ट, लोको पायलट को रियल टाइम सूचना मिलेगी भारतीय रेलवे ने हाथियों को ट्रेन से टकराने से बचाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित इंट्रूजन डिटेक्शन सिस्टम (IDS) शुरू किया है। यह सिस्टम रेल मंत्रालय ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के साथ मिलकर लॉन्च किया है। रेल मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, यह सिस्टम डिस्ट्रीब्यूटेड एकॉस्टिक सेंसर (DAS) तकनीक पर काम करता है। इसके जरिए रेलवे ट्रैक के आसपास हाथियों की मौजूदगी का पता लगाया जाता है और लोको पायलट, स्टेशन मास्टर व कंट्रोल रूम को रियल टाइम अलर्ट भेजा जाता है, ताकि समय रहते ट्रेन की रफ्तार कम की जा सके या अन्य जरूरी कदम उठाए जा सकें। IDS सिस्टम में ऑप्टिकल फाइबर, हार्डवेयर और हाथियों की चाल से जुड़ी पहले से इंस्टॉल की गई सिग्नेचर तकनीक शामिल है। जैसे ही ट्रैक के पास हाथियों की गतिविधि होती है, सिस्टम अलर्ट जनरेट करता है। फिलहाल यह सिस्टम नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर रेलवे (NFR) के 141 रूट किलोमीटर में उन संवेदनशील इलाकों में काम कर रहा है, जिन्हें वन विभाग ने चिन्हित किया है। इसके अलावा, भारतीय रेलवे के अन्य जोनों में भी IDS लगाने को मंजूरी दी गई है।

Dainik Bhaskar हिमाचल में PM की घोषणा पर सियासी घमासान:मंत्री नेगी बोले-1500 करोड़ का स्पेशल पैकेज छोड़ो, आपदा-राहत के लिए 15 पैसे भी नहीं मिले

हिमाचल प्रदेश में मानसून की तबाही के बाद केंद्र से मिलने वाली आपदा राहत एक बार फिर राजनीतिक और संवैधानिक बहस का मुद्दा बन गई है। बीते साल भारी बारिश से हुई तबाही का जायजा लेने 9 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं धर्मशाला पहुंचे थे। इस दौरान PM ने हिमाचल प्रदेश के लिए 1500 करोड़ रुपए के विशेष आपदा राहत पैकेज की घोषणा की थी। मगर लगभग चार महीने बाद भी यह राशि राज्य को जारी नहीं की गई है। इस देरी को लेकर हिमाचल सरकार ने केंद्र पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राज्य के राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि केंद्र की मोदी सरकार हिमाचल के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि 1500 करोड़ रुपए का स्पेशल पैकेज तो दूर, राज्य को आपदा राहत के नाम पर 15 पैसे भी नहीं मिले हैं। जगत नेगी ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब हिमाचल को आपदा राहत के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा हो। उन्होंने याद दिलाया कि साल 2023 में भी हिमाचल प्रदेश ने सदी की सबसे भीषण आपदा झेली है। जिसमें राज्य को 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ था। उस आपदा के बाद केंद्र सरकार की टीमें खुद हिमाचल आईं और नुकसान का आकलन किया। केंद्रीय टीमों की रिपोर्ट में भी 9300 करोड़ रुपए के नुकसान की पुष्टि की थी। 2023 की राहत भी अधूरी- नेगी इसके बावजूद, केंद्र सरकार ने PDNA (पोस्ट डिजास्टर नीड्स असेसमेंट) के तहत केवल 2500 करोड़ रुपए की सहायता को मंजूरी दी। मंत्री नेगी का आरोप है कि 2023 की पूरी स्वीकृत राशि भी अब तक जारी नहीं की गई। मंत्री नेगी ने कहा कि वर्ष 2024 में केवल 600 करोड़ रुपए दिए गए, जबकि हाल ही में फिर से 600 करोड़ रुपए देने की बात कही गई है। यानी वर्ष 2026 में प्रवेश करने के बावजूद हिमाचल अभी भी 2023 की आपदा राहत का इंतजार कर रहा है। उत्तराखंड-बिहार को पूरा बजट तो हिमाचल को क्यों नहीं: जगत जगत नेगी ने इस मुद्दे को संघीय ढांचे से जोड़ते हुए सवाल उठाया कि जब उत्तराखंड और बिहार जैसे राज्यों को आपदा राहत की राशि समय पर मिल सकती है, तो हिमाचल के साथ अलग व्यवहार क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति संघीय व्यवस्था की मूल भावना के खिलाफ है, जहां सभी राज्यों को समान अधिकार और समान व्यवहार मिलना चाहिए। जब PM ने घोषणा की, तो पैसा रोकने वाला कौन: मंत्री नेगी ने यह भी सवाल उठाया कि जब विशेष पैकेज की घोषणा खुद प्रधानमंत्री स्तर से हुई, तो फिर उसे जारी करने में इतनी देरी क्यों की जा रही है। आपदा राहत में देरी से पुनर्निर्माण, पुनर्वास और बुनियादी ढांचे की बहाली पर सीधा असर पड़ता है। केंद्रीय बजट का दुरुपयोग कर रही राज्य सरकार: BJP वहीं, इस पूरे मामले पर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र राणा ने पलटवार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र से मिलने वाले पैसे का प्रदेश सरकार दुरुपयोग कर रही है। राणा ने कहा कि जिस उद्देश्य के लिए केंद्र से फंड जारी किया जा रहा है, उस पर खर्च नहीं किया जा रहा। केंद्र सरकार को इसकी जानकारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि जिन अधिकारियों की इसमें संलिप्तता पाई गई, वे “हॉट वॉटर” यानी गंभीर मुसीबत में पड़ जाएंगे। राजेंद्र राणा ने कहा कि केंद्र ने हाल ही में 600 करोड़ रुपये जारी किए हैं, लेकिन प्रदेश सरकार आभार जताने के बजाय आरोप लगाने में लगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार आपदा और सड़कों की मरम्मत के लिए मिलने वाले केंद्रीय बजट से कर्मचारियों की सैलरी दे रही है।

Dainik Bhaskar ‘₹20 हजार के लिए बेटी मार डाली’:कैथल में पिता बोले- दुकान में लॉस कहकर पैसे लाने का दबाव बनाया, पति ने फट्‌टी से पीटा

कैथल में 3 दिन पहले दहेज के लिए हुई महिला ज्योति की हत्या के मामले में खुलासा हुआ है। ज्योति के पिता ने कहा कि 20 हजार रुपए के लिए पति ने उसे मार डाला। ज्योति पर बार-बार पैसे लाने का दबाव बनाया जा रहा था। वह उसे कह रहे थे कि उनकी कपड़े की दुकान में लॉस हो गया है, इसलिए पैसे लेकर आ। इसी बात पर 2 फरवरी को ज्योति के पति ने लकड़ी की फट्‌टी से उसकी बेरहमी से पिटाई की, जिसमें उसकी मौत हो गई। पिता का कहना है कि दहेज को लेकर काफी लंबे समय से बेटी को परेशान किया जा रहा था। पूंडरी थाने में 5 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ज्योति के पति को गिरफ्तार कर चुकी है। अब सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा मामला…. 8 मिनट का CCTV सामने आया, चीखने की आवाज आ रही… हाए मम्मी, मर गई जैसी आवाजें ज्योति से मारपीट से जुड़ा 8 मिनट 46 सेकेंड का एक CCTV वीडियो सामने आया है, जिसमें ससुराल पक्ष के लोग उसे एक बंद कमरे में पीट रहे हैं। वीडियो में ज्योति "हाए मम्मी, हाए मर गई" जैसी चीखें मारकर बचाने के लिए गुहार लगा रही है। उसकी चीख-पुकार सुनकर पड़ोस के कुछ लोग आते हैं और दरवाजे पर आकर उसके पति से दरवाजा खोलने के लिए कहते हैं। पड़ोसियों ने बीच-बचाव की कोशिश की वीडियो में दिख रहा है कि कुछ पड़ोसी दरवाजा खटखटाते हैं, लेकिन दरवाजा नहीं खोला जाता। घर के बाहर खड़ी महिलाएं युवक को दरवाजा तोड़ने को कहती हैं। काफी मशक्कत के बाद युवक दरवाजा खोल लेता है। फिर वह महिलाओं के साथ अंदर जाता है और ज्योति को पीट रहे उसके पति को बाहर लाता है। ज्योति के पति के हाथ में फट्‌टी है। जब उससे फट्‌टी छीनने की कोशिश की तो वह खुद को छुड़ाकर फिर से अंदर चला जाता है। देवर भी पाइप लेकर जाता दिखा वीडियो में दिख रहा है कि ज्योति का देवर पाइप लेकर घर में जाता है, जिसके कुछ समय बाद ज्योति की चीखों की आवाज सुनाई देती है। इस दौरान, ससुराल पक्ष से महिला की ननद घर के बाहर खड़ी रहती है और फिर से दरवाजा बंद कर देती है। कुछ समय बाद वह भी घर के अंदर चली जाती है। जांच अधिकारी बोले- बाकी लोगों की भूमिका देख रहे पूंडरी थाने के जांच अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि इस मामले में ज्योति के पति को गिरफ्तार कर लिया गया है। ससुराल पक्ष के अन्य लोगों के शामिल होने के संबंध में जांच जारी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट अभी आनी बाकी है, लेकिन प्राथमिक तौर पर यह सामने आया है कि मारपीट के दौरान गंभीर चोटें लगने के कारण ज्योति की मौत हुई है। फट्‌टी और पाइप बरामद कर ली गई है। -------------------------- ये खबर भी पढ़ें :- कैथल में विवाहिता की पीट-पीटकर हत्या:मायके से कैश लाने की मांग; परिजन का ससुराल पक्ष पर मर्डर का आरोप कैथल में ससुरालियों ने दहेज की मांग करते हुए एक 31 वर्षीय विवाहिता को पीट-पीटकर मार डाला। ससुराल वाले उससे बार-बार दहेज में पैसे लाने की मांग कर रहे थे। मृतका के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने उसके पति, सास, ससुर, ननद और देवर पर उसे पीटने और हत्या करने का आरोप लगाया है। पढ़ें पूरी खबर…

Dainik Bhaskar उत्तराखंड में पीपल बना दूल्हा, वट बनी दुल्हन:मंत्रोच्चार के साथ वैदिक रीति-रिवाजों से हुई अनोखी शादी; ढोल-दमाऊं की थाप पर नाचे बाराती

उत्तराखंड के अल्मोड़ा में पीपल और वट (बरगद) वृक्ष सात जन्मों के साथी बने। 15 साल पूरे होने पर दोनों वृक्षों को दूल्हा-दुल्हन के रूप में सजाकर वैदिक रीति-रिवाजों से विवाह कराया गया। मंत्रोच्चार, मंगलगीत और ढोल-दमाऊं की थाप के बीच आयोजित इस अनोखे समारोह में पूरा गांव बाराती बना। लमगड़ा विकासखंड की ग्राम पंचायत सैनोली में जब बैंड की धुन गूंजी और बारात निकली तो माहौल बिल्कुल पारंपरिक शादी जैसा हो गया। फर्क सिर्फ इतना था कि यहां दूल्हा-दुल्हन कोई इंसान नहीं, बल्कि दो वृक्ष थे। पीपल को दूल्हा और वट को दुल्हन की तरह सजाया गया था। विवाह से पहले मेहंदी और हल्दी की रस्में निभाई गईं, समधी मिलन हुआ और जयमाला के बाद पुष्पवर्षा की गई। पहले 4 तस्वीरों में देखिए विवाह… प्राइमरी स्कूल की शिक्षिका ने लगाए थे पौधे इन दोनों पौधों को वर्ष 2011 में हरेला पर्व पर प्राइमरी स्कूल सैनोली की शिक्षिका कला बिष्ट ने लगाया था। 15 वर्ष पूरे होने पर ग्रामीणों ने परंपराओं के अनुसार उनका विवाह कराने का निर्णय लिया। वैवाहिक कार्यक्रम में बहादुर सिंह और चंपा देवी ने कन्यादान की रस्म निभाई, जबकि वर पक्ष की ओर से पान सिंह और शांति देवी बारात लेकर पहुंचे। पुरोहित देवी दत्त जोशी और गिरीश चंद्र जोशी ने विधि-विधान से विवाह संस्कार संपन्न कराया और फेरे कराए। डीजे की धुन पर बारातियों ने किया डांस शादी को उत्सव का रूप देते हुए छलिया नृत्य और झोड़ा गायन की प्रस्तुतियां दी गईं। बैंड और डीजे की धुन पर बारातियों और घरातियों ने जमकर नृत्य किया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई इस अनोखे विवाह का साक्षी बना। मेहमानों के लिए पूड़ी, चावल, रायता समेत विभिन्न व्यंजन भी तैयार किए गए थे। नई पीढ़ी को प्रकृति से जोड़ने की पहल ग्रामीणों ने इस परंपरा को ‘हरिशंकरी विवाह’ बताया। ग्राम सैनोली की बिमला बिष्ट के अनुसार, ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को प्रकृति और परंपराओं से जोड़ते हैं। जनहित में सक्रिय जगदीश सिंह ने कहा कि पीपल और वट का विवाह धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देता है। ऐसे प्रयास समाज में पेड़ों के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता बढ़ाने का काम करते हैं। ---------------- ये खबर भी पढ़ें : मदरसा बोर्ड खत्म करने वाला पहला राज्य बना उत्तराखंड: CM बोले- देवभूमि में संकीर्ण मजहबी शिक्षा नहीं मिलेगी; कांग्रेस ने किया था बोर्ड का गठन उत्तराखंड में अल्पसंख्यक शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ऐलान के बाद राज्य में अब “मदरसा बोर्ड” नाम से कोई बोर्ड नहीं होगा। आगामी जुलाई सत्र से इसे खत्म कर सभी मदरसों को उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अंडर लाया जाएगा। ऐसा कदम उठाने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य है। (पढ़ें पूरी खबर)

Dainik Bhaskar उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी, हिमाचल में कोहरा:कई राज्यों में कोहरे से विजिबिलिटी 50 मीटर से कम, यूपी में बूंदाबांदी से तापमान गिरा

उत्तराखंड के पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चमोली जैसी जगहों पर बर्फबारी हुई। पिथौरागढ़ के आदि कैलाश और ओम पर्वत तक चोटियां सफेद हो गई है। मसूरी में आधें घंटे तक ओले गिरे। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर शहर, भाखड़ा डैम के आसपास, मंडी की बल्ह घाटी व सुंदरनगर में कोहरे के कारण विजिबिलिटी 40 मीटर से भी नीचे गिर गई। राजस्थान, बिहार, हरियाणा, मध्य प्रदेश में कोहरे से विजिबिलिटी कहीं 50 मीटर से कम तो कहीं 100 मीटर रही। कोहरे के कारण दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली एक दर्जन से ज्यादा ट्रेनें देरी से चल रही हैं। सबसे ज्यादा असर मालवा एक्सप्रेस पर पड़ा, जो 8 घंटे से अधिक की देरी से चल रही है। उत्तर प्रदेश में बुधवार को लखनऊ-कानपुर, झांसी समेत प्रदेश के 21 जिलों में घना कोहरा छाया रहा। कई जगह विजिबिलिटी शून्य पर पहुंच गई। प्रयागराज में बुधवार सुबह बूंदाबांदी हुई। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। राज्यों में मौसम की 4 तस्वीरें… अगले 2 दिन का मौसम

Dainik Bhaskar उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी, हिमाचल में कोहरा:कई राज्यों में कोहरे से विजिबिलिटी 50 मीटर से कम, यूपी में बूंदाबांदी से तापमान गिरा

उत्तराखंड के पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चमोली जैसी जगहों पर बर्फबारी हुई। पिथौरागढ़ के आदि कैलाश और ओम पर्वत तक चोटियां सफेद हो गई है। मसूरी में आधें घंटे तक ओले गिरे। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर शहर, भाखड़ा डैम के आसपास, मंडी की बल्ह घाटी व सुंदरनगर में कोहरे के कारण विजिबिलिटी 40 मीटर से भी नीचे गिर गई। राजस्थान, बिहार, हरियाणा, मध्य प्रदेश में कोहरे से विजिबिलिटी कहीं 50 मीटर से कम तो कहीं 100 मीटर रही। कोहरे के कारण दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली एक दर्जन से ज्यादा ट्रेनें देरी से चल रही हैं। सबसे ज्यादा असर मालवा एक्सप्रेस पर पड़ा, जो 8 घंटे से अधिक की देरी से चल रही है। उत्तर प्रदेश में बुधवार को लखनऊ-कानपुर, झांसी समेत प्रदेश के 21 जिलों में घना कोहरा छाया रहा। कई जगह विजिबिलिटी शून्य पर पहुंच गई। प्रयागराज में बुधवार सुबह बूंदाबांदी हुई। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। राज्यों में मौसम की 4 तस्वीरें… अगले 2 दिन का मौसम

Dainik Bhaskar हिमाचल में कोहरे का अटैक:शिमला से ठंडी मैदानी इलाकों की रातें, विजिबिलिटी 40 मीटर से नीचे गिरी, कुकुमसैरी का पारा -14.9॰C तक गिरा

हिमाचल प्रदेश के मैदानी इलाकों में सुबह के वकत घना कोहरा छाया। बिलासपुर शहर, भाखड़ा बांध और बल्ह घाटी के आसपास कोहरे के कारण विजिबिलिटी 50 मीटर से भी नीचे गिर गई। इससे वाहन चालकों को परेशानी हुई। मंडी के सुंदरगनर, सोलन के बद्दी, पांवटा साहिब और हमीरपुर के सुजानपुर में भी कोहरा छाया है। कोहरे के कारण मैदानी इलाकों में रात और सुबह के वक्त कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। इससे कई मैदानी इलाकों की रातें शिमला से भी ठंडे हो गई है। बीती रात में शिमला का न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि सुंदरनगर का 3.1 डिग्री, भुंतर 1.2, सोलन 2.5, धर्मशाला 3.8 और कांगड़ा का कांगड़ा का तापमान भी 4.5 डिग्री तक गिर गया है। 4 शहरों में माइनस में तापमान वहीं लाहौल स्पीति के कुकुमसैरी का न्यूनतम तापमान माइनस 14.9 डिग्री, ताबो का माइनस 11.4, मनाली का माइनस 0.7 और कल्पा का माइनस 2 डिग्री तक लुढ़क चुका है। ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर जिला के निचले इलाकों में तीन दिन से सुबह 10 बजे कोहरा छा रहा है और अगले तीन दिन भी परेशान करता रहेगा। 4 दिन खिलेगी धूप मौसम विभाग (IMD) के अनुसार- प्रदेश में अगले 4 दिन मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। इससे दिन के तापमान में चार से पांच डिग्री सेल्सियस का उछाल आएगा। मगर निचले इलाकों में रात का पारा कोहरे के कारण सामान्य से थोड़ा नीचे रहेगा। 6 फरवरी को चंबा और लाहौल स्पीति के अधिक ऊंचे क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी जरूर हो सकती है। मगर ज्यादातर भागों में धूप खिलेगी। 9 को फिर बारिश-बर्फबारी 8 फरवरी को फिर से वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव दोबारा एक्टिव होगा। इस दिन चंबा और लाहौल स्पीति के अधिक ऊंचे पहाड़ों पर हल्का हिमपात हो सकता है। मगर 9 फरवरी को वेस्टर्न डिस्टरबेंस दोबारा स्ट्रान्ग होकर बरसेगा। इससे 9 और 10 फरवरी को पूरे प्रदेश में अच्छी बारिश-बर्फबारी होगी।

Dainik Bhaskar बजट सत्र का सातवां दिन:विपक्षी दलों ने मीटिंग बुलाई; कल लोकसभा में PM मोदी की स्पीच टली, आज राज्यसभा में बोल सकते हैं

संसद के बजट सत्र की गुरुवार को सातवें दिन की कार्यवाही होगी। लोकसभा में 2 फरवरी से राष्ट्रपति के अभिभाषण प्रस्ताव पर धन्यवाद पर चर्चा हो रही है। हालांकि पहले दो दिन राहुल गांधी के भाषण पर हंगामा हुआ, जिसके बाद स्पीकर ने विपक्ष के 8 सांसदों को निलंबित कर दिया था। वहीं बुधवार को 8 सांसदों के निलंबन के विरोध में विपक्षी सांसदों के लगातार हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही 4 बार स्थगित हुई। शाम 5 बजे पीएम नरेंद्र मोदी धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देने वाले थे, लेकिन विपक्ष की महिला सांसदों के हंगामे के चलते लोकसभा स्थगित कर दी गई। इससे पीएम नरेंद्र मोदी का संबोधन भी टल गया। शाम 5 बजे जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तब विपक्ष की महिला सांसदों ने सत्ताधारी नेताओं की कुर्सियां घेर लीं। इनमें पीएम मोदी की कुर्सी भी थी। महिला सांसदों के हाथ में बड़े बैनर थे, जिन पर लिखा था- जो सही है, वो करो। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री आज राज्यसभा में भाषण दे सकते हैं। लोकसभा में उनके जवाब के बिना ही प्रस्ताव पास हो सकता है। इसके अलावा विपक्षी दलों ने सुबह 10 बजे संसद भवन में राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कमरे में बैठक बुलाई है। बजट सत्र में इन बिलों पर चर्चा संभव बजट सत्र 65 दिनों में 30 बैठकों तक चलेगा। यह 2 अप्रैल को खत्म होगा। 28 जनवरी से शुरू हुआ पहला चरण 13 फरवरी को खत्म होगा। इसके बाद दूसर चरण 9 मार्च को शुरू होगा। लोकसभा में 9 विधेयक लंबित हैं, जिनमें विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025, प्रतिभूति बाजार संहिता 2025 और संविधान (129वां संशोधन) विधेयक 2024 शामिल हैं। इन विधेयकों की वर्तमान में संसदीय स्थायी या प्रवर समितियां जांच कर रही हैं। बजट सत्र की पिछली 6 दिन की कार्यवाही पढ़ें… 4 फरवरी : स्पीकर के ऑफिस में BJP और विपक्ष के सांसदों के बीच बहस, भाजपा सांसद ने गांधी परिवार पर लिखी किताबें दिखाईं लोकसभा में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गांधी परिवार और कांग्रेस पर लिखी किताबें और नोट्स दिखाए। उन्होंने कहा इन किताबों में गांधी परिवार और कांग्रेस परिवार की मक्कारी, गद्दारी, भ्रष्टाचार और अय्याशी का जिक्र है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के ऑफिस में विपक्ष और बीजेपी सांसदों के बीच भी बहस हुई। ऑफिस का जो वीडियो सामने आया है, इसमें विपक्ष की महिला सांसद केंद्रीय संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू से कुछ कहती नजर आ रही हैं। पूरी खबर पढ़ें… 3 फरवरी : राहुल ने कहा- मैं विपक्ष का नेता, मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा लोकसभा में राहुल गांधी ने कहा, 'कल मैंने इस आर्टिकल पर अपना भाषण शुरू किया था। स्पीकर सर ने कहा था इसे ऑथेंटिकेट करें। मैं आज इसे ऑथेंटिकेट कर रहा हूं। राहुल ने आर्टिकल टेबल किया। राहुल ने जैसे ही कहा- मैंने जैसा कल कहा था कि राष्ट्रपति की स्पीच में नेशनल सिक्योरिटी का महत्वपूर्ण मुद्दा है। वैसे ही हंगामा होने लगा। राहुल बोले- मुझे परमिशन नहीं दी जा रही है। मैं विपक्ष का नेता हूं। पूरी खबर पढ़ें… 2 फरवरी : राहुल बोले- चीनी टैंक लद्दाख बॉर्डर पहुंचे, शाह-राजनाथ ने टोका, स्पीकर ने माइक बंद कराया लोकसभा में सोमवार को राहुल गांधी के भाषण के दौरान जोरदार हंगामा हुआ। राहुल ने पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे की अनपब्लिश्ड बुक का हवाला देते हुए कहा- 4 चीनी टैंक लद्दाख बॉर्डर के पास पहुंच गए थे। राहुल के ऐसा कहते ही पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फिर गृह मंत्री शाह ने उन्हें टोका। इसके बाद स्पीकर ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें रोका। पूरी खबर पढ़ें… 1 फरवरी : बजट 2026-27 पेश- ऑपरेशन सिंदूर के बाद रक्षा बजट 15% बढ़ा, इनकम टैक्स में बदलाव नहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट पेश कर दिया। वे संसद में 85 मिनट बोलीं, लेकिन आम आदमी के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। हालांकि टैक्स फाइल करने में सहूलियत, रेलवे प्रोजेक्ट और 3 नए आयुर्वेदिक AIIMS जैसी नई बातें कही हैं। पूरी खबर पढ़ें… 29 जनवरी : देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' संसद में पेश, पीएम बोले थे- हमारी रिफॉर्म एक्सप्रेस चल पड़ी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' यानी इकोनॉमिक सर्वे लोकसभा में पेश किया गया। इस सर्वे में बताया गया है वित्त वर्ष 2026-2027 में जीडीपी ग्रोथ 6.8% से 7.2% की रेंज में रहने का अनुमान है। पीएम ने सदन के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था- हमारी सरकार की पहचान रही है, रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। अब हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं। पूरी खबर पढ़ें… 28 जनवरी : राष्ट्रपति ने 45 मिनट स्पीच दी, कहा- ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून मुद्दों का जिक्र किया संसद का बजट सत्र राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। राष्ट्रपति ने अपनी 45 मिनट की स्पीच में ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून, दुनिया में भारत की भूमिका जैसे मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में वर्तमान में 150 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। भारत अपना अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यूरोपीय संघ के साथ मुक्त समझौते से सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। पूरी खबर पढ़ें…

Dainik Bhaskar बजट सत्र का सातवां दिन:विपक्षी दलों ने मीटिंग बुलाई; कल लोकसभा में PM मोदी की स्पीच टली, आज राज्यसभा में बोल सकते हैं

संसद के बजट सत्र की गुरुवार को सातवें दिन की कार्यवाही होगी। लोकसभा में 2 फरवरी से राष्ट्रपति के अभिभाषण प्रस्ताव पर धन्यवाद पर चर्चा हो रही है। हालांकि पहले दो दिन राहुल गांधी के भाषण पर हंगामा हुआ, जिसके बाद स्पीकर ने विपक्ष के 8 सांसदों को निलंबित कर दिया था। वहीं बुधवार को 8 सांसदों के निलंबन के विरोध में विपक्षी सांसदों के लगातार हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही 4 बार स्थगित हुई। शाम 5 बजे पीएम नरेंद्र मोदी धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देने वाले थे, लेकिन विपक्ष की महिला सांसदों के हंगामे के चलते लोकसभा स्थगित कर दी गई। इससे पीएम नरेंद्र मोदी का संबोधन भी टल गया। शाम 5 बजे जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तब विपक्ष की महिला सांसदों ने सत्ताधारी नेताओं की कुर्सियां घेर लीं। इनमें पीएम मोदी की कुर्सी भी थी। महिला सांसदों के हाथ में बड़े बैनर थे, जिन पर लिखा था- जो सही है, वो करो। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री आज राज्यसभा में भाषण दे सकते हैं। लोकसभा में उनके जवाब के बिना ही प्रस्ताव पास हो सकता है। इसके अलावा विपक्षी दलों ने सुबह 10 बजे संसद भवन में राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कमरे में बैठक बुलाई है। बजट सत्र में इन बिलों पर चर्चा संभव बजट सत्र 65 दिनों में 30 बैठकों तक चलेगा। यह 2 अप्रैल को खत्म होगा। 28 जनवरी से शुरू हुआ पहला चरण 13 फरवरी को खत्म होगा। इसके बाद दूसर चरण 9 मार्च को शुरू होगा। लोकसभा में 9 विधेयक लंबित हैं, जिनमें विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025, प्रतिभूति बाजार संहिता 2025 और संविधान (129वां संशोधन) विधेयक 2024 शामिल हैं। इन विधेयकों की वर्तमान में संसदीय स्थायी या प्रवर समितियां जांच कर रही हैं। बजट सत्र की पिछली 6 दिन की कार्यवाही पढ़ें… 4 फरवरी : स्पीकर के ऑफिस में BJP और विपक्ष के सांसदों के बीच बहस, भाजपा सांसद ने गांधी परिवार पर लिखी किताबें दिखाईं लोकसभा में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गांधी परिवार और कांग्रेस पर लिखी किताबें और नोट्स दिखाए। उन्होंने कहा इन किताबों में गांधी परिवार और कांग्रेस परिवार की मक्कारी, गद्दारी, भ्रष्टाचार और अय्याशी का जिक्र है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के ऑफिस में विपक्ष और बीजेपी सांसदों के बीच भी बहस हुई। ऑफिस का जो वीडियो सामने आया है, इसमें विपक्ष की महिला सांसद केंद्रीय संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू से कुछ कहती नजर आ रही हैं। पूरी खबर पढ़ें… 3 फरवरी : राहुल ने कहा- मैं विपक्ष का नेता, मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा लोकसभा में राहुल गांधी ने कहा, 'कल मैंने इस आर्टिकल पर अपना भाषण शुरू किया था। स्पीकर सर ने कहा था इसे ऑथेंटिकेट करें। मैं आज इसे ऑथेंटिकेट कर रहा हूं। राहुल ने आर्टिकल टेबल किया। राहुल ने जैसे ही कहा- मैंने जैसा कल कहा था कि राष्ट्रपति की स्पीच में नेशनल सिक्योरिटी का महत्वपूर्ण मुद्दा है। वैसे ही हंगामा होने लगा। राहुल बोले- मुझे परमिशन नहीं दी जा रही है। मैं विपक्ष का नेता हूं। पूरी खबर पढ़ें… 2 फरवरी : राहुल बोले- चीनी टैंक लद्दाख बॉर्डर पहुंचे, शाह-राजनाथ ने टोका, स्पीकर ने माइक बंद कराया लोकसभा में सोमवार को राहुल गांधी के भाषण के दौरान जोरदार हंगामा हुआ। राहुल ने पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे की अनपब्लिश्ड बुक का हवाला देते हुए कहा- 4 चीनी टैंक लद्दाख बॉर्डर के पास पहुंच गए थे। राहुल के ऐसा कहते ही पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फिर गृह मंत्री शाह ने उन्हें टोका। इसके बाद स्पीकर ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें रोका। पूरी खबर पढ़ें… 1 फरवरी : बजट 2026-27 पेश- ऑपरेशन सिंदूर के बाद रक्षा बजट 15% बढ़ा, इनकम टैक्स में बदलाव नहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट पेश कर दिया। वे संसद में 85 मिनट बोलीं, लेकिन आम आदमी के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। हालांकि टैक्स फाइल करने में सहूलियत, रेलवे प्रोजेक्ट और 3 नए आयुर्वेदिक AIIMS जैसी नई बातें कही हैं। पूरी खबर पढ़ें… 29 जनवरी : देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' संसद में पेश, पीएम बोले थे- हमारी रिफॉर्म एक्सप्रेस चल पड़ी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' यानी इकोनॉमिक सर्वे लोकसभा में पेश किया गया। इस सर्वे में बताया गया है वित्त वर्ष 2026-2027 में जीडीपी ग्रोथ 6.8% से 7.2% की रेंज में रहने का अनुमान है। पीएम ने सदन के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था- हमारी सरकार की पहचान रही है, रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। अब हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं। पूरी खबर पढ़ें… 28 जनवरी : राष्ट्रपति ने 45 मिनट स्पीच दी, कहा- ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून मुद्दों का जिक्र किया संसद का बजट सत्र राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। राष्ट्रपति ने अपनी 45 मिनट की स्पीच में ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून, दुनिया में भारत की भूमिका जैसे मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में वर्तमान में 150 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। भारत अपना अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यूरोपीय संघ के साथ मुक्त समझौते से सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। पूरी खबर पढ़ें…

Dainik Bhaskar दोस्त के फोन में देखी थी बहन की न्यूड फोटो:दुबई में मर्डर का प्लान बनाया, 2 साल मौके का इंतजार किया; गुरुग्राम बुलाकर की हत्या

गुरुग्राम में सुहेब हत्याकांड में खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में पता चला है कि सुहेब और जिशान दुबई में साथ काम करते थे। इसी दौरान जिशान ने सुहेब के मोबाइल में अपनी बहन की न्यूड फोटो देख ली थीं, जिसके बाद उसे दोनों के बीच अफेयर होने का शक हुआ। जिशान ने दुबई में ही सुहेब की हत्या की योजना बनानी शुरू कर दी, लेकिन उसे वहां ऐसा करने का अवसर नहीं मिला। लगभग डेढ़ साल बाद जब दोनों भारत वापस लौटे, तो जिशान ने अपनी योजना पर काम करना शुरू कर दिया। हालांकि, भारत लौटने के बाद सुहेब ने जिशान से उसकी बहन के साथ शादी करने की बात भी कही, लेकिन जिशान इसके लिए तैयार नहीं हुआ। जब जिशान ने अपनी बहन से दोनों के अफेयर के बारे में पूछा, तो उसने इससे इनकार कर दिया। इसके बाद, 23 जनवरी को अपनी योजना को अंजाम देने के लिए वह उत्तर प्रदेश में अपने गांव गया। वहां उसने सुहेब के घर जाकर उसे गुरुग्राम में नौकरी दिलाने का लालच दिया। जब सुहेब गुरुग्राम आया, तो जिशान ने उसे शराब पिलाई और नशे में उसकी हत्या कर दी। फिर उसने शव को कंबल में लपेटकर एक नाले में फेंक दिया। जानिए जिशान ने कैसे रची हत्या की साजिश… जिशान पर शक की 3 बड़ी वजह पुलिस बोली- बयान बदलने से पकड़ में आया आनंद गार्डन चौकी इंचार्ज PSI अमित ने बताया कि इस मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच में पता चला कि जिशान ने सबूत मिटाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उसकी खुद की गलतियों से वह पकड़ में आ गया। फिलहाल तीनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। --------------- यह खबर भी पढ़ें… गुरुग्राम में बहन के साथ अफेयर पर बेस्टफ्रेंड का मर्डर: शराब पिलाकर वायर से गला घोंटा, शव कंबल में लपेटकर नाले में फेंका गुरुग्राम में बहन के प्रेम प्रसंग से नाराज होकर भाई ने उसके बॉयफ्रेंड की गला दबाकर हत्या कर दी। आरोपी ने पहले युवक को खूब शराब पिलाई। उसके नशे में होने के बाद इलैक्ट्रिक वायर से उसका गला दबा दिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी और मृतक बेस्ट फ्रेंड थे। दोनों एक ही गांव के रहने वाले थे। (पूरी खबर पढ़ें)

Dainik Bhaskar खबर हटके- चुनाव जीतने के लिए बेटी की जान ली:19 साल तक खुद को लड़की समझता रहा लड़का; पेड़ों से गिर रही छिपकलियां

सरपंच का चुनाव लड़ने की चाह में एक पिता ने अपनी ही बेटी की जान ले ली। वहीं, अमेरिका में एक शख्स 19 साल तक खुद को लड़की समझता रहा। उधर, ठंड बढ़ते ही पेड़ों से छिपकलियां गिरने लगीं। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… ************* रिसर्च सहयोग: किशन कुमार खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...

Dainik Bhaskar ब्रिटेन ने बोइंग-787 में खराबी पर एअर इंडिया से पूछा:फ्यूल स्विच में खामी थी, तो विमान को उड़ान भरने की इजाजत कैसे दी

लंदन में उड़ान भरने से ठीक पहले एअर इंडिया के बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान में आई तकनीकी गड़बड़ी अब अंतरराष्ट्रीय जांच का मामला बन गई है। ब्रिटेन की सिविल एविएशन अथॉरिटी (CAA) ने एअर इंडिया से इस मामले पर एक हफ्ते में स्पष्टीकरण मांगा है। यह विमान रविवार को लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट से बेंगलुरु आया था। यहां पहुंचने के बाद सुरक्षा जांच के लिए ग्राउंड कर दिया गया। पायलट ने लैंडिंग के समय विमान के फ्यूल कंट्रोल स्विच में संभावित खराबी की सूचना दी थी। विमान में 200 यात्री सवार थे। अब ब्रिटिश CAA ने मामले की सख्त रुख अपनाते हुए एअर इंडिया को लिखे लेटर में पूछा है- जब फ्यूज कंट्रोल स्विच में समस्या देखी गई थी, तो विमान को लंदन से उड़ान भरने की अनुमति कैसे दी गई? CAA ने चेतावनी दी है कि अगर भारतीय एयरलाइन कंपनी से पूरा और संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो एअर इंडिया और उसके बोइंग 787 बेड़े के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल एअर इंडिया के बेड़े में बोइंग 787 मॉडल के 32 विमान हैं। अहमदाबाद में एअर इंडिया का बोइंग 787-8 ही क्रैश हुआ था यह मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि पिछले साल 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रहा एअर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान ही क्रैश हुआ था। हादसे में 260 लोगों की मौत हुई थी। शुरुआती जांच रिपोर्ट में कहा गया था कि टेक-ऑफ के तुरंत बाद ईंधन की सप्लाई कट गई थी। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि क्रैश होने से पहले विमान के फ्यूल कंट्रोल स्विच बंद कर दिए गए थे। इसके बाद DGCA ने 12 जुलाई 2025 को सभी एयरलाइनों को अपने विमानों में फ्यूल स्विच सिस्टम की जांच करने का निर्देश दिया था। फ्यूल कंट्रोल स्विच का काम और तकनीक फ्यूल कंट्रोल स्विच विमान के कॉकपिट में थ्रस्ट लीवर के पास होते हैं। ये इंजन में फ्यूल की सप्लाई को कंट्रोल करते हैं। इसका मुख्य काम इंजन में फ्यूल की सप्लाई को शुरू करना (रन पोजिशन) या बंद करना (कटऑफ पोजिशन) है। हर इंजन के लिए अलग-अलग फ्यूल कंट्रोल स्विच होता है। उदाहरण के लिए, बोइंग-787 में दो इंजन हैं, तो दो स्विच होंगे- एक बाएं इंजन के लिए, एक दाएं के लिए। रन पोजिशन: जब स्विच 'रन' पर होता है, तो फ्यूल वाल्व खुलता है और इंजन में फ्यूल की सप्लाई शुरू हो जाती है। इससे इंजन चालू रहता है और विमान को थ्रस्ट मिलता है। कटऑफ पोजिशन: जब स्विच को 'कटऑफ' पर किया जाता है तो फ्यूल वाल्व बंद हो जाता है और इंजन में फ्यूल की सप्लाई रुक जाती है। इससे इंजन तुरंत बंद हो जाता है। फ्यूल कंट्रोल स्विच स्प्रिंग-लोडेड होते हैं और इनमें डिटेंट (एक तरह का लॉक) होता है, जो इन्हें अपनी पोजिशन में स्थिर रखता है। स्विच को हिलाने के लिए तीन स्टेप्स चाहिए- पकड़ना, डिटेंट से बाहर निकालना और रिलीज करना। ये कोई नॉर्मल स्विच नहीं है, जो गलती से धक्का लगने से दब जाए जाए।

Dainik Bhaskar ब्रिटेन ने बोइंग-787 में खराबी पर एअर इंडिया से पूछा:फ्यूल स्विच में खामी थी, तो विमान को उड़ान भरने की इजाजत कैसे दी

लंदन में उड़ान भरने से ठीक पहले एअर इंडिया के बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान में आई तकनीकी गड़बड़ी अब अंतरराष्ट्रीय जांच का मामला बन गई है। ब्रिटेन की सिविल एविएशन अथॉरिटी (CAA) ने एअर इंडिया से इस मामले पर एक हफ्ते में स्पष्टीकरण मांगा है। यह विमान रविवार को लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट से बेंगलुरु आया था। यहां पहुंचने के बाद सुरक्षा जांच के लिए ग्राउंड कर दिया गया। पायलट ने लैंडिंग के समय विमान के फ्यूल कंट्रोल स्विच (FCS) में संभावित खराबी की सूचना दी थी। विमान में 200 यात्री सवार थे। अब ब्रिटिश CAA ने मामले की सख्त रुख अपनाते हुए एअर इंडिया को लिखे लेटर में पूछा है- जब फ्यूज कंट्रोल स्विच में समस्या देखी गई थी, तो विमान को लंदन से उड़ान भरने की अनुमति कैसे दी गई? CAA ने चेतावनी दी है कि अगर भारतीय एयरलाइन कंपनी से पूरा और संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो एअर इंडिया और उसके बोइंग 787 बेड़े के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल एअर इंडिया के बेड़े में बोइंग 787 मॉडल के 33 विमान हैं। इनमें 28 विमान फिलहाल ऑपरेशनल हैं। एअर इंडिया ने कहा- फ्यूल स्विच में कोई खामी नहीं एअर इंडिया ने बुधवार को मामले पर कहा कि उसने अपने सभी ऑपरेशनल बोइंग-787 ड्रीमलाइनर विमानों में फ्यूल कंट्रोल स्विच की एहतियाती जांच पूरी कर ली है और किसी भी विमान में कोई तकनीकी समस्या नहीं पाई गई। दूसरी तरफ, भारतीय विमानन नियामक DGCA की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि फ्यूल कंट्रोल स्विच के संचालन में “अपेरेंटली करेक्ट प्रोसिड्योर” का पालन नहीं हुआ। DGCA ने एअर इंडिया को निर्देश दिया है कि सभी क्रू मेंबर्स सही ऑपरेटिंग प्रोसीजर का पालन अनिवार्य रूप से कराया जाए। अहमदाबाद में एअर इंडिया का बोइंग 787-8 ही क्रैश हुआ था यह मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि पिछले साल 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रहा एअर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान ही क्रैश हुआ था। हादसे में 260 लोगों की मौत हुई थी। शुरुआती जांच रिपोर्ट में कहा गया था कि टेक-ऑफ के तुरंत बाद ईंधन की सप्लाई कट गई थी। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि क्रैश होने से पहले विमान के फ्यूल कंट्रोल स्विच बंद कर दिए गए थे। इसके बाद DGCA ने 12 जुलाई 2025 को सभी एयरलाइनों को अपने विमानों में फ्यूल स्विच सिस्टम की जांच करने का निर्देश दिया था। फ्यूल कंट्रोल स्विच का काम और तकनीक फ्यूल कंट्रोल स्विच विमान के कॉकपिट में थ्रस्ट लीवर के पास होते हैं। ये इंजन में फ्यूल की सप्लाई को कंट्रोल करते हैं। इसका मुख्य काम इंजन में फ्यूल की सप्लाई को शुरू करना (रन पोजिशन) या बंद करना (कटऑफ पोजिशन) है। हर इंजन के लिए अलग-अलग फ्यूल कंट्रोल स्विच होता है। उदाहरण के लिए, बोइंग-787 में दो इंजन हैं, तो दो स्विच होंगे- एक बाएं इंजन के लिए, एक दाएं के लिए। रन पोजिशन: जब स्विच 'रन' पर होता है, तो फ्यूल वाल्व खुलता है और इंजन में फ्यूल की सप्लाई शुरू हो जाती है। इससे इंजन चालू रहता है और विमान को थ्रस्ट मिलता है। कटऑफ पोजिशन: जब स्विच को 'कटऑफ' पर किया जाता है तो फ्यूल वाल्व बंद हो जाता है और इंजन में फ्यूल की सप्लाई रुक जाती है। इससे इंजन तुरंत बंद हो जाता है। फ्यूल कंट्रोल स्विच स्प्रिंग-लोडेड होते हैं और इनमें डिटेंट (एक तरह का लॉक) होता है, जो इन्हें अपनी पोजिशन में स्थिर रखता है। स्विच को हिलाने के लिए तीन स्टेप्स चाहिए- पकड़ना, डिटेंट से बाहर निकालना और रिलीज करना। ये कोई नॉर्मल स्विच नहीं है, जो गलती से धक्का लगने से दब जाए जाए। ----------------------------- एअर इंडिया से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… अहमदाबाद प्लेन क्रैश, मृतकों के परिजन को सामान लौटाना शुरू: वेब पोर्टल पर घड़ी, चूड़ियां, स्वेटर, जूते दिखाए; एअर इंडिया ने परिजन को लिंक भेजी एअर इंडिया प्लेन का एक इंजन हवा में बंद: दूसरे इंजन से दिल्ली में इमरजेंसी लैंडिंग; 335 यात्रियों को मुंबई ले जा रहा था

Dainik Bhaskar सुप्रीम कोर्ट बोला- अनिल अंबानी देश नहीं छोड़ेंगे:बैंक फ्रॉड केस में ED-CBI को फटकार; कहा- जांच में देरी की, अब ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेंगे

सुप्रीम कोर्ट ने अनिल धीरुभाई अंबानी ग्रुप (ADAG) जुड़े ₹40 हजार करोड़ के बैंक फ्रॉड केस में जांच एजेंसियों पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा- CBI और ED जांच में देरी का कारण नहीं बता सकीं। दोनों एजेंसियां पहले ही काफी समय ले चुकी हैं। आगे ऐसी ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेंगे। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने CBI और ED से चार हफ्ते में ताजा स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। कोर्ट ने यह रिकॉर्ड किया कि अनिल अंबानी उसकी पूर्व अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ेंगे। असल में याचिकाकर्ता और पूर्व आईएएस अफसर ईएएस सरमा ने अनिल के देश छोड़ने की आशंका जताई थी। सुनवाई के दौरान अनिल अंबानी ने अपने वकील मुकुल रोहतगी के जरिए कोर्ट को आश्वासन दिया कि वे कोर्ट की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ेंगे। ED ने कहा- 40 हजार करोड़ सायफन, अपराध की कमाई ₹20 हजार करोड़ सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि अनिल अंबानी के खिलाफ पहले ही लुकआउट सर्कुलर जारी किए जा चुके हैं। मेहता ने कोर्ट को बताया- अनिल समूह की कंपनियों के जरिए करीब ₹40 हजार करोड़ सायफन किए जाने का आरोप है। इस पर कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी की- यह इतनी बड़ी रकम सायफन होने का मामला है। कोर्ट ने ED के हलफनामे को रिकॉर्ड में लिया कि अपराध से अर्जित आय ₹20 हजार करोड़ से अधिक आंकी गई है। एजेंसी ₹8,078 करोड़ की संपत्ति अस्थायी रूप से अटैच कर चुकी है। अनिल बोले- कारोबारी घाटा, कर्ज में चूक पर आपराधिक केस न बने अनिल अंबानी की ओर से पेश वकील श्याम दीवान ने सार्वजनिक धन की हेराफेरी के आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा- रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने करीब ₹20 हजार करोड़ चुका दिए हैं। कारोबारी घाटे व कर्ज में चूक को आपराधिक केस नहीं बनाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले 23 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने CBI और ED को सीलबंद लिफाफे में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था और अनिल अंबानी और ADAG को नोटिस जारी किया था। याचिका में आरोप है कि 2007-08 से फ्रॉड चल रहा था, लेकिन FIR 2025 में दर्ज हुई। याचिका के मुताबिक 2013-17 के बीच RCOM, रिलायंस इंफ्राटेल (RITL) और रिलायंस टेलिकॉम (RTL) ने SBI और अन्य बैंक से ₹40 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज लिया था। बाद में लोन की रकम का तय मकसद के बजाय दूसरी जगह इस्तेमाल हुआ। कुछ मामलों में ग्रुप की दूसरी कंपनियों को फंड ट्रांसफर किया गया। समय पर लोन चुकाने में भी चूक (NPA) हुई। जांच में फंड्स के गलत इस्तेमाल का खुलासा ED ने अपनी जांच में पाया है कि रिलायंस होम फाइनेंस (RHFL) और रिलायंस कॉमर्शियल फाइनेंस (RCFL) में बड़े पैमाने पर फंड्स का गलत इस्तेमाल हुआ। 2017 से 2019 के बीच यस बैंक ने RHFL में 2,965 करोड़ और RCFL में 2,045 करोड़ का इन्वेस्टमेंट किया था। दिसंबर 2019 तक ये अमाउंट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) बन गए। RHFL का 1,353 करोड़ और RCFL का 1,984 करोड़ अभी तक बकाया है। कुल मिलाकर यस बैंक को 2,700 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ। ED के मुताबिक ये फंड्स रिलायंस ग्रुप की दूसरी कंपनियों में डायवर्ट किए गए। लोन अप्रूवल प्रोसेस में भी कई गड़बड़ियां मिलीं। जैसे, कुछ लोन उसी दिन अप्लाई, अप्रूव और डिस्बर्स हो गए। फील्ड चेक और मीटिंग्स स्किप हो गईं। डॉक्यूमेंट्स ब्लैंक या डेटलेस मिले। ED ने इसे 'इंटेंशनल कंट्रोल फेल्योर' बताया है। जांच PMLA की धारा 5(1) के तहत चल रही है और 31 अक्टूबर 2025 को अटैचमेंट ऑर्डर जारी हुए। ---------------------------------- अनिल अंबानी से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… कांग्रेस का दावा- अनिल अंबानी ने एपस्टीन से मदद मांगी:मोदी-ट्रम्प की मुलाकात करानी थी; कल कहा था- ट्रम्प के लिए मोदी इजराइल में नाचे कांग्रेस ने 1 फरवरी को अनिल अंबानी और अमेरिका के यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के बीच 16 मार्च 2017 को हुई चैट का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर शेयर किया है। अनिल अंबानी चैट में एपस्टीन से कुशनर और बैनन (ट्रम्प के करीबी) से मुलाकात में उसकी मदद मांगते नजर आ रहे हैं। साथ ही ट्रम्प-मोदी की मुलाकात में भी एपस्टीन की हेल्प मांग रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…

Dainik Bhaskar सुप्रीम कोर्ट बोला- अनिल अंबानी देश नहीं छोड़ेंगे:बैंक फ्रॉड केस में ED-CBI को फटकार; कहा- जांच में देरी की, अब ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेंगे

सुप्रीम कोर्ट ने अनिल धीरुभाई अंबानी ग्रुप (ADAG) जुड़े ₹40 हजार करोड़ के बैंक फ्रॉड केस में जांच एजेंसियों पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा- CBI और ED जांच में देरी का कारण नहीं बता सकीं। दोनों एजेंसियां पहले ही काफी समय ले चुकी हैं। आगे ऐसी ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेंगे। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने CBI और ED से चार हफ्ते में ताजा स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। कोर्ट ने यह रिकॉर्ड किया कि अनिल अंबानी उसकी पूर्व अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ेंगे। असल में याचिकाकर्ता और पूर्व आईएएस अफसर ईएएस सरमा ने अनिल के देश छोड़ने की आशंका जताई थी। सुनवाई के दौरान अनिल अंबानी ने अपने वकील मुकुल रोहतगी के जरिए कोर्ट को आश्वासन दिया कि वे कोर्ट की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ेंगे। ED ने कहा- 40 हजार करोड़ सायफन, अपराध की कमाई ₹20 हजार करोड़ सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि अनिल अंबानी के खिलाफ पहले ही लुकआउट सर्कुलर जारी किए जा चुके हैं। मेहता ने कोर्ट को बताया- अनिल समूह की कंपनियों के जरिए करीब ₹40 हजार करोड़ सायफन किए जाने का आरोप है। इस पर कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी की- यह इतनी बड़ी रकम सायफन होने का मामला है। कोर्ट ने ED के हलफनामे को रिकॉर्ड में लिया कि अपराध से अर्जित आय ₹20 हजार करोड़ से अधिक आंकी गई है। एजेंसी ₹8,078 करोड़ की संपत्ति अस्थायी रूप से अटैच कर चुकी है। अनिल बोले- कारोबारी घाटा, कर्ज में चूक पर आपराधिक केस न बने अनिल अंबानी की ओर से पेश वकील श्याम दीवान ने सार्वजनिक धन की हेराफेरी के आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा- रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने करीब ₹20 हजार करोड़ चुका दिए हैं। कारोबारी घाटे व कर्ज में चूक को आपराधिक केस नहीं बनाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले 23 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने CBI और ED को सीलबंद लिफाफे में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था और अनिल अंबानी और ADAG को नोटिस जारी किया था। याचिका में आरोप है कि 2007-08 से फ्रॉड चल रहा था, लेकिन FIR 2025 में दर्ज हुई। याचिका के मुताबिक 2013-17 के बीच RCOM, रिलायंस इंफ्राटेल (RITL) और रिलायंस टेलिकॉम (RTL) ने SBI और अन्य बैंक से ₹40 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज लिया था। बाद में लोन की रकम का तय मकसद के बजाय दूसरी जगह इस्तेमाल हुआ। कुछ मामलों में ग्रुप की दूसरी कंपनियों को फंड ट्रांसफर किया गया। समय पर लोन चुकाने में भी चूक (NPA) हुई। जांच में फंड्स के गलत इस्तेमाल का खुलासा ED ने अपनी जांच में पाया है कि रिलायंस होम फाइनेंस (RHFL) और रिलायंस कॉमर्शियल फाइनेंस (RCFL) में बड़े पैमाने पर फंड्स का गलत इस्तेमाल हुआ। 2017 से 2019 के बीच यस बैंक ने RHFL में 2,965 करोड़ और RCFL में 2,045 करोड़ का इन्वेस्टमेंट किया था। दिसंबर 2019 तक ये अमाउंट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) बन गए। RHFL का 1,353 करोड़ और RCFL का 1,984 करोड़ अभी तक बकाया है। कुल मिलाकर यस बैंक को 2,700 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ। ED के मुताबिक ये फंड्स रिलायंस ग्रुप की दूसरी कंपनियों में डायवर्ट किए गए। लोन अप्रूवल प्रोसेस में भी कई गड़बड़ियां मिलीं। जैसे, कुछ लोन उसी दिन अप्लाई, अप्रूव और डिस्बर्स हो गए। फील्ड चेक और मीटिंग्स स्किप हो गईं। डॉक्यूमेंट्स ब्लैंक या डेटलेस मिले। ED ने इसे 'इंटेंशनल कंट्रोल फेल्योर' बताया है। जांच PMLA की धारा 5(1) के तहत चल रही है और 31 अक्टूबर 2025 को अटैचमेंट ऑर्डर जारी हुए। ---------------------------------- अनिल अंबानी से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… कांग्रेस का दावा- अनिल अंबानी ने एपस्टीन से मदद मांगी:मोदी-ट्रम्प की मुलाकात करानी थी; कल कहा था- ट्रम्प के लिए मोदी इजराइल में नाचे कांग्रेस ने 1 फरवरी को अनिल अंबानी और अमेरिका के यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के बीच 16 मार्च 2017 को हुई चैट का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर शेयर किया है। अनिल अंबानी चैट में एपस्टीन से कुशनर और बैनन (ट्रम्प के करीबी) से मुलाकात में उसकी मदद मांगते नजर आ रहे हैं। साथ ही ट्रम्प-मोदी की मुलाकात में भी एपस्टीन की हेल्प मांग रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…

Dainik Bhaskar मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर 35 घंटे से जाम:20km तक गाड़ियों की लाइन लगी; लोगों दो दिन से बिना खाना-पानी और टॉयलेट के फंसे

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर खंडाला घाट सेक्शन में गैस टैंकर पलटने के कारण करीब 35 घंटे से ट्रैफिक जाम है। एक्सप्रेसवे पर 20 किलोमीटर तक गाड़ियों की लंबी लाइन लगी है। सैकड़ों वाहन फंसे हैं। लोग दो दिन से बिना खाना, पानी और टॉयलेट सुविधाओं के रास्ता क्लियर होने का इंतजार कर रहे हैं। खंडाला घाट सेक्शन में 3 फरवरी की शाम करीब 5 बजे अडोशी टनल के पास एक गैस टैंकर पलट गया था। टैंकर से ज्वलनशील प्रोपाइलीन गैस लीक हो रही थी। इसके बाद सुरक्षा कारणों से एक्सप्रेसवे के कई हिस्से बंद करने पड़े। महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MSRDC) के अनुसार, टैंकर में मौजूद प्रोपाइलीन गैस को दूसरे टैंकरों में ट्रांसफर कर दिया गया है। हालांकि, अब तक क्षतिग्रस्त टैंकर को रास्ते से नहीं हटाया जा सका है। अब गुरुवार सुबह तक ट्रैफिक सामान्य होने की संभावना जताई गई है। NDRF, SDRF और भारत पेट्रोलियम की टीमें तैनात गैस लीक के बाद हालात संभालने के लिए NDRF, SDRF और भारत पेट्रोलियम (BPCL) की टीमें मौके पर तैनात की गईं। पुणे से मुंबई जाने वाली लेन पूरी तरह बंद कर दी गई और ट्रैफिक को पुराने मुंबई-पुणे हाईवे की ओर डायवर्ट किया गया। स्थिति को कुछ हद तक संभालने के लिए पुणे लेन से मुंबई की ओर 15–20 मिनट के ब्लॉक में गाड़ियां जा रही हैं। हालांकि, बुधवार शाम तक गैस लीक जारी रहने से जाम पूरी तरह खत्म नहीं हो सका। बुधवार रात तक वाहनों की कतारें करीब 20 किलोमीटर तक फैल गईं। एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों से टोल वसूली रोकी गई MSRDC ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए मुंबई-बाउंड कैरिजवे बंद रखा गया, जिससे दोनों दिशाओं में ट्रैफिक प्रभावित हुआ। इस दौरान एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली भी बुधवार सुबह से निलंबित कर दी गई। जाम का असर बस सेवाओं पर भी पड़ा। महाराष्ट्र राज्य परिवहन निगम (MSRTC) की 165 बसें अलग-अलग जगहों पर फंसी रहीं। बुधवार को 139 बस सेवाएं रद्द करनी पड़ीं, जिनमें 73 ई-शिवनेरी और 66 सामान्य बसें शामिल थीं। परिवहन विभाग के अनुसार, 163 बसें एक्सप्रेसवे पर फंसी रहीं। इनमें सतारा की 46, सोलापुर की 36, पुणे की 20, सांगली की 18, कोल्हापुर की 13, पालघर की 12, ठाणे की 11 और मुंबई डिवीजन की 7 बसें शामिल थीं। यात्रियों के बीच पानी और बिस्कुट बांटे गए मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के संचालन और रखरखाव के लिए जिम्मेदार MSRDC और IRB MPEPL की टीमें FM रेडियो, सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से यात्रियों को लगातार अपडेट देती रहीं। लोगों से अपील की गई कि बेहद जरूरी न हो तो यात्रा से बचें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। फंसे यात्रियों की मदद के लिए IRB MPEPL और पुणे ग्रामीण पुलिस ने जहां संभव हो सका वहां पानी और बिस्कुट बांटे। एक MSRTC ड्राइवर ने बताया कि उनकी बस अडोशी टनल के पास करीब 9 घंटे तक फंसी रही और आखिरकार बुधवार सुबह 3 बजे पनवेल पहुंच सकी। यात्रियों ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई। कुछ यूजर्स ने एक्सप्रेसवे को ‘पार्किंग लॉट’ बताया। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को टॉयलेट और पानी की कमी के कारण सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी। अधिकारियों के मुताबिक, हालात की समीक्षा के बाद बस सेवाएं चरणबद्ध तरीके से फिर शुरू की जाएंगी। एक्सप्रेसवे कंट्रोल रूम ने उम्मीद जताई है कि गुरुवार सुबह तक ट्रैफिक में राहत मिल सकती है। ------------------------------------ मुंबई से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… मुंबई में लिफ्ट में फटे गैस से भरे गुब्बारे, VIDEO: लिफ्ट में मौजूद महिला और व्यक्ति आग में घिरे मुंबई की एक बिल्डिंग की लिफ्ट में बुधवार को गुब्बारे फटने से आग लग गई। लिफ्ट में पहले एक महिला और फिर एक व्यक्ति गुब्बारे लेकर घुसता है। इसके बाद अचानक से गुब्बारों में ब्लास्ट हो जाता है। पुलिस ने बताया कि आग से आदमी और महिला को चोटें आई हैं। पूरी खबर पढ़ें…

Dainik Bhaskar मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर 31 घंटे बाद जाम खुला:टैंकर पलटने से रास्ता बंद था; गाड़ियों की 25km लंबी कतारें, डेढ़ लाख से ज्यादा लोग फंसे थे

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर करीब 31 घंटे बाद गुरुवार सुबह ट्रैफिक जाम खुल गया। यहां 3 फरवरी से डेढ़ लाख वाहनों में लोग फंसे थे। गाड़ियों की 25 किमी लंबी कतारें लग गई थीं। जाम में फंसे लोगों को खाना, पानी और टॉयलेट सुविधाओं की कमी के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस जाम में फंसे लोगों में उद्योगपति और पिनैकल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सुधीर मेहता भी शामिल थे। वे एक्सप्रेसवे पर लगभग आठ घंटे तक फंसे रहे और बाद में उन्हें हेलिकॉप्टर से पुणे ले जाया गया। मेहता ने बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर हेलिकॉप्टर से ली गई जाम की तस्वीर शेयर की। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर खंडाला घाट सेक्शन में 3 फरवरी की शाम करीब 5 बजे अडोशी टनल के पास एक गैस टैंकर पलट गया था। टैंकर से प्रोपाइलीन गैस लीक हो रही थी। इसके बाद सुरक्षा कारणों से एक्सप्रेसवे के कई हिस्से बंद करने पड़े थे। महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MSRDC) के अनुसार, टैंकर में मौजूद प्रोपाइलीन गैस को दूसरे टैंकरों में ट्रांसफर किया गया। फिर क्षतिग्रस्त टैंकर को रास्ते से हटाया गया। तब जाकर जाम धीरे-धीरे खुलना शुरू हुआ। NDRF, SDRF और भारत पेट्रोलियम की टीमें तैनात गैस लीक के बाद हालात संभालने के लिए NDRF, SDRF और भारत पेट्रोलियम (BPCL) की टीमें मौके पर तैनात की गई थीं। पुणे से मुंबई जाने वाली लेन पूरी तरह बंद कर दी गई थी और ट्रैफिक को पुराने मुंबई-पुणे हाईवे की ओर डायवर्ट किया गया था। स्थिति को कुछ हद तक संभालने के लिए पुणे लेन से मुंबई की ओर 15–20 मिनट के ब्लॉक में गाड़ियां जा रही थी। हालांकि, बुधवार शाम तक गैस लीक जारी रहने से जाम बढ़ता ही जा रहा था। बुधवार शाम तक वाहनों की कतारें करीब 20 किलोमीटर तक फैल गई थीं। एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों से टोल वसूली रोकी गई जाम खुलने से पहले MSRDC ने बताया था कि यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए मुंबई-बाउंड कैरिजवे बंद रखा गया है, जिससे दोनों दिशाओं में ट्रैफिक प्रभावित हुआ। इस दौरान एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली भी बुधवार सुबह से निलंबित कर दी गई थी। जाम का असर बस सेवाओं पर भी पड़ा। महाराष्ट्र राज्य परिवहन निगम (MSRTC) की 165 बसें अलग-अलग जगहों पर फंसी रहीं। बुधवार को 139 बस सेवाएं रद्द करनी पड़ीं, जिनमें 73 ई-शिवनेरी और 66 सामान्य बसें शामिल थीं। परिवहन विभाग के अनुसार, 163 बसें एक्सप्रेसवे पर फंसी रहीं। इनमें सतारा की 46, सोलापुर की 36, पुणे की 20, सांगली की 18, कोल्हापुर की 13, पालघर की 12, ठाणे की 11 और मुंबई डिवीजन की 7 बसें शामिल थीं। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर जाम की 3 तस्वीरें… यात्रियों के बीच पानी और बिस्कुट बांटे गए मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के संचालन और रखरखाव के लिए जिम्मेदार MSRDC और IRB MPEPL की टीमें FM रेडियो, सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से यात्रियों को लगातार अपडेट देती रहीं। लोगों से अपील की गई कि बेहद जरूरी न हो तो यात्रा से बचें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। फंसे यात्रियों की मदद के लिए IRB MPEPL और पुणे ग्रामीण पुलिस ने जहां संभव हो सका वहां पानी और बिस्कुट बांटे। एक MSRTC ड्राइवर ने बताया कि उनकी बस अडोशी टनल के पास करीब 9 घंटे तक फंसी रही और आखिरकार बुधवार सुबह 3 बजे पनवेल पहुंच सकी। यात्रियों ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई। कुछ यूजर्स ने एक्सप्रेसवे को ‘पार्किंग लॉट’ बताया। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को टॉयलेट और पानी की कमी के कारण सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी। अधिकारियों के मुताबिक, हालात की समीक्षा के बाद बस सेवाएं चरणबद्ध तरीके से फिर शुरू की जाएंगी। एक्सप्रेसवे कंट्रोल रूम ने उम्मीद जताई है कि गुरुवार सुबह तक ट्रैफिक में राहत मिल सकती है। ------------------------------------ मुंबई से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… मुंबई में लिफ्ट में फटे गैस से भरे गुब्बारे, VIDEO: लिफ्ट में मौजूद महिला और व्यक्ति आग में घिरे मुंबई की एक बिल्डिंग की लिफ्ट में बुधवार को गुब्बारे फटने से आग लग गई। लिफ्ट में पहले एक महिला और फिर एक व्यक्ति गुब्बारे लेकर घुसता है। इसके बाद अचानक से गुब्बारों में ब्लास्ट हो जाता है। पुलिस ने बताया कि आग से आदमी और महिला को चोटें आई हैं। पूरी खबर पढ़ें…

Dainik Bhaskar संसद परिसर में सीढ़ियों से गिरे सांसद शशि थरूर:अखिलेश यादव और सांसदों ने संभाला, गंभीर चोट नहीं आई

संसद परिसर में बुधवार को कांग्रेस सांसद शशि थरूर सीढ़ियों से उतरते समय फिसलकर गिर पड़े। मौके पर मौजूद सांसदों और कर्मचारियों ने तुरंत उनकी मदद की। कांग्रेस सांसद शशि थरूर मोबाइल फोन पर बात करते हुए संसद भवन परिसर में सीढ़ियों से उतर रहे थे, तभी उनका पैर फिसल गया और वे गिर पड़े। इस दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और अन्य सांसदों ने तुरंत आगे बढ़कर उन्हें संभाला। संसद के स्टाफ ने भी उन्हें खड़ा होने में मदद की। थरूर के गिरने की घटना के बाद वहां कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा, हालांकि थरूर को कोई गंभीर चोट लगने की सूचना नहीं है। सांसदों ने उनका हालचाल भी जाना। शशि थरूर के साथ हुए हादसे का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है। शशि थरूर संसद की सीढियों से गिरे, 4 तस्वीरें: संसद के मकर द्वार पर सस्पेंड सांसदों का विरोध प्रदर्शन लोकसभा से निलंबित विपक्ष के बुधवार को 8 सांसदों ने पोस्टर लेकर विरोध जताया। पोस्टर पर लिखा- पीएम इज कॉम्प्रोमाइज्ड (प्रधानमंत्री ने समझौता किया)। पोस्टर पर पूर्व आर्मी चीफ नरवणे, पीएम नरेंद्र मोदी और जेफ्री एपस्टीन की तस्वीर थी। इन सांसदों को चेयर की तरफ पेपर उछालने की शिकायत पर पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित किया गया है। आज सुबह लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर विपक्ष ने हंगामा किया। ------------------------------------------------ ये खबर भी पढ़ें: लोकसभा में PM मोदी की स्पीच टली:शाम 5 बजे भाषण से पहले विपक्षी महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री की खाली कुर्सी घेरी, सदन कल तक स्थगित विपक्षी सांसदों के लगातार हंगामे के चलते बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही 4 बार स्थगित हुई। शाम 5 बजे प्रधानमंत्री धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देने वाले थे, लेकिन विपक्ष की महिला सांसदों के हंगामे के चलते स्पीकर संध्या राय ने कार्यवाही कल तक स्थगित कर दी। इससे पीएम नरेंद्र मोदी का संबोधन भी टल गया। पढ़ें पूरी खबर…

Dainik Bhaskar मुंबई में लिफ्ट में फटे गैस से भरे गुब्बारे, VIDEO:लिफ्ट में मौजूद महिला और व्यक्ति आग में घिरे; CCTV में रिकॉर्ड हुई पूरी घटना

मुंबई की एक बिल्डिंग की लिफ्ट में बुधवार को गुब्बारे फटने से आग लग गई। लिफ्ट में दो व्यक्ति गुब्बारे लेकर घुसे थे। वहां एक महिला भी मौजूद थी। ये पूरी घटना लिफ्ट में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। पुलिस ने बताया कि आग से आदमी और महिला को चोटें आई हैं। उन्होंने बताया कि गुब्बारे बेचने वाले के खिलाफ केस भी दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक यह पता नहीं चला है कि गुब्बारों में किस तरह की गैस भरी थी। फिलहाल पुलिस मामले में जांच कर रही है। 3 वीडियो में देखिए पूरी घटना… अब समझिए क्या हुआ… ---------------- ये खबर भी पढ़ें… पुणे में कार ने 5 साल के बच्चे को कुचला:मौत, CCTV में कैद हुई पूरी घटना; दोस्त को छोड़ने आया था कार सवार महाराष्ट्र के पुणे स्थित लोनी काल्भोर में 23 जनवरी को एक रिहायशी सोसाइटी में कार ने साइकल चला रहे 5 साल के बच्चे को कुचल दिया। इस हादसे में बच्चे की मौत हो गई। ये पूरी घटना सोसाइटी में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई। वीडियो में दिखता है बच्चा साइकल चला रहा था तभी एक कार आई और बच्चे को कुचलते हुए निकल गई। पूरी खबर पढ़ें…

Dainik Bhaskar मुंबई में लिफ्ट में फटे गैस से भरे गुब्बारे, VIDEO:लिफ्ट में मौजूद महिला और व्यक्ति आग में घिरे; CCTV में रिकॉर्ड हुई पूरी घटना

मुंबई की एक बिल्डिंग की लिफ्ट में बुधवार को गुब्बारे फटने से आग लग गई। लिफ्ट में पहले एक महिला और फिर एक व्यक्ति गुब्बारे लेकर घुसता है। इसके बाद अचानक से गुब्बारों में ब्लास्ट हो जाता है। पुलिस ने बताया कि आग से आदमी और महिला को चोटें आई हैं। उन्होंने बताया कि गुब्बारे बेचने वाले के खिलाफ केस भी दर्ज किया गया है। पूरी घटना लिफ्ट में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। पुलिस के मुताबिक यह पता नहीं चला है कि गुब्बारों में किस तरह की गैस भरी थी। फिलहाल पुलिस मामले में जांच कर रही है। 3 वीडियो में देखिए पूरी घटना… अब समझिए क्या हुआ… ---------------- ये खबर भी पढ़ें… पुणे में कार ने 5 साल के बच्चे को कुचला:मौत, CCTV में कैद हुई पूरी घटना; दोस्त को छोड़ने आया था कार सवार महाराष्ट्र के पुणे स्थित लोनी काल्भोर में 23 जनवरी को एक रिहायशी सोसाइटी में कार ने साइकल चला रहे 5 साल के बच्चे को कुचल दिया। इस हादसे में बच्चे की मौत हो गई। ये पूरी घटना सोसाइटी में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई। वीडियो में दिखता है बच्चा साइकल चला रहा था तभी एक कार आई और बच्चे को कुचलते हुए निकल गई। पूरी खबर पढ़ें…

Dainik Bhaskar सुप्रीम कोर्ट केंद्र से बोला-वांगचुक की जमानत पर विचार करें:दलीलों के अलावा भी सोचिए, उनकी तबीयत ठीक नहीं, जेल में 5 महीने हो गए

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र से पूछा कि क्या सरकार क्लाइमेट एक्टिविस्ट और साइंटिस्ट सोनम वांगचुक की तबीयत को देखते हुए उनकी हिरासत पर फिर से विचार कर सकती है? जस्टिस अरविंद कुमार और पी बी वराले की बेंच ने कहा कि वांगचुक की हेल्थ रिपोर्ट अच्छी नहीं है। कोर्ट ने केंद्र की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल के एम नटराज से इस मामले में निर्देश लेने को कहा। कोर्ट ने कहा- दलीलों और कानून के बिंदुओं के अलावा, कोर्ट के अधिकारी के तौर पर इस पर थोड़ा सोचिए। हिरासत का आदेश 26 सितंबर, 2025 को पारित किया गया था, लगभग पांच महीने हो गए हैं। इसपर नटराज ने कहा कि वह यह सुझाव संबंधित अधिकारियों के सामने रखेंगे। दरअसल, 24 सितंबर 2025 को लेह में हुई हिंसा भड़काने के आरोप में 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत 26 वांगचुक को पुलिस ने हिरासत में लिया गया था। तब से वे जोधपुर जेल में हैं। 3 फरवरी: सरकार बोली-वांगचुक बॉर्डर एरिया में लोगों को भड़का रहे थे केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि सोनम वांगचुक को इसलिए हिरासत में लिया गया, क्योंकि वे पाकिस्तान और चीन से सटे संवेदनशील बॉर्डर इलाके में लोगों को भड़का रहे थे। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी.बी. वराले की बेंच लद्दाख हिंसा से जुड़े मामले में वांगचुक की गिरफ्तारी के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। पूरी खबर पढ़ें… 2 फरवरी: सरकार बोली– वांगचुक लद्दाख को नेपाल-बांग्लादेश बनाना चाहते थे केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि सोनम वांगचुक लद्दाख को नेपाल या बांग्लादेश जैसा बनाना चाहते हैं। ऐसे व्यक्ति को और जहर उगलने की इजाजत नहीं दी जा सकती। मेहता ने कहा कि नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे उदाहरण देना, युवाओं को भड़काने और देश की एकता के खिलाफ माहौल बनाने के बराबर है। पूरी खबर पढ़ें… पत्नी गीतांजलि बोली थीं- अधिकारियों ने सही फैसला नहीं किया इससे पहले वांगचुक की पत्नी गीताांजलि अंग्मो ने 12 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि उनके पति को हिरासत में लेने के फैसले में अधिकारियों ने ठीक से सोच-विचार नहीं किया। उन्हें बेकार व गैर-जरूरी बातों के आधार पर नजरबंद किया गया। अंग्मो की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच में दावा किया कि जिन चार वीडियो के आधार पर नजरबंदी की गई वे सोनम वांगचुक को दिए ही नहीं गए। इससे उनका अपना बचाव में सही ढंग से बात रखने का अधिकार छिन गया। वीडियो नहीं देने से वांगचुक का सलाहकार बोर्ड और सरकार के सामने अपनी बात रखने का अधिकार प्रभावित हुआ है। पूरी खबर पढ़ें… सोनम वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया था। वह लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर आन्दोलन कर रहे थे। आन्दोलन के दौरान हुए हिंसक प्रदर्शनों के दो दिन बाद उनकी गिरफ्तारी की गई थी। इन प्रदर्शनों में चार लोगों की मौत हुई थी और 90 लोग घायल हुए थे। सरकार का आरोप है कि वांगचुक ने इस हिंसा को भड़काया। NSA सरकार को ऐसे लोगों को हिरासत में लेने का अधिकार देता है, जिनसे देश की सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था को खतरा हो। इसके तहत किसी व्यक्ति को अधिकतम 12 महीने तक नजरबंद रखा जा सकता है। अंग्मो ने कहा कि 24 सितंबर को लेह में हुई हिंसा का सोनम वांगचुक के बयानों या कामों से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने बताया कि वांगचुक ने खुद सोशल मीडिया पर हिंसा की निंदा की थी और कहा था कि हिंसा से लद्दाख का शांतिपूर्ण आंदोलन विफल हो जाएगा। दरअसल लद्दाख पहले जम्मू-कश्मीर राज्य का हिस्सा था। 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने यहां से धारा 370 और 35 ए को हटाकर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दो अलग राज्य बनाया था। जम्मू-कश्मीर को विधानसभा वाला राज्य बनाया था, जिसका प्रशासन राज्य सरकार के पास और सुरक्षा व्यवस्था केंद्र सरकार के पास है, जबकि लद्दाख को पूरी तरह केंद्र शासित राज्य बनाया था। -------------- ये खबर भी पढ़ें… वांगचुक की पत्नी बोलीं-सोनम जेल में फर्श पर सो रहे:बैरक में टहलने तक की जगह नहीं, सरकार जानती हैं उनके केस में दम नहीं लद्दाख के एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने कहा कि सोनम को जेल में फर्श पर कंबल में सोना पड़ा रहा है। उनके पास कोई फर्नीचर नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके बैरक में इतनी भी जगह नहीं है कि वे ठीक से टहल सकें। आंगमे ने कहा कि सॉलिसिटर जनरल तारीख पर तारीख मांग रहे हैं क्योंकि उन्हें एहसास हो गया है कि केस में कोई दम नहीं है। पूरी खबर पढ़ें…

Dainik Bhaskar सुप्रीम कोर्ट केंद्र से बोला-वांगचुक की जमानत पर विचार करें:दलीलों के अलावा भी सोचिए, उनकी तबीयत ठीक नहीं, जेल में 5 महीने हो गए

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र से पूछा कि क्या सरकार क्लाइमेट एक्टिविस्ट और साइंटिस्ट सोनम वांगचुक की तबीयत को देखते हुए उनकी हिरासत पर फिर से विचार कर सकती है? जस्टिस अरविंद कुमार और पी बी वराले की बेंच ने कहा कि वांगचुक की हेल्थ रिपोर्ट अच्छी नहीं है। कोर्ट ने केंद्र की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल के एम नटराज से इस मामले में निर्देश लेने को कहा। कोर्ट ने कहा- दलीलों और कानून के बिंदुओं के अलावा, कोर्ट के अधिकारी के तौर पर इस पर थोड़ा सोचिए। हिरासत का आदेश 26 सितंबर, 2025 को पारित किया गया था, लगभग पांच महीने हो गए हैं। इसपर नटराज ने कहा कि वह यह सुझाव संबंधित अधिकारियों के सामने रखेंगे। दरअसल, 24 सितंबर 2025 को लेह में हुई हिंसा भड़काने के आरोप में 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत 26 वांगचुक को पुलिस ने हिरासत में लिया गया था। तब से वे जोधपुर जेल में हैं। 3 फरवरी: सरकार बोली-वांगचुक बॉर्डर एरिया में लोगों को भड़का रहे थे केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि सोनम वांगचुक को इसलिए हिरासत में लिया गया, क्योंकि वे पाकिस्तान और चीन से सटे संवेदनशील बॉर्डर इलाके में लोगों को भड़का रहे थे। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी.बी. वराले की बेंच लद्दाख हिंसा से जुड़े मामले में वांगचुक की गिरफ्तारी के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। पूरी खबर पढ़ें… 2 फरवरी: सरकार बोली– वांगचुक लद्दाख को नेपाल-बांग्लादेश बनाना चाहते थे केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि सोनम वांगचुक लद्दाख को नेपाल या बांग्लादेश जैसा बनाना चाहते हैं। ऐसे व्यक्ति को और जहर उगलने की इजाजत नहीं दी जा सकती। मेहता ने कहा कि नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे उदाहरण देना, युवाओं को भड़काने और देश की एकता के खिलाफ माहौल बनाने के बराबर है। पूरी खबर पढ़ें… पत्नी गीतांजलि बोली थीं- अधिकारियों ने सही फैसला नहीं किया इससे पहले वांगचुक की पत्नी गीताांजलि अंग्मो ने 12 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि उनके पति को हिरासत में लेने के फैसले में अधिकारियों ने ठीक से सोच-विचार नहीं किया। उन्हें बेकार व गैर-जरूरी बातों के आधार पर नजरबंद किया गया। अंग्मो की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच में दावा किया कि जिन चार वीडियो के आधार पर नजरबंदी की गई वे सोनम वांगचुक को दिए ही नहीं गए। इससे उनका अपना बचाव में सही ढंग से बात रखने का अधिकार छिन गया। वीडियो नहीं देने से वांगचुक का सलाहकार बोर्ड और सरकार के सामने अपनी बात रखने का अधिकार प्रभावित हुआ है। पूरी खबर पढ़ें… सोनम वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया था। वह लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर आन्दोलन कर रहे थे। आन्दोलन के दौरान हुए हिंसक प्रदर्शनों के दो दिन बाद उनकी गिरफ्तारी की गई थी। इन प्रदर्शनों में चार लोगों की मौत हुई थी और 90 लोग घायल हुए थे। सरकार का आरोप है कि वांगचुक ने इस हिंसा को भड़काया। NSA सरकार को ऐसे लोगों को हिरासत में लेने का अधिकार देता है, जिनसे देश की सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था को खतरा हो। इसके तहत किसी व्यक्ति को अधिकतम 12 महीने तक नजरबंद रखा जा सकता है। अंग्मो ने कहा कि 24 सितंबर को लेह में हुई हिंसा का सोनम वांगचुक के बयानों या कामों से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने बताया कि वांगचुक ने खुद सोशल मीडिया पर हिंसा की निंदा की थी और कहा था कि हिंसा से लद्दाख का शांतिपूर्ण आंदोलन विफल हो जाएगा। दरअसल लद्दाख पहले जम्मू-कश्मीर राज्य का हिस्सा था। 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने यहां से धारा 370 और 35 ए को हटाकर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दो अलग राज्य बनाया था। जम्मू-कश्मीर को विधानसभा वाला राज्य बनाया था, जिसका प्रशासन राज्य सरकार के पास और सुरक्षा व्यवस्था केंद्र सरकार के पास है, जबकि लद्दाख को पूरी तरह केंद्र शासित राज्य बनाया था। -------------- ये खबर भी पढ़ें… वांगचुक की पत्नी बोलीं-सोनम जेल में फर्श पर सो रहे:बैरक में टहलने तक की जगह नहीं, सरकार जानती हैं उनके केस में दम नहीं लद्दाख के एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने कहा कि सोनम को जेल में फर्श पर कंबल में सोना पड़ा रहा है। उनके पास कोई फर्नीचर नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके बैरक में इतनी भी जगह नहीं है कि वे ठीक से टहल सकें। आंगमे ने कहा कि सॉलिसिटर जनरल तारीख पर तारीख मांग रहे हैं क्योंकि उन्हें एहसास हो गया है कि केस में कोई दम नहीं है। पूरी खबर पढ़ें…

Dainik Bhaskar शरद पवार बोले-फडणवीस विलय की बातचीत में शामिल नहीं थे:उन्हें कमेंट करने का अधिकार नहीं; विद्या प्रतिष्ठान में अजित के बेटों से मिले NCP-SP चीफ

NCP(SP) चीफ शरद पवार ने बुधवार को कहा कि महाराष्ट्र के CM देवेंद्र फडणवीस राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों के बीच विलय की चर्चा में शामिल नहीं थे। इसलिए उन्हें इस पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। शरद ने दावा किया कि NCP (SP) नेता जयंत पाटिल और उनके भतीजे और NCP चीफ अजित पवार विलय की बातचीत का नेतृत्व कर रहे थे। दरअसल CM फडणवीस ने पिछले दिनों कहा था कि अगर NCP मर्जर की बातचीत सच में चल रही होती, तो अजित पवार ने उनके साथ यह बात शेयर की होती। महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी CM अजित पवार की 28 जनवरी को पुणे जिले के बारामती में प्लेन दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बाद ही शरद पवार और उनकी पार्टी के नेताओं ने दावा किया था कि विलय के लिए 12 फरवरी की तारीख तय की थी। बारामती में आज के 2 घटनाक्रम अजित पवार के लिए कश्मीर से कन्याकुमारी तक कलश यात्रा NCP यूथ कांग्रेस दिवंगत डिप्टी सीएम और पार्टी प्रमुख अजित पवार के लिए कश्मीर से कन्याकुमारी तक 'कलश यात्रा' निकाल रही है। यह यात्रा 4 से 7 फरवरी के बीच देश के चारों कोनों को कवर करेगी। यह यात्रा 14 राज्यों से होकर गुजरेगी। अजित की मौत के बाद विद्या प्रतिष्ठान में पहली बैठक NCP (SP) प्रमुख शरद पवार की अध्यक्षता में विद्या प्रतिष्ठान में एक बैठक हुई। इसमें अजित पवार के बेटे पार्थ पवार, जय पवार, विजया पाटिल और दूसरे सदस्य शामिल हुए। उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद यह पहली बैठक थी। शरद पवार और अजित पवार के बेटों पार्थ पवार और जय पवार के बीच एक बंद कमरे में भी बैठक हुई। यह बैठक विद्या प्रतिष्ठान के परिसर में हुई। सूत्रों ने बताया कि बैठक करीब डेढ़ घंटे तक चली। बैठक के एजेंडे के बारे में तत्काल कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। सूत्रों के अनुसार बैठक में NCP के दोनों गुटों का संभावित विलय और आगामी जिला परिषद चुनाव पर बातचीत हुई। -------------------- ये खबर भी पढ़ें: NCP के दोनों गुटों के विलय पर अब भी सस्पेंस:सुनेत्रा बारामती लौटीं, शरद पवार मुंबई पहुंचे; CM फडणवीस जिला परिषद-पंचायत समिति चुनाव प्रचार नहीं करेंगे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसी बीच, एनसीपी (एसपी) के अध्यक्ष शरद पवार रविवार सुबह बारामती से मुंबई के लिए रवाना हो गए, जबकि अजित पवार की पत्नी और डिप्टी CM सुनेत्रा पवार बारामती लौट आईं। पढ़ें पूरी खबर…

Dainik Bhaskar इंपैक्ट फीचर:वेनिस में 61वीं इंटरनेशनल आर्ट एग्जीबिशन, भारत की ‘जिओग्राफिस ऑफ डिस्टेंस: रिमेंबरिंग होम’ एक्जीबिशन का प्रदर्शन होगा

भारत मंडप ने वेनिस बिएनाले की 61वीं अंतरराष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में अपनी भागीदारी की जानकारी दी है। मंडप में समूह प्रदर्शनी “Geographies of Distance: remembering home” प्रस्तुत की जाएगी। प्रदर्शनी भारत सरकार का संस्कृति मंत्रालय लगा रहा है। इसका क्यूरेशन डॉ. अमीन जाफ़र ने किया है। यह प्रदर्शनी वैश्विक मंच पर एक महत्वपूर्ण समय में भारत की सांस्कृतिक गहराई को दर्शाएगी। भारत मंडप 2019 के बाद पहली बार वेनिस लौट रहा है। प्रदर्शनी नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर और सेरेंडिपिटी आर्ट्स फाउंडेशन के सहयोग से की जा रही है। जो भारत की प्रमुख बहु-विषयक सांस्कृतिक संस्थां हैं। इस प्रदर्शनी में शामिल पांचों भारतीय कलाकार अलवर बालासुब्रमण्यम (बाला), सुमाक्षी सिंह, रंजनी शेट्टर, आसिम वाक़िफ़ और स्कारमा सोनम ताशी, हजारों साल पुरानी भारतीय भौतिक और शिल्प परंपराओं से प्रेरणा लेकर “घर” की भावना से भावनात्मक जुड़ाव को अभिव्यक्त करते हैं। हालांकि इन कलाकारों की पृष्ठभूमि, अनुभव और कार्यशैली अलग-अलग है, लेकिन सभी अपने काम में भारत से जुड़े प्राकृतिक और पारंपरिक जैविक पदार्थों का उपयोग करते हैं। ‘घर’ की बदलती परिभाषा प्रदर्शनी यह दिखाती है कि जिन लोगों का जीवन दूरी, बदलाव और प्रवास से जुड़ा है, उनके लिए “घर” कोई स्थिर जगह नहीं, बल्कि एक ऐसी भावना बन जाता है जिसे वे अपने साथ लेकर चलते हैं — स्मृति, सामग्री, परंपरा, रस्म और व्यक्तिगत अनुभव का मिश्रण। आज भारत तेज़ी से बदल रहा है — शहर फैल रहे हैं, ऊंचाई में भी और चौड़ाई में भी। लोग पहले से कहीं ज्यादा मोबाइल हैं — देश के भीतर भी और दुनिया भर में फैले प्रवासी भारतीयों के रूप में भी। दुनिया की लगभग 20% आबादी भारतीय मूल की है और फिर भी वे अपनी संस्कृति और जड़ों से गहरे जुड़े हुए हैं। ऐसे में सवाल उठता है —क्या घर कोई जगह है या स्मृति और भावना का एहसास? प्रदर्शनी में क्या दिखेगा पूरी प्रदर्शनी में “घर” के तत्व टूटे हुए, लटके हुए, अस्थायी या नाज़ुक रूप में दिखाई देते हैं। कलाकार जुड़ाव, दूरी, बदलाव और अपनापन जैसे भावों को तलाशते हैं। ये कलाकार शामिल होंगे अलवर बालासुब्रमण्यम (बाला): तमिलनाडु के ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं। मिट्टी और ज़मीन से बने कामों के ज़रिये प्रकृति और अपने परिवेश से संवाद करते हैं। सुमाक्षी सिंह: नई दिल्ली की कलाकार। कढ़ाई और धागों से बनी स्थापत्य जैसी रचनाओं में स्मृति को आकार देती हैं। रंजनी शेट्टर: कर्नाटक में कार्यरत। पारंपरिक हस्तशिल्प से प्रेरित मूर्तियाँ बनाती हैं, जो गुरुत्वाकर्षण को चुनौती देती प्रतीत होती हैं। आसिम वाक़िफ़: आर्किटेक्ट पृष्ठभूमि से। रिसायकल और फेंकी गई सामग्रियों से संरचनाएं बनाकर उपभोग और पर्यावरण के मुद्दों पर सवाल उठाते हैं। स्कारमा सोनम ताशी: लद्दाख के कलाकार। कागज की लुगदी (पेपर माशे) और पारंपरिक तकनीकों से पर्यावरण और सांस्कृतिक संरक्षण पर काम करते हैं। वेनिस में भारत की उपस्थिति भारत वेनिस में शोर के साथ नहीं, बल्कि एक आत्मविश्वास के रूप में मौजूद होगा। संगीत, कविता, प्रदर्शन और संवाद शहर की रोज़मर्रा की लय में घुलते नजर आएंगे — कभी पुल पर सुबह, कभी शाम की गूंज में। बिएनाले के दौरान संगीत, कविता, परफॉर्मेंस और बातचीत का एक विशेष कार्यक्रम भी होगा। भारत की वेनिस बिएनाले में वापसी गर्व और सांस्कृतिक आत्मविश्वास का प्रतीक है। यह मंडप एक ऐसे भारत को दिखाएगा जो अपनी सभ्यतागत स्मृति से जुड़ा है और दुनिया से संवाद में है।-गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय संस्कृति व पर्यटन मंत्री ये कलाकार भारत की बदलती सच्चाइयों को व्यक्तिगत और नवाचारी तरीकों से अभिव्यक्त करते हैं।- विवेक अग्रवाल (सचिव, संस्कृति मंत्रालय): भारत की सांस्कृतिक अभिव्यक्ति सबसे प्रभावशाली तब होती है जब वह बहु-विषयक और संवाद के लिए खुली हो।-सुनील कांट मुंजाल (सेरेंडिपिटी आर्ट्स) यह प्रदर्शनी “घर” को एक भावनात्मक और आंतरिक स्थान के रूप में देखती है - नाज़ुक, व्यक्तिगत और सार्वभौमिक।-डॉ. अमीन जाफ़र (क्यूरेटर):

Dainik Bhaskar शहजाद पूनावाला की मां को कार ने मारी टक्कर, CCTV:पुणे में एक्सीडेंट कर भागा, CM फडणवीस बोले- आरोपी को पकड़ने के लिए टीम लगाई

महाराष्ट्र के पुणे में बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला की मां को एक कार सवार ने मंगलवार शाम को टक्कर मार दी। हादसे में यासमीन पूनावाला गंभीर रूप से घायल हो गई। शहजाद ने बताया कि उनकी मां को गंभीर चोटें आई है। डॉक्टर ने सर्जरी करवाने को कहा है। पूनावाला ने बताया कि उनकी मां ड्राइवर और स्टाफ के साथ थीं और कार में पेट्रोल भरवाने के दौरान सड़क किनारे खड़ी थीं। उसी वक्त एक कार ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी। हादसे के तीन सीसीटीवी फुटेज… सीएम फड़नवीस ने शहजाद से फोन पर बात की घटना के बाद शहजाद ने X पर पोस्ट कर पुणे सिटी पुलिस और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। इसके बाद सीएम फडणवीस ने बीजेपी प्रवक्ता से फोन पर बात की और X पर लिखा कि यह घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। आरोपी को पकड़ने के लिए सीनियर पुलिस अधिकारियों की टीम लगाई है। ----------------------------------------------------------- यह खबर भी पढ़ें… पोर्श हिट-एंड-रन: सुप्रीम कोर्ट ने तीन आरोपियों को जमानत दी:मृतक के परिजन नाखुश, पिता बोले- ऐसे में बेटे को न्याय कैसे मिलेगा पुणे पोर्श हिट-एंड-रन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तीन आरोपियों आदित्य सूद, आशीष मित्तल और अमर गायकवाड़ को जमानत दे दी है। इन तीनों पर ब्लड सैंपल बदलने और नाबालिग आरोपी को बचाने का आरोप था। पूरी खबर पढ़ें…

Dainik Bhaskar शहजाद पूनावाला की मां को कार ने मारी टक्कर, CCTV:पुणे में एक्सीडेंट कर भागा, CM फडणवीस बोले- आरोपी को पकड़ने के लिए टीम लगाई

महाराष्ट्र के पुणे में बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला की मां को एक कार सवार ने मंगलवार शाम को टक्कर मार दी। हादसे में यासमीन पूनावाला गंभीर रूप से घायल हो गई। शहजाद ने बताया कि उनकी मां को गंभीर चोटें आई है। डॉक्टर ने सर्जरी करवाने को कहा है। पूनावाला ने बताया कि उनकी मां ड्राइवर और स्टाफ के साथ थीं और कार में पेट्रोल भरवाने के दौरान सड़क किनारे खड़ी थीं। उसी वक्त एक कार ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी। हादसे के तीन सीसीटीवी फुटेज… सीएम फड़नवीस ने शहजाद से फोन पर बात की घटना के बाद शहजाद ने X पर पोस्ट कर पुणे सिटी पुलिस और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। इसके बाद सीएम फडणवीस ने बीजेपी प्रवक्ता से फोन पर बात की और X पर लिखा कि यह घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। आरोपी को पकड़ने के लिए सीनियर पुलिस अधिकारियों की टीम लगाई है। ----------------------------------------------------------- यह खबर भी पढ़ें… पोर्श हिट-एंड-रन: सुप्रीम कोर्ट ने तीन आरोपियों को जमानत दी:मृतक के परिजन नाखुश, पिता बोले- ऐसे में बेटे को न्याय कैसे मिलेगा पुणे पोर्श हिट-एंड-रन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तीन आरोपियों आदित्य सूद, आशीष मित्तल और अमर गायकवाड़ को जमानत दे दी है। इन तीनों पर ब्लड सैंपल बदलने और नाबालिग आरोपी को बचाने का आरोप था। पूरी खबर पढ़ें…

Dainik Bhaskar मणिपुर में आज NDA सरकार का शपथ ग्रहण संभव:नए CM युमनाम इंफाल पहुंचे; सरकार में 2 डिप्टी CM कुकी नेता नेम्चा पहली महिला उपमुख्यमंत्री होंगी

पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू होने के एक साल के भीतर NDA सरकार फिर से बहाल होने जा रही है। न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार, सूत्रों ने बताया है कि विधायक दल का नेता युमनाम खेमचंद सिंह आज राज्यपाल से मुलाकात करके सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं। इसके बाद आज ही वे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। सरकार में दो उप मुख्यमंत्री भी होंगे। इनमें एक महिला कुकी नेता नेम्चा किप्गेन और दूसरे नगा समुदाय से NPF विधायक लोसी दीखो हैं। नेम्चा पहली महिला डिप्टी सीएम होंगी। नई दिल्ली में मंगलवार को मणिपुर भाजपा के विधायक दल की बैठक हुई थी। इसमें भाजपा विधायक युमनाम खेमचंद सिंह को विधायक दल का नेता चुना गया था। आज NDA के घटक दलों के विधायकों की बैठक में तीनों नामों पर मुहर लग सकती है। मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदाय के बीच जातीय हिंसा के कारण 9 फरवरी 2025 को तत्कालीन CM एन. बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था। इसके 4 दिन बाद, 13 फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू किया गया। अब 12 फरवरी 2026 को राष्ट्रपति शासन की समयसीमा खत्म हो रही है। युमनाम खेमचंद बीरेन सिंह के नजदीकी, लेकिन कट्‌टर मैतेई नहीं युमनाम खेमचंद सिंग्जामेई क्षेत्र (इंफाल वेस्ट) से भाजपा विधायक हैं। 2017-2022 तक मणिपुर विधानसभा स्पीकर रहे। 2022 में पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह की दूसरी सरकार में मंत्री रहे। वे मैतेई समुदाय से आते हैं, जो मणिपुर के घाटी क्षेत्र में बहुसंख्यक हैं। बीरेन सिंह के साथ नजदीकी भी हैं। हाल के महीनों में वे शांति प्रयासों में सक्रिय रहे। मई 2023 हिंसा के बाद दिसंबर 2025 में कुकी बहुल इलाकों और रिलीफ कैंप का दौरा करने वाले वे पहले मैतेई नेता हैं। बीरेन सिंह की तुलना में मध्यमार्गी माने जाते हैं। यही बात इन्हें कट्टर मैतेई लाइन से अलग करती है। डिप्टी CM बनने वाली नेम्चा बीरेन सरकार में मंत्री रह चुकीं नई सरकार में कुकी-जो समुदाय को संतुष्ट करने के लिए नेम्चा किप्गेन काे​ उपमुख्यमंत्री बनाया जा रहा है। नेम्चा 2017 और 2022 में कुकी बहुल कांगपोकपी से भाजपा की विधायक हैं। बीरेन सिंह के पहले कार्यकाल (2017-2020) में उन्होंने सामाजिक कल्याण एवं सहकारिता मंत्री का पद संभाला। बीरेन सिंह के दूसरे कार्यकाल में वे वाणिज्य एवं उद्योग, वस्त्र एवं सहकारिता विभाग की कैबिनेट मंत्री हैं। मैतेई-कुकी जाति हिंसा के दौरान इम्फाल में उनका सरकारी आवास जला दिया गया था। वे उन 10 कुकी-जो विधायकों में हैं, जिन्होंने पहाड़ी क्षेत्रों के लिए अलग प्रशासन की मांग की थी। मणिपुर विधानसभा में BJP के अभी 37 विधायक मणिपुर की 60 सदस्यीय विधानसभा में अभी भाजपा के 37 विधायक हैं। सरकार का कार्यकाल 2027 तक है। हालांकि, राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद विधानसभा निलंबित कर दी गई थी। 2022 के चुनाव में 32 भाजपा विधायक जीते थे। JDU ने छह सीटें जीती थीं, जिनमें से पांच विधायक बाद में भाजपा में शामिल हो गए। अन्य विधायकों में से छह NPP से, पांच NPF से, पांच कांग्रेस से, दो कुकी पीपुल्स अलायंस से, एक जनता दल (यूनाइटेड) से और तीन निर्दलीय हैं। एक मौजूदा विधायक के निधन के बाद एक सीट खाली है। कुकी-मैतेई समुदाय के बीच हिंसा की 3 मुख्य कारण 1. ST (अनुसूचित जनजाति) दर्जे की मांग: 14 अप्रैल 2023 को मणिपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को मैतेई समुदाय के लिए ST का दर्जा देने पर सिफारिश भेजने का निर्देश दिया था। इस आदेश के बाद कुकी समुदाय में आक्रोश फैला और हिंसा भड़की। कुकी पहले से ST श्रेणी में है। उन्हें डर है कि अगर मैतेई को भी ST का दर्जा मिला, तो वे पहाड़ी इलाकों में जमीन खरीद सकेंगे और इससे उनका सांस्कृतिक, सामाजिक और भौगोलिक अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। मणिपुर के इंफाल घाटी में लगभग 10% भूमि क्षेत्र है, जहां मैतेई बहुसंख्यक रहते हैं। बाकी 90% पहाड़ी इलाका कुकी और नगा समुदायों का है। यह क्षेत्र आदिवासी जमीन (Tribal Lands) के अंतर्गत आता है और मैतेई यहां जमीन नहीं खरीद सकते। 2. अलग कुकी प्रशासन की मांग: कुकी समुदाय 'कुकीलैंड' या 'जूमलैंड' नाम से अलग प्रशासनिक स्वायत्तता की मांग कर रहे हैं । मैतेई समुदाय और राज्य सरकार इस मांग को राज्य की अखंडता के लिए खतरा मानती है। 3. कुकी पर ड्रग्स तस्करी का आरोप: कुकी समुदाय पर म्यांमार से ड्रग्स की तस्करी का आरोप लगता रहा है। सरकार ने भी कुकी पर अवैध अफीम की खेती की तस्करी में शामिल होने का आरोप लगाया, जिससे सरकार के प्रति उनका अविश्वास और बढ़ गया। कुकी का मानना है कि उनके समुदाय को बदनाम करने के लिए ऐसे आरोप लगाए जाते हैं। कुकी समुदाय का आरोप है कि मणिपुर सरकार (पूर्व भाजपा सरकार) मैतेई का पक्ष लेती है। वे सुरक्षाबलों और पुलिस पर भी एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हैं। ------------------------------- मणिपुर हिंसा से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… मणिपुर में मैतेई शख्स की गोली मारकर हत्या, VIDEO: आदिवासी महिला के साथ अफेयर था; आरोपियों ने पहले बात की, फिर शूट कर दिया मणिपुर- 3 साल पहले गैंगरेप की शिकार युवती की मौत: सदमे में थी; 2023 हिंसा में किडनैपिंग, फिर दरिंदगी हुई, अबतक एक भी गिरफ्तारी नहीं

Dainik Bhaskar राहुल ने केंद्रीय मंत्री को कहा- गद्दार दोस्त:बीजेपी नेता बिट्टू का जवाब- देश के दुश्मनों से कोई लेना-देना नहीं

लोकसभा में बजट सत्र के दौरान बुधवार को राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच बहस देखी गई। यह घटना मकर द्वार के पास हुई। जहां कांग्रेस के कुछ सांसद प्रदर्शन कर रहे थे। राहुल गांधी ने रावनीत सिंह बिट्टू को पास से गुजरते देखकर कहा कि यहां एक गद्दार चल रहा है, देखिए इसका चेहरा। इसके बाद राहुल गांधी ने हाथ मिलाने की पेशकश करते हुए कहा कि हैलो भाई, मेरे गद्दार दोस्त। चिंता मत करो, आप वापस (कांग्रेस में) आ जाओगे। जिसके जवाब में बीजेपी नेता बिट्टू ने भी तुरंत पलटवार किया और कहा कि उनका "देश के दुश्मनों" से कोई लेना-देना नहीं है। केंद्रीय मंत्री रावनीत सिंह बिट्टू ने हाथ नहीं मिलाया। 4 तस्वीरों में देखे पूरा घटनाक्रम…

Dainik Bhaskar राहुल गांधी ने रवनीत बिट्‌टू को गद्दार कहा:बोले- तुम वापस आओगे, मंत्री ने कहा- तुम देश के दुश्मन, हाथ नहीं मिलाया; संसद के बाहर तकरार

मकर द्वार के सामने कांग्रेस के सांसद प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान सामने से रवनीत बिट्‌टू आए तो राहुल गांधी ने कहा कि मेरा ट्रेटर फ्रेंड आ रहा है। इस दौरान राहुल गांधी ने हाथ मिलाने के लिए आगे बढ़ाया लेकिन रवनीत बिट्‌टू ने हाथ नहीं मिलाया। रवनीत बिट्‌टू ने राहुल गांधी को कहा कि आप देश के हित के लिए अच्छा नहीं कर रहे। इस दौरान दोनों तरफ से तीखी तकरार हुई। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि चिंता मत करो मेरे गद्दार दोस्त, तुम वापस आओगे। राहुल गांधी: हैलो ब्रदर, माई ट्रेटर फ्रेंड, डॉन्ट वरी, यू विल कम बैक (हैलो भाई, मेरा गद्दार दोस्त, चिंता मत करो, तुम वापस आओगे)। रवनीत बिट्‌टू: देश के दुश्मन, देश के दुश्मन। इस दौरान वहां लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और गुरदासपुर से MP सुखजिंदर रंधावा भी मौजूद थे। PHOTOS में देखिए, कैसे भिड़े राहुल गांधी और रवनीत बिट्‌टू कौन हैं रवनीत बिट्टू रवनीत बिट्‌टू 1995 में आतंकवाद के दौर में सचिवालय बिल्डिंग ब्लास्ट में जान गंवाने वाले पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं। उन्होंने 2024 लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा जॉइन की थी। भाजपा ने उन्हें लुधियाना से उम्मीदवार बनाया, लेकिन वह कांग्रेस के अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से हार गए। रवनीत बिट्‌टू के राजनीतिक करियर की शुरुआत साल 2008 में युवा कांग्रेस से शुरू किया था। 2008 में वे पंजाब यूथ कांग्रेस के पहले निर्वाचित अध्यक्ष बने। 2009 में पार्टी ने उन्हें श्री आनंदपुर साहिब से टिकट दी और दादा बेअंत सिंह व पिता स्वर्णजीत सिंह के किए कामों के कारण वे आसानी से चुनाव जीत गए। पार्टी ने भी पहली बार चुनाव जीतने के बाद उन्हें होम अफेयर्स कमेटी का सदस्य बना दिया। 2014 में कांग्रेस ने बिट्‌टू की सीट बदलते हुए लुधियाना शिफ्ट किया। इसके बाद 2019 और 2024 में वह इसी सीट से सांसद चुने गए। बम से उड़ाने की मिल चुकी धमकी 2024 में बिट्टू को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। बिट्‌टू को वॉट्सऐप पर अज्ञात विदेशी नंबर से कॉल आई। धमकी देने वाले ने बिट्टू से कहा कि जल्द ही उन्हें बम से उड़ा दिया जाएगा। इसके बाद बिट्टू ने इसकी शिकायत पुलिस को दी थी। किसानों ने बिट्‌टू पर किया था हमला जनवरी 2021 में कृषि कानूनों के खिलाफ किसान सिंघु बॉर्डर पर बैठे हुए थे। उस दौरान रवनीत सिंह बिट्‌टू किसानों के बीच पहुंचे। यहां उनकी किसानों के साथ कहासुनी हो गई। बात धक्कामुक्की से लेकर छीना झपटी तक जा पहुंची। इस दौरान बिट्‌टू की पगड़ी भी उतर गई थी। हम खबर को अपडेट कर रहे हैं…

Dainik Bhaskar पुणे हिट-एंड-रन...बेटा खोने वाला परिवार आरोपियों की जमानत से उदास:मां बोली- न्याय की आस टूट रही; उसकी शादी के रिश्ते आ रहे थे, अबतक दादी बन जाती

अब सिर्फ उसकी ये तस्वीर ही अमानत जैसी है। समय मिलता है, उठा लेती हूं। जब तस्वीर मेरे हाथ में रहती है, तो ऐसा लगता है, जैसे उसे बचपन में गोदी उठाते समय लगता था। ये कहना है 2024 के पुणे हिट एंड रन में अपनी जान गंवाने वाले उमरिया के सॉफ्टवेयर इंजीनियर अनीश अवधिया की मां का। आंसू पोछते हुए सविता कहती हैं, इस इलाके में परंपरा है कि जब कोई व्यक्ति नहीं रहे, तो उसकी एक भी चीज घर में नहीं रखी जाती। सब कुछ अस्थियों के साथ विसर्जित कर दिया जाता है। अनीश के लिए भी ऐसा ही करना पड़ा। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पुणे हिट एंड रन केस में ब्लड सैंपल बदलने के तीन आरोपियों को जमानत दे दी है। इसके बाद से जबलपुर और उमरिया में दोनों मृतकों के परिजन परेशान से हैं। मामला 18 मई 2024 की रात पुणे के कल्याणी नगर में हुए हादसे का है। बिजनेसमैन के नशे में धुत नाबालिग बेटे ने पोर्श कार से बाइक सवार को टक्कर मार दी थी। इसमें 24 साल के दो सॉफ्टवेयर इंजीनियर अनीश अवधिया और उसकी दोस्त अश्विनी कोष्टा की मौके पर ही मौत हो गई थी। आरोप है कि नाबालिग के पिता और कुछ लोगों ने अस्पताल के स्टाफ के साथ मिलकर ब्लड टेस्ट रिपोर्ट बदलवाई, ताकि शराब का सबूत न मिले। इसके लिए अस्पताल स्टाफ को पैसे दिए गए। बाद में ब्लड सैंपल बदलने के आरोप में दो बिजनेसमैन गिरफ्तार हुए। हाई कोर्ट ने उनकी जमानत खारिज कर दी थी। कहा था कि पैसे वाले आरोपियों के बाहर आने से गवाहों से छेड़छाड़ हो सकती है। न्याय में रुकावट आ सकती है। आंखों में आंसू, हाथों में प्लायवुड का टुकड़ा बल्ड सैंपल बदलने के आरोपी आदित्य सूद, आशीष मित्तल और अमर गायकवाड़ को जमानत मिलने के बाद दैनिक भास्कर की टीम उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली पहुंची। पाली में सॉफ्टवेयर इंजीनियर मृतक अनीश अवधिया का दो मंजिला पैतृक घर है। इसी में उनके दादा, माता-पिता और भाई रहते हैं। पिता की प्रिंटिंग प्रेस है, तो दादा वकील हैं। भाई इंजीनियरिंग कर रहा है। आज भी यहां का माहौल गमगीन सा है। मैंने दरवाजे पर दो-तीन बार कॉल-बेल बजाई। कुछ देर में अनीश की मां सविता अवधिया बाहर आईं। आंखों में आंसू थे। हाथों में प्लायवुड का बड़ा सा टुकड़ा लिए छाती से चिपकाए थीं। वे कुछ पूछतीं, इससे पहले ही मैंने कहा- ओमजी से मिलना है। ओमजी और उनके परिवार को पहले से जानता था। डेढ़ साल पहले अनीश के अंतिम संस्कार के समय यहां आया था। तब उनसे काफी देर तक अनीश के बारे में बातें हुई थीं। इतने में ओमजी भी बाहर आ गए। उनके साथ घर के अंदर आ गया। मां बोली- दूसरे लड़कों की तरह वह नहीं था घर में ओमजी के पिता रमाकांत भी मौजूद हैं। सविताजी जो प्लायवुड के टुकड़े को छाती से चिपकाए थीं, वो अनीश की फोटो का फ्रेम है। अनीश की तस्वीर पर तिलक लगा है। वे बार-बार तस्वीर पर चेहरे वाली जगह हाथ, तो कभी बालों पर हाथ फेर रही हैं। वे कहती हैं- बचपन में जब भी उसे गोद में लेती, तब उसके गालों पर हाथ फेरना और बालों को सहलाती थी। अब भी ऐसा ही लगता है। हादसे के पहले अनीश दुबई जाने की तैयारियां कर रहा था। दूसरे लड़कों की तरह तो वो था ही नहीं। सुबह से लेकर रात तक तीन-चार बार फोन करता था। उस रोज भी फोन किया था। लेकिन, फिर उसके न रहने की खबर आई। मेरे लिए तो सबकुछ खत्म सा हो गया है। घर में कहीं भी रहूं, फोन की घंटी बजती है, तो पल भर के लिए लगता है कि अनीश का फोन है, पर ये सब तो अब कल्पना भर है। वो तो हमेशा के लिए चला गया। वो बहुत लकी था, शादी के लिए रिश्ते आ रहे थे सविता कहती हैं कि हम लोग उसे प्यार से लकी कहते थे। उसे लकी कहने की भी वजह है। उसके जन्म के बाद से हमारे परिवार में सबकुछ अच्छा होने लगा, तो हम उसे लकी कहने लगे। पुणे में पढ़ाई के बाद जब उसकी नौकरी लगी थी, तो वो बहुत खुश था। उसने सबसे पहले मुझे बताया। लोग उसके रिश्ते की बात करने लगे थे। हम भी सोच रहे थे कि एक बार दुबई में सैटल हो जाए, तो उसकी शादी कर देंगे। लेकिन, अपना सोचा, पूरा कहां होता है। अगर उसकी शादी हो गई होती, तो अब तक तो दादी बन गई होती। सोचती थी कि जब उसकी शादी हो जाएगी, तो उसके बच्चे अपने पास ही रखूंगी। उसी की तरह खूब खिलाऊंगी, लेकिन, मेरी किस्मत में तो कुछ और ही लिखा था, सबकुछ खत्म सा हो गया है। अब उसके बच्चों की जगह उसकी तस्वीर लिए घूमती रहती हूं। उम्मीद थी कि हमें न्याय मिलेगा। लेकिन, आरोपियों को तो जमानत मिल गई। 20 महीने से न्याय की आस लगाए बैठे बगल में ही बैठे अनीश के पिता ओम अवधिया कहते हैं कि वो लोग तो केस दबाने या झूठा केस बनाने की हर कोशिश में आज तक लगे हैं। बड़ी पहुंच और पैसे वाले लोग हैं। वहां के नेता और विधायक तक उनके साथ हैं। वो तो पुलिस और कोर्ट की वजह से आरोपियों पर केस हुआ। अगर ऐसा नहीं होता, तो आज तक तो साधारण एक्सीडेंट मान कर केस ही खत्म हो जाता। हाईकोर्ट ने जमानत खारिज की, तो वो लोग सुप्रीम कोर्ट चले गए। वहां से सोमवार को जमानत मिल गई। हम लोग तो 20 महीने से बेटे को न्याय दिलाने की आस लगाए हैं। हमारे तो बेटे की मौत हुई है। दिन-रात कैसे गुजरते हैं, हम ही जानते हैं। जब कोर्ट में सुनवाई चल रही थी, तो ऐसा लग रहा था कि सैंपल बदलने वाले आरोपियों को जमानत नहीं मिलेगी। क्योंकि, केस का टर्निंग पाइंट ही यही है। जो आरोपी के पिता के पैसे के रसूख और उसकी ऊंची पहुंच को दिखाता है। जैसे ही, आरोपियों की जमानत की खबर आई, मन उदास सा हो गया। ऐसा लगा कि क्या लकी को न्याय मिल पाएगा। लेकिन, हमें अदालत पर भरोसा है। पोर्शे कार की रफ्तार 200 किमी/घंटा थी नाबालिग आरोपी 18 मई की रात अपने दोस्तों के साथ 12वीं पास करने की खुशी में पब से पार्टी करके वापस घर जा रहा था। रात करीब 2.15 बजे कार ने बाइक सवारों को टक्कर मारी थी। उस वक्त घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया था कि कार की टक्कर से अश्विनी हवा में कई फीट उछलकर जमीन पर आ गिरी थी। उनके कलीग्स अनीश पास खड़ी दूसरी कार में जा टकराए थे। लोगों ने ये भी बताया कि घटना की जानकारी मिलने के 15 मिनट के अंदर पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। हमने कार सवार लड़कों को पकड़ा। वे नशे में थे। एक लड़का भाग गया था। घटना के वक्त उनकी कार की स्पीड 200 किमी प्रति घंटे थी। एयरबैग खुल गए, इसलिए भाग नहीं पाए पुलिस ने बताया था कि पोर्शे कार पर नंबर प्लेट नहीं थी। कार सवार नशे में थे। टक्कर के कारण कार के एयरबैग खुल गए थे। आगे कुछ दिखाई नहीं दे रहा था, इसलिए आरोपी वहां से भाग नहीं पाए और मजबूरन उन्हें कार रोकनी पड़ी। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने लड़कों को पकड़ा। जब लोग एक को पीट रहे थे, इस दौरान दूसरा वहां से भाग गया। कोर्ट ने 300 शब्दों का निबंध लिखने के लिए कहा था हादसे के 42 दिन बाद नाबालिग आरोपी ने रोड एक्सीडेंट पर 300 शब्दों का निबंध लिखकर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड को सबमिट किया था। जुवेनाइल बोर्ड ने आरोपी को 300 शब्दों का निबंध लिखने सहित कुल 7 शर्तों पर जमानत दी थी। हालांकि, पुलिस की मांग और लोगों के आक्रोश के बाद जुवेनाइल बोर्ड ने अपने फैसले में संशोधन किया था। 22 मई 2024 को बोर्ड ने आरोपी को बाल सुधार गृह में भेजने का आदेश दिया था। हालांकि, 25 जून को बॉम्बे हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत दे दी।

Dainik Bhaskar जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में सुरक्षाबलों और आतंकियों में मुठभेड़:सेना के एक साथ दो ऑपरेशन जारी; उधमपुर में ‘किया’ और किश्तवाड़ में त्राशी-1

जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के बसंतगढ़ इलाके में मंगलवार को सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। यह मुठभेड़ ऑपरेशन ‘किया’ के दौरान हुई। सेना की व्हाइट नाइट कोर के तहत CIF डेल्टा, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF की संयुक्त टीम ने आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद बसंतगढ़ इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। मंगलवार दोपहर करीब 4 बजे जंगल क्षेत्र में तलाशी अभियान के दौरान छिपे आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग कर दी। जवानों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हुई गई। रामनगर तहसील के जोहपर-मर्ता गांव में संदिग्धों की आवाजाही को लेकर सुरक्षा एजेंसियों को विशेष खुफिया जानकारी मिली थी। इसके बाद इलाके में कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन चलाया गया। आतंकियों के भागने की आशंका को देखते हुए पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है। सभी एग्जिट पॉइंट सील कर दिए गए हैं और अतिरिक्त सुरक्षाबलों को मौके पर भेजा गया है। ऑपरेशन अभी जारी है। ऑपरेशन ‘किया’ शुरू किया गया व्हाइट नाइट कोर ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि इंटेलिजेंस आधारित संयुक्त ऑपरेशन के तहत CIF डेल्टा के जवानों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF के साथ मिलकर उधमपुर के बसंतगढ़ इलाके में ऑपरेशन ‘किया’ शुरू किया है। इलाके में घेराबंदी कर दी गई है और मुठभेड़ जारी है। ऑपरेशन त्राशी-1 अभी भी जारी उधमपुर के साथ-साथ किश्तवाड़ जिले में ऑपरेशन त्राशी-1 भी चल रहा है। यह ऑपरेशन 18 जनवरी को चतरू बेल्ट के मंडराल-सिंहपोरा के पास सोनार गांव के जंगलों में शुरू किया गया था। ऑपरेशन त्राशी-1 के दौरान पिछले 15 दिनों में आतंकियों के साथ चार बार मुठभेड़ हो चुकी है। 18 जनवरी को हुए पहले एनकाउंटर में 8 जवान घायल हुए थे, जिनमें से हवलदार गजेंद्र सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद 22 और 24 जनवरी को अलग-अलग मुठभेड़ हुईं, जबकि 31 जनवरी को डोलगाम इलाके में फिर से गोलीबारी हुई। 23 जनवरी: जैश-ए-मोहम्मद का कमांडर मारा गया जम्मू-कश्मीर के कठुआ में 23 जनवरी को सुरक्षाबलों ने पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर उस्मान को मार गिराया था। आतंकियों की तलाश में पिछले एक हफ्ते से ऑपरेशन चल रहा था। उस्मान पिछले 2 साल से अन्य आतंकवादियों के साथ डोडा-उधमपुर-कौथा इलाके में एक्टिव था। एनकाउंटर की साइट से अमेरिका में बनी M4 राइफल, हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ। 18 जनवरी: ग्रेनेड हमले में जवान शहीद 18 जनवरी को किश्तवाड़ के जंगलों में सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों और आतंकियों की मुठभेड़ हुई थी। आतंकियों के ग्रेनेड हमले में 8 जवान घायल हुए थे। 19 जनवरी को एक जवान हवलदार गजेंद्र सिंह इलाज के दौरान शहीद हुए थे। किश्तवाड़ के तरू बेल्ट में मंडराल-सिंहपोरा के पास सोनार गांव के जंगलों में ऑपरेशन त्राशी-1 जारी है। यहां भी जैश के 2-3 आतंकियों के छिपे होने की आशंका है। 18 जनवरी को किश्तवाड़ के जंगलों में सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों और आतंकियों की मुठभेड़ हुई थी। आतंकियों के ग्रेनेड हमले में 8 जवान घायल हुए थे। 19 जनवरी को एक जवान हवलदार गजेंद्र सिंह इलाज के दौरान शहीद हुए थे। किश्तवाड़ के तरू बेल्ट में मंडराल-सिंहपोरा के पास सोनार गांव के जंगलों में ऑपरेशन त्राशी-1 जारी है। यहां भी जैश के 2-3 आतंकियों के छिपे होने की आशंका है। 16 दिसंबर: एक जवान शहीद, 2 घायल 16 दिसंबर 2025 को जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में मजालता क्षेत्र के सोहन गांव के पास लगातार दूसरे दिन को आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच एनकाउंटर हुआ था। आतंकियों की गोलीबारी में स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) के दो जवान घायल हुए थे। एक दिन पहले हुई मुठभेड़ में जम्मू-कश्मीर पुलिस का जवान शहीद हुआ था। पूरी खबर पढ़ें… ---------- ये खबर भी पढ़ें… जम्मू में सेना की गाड़ी 400-फीट गहरी खाई में गिरी: 10 जवानों की जान गई, 11 घायल; सड़क पर बर्फ के चलते फिसली गाड़ी जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में 23 जनवरी कोसेना की गाड़ी 400 फीट गहरी खाई में गिरी थी। घटना में 10 जवानों की मौत हुई, जबकि 11 को एयरलिफ्ट कर उधमपुर मिलिट्री हॉस्पिटल भेजा गया था। हादसा भद्रवाह-चंबा इंटरस्टेट रोड पर खन्नी टॉप के पास हुआ था। डोडा के डिप्टी कमिश्नर हरविंदर सिंह ने बताया कि सड़क पर बर्फ होने की वजह से ड्राइवर ने गाड़ी से कंट्रोल खो दिया था। पूरी खबर पढ़ें…

Dainik Bhaskar गाजियाबाद- 3 नाबालिग बहनें हाथ पकड़कर 9वीं मंजिल से कूदीं:दावा- ऑनलाइन लव गेम की लत थी, पिता ने डांटा तो जान दे दी

गाजियाबाद में तीन सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। मंगलवार रात 2 बजे तीनों बहनें हाथ पकड़कर बालकनी से कूद गईं। गिरने की आवाज सुनकर कॉलोनी के लोग पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। तीनों बहनों की उम्र 12 से 16 साल के बीच है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा है कि तीनों बहनों को टास्क-बेस्ड कोरियन लव गेम की लत थी। वे कोरोना दौर से ये गेम खेल रही थीं। पिता ने उन्हें गेम खेलने से मना किया और फटकार लगाई। इसके चलते तीनों बहनों ने यह कदम उठाया। हालांकि, परिवार वाले अभी कुछ नहीं कर रहे हैं। घटना भारत सिटी बी-1 टावर के फ्लैट नंबर 907 की है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड आर्डर आलोक प्रियदर्शी ने बताया- पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है। अभी तक की जांच में आया है कि तीनों ने सुसाइड किया है। तीनों एक साथ ही रहती थीं। मोबाइल से गेम खेलती थीं। किन परिस्थतियों में सुसाइड किया, इसकी जांच की जा रही हैं। SP अतुल कुमार सिंह ने बताया- लड़कियों के नाम निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) हैं। तीनों के पिता चेतन ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग का काम करते हैं। पुलिस को रात 2:18 बजे सूचना मिली, जिसके बाद टीला मोड़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। तीनों बच्चियां जमीन पर पड़ी मिलीं और गंभीर रूप से घायल थीं। उन्हें एंबुलेंस से लोनी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। कोरियन लव गेम के बारे में जानिए कोरियन लव गेम एक प्रकार का ऑनलाइन गेम है। यह इंटरनेट पर चलने वाले ऐसे ऑनलाइन चैट सिस्टम का नाम है, जिसमें सामने वाला खुद को कोरियन या विदेशी लड़का-लड़की बताकर बात शुरू करता है। यह गेम ज्यादार सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए फैलती है। शुरुआत में सामने वाला दोस्ती और प्यार की बातें करता है। आसान-आसान टास्क दिए जाते हैं, ताकि भरोसा बन जाए। धीरे-धीरे टास्क बढ़ते जाते हैं। मानसिक दबाव बनने लगता है। कई मामलों में बात न मानने पर डराया जाता है। इससे खेलने वाला व्यक्ति तनाव में आ जाता है। उसका व्यवहार बदलने लगता है। ---------------- ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें- भोपाल में मोबाइल गेमिंग की लत के शिकार स्टूडेंट ने लगाई फांसी भोपाल में मोबाइल गेमिंग की लत के चलते 14 साल के स्टूडेंट ने खुदकुशी कर ली। परिजन को आशंका है कि ऑनलाइन गेम में दिए गए टास्क को पूरा करने के लिए बच्चे ने आत्मघाती कदम उठाया। मामला पिपलानी थाने की श्रीराम कॉलोनी का है। यहां रहने वाले 14 वर्षीय अंश साहू ने सोमवार दोपहर अपने घर में फांसी लगा ली। 8वीं क्लास में पढ़ने वाला अंश अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। माता-पिता प्राइवेट स्कूल में टीचर हैं। पढ़ें पूरी खबर

Dainik Bhaskar दिल्ली में तीन मर्डर:कनॉट प्लेस में हेलमेट से पीट-पीटकर बिजनेसमैन की हत्या; रेलवे कर्मी का गला काटा; 3 नाबालिगों ने शख्स को चाकू मारा

देश की राजधानी दिल्ली में मंगलवार को हत्या के तीन मामले सामने आए। पहली घटना कनॉट प्लेस की है, जहां रात में एक पार्टी में गए 36 साल के बिजनेसमैन की तीन फूड डिलीवरी राइडर्स ने हेलमेट से पीट-पीटकर हत्या कर दी। दिल्ली के गुलाबी बाग में एक 17 साल के लड़के ने एक रेलवे कर्मचारी पर गैस सिलेंडर से हमला किया और फिर उसका गला काट दिया। नाबालिग लड़के के मुताबिक, रेलवे कर्मी ने उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की थी। वहीं, तीसरी घटना दिल्ली के पांडव नगर इलाके की है। यहां तीन नाबालिगों ने एक 22 साल के युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी। मृतक युवक पर आरोप है कि उसने एक नाबालिग पर हमला किया था।

Dainik Bhaskar दिल्ली में तीन मर्डर:कनॉट प्लेस में हेलमेट से पीट-पीटकर बिजनेसमैन की हत्या; रेलवे कर्मी का गला काटा; 3 नाबालिगों ने शख्स को चाकू मारा

देश की राजधानी दिल्ली में मंगलवार को हत्या के तीन मामले सामने आए। पहली घटना कनॉट प्लेस की है, जहां रात में एक पार्टी में गए 36 साल के बिजनेसमैन की तीन फूड डिलीवरी राइडर्स ने हेलमेट से पीट-पीटकर हत्या कर दी। दिल्ली के गुलाबी बाग में एक 17 साल के लड़के ने एक रेलवे कर्मचारी पर गैस सिलेंडर से हमला किया और फिर उसका गला काट दिया। नाबालिग लड़के के मुताबिक, रेलवे कर्मी ने उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की थी। वहीं, तीसरी घटना दिल्ली के पांडव नगर इलाके की है। यहां तीन नाबालिगों ने एक 22 साल के युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी। मृतक युवक पर आरोप है कि उसने एक नाबालिग पर हमला किया था। अब तीनों घटना सिलसिलेवार पढ़िए… 1. पानी मांगने पर डिलीवरी राइडर्स ने हेलमेट से पीटा दिल्ली पुलिस के मुताबिक, लक्ष्मी नगर इलाके के रहने वाले बिजनेसमैन शिवम गुप्ता 2 जनवरी की रात एक दोस्त के साथ पार्टी में शामिल होने कनॉट प्लेस गए थे। पार्टी से निकलने के बाद राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के पास उसने एक फूड डिलीवरी एजेंट से पानी मांगा। इसी बात पर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि डिलीवरी एजेंट ने गुस्से में शिवम के सिर पर हेलमेट से वार किया। उसके दो अन्य साथी भी मौके पर पहुंचे और शिवम को लात-घूंसे मारे। मारपीट में वह सड़क पर गिरकर बेहोश हो गया। 3 जनवरी की सुबह करीब 1:30 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि एक व्यक्ति सड़क पर खून से लथपथ बेहोश पड़ा है। पुलिस ने उसे पास के लोक नायक जय प्रकाश हॉस्पिटल पहुंचाया। शिवम को 4 जनवरी को राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल रेफर किया गया। 5 जनवरी को उसकी सर्जरी हुई। हालांकि, 19 जनवरी को शिवम की मौत हो गई। शिवम अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। परिवार ने दोस्त की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं, जो मौके पर मौजूद था लेकिन परिजनों को तुरंत सूचना नहीं दी। पुलिस ने घटनास्थल से खून से सना सामान जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए हैं। शुरुआती तौर पर मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 110 (गैर-इरादतन हत्या) और धारा 3(5) (सामान्य उद्देश्य) में दर्ज किया गया है। अब पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया और मामले की जानकारी दी है। 2. यौन उत्पीड़न की कोशिश करने पर रेलवे कर्मचारी की हत्या दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को बताया कि 25 जनवरी से रेलवे कर्मी, संदीप कुमार मालवीय (39) लापता थे। संदीप अपनी मोटरसाइकिल से घर से निकले, लेकिन वापस नहीं लौटे। 27 जनवरी को एक दोस्त ने उनके परिवार को बताया कि उनकी मोटरसाइकिल आरके आश्रम मेट्रो स्टेशन के पास खड़ी है, जिसके बाद पहाड़गंज पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। 2 फरवरी को परिवार को पता चला कि संदीप ने सब्जी मंडी स्थित रेलवे कॉलोनी में एक कमरा किराए पर लिया था, जहां वह कभी-कभी दोस्तों के साथ जाते थे। कमरे का ताला टूटा हुआ था और अंदर शव मिला। पुलिस ने बताया कि शव अर्धनग्न अवस्था में था और उस पर सामान बिखरा हुआ था। गर्दन और छाती पर चोट के निशान थे और चेहरा सड़ चुका था। पुलिस ने बताया कि इलाके के सीसीटीवी फुटेज में संदीप एक लड़के के साथ ऑटो-रिक्शा में जाता हुआ दिखाई दिया। जांच में पता चला कि उनके यूपीआई खाते से एक रुपए का लेनदेन किया गया था। जिस अकाउंट में पैसे भेजे गए, वह एक नाबालिग का था। इसके बाद सीसीटीवी में दिखे नाबालिग को पुलिस ने गाजियाबाद से 3 फरवरी की सुबह मंदिर मार्ग इलाके से गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान लड़के ने बताया कि 25 और 26 जनवरी की दरमियानी रात को वह पहाड़गंज के एक बार के पास रेलवे टेक्नीशियन से मिला था। नाबालिग ने पुलिस को यह भी बताया कि उसने संदीप से पैसे मांगे, जिसके बाद संदीप उसे किराए के कमरे में ले गया। उसने नाबालिग से यौन संबंध बनाने की मांग की। इसके कारण नाबालिग ने संदीप के सिर पर सिलेंडर से वार किया। फिर कांच के टुकड़े से संदीप का गला काट दिया। 3. तीन नाबालिगों ने युवक पर चाकू से हमला किया इधर, दिल्ली के पांडव नगर इलाके में मंगलवार को तीन नाबालिगों ने एक 22 साल के युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी। आरोप है कि मृतक युवक ने दिन में एक नाबालिग पर हमला किया था। अधिकारियों ने बताया कि घटना की सूचना सोमवार रात करीब 8.15 बजे पीसीआर कॉल से मिली। पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले घायल को लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल ले जाया जा चुका था, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। मृतक की पहचान अरुण राज के रूप में हुई है और प्रारंभिक जांच में उसके शरीर पर कई जगह चाकू के घाव मिले हैं। पुलिस की एक टीम ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिससे संदिग्धों की पहचान हुई। इसके बाद दिल्ली के अलग-अलग से तीन नाबालिगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि यह घटना पुरानी दुश्मनी के कारण हुई। -------------------------------- दिल्ली की ये खबरें भी पढ़ें… दिल्ली पुलिस की लेडी कमांडो की डंबल मारकर हत्या: 5 माह की प्रेग्नेंट, सोनीपत में साले को फोन कर कहा- मेरे से यह मर गई रेखा गुप्ता अटैक केस, कोर्ट बोला- सीएम आसान शिकार लगीं: पहली नजर में ये हत्या के प्रयास का मामला; दोनों आरोपियों पर आरोप तय

Dainik Bhaskar नितिन नवीन नहीं जाएंगे राज्यसभा, क्या नीतीश हैं कारण:नवीन को विधायक बनाए रखने के पीछे मोदी-शाह की क्या है रणनीति, तेजस्वी के लिए ओवैसी जरूरी

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद सबकी नजरें नितिन नवीन पर टिकी हैं। क्या वो अब राज्यसभा की राह पकड़ेंगे या विधायक बने रहकर बिहार की जमीनी राजनीति को मजबूत करेंगे? सूत्रों की मानें तो नितिन नवीन राज्यसभा नहीं जाएंगे, बल्कि विधायक ही बने रहेंगे। यह कोई साधारण निर्णय नहीं है, मोदी-शाह की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। क्यों CM नीतीश कुमार इस फैसले के केंद्र में हैं। क्यों तेजस्वी यादव के लिए असदुद्दीन ओवैसी जरूरी हो गए हैं। और सबसे बड़ा सवाल-45 साल के इस युवा चेहरे को पटना में रोके रखकर भाजपा क्या बड़ा दांव खेल रही है। जानेंगे, आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाहीं में...। सवाल-1ः नितिन नवीन राज्यसभा नहीं जाएंगे। इसकी चर्चा कैसे शुरू हुई? जवाबः नितिन नवीन राज्यसभा नहीं जाएंगे, इस चर्चा को बल उनको दिल्ली में मिले बंगले से मिल रही है। दरअसल, दिल्ली के VVIP इलाके में 1 मोतीलाल नेहरू मार्ग पर टाइप-8 सरकारी आवास दिया गया है। केंद्र सरकार के आवास का अलॉटमेंट डायरेक्टरेट ऑफ एस्टेट के नियमों के तहत होता है। शिबू सोरेन के आवास में शिफ्ट होंगे नवीन सवाल-2ः क्या नितिन नवीन भाजपा के पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, जो विधायक ही बने रहेंगे? जवाबः बिल्कुल नहीं। नितिन गडकरी और अमित शाह ऐसा कर चुके हैं। सवाल-3ः नितिन नवीन बिहार में ही विधायक क्यों बने रहेंगे? राज्यसभा क्यों नहीं जाएंगे? जवाबः इसके पीछे 2 बड़े कारण हो सकते हैं… 1. नीतीश खेल ना करें, इस पर मोदी-शाह की पैनी नजर बिहार भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण स्टेट है। 2025 विधानसभा चुनाव में शानदार जीत मिली है। बिहार NDA में चाहे BJP संख्या बल के हिसाब से JDU से आगे है, लेकिन बीच-बीच में कांग्रेस के 6 विधायकों के JDU में शामिल होने की खबरें आ रही है। 2. जातीय समीकरण साधेगी भाजपा सवाल-4ः बिहार में राज्यसभा की कितनी सीटों पर चुनाव होंगे और कौन सी पार्टी कितनी जीत सकती है? जवाबः बिहार में राज्यसभा की 5 सीटें खाली हो रही हैं। जिसमें JDU कोटे की 2, RJD कोटे की 2 और RLM की एक सीट शामिल है। JDU से राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश और केन्द्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर सांसद हैं, तो RJD से प्रेम गुप्ता और ऐडी सिंह। वहीं, RLM से उपेन्द्र कुशवाहा। फरवरी के आखिर तक राज्यसभा की 5 सीटों पर चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी। अप्रैल में चुनाव होगा। BJP-JDU का 2-2 सीट कंफर्म, 5वीं पर इम्तिहान सवाल-5ः क्या महागठबंधन राज्यसभा की सीट जीत सकता है? जवाबः एक सीट जीत सकता है, लेकिन उसके लिए पूरे महागठबंधन को एकजुट होना होगा। साथ में असदुद्दीन ओवैसी की मदद लेनी होगी। इसे ऐसे समझिए… RJD नहीं जीती तो 2030 में राज्यसभा में 0 हो जाएगी

Dainik Bhaskar PM मोदी जैसी कार में सवार होंगे नीतीश कुमार:AK-47 की गोलियां चले या दागे जाएं रॉकेट, सेफ रहेंगे CM; जानें क्यों खास है नई गाड़ी

AK-47 की गोलियां हों या रॉकेट लॉन्चर, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नई कार का कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा। CM नई बुलेटप्रूफ रेंज रोवर गाड़ी से चलेंगे। ऐसी गाड़ी में पीएम नरेंद्र मोदी चलते हैं। CM के काफिले के लिए बिहार सरकार जल्द 4 नई गाड़ियां खरीदने वाली है। इसकी शुरुआती कीमत 2.5 करोड़ रुपए है। रेंज रोवर गाड़ी का मॉडल क्या है? इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। मॉडल और बुलेट प्रूफिंग के लेवल के अनुसार लागत बढ़ सकती है। पीएम जिस रेंज रोवर की सवारी करते हैं वह 10 करोड़ से अधिक की है। स्पेशल रिपोर्ट में पढ़िए, नई बुलेटप्रूफ गाड़ी में क्या फीचर्स हो सकते हैं? CM अभी जिस गाड़ी पर चढ़ते हैं, उसकी खासियत…। बुलेटप्रूफ कार इस्तेमाल करते हैं सीएम पुलिस मुख्यालय के मुताबिक बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुलेटप्रूफ कार इस्तेमाल करते हैं। छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और कई और राज्यों के CM भी बुलेटप्रूफ गाड़ियों से चलते हैं। बिहार दौरे पर अगर किसी राज्य के CM आते हैं, तो उनके लिए बुलेटप्रूफ गाड़ी की व्यवस्था होती है। बताया जा रहा है कि नीतीश के लिए नई गाड़ी ऐसी खरीदी जाएगी, जिसे AK-47 की गोलियां भेद न सके। बम धमाके और रॉकेट लॉन्चर से हुए हमले को भी बेअसर कर दे। गैस अटैक से भी बचा दे। ऐसा फैसला सीएम की सिक्योरिटी को देखते हुए लिया गया है। पीएम मोदी भी करते हैं रेंज रोवर की सवारी नरेंद्र मोदी मर्सिडीज-मेबैक S650 गार्ड, रेंज रोवर सेंटिनल, टोयोटा लैंड क्रूजर और बीएमडब्ल्यू 7 सीरीज की कार में सवार होते हैं। मोदी के रेंज रोवर सेंटिनल की कीमत 10 करोड़ रुपए से अधिक है। ऐसी जानकारी मिल रही है कि नीतीश की कार भी पीएम जैसी हो सकती है। आर्मर्ड वर्जन है रेंज रोवर सेंटिनल रेंज रोवर सेंटिनल आर्मर्ड वर्जन है। भारी कवच लगाने से कार का वजन बढ़ जाता है। इसके चलते इसमें 5 लीटर का सुपरचार्ड V8 इंजन लगा है। यह 375 बीएचपी पावर जेनरेट कर सकता है। रेंज रोवर सेंटिनल 218 km/h की रफ्तार से दौड़ सकती है। 10 सेकंड में 0-100 km/h की स्पीड पकड़ लेती है। कार लेटेस्ट टेक्नोलॉजी से लैस है। हर तरह के रास्ते पर चल सकती है। आर्मर पियर्सिंग गोली भी नहीं भेद सकती रेंज रोवर सेंटिनल को यूके में बनाया जाता है। इसे कंपनी के स्पेशल व्हीकल ऑपरेशंस (SVO) डिवीजन के लोग हाथ से बनाते हैं। इसकी खिड़की को खास तरीके से डिजाइन किया गया है। यह 150mm तक खुल सकती है, जिससे अंदर बैठे व्यक्ति को हमलावरों के सामने आए बिना डॉक्यूमेंट्स दिया जा सकता है। कार में खास आर्मर्ड ग्लास लगा है। इस कार को बुलेटप्रूफ बनाने के लिए हाई-स्ट्रेंथ स्टील आर्मर्ड पैसेंजर सेल का इस्तेमाल होता है। यह 7.62mm हाई-वेलोसिटी गोलियों और 15kg TNT धमाकों को झेल सकती है। कार के शीशे को कई लेयर में लैमिनेट किया जाता है। इससे गोली लगते ही कांच नहीं टूटती। इसे आर्मर पियर्सिंग गोली से भी नहीं भेद सकते। गाड़ी में खास रन-फ्लैट टायर लगाए जाते हैं, जो क्षतिग्रस्त होने पर भी 100km से अधिक दूरी तक कार को ले जा सकें। कवच लगाने से बढ़े हुए वजन को संभालने के लिए कार के सस्पेंशन, ब्रेक और इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी सिस्टम को अपग्रेड किया जाता है। गाड़ी में सेल्फ-सीलिंग फ्यूल टैंक लगाई जाती है। इसमें गोली लगने पर भी इंधन बाहर नहीं निकलता। अभी 50 लाख की गाड़ी में चलते हैं CM अभी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राजधानी यानी पटना में हुंडई की आयोनिक 5 गाड़ी से चलते हैं। यह बुलेटप्रूफ नहीं है। इसकी कीमत करीब 50 लाख रुपए है। वहीं, पटना से बाहर जाने के दौरान वह टाटा सफारी का इस्तेमाल करते हैं। यह बुलेटप्रूफ है।

Dainik Bhaskar 'छोटी मजारें हम तोड़ रहे, बड़ी प्रशासन तोड़ेगा':देवभूमि काली सेना प्रमुख बोले- उत्तराखंड में 99% मजारें अवैध; हम मुकदमों से नहीं डरते

उत्तराखंड के हिंदूवादी संगठन देवभूमि काली सेना के प्रदेश प्रमुख भूपेश जोशी ने दैनिक भास्कर एप से की गई बातचीत में कहा- “छोटी अवैध मजारों पर हमारा संगठन खुद कार्रवाई कर रहा है, जबकि बड़ी मजारों को प्रशासन बुलडोजर से हटाएगा। हम सरकारी जमीन पर बनी किसी भी मजार को बख्शने वाले नहीं हैं और इस कार्रवाई में दर्ज होने वाले मुकदमों से हमें कोई डर नहीं।” उन्होंने कहा कि मुकदमे योद्धाओं के गहने होते हैं। उनका दावा है कि प्रदेश की 99 प्रतिशत मजारें अवैध हैं और उनकी संगठन बिना डर कार्रवाई करता रहेगा। उन्होंने मसूरी, देहरादून और कोटद्वार की हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए प्रशासन की भूमिका, अवैध अतिक्रमण और अपने ऊपर दर्ज मुकदमों को लेकर बात की। अब सवाल जवाब में पढ़िए पूरी बातचीत… सवाल: उत्तराखंड में मजारों को तोड़ने और दुकानों के नाम बदलने के वीडियो लगातार सामने आ रहे हैं। क्या इससे प्रदेश का माहौल तनावपूर्ण नहीं हो रहा? जवाब: अचानक कुछ नहीं हुआ है। यह सब सालों से चल रहा था, फर्क सिर्फ इतना है कि अब लोग चुप नहीं बैठ रहे। हम किसी समुदाय के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन देवभूमि में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे वह मजार हो या कुछ और। निजी जमीन पर कोई कुछ बनाता है, वह उसका मामला है। सवाल: मसूरी और देहरादून में मजार तोड़ने की घटनाओं को लेकर कहा जा रहा है कि यह कार्रवाई चोरी-छुपे की गई? जवाब: यह आरोप गलत है। मसूरी और देहरादून में जिन मजारों की बात हो रही है, वे निजी या सरकारी जमीन पर कब्जे के इरादे से बनाई गई थीं। कार्रवाई दिनदहाड़े हुई, रात के अंधेरे में नहीं। अगर मजार बनानी है तो अपने बाप-दादा की जमीन पर बनाइए, सरकारी जमीन पर नहीं। सवाल: आपका संगठन देवभूमि काली सेना महज 6 महीने पुराना है, फिर भी इतनी आक्रामक कार्रवाई क्यों? जवाब: संगठन नया है, लेकिन मैं पिछले 6-7 साल से हिंदू संगठनों से जुड़ा हूं। अवैध मजारों के खिलाफ पहले भी अभियानों में रहा हूं। अब तो गिनती भी छोड़ दी है। हम वही मजारें तोड़ते हैं जो अवैध और सरकारी जमीन पर बनी होती हैं। सवाल: वन विभाग की जमीन पर बनी मजारों के लिए आप किसे जिम्मेदार मानते हैं? जवाब: इसके लिए वन विभाग खुद जिम्मेदार है। अगर कोई गढ़वाल या कुमाऊं का लड़का विभाग की जमीन पर दुकान लगा दे, तो 10 मिनट में हटा दिया जाता है, फिर ये मजारें कैसे बन जाती हैं? इसका जवाब प्रशासन को देना चाहिए। सवाल: मसूरी में बाबा बुल्ले शाह की मजार को लेकर भी विवाद हुआ। आपका तर्क क्या है? जवाब: इतिहास साफ है- बाबा बुल्ले शाह की मौत पाकिस्तान में हुई थी, तो मजार भी वहीं होनी चाहिए थी। मसूरी में एक नहीं, 10-10 मजारें बना दी गईं। इसे ही हम लैंड जिहाद कहते हैं। सवाल: आपका दावा है कि ज्यादातर मजारें अवैध हैं। यह किस आधार पर कह रहे हैं? जवाब: अपने अनुभव के आधार पर कह रहा हूं कि 99 प्रतिशत मजारें अवैध होती हैं। हमारे पास इतना वक्त नहीं कि हर बार प्रशासन को सूचना दें। छोटी मजारों पर हम खुद कार्रवाई करते हैं, बड़ी मजारों पर सरकार बुलडोजर चलाती है। सवाल: कोटद्वार में दुकानों के नाम बदलने को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि पुलिस फोर्स तैनात करनी पड़ी। आप इसे कैसे देखते हैं? जवाब: हमारा विरोध साफ है, काम करो, लेकिन अपने असली नाम से करो। बाहर लिखा होता है ‘दीपक हेयर ड्रेसर’ और अंदर काम करता है अब्दुल, यह नाम जिहाद है। भारत लोकतांत्रिक देश है, लेकिन धोखे का विरोध होगा। सवाल: आप कह चुके हैं कि अब तक 110 दुकानों के नाम बदलवाए गए हैं। इस दौरान हमले भी हुए? जवाब: हां, दो बार हमले हुए, लेकिन हम रुके नहीं। जब ‘केरल फाइल्स’ रिलीज हुई थी, तो मैंने अपने खर्चे पर 10 हजार महिलाओं को फिल्म दिखवाई थी। जो मुझे सही लगा, वो किया। सवाल: कोटद्वार की घटना में बजरंग दल की भूमिका पर आपका क्या रुख है? जवाब: बजरंग दल ने जो किया, हम उसका समर्थन करते हैं। विशेष समुदाय के लोग लैंड जिहाद, लव जिहाद, नाम जिहाद कर रहे हैं। इसका विरोध होगा और आगे भी होता रहेगा। सवाल: आप और आपके कार्यकर्ताओं पर लगातार मुकदमे दर्ज हो रहे हैं। डर नहीं लगता? जवाब: बिल्कुल नहीं। मुकदमा हमारा गहना है, योद्धाओं का गहना। जो काम करेगा उसी पर केस होगा। घर बैठे आदमी पर कोई मुकदमा नहीं होता। मुझ पर भी कई केस हैं, गिनती अब याद नहीं। सवाल: आगे की रणनीति क्या है? जवाब: रणनीति एक ही है देवभूमि में अवैध अतिक्रमण नहीं चलेगा। चाहे कितने ही मुकदमे क्यों न हों, हम पीछे नहीं हटेंगे। 2 बड़े मामले, जिनसे उत्तराखंड का माहौल गरमाया… 1. कोटद्वार ‘बाबा शॉप’ नाम विवाद 26 जनवरी को कोटद्वार के पटेल मार्ग स्थित ‘बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर’ के नाम को लेकर विवाद शुरू हुआ। जिसमें बीते 30 वर्षों से दुकान चला मुस्लिम दुकानदार वकील अहमद पर बजरंग दल से जुड़े युवकों ने नाम हटाने का दबाव बनाया। मामले में दीपक नाम का युवक दुकानदार के समर्थन में आया। जिसके बाद काफी बवाल हुआ। इस मामले में अब तक तीन FIR दर्ज हो चुकी हैं। मामला राजनीतिक बयानबाजी तक पहुंचा, जहां राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी। 2. मसूरी बुल्ले शाह मजार तोड़फोड़ मामला मसूरी के बाला हिसार क्षेत्र में 24 जनवरी 2026 को सूफी कवि बाबा बुल्लेशाह के नाम से बनी एक मजार को खुद को हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ता बताते हुए कुछ लोगों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। सामने आए वीडियो में कुछ लोग हथौड़े से मजार तोड़ते और जय श्री राम के नारे लगाते दिखाई दिए। यह मजार वाइनबर्ग एलन स्कूल की भूमि पर स्थित बताई गई है। सईद बाबा बुल्ले शाह समिति की शिकायत पर मसूरी कोतवाली में तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। ----------------------- यह खबर भी पढ़ें : अंकिता भंडारी हत्याकांड- सीबीआई की अज्ञात VIP पर FIR: अफसरों का देहरादून-हरिद्वार में डेरा; फोरेंसिक सबूत-डिजिटल फुट प्रिंट से जुटाएगी सबूत अंकिता भंडारी हत्याकांड में अब जांच की कमान पूरी तरह CBI के हाथों में आ गई है। CBI की दिल्ली स्थित स्पेशल क्राइम ब्रांच ने इस मामले में ‘अज्ञात VIP’ के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। वीआईपी एंगल की गहन जांच के लिए सीबीआई की टीम के दो सदस्य उत्तराखंड पहुंच चुके हैं, जो हरिद्वार में इस केस की जांच कर रही एसआईटी टीम से मुलाकात करेंगी और अब तक के सभी दस्तावेजों और सबूत को अपनी कस्टडी में लेगी। (पढ़ें पूरी खबर)

Dainik Bhaskar MP के 8, UP के 10 जिलों में बारिश:यूपी में कोहरे के कारण 15 गाड़ियां टकराईं; हिमाचल-उत्तराखंड में बर्फबारी, अटल टनल में एवलांच गिरा

उत्तर भारत में के कई राज्यों में बारिश और बर्फबारी जारी है। उत्तर प्रदेश के 10 जिलों में मंगलवार को तेज बारिश हुई। लखनऊ और कानपुर में दिन में अंधेरा छा गया। उन्नाव समेत 4 जिलों में आधे घंटे तक ओले गिरे। वहीं 20 जिलों में कोहरा छाया रहा, जिससे उन्नाव समेत 6 जिलों में 15 गाड़ियां टकराईं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने से मध्य प्रदेश के 8 जिलों में मंगलवार को बारिश हुई। वहीं ग्वालियर-मंदसौर में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचा। शिवपुरी और छतरपुर में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। हिमाचल के लाहौल-स्पीति में दो जगह पर मंगलवार को एवलांच गिरे, जिससे अटल टनल साउथ पोर्टल पर एक गाड़ी थोड़ी सी दब गई। किन्नौर-लाहौल की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी और शिमला-मनाली में बारिश हुई। लाहौल स्पीति के ताबो का पारा माइनस 7.9 डिग्री रहा। उत्तराखंड में उत्तरकाशी के हर्षिल में रुक-रुककर बर्फबारी हो रही है। मौसम विभाग ने राजस्थान के 7 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। मंगलवार को सीकर, जयपुर सहित कई जिलों में घना कोहरा रहा। शीतलहर के कारण सीकर का न्यूनतम तापमान 7 डिग्री तक गिर गया। देशभर से मौसम की 4 तस्वीरें… अगले 2 दिन के मौसम

Dainik Bhaskar बजट सत्र का छठवां दिन:पीएम मोदी आज धन्यवाद प्रस्ताव पर बोल सकते हैं; 2 दिन राहुल के चीनी टैंक वाले मुद्दे पर हंगामा हुआ

संसद के बजट सत्र का बुधवार को छठवां दिन है। लोकसभा में 2 फरवरी से राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज लोकसभा में इस चर्चा में भाषण दे सकते हैं। बीते दो दिन राहुल गांधी की चीनी टैंक घुसपैठ के मुद्दे पर स्पीच को लेकर हंगामा हुआ। मंगलवार को राहुल ने पूर्व आर्मी चीफ की अनपब्लिश्ड बुक के आर्टिकल को सदन में पेश करते हुए कहा- मुझे बोलने दिया जाए। उनके यह कहते ही एनडीए के सांसदों ने टोकना शुरू कर दिया। हंगामा बढ़ने पर स्पीकर कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने राहुल को रोका और दूसरी पार्टियों के सांसदों को बोलने को कहा, लेकिन राहुल के समर्थन में विपक्षी सांसदों ने बोलने से इनकार कर दिया और नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए। विपक्षी सांसदों ने स्पीकर पीठासीन कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी की चेयर की तरफपेपर उछाले। शिकायत मिलने पर पीठासीन दिलीप सैकिया ने 8 सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया। बजट सत्र में इन बिलों पर चर्चा संभव बजट सत्र 65 दिनों में 30 बैठकों तक चलेगा। यह 2 अप्रैल को खत्म होगा। 28 जनवरी से शुरू हुआ पहला चरण 13 फरवरी को खत्म होगा। इसके बाद दूसर चरण 9 मार्च को शुरू होगा। लोकसभा में 9 विधेयक लंबित हैं, जिनमें विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025, प्रतिभूति बाजार संहिता 2025 और संविधान (129वां संशोधन) विधेयक 2024 शामिल हैं। इन विधेयकों की वर्तमान में संसदीय स्थायी या प्रवर समितियां जांच कर रही हैं। बजट सत्र की पिछली 5 दिन की कार्यवाही पढ़ें… 3 फरवरी : राहुल ने कहा- मैं विपक्ष का नेता, मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा लोकसभा में राहुल गांधी ने कहा, 'कल मैंने इस आर्टिकल पर अपना भाषण शुरू किया था। स्पीकर सर ने कहा था इसे ऑथेंटिकेट करें। मैं आज इसे ऑथेंटिकेट कर रहा हूं। राहुल ने आर्टिकल टेबल किया। राहुल ने जैसे ही कहा- मैंने जैसा कल कहा था कि राष्ट्रपति की स्पीच में नेशनल सिक्योरिटी का महत्वपूर्ण मुद्दा है। वैसे ही हंगामा होने लगा। राहुल बोले- मुझे परमिशन नहीं दी जा रही है। मैं विपक्ष का नेता हूं। पूरी खबर पढ़ें… 2 फरवरी : राहुल बोले- चीनी टैंक लद्दाख बॉर्डर पहुंचे, शाह-राजनाथ ने टोका, स्पीकर ने माइक बंद कराया लोकसभा में सोमवार को राहुल गांधी के भाषण के दौरान जोरदार हंगामा हुआ। राहुल ने पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे की अनपब्लिश्ड बुक का हवाला देते हुए कहा- 4 चीनी टैंक लद्दाख बॉर्डर के पास पहुंच गए थे। राहुल के ऐसा कहते ही पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फिर गृह मंत्री शाह ने उन्हें टोका। इसके बाद स्पीकर ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें रोका। पूरी खबर पढ़ें… 1 फरवरी : बजट 2026-27 पेश- ऑपरेशन सिंदूर के बाद रक्षा बजट 15% बढ़ा, इनकम टैक्स में बदलाव नहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट पेश कर दिया। वे संसद में 85 मिनट बोलीं, लेकिन आम आदमी के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। हालांकि टैक्स फाइल करने में सहूलियत, रेलवे प्रोजेक्ट और 3 नए आयुर्वेदिक AIIMS जैसी नई बातें कही हैं। पूरी खबर पढ़ें… 29 जनवरी : देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' संसद में पेश, पीएम बोले थे- हमारी रिफॉर्म एक्सप्रेस चल पड़ी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' यानी इकोनॉमिक सर्वे लोकसभा में पेश किया गया। इस सर्वे में बताया गया है वित्त वर्ष 2026-2027 में जीडीपी ग्रोथ 6.8% से 7.2% की रेंज में रहने का अनुमान है। पीएम ने सदन के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था- हमारी सरकार की पहचान रही है, रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। अब हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं। पूरी खबर पढ़ें… 28 जनवरी : राष्ट्रपति ने 45 मिनट स्पीच दी, कहा- ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून मुद्दों का जिक्र किया संसद का बजट सत्र राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। राष्ट्रपति ने अपनी 45 मिनट की स्पीच में ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून, दुनिया में भारत की भूमिका जैसे मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में वर्तमान में 150 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। भारत अपना अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यूरोपीय संघ के साथ मुक्त समझौते से सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। पूरी खबर पढ़ें…

Dainik Bhaskar एमपी-यूपी, बिहार समेत 7 राज्यों में घना कोहरा:अंबाला, कानपुर, बरेली, ग्वालियर में विजिबिलिटी जीरो; दिल्ली में 40kmph की रफ्तार से आंधी चलने का अलर्ट

देश के उत्तरी राज्यों पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, यूपी, बिहार, उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में मौसम लगातार सर्द बना हुआ है। बर्फबारी के बाद उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के सभी जिलों में तापमान 10 डिग्री से नीचे रिकॉर्ड किया गया। मैदानी राज्यों में उत्तर से आनी वाली हवाओं ने फिर से सर्दी बढ़ा दी है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब-चंडीगढ़, हरियाणा दिल्ली में सुबह से घना कोहरा छाया है। सुबह 6.30 बजे आदमपुर, अंबाला, कानपुर, बरेली, प्रयागराज ग्वालियर जिलों में विजिबिलिटी जीरो रही। IMD ने दिल्ली में बिजली गिरने और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का अलर्ट जारी किया है। पड़ोसी राज्य हरियाणा और चंडीगढ़ में भी ऐसे ही हालात रहने की आशंका है। अगले 7 दिन में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र तीन पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टरबेंस से प्रभावित रहेगा। यानी पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में ओले-बारिश और सर्द हवाएं चलेंगी। वेस्टर्न डिस्टरबेंस भूमध्यसागर क्षेत्र से आने वाला पश्चिमी हवाओं का मौसमी सिस्टम है, जो उत्तर भारत में सर्दियों के दौरान बारिश और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी कराता है। देशभर से मौसम की 4 तस्वीरें… अगले 2 दिन के मौसम राज्यों से मौसम की खबरें… राजस्थान: 4 डिग्री तक गिरा तापमान, कोहरे का अलर्ट, 4 दिन में फिर बदलेगा मौसम वेस्टर्न डिर्स्टबेंस का असर खत्म होने के साथ ही सर्दी बढ़ गई है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले चार दिन प्रदेश में सर्द हवा, कोहरा और बादल छाने की संभावना है। मंगलवार को जयपुर, सीकर, पिलानी, चूरू समेत कई शहरों में उत्तरी हवा के असर से पारा 10 डिग्री से भी कम रहा। पढ़ें पूरी खबर… उत्तर प्रदेश: 21 जिलों में घना कोहरा, बुलंदशहर रहा सबसे ठंडा प्रदेश में मौसम विभाग ने 21 जिलों में घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बुधवार से पश्चिमी विक्षोभ का असर कमजोर हो जाएगा। इसके बाद प्रदेश में बारिश की संभावना कम रहेगी, लेकिन सुबह कोहरा रह सकता है। 9 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ बुलंदशहर सबसे ठंडा रहा। पढ़ें पूरी खबर… मध्य प्रदेश: 20 जिलों में कोहरा, ग्वालियर में विजिबिलिटी 50 मीटर, अंबाह में 10 मीटर से भी कम प्रदेश में मंगलवार को भोपाल-ग्वालियर समेत 15 से ज्यादा जिलों में मौसम बदला। कहीं बारिश हुई तो कहीं ओले गिरे। बुधवार सुबह करीब 20 जिलों में कोहरा रहा। हालांकि, आज बारिश और ओले का अलर्ट नहीं है। पढ़ें पूरी खबर… उत्तराखंड: मसूरी में ओले गिरे, तीन धामों में बर्फबारी, 5 जिलों में कोहरे का यलो अलर्ट प्रदेश में बुधवार को बारिश-बर्फबारी से राहत रहेगी, हालांकि देहरादून, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, पौड़ी, नैनीताल में घना कोहरा छाया रहेगा। तीन धामों में मंगलवार को बर्फबारी हुई। मसूरी में आधे घंटे तक ओले गिरे। दो दिन तक मौसम सामान्य रहेगा। इसके बाद 6 फरवरी को बारिश के आसार है। पढ़ें पूरी खबर… बिहार: मधुबनी समेत 10 जिलों में घना कोहरा, पटना से जाने वाली 6 ट्रेनें लेट मधुबनी, बगहा, बेतिया, गोपालगंज समेत 10 जिलों में घना कोहरा छाया है। कोहरे की वजह से पटना से जाने वाली 6 ट्रेनें लेट चल रही हैं। दरभंगा, मुजफ्फरपुर, कटिहार समेत 25 जिलों में घने कोहरे का यलो अलर्ट है। 8°C न्यूनतम तापमान के साथ भागलपुर सबसे ठंडा जिला रहा। पढ़ें पूरी खबर… हरियाणा: घने कोहरे का यलो अलर्ट, कई जिलों में विजिबिलिटी जीरो उत्तर भारत के इलाकों में मौसम बदलने से प्रदेश में कोहरे का यलो अलर्ट है। बुधवार सुबह से ही पानीपत और कैथल समेत कई जिलों में जीरो विजिबिलिटी है। हालांकि अगले 4 दिनों तक राज्य में बारिश की कोई संभावना नहीं है। हालांकि अभी सर्दी बनी रहेगी। रात के तापमान में भी गिरावट होगी। पढ़ें पूरी खबर… पंजाब: 15 जिलों में घना कोहरा, आदमपुर और बल्लोवाल खौंखरी (नवांशहर) में विजिबिलिटी 10 मीटर पंजाब और चंडीगढ़ में आज (बुधवार, 4 फरवरी) सुबह और शाम के समय घने कोहरे का सामना करना पड़ेगा। 15 जिलों में कोहरा होने की संभावना है। राज्य के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में अधिकतम तापमान 16 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। पढ़ें पूरी खबर… हिमाचल प्रदेश: आज घने कोहरे का अलर्ट, अगले 4 दिन सर्दी मिलेगी राहत, 9 फरवरी से फिर बारिश-बर्फबारी प्रदेश में बारिश-बर्फबारी थमने के बाद आज 6 जिलों में घने कोहरे की चेतावनी है। कोहरे के कारण विजिबिलिटी 50 मीटर से भी नीचे गिर सकती है। अगले 5 दिन मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। 6 फरवरी को चंबा और लाहौल स्पीति के अधिक ऊंचे क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी जरूर हो सकती है। पढ़ें पूरी खबर… पढ़ें पूरी खबर…

Dainik Bhaskar बजट सत्र का छठवां दिन:पीएम मोदी आज धन्यवाद प्रस्ताव पर बोल सकते हैं; 2 दिन राहुल के चीनी टैंक वाले मुद्दे पर हंगामा हुआ

संसद के बजट सत्र का बुधवार को छठवां दिन है। लोकसभा में 2 फरवरी से राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज लोकसभा में इस चर्चा में भाषण दे सकते हैं। बीते दो दिन राहुल गांधी की चीनी टैंक घुसपैठ के मुद्दे पर स्पीच को लेकर हंगामा हुआ। मंगलवार को राहुल ने पूर्व आर्मी चीफ की अनपब्लिश्ड बुक के आर्टिकल को सदन में पेश करते हुए कहा- मुझे बोलने दिया जाए। उनके यह कहते ही एनडीए के सांसदों ने टोकना शुरू कर दिया। हंगामा बढ़ने पर स्पीकर कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने राहुल को रोका और दूसरी पार्टियों के सांसदों को बोलने को कहा, लेकिन राहुल के समर्थन में विपक्षी सांसदों ने बोलने से इनकार कर दिया और नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए। विपक्षी सांसदों ने स्पीकर पीठासीन कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी की चेयर की तरफपेपर उछाले। शिकायत मिलने पर पीठासीन दिलीप सैकिया ने 8 सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया। बजट सत्र में इन बिलों पर चर्चा संभव बजट सत्र 65 दिनों में 30 बैठकों तक चलेगा। यह 2 अप्रैल को खत्म होगा। 28 जनवरी से शुरू हुआ पहला चरण 13 फरवरी को खत्म होगा। इसके बाद दूसर चरण 9 मार्च को शुरू होगा। लोकसभा में 9 विधेयक लंबित हैं, जिनमें विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025, प्रतिभूति बाजार संहिता 2025 और संविधान (129वां संशोधन) विधेयक 2024 शामिल हैं। इन विधेयकों की वर्तमान में संसदीय स्थायी या प्रवर समितियां जांच कर रही हैं। बजट सत्र की पिछली 5 दिन की कार्यवाही पढ़ें… 3 फरवरी : राहुल ने कहा- मैं विपक्ष का नेता, मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा लोकसभा में राहुल गांधी ने कहा, 'कल मैंने इस आर्टिकल पर अपना भाषण शुरू किया था। स्पीकर सर ने कहा था इसे ऑथेंटिकेट करें। मैं आज इसे ऑथेंटिकेट कर रहा हूं। राहुल ने आर्टिकल टेबल किया। राहुल ने जैसे ही कहा- मैंने जैसा कल कहा था कि राष्ट्रपति की स्पीच में नेशनल सिक्योरिटी का महत्वपूर्ण मुद्दा है। वैसे ही हंगामा होने लगा। राहुल बोले- मुझे परमिशन नहीं दी जा रही है। मैं विपक्ष का नेता हूं। पूरी खबर पढ़ें… 2 फरवरी : राहुल बोले- चीनी टैंक लद्दाख बॉर्डर पहुंचे, शाह-राजनाथ ने टोका, स्पीकर ने माइक बंद कराया लोकसभा में सोमवार को राहुल गांधी के भाषण के दौरान जोरदार हंगामा हुआ। राहुल ने पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे की अनपब्लिश्ड बुक का हवाला देते हुए कहा- 4 चीनी टैंक लद्दाख बॉर्डर के पास पहुंच गए थे। राहुल के ऐसा कहते ही पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फिर गृह मंत्री शाह ने उन्हें टोका। इसके बाद स्पीकर ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें रोका। पूरी खबर पढ़ें… 1 फरवरी : बजट 2026-27 पेश- ऑपरेशन सिंदूर के बाद रक्षा बजट 15% बढ़ा, इनकम टैक्स में बदलाव नहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट पेश कर दिया। वे संसद में 85 मिनट बोलीं, लेकिन आम आदमी के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। हालांकि टैक्स फाइल करने में सहूलियत, रेलवे प्रोजेक्ट और 3 नए आयुर्वेदिक AIIMS जैसी नई बातें कही हैं। पूरी खबर पढ़ें… 29 जनवरी : देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' संसद में पेश, पीएम बोले थे- हमारी रिफॉर्म एक्सप्रेस चल पड़ी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' यानी इकोनॉमिक सर्वे लोकसभा में पेश किया गया। इस सर्वे में बताया गया है वित्त वर्ष 2026-2027 में जीडीपी ग्रोथ 6.8% से 7.2% की रेंज में रहने का अनुमान है। पीएम ने सदन के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था- हमारी सरकार की पहचान रही है, रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। अब हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं। पूरी खबर पढ़ें… 28 जनवरी : राष्ट्रपति ने 45 मिनट स्पीच दी, कहा- ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून मुद्दों का जिक्र किया संसद का बजट सत्र राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। राष्ट्रपति ने अपनी 45 मिनट की स्पीच में ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून, दुनिया में भारत की भूमिका जैसे मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में वर्तमान में 150 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। भारत अपना अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यूरोपीय संघ के साथ मुक्त समझौते से सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। पूरी खबर पढ़ें…

Dainik Bhaskar खबर हटके- मृत लोगों की चर्बी से ब्रेस्ट इंप्लांट:गाय खरीदने गए शख्स की जबरन शादी; ट्रेन टिकट कन्फर्म, लेकिन रेलवे डिब्बे लगाना भूला

अब मृत लोगों की चर्बी का इस्तेमाल लोगों की बॉडी का शेप बदलने के लिए किया जा रहा है। वहीं, बिहार में गाय खरीदने गए एक युवक की जबरन शादी करा दी गई। उधर, ओडिशा में एक ट्रेन बिना अपने AC कोच के ही स्टेशन पर पहुंच गई। तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… ************* रिसर्च सहयोग: किशन कुमार खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...

Dainik Bhaskar SIR पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई:CM ममता खुद दलीलें रख सकती हैं; अपनी याचिका में चुनाव आयोग के आदेशों को चुनौती दी है

सुप्रीम कोर्ट बुधवार को पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी की उस याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें राज्य में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) के तहत वोटर लिस्ट संशोधन को चुनौती दी गई है। सुनवाई के दौरान ममता के स्वयं सुप्रीम कोर्ट में मौजूद रहने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, एलएलबी डिग्रीधारी ममता अदालत में खुद अपनी दलीलें रख सकती हैं। मामले की सुनवाई सीजेआई सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली पीठ करेगी, जिसमें जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली शामिल होंगे। इसी मामले में मोस्तारी बानो तथा टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन और डोला सेन की याचिकाएं भी सूचीबद्ध हैं। बनर्जी ने याचिका में SIR प्रक्रिया के तहत जारी दिशा-निर्देशों और चुनाव आयोग द्वारा जारी आदेशों को चुनौती दी है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से यह भी अनुरोध किया है कि 2026 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव पुराने मतदाता सूची के आधार पर ही आयोजित किए जाएं और ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ सूची में शामिल मामलों में पहचान संबंधी दस्तावेजों को स्वीकार किया जाए।

Dainik Bhaskar SIR पर सुनवाई, CM ममता सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं:खुद दलीलें रख सकती हैं; 2026 विधानसभा चुनाव पुरानी वोटर लिस्ट से कराने की मांग

सुप्रीम कोर्ट बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के खिलाफ याचिका पर सुनवाई होनी है। बंगाल CM ने अपनी याचिका में बंगाल में चल रहे SIR के तहत वोटर लिस्ट संशोधन को चुनौती दी है। सुनवाई के लिए ममता सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई हैं। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के बाहर बड़ी तादाद में पुलिस फोर्स तैनात है। ममता की मांग है कि 2026 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव पुरानी सूची के आधार पर ही कराए जाएं। सूत्रों के मुताबिक, LLB डिग्री होल्डर ममता कोर्ट में खुद अपनी दलीलें भी रख सकती हैं। मामला CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच में है। इन याचिकाओं में ममता के अलावा मोस्तारी बानू और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद डेरेक ओ ब्रायन और डोला सेन की याचिकाएं भी शामिल हैं। ममता के पास LLB की डिग्री, आवेदन में कहा- SC के तौर-तरीके समझती हूं ममता बनर्जी ने कलकत्ता के जोगेश चंद्र चौधरी कॉलेज ऑफ लॉ से कानून की डिग्री हासिल की है। अपने आवेदन में ममता बनर्जी ने कहा है कि आर्टिकल 32 रिट में याचिकाकर्ता होने के नाते वह मामले से पूरी तरह वाकिफ हैं। वह कहती हैं कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और TMC चेयरपर्सन होने के नाते वह SC के तौर-तरीकों को समझती हैं और स्थापित नियमों के अनुसार ही व्यवहार करेंगी। 3 फरवरी : ममता बोली- EC ने 6 पत्रों का जवाब नहीं दिया इससे पहले ममता ने मंगलवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने कहा कि चुनाव से ठीक पहले SIR क्यों किया जा रहा है? चार राज्य बंगाल, तमिलनाडु, केरल और असम में चुनाव होने हैं। SIR तीन राज्यों में हो रहा है, लेकिन भाजपा-शासित असम में नहीं। क्योंकि वह ‘डबल इंजन’ राज्य है। ममता बनर्जी ने घुसपैठियों पर कहा कि ये लोग (BJP) घुसपैठियों की बात करते हैं लेकिन ये तो आपकी जिम्मेदारी है। बॉर्डर की रखवाली केंद्र की जिम्मेदारी है। ऐसे में घुसपैठ के लिए वही जिम्मेदार है। पूरी खबर पढ़ें… SIR के विरोध में ममता ने 26 कविताओं की किताब लिखी ममता बनर्जी ने SIR के खिलाफ विरोध का एक अलग तरीका अपनाया है। उन्होंने इस मुद्दे पर आधारित 26 कविताओं की एक किताब लिखी है। दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उन्होंने यह किताब यात्रा के दौरान सिर्फ तीन दिनों में लिखी। उन्होंने कहा कि उनके नाम अब तक 163 किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि वह न तो पूर्व सांसद के रूप में पेंशन लेती हैं और न ही मुख्यमंत्री के रूप में वेतन, बल्कि किताबों और अन्य रचनात्मक कार्यों से मिलने वाली रॉयल्टी से अपने निजी खर्च चलाती हैं। तृणमूल कांग्रेस की संस्थापक ममता बनर्जी साहित्य और कला के क्षेत्र में काफी सक्रिय रही हैं। वह कविता, कहानी, निबंध और राजनीतिक लेखन के साथ-साथ पेंटिंग और गीत लेखन के लिए भी जानी जाती हैं, जिनकी कृतियां देश और विदेश में प्रदर्शित हो चुकी हैं। 2 फरवरी: ममता काली शॉल ओढ़कर मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलीं ममता बनर्जी ने सोमवार को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के खिलाफ काली शॉल ओढ़कर दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की थी। उनके साथ SIR प्रभावित 13 परिवार और TMC के नेता भी थे। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि ममता ने अपने मुद्दे CEC को बताए लेकिन उनका जवाब सुने बिना ही नाराज होकर चली गईं। मुलाकात के बाद ममता ने कहा, "मैं बहुत दुखी हूं। मैं दिल्ली की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हूं। मैंने आज तक ऐसा अहंकारी और झूठा चुनाव आयुक्त नहीं देखा। वह इस तरह से बात करते हैं जैसे वह जमींदार हों और हम नौकर। पूरी खबर पढ़ें… 28 जनवरी : ममता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी ममता बनर्जी ने 28 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने चुनाव आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को इस मामले में पक्षकार बनाया है। इससे पहले उन्होंने 3 जनवरी को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर SIR को मनमाना और त्रुटिपूर्ण बताते हुए रोकने की मांग की थी। 19 जनवरी : SC बोला- आम लोगों को असुविधा नहीं होनी चाहिए सुप्रीम कोर्ट ने SIR प्रक्रिया को लेकर निर्देश जारी करते हुए कहा था कि यह प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और आम लोगों को किसी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया था कि ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ सूची में शामिल मतदाताओं के नाम ग्राम पंचायत भवनों और ब्लॉक कार्यालयों में प्रदर्शित किए जाएं। कोर्ट ने यह भी नोट किया था कि राज्य में करीब 1.25 करोड़ मतदाता इस सूची में शामिल हैं। इसमें 2002 की मतदाता सूची से तुलना के दौरान माता-पिता के नाम में अंतर या उम्र से जुड़ी विसंगतियां पाई गई हैं। ------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… ममता बोलीं-SIR की चिंता में बंगाल में रोज 4 आत्महत्याएं:110 से ज्यादा लोगों की मौत हुई; चुनाव आयोग और केंद्र सरकार जिम्मेदार पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि बंगाल में SIR की चिंता में हर रोज 3 से 4 लोग आत्महत्या कर रहे हैं। अब तक 110 से ज्यादा लोग मर चुके हैं। 40-45 लोग अस्पतालों में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। इतने साल बाद क्या हमें यह साबित करना पड़ेगा कि हम इस देश के नागरिक हैं? पूरी खबर पढ़ें…

Dainik Bhaskar भास्कर अपडेट्स:तेलंगाना के जगतियाल में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी, 4 महिलाओं की मौत; 2 घायल

तेलंगाना के जगतियाल जिले में मंगलवार शाम एक सड़क हादसे में 4 महिला मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 2 अन्य महिलाएं घायल हो गईं। सभी महिलाएं ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर काम से लौट रही थीं। पुलिस के मुताबिक, हादसा मल्लापुर मंडल क्षेत्र में शाम करीब 6:15 बजे हुआ। ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। इस दौरान ट्रॉली में सवार 4 महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 2 अन्य घायल हो गईं। घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है। हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। आज की अन्य बड़ी खबरें… हैदराबाद में पूर्व AIMIM विधायक कादरी का निधन, आज सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा तेलंगाना के हैदराबाद में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के महासचिव और पूर्व विधायक सैयद अहमद पाशा कादरी का मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे 72 साल के थे। AIMIM सूत्रों के अनुसार, कादरी, जो किडनी की बीमारियों से पीड़ित थे। कादरी ने 1986 में हैदराबाद नगर निगम में दबीरपुरा वार्ड से पार्षद के रूप में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। वे 2004, 2009 और 2014 में चारमीनार विधानसभा क्षेत्र से और बाद में 2018 में याकूतपुरा से विधायक चुने गए। कादरी ने ओवैसी परिवार की तीन पीढ़ियों के साथ मिलकर काम किया और AIMIM संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके परिवार में एक बेटा और दो बेटियां हैं। सूत्रों के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार बुधवार को किया जाएगा।

Dainik Bhaskar भास्कर अपडेट्स:कर्नाटक विधानसभा में BJP विधायकों का रातभर विरोध प्रदर्शन, एक्साइज मंत्री के इस्तीफे की मांग

कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायकों ने बुधवार को विधानसभा के अंदर रातभर धरना दिया। प्रदर्शन में कर्नाटक के विपक्ष के नेता आर अशोक और पार्टी के विधायकों ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ अपने आंदोलन के तहत विधानसभा परिसर में रात बिताई। यह विरोध प्रदर्शन, जो एक दिन पहले शुरू हुआ था, दूसरे दिन भी जारी रहा। BJP नेता एक्साइज विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए एक्साइज मंत्री आरबी तिम्मापुर के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। विधायकों का दावा है कि एक्साइज मंत्री विभाग के माध्यम से सालाना लगभग 6,000 करोड़ रुपये इकट्ठा कर रहे हैं। आज की अन्य बड़ी खबरें… तेलंगाना के जगतियाल में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी, 4 महिलाओं की मौत; 2 घायल तेलंगाना के जगतियाल जिले में मंगलवार शाम एक सड़क हादसे में 4 महिला मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 2 अन्य महिलाएं घायल हो गईं। सभी महिलाएं ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर काम से लौट रही थीं। पुलिस के मुताबिक, हादसा मल्लापुर मंडल क्षेत्र में शाम करीब 6:15 बजे हुआ। ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। इस दौरान ट्रॉली में सवार 4 महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 2 अन्य घायल हो गईं। घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है। हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। हैदराबाद में पूर्व AIMIM विधायक कादरी का निधन, आज सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा तेलंगाना के हैदराबाद में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के महासचिव और पूर्व विधायक सैयद अहमद पाशा कादरी का मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे 72 साल के थे। AIMIM सूत्रों के अनुसार, कादरी, जो किडनी की बीमारियों से पीड़ित थे। कादरी ने 1986 में हैदराबाद नगर निगम में दबीरपुरा वार्ड से पार्षद के रूप में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। वे 2004, 2009 और 2014 में चारमीनार विधानसभा क्षेत्र से और बाद में 2018 में याकूतपुरा से विधायक चुने गए। कादरी ने ओवैसी परिवार की तीन पीढ़ियों के साथ मिलकर काम किया और AIMIM संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके परिवार में एक बेटा और दो बेटियां हैं। सूत्रों के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार बुधवार को किया जाएगा। RBI ने कहा- 31 मार्च को आम लोगों के लिए खुलेंगे सभी बैंक 31 मार्च 2026 को सभी बैंक आम जनता के लिए खुले रहेंगे। आरबीआई के मुख्य महाप्रबंधक डॉ. सुदर्शन साहू ने मंगलवार को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। आमतौर पर ‘एनुअल क्लोजिंग’ के कारण 31 मार्च को बैंकों में सार्वजनिक लेनदेन बंद रहता था, लेकिन सरकार के अनुरोध पर अब शाखाएं चालू रहेंगी। दिल्ली हाईकोर्ट ने डाबर को ‘नवरत्न’ की तरह पैकेजिंग में ठंडा तेल बेचने पर रोक लगाई दिल्ली हाईकोर्ट ने डाबर को कूल किंग ठंडा तेल नाम से तेल बेचने से रोक दिया है। कोर्ट ने पाया कि डाबर की पैकेजिंग इमामी के नवरत्न आयुर्वेदिक तेल की नकल है। इमामी ने आरोप लगाया कि डाबर ने उसकी पैकेजिंग की पहचान से मिलती-जुलती स्कीम अपनाई है, जिसमें लाल रंग, पारदर्शी बोतल, फ्लिप-टॉप कैप, और आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों की तस्वीरें शामिल हैं। उधर, डाबर ने तर्क दिया कि उसकी पैकेजिंग में ‘डाबर’ नाम साफ लिखा है। कोर्ट ने डाबर की दलीलें खारिज कर दीं।

Dainik Bhaskar मोबाइल गेमिंग की लत के शिकार स्टूडेंट ने लगाई फांसी:भोपाल में 8वीं क्लास में पढ़ता था परिवार का इकलौता बेटा, टास्क पूरा करने का शक

भोपाल में मोबाइल गेमिंग की लत के चलते 14 साल के स्टूडेंट ने खुदकुशी कर ली। परिजन को आशंका है कि ऑनलाइन गेम में दिए गए टास्क को पूरा करने के लिए बच्चे ने आत्मघाती कदम उठाया। फिलहाल, पुलिस जांच में जुटी है। मामला पिपलानी थाने की श्रीराम कॉलोनी का है। यहां रहने वाले 14 वर्षीय अंश साहू ने सोमवार दोपहर अपने घर में फांसी लगा ली। 8वीं क्लास में पढ़ने वाला अंश अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। माता-पिता प्राइवेट स्कूल में टीचर हैं। परिजन ने मोबाइल छीन लिया था परिजन ने पुलिस को बताया कि अंश को कुछ दिन से मोबाइल पर ऑनलाइन गेम खेलने की आदत लग गई थी। इसी बात को लेकर उसे कई बार समझाया गया था। पढ़ाई पर असर पड़ता देख परिवार वालों ने उसका मोबाइल फोन छीनकर रख लिया था। सोमवार को अंश के माता-पिता तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल होने घर से बाहर गए थे। लौटे तो अंश कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला। वे उसे तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पड़ोसी बोले- अकेले रहना पसंद करता था पड़ोसियों के अनुसार, अंश शांत स्वभाव का था। हाल के दिनों में वह अकेले रहना पसंद करने लगा था। वहीं, पिपलानी थाना प्रभारी चंद्रिका यादव ने कहा- प्राथमिक तौर पर लग रहा है कि बच्चे ने मोबाइल की लत के कारण ये कदम उठाया। जांच के बाद ही कुछ स्पष्ट कहा जा सकेगा। ये खबर भी पढ़ें… ऑनलाइन गेम एवीएटर में 30 लाख हारा ठेकेदार, दी जान भोपाल में एक ठेकेदार ने ऑनलाइन गेमिंग में भारी नुकसान के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसने ऑनलाइन गेम एवीएटर में करीब 30 लाख रुपए गंवाने का जिक्र सुसाइड नोट में किया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पढ़ें पूरी खबर…

Dainik Bhaskar मुंबई एयरपोर्ट पर एअर इंडिया- इंडिगो फ्लाइट्स के विंग्स टकराए:कोई घायल नहीं, तकनीकी जांच के लिए विमान को रोका गया

मुंबई एयरपोर्ट पर मंगलवार को दो फ्लाइट की विंग्स आपस में टकरा गई। एयर इंडिया की फ्लाइट AI 2732 मुंबई से कोयंबटूर के लिए रनवे पर खड़ी थी, जबकि इंडिगो की फ्लाइट 6E 791 हैदराबाद से मुंबई उतरने के बाद टैक्सी कर रही थी। न्यूज एजेंसी ANI के सूत्रों के मुताबिक, इस घटना में कोई यात्री या क्रू मेंबर घायल नहीं हुआ। एयरपोर्ट अधिकारियों ने दोनों विमानों की स्थिति का तुरंत आकलन किया और आगे की जांच शुरू कर दी है। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…

Dainik Bhaskar डीआरडीओ ने नई तकनीक का सफल टेस्ट किया:लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें बनाने में मदद मिलेगी

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने मंगलवार (3 फरवरी) को सॉलिड फ्यूल डक्टेड रैमजेट (SFDR) तकनीक का सफल फ्लाइट टेस्ट किया। इस सफलता के साथ भारत उन चुनिंदा देशों के समूह में शामिल हो गया है, जिनके पास यह आधुनिक तकनीक है। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह टेस्ट ओडिशा के तट के पास चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (आईटीआर) में किया गया। यह तकनीक लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें बनाने में मदद करती है। इस तकनीक से संभावित विरोधियों के मुकाबले रणनीतिक बढ़त मिलती है। परीक्षण के दौरान सभी प्रमुख उप-प्रणालियों ने अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन किया। इनमें बिना नोजल वाला बूस्टर, सॉलिड फ्यूल डक्टेड रामजेट मोटर और फ्यूल फ्लो कंट्रोलर शामिल थे। ओडिशा की चांदीपुर रेंज में किया गया परीक्षण सिस्टम को पहले ग्राउंड बूस्टर मोटर की मदद से निर्धारित मैक संख्या तक पहुंचाया गया, जिसके बाद SFDR प्रणाली ने सफलतापूर्वक काम किया। पूरे परीक्षण की निगरानी और पुष्टि आईटीआर, चांदीपुर की ओर से बंगाल की खाड़ी के तट पर तैनात कई ट्रैकिंग उपकरणों से प्राप्त उड़ान आंकड़ों के जरिए की गई। टेस्ट के दौरान डीआरडीओ की विभिन्न प्रयोगशालाओं के वरिष्ठ वैज्ञानिक मौजूद रहे।इनमें डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लेबोरेटरी, हाई एनर्जी मटीरियल्स रिसर्च लेबोरेटरी, रिसर्च सेंटर इमारत और आईटीआर शामिल हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एसएफडीआर तकनीक के सफल प्रदर्शन पर डीआरडीओ और उद्योग जगत को बधाई दी। वहीं रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव एवं डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने इस सफल उड़ान परीक्षण में शामिल सभी टीमों को शुभकामनाएं दीं। ------------------------------ ये खबर भी पढ़ें एक लॉन्चर से बैक-टु-बैक 2 प्रलय मिसाइल लॉन्च, पाकिस्तान के 10 बड़े शहर निशाने पर; 7500 kmph की रफ्तार, 1000 kg बारूद ले जा सकेगी रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने 31 दिसंबर 2025 को ओडिशा तट के पास प्रलय मिसाइल का सफल परीक्षण किया। इस दौरान एक ही लॉन्चर से बैक टु बैक दो प्रलय मिसाइलें (सल्वो लॉन्च) दागी गईं।मिसाइलों की पूरी उड़ान पर नजर रखने के लिए चांदीपुर में स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) के सेंसर लगाए गए थे। पढ़ें पूरी खबर…

Dainik Bhaskar सरकार बोली-वांगचुक बॉर्डर एरिया में लोगों को भड़का रहे थे:सुप्रीम कोर्ट में कहा- कोई चीनी व्यक्ति ऐसी बात करता तो समझ भी आता

केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि सोनम वांगचुक को इसलिए हिरासत में लिया गया, क्योंकि वे पाकिस्तान और चीन से सटे संवेदनशील बॉर्डर इलाके में लोगों को भड़का रहे थे। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी.बी. वराले की बेंच लद्दाख हिंसा से जुड़े मामले में वांगचुक की गिरफ्तारी के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने कोर्ट में कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत का आदेश देने से पहले सभी जरूरी प्रक्रियाओं का पालन किया गया है। दरअसल, 24 सितंबर 2025 को लेह में हुई हिंसा भड़काने के आरोप में 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत 26 वांगचुक को पुलिस ने हिरासत में लिया गया था। तब से वे जोधपुर जेल में हैं। सरकार की सुप्रीम कोर्ट में 4 मुख्य दलीलें… सरकार ने कहा था- वांगचुक लद्दाख को नेपाल-बांग्लादेश बनाना चाहते थे इससे पहले 2 फरवरी को सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि सोनम वांगचुक लद्दाख को नेपाल या बांग्लादेश जैसा बनाना चाहते हैं। ऐसे व्यक्ति को और जहर उगलने की इजाजत नहीं दी जा सकती। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि वांगचुक के भाषण में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा सीधा खतरा दिखता है। जिला मजिस्ट्रेट (DM) ने हालात को देखते हुए गिरफ्तारी का सही फैसला लिया। मेहता ने कहा कि नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे उदाहरण देना, युवाओं को भड़काने और देश की एकता के खिलाफ माहौल बनाने के बराबर है। पूरी खबर पढ़ें… पत्नी गीतांजलि बोली थीं- अधिकारियों ने सही फैसला नहीं किया इससे पहले वांगचुक की पत्नी गीताांजलि अंग्मो ने 12 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि उनके पति को हिरासत में लेने के फैसले में अधिकारियों ने ठीक से सोच-विचार नहीं किया। उन्हें बेकार व गैर-जरूरी बातों के आधार पर नजरबंद किया गया। अंग्मो की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच में दावा किया कि जिन चार वीडियो के आधार पर नजरबंदी की गई वे सोनम वांगचुक को दिए ही नहीं गए। इससे उनका अपना बचाव में सही ढंग से बात रखने का अधिकार छिन गया। वीडियो नहीं देने से वांगचुक का सलाहकार बोर्ड और सरकार के सामने अपनी बात रखने का अधिकार प्रभावित हुआ है। पूरी खबर पढ़ें… वांगचुक लद्दाख को पूर्ण राज्य बनाने की मांग कर रहे सोनम वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया था। वह लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर आन्दोलन कर रहे थे। आन्दोलन के दौरान हुए हिंसक प्रदर्शनों के दो दिन बाद उनकी गिरफ्तारी की गई थी। इन प्रदर्शनों में चार लोगों की मौत हुई थी और 90 लोग घायल हुए थे। सरकार का आरोप है कि वांगचुक ने इस हिंसा को भड़काया। NSA सरकार को ऐसे लोगों को हिरासत में लेने का अधिकार देता है, जिनसे देश की सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था को खतरा हो। इसके तहत किसी व्यक्ति को अधिकतम 12 महीने तक नजरबंद रखा जा सकता है। अंग्मो ने कहा कि 24 सितंबर को लेह में हुई हिंसा का सोनम वांगचुक के बयानों या कामों से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने बताया कि वांगचुक ने खुद सोशल मीडिया पर हिंसा की निंदा की थी और कहा था कि हिंसा से लद्दाख का शांतिपूर्ण आंदोलन विफल हो जाएगा। दरअसल लद्दाख पहले जम्मू-कश्मीर राज्य का हिस्सा था। 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने यहां से धारा 370 और 35 ए को हटाकर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दो अलग राज्य बनाया था। जम्मू-कश्मीर को विधानसभा वाला राज्य बनाया था, जिसका प्रशासन राज्य सरकार के पास और सुरक्षा व्यवस्था केंद्र सरकार के पास है, जबकि लद्दाख को पूरी तरह केंद्र शासित राज्य बनाया था। ये खबर भी पढ़ें… सोनम वांगचुक को जोधपुर जेल के पानी से पेट दर्द:गंभीर संक्रमण की शिकायत; सरकार ने कहा- 21 बार जांच हुई; सुप्रीम कोर्ट ने दिए ये आदेश जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद सोनम वांगचुक की तबीयत खराब हो गई है। लद्दाख के जलवायु कार्यकर्ता वांगचुक ने जेल के दूषित पानी की वजह से पेट में गंभीर संक्रमण और दर्द की शिकायत की है। वांगचुक की बिगड़ती तबीयत को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने जोधपुर जेल प्रशासन को विशेषज्ञ से जांच कराने के आदेश दिए हैं। वहीं सरकार ने कहा कि उनकी अब तक 21 बार जांच हो चुकी है। पूरी खबर पढ़ें…

Dainik Bhaskar सरकार बोली-वांगचुक बॉर्डर एरिया में लोगों को भड़का रहे थे:सुप्रीम कोर्ट में कहा- कोई चीनी व्यक्ति ऐसी बात करता तो समझ भी आता

केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि सोनम वांगचुक को इसलिए हिरासत में लिया गया, क्योंकि वे पाकिस्तान और चीन से सटे संवेदनशील बॉर्डर इलाके में लोगों को भड़का रहे थे। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी.बी. वराले की बेंच लद्दाख हिंसा से जुड़े मामले में वांगचुक की गिरफ्तारी के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने कोर्ट में कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत का आदेश देने से पहले सभी जरूरी प्रक्रियाओं का पालन किया गया है। दरअसल, 24 सितंबर 2025 को लेह में हुई हिंसा भड़काने के आरोप में 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत 26 वांगचुक को पुलिस ने हिरासत में लिया गया था। तब से वे जोधपुर जेल में हैं। सरकार की सुप्रीम कोर्ट में 4 मुख्य दलीलें… सरकार ने कहा था- वांगचुक लद्दाख को नेपाल-बांग्लादेश बनाना चाहते थे इससे पहले 2 फरवरी को सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि सोनम वांगचुक लद्दाख को नेपाल या बांग्लादेश जैसा बनाना चाहते हैं। ऐसे व्यक्ति को और जहर उगलने की इजाजत नहीं दी जा सकती। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि वांगचुक के भाषण में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा सीधा खतरा दिखता है। जिला मजिस्ट्रेट (DM) ने हालात को देखते हुए गिरफ्तारी का सही फैसला लिया। मेहता ने कहा कि नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे उदाहरण देना, युवाओं को भड़काने और देश की एकता के खिलाफ माहौल बनाने के बराबर है। पूरी खबर पढ़ें… पत्नी गीतांजलि बोली थीं- अधिकारियों ने सही फैसला नहीं किया इससे पहले वांगचुक की पत्नी गीताांजलि अंग्मो ने 12 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि उनके पति को हिरासत में लेने के फैसले में अधिकारियों ने ठीक से सोच-विचार नहीं किया। उन्हें बेकार व गैर-जरूरी बातों के आधार पर नजरबंद किया गया। अंग्मो की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच में दावा किया कि जिन चार वीडियो के आधार पर नजरबंदी की गई वे सोनम वांगचुक को दिए ही नहीं गए। इससे उनका अपना बचाव में सही ढंग से बात रखने का अधिकार छिन गया। वीडियो नहीं देने से वांगचुक का सलाहकार बोर्ड और सरकार के सामने अपनी बात रखने का अधिकार प्रभावित हुआ है। पूरी खबर पढ़ें… वांगचुक लद्दाख को पूर्ण राज्य बनाने की मांग कर रहे सोनम वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया था। वह लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर आन्दोलन कर रहे थे। आन्दोलन के दौरान हुए हिंसक प्रदर्शनों के दो दिन बाद उनकी गिरफ्तारी की गई थी। इन प्रदर्शनों में चार लोगों की मौत हुई थी और 90 लोग घायल हुए थे। सरकार का आरोप है कि वांगचुक ने इस हिंसा को भड़काया। NSA सरकार को ऐसे लोगों को हिरासत में लेने का अधिकार देता है, जिनसे देश की सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था को खतरा हो। इसके तहत किसी व्यक्ति को अधिकतम 12 महीने तक नजरबंद रखा जा सकता है। अंग्मो ने कहा कि 24 सितंबर को लेह में हुई हिंसा का सोनम वांगचुक के बयानों या कामों से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने बताया कि वांगचुक ने खुद सोशल मीडिया पर हिंसा की निंदा की थी और कहा था कि हिंसा से लद्दाख का शांतिपूर्ण आंदोलन विफल हो जाएगा। दरअसल लद्दाख पहले जम्मू-कश्मीर राज्य का हिस्सा था। 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने यहां से धारा 370 और 35 ए को हटाकर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दो अलग राज्य बनाया था। जम्मू-कश्मीर को विधानसभा वाला राज्य बनाया था, जिसका प्रशासन राज्य सरकार के पास और सुरक्षा व्यवस्था केंद्र सरकार के पास है, जबकि लद्दाख को पूरी तरह केंद्र शासित राज्य बनाया था। ये खबर भी पढ़ें… सोनम वांगचुक को जोधपुर जेल के पानी से पेट दर्द:गंभीर संक्रमण की शिकायत; सरकार ने कहा- 21 बार जांच हुई; सुप्रीम कोर्ट ने दिए ये आदेश जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद सोनम वांगचुक की तबीयत खराब हो गई है। लद्दाख के जलवायु कार्यकर्ता वांगचुक ने जेल के दूषित पानी की वजह से पेट में गंभीर संक्रमण और दर्द की शिकायत की है। वांगचुक की बिगड़ती तबीयत को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने जोधपुर जेल प्रशासन को विशेषज्ञ से जांच कराने के आदेश दिए हैं। वहीं सरकार ने कहा कि उनकी अब तक 21 बार जांच हो चुकी है। पूरी खबर पढ़ें…

Dainik Bhaskar अमेरिकी ट्रेड डील पर सरकार का पहला बयान:गोयल बोले- इससे इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल, मरीन गुड्स सेक्टर को फायदा, दोनों देश जल्द साझा बयान देंगे

अमेरिका से ट्रेड डील पर भारत सरकार का पहला बयान आया है। मंगलवार को केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने मीडिया से कहा कि इस डील में किसी के भी हितों से समझौता नहीं किया गया है। यह एक ऐसी डील है, जिस पर हर भारतीय को गर्व होगा। उन्होंने कहा कि PM मोदी ने हमेशा एग्रीकल्चर और डेयरी दोनों सेक्टर को सपोर्ट किया है, उनके हितों की रक्षा की। जो लोग अलग-अलग सेक्टर में इन्वेस्ट करना चाहते हैं, खासकर ऐसे सेक्टर जिनमें ज्यादा मेहनत लगती है और जो लाखों लोगों को रोजगार देते हैं। गोयल ने कहा कि सभी इस डील से उत्साहित हैं। इसके लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प का धन्यवाद, उन्होंने PM मोदी की मित्रता का सम्मान किया। दोनों देश इस डील पर जल्द ही इस पर साझा बयान जारी करेंगे। पीयूष गोयल की 5 बड़ी बातें... राहुल बोले- मोदी ने देश बेचा, अडाणी पर केस, एपस्टीन फाइल्स से पीएम डरे हुए लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी ट्रेड डील में देश बेच दिया है। आपकी मेहनत को खून-पसीने को बेच दिया है, क्योंकि वे कॉम्प्रोमाइज्ड हैं। राहुल ने कहा- नरेंद्र मोदी डरे हुए हैं, क्योंकि जिन्होंने उनकी इमेज बनाई वे अब यह इमेज तोड़ रहे हैं। अमेरिका में अडानी पर केस है, यह असल में मोदी पर केस है। वो मोदी जी के फाइनेंशियल स्ट्रक्चर को टारगेट कर रहे हैं। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि राहुल देश को गुमराह कर रहे हैं। अमेरिकी के साथ ट्रेड डील से देश को फायदा होगा। देश-विदेश में इसकी तारीफ हो रही है। कृषि-डेयरी क्षेत्र को संरक्षित रखा जाएगा। अमेरिका ने भारत पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% किया भारत और अमेरिका के बीच सोमवार को बिजनेस डील का ऐलान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने किया था। ट्रम्प ने कहा था कि अमेरिका ने भारत पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% कर दिया है। ट्रम्प ने अप्रैल में 25% रेसिप्रोकल टैरिफ (जैसे को तैसा) लगाया था और रूस से तेल खरीदने के कारण अगस्त में 25% पेनल्टी का ऐलान किया था। इससे भारत पर कुल टैरिफ 50% हो गया था। अब व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया कि भारत पर सिर्फ टैरिफ 18% ही लगेगा। अमेरिका रूसी तेल खरीदने के कारण लगा 25% टैरिफ हटा देगा। ट्रम्प ने सोमवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की। इसके बाद रात करीब 10:30 बजे ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ट्रेड डील की घोषणा की। ट्रम्प ने दावा किया कि मोदी रूस से तेल की खरीद बंद करने और अमेरिका से ज्यादा तेल खरीदने पर राजी हो गए हैं। ट्रम्प के मुताबिक, जरूरत पड़ी तो भारत वेनेजुएला से तेल लेगा। भारत ‘बाय अमेरिकन’ नीति के तहत अमेरिका से 46 लाख करोड़ रुपए (500 अरब डॉलर) से अधिक का सामान खरीदेगा। वहीं, ट्रम्प के एलान के बाद पीएम ने X पर लिखा- भारत के 1.4 अरब लोगों की तरफ से राष्ट्रपति ट्रम्प का शुक्रिया। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पोस्ट में क्या लिखा, पढ़िए… आज सुबह भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करना मेरे लिए सम्मान की बात थी। हमने रूस-यूक्रेन युद्ध सहित कई मुद्दों पर चर्चा की। PM मोदी ने रूस से तेल की खरीद बंद करने पर सहमति जताई। भारत अब अमेरिका से ज्यादा तेल खरीदेगा। इसके अलावा वेनेजुएला से तेल खरीदने की संभावना पर भी बात हुई। इससे यूक्रेन में चल रहा युद्ध खत्म करने में मदद मिलेगी, जहां हर हफ्ते हजारों लोगों की जान जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी की दोस्ती, सम्मान और उनके अनुरोध पर, हमने अमेरिका और भारत के बीच तुरंत एक ट्रेड डील पर सहमति बनाई है। इसके तहत अमेरिका भारत पर लगाया जाने वाला रेसिप्रोकल टैरिफ 25% से घटाकर 18% करेगा। वहीं भारत भी अमेरिका के खिलाफ अपने टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को घटाकर शून्य करने की दिशा में आगे बढ़ेगा। PM मोदी ने 'बाय अमेरिकन' को लेकर भी बड़ी प्रतिबद्धता जताई है। इसके तहत भारत अमेरिका से 500 अरब डॉलर से ज्यादा के ऊर्जा, तकनीक, कृषि, कोयला और अन्य उत्पाद खरीदेगा। मुझे पूरा भरोसा है कि भारत और अमेरिका के रिश्ते आगे और भी मजबूत होंगे। मोदी बोले- हमारी पार्टनरशिप को ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए उत्सुक हूं PM मोदी ने लिखा- मुझे राष्ट्रपति ट्रम्प से बात करके बहुत खुशी हुई। यह जानकर बेहद संतोष है कि अब मेड इन इंडिया उत्पादों पर टैरिफ घटाकर 18% कर दिया गया है। इस शानदार फैसले के लिए भारत के 1.4 अरब लोगों की ओर से राष्ट्रपति ट्रम्प का दिल से धन्यवाद। मोदी ने आगे लिखा- जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र एकसाथ मिलकर काम करते हैं, तो इससे हमारे लोगों को लाभ होता है और आपसी सहयोग के नए और बड़े मौके खुलते हैं। मैं उनके साथ मिलकर काम करने और हमारी पार्टनरशिप को अभूतपूर्व ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए उत्सुक हूं। अब भारत उन देशों में शामिल, जिन पर सबसे कम टैरिफ भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने NDTV से बातचीत में भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील होने की पुष्टि की। उन्होंने कहा- कुछ तकनीकी कागजों पर अगले कुछ दिनों में दस्तखत होंगे, लेकिन डील लगभग तय है। गोर ने कहा- यह टैरिफ समझौता प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच कई सालों से चली आ रही मजबूत दोस्ती का नतीजा है। यह टैरिफ दूसरे देशों की तुलना में बहुत कम है। पहले भारत पर काफी ज्यादा टैरिफ लगता था, लेकिन अब भारत उन देशों में आ गया है जिन पर कम टैरिफ है। राजदूत गोर के मुताबिक, ट्रम्प और मोदी की दोस्ती इस डील को पूरा करने में सबसे बड़ी वजह बनी। गोर ने कहा कि अमेरिका और भारत के रिश्तों में बहुत बड़ी संभावनाएं हैं। इस व्यापार समझौते के बाद दोनों देशों के रिश्तों का अगला दौर शुरू होगा। इस बीच व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने भी न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया है कि अमेरिका, भारत से आने वाले सामान पर लगाया गया वह एक्स्ट्रा टैरिफ हटा देगा, जो रूस से तेल खरीदने के बदले सजा के तौर पर लगाया गया था। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें... सेंसेक्स 2073 अंक चढ़ा, वजह- ट्रम्प ने टैरिफ घटाया:83,739 पर बंद हुआ, निफ्टी भी 639 अंक ऊपर; अडाणी के शेयर 11% तक चढ़े शेयर बाजार में आज यानी 3 फरवरी को तेजी रही। सेंसेक्स में 2073 अंक (2.54%) बढ़कर 83,739 पर बंद हुआ। निफ्टी में 639 अंक (2.55%) की तेजी रही, ये 25,728 पर बंद हुआ। ट्रम्प ने भारत पर टैरिफ को 50% से घटाकर 18% कर दिया है, जिस वजह से बाजार चढ़ा है। पूरी खबर पढ़ें...

Dainik Bhaskar आंगनबाड़ी के बच्चों को मधुमक्खियों से बचाने दे दी जान:स्व सहायता समूह की अध्यक्ष ने तिरपाल-दरी में लपेटकर बचाया, लेकिन खुद चपेट में आई

नीमच में आंगनबाड़ी केंद्र पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। बच्चों को उनसे बचाने के लिए केंद्र में खाना बनाने वाले स्वसहायता समूह की अध्यक्ष कंचन बाई मेघवाल मधुमक्खियों के सामने खड़ी हो गईं। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना सभी बच्चों को तिरपाल और दरी में लपेटा। फिर अंदर के कमरे में भेजा। इतनी देर में कंचन बाई को कई मधुमक्खियों ने काट लिया। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मामला नीमच जिले के रानपुर गांव में सोमवार दोपहर का है। कंचन बाई का शव मंगलवार को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन को सौंपा गया। आंगनबाड़ी केंद्र के बाहर खेल रहे थे बच्चे सोमवार दोपहर को मडावदा पंचायत के आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चे बाहर खेल रहे थे। अचानक कई मधुमक्खियां वहां आ गईं और बच्चों को घेर लिया। यह देखकर कंचन बाई ने तुरंत हिम्मत दिखाई। उन्होंने पास पड़ी तिरपाल और दरी से बच्चों को ढंकना शुरू कर दिया। कंचन बाई बच्चों को बचाने के लिए खुद मधुमक्खियों के सामने खड़ी हो गईं। जब तक ग्रामीण मदद के लिए दौड़ते, हजारों मधुमक्खियां कंचन बाई को बुरी तरह डंक मार चुकी थीं। पति को पैरालिसिस, घर संभाल रही थीं स्थानीय ग्रामीणों ने कहा- कंचन बाई आंगनबाड़ी में खाना बनाने वाले 'जय माता दी स्व-सहायता समूह' की अध्यक्ष थीं। वे खुद भी बच्चों के लिए खाना बनाने का काम करती थीं। उनके पति शिवलाल को पैरालिसिस है। ऐसे में घर का सारा बोझ कंचन बाई के कंधों पर ही था। दंपती का एक बेटा और दो बेटियां हैं। प्रशासन से लगाई मदद करने की गुहार ग्रामीण अब आंगनवाड़ी के पास जाने से भी कतरा रहे हैं, क्योंकि वहां लगे पेड़ पर मधुमक्खियों का छत्ता है। जबकि आंगनबाड़ी में लगा एकमात्र हैंडपंप ही गांवभर के लिए पानी का जरिया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस छत्ते को तुरंत हटाया जाए ताकि और कोई हादसा न हो। साथ ही कंचन बाई के परिवार की आर्थिक मदद करने की गुहार भी लगाई है। ये खबर भी पढ़ें… हवन के धुएं से भड़कीं मधुमक्खियां, बुजुर्ग की मौत शहडोल में मधुमक्खियों के हमले में एक बुजुर्ग की जान चली गई। 13 लोग घायल हो गए हैं। प्रयागराज महाकुंभ से लौटा परिवार घर में हवन कर रहा था। इससे निकले धुएं से मधुमक्खियां भड़क गईं थी। प्रेमलाल कोल (60) मधुमक्खियों से बचने के प्रयास में भागते समय खेत में गिर गए। उनका पैर लकड़ी में फंस गया और मधुमक्खियों ने उन्हें घेर लिया। पढे़ं पूरी खबर…

Dainik Bhaskar ममता बनर्जी बोली-EC ने 6 पत्रों का जवाब नहीं दिया:चुनाव से ठीक पहले SIR क्यों; घुसपैठियों के लिए केंद्र जिम्मेदार

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि मैंने चुनाव आयोग को छह पत्र लिखे, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। ममता ने चुनाव से ठीक पहले SIR कराए जाने की टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए कहा कि घुसपैठ की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है। ममता बनर्जी ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ये बातें कही। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके पीछे कई लोग बैठे दिखे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सभी SIR के पीड़ित हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहतीं तो लाखों लोगों को दिल्ली ला सकती थीं, लेकिन ये लोग पिछले छह-सात दिनों से यहां रुके हुए हैं। ममता बनर्जी ने सवाल उठाया कि चुनाव के ठीक पहले SIR क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फरवरी में ही चुनाव की अधिसूचना आने की संभावना है। ऐसे में बिना प्लानिंग, बिना मैपिंग, बिना ट्रेनिंग और बिना इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्या 2–3 महीने में यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है? ममता बनर्जी की 5 बड़ी बाते… अभिषेक बनर्जी बोले- मुख्य चुनाव आयुक्त ने पत्र का जवाब नहीं दिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि चुनाव आयोग ने अपने ही दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया है। एक राज्य की मुख्यमंत्री ने मुख्य चुनाव आयुक्त को छह पत्र लिखे, लेकिन एक का भी जवाब नहीं दिया गया। ऐसे में सवाल यह है कि असल में बदतमीजी कौन कर रहा है। 2 फरवरी: ममता काली शॉल ओढ़कर मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलीं ममता बनर्जी ने सोमवार को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के खिलाफ काली शॉल ओढ़कर दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की थी। उनके साथ SIR प्रभावित 13 परिवार और TMC के नेता भी थे। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि ममता ने अपने मुद्दे CEC को बताए लेकिन उनका जवाब सुने बिना ही नाराज होकर चली गईं। मुलाकात के बाद ममता ने कहा, "मैं बहुत दुखी हूं। मैं दिल्ली की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हूं। मैंने आज तक ऐसा अहंकारी और झूठा चुनाव आयुक्त नहीं देखा। वह इस तरह से बात करते हैं जैसे वह जमींदार हों और हम नौकर। पूरी खबर पढ़ें… --------------- ये खबर भी पढ़ें… ममता बोलीं-SIR की चिंता में बंगाल में रोज 4 आत्महत्याएं:110 से ज्यादा लोगों की मौत हुई; चुनाव आयोग और केंद्र सरकार जिम्मेदार पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि बंगाल में SIR की चिंता में हर रोज 3 से 4 लोग आत्महत्या कर रहे हैं। अब तक 110 से ज्यादा लोग मर चुके हैं। 40-45 लोग अस्पतालों में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। इतने साल बाद क्या हमें यह साबित करना पड़ेगा कि हम इस देश के नागरिक हैं? पूरी खबर पढ़ें…

Dainik Bhaskar हमारी विरासत:कांवड़ कला के राजस्थान में सिर्फ 4 कारीगर बचे, पीढ़ियों से चली आ रही आर्ट जल्द खत्म हो जाएगी

जब घरों में टीवी या मोबाइल नहीं हुआ करते थे, तब गांव-गांव जाकर पौराणिक कथाएं सुनाने का काम कांवड़ कला करती थी। लकड़ी से तह होने वाला मंदिर (फोल्डेबल) बनाया जाता था। इन कांवड़ (मंदिरों) को लेकर जब कांवड़िया भाट समुदाय के लोग घर-घर जाते थे तो सभी एक साथ बैठकर गीतों के साथ रामायण, महाभारत और देवी-देवताओं की कथाएं सुनते थे। कांवड़ पूजनीय भी था और कीमती भी, लेकिन अब वही कला अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही है। पूरे राजस्थान में इस कला के सिर्फ चार कारीगर बचे हैं। वह भी सिर्फ कला से भावनात्मक जुड़ाव और यादों को सहेजने के लिए। कांवड़ कला का मुख्य केंद्र चित्तौड़गढ़ से करीब 22 किमी दूर बस्सी गांव रहा है। आज बस्सी में एक भी ऐसी दुकान नहीं है, जहां कांवड़ बिकता हो, क्योंकि खरीदार नहीं है। इस कला से जुड़े ज्यादातर कारीगर अब पेंटिंग, फर्नीचर या दूसरे लकड़ी के काम करने लगे हैं। इस कला को सरकार की सराहना तो खूब मिली, लेकिन संरक्षण कभी नहीं मिला।

Dainik Bhaskar प्राइवेट पॉलिसी पर सुप्रीम कोर्ट की मेटा-वॉट्सऐप को फटकार:कहा- संविधान का पालन करें,नहीं तो भारत छोड़ें; डेटा शेयरिंग की इजाजत नहीं देंगे

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को मेटा और वॉट्सऐप को उनकी प्राइवेसी पॉलिसी पर कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि हम आपको एक भी जानकारी शेयर करने की इजाजत नहीं देंगे। आप इस देश के अधिकारों के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकते। CJI ने कहा, यदि आप हमारे संविधान का पालन नहीं कर सकते, तो भारत छोड़ दें। हम नागरिकों की निजता से समझौता नहीं होने देंगे। ये मामला वॉट्सऐप की 2021 प्राइवेसी पॉलिसी से जुड़ा है, जिसमें कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने नवंबर 2024 में मेटा पर 213.14 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया था। CJI सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पांचोली की बेंच ने IT मंत्रालय को भी याचिका में पक्षकार बनाने को कहा है। कोर्ट 9 फरवरी को अंतरिम आदेश देगा। कोर्ट ने कहा- प्राइवेसी पॉलिसी चतुराई से तैयार की जाती हैं चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा,'आप डेटा साझा करने के नाम पर इस देश के निजता के अधिकार के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकते। हम आपको डेटा का एक भी शब्द साझा करने की अनुमति नहीं देंगे। या तो आप एक लिखित आश्वासन दें। आप नागरिकों के निजता के अधिकार का उल्लंघन नहीं कर सकते। पीठ ने कहा कि देश में निजता के अधिकार की सख्ती से रक्षा की जाती है और यह भी टिप्पणी की कि गोपनीयता की शर्तें इतनी चतुराई से तैयार की जाती हैं कि एक आम व्यक्ति उन्हें समझ ही नहीं पाता। यह निजी जानकारी की चोरी करने का एक शालीन तरीका है। हम आपको ऐसा करने की अनुमति नहीं देंगे। आपको एक आश्वासन देना होगा, अन्यथा हमें आदेश पारित करना पड़ेगा। सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कॉमर्शियल पर्पस के लिए यूजर के डेटा शेयर करने की "शोषणकारी" नीति की आलोचना की। कोर्ट रूम LIVE… मेहता: हमारा पर्सनल डेटा सिर्फ बेचा नहीं जाता, उससे पैसे कमाने के लिए इस्तेमाल भी किया जाता है। CJI: सड़क पर ठेला लगाने वाली महिला इन नियमों को कैसे समझेगी? क्या आपने सोचा है कि आप कितनी मुश्किल भाषा लिखते हैं? हर शर्त की जांच होनी चाहिए। CJI: मुझे अपना मोबाइल दिखाओ और मैं तुम्हें तुम्हारा मोबाइल दिखाऊंगा। यह प्राइवेट जानकारी चुराने का तरीका है। एड. अरुण कथपालिया: पूरा डेटा शेयर नहीं होता। सिर्फ कुछ खास डेटा शेयर होता है। CJI: आप अपना फायदा जानते हैं और यह भी जानते हैं कि आपने लोगों को ऐप का आदी बना दिया है। हर कोई इसका इस्तेमाल करता है। SG मेहता: यहां सिर्फ दो चॉइस हैं -लो या छोड़ दो। रोहतगी: क्या मैं कोर्ट को यह बताने के लिए एक पेज का एफिडेविट फाइल कर सकता हूँ कि हम क्या कर रहे हैं? कोर्ट इस पर विचार कर सकता है और फिर फैसला ले सकता है। जस्टिस बागची: जब हम DPDP एक्ट की जांच करते हैं, तो EU सिर्फ़ प्राइवेसी ही नहीं, बल्कि वैल्यू की भी जांच करता है। जब डेटा की प्राइवेसी खत्म हो जाती है, तो वे कहते हैं कि उसकी कोई वैल्यू नहीं रहती। कृपया इसकी जांच करें। --------------------- ये खबर भी पढ़ें… वॉट्सएप के एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन पर सवाल:मुकदमे में दावा- मेटा आपकी प्राइवेट चैट्स देख सकता है; कंपनी ने आरोपों को फर्जी बताया वॉट्सएप की पेरेंट कंपनी मेटा एक बार फिर प्राइवेसी को लेकर आरोपों के घेरे में है। सैन फ्रांसिस्को की एक फेडरल कोर्ट में दायर नए मुकदमे में दावा किया गया है कि कंपनी यूजर्स के उन चैट्स को भी देख सकती है, जिन्हें वह एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड (E2E) बताकर पूरी तरह सुरक्षित होने का दावा करती है। पूरी खबर पढ़ें…

Dainik Bhaskar दलित युवक को मुर्गा बनाकर पीटा, अश्लील हरकतें कराईं,VIDEO:मुरैना में पैसे न देने पर बदमाश ने की अभद्रता, परिवार घर छोड़कर लापता

मुरैना जिले में पैसे न देने के विवाद में एक दलित युवक के साथ अमानवीय और अपमानजनक व्यवहार का मामला सामने आया है। युवक को मुर्गा बनाकर थप्पड़ मारे गए और उससे अश्लील हरकतें कराई गईं। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मामला अंबाह थाना क्षेत्र का है। पीड़ित युवक आरोपी की ही गली में किराए से रहता था। डर के चलते युवक का परिवार घर छोड़कर कहीं चला गया है। आरोपी हिस्ट्रीशीटर, कर्ज के विवाद में मारपीट आरोपी की पहचान पुई उर्फ धर्मेंद्र तोमर, निवासी रेतपुरा, पुराना अंबाह थाना क्षेत्र के पीछे की बताई गई है। वह अंबाह थाने का आदतन अपराधी है। आरोपी और उसके सहयोगियों ने कर्ज की रकम वापस न करने पर युवक को अपने घर बुलाया और उसके साथ मारपीट व अभद्रता की। दो वीडियो आए सामने, साथी ने किया रिकॉर्ड पीड़ित युवक के साथ हुई प्रताड़ना के दो वीडियो सामने आए हैं। पहले वीडियो में युवक को मुर्गा बनाकर उससे खुद ही अपने पीछे थप्पड़ मारने को कहा गया। दूसरे वीडियो में युवक को अंबाह जनपद कार्यालय के पीछे ले जाकर उससे अपने प्राइवेट पार्ट से छेड़छाड़ कराई गई। इन वीडियो को आरोपी के किसी साथी ने बनाया था। परिवार डर के साये में, दूसरी जगह रहने गया था पीड़ित युवक की आरोपी से पुरानी पहचान थी और वह उसकी गली में किराए से रहता था। बाद में परेशान होकर वह परिवार सहित दूसरी गली में रहने चला गया था। वीडियो सामने आने के बाद से पीड़ित का परिवार लापता बताया जा रहा है। एसपी ने दिए कार्रवाई के निर्देश एसपी मुरैना समीर सौरभ ने कहा कि यह हरकत शर्मनाक है। अंबाह पुलिस को मामले और वीडियो की जांच कर पीड़ित पक्ष को बुलाकर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

Dainik Bhaskar इंडोनेशिया की दोस्त से संपर्क टूटा, किशोर ने दी जान:मानसिक तनाव में था, मफलर से फांसी लगाई, ऑनलाइन गेमिंग के दौरान दोस्ती

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में 15 वर्षीय किशोर ने आत्महत्या कर ली। इंडोनेशिया की दोस्त लड़की से कुछ दिन से संपर्क नहीं होने से कौशिक राय परेशान था। उसने घर पर मफलर से फांसी लगाकर जान दे दी। इसके बाद, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगामी कार्रवाई की। मृतक की पहचान कौशिक राय पुत्र रतन कुमार निवासी जलपाईगुड़ी (पश्चिम बंगाल) के रूप में हुई है। वह, कुल्लू के भुंतर स्थित वर्कशॉप कॉलोनी में किराए के कमरे में अपनी बहन के साथ रहता था और 10वीं कक्षा का स्टूडेंट था। उसकी बहन कॉलेज में पढ़ाई करती थी। पुलिस की प्रारंभिक जांच में शरीर पर किसी प्रकार की चोट या खरोंच के निशान नहीं पाए गए। मौत के असल कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद चलेगा। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। ऑनलाइन गेम खेलता था कौशिक SP कुल्लू मदन लाल ने बताया- कौशिक ऑनलाइन गेम खेलता था। इसी दौरान उसकी दोस्ती इंडोनेशिया की ‘युकी’ नामक लड़की से हुई। दोनों इंस्टाग्राम पर नियमित रूप से बातचीत करते थे और साथ में ऑनलाइन गेम भी खेलते थे। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से उस लड़की से संपर्क नहीं हो पा रहा था, जिससे किशोर गहरे मानसिक तनाव में था। इसी तनाव के चलते उसने यह कदम उठाया। माता-पिता पश्चिम बंगाल गए हुए थे घटना के समय किशोर के माता-पिता निजी कार्य से पश्चिम बंगाल गए हुए थे। पुलिस मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटा लिए है। फॉरेंसिंक टीम को मौके पर बुलाया गया है। पुलिस हर पहलू पर जांच आगे बढ़ा रही है, ताकि आत्महत्या के असल कारणों का पता लगाया जा सके। बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखे परिजन: SP इस संबंध में एसपी कुल्लू मदन लाल कौशल ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों और सोशल मीडिया संपर्कों पर नजर रखें। आजकल युवा ऑनलाइन गेमिंग और सोशल मीडिया पर अधिक समय बिताते हैं, ऐसे में समय रहते संवाद और निगरानी से इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है।

Dainik Bhaskar बाबुल की दुआएं लेती जा, चांदी तो बहुत महंगी:राजस्थान में जनजाति बेटियों के ब्याह में चढ़ती थी 2-3 किलो चांदी, अब समाजों ने 500 ग्राम सीमा तय की

चांदी महंगी होने का असर अब केवल बाजार या कारोबार तक नहीं, बल्कि राजस्थान के जनजाति समाज के रीति-रिवाजों तक भी पड़ा है। जनजाति समाज में सोने के बजाय चांदी का प्रचलन ज्यादा रहा है। पुराने समय से चली आ रही परंपरा के तहत शादी-ब्याह में 2 से 3 किलो तक चांदी चढ़ाई जाती रही है, लेकिन अब दाम बढ़े तो समाजों को बाकायदा पंचायत बुलाकर इसकी सीमाएं तय करनी पड़ रही हैं। अब तक कई समाज अपनी सुधार बैठकें बुलाकर ऐलान कर चुके हैं कि शादी-ब्याह के चढ़ावे में अब कोई भी परिवार 500-750 ग्राम से ज्यादा चांदी नहीं रखेगा। सोने की मात्रा भी सीमित कर एक से आधा तोला तय कर दी गई है। उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाने का प्रावधान है। प्रथा-परंपरा पर असर: नोतरा में जुटा लेते थे पूरी राशि, अब बूते से बाहर जनजाति समाज में शादी या अन्य बड़े आयोजन के लिए किसी परिवार को धन की आवश्यकता होती है तो नोतरा प्रथा के तहत समाज को जुटने का निमंत्रण दिया जाता है। पंच-पंचायत के जरिए आहूत नोतरा में पूरा गांव जुटता है और बिना किसी दस्तावेज या ब्याज के अपने सामर्थ्य के अनुसार आर्थिक सहायता करता है। यह प्रथा सामाजिक संबंधों व आपसी सहयोग को मजबूत करने का माध्यम भी रही है। शादी-ब्याह के अवसर पर अब तक जब भी नोतरा आहूत हुआ, समाज के लोग 2-3 किलो चांदी की राशि जुटाते रहे हैं, लेकिन अब चांदी बूते से बाहर हो चली है। ऐसे में समाजों ने बैठकें बुलाकर और सहमति बनाकर चांदी चढ़ाने की सीमा निर्धारित कर दी है। समाज-परिवार पर असर: मुश्किल समय में लेन-देन के काम आती थी चांदी, अब महंगी होने से खरीदना मुश्किल भीमपुर आदिवासी समाज चौखला के अध्यक्ष गुलाब सिंह चरपोटा बताते हैं- चौखले के अधीन 64 गांवों के लगभग 7 हजार परिवार आते हैं। चांदी के भाव बहुत बढ़ गए हैं तो फैसला किया है कि कोई भी परिवार शादी में 750 ग्राम चांदी और एक तोला सोने से ज्यादा नहीं देगा। सभी की राय से यह फैसला किया गया। इसी तरह, समाज सुधार कमेटी लालावाड़ा के अध्यक्ष पवन कुमार पटेल बताते हैं, कई परिवार जमीन गिरवी रखकर या ब्याज पर उधार लेकर चांदी के आभूषण बनवाते रहे हैं। अब 650 परिवारों ने फैसला स्वीकार किया है कि शादी में 500 ग्राम चांदी से ज्यादा नहीं चढ़ाएंगे। वाल्मीकि समाज सुधार संस्थान के जिलाध्यक्ष फूलगिरी महाराज बताते हैं, स्वास्थ्य संबंधी कई लाभ होने के कारण पूर्वजों ने चांदी के आभूषणों को रीति रिवाज से जोड़ा था। मुश्किल समय में चांदी ही गरीब परिवारों कों आर्थिक संबल देती आई है, लेकिन जनजाति परिवारों में चांदी का यह सदियों पुराना साथ अब छूट रहा है। हमारे संत-महंतों ने 40 से अधिक गांवों में शादी में होने वाले चढ़ावे में अधिकतम 500 ग्राम चांदी की सीमा तय की है। इस फैसले को 4 हजार जनजाति परिवारों ने सहर्ष स्वीकार किया है।

Dainik Bhaskar गुवाहाटी में पलंग के बॉक्स से नाबालिग बच्ची का रेस्क्यू:आरोपी महिला ने टीम से छिपाने के लिए बंद किया था, 6 साल तक बंधक बनाया

असम के गुवाहाटी में 13 साल की बच्ची को रेस्क्यू किया गया है। उसे एक परिवार ने 6 साल से कैद किया हुआ था, बच्ची से घर के काम कराए जाते थे। गुवाहाटी की डिस्ट्रिक्ट लेबर टास्क फोर्स ने 1 फरवरी को पंजाबारी के जुरिपार इलाके में मकान नंबर 69 में छापा मारा था। यह घर अमरीन अख्तर लस्कर नाम की महिला का है। टीम को देख अमरीन ने बच्ची को पलंग के बॉक्स में बंद कर दिया। ऊपर से गद्दा बिछाकर परिवार के सदस्य को लिटा दिया। टीम ने घर की तलाशी ली, करीब 25 मिनट बाद बच्ची का पता चला। उसे पलंग से बाहर निकाला गया। इस दौरान अधिकारी अमरीन को फटकारते नजर आए रेस्क्यू की 3 तस्वीरें… 6 साल से हो रहा था बच्ची का शोषण डिस्ट्रिक्ट लेबर टास्क फोर्स के मुताबिक बच्ची के बारे में अमरीन के पड़ोसियों ने जानकारी दी थी। बताया था कि करीब 6 साल से बच्ची यहां है। अमरीन उससे घर के काम कराती थी। मारपीट भी करती थी। --------------------- यह भी पढ़ें… असम में कारोबारी के घर 40 मिनट तक लूट:हथियारों के बल पर पत्नी-ड्राइवर को बंधक बनाया; नकदी और गहने लेकर फरार हुए असम के गुवाहाटी में सोमवार देर रात 4 नकाबपोश बदमाशों ने बंदूक और चाकू के बल पर एक बिजनेसमैन के घर में लूटपाट की। पूरी घटना CCTV कैमरों में कैद हो गई। पुलिस के मुताबिक यह घटना कारोबारी अनिल डेका के घर पर हुई। चार लुटेरे सफेद मारुति सुजुकी स्विफ्ट कार में आए थे। पूरी खबर पढ़ें…

Dainik Bhaskar गुवाहाटी में पलंग के बॉक्स से नाबालिग बच्ची का रेस्क्यू:आरोपी महिला ने टीम से छिपाने के लिए बंद किया था, 6 साल तक बंधक बनाया

असम के गुवाहाटी में 13 साल की बच्ची को रेस्क्यू किया गया है। उसे एक परिवार ने 6 साल से कैद किया हुआ था, बच्ची से घर के काम कराए जाते थे। गुवाहाटी की डिस्ट्रिक्ट लेबर टास्क फोर्स ने 1 फरवरी को पंजाबारी के जुरिपार इलाके में मकान नंबर 69 में छापा मारा था। यह घर अमरीन अख्तर लस्कर नाम की महिला का है। टीम को देख अमरीन ने बच्ची को पलंग के बॉक्स में बंद कर दिया। ऊपर से गद्दा बिछाकर परिवार के सदस्य को लिटा दिया। टीम ने घर की तलाशी ली, करीब 25 मिनट बाद बच्ची का पता चला। उसे पलंग से बाहर निकाला गया। इस दौरान अधिकारी अमरीन को फटकारते नजर आए रेस्क्यू की 3 तस्वीरें… 6 साल से हो रहा था बच्ची का शोषण डिस्ट्रिक्ट लेबर टास्क फोर्स के मुताबिक बच्ची के बारे में अमरीन के पड़ोसियों ने जानकारी दी थी। बताया था कि करीब 6 साल से बच्ची यहां है। अमरीन उससे घर के काम कराती थी। मारपीट भी करती थी। --------------------- यह भी पढ़ें… असम में कारोबारी के घर 40 मिनट तक लूट:हथियारों के बल पर पत्नी-ड्राइवर को बंधक बनाया; नकदी और गहने लेकर फरार हुए असम के गुवाहाटी में सोमवार देर रात 4 नकाबपोश बदमाशों ने बंदूक और चाकू के बल पर एक बिजनेसमैन के घर में लूटपाट की। पूरी घटना CCTV कैमरों में कैद हो गई। पुलिस के मुताबिक यह घटना कारोबारी अनिल डेका के घर पर हुई। चार लुटेरे सफेद मारुति सुजुकी स्विफ्ट कार में आए थे। पूरी खबर पढ़ें…

Dainik Bhaskar पहली बार 83 हिमालयी चोटियां सभी के लिए खुलीं:भारतीयों के लिए फीस शून्य, विदेशियों को 80 हजार तक की छूट, जानिए कब और कैसे जाएं

उत्तराखंड सरकार ने साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं हिमालय की 83 प्रमुख पर्वत चोटियों को पहली बार सभी पर्वतारोहियों के लिए खोल दिया है। इस फैसले के साथ भारतीय पर्वतारोहियों को इन चोटियों पर चढ़ाई के लिए लगने वाली सभी सरकारी फीस पूरी तरह माफ कर दी गई है, जिससे अब पर्वतारोहण पहले की तुलना में आसान और सस्ता हो गया है। इस फैसले के बाद लोगों के मन में कई सवाल हैं- इन 83 चोटियों में से सबसे खास कौन-सी हैं, किन चोटियों पर जाना आसान है और किन पर चढ़ाई के लिए ज्यादा अनुभव चाहिए। यह जानना भी जरूरी है कि अलग-अलग चोटियों तक पहुंचने के रास्ते क्या हैं और वहां चढ़ाई की खासियत क्या है। हमारी इस रिपोर्ट में हम आपको बता रहे हैं कि इन 83 खुली चोटियों में से कौन-कौन सी सबसे अहम हैं, वहां तक कैसे पहुंचा जा सकता है और अगर आप भी पर्वतारोहण की योजना बना रहे हैं, तो रजिस्ट्रेशन कहां और कैसे करना होगा। पहले समझिए कितना फायदा हो रहा अब तक पर्वतारोहण को अमीरों या स्पॉन्सर्ड अभियानों का खेल माना जाता था, क्योंकि सरकारी शुल्क ही बड़ा बोझ बन जाता था। नई SOP में भारतीय पर्वतारोहियों के लिए पीक फीस, कैंपिंग चार्ज, ट्रेल मैनेजमेंट फीस और पर्यावरण शुल्क सब कुछ जीरो कर दिया गया है। इससे एक अभियान पर औसतन 15 से 20 हजार रुपए तक की सीधी बचत होगी। विदेशी पर्वतारोहियों को भी बड़ी राहत मिली है। वन विभाग द्वारा लिया जाने वाला अलग ‘अभियान शुल्क’ समाप्त कर दिया गया है। अब उन्हें केवल भारतीय पर्वतारोहण संस्था (IMF), नई दिल्ली द्वारा तय शुल्क ही देना होगा। इससे परमिशन प्रक्रिया तेज और कम जटिल होगी। कितनी ऊंचाई की चोटियां खुलीं और कहां-कहां इस फैसले के तहत 5,700 मीटर से 7,756 मीटर ऊंचाई तक की 83 चोटियां खोली गई हैं। इनमें कामेट, नंदा देवी (पूर्व), चौखंबा, त्रिशूल, सतोपंथ, शिवलिंग और पंचाचूली जैसे प्रतिष्ठित शिखर शामिल हैं। ये चोटियां चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, बागेश्वर और रुद्रप्रयाग जिलों में फैली हुई हैं। सरकार का फोकस सीमावर्ती और दूरस्थ इलाकों में नियंत्रित लेकिन संगठित पर्वतारोहण गतिविधियां बढ़ाने पर है, ताकि सुरक्षा और पर्यावरण-दोनों संतुलित रहें। 5 प्रमुख ग्रुप्स की चोटियों के बारे में पढ़िए… कैसे करें रजिस्ट्रेशन- सिंगल विंडो सिस्टम अब ऑफलाइन फाइलों और कई दफ्तरों के चक्कर खत्म हो गए हैं। सरकार ने ‘उत्तराखंड माउंटेनियरिंग परमिशन सिस्टम’ (UKMPS) लागू किया है। पर्वतारोहियों को mountaineering.uk.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। यहीं से रूट, टीम डिटेल, बीमा और गाइड की जानकारी अपलोड होगी, जिससे अनुमोदन प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनेगी। अपना लक्ष्य कुछ इस तरह चुनें अगर आप बिगिनर हैं और ट्रेकिंग का अनुभव रखते हैं, तो 6,000 मीटर के आसपास की चोटियां जैसे रुद्रगैरा, जोगिन समूह या कालानाग से शुरुआत सुरक्षित मानी जाती है। हाई-एल्टीट्यूड अनुभव रखने वालों के लिए कामेट, सतोपंथ, त्रिशूल और चौखंबा 7,000 मीटर क्लब का मौका देते हैं। तकनीकी और हार्डकोर क्लाइम्बिंग चाहने वालों के लिए शिवलिंग, थलय सागर, चंगबांग और मेरु जैसी चोटियां सबसे बड़ी चुनौती हैं। अब जानिए कब जाएं और चढ़ाई का सही मौसम हिमालय में मौसम जल्दी बदलता है, इसलिए सही समय चुनना जरूरी है। मई से जून चढ़ाई के लिए सबसे सुरक्षित माना जाता है, जब मौसम साफ रहता है और बर्फ स्थिर होती है। सितंबर से अक्टूबर में भी चढ़ाई की जा सकती है, लेकिन इस समय ठंड ज्यादा होती है। जुलाई-अगस्त में बारिश और भूस्खलन के खतरे के कारण चढ़ाई की सलाह नहीं दी जाती, जबकि नवंबर से मार्च तक केवल बहुत अनुभवी पर्वतारोहियों के लिए ही अभियान संभव होते हैं।

Dainik Bhaskar 'यूपी पुलिस गोली मारे नहीं तो क्या खाए':पिस्तौल दी है, ट्रेनिंग मिली है; एनकाउंटर पर योगी का जवाब

‘2012 से 2017 के बीच यूपी में 900 से ज्यादा दंगे हुए। ऐसा कोई शहर नहीं था, जिसने कर्फ्यू का दौर न देखा हो। काई व्यापारी ऐसा नहीं था, जिसने गुंडा टैक्स न दिया हो। अपराध हावी था। ऐसे वक्त पर मुझे दायित्व सौंपा। हमने तय किया- जीरो टॉलरेंस।’ ‘अगर अपना व्यक्ति भी गलत करेगा तो उसके लिए भी वही कानून लागू होगा, जो माफिया और अपराधी के लिए है। बहुत बार लोग टिप्पणी करते हैं कि पुलिस ने गोली क्यों मार दी। अगर पुलिस गोली न मारे तो क्या खाए। दोनों काम एक साथ नहीं चल सकते।’ 'अगर उस अपराधी के पास गोली चलाने की आजादी है तो हमने भी पुलिस को पिस्तौल दी है। उन्हें ट्रेनिंग ही इस बात की दी गई है कि अपराधी जिस भाषा में समझे, उस भाषा में समझाने का काम करे।' ये बातें CM योगी ने मंगलवार को कहीं। वे लखनऊ में यूपी फार्मा कॉन्क्लेव 1.0 के उद्घाटन के लिए पहुंचे थे। उनके साथ डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी थे। इस दौरान सरकार ने 11 कंपनियों के साथ MoU किया। इसके तहत मेडिकल डिवाइस और नई दवाओं पर मिलकर शोध किया जाएगा। योगी की स्पीच की बड़ी बातें 1. 2017 से पहले दंगे होते थे, कंपनियां पलायन कर रही थी योगी ने कहा- 2017 से पहले दंगे होते थे। अपहरण होते थे। कोई डॉक्टर, व्यापारी, बिजनेसमैन ऐसा नहीं था, जिसने गुंडा टैक्स न दिया हो। युवा पलायन कर रहा था। कंपनियां पलायन कर रही थी। जब सुरक्षा नहीं होगी तो कारोबारी कैसे रुक पाएंगे। पहले जो कंपनियां थीं, वो भी जाने लगी थी। यह सभी की पीड़ा थी। जहां बचपन बीता, उस जमीन को छोड़ना बहुत कष्टदायी होता है। यह हर उस व्यक्ति की पीड़ा है, जिसने उस दौर को देखा है। 2. चूज एंड पिक से काम नहीं चलेगा, अपनों पर भी एक्शन योगी ने कहा- 2017 में पीएम मोदी ने मुझे जिम्मेदारी सौंपी। जब हमने देखा तो तय किया कि जीरो टॉलरेंस। चूज एंड पिक से काम नहीं चलेगा यानी अगर अपना व्यक्ति भी गलत करेगा तो उस पर एक्शन होगा। अपना पराया कुछ नहीं होगा। जब हमने एक्शन शुरू किया, प्रयास किया कि कानून के दायरे में रहकर करें, लेकिन कई बार अगर कोई कानून से डर नहीं रहा था, तो ऐसे व्यक्ति को कानून के दायरे में लाकर कानून की भाषा समझाना तात्कालिक परिस्थिति हो जाती है। 3. समझाया गया तो बड़े-बड़े काम आराम से होने लगे योगी ने कहा- जब अपराधियों, माफियाओं और अराजक तत्वों को समझाया गया तो बड़े-बड़े काम आराम से होने लगे। कही शांति भंग की बात नहीं हुई, अराजकता की बात नहीं हुई, गुंडागर्दी की बात नहीं हुई। दंगा फसाद नहीं है। आज कहीं भी ऐसी स्थिति नहीं है। यूपी निवेश के बेहतरीन मानक स्थापित कर रहा है। 4. कानून के साथ खिलवाड़ करने की छूट किसी को नहीं योगी ने कहा- कानून के साथ किसी को खिलवाड़ करने की छूट नहीं है। अगर कानून को कोई आंख दिखाता है तो उसको कानून अपने तरीके से अपने दायरे में लाकर अपने हिसाब से समझाता है। एक वक्त यूपी के अंदर लोगों के मन में अविश्वास था, असुरक्षा थी, क्योंकि अराजकता थी। आज वो दूर की कौड़ी हो चुकी है। 5. 2017 से पहले के हालात से निपटने के लिए रिहर्सल करानी पड़ती है योगी ने कहा- 2017 से पहले के हालात से निपटने के लिए मुझे अपने लोगों को सिखाना पड़ता है। कभी-कभी रिहर्सल करानी पड़ती है कि कैसे अगर कभी दंगा हो जाए, तो क्या करेंगे, क्योंकि 9 साल में लोग भूल गए हैं कि दंगा कैसे होता है। मेरे रहते तो दंगा कर नहीं सकते तो मुझे खुद खड़ा होना पड़ता है कि अब मेरे सामने प्रदर्शन करो यानी रिहर्सल करो। हाईकोर्ट ने कहा था- यूपी पुलिस तारीफ- प्रमोशन के लिए एनकाउंटर कर रही यूपी में 9 साल में करीब 15 हजार से ज्यादा एनकाउंटर हुए हैं। इसमें करीब 280 बदमाश मारे गए हैं। 3 दिन पहले यूपी पुलिस के ‘हाफ एनकाउंटर’ तरीके पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने कहा- पुलिस अधिकारी सिर्फ तारीफ, समय से पहले प्रमोशन और सोशल मीडिया पर वाहवाही के लिए अनावश्यक रूप से गोली चला रहे हैं। हाईकोर्ट ने 6 पॉइंट पर गाइडलाइंस जारी की। जस्टिस अरुण कुमार देशवाल की बेंच ने साफ चेतावनी दी- अगर पुलिस एनकाउंटर मामलों में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का पालन नहीं हुआ तो जिले के SP, SSP और पुलिस कमिश्नर व्यक्तिगत रूप से कोर्ट की अवमानना के दोषी माने जाएंगे। हाईकोर्ट ने कहा था- आरोपी को सज़ा देने का अधिकार केवल न्यायपालिका के पास है, पुलिस के पास नहीं। भारत एक लोकतांत्रिक देश है और यहां कानून संविधान के अनुसार चलता है, न कि व्यक्तिगत सोच के आधार पर। कोर्ट ने यह भी कहा था कि कई मामलों में पुलिस अधिकारी जानबूझकर आरोपी के घुटने के नीचे पैर में गोली मारते हैं, ताकि मामला ‘हाफ एनकाउंटर’ कहलाए और वे बहादुरी का श्रेय ले सकें। कानून की नजर में यह तरीका पूरी तरह अस्वीकार्य है। जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान आया आदेश यह सख्त आदेश शुक्रवार को कोर्ट ने एक आरोपी की जमानत याचिका मंजूर करते हुए दिया। आरोपी को पुलिस एनकाउंटर में गंभीर चोटें आई थीं। कोर्ट ने पाया कि एनकाउंटर में किसी भी पुलिसकर्मी को चोट नहीं आई, जिससे हथियार इस्तेमाल करने की जरूरत पर सवाल खड़े होते हैं। सुप्रीम कोर्ट की PUCL गाइडलाइंस की अनदेखी पर नाराज़गी हाईकोर्ट ने कहा- PUCL (पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज) बनाम महाराष्ट्र राज्य (2014) मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गाइडलाइंस बना रखी है। इसके बावजूद यूपी में पुलिस बार-बार इन नियमों को नजरअंदाज कर रही है। कोर्ट ने दो टूक कहा कि तारीफ़ या पुरस्कार पाने के लिए पुलिस को कानून हाथ में लेने की इजाज़त नहीं दी जा सकती। हाईकोर्ट की 6 सख्त गाइडलाइंस 1- FIR और जांच 2- FIR में नाम 3- मेडिकल और बयान 4- कोर्ट को रिपोर्ट 5- प्रमोशन और अवॉर्ड पर रोक 8 साल में 259 अपराधियों को एनकाउंटर में ढेर किया राज्य सरकार के अनुसार, मार्च 2017 से अक्टूबर 2025 तक यूपी पुलिस ने 259 अपराधियों को एनकाउंटर में ढेर किया है। इस दौरान 15,000 से अधिक पुलिस एनकाउंटर हुए, जिनमें 31,000 से ज्यादा अपराधी गिरफ्तार हुए और 10,000 से अधिक को गोली मारी गई। -------------------- ये खबर भी पढ़ें- मीका सिंह के कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व सांसद को रोका: समर्थकों ने बताया- नेता जी हैं; PAC वाले तब भी नहीं माने, अफसर को कॉल किया अलीगढ़ में सिंगर मीका सिंह के कार्यक्रम के जमकर हंगामा हुआ। सुरक्षाकर्मियों ने एक पूर्व सांसद को एंट्री गेट पर ही रोक दिया गया। उनके साथ समर्थकों ने बार-बार बताया कि ‘नेता जी हैं’, पूर्व सांसद हैं, लेकिन मौके पर तैनात PAC जवान नहीं माने। करीब आधे घंटे तक कहासुनी होती रही। धक्का-मुक्की के हालात बन गए। पूरी खबर पढ़िए

Dainik Bhaskar भोपाल में वकीलों ने रेप के आरोपी को पीटा...VIDEO:11वीं की छात्रा से किया था दुष्कर्म; जिला कोर्ट में पेश करने लेकर आई थी पुलिस

भोपाल जिला कोर्ट परिसर में वकीलों ने 11वीं की छात्रा से रेप-ब्लैकमेलिंग के आरोपी को पीट दिया। कोहेफिजा पुलिस सोमवार को आरोपी ओसाफ अली खान को कोर्ट में पेश करने लेकर आई थी। इस बीच वहां मौजूद वकीलों की भीड़ ने उसे घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिसकर्मियों और वकीलों के बीच झूमाझटकी की स्थिति बन गई। इसके वीडियो भी सामने आए हैं। एक वीडियो 2 फरवरी का बताया जा रहा है। आरोपी को देखते ही वकीलों का गुस्सा भड़का प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपी को देखते ही वकीलों का गुस्सा भड़क उठा। कुछ वकीलों ने आरोपी को पुलिस से छुड़ाने की कोशिश की और उसके साथ मारपीट की। कोर्ट परिसर में शोर-शराबा और धक्का-मुक्की के चलते कुछ देर के लिए कामकाज भी प्रभावित हुआ। पुलिस ने बल प्रयोग कर किसी तरह आरोपी को भीड़ से बचाया और सुरक्षित बाहर निकाला। हंगामे की 2 तस्वीरें देखिए… सहेली के जरिए दोस्ती की और फिर रेप किया मामला तब सामने आया जब शाहपुरा स्थित एक प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़ने वाली 11वीं की छात्रा ने परिवार के साथ कोहेफिजा थाने में शिकायत दर्ज कराई। कोहेफिजा थाना टीआई कृष्ण गोपाल शुक्ला के अनुसार, आरोपी ओसाफ अक्सर छात्रा की सहेली से मिलने स्कूल के आसपास आता था। इसी सहेली के माध्यम से उसकी पहचान पीड़िता से हुई। पिछले साल जुलाई में आरोपी ने पीड़िता को भोपाल घुमाने के बहाने बुलाया और खानूगांव के सुनसान इलाके में ले गया। वहां कार के अंदर आरोपी ने छात्रा के साथ रेप किया। विरोध करने पर उसने शादी का झांसा देकर उसे चुप करा दिया। एक लाख रुपए की डिमांड कर ब्लैकमेल किया आरोपी ने पीड़िता को पता चले बिना रेप के दौरान उसका अश्लील वीडियो बना लिया था। कुछ समय बाद उसने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर छात्रा से 1 लाख रुपए की मांग की। बदनामी के डर से घबराई छात्रा ने किसी तरह 40 हजार रुपए का इंतजाम कर आरोपी को दिए। ब्लॉक करने पर दोस्तों को दिखाया वीडियो पैसे लेने के बाद भी आरोपी की मांग जारी रही और वह बार-बार रेप करने का दबाव बनाता रहा। तंग आकर जब छात्रा ने उसे सोशल मीडिया और फोन पर ब्लॉक कर दिया, तो आरोपी ने अलग-अलग नंबरों से कॉल कर परेशान किया। जब छात्रा नहीं मानी, तो आरोपी ने वह निजी वीडियो छात्रा के दोस्तों को दिखा दिया। इसके बाद छात्रा ने अपने मौसेरे भाई और हिंदू संगठन के लोगों की मदद से थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। धर्म परिवर्तन और नमाज पढ़ने का दबाव बनाया पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी उस पर धर्म बदलने का दबाव डालता था। इतना ही नहीं, दबाव बनाकर उससे कई बार जबरन धार्मिक दुआएं भी पढ़वाई गईं। पुलिस ने आरोपी ओसाफ अली खान को हिरासत में ले लिया है। आरोपी का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया है, जिसकी फोरेंसिक जांच कराई जाएगी।

Dainik Bhaskar बोइंग 787 प्लेन की उड़ान पर पाबंदी:एअर इंडिया के विमान में फिर ‘फ्यूल कंट्रोल स्विच’ में खराबी

एअर इंडिया के एक पायलट ने बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान में फ्यूल कंट्रोल स्विच में संभावित तकनीकी खराबी की सूचना दी है। लंदन के हीथ्रो से बेंगलुरु तक उड़ान संचालन के बाद यह शिकायत दर्ज की गई। सूत्रों के मुताबिक, सोमवार सुबह बेंगलुरु में लैंडिंग के बाद पायलट ने विमान की डिफेक्ट लॉग बुक में उल्लेख किया कि बाएं इंजन का फ्यूल कंट्रोल स्विच ‘रन’ से ‘कट ऑफ’ की ओर फिसल रहा था और वह अपनी स्थिति में लॉक नहीं हो पा रहा था। बता दें कि ‘रन’ और ‘कट ऑफ’ स्विच का उपयोग इंजन को शुरू या बंद करने के लिए किया जाता है। यह विमान उड़ान संख्या एआई-132 का संचालन कर रहा था, जिसमें 200 से अधिक यात्री सवार थे। एअर इंडिया ने कहा कि पायलट की रिपोर्ट मिलने के तुरंत बाद संबंधित विमान को ग्राउंड कर दिया है। मूल उपकरण निर्माता (ओईएम) बोइंग को जांच के लिए शामिल किया है। मामले की जानकारी विमानन नियामक डीजीसीए को भी दे दी गई है। एअर इंडिया ने कहा कि डीजीसीए के निर्देश पर उसके पूरे बोइंग 787 बेड़े के फ्यूल कंट्रोल स्विच की जांच की जा चुकी है और उस दौरान कोई खामी सामने नहीं आई थी। ड्रीमलाइनर विमानों की इलेक्ट्रिकल सिस्टम की गहन जांच हो: पायलट्स फेडरेशन फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (एफआईपी) ने दावा किया कि फ्यूल कंट्रोल स्विच में खराबी लंदन हीथ्रो पर ही सामने आ गई थी। संगठन ने कहा कि वह जून 2025 में हुए एआई171 हादसे के बाद से ड्रीमलाइनर विमानों की इलेक्ट्रिकल सिस्टम की गहन जांच की मांग करता आ रहा है। गैर-लाभकारी संस्था सेफ्टी मैटर्स फाउंडेशन ने बयान जारी कर कहा कि इंजन स्टार्ट के दौरान बाएं इंजन का फ्यूल स्विच दो बार ‘रन’ स्थिति में लॉक नहीं हो पाया और ‘कट ऑफ’ की ओर बढ़ गया, जिससे कुछ परिस्थितियों में उड़ान के दौरान इंजन बंद होने का जोखिम हो सकता है। अहमदाबाद में क्रैश हुआ था एअर इंडिया का विमान: जून 2025 में अहमदाबाद से लंदन जा रही एअर इंडिया की बोइंग 787-8 उड़ान एआई-171 के टेकऑफ के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में दोनों इंजनों में ईंधन आपूर्ति अचानक बंद होने की बात सामने आई थी। इस दुर्घटना की जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो कर रहा है।

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