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Dainik Bhaskar डॉक्टरों पर हमलों से सुप्रीम कोर्ट नाराज:कहा- कानून से ऊपर कोई नहीं, चुने हुए नेताओं की जिम्मेदारी ज्यादा
सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टरों और अन्य सरकारी कर्मचारियों पर निर्वाचित नेताओं के बढ़ते हमलों पर चिंता जताई है। कोर्ट ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की कानून का सम्मान करने की जिम्मेदारी ज्यादा होती है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने यह टिप्पणी शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे और तीन अन्य की जमानत रद्द करते हुए की। इन पर ठाणे जिले के एक नगरपालिका अस्पताल में डॉक्टरों से मारपीट और गाली-गलौज का आरोप है। 28 सितंबर के विस्तृत आदेश में कोर्ट ने सभी आरोपियों को 5 अक्टूबर तक सरेंडर करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि निर्वाचित पद की ताकत कानून से ऊपर नहीं हो सकती। निर्वाचित पद और कानून का पालन सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधि पर कानून का सम्मान करने और संस्थाओं में लोगों का भरोसा मजबूत करने की ज्यादा जिम्मेदारी होती है। कोर्ट ने कहा कि निर्वाचित पद पर बैठे लोगों द्वारा नागरिकों या सरकारी कर्मचारियों से निपटने में बल, धमकी या गैरकानूनी तरीकों का इस्तेमाल बढ़ रहा है। ऐसे मामले देश के अलग-अलग हिस्सों से सामने आए हैं। बेंच ने कहा कि मौजूदा घटना को अकेली घटना मानकर नहीं देखा जा सकता। ऐसे मामलों से समाज की शांति और स्थिरता पर बुरा असर पड़ता है। इससे सार्वजनिक व्यवस्था भी बिगड़ती है। कोर्ट ने बताया कि म्हात्रे मामले के बाद महाराष्ट्र के पालघर में भी शिवसेना नेताओं से जुड़ी ऐसी ही घटना सामने आई थी। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि हर मामले की जांच उसके अपने तथ्यों और कानून के अनुसार होनी चाहिए। लेकिन निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा कानून से मिली सीमा से ज्यादा अधिकार हासिल करने या करने की कोशिश के आरोपों की बार-बार सामने आना गंभीर चिंता का विषय है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निर्वाचित पद के साथ कानून के शासन और उन संस्थाओं का सम्मान करने की जिम्मेदारी आती है, जहां शिकायतों का समाधान होता है। चुनाव से मिली ताकत को कानून की ताकत का विकल्प नहीं बनाया जा सकता। कोर्ट ने कहा, “पद चाहे कितना भी बड़ा हो, कोई भी व्यक्ति कानून के अनुशासन से ऊपर नहीं हो सकता।” डॉक्टरों को डराने-धमकाने पर सख्ती सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ड्यूटी कर रहे डॉक्टरों को डराने या उन पर हमला करने की कोई कोशिश बर्दाश्त नहीं की जा सकती। खासकर तब, जब आरोपी निर्वाचित पद पर हो। कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक पद की वैधता आदेश देने की ताकत से नहीं, बल्कि कानून की सीमा में रहने और देश की सेवा करने की जिम्मेदारी से तय होती है। संवैधानिक लोकतंत्र में यह अंतर हमेशा कायम रहना चाहिए। बेंच ने कहा, “जनता के स्वास्थ्य के हित में अपनी ड्यूटी निभा रहे मेडिकल प्रोफेशनल्स को डराना या उन पर हमला करना बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। ऐसा किसी निर्वाचित पद पर बैठे व्यक्ति या किसी अन्य व्यक्ति के हाथों हो, फिर भी यह अस्वीकार्य है।” कोर्ट ने कहा कि लोकतंत्र चुनाव के जरिए ताकत देता है, लेकिन उस ताकत का इस्तेमाल कानून के अनुशासन के तहत ही होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गंभीर चिंता तब होती है, जब निर्वाचित पदों पर बैठे लोग जनता के जनादेश को निजी अधिकार और बेलगाम ताकत का स्रोत समझने लगते हैं। इसके बाद वे आदेश देने, डराने या अपनी इच्छा थोपने की स्थिति में खुद को रखने लगते हैं। कोर्ट ने कहा कि संवैधानिक व्यवस्था कानून से मिली ताकत और किसी व्यक्ति के प्रभाव के बीच साफ अंतर करती है। निर्वाचित प्रतिनिधि का काम जनता की सेवा करना और शिकायतों व न्याय से जुड़ी संस्थाओं को मजबूत करना है। बेंच ने कहा, “वह पुलिस, प्रशासन या अदालत की भूमिका खुद नहीं निभा सकता। डर या धमकी के जरिए अपनी निजी पहुंच से किसी से काम कराने की कोशिश का असर केवल पीड़ित तक सीमित नहीं रहता। इससे कानून के शासन में लोगों का भरोसा कमजोर हो सकता है।” डॉक्टरों पर हमले का असर बेंच ने कहा कि यह चिंता तब और गंभीर हो जाती है, जब ऐसे व्यवहार का सामना मेडिकल प्रोफेशनल्स को करना पड़ता है। ये डॉक्टर लोगों के स्वास्थ्य और जीवन की देखभाल की जिम्मेदारी निभाते हैं। कोर्ट ने कहा कि डॉक्टर अक्सर कमजोर मरीजों, मेडिकल इमरजेंसी और तुरंत पेशेवर फैसले लेने वाली स्थितियों में काम करते हैं। ऐसे काम में संयम और तत्काल सही निर्णय जरूरी होता है। बेंच ने कहा कि अस्पताल में डर या असुरक्षा का माहौल केवल संबंधित डॉक्टर को प्रभावित नहीं करता। इससे मरीजों को सुरक्षित और प्रभावी इलाज देने की व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। कोर्ट ने कहा कि जो लोग दूसरों के स्वास्थ्य की रक्षा की जिम्मेदारी निभाते हैं, उन्हें खुद डर, धमकी या आशंका के माहौल में काम करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी निर्वाचित पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा मेडिकल प्रोफेशनल्स के खिलाफ हिंसा बेहद गंभीर है। इससे मरीजों की देखभाल करने वालों की सुरक्षा और सम्मान खतरे में पड़ता है। कोर्ट ने कहा कि ऐसी हिंसा सार्वजनिक पद से जुड़ी उस जिम्मेदारी को भी कमजोर करती है, जिसके तहत कानून के शासन को मजबूत करना होता है। निर्वाचित पद की ताकत किसी भी नागरिक को कानून की पाबंदियों की अनदेखी करने का आधार नहीं दे सकती।
Dainik Bhaskar महाराष्ट्र के दिवेआगर बीच पर 8 छात्र डूबे:पिकनिक मनाने आए थे, गहरे पानी में उतरने से मौत; पुलिस ने सभी के शव निकाले
महाराष्ट्र के दिवेआगर बीच पर गुरुवार को पिकनिक मनाने आए 8 छात्रों की डूबने से मौत हो गई। सभी छात्रों के शव बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, छात्र पिकनिक के लिए पुणे से आए थे। ये सभी समंदर के पानी में उतरे, गहराई का अंदाजा न होने के कारण डूब गए। पुलिस ने सभी 8 छात्रों के शव बरामद किए हैं। खबर अपडेट की जा रही है…
Dainik Bhaskar महाराष्ट्र के रायगढ़ में पिकनिक पर गए 8 छात्र डूबे:गहरे पानी में उतरने से मौत; पुलिस ने सभी के शव निकाले
महाराष्ट्र के दिवेआगर बीच पर गुरुवार को पिकनिक मनाने आए 8 छात्रों की डूबने से मौत हो गई। सभी छात्रों के शव बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, छात्र पिकनिक के लिए पुणे से आए थे। ये सभी समंदर के पानी में उतरे, गहराई का अंदाजा न होने के कारण डूब गए। पुलिस ने सभी 8 छात्रों के शव बरामद किए हैं। हादसे के बाद की 2 तस्वीरें… 48 लोगों का ग्रुप आया था मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुणे के आलंदी इलाके से 48 लोगों का एक ग्रुप दिवेआगर घूमने आए थे। पुलिस ने बताया कि 11वीं और 12वीं के छात्र 'विनर्स एकेडमी' के थे। वे मुंबई से लगभग 170km दूर रायगढ़ के दिवेआगर बीच आए थे। ग्रुप में 25 लड़के, 17 लड़कियां और 6 टीचर शामिल थे। उन्होंने कहा कि आठ छात्र समुद्र में चले गए और पानी की गहराई और बहाव का अंदाजा न लगा पाने के कारण बह गए। सूचना मिलने के बाद रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंची और शवों को बरामद किया।
Dainik Bhaskar अधीर रंजन का ममता को कांग्रेस में लौटने का न्योता:कहा- बंगाल में अपना नेता चुन लेंगे; 30 साल पहले कांग्रेस छोड़कर TMC बनाई थी
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने गुरुवार को ममता बनर्जी को दोबारा कांग्रेस में शामिल होने का न्योता दिया। मुर्शिदाबाद में उन्होंने ममता से कहा कि उन्हें बचे हुए TMC विधायकों और सांसदों के साथ कांग्रेस में शामिल हो जाना चाहिए। चौधरी ने कहा कि कांग्रेस, बंगाल में ममता बनर्जी का नेतृत्व स्वीकार करने और उनके साथ काम करने को तैयार है। उन्होंने कांग्रेस हाईकमान से भी इस दिशा में कदम उठाने की अपील की। उन्होंने ममता बनर्जी से 6 अक्टूबर के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव जैसी पहल करते हुए रेजीनगर में कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने को कहा। चौधरी ने बताया कि TMC के विधानसभा और संसदीय दलों में अलग-अलग बगावत हो चुकी है। इसलिए अब पार्टी के लिए अलग संगठन बनाए रखने की जरूरत नहीं है। ममता बनर्जी ने 1998 में कांग्रेस से अलग होकर TMC बनाई थी। 2011 में पार्टी ने लेफ्ट फ्रंट का 34 साल पुराना शासन खत्म किया था। TMC 15 साल तक सत्ता में रही। 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद BJP सरकार चला रही है। ममता से कांग्रेस में लौटने की अपील चौधरी ने TMC के एक गुट की ओर से नंदीग्राम में कांग्रेस को हाल में दिए समर्थन का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को रेजीनगर में भी ऐसा ही कदम उठाना चाहिए। उन्होंने कहा, “दोस्ताना पहल के तौर पर, जैसे उन्होंने नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन किया, वैसे ही रेजीनगर में भी कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देना चाहिए।” नंदीग्राम में कांग्रेस को समर्थन दे रहा ममता गुट नंदीग्राम में ममता बनर्जी के गुट के उम्मीदवार ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद चुनाव मैदान से नाम वापस ले लिया था। गुट के पास उम्मीदवार नहीं बचने के बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया था। यह घटनाक्रम चुनाव आयोग की ओर से प्रतिद्वंद्वी TMC गुटों को नए नाम और चुनाव चिह्न आवंटित करने के कुछ घंटे बाद हुआ। दोनों गुटों के बीच मूल पार्टी पहचान को लेकर विवाद चल रहा है। TMC में विधानसभा और संसद के स्तर पर बगावत 2026 के विधानसभा चुनाव में 294 सदस्यीय विधानसभा में TMC को 80 सीटें मिली थीं। इन चुनावों में BJP सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। चुनाव नतीजों के कुछ ही हफ्तों बाद TMC विधायक दल में भी बंटवारा हो गया। 58 बागी विधायकों ने निष्कासित नेता ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष का नेता बनाने का समर्थन किया। विधानसभा अध्यक्ष ने इस प्रतिद्वंद्वी गुट को मान्यता दे दी। इसके बाद TMC के संसदीय दल में भी बगावत शुरू हो गई। बागी सांसदों ने ममता बनर्जी के नेतृत्व को चुनौती दी। विधानसभा के बागी अलग विधायी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, बागी सांसदों का समूह कम चर्चित NCPI के करीब चला गया है। इस समूह ने केंद्र में BJP के नेतृत्व वाले NDA को समर्थन दिया है। विधानसभा और संसद में एक साथ हुए इस टूट ने मामले को व्यापक बना दिया है। अब यह विवाद TMC की राजनीतिक पहचान, नेतृत्व और भविष्य को लेकर है। अधीर के बयान पर TMC की प्रतिक्रिया चौधरी ने ममता बनर्जी के कांग्रेस के नेतृत्व वाले INDIA गठबंधन के साथ हालिया जुड़ाव को भी अपनी अपील से जोड़ा। उन्होंने कहा, “जब उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व वाले INDIA गठबंधन में सहारा लिया है, तो उन्हें पार्टी में शामिल हो जाना चाहिए। बंगाल में हम कांग्रेस में आपके नेतृत्व में काम करेंगे।” चौधरी ने ममता बनर्जी से “अपना बोझ पीछे छोड़कर” कांग्रेस में आने को कहा। इसे उनके भतीजे और TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की ओर इशारा माना गया। हालांकि, TMC सांसद सौगत रॉय ने कहा कि पार्टी ऐसे प्रस्ताव पर तभी विचार करेगी, जब कांग्रेस नेतृत्व की ओर से औपचारिक प्रस्ताव आएगा। रॉय ने कहा, “चौधरी ने वही कहा, जो उन्हें लगा। हमें इस पर कुछ नहीं कहना है। TMC अब एक अलग पार्टी है।” उन्होंने कहा, “अगर कांग्रेस आधिकारिक प्रस्ताव लेकर आती है, तो हम पार्टी में इस पर चर्चा करेंगे। TMC INDIA गठबंधन का पूरी तरह हिस्सा है।” चौधरी की “बोझ” वाली टिप्पणी पर रॉय ने कहा कि अभिषेक बनर्जी के बिना पार्टी को लेकर कोई फैसला नहीं हो सकता। रॉय ने कहा, “वह हमारे नेता और राष्ट्रीय महासचिव हैं।” रॉय के बयान से चौधरी के निजी प्रस्ताव और कांग्रेस नेतृत्व की ओर से संभावित औपचारिक पहल के बीच अंतर साफ हुआ। उन्होंने यह भी दोहराया कि TMC INDIA गठबंधन की अलग पार्टी है। BJP बोली- TMC का राजनीतिक मकसद खत्म हो चुका BJP ने कांग्रेस और TMC के बीच हुई इस बातचीत को लेकर कहा कि तृणमूल कांग्रेस का राजनीतिक मकसद खत्म हो चुका है। BJP के पश्चिम बंगाल प्रवक्ता देबजीत सरकार ने कहा, “TMC का जन्म CPI(M) से लड़ने के लिए कांग्रेस से अलग होकर हुआ था। TMC इसी मुद्दे के आधार पर सत्ता में आई थी।” उन्होंने कहा, “अब जब TMC खुद सत्ता से बाहर है, तो उसके पास कोई दूसरा उद्देश्य नहीं बचा है। वे कांग्रेस में शामिल होंगे या नहीं, यह उनका फैसला है। हम कांग्रेस, TMC और CPI(M) से लड़ने के लिए तैयार हैं।” कांग्रेस से अलग होकर बनी थी TMC चौधरी के प्रस्ताव के पीछे TMC का राजनीतिक इतिहास भी जुड़ा है। ममता बनर्जी ने 1998 में कांग्रेस से अलग होकर TMC बनाई थी। इसके बाद TMC ने कांग्रेस और लेफ्ट फ्रंट, दोनों को चुनौती देते हुए अपनी राजनीतिक पहचान बनाई। 2011 में पार्टी ने लेफ्ट फ्रंट का 34 साल पुराना शासन खत्म किया था। TMC 15 साल तक सत्ता में रही। 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद BJP सरकार चला रही है। TMC आंतरिक विभाजन का सामना कर रही है। वहीं, कांग्रेस बंगाल में अपनी राजनीतिक जगह वापस पाने की कोशिश कर रही है। संभावित विलय सिर्फ दो विपक्षी दलों के बीच चुनावी समझौता नहीं होगा। इससे यह सवाल फिर उठेगा कि सत्ता गंवाने और विधानसभा-संसदीय दलों में टूट के बाद TMC अपनी अलग संगठनात्मक पहचान बचा पाएगी या नहीं। ममता बनर्जी के लिए चौधरी का प्रस्ताव राजनीतिक रूप से असामान्य समय में आया है। कांग्रेस छोड़कर TMC बनाने वाली नेता को अब कांग्रेस में लौटने का न्योता दिया जा रहा है। कांग्रेस ने बंगाल में उनके नेतृत्व में काम करने की पेशकश की है। ममता बनर्जी के कांग्रेस छोड़कर TMC बनाने के 28 साल बाद चौधरी ने अब इसके उलट राजनीतिक सफर का प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव के तहत कांग्रेस और TMC के बचे हुए संगठन एक ही राजनीतिक छतरी के नीचे आ सकते हैं।
Dainik Bhaskar SIR-गडबडी पर बेंगलुरु में कर्नाटक सीएम धरने पर बैठे:कई मंत्री भी मौजूद; 45 लाख वोटरों के नाम हटाने की साजिश का आरोप
कर्नाटक के CM शिवकुमार SIR में गड़बड़ियों को लेकर राज्य चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचे। उन्होंने वहीं धरना दिया। शिवकुमार ने कहना है कि फॉर्म 7 के दुरुपयोग में शामिल लोगों के खिलाफ जब तक रिपोर्ट दर्ज नहीं होगी वो नहीं जाएंगे। इससे पहले उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि 45 लाख से ज्यादा वोटरों के नामों में गड़बड़ियां सामने आई हैं। थोक में Form-7 आवेदन देकर योग्य वोटरों के नाम हटाने की कोशिश की जा रही है। खबर अपडेट हो रही है…
Dainik Bhaskar SC का TMC के 4 अकाउंट्स अनफ्रीज करने से इनकार:कलकत्ता हाईकोर्ट से कहा- जल्द सुनवाई करें, पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न से जुड़ा है विवाद
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) को उन चार बैंक अकाउंट्स को ऑपरेट करने की इजाजत देने से इनकार कर दिया, जिन्हें पश्चिम बंगाल पुलिस ने साइबर क्राइम की शिकायत के सिलसिले में फ्रीज कर दिया था। मामले में सुनवाई के दौरान जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की बेंच ने कहा- चुनाव आयोग ने पार्टी का चुनाव चिह्न फ्रीज कर दिया है और खातों में मौजूद फंड का असली हकदार कौन है, यह बड़ा सवाल अभी कलकत्ता हाईकोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए वे इस मामले की गहराई में नहीं जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम इस मामले के गुण-दोष में नहीं जाना चाहते और अनुच्छेद 136 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करने के पक्ष में नहीं हैं। हम कलकत्ता हाईकोर्ट से अनुरोध करते हैं कि वह इस मामले की सुनवाई में तेजी लाए। हाईकोर्ट के आदेश पर खाते हुए हैं फ्रीज टीएमसी ने बीते 27 अगस्त को कलकत्ता हाईकोर्ट से पश्चिम बंगाल पुलिस की तरफ से बैंकों में फ्रीज किए गए अपने चार खातों को चलाने की अनुमति मांगी थी। पार्टी का तर्क था कि इन खातों को फ्रीज करने से जुड़ी एफआईआर (FIR) में प्रक्रियागत कमियां थीं। लेकिन, हाईकोर्ट ने इन खातों को अनफ्रीज करने से मना कर दिया था। टीएमसी के इन चार बैंक अकाउंट्स में 804 करोड़ रुपए जमा हैं। अदालत का मानना था कि ऐसी राहत देने से उसका वह पिछला आदेश कमजोर हो जाता, जिसमें पार्टी को केवल अपने रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने की छूट दी गई थी। मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप, ED कर रहा है जांच दूसरी ओर, प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रहा है। ईडी (ED) का आरोप है कि कोलकाता स्थित 'केयरवेल एविएशन' के जरिए 160 करोड़ रुपये के पार्टी फंड की हेराफेरी की गई है। इसी जांच के तहत ईडी ने एचडीएफसी बैंक में टीएमसी के तीन खातों में मौजूद 440 करोड़ रुपए फ्रीज किए हैं। दो TMC गुटों के दावे पर चुनाव आयोग का फैसला बाकी कोर्ट ने कहा कि खातों को किस गुट को दिया जाना है, इस पर पहले चुनाव आयोग को फैसला करना चाहिए। TMC में एक गुट ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला है, जबकि दूसरा पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाला है। बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर क्राइम थाने की जांच रिपोर्ट भी कोर्ट के सामने रखी गई। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC गुट ने 7 जुलाई को पुलिस साइबर सेल की ओर से चार बैंक खाते फ्रीज किए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया था। TMC की तरफ से कोर्ट में मेनका गुरुस्वामी ने कहा कि 9 जुलाई के आदेश के तहत करीब 200 कर्मचारियों की सैलरी और पार्टी के कुछ कार्यालयों का किराया दिया जा रहा है। पहले बागी गुट की शिकायत पर खाते फ्रीज किए थे 18 जून को बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि TMC के एक निजी बैंक में मौजूद तीन खाते अपराध की कमाई रखने के लिए इस्तेमाल किए गए हैं। FIR दर्ज होने के अगले ही दिन इन खातों से डेबिट लेनदेन पर रोक लगा दी गई। यह शिकायत TMC के बागी गुट के नेताओं, विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा की ओर से की गई थी। यही शिकायत बैंक खातों के फ्रीज होने का आधार बनी। --------------- ये खबर भी पढ़ें... बंगाल- कांग्रेस कैंडिडेट को मिली जमानत पर सरकार कोर्ट पहुंची:सुप्रीम कोर्ट बोला- आपकी याचिका खारिज होगी, लेकिन हम ऐसा सोमवार को करेंगे पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट के उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को मिली अंतरिम जमानत के खिलाफ बंगाल की भाजपा सरकार बुधवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंची। सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट से कहा कि मिलन प्रधान हत्या के केस में गिरफ्तार किए गए हैं। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar हमारे लिए बस कंडक्टर-प्रिंसिपल सेक्रेटरी दोनों बराबर:सुप्रीम कोर्ट बोला- आप जज हैं, इसलिए प्राथमकिता नहीं दे सकते; पूर्व जिला जज की जल्द सुनवाई की मांग खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को इलाहाबाद के पूर्व जिला जज की जल्द सुनवाई की मांग खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि पद के आधार पर किसी को प्राथमिकता नहीं मिल सकती। संविधान हर व्यक्ति को समान रूप से न्याय तक पहुंच का अधिकार देता है। याचिका पूर्व जज राकेश कुमार नैन ने लगाई थी। जिसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट में पेंडिंग रिट याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग की गई थी। जस्टिस नैन को सेवा से बर्खास्त कर दियाग गया है। हालांकि सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने उन्हें हाईकोर्ट में ही जल्दी सुनवाई की मांग रखने की छूट दी। भ्रष्टाचार के आरोप में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था राकेश कुमार नैन अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाले स्पेशल जज थे। इलाहाबाद हाईकोर्ट की फुल कोर्ट ने उन्हें न्यायिक कदाचार और भ्रष्टाचार के आरोपों में दोषी पाया था। इसके बाद नैन को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। उन्होंने बर्खास्तगी के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की। यह याचिका अब भी पेंडिंग है। सुनवाई में देरी से परेशान होकर नैन ने सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर की। बेंच ने उनकी याचिका पर सुनवाई करने से इनकार किया। बेंच की 3 टिप्पणियां…
Dainik Bhaskar हमारे लिए बस कंडक्टर-प्रिंसिपल सेक्रेटरी दोनों बराबर:सुप्रीम कोर्ट बोला- आप जज हैं, इसलिए प्राथमकिता नहीं दे सकते; पूर्व जिला जज की जल्द सुनवाई की मांग खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को इलाहाबाद के पूर्व जिला जज की जल्द सुनवाई की मांग खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि पद के आधार पर किसी को प्राथमिकता नहीं मिल सकती। संविधान हर व्यक्ति को समान रूप से न्याय तक पहुंच का अधिकार देता है। याचिका पूर्व जज राकेश कुमार नैन ने लगाई थी। जिसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट में पेंडिंग रिट याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग की गई थी। जस्टिस नैन को सेवा से बर्खास्त कर दियाग गया है। हालांकि सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने उन्हें हाईकोर्ट में ही जल्दी सुनवाई की मांग रखने की छूट दी। भ्रष्टाचार के आरोप में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था राकेश कुमार नैन अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाले स्पेशल जज थे। इलाहाबाद हाईकोर्ट की फुल कोर्ट ने उन्हें न्यायिक कदाचार और भ्रष्टाचार के आरोपों में दोषी पाया था। इसके बाद नैन को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। उन्होंने बर्खास्तगी के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की। यह याचिका अब भी पेंडिंग है। सुनवाई में देरी से परेशान होकर नैन ने सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर की। बेंच ने उनकी याचिका पर सुनवाई करने से इनकार किया। बेंच की 3 टिप्पणियां…
Dainik Bhaskar राहुल बोले- फॉर्म-6 में अवैध तरीके से बदलाव हुआ:चुनाव आयोग से सवाल- TCS को आदेश किसने दिया, कंपनी में किसने मंजूरी दी
राहुल गांधी ने नए वोटरों के रजिस्ट्रेशन के लिए इस्तेमाल होने वाले ऑनलाइन फॉर्म-6 में बदलाव को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि फॉर्म-6 में अवैध तरीके से बदलाव किया गया। राहुल ने पूछा कि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) को बदलाव करने का आदेश किसने दिया और कंपनी में इसे किसने मंजूरी दी। उन्होंने सवाल किया कि क्या TCS पर कोई दबाव था। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों में फॉर्म-6 में अतिरिक्त जानकारी जोड़ने और SIR से जुड़े फैसलों पर 14 बार आपत्ति जताई। उनका कहना था कि नियम बदले बिना फॉर्म में नया हिस्सा जोड़ा गया। हालांकि, चुनाव आयोग ने बुधवार को SIR पूरा हो चुके राज्यों में फॉर्म-6 में से अतिरिक्त घोषणा-पत्र हटा दिया था। अब SIR में नाम कटने के बाद दोबारा नाम जुड़वाने के लिए 2003 की वोटर लिस्ट की जानकारी नहीं देनी होगी। रमेश बोले- CEC का मकसद Gen-Z मतदाताओं को वोटर लिस्ट हटाना कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने दावा किया कि जुलाई 2026 में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने फॉर्म-6 में असंवैधानिक तरीके से बदलाव किए। उन्होंने आरोप लगाया कि इसका मकसद Gen-Z मतदाताओं को वोटर लिस्ट से हटाना था। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज किया था। चुनाव आयोग और SIR के मुद्दे पर बुधवार को INDIA ब्लॉक की बैठक हुई थी। इसमें विपक्षी दलों ने 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च करने और वोटर लिस्ट से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रपति के सामने उठाने का फैसला किया है। विपक्षी गठबंधन ने आगामी चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग भी की और SIR से जुड़े मामलों की जल्द सुनवाई की अपील की। गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की है। -------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… SIR में नाम कटे तो दोबारा जुड़वाना आसान, माता-पिता का रिकॉर्ड नहीं खोजना होगा, फॉर्म-6 से 2003 वाला सवाल हटाया चुनाव आयोग ने SIR पूरा हो चुके राज्यों में फॉर्म-6 में बड़ा बदलाव किया है। अब SIR में नाम कटने के बाद दोबारा नाम जुड़वाने के लिए 2003 की वोटर लिस्ट की जानकारी नहीं देनी होगी। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar गोवा SIR में कटे 97 वोटर्स पर EC की सफाई:88 के फॉर्म मिल चुके; 3 के पास पुर्तगाली पासपोर्ट, 6 से संपर्क किया जा रहा
गोवा में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान वोटर लिस्ट में नाम नहीं जुड़ने वाले 97 वोटरों को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इनमें से 88 के फॉर्म जमा हो चुके, 3 के पास पुर्तगाली पासपोर्ट हैं, जबकि 6 विदेश में रहते हैं। इन 6 लोगों से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है। दरअसल, इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि इन 97 वोटरों को इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स ने पात्र माना था, लेकिन सॉफ्टवेयर की समस्या के कारण उनके नाम अंतिम वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो सके थे। चुनाव आयोग ने छूटे वोटरों का घर-घर सर्वे किया गोवा के मुख्य चुनाव अधिकारी संजय गोयल ने 25 सितंबर को कहा था कि अंतिम वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हुए 97 वोटरों को लेकर कोई समस्या नहीं है। छूटे वोटरों का घर-घर सर्वे कर लोगों से फॉर्म 6 भरवाया गया। आवेदन पूरा होने के बाद नाम वोटर लिस्ट में जोड़ दिए गए। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस ने इस मामले में ज्ञापन दिया था। अधिकारियों ने उन्हें SIR प्रक्रिया की जानकारी दी। चुनाव से पहले योग्य वोटर अपना नाम वोटर लिस्ट में जुड़वा सकते हैं और वोट डाल सकते हैं। SIR में नाम कटे तो दोबारा जुड़वाना आसान चुनाव आयोग ने SIR पूरा हो चुके राज्यों में फॉर्म-6 में बदलाव किया है। अब नाम दोबारा जुड़वाने के लिए 2003 की वोटर लिस्ट की जानकारी नहीं देनी होगी। आवेदक को खुद, माता-पिता या दादा-दादी का नाम उस लिस्ट में होने की जानकारी भी नहीं देनी होगी। फॉर्म-6 से इससे जुड़ा घोषणा-पत्र हटा दिया गया है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि नाम बिना जांच के जुड़ जाएगा। वोटर बनने की पात्रता की जांच पहले की तरह होगी। फॉर्म-6 की सामान्य प्रक्रिया भी जारी रहेगी। यह बदलाव फिलहाल सिर्फ उन राज्यों में लागू है, जहां SIR पूरा हो चुका है। SIR प्रक्रिया के बारे में जानें… 10 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में पूरा हुआ SIR SIR के पहले और दूसरे फेज में 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हो चुके हैं। SIR के बाद बिहार, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी और असम विधानसभा चुनाव में भाजपा जीती है। केरल में कांग्रेस गठबंधन और तमिलनाडु में TVK ने जीत हासिल की है। असम में स्पेशल रिवीजन (SR) हुआ। यहां भी भाजपा सरकार की वापसी हुई। तीसरा फेज: दिल्ली, महाराष्ट्र समेत 16 राज्यों में SIR चुनाव आयोग ने 14 मई को हरियाणा, झारखंड, उत्तराखंड, दिल्ली और महाराष्ट्र समेत 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) की घोषणा की थी। यह SIR का तीसरा फेज है। पूरी प्रक्रिया 30 मई से 23 दिसंबर तक चलेगी। इस दौरान 36.73 करोड़ वोटरों का वेरिफिकेशन हो रहा है। जिन राज्यों में SIR होगा, उनमें पंजाब, उत्तराखंड और मणिपुर में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं। अन्य 13 राज्यों में 2028 और 2029 में चुनाव होंगे। ------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… रिपोर्ट- SIR पर 2 चुनाव आयुक्तों ने 14 बार आपत्ति जताई:आयोग बोला- यह सामान्य प्रक्रिया; राहुल ने कहा- वोट चोरी में शामिल, तो नहीं बख्शेंगे चुनाव आयोग ने बुधवार को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चुनाव आयुक्तों में मतभेद से जुड़ी रिपोर्ट को खारिज कर दिया। चुनाव आयोग ने कहा कि पिछले एक साल में लिए गए सभी फैसले सर्वसम्मति से हुए हैं। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar जगद्गुरु रामभद्राचार्य पर प्रयागराज में केस:ब्राह्मण समाज पर दिए बयान के खिलाफ याचिका, कहा था- हम चौबे-दीक्षित परिवारों में बेटियां नहीं देते
तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य के खिलाफ प्रयागराज कोर्ट में केस चलेगा। रामभद्राचार्य के एक बयान के खिलाफ कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। बयान में जगद्गुरु ने कहा था- ऊंच कुल के ब्राह्मण अपनी बेटियां उपाध्याय, चौबे, त्रिगुणायत, दीक्षित और पाठकों को नहीं देते, क्योंकि हम इन्हें अधम मानतें हैं। याचिकाकर्ता ने कहा कि रामभद्राचार्य की लोग पूजा करते हैं। वृंदावन में भागवत कथा के दौरान दिए उनके बयान के बाद उपाध्याय समाज को लोग बुरी नजर से देखने लगे। लड़के-लड़कियों की शादी में रुकावट आने लगी है। रामभद्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है। प्रयागराज जिला अदालत ने गुरुवार को जगद्गुरु रामभद्राचार्य को नोटिस जारी कर 12 अक्टूबर को कोर्ट में पेश होने के लिए कहा। जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने क्या कहा था, पढ़िए याचिकाकर्ता के मुताबिक, 3 फरवरी 2024 को वृंदावन में भागवत कथा के दौरान रामभद्राचार्य ने उपाध्याय समाज पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा था, “जो नीच ब्राह्मणों….अधम ब्राह्मणों की चर्चा चलाई गई। हमारे यहां कुछ ब्राह्मण अच्छे नहीं माने जाते हैं। उनके यहां ऊंचे कुल के लोग अपनी बेटी नहीं देते हैं। उपाध्याय, चौबे, त्रिगुणायत, दीक्षित और पाठक को इसलिए अधम मानते हैं, क्योंकि इन्होंने विद्यार्थियों से पैसा लेकर पढ़ाया। इनके यहां हम बेटी नहीं देते और न इनके यहां से बेटी लेते हैं। हम विद्यार्थी का एक पैसा भी लेना गोमांस के बराबर समझते हैं। मैं सरयूपारीण ब्राह्मण हूं। पहले मैं ब्राह्मण हूं। वह भी वशिष्ठ गोत्रीय ब्राह्मण हूं। फिर साधु हूं, फिर संन्यासी हूं, फिर जगद्गुरु रामानंदाचार्य हूं। मुझे अपने ब्राह्मणत्व पर गर्व है।” याचिकाकर्ता बोले- बयान से बच्चों की शादी में रुकावट आई वाराणसी के रहने वाले याचिककर्ता सुरेश चंद्र उपाध्याय ने 14 सितंबर 2026 को प्रयागराज कोर्ट में याचिका दाखिल की। कहा- जगद्गुरु रामभद्राचार्य संत हैं, लोग उनकी पूजा करते हैं। भागवत कथा के दौरान दिए उनके बयान के बाद उपाध्याय समाज को लोग हेय दृष्टि से देखने लगे हैं। लड़के-लड़कियों की शादी में बाधा आने लगी है। याचिकाकर्ता इस सिलसिले में पुलिस कमिश्नर प्रयागराज से मिले थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद कोर्ट में याचिका दी।जगद्गुरु रामभद्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई करना जरूरी है। कब-कब बयानों से चर्चा में रहे जगद्गुरु रामभद्राचार्य …………………….. ये खबर भी पढ़िए- रामभद्राचार्य बोले- बगैर पढ़े सब वेदव्यास-वाल्मीकि बनना चाहते हैं:मोदी एक बार और PM बनेंगे, चीन से हथियाई जमीन वापस लेंगे बगैर पढ़े लिखे सब आज महर्षि वाल्मीकि और वेदव्यास बनना चाहते हैं। वे मेरी बात समझना नहीं चाहते। मेरी उपलब्धियों से उनको ईर्ष्या होती है तो मेरा दुष्प्रचार करते हैं। मैंने कभी किसी संत की निंदा नहीं की। हां, मैं विरोध करता हूं, जब कोई गलत करता है। जो कथा तो कर रहे हैं रामजी की और मौला अली- मौला अली कीर्तन करा रहे हैं, उनकी कथा कभी नहीं सुनना चाहिए। ह कहना है पद्म विभूषण जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य का। संत प्रेमानंदजी के संस्कृत ज्ञान पर सवाल उठाने वाले जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य की लोगों ने काफी आलोचना की। पढ़ें पूरी खबर
Dainik Bhaskar UPSC के 100 साल पूरे:PM मोदी ने बुक, सिक्का और डाक टिकट जारी की; एजेंसी के कराए एग्जाम में 12 लाख स्टूडेंट्स हिस्सा लेते हैं
यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) की स्थापना के 100 साल पूरे होने पर गुरुवार को दिल्ली के भारत मंडपम में शताब्दी समारोह आयोजित किया जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हैं। उन्होंने लोक सेवा आयोगों से जुड़े 100 ऐतिहासिक फैसलों पर आधारित किताब का लोकार्पण किया। साथ ही शताब्दी स्मारक सिक्का और विशेष डाक टिकट भी जारी की। 2025 में UPSC के कराए एग्जाम्स में 10 से 12 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था। इनमें 9 लाख से ज्यादा ने सिविल सर्विस परीक्षा का फॉर्म भरा था। 2025 में UPSC के कराए एग्जाम्स में 10 से 12 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था। इनमें 9 लाख से ज्यादा ने सिविल सर्विस परीक्षा का फॉर्म भरा था। कार्यक्रम से जुड़ी 2 तस्वीरें… 30 सितंबर से शुरू हुआ दो दिवसीय आयोजन UPSC का शताब्दी समारोह 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को आयोजित हो रहा है। पहले दिन भारत मंडपम में ‘शताब्दी समारोह- मंथन’ कार्यक्रम हुआ, जिसमें कई विषयों पर चर्चा और पैनल आयोजित किए गए। कार्यक्रम में देशभर के राज्य लोक सेवा आयोगों के अध्यक्ष और सदस्य, वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षाविद और UPSC के अधिकारी शामिल हुए। UPSC परीक्षा प्रक्रिया के बारे में जानें… UPSC एक संवैधानिक संस्था है, जिसका प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 315 में है। परीक्षा में प्रश्न कई विशेषज्ञों की मदद से तैयार किए जाते हैं। उत्तर पुस्तिकाओं में कोडिंग की व्यवस्था होती है, जिससे जांच के दौरान परीक्षक को उम्मीदवार का नाम और रोल नंबर पता नहीं चलता। इंटरव्यू में भी उम्मीदवार की व्यक्तिगत जानकारी सीमित रखी जाती है। इसके बावजूद UPSC पर तीन बड़े सवाल उठे हैं… फर्जी सर्टिफिकेट विवाद: पूजा खेडकर मामले के बाद खुलासा हुआ कि उम्मीदवारों ने फर्जी दिव्यांगता (PwBD) और नॉन-क्रीमी लेयर ओबीसी सर्टिफिकेट लगाकर आरक्षण लिया। आयोग पर समय रहते दस्तावेजों की जमीनी जांच न करने के आरोप लगे। सीसैट और भाषा भेदभाव: 2011 में लागू सीसैट पेपर में अंग्रेजी और मैथ्स के ऊंचे स्तर के चलते हिंदी व क्षेत्रीय भाषाओं के छात्रों ने भेदभाव का आरोप लगाया। साथ ही, सवालों के खराब हिंदी अनुवाद पर भी लगातार विवाद रहा। पारदर्शिता और लेटरल एंट्री: प्रीलिम्स की आंसर-की और कट-ऑफ पूरी प्रक्रिया खत्म होने के बाद जारी करने पर छात्रों ने आपत्ति जताई। वहीं, बिना यूपीएससी परीक्षा के बड़े पदों पर सीधे निजी क्षेत्र से अफसरों की भर्ती (लेटरल एंट्री) से मेरिट और आरक्षण प्रणाली कमजोर होने के सवाल उठे।
Dainik Bhaskar उज्जैन में शाही मस्जिद की मीनार का हिस्सा गिरा:छत भी डैमेज, मुस्लिम समुदाय खुद दीवार तोड़ रहा था तभी हादसा, प्रशासन मरम्मत करा रहा
उज्जैन के छत्री चौक स्थित शाही मस्जिद की मीनार का हिस्सा गुरुवार सुबह करीब 6.45 बजे अचानक टूटकर छत पर गिर गया। इससे मस्जिद की छत को भी नुकसान पहुंचा। हादसे में किसी को चोट नहीं आई। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत कंठाल चौक से गोपाल मंदिर तक सड़क चौड़ी की जानी है। शाही मस्जिद की मीनार समेत करीब 6 फीट हिस्सा सड़क की जद में आ रहा था। मुस्लिम समुदाय के लोग इसे हाथ से तोड़ने का काम चार दिन से कर रहे हैं। गुरुवार को भी निर्माण हटाया जा रहा था, तभी मीनार का हिस्सा टूटकर गिर गया। प्रशासन ने छत का मरम्मत कार्य शुरू कराया कलेक्टर रोशन सिंह ने बताया कि मीनार गिरने से मस्जिद के जिस हिस्से को नुकसान पहुंचा है, उसकी मरम्मत का काम शुरू करा दिया गया है। अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। लोगों से शांति बनाए रखने और सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। काजी खलीफुर्रहमान ने कहा मीनार उतारने के लिए प्रशासन से मदद मांगी थी। प्रशासन मदद कर रहा था, इसी दौरान टेक्निकल मिस्टेक की वजह से मीनार को नुकसान हुआ। लोग शांति बनाए रखें। जो नुकसान हुआ है उसकी मरम्मत की जा रही है। मीनार का हिस्सा गिरने की तीन तस्वीरें 28 सितंबर को हुआ था विवाद गौरतलब है कि 28 सितंबर को शाही मस्जिद को लेकर विवाद हुआ था। सोशल मीडिया पर मस्जिद को पूरी तरह तोड़े जाने से जुड़ी भ्रामक और AI से तैयार जानकारी वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए थे। पुलिस के मुताबिक, भीड़ ने फोर्स पर पथराव किया था। इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस और हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को हटाया। मामले में कई FIR दर्ज की गई हैं। पुलिस सोशल मीडिया अकाउंट्स के साथ CCTV और ड्रोन फुटेज की भी जांच की। हाईकोर्ट में याचिका खारिज 28 सितंबर को ही शाही मस्जिद मामले में दायर याचिका मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने जिला प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच हुए समझौते के आधार पर मामले को डिस्पोज ऑफ कर दिया। याचिकाकर्ता शाही मस्जिद कमेटी के एडवोकेट कुलदीप पाठक ने कहा- सड़क के लिए 3 फीट जगह के साथ कुछ दुकानें हटाने पर सहमति बनी है। बड़ी मीनार को दूसरी ओर शिफ्ट किया जाएगा। दुकानों के लिए दूसरी जगह दी जाएगी। 9 आरोपी जेल भेजे गए 30 सितंबर को मामले में गिरफ्तार 9 आरोपियों को जिला कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने सभी को 12 अक्टूबर तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। विवाद के बाद शाही मस्जिद और आसपास के इलाके में पुलिस बल तैनात है। बाजार के कुछ हिस्सों में दुकानें भी बंद रहीं। हाजी हारून का आरोप - शाही मस्जिद महाकाल मंदिर से दूर, कोर्ट को गुमराह किया अब तक क्या कार्रवाई हुई -------------------- ये खबर भी पढ़ें मस्जिद विवाद में उपद्रव फैलाने वाले 100 इंस्टाग्राम ID ब्लॉक उज्जैन में शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने के दौरान हुए उपद्रव के बाद पुलिस ने सोशल मीडिया पर भी कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने उपद्रव से जुड़े भड़काऊ और वायरल कंटेंट वाले 100 से अधिक इंस्टाग्राम और फेसबुक अकाउंट/पेज ब्लॉक करवाए हैं। पढ़ें पूरी खबर
Dainik Bhaskar यासीन मलिक समेत 7 पर मनी-लॉन्ड्रिंग के आरोप तय हों:NIA कोर्ट का निर्देश; ED बोली- आरोपियों को पाकिस्तान से 8 करोड़ की फंडिंग हुई
नई दिल्ली की स्पेशल NIA कोर्ट ने यासीन मलिक समेत 7 आरोपियों के खिलाफ PMLA के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया है। ED का आरोप है कि आरोपियों ने पाकिस्तान से अवैध तरीके से पैसा लिया। मामले में ₹8.94 करोड़ की अपराध से अर्जित रकम जुटाने और आरोपियों तक पहुंचाने का आरोप है। अन्य आरोपियों में जहूर अहमद शाह वटाली, अब्दुल राशिद शेख, शबीर अहमद शाह, नवल किशोर कपूर, ट्रिसन फार्म्स एंड कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड और मसरत आलम भट शामिल हैं। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
Dainik Bhaskar यूपी के शाहजहांपुर में 2 साधुओं की हत्याकर लाश जलाई:शिव मंदिर में लकड़ी की चिता बनाकर आग लगाई; धुआं उठा तो पता चला
यूपी के शाहजहांपुर में शिव मंदिर में दो साधुओं की हत्या कर दी गई। इसके बाद मंदिर में ही लकड़ी की चिता बनाकर शवों को जला दिया गया। गुरुवार सुबह 7 बजे गांव वाले मंदिर से धुआं उठता देखकर पहुंचे। एक साधु का शव जल रहा था। दूसरा शव जलकर कंकाल बन चुका था। दोनों शव एक-दूसरे से 10 मीटर दूर पड़े थे। घटना जिला मुख्यालय से 70 किलोमीटर दूर खुदागंज की है। साधुओं की पहचान बाबा गोपाल दास और बाबा बिहारी दास के रूप में हुई है। दोनों खुदागंज के सूथा गांव स्थित मंदिर में रहते थे। गांव वालों ने बाबा बिहारी दास के भतीजे प्रदीप सिंह पर हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वह साधुओं को भगाकर मंदिर की जमीन पर कब्जा करना चाहता था। दोनों साधु इसका विरोध कर रहे थे। पुलिस ने प्रदीप को हिरासत में लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। अब पूरा मामला समझिए- गांव के लोगों ने बताया- अजीजगंज मोहल्ले के साधु गोपाल दास (70) कथावाचक थे। वे करीब 20 साल से मंदिर में रह रहे थे। बिहारी दास (60) हमारे ही गांव के रहने वाले थे। बिहारी दास पहले सूथा गांव के ही ठाकुर जी मंदिर में रहते थे। एक महीने पहले वह गोपाल दास के शिष्य बने। इसके बाद दोनों शिव मंदिर में रहने लगे। गोपाल दास चार भाई थे। उनके बड़े भाई रामदुलारे, रामकिशोर औद रामनिवास हैं। सभी मंदिर से 15 किमी दूर अजीजगंज मोहल्ले में रहते हैं। रामदुलारे ने बताया कि गोपालदास की पत्नी विज्जावति की 25 साल पहले मौत हो गई थी। बेटी सरस्वती की शादी हो चुकी है। पत्नी की मौत के बाद वह घर से चले गए थे और मंदिर की देखरेख कर रहे थे। करीब एक सप्ताह पहले घर आए थे और कहा था कि वह गया जी जाना चाहते हैं। 5 दिन पहले गया जी जाने के लिए निकले थे, लेकिन रास्ते में चोट लगने की वजह से लौट आए। मंदिर में सफाई करने वाला बोला- मंदिर पहुंचा तो शव जलते मिले मंदिर में साफ-सफाई करने वाले द्रगपाल ने बताया- सुबह 7 बजे मंदिर पहुंचा तो शव जलते मिले। रात में उनसे मुलाकात नहीं हुई थी। बुधवार दोपहर 3 बजे उनसे आखिरी बार मिला था। इसके बाद मैं घर चला आया था। एक महीने पहले ही जेल से छूटा है सुमित गांव में ही रहने वाले बाबा बिहारी दास के भतीजे प्रदीप सिंह ने बताया- पास में ही रहने वाले सुमित ने हत्या की है। उसने कई बार इन पर हमला किया था। सुमित एक महीने पहले जेल से छूटकर आया था। उसने कुछ समय पहले ही उसने गांव के एक व्यक्ति की कार जला दी थी। परिवार ने ये कहकर जमानत करवाई थी कि अब वह ऐसी हरकते नहीं करेगा। आरोपी को हिरासत में लिया, पूछताछ की जा रही मंदिर के संरक्षक शिव कुमार सिंह ने मामले में शिकायत दी है। एसपी ग्रामीण दीक्षा भवरे ने बताया- पीआरवी को सूचना मिली थी कि दो साधुओं को जला दिया गया। खुदागंज पुलिस ने मौके पर देखा तो शव बुरी तरह जले पाए गए। आरोपी सुमित को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। आरोपी सुमित दो जुड़वा बच्चों का पिता हत्यारोपी सुमित (35) शादीशुदा है। परिवार में पत्नी नीलम के अलावा उसके दो जुड़वा बच्चे हैं, एक बेटा और एक बेटी। दोनों की उम्र 10 साल है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी मानसिक रूप से बीमार है। उसका मानसिक रोग विशेषज्ञ से इलाज भी चल रहा है। बिहारी दास 10 साल से मंदिर की सेवा में थे वहीं, मृतक बिहारी दास पांच भाइयों में दूसरे नंबर के थे। उनके बड़े भाई श्रीकृष्ण और छोटे भाई राजवीर, ओमवीर व बुधपाल हैं। बिहारी दास अविवाहित थे और करीब 10 साल से मंदिर में रह रहे थे। एसपी सौरभ दीक्षित पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों के साथ-साथ मृतक के परिवार से भी घटना के संबंध में जानकारी ली। फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंच गई है। टीम मंदिर परिसर में घटना से संबंधित साक्ष्य जुटा रही है। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें… भास्कर एक्सक्लूसिव: पूर्व IAS दिव्या मित्तल कहां से चुनाव लड़ेंगी, मिर्जापुर से ताल ठोकेंगी या राजा भैया के साथ जाएंगी पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल राजनीति में कदम रखेंगी। राजा भैया के साथ वायरल तस्वीर और मिर्जापुर में अनुप्रिया पटेल से पुराने विवाद ने सियासी गलियारों में अटकलें तेज कर दी हैं। सपा-कांग्रेस की ओर से उन्हें पार्टी में शामिल होने का ऑफर भी मिल चुका है। इसके बावजूद वो किसी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होना चाहतीं। इसके बाद लोगों के जेहन में 3 बड़े सवाल हैं। पढ़िए पूरी खबर…
Dainik Bhaskar देश में 13वां सबसे सूखा मानसून:पंजाब में 41% और राजस्थान में 21% कम बारिश हुई; 10 अक्टूबर तक देशभर से जाएगा मानसून
देशभर में इस बार का मानसून 13वां सबसे सूखा सीजन रहा। पिछले 11 सालों में यह सबसे कम बारिश वाला मानसून रहा है। हालांकि, सीजन खत्म होने से पहले हुई तेज बारिश के कारण बारिश की कमी में 2.5% का सुधार हुआ। मानसून-2026 सीजन सामान्य से 12.6% कम बारिश के साथ खत्म हुआ। देश के 43% जिलों में 20 से 72% तक कम बारिश हुई। सबसे ज्यादा पंजाब में 41% कम बारिश हुई। वहीं राजस्थान में करीब 22% कमी दर्ज की गई। इनके अलावा 9 राज्यों में भी औसत से कम बारिश हुई। पूर्वी भारत में ओडिशा में सामान्य से 30% ज्यादा बारिश हुई, जबकि बारिश के लिए प्रसिद्ध पूर्वोत्तर राज्यों में इस साल 1901 के बाद सबसे कम बारिश दर्ज की गई। 10 अक्टूबर तक देशभर से मानसून की विदाई संभव मानसून की विदाई 19 सितंबर से शुरू हो चुकी थी। अगले दो दिनों में राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बाकी हिस्सों के अलावा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात और मध्य प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों से मानसून लौटने लगेगा। बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों से भी इसकी वापसी होगी। हालांकि, दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश जारी रहेगी। मौसम विभाग के मुताबिक, 10 अक्टूबर तक दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे देश से विदा हो जाएगा। 15 अक्टूबर के बाद दक्षिणी और पूर्वोत्तर राज्यों में उत्तर-पूर्व मानसून दस्तक दे सकता है। आखिरी हफ्ते की बारिश से 2.5% कमी पूरी हुई मानसून की विदाई से पहले सितंबर के आखिरी हफ्ते में सामान्य से 50% ज्यादा बारिश हुई। एक हफ्ते पहले मानसून की बारिश सामान्य से 15% कम थी, लेकिन सीजन खत्म होते समय यह कमी घटकर 12.6% रह गई। मानसून के 122 दिनों में से 77 दिन कोई न कोई मौसमी सिस्टम बना रहा। इससे बारिश होती रही और सीजन के अंत में कमी 12.6% पर सीमित रही। अल नीनो के कारण सीजन शुरू होने से पहले सूखे की आशंका जताई गई थी, लेकिन एक-दो राज्यों को छोड़कर स्थिति उतनी खराब नहीं रही। 282 जिलों में कम बारिश देश के 38% हिस्से यानी 282 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई। अत्यधिक बारिश के लिए प्रसिद्ध मेघालय में भी सामान्य से 60% कम बारिश दर्ज की गई। 24 सितंबर तक देश के 150 प्रमुख जलाशयों में 130 अरब घन मीटर (BCM) पानी उपलब्ध था। इनकी कुल भंडारण क्षमता 182.4 BCM है। यानी जलाशय अपनी क्षमता के करीब 71% तक भरे हैं। हालांकि, पानी का भंडार पिछले साल की तुलना में कम है। अल नीनो के असर की कुछ भरपाई संभव ICICI बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) इंडेक्स 0.76 के साथ पॉजिटिव जोन में पहुंच गया है। इससे आने वाले दिनों में मजबूत हो रहे अल नीनो के प्रतिकूल असर की कुछ हद तक भरपाई हो सकती है। हालांकि, अल नीनो अभी भी मानसून के लिए प्रमुख जोखिम बना हुआ है। -------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… यूपी के उन्नाव में गंगा खतरे के निशान पर पहुंची, बिहार के सारण में बांध टूटा मध्य प्रदेश से इसी हफ्ते मानसून की विदाई शुरू होगी। यह सबसे पहले उज्जैन और ग्वालियर संभाग के जिलों से लौटेगा। फिर इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम, सागर से वापसी होगी। इससे पहले 3 दिन बूंदाबांदी का दौर चलेगा। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar राजा वड़िंग ने पंजाब कांग्रेस प्रधान पद से इस्तीफा दिया:प्रभारी पायलट की रिपोर्ट के बाद राहुल ने फोन किया; विजयइंदर सिंगला नए अध्यक्ष बन सकते हैं
पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के अनुसार, प्रभारी सचिन पायलट की रिपोर्ट के बाद राहुल गांधी ने राजा वड़िंग को फोन किया। इसके बाद उन्होंने इस्तीफा देने की पेशकश की। हालांकि, अभी पार्टी की ओर से इस्तीफे को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने राजा वड़िंग से कहा कि पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनानी है, तो उन्हें प्रधान पद से इस्तीफा देना होगा। इसके बाद वड़िंग इस्तीफा देने के लिए तैयार हो गए। पार्टी जल्द ही पूर्व मंत्री विजयइंदर सिंगला को नया प्रधान घोषित कर सकती है। हालांकि, प्रधान पद की दौड़ में सिंगला के अलावा परगट सिंह, सुख सरकारिया, राणा गुरजीत, सुखजिंदर सिंह रंधावा और पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के नाम भी चर्चा में हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, हाईकमान विजयइंदर सिंगला को दिल्ली बुलाकर उनके साथ बैठक कर चुका है। उन्हें 2027 के चुनाव को लेकर पार्टी का पूरा प्लान भी समझाया गया है। दो अक्टूबर, गांधी जयंती के दिन नए प्रधान के नाम का ऐलान हो सकता है। इसी प्लान के तहत सचिन पायलट ने यूथ और पार्टी प्रधानों को दिल्ली बुलाया था। उन्होंने साफ कहा था कि गुटबाजी में शामिल पाए जाने वाले नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद वड़िंग से इस्तीफा लेने का फैसला किया गया, ताकि नेतृत्व परिवर्तन के दौरान पार्टी में दोबारा गुटबाजी न बढ़े। वहीं, चरणजीत सिंह चन्नी गुट राजा वड़िंग को प्रधान पद से हटाने की मांग पर अड़ा हुआ। पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि अब नाराजगी दूर हो चुकी है, सब मिलकर काम करेंगे। किसे कब, कहां पर नियुक्त करना है, हाईकमान तय करेगा। पंजाब लिए क्या सचिन पायलट का प्लान…. ********** ये खबर भी पढ़ें: अमित शाह ने पूरा पंजाब एक ही मुद्दे पर समेटा: युवा-महिलाएं टारगेट; AAP का काउंटर- नशा गुजरात की देन; एक्सपर्ट बोले- एक मौके वाली रणनीति जालंधर में गृह मंत्री अमित शाह 2027 चुनाव के लिए पंजाब BJP को नशामुक्ति का मुद्दा थमा गए। उन्होंने पूरे पंजाब को एक ही मुद्दे में समेट दिया और कहा कि वह आने वाला चुनाव इसी मुद्दे पर लड़ने वाले हैं। अपने 25 मिनट के भाषण में अमित शाह ने नशे पर पहली बार CM भगवंत मान, आम आदमी पार्टी (AAP) सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल पर सीधा हमला बोला। (पढ़ें पूरी खबर)
Dainik Bhaskar RSS ने देशभर में NRC लागू करने की मांग दोहराई:कहा- वोटर लिस्ट की जांच हो, कौन भारतीय नागरिक और कौन नहीं यह जानना जरूरी
SIR और जनगणना को लेकर चल रही चर्चा के बीच RSS ने देशभर में NRC लागू करने की मांग दोहराई है। दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान RSS के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा- यह साफ होना चाहिए कि कौन भारतीय नागरिक है और कौन नहीं। आंबेकर ने कहा कि वोटर लिस्ट में गलत तरीके से शामिल गैर-नागरिकों की पहचान जरूरी है। उन्होंने CAA के तहत पात्र लोगों को नागरिकता देने और उनकी पहचान NRC के जरिए करने की बात भी कही। आंबेकर ने जनसंख्या में बदलाव को 1947 के विभाजन से जोड़ते हुए कहा कि जनसंख्या संतुलन देश की सांस्कृतिक पहचान, एकता और सुरक्षा से जुड़ा है। उन्होंने राजनीतिक दलों से संवेदनशील राष्ट्रीय मुद्दों को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल नहीं करने की अपील की। साथ ही कहा कि ऐसे मामलों को केवल ‘सेक्युलर बनाम सांप्रदायिक’ बहस के बजाय देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के नजरिए से देखा जाना चाहिए। आंबेकर की स्पीच की 5 बड़ी बातें 1. NRC की प्रक्रिया पर आपत्ति हो तो कानूनी रास्ता: आंबेकर ने कहा कि अगर किसी को NRC की प्रक्रिया पर आपत्ति है तो अदालत समेत कानूनी रास्ते खुले हैं। सिर्फ राजनीतिक कारणों से किसी गैर-नागरिक को भारतीय नागरिक मानना सही नहीं होगा। 2. पड़ोसी देशों के SC/ST और कमजोर वर्गों का जिक्र: उन्होंने कहा- पड़ोसी देशों से भारत आए जो लोग CAA के तहत नागरिकता के पात्र हैं, उन्हें नागरिकता मिलनी चाहिए। पड़ोसी देशों में रह गए SC/ST और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लोगों के उत्पीड़न को भी देखा जाना चाहिए।” 3. जनसंख्या बदलाव की शुरुआत मुस्लिम आक्रमणों से जोड़ी: आंबेकर ने कहा- भारत में जनसंख्या बदलाव की शुरुआत मुस्लिम आक्रमणों के दौर से हुई। 1947 में धर्म और जनसंख्या के आधार पर देश का विभाजन हुआ था, इसलिए जनसंख्या संतुलन जरूरी है। संस्कृति की रक्षा की बात को सांप्रदायिक नहीं कहा जा सकता। 4. शादी और दूसरे कानूनों में समानता की बात: आंबेकर ने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। उन्होंने शादी और बहुविवाह से जुड़े अलग-अलग कानूनी प्रावधानों के साथ संविधान के अनुच्छेद 29 और 30 तथा स्थानीय निकाय चुनावों में जनसंख्या नियंत्रण से जुड़े नियमों का भी जिक्र किया। 5. अवैध प्रवास पर पुरानी नीतियों की आलोचना: उन्होंने कहा कि अवैध प्रवास के मुद्दे को लंबे समय तक गंभीरता से नहीं लिया गया। उन्होंने 1983 के इलीगल माइग्रेंट्स (डिटरमिनेशन बाय ट्रिब्यूनल्स) एक्ट का जिक्र किया, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया था। RSS पहले भी करता रहा है NRC की मांग RSS पहले भी देशभर में NRC लागू करने की मांग करता रहा है। 2019 में तत्कालीन RSS महासचिव सुरेश भैयाजी जोशी ने कहा था कि भारतीय नागरिक नहीं होने वाले लोगों की पहचान के लिए NRC तैयार करना सरकार की जिम्मेदारी है। 2019-20 में CAA और प्रस्तावित NRC को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे। दिसंबर 2019 में पीएम मोदी ने कहा था कि उनकी सरकार ने सत्ता में आने के बाद NRC पर कोई चर्चा नहीं की है। 2024 के लोकसभा चुनाव में BJP के घोषणापत्र में भी NRC को शामिल नहीं किया गया था। जनगणना के बीच क्यों बढ़ी NRC की चर्चा NRC का मुद्दा जनगणना की प्रक्रिया के साथ फिर चर्चा में आया है। मौजूदा जनगणना के फॉर्म में ऐसे कई सवाल हैं, जो 2020 के NPR यानी नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर के फॉर्म में भी थे। इनमें नागरिकता, माता-पिता की जानकारी, आधार और वोटर ID से जुड़े सवाल शामिल हैं। कानूनी प्रावधानों के तहत पॉपुलेशन रजिस्टर में दर्ज लोगों का सत्यापन कर भारतीय नागरिकों का राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) तैयार किया जा सकता है। इस प्रक्रिया में ऐसे मामलों की पहचान भी की जा सकती है, जिनमें किसी व्यक्ति की नागरिकता पर संदेह हो। हालांकि, अभी देशभर में NRC लागू करने को लेकर सरकार की कोई नई अधिसूचना जारी नहीं हुई है। 2021 की जनगणना के साथ NPR का काम भी होना था, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे टाल दिया गया। जनगणना प्रक्रिया दोबारा शुरू होने के बाद NPR के लिए अलग से नई अधिसूचना जारी नहीं की गई है। केंद्र सरकार ने NRC को लेकर भी कोई नई अधिसूचना जारी नहीं की है। -------------------------------------- यह खबर भी पढ़ें… RSS प्रमुख बोले- हिंदू सोच में अपनापन सबसे ऊपर:लोग अपनी कर्मभूमि के प्रति ईमानदार रहें; ब्रिटेन के प्रति वफादार रहते हुए भारत की सेवा करें लंदन में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि लोग अपनी ‘कर्मभूमि’ के प्रति ईमानदार रहें और खुद को मजबूत करें, ताकि वे कर्मभूमि के साथ मानवता की सेवा भी कर सकें। भागवत ने ब्रिटेन में रह रहे भारतीय मुल के लोगों को कहा कि अगर किसी के पास भारत की सेवा के लिए अतिरिक्त साधन और समय है, तो वह ब्रिटेन के प्रति वफादार रहते हुए ऐसा कर सकता है। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar सूरत में 3 हत्याएं, पति-पत्नी ने 4 साल छिपाया राज:सास, नानी और बहन की जान ली; एक शव घर में दफनाया, अब मिले कंकाल
गुजरात के सूरत जिले के कोसांबा में तीन महिलाओं की हत्या का 4 साल बाद खुलासा हुआ है। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच और कोसांबा पुलिस ने वडफालिया में एक घर के आंगन से मानव कंकाल बरामद किए। पुलिस के मुताबिक, माधवदास और उसकी पत्नी उर्मिला पर तीनों महिलाओं की हत्या का आरोप है। मृतकों में उर्मिला की नानी शांताबेन, बहन भगवतीबेन और माधवदास की मां मंजुलाबेन शामिल हैं। मामला तब सामने आया जब माधवदास ने पत्नी को हत्या में फंसाने के लिए पुलिस में शिकायत की। जांच में उसकी शिकायत संदिग्ध लगी और पूछताछ के बाद तीनों हत्याओं का खुलासा हुआ। 2022 में हुईं तीनों महिलाओं की हत्याएं 1. पहली हत्या 25 फरवरी 2022 को हुई। पुलिस के मुताबिक, माधवदास और उर्मिला ने उर्मिला की बहन भगवतीबेन वसावा का तकिए से मुंह दबाकर हत्या कर दी। वह टीबी से पीड़ित थीं। इसके बाद उनकी मौत को बीमारी से हुई मौत बताया गया और शव को दफना दिया गया। 2. दूसरी हत्या 19 जुलाई 2022 को हुई। इस बार माधवदास की मां मंजुलाबेन भक्तिराम साधु की मौत हुई। वह पैरालिसिस के बाद बिस्तर पर थीं। पुलिस का आरोप है कि दंपती ने तकिए से उनका मुंह दबाकर हत्या की और बाद में बीमारी से मौत बताकर अंतिम संस्कार कर दिया। 3. तीसरी हत्या 7 अक्टूबर 2022 को शांताबेन गंभीरभाई वसावा की हुई। पुलिस के मुताबिक, शांताबेन उर्मिला की नानी थीं। आरोप है कि सोते समय उनका मुंह तकिए से दबाया गया और हत्या के बाद शव को ड्रम में डाल दिया गया। ड्रम में शव डालकर सीमेंट से किया था बंद पुलिस के मुताबिक, माधवदास और उर्मिला ने शांताबेन के शव को ड्रम में रखा। उसमें तीन बोरी सीमेंट और पानी डालकर शव को सील कर दिया। करीब साढ़े तीन महीने बाद दोनों ने ड्रम को खोलकर शव को सीमेंट के ब्लॉक समेत घर के बरामदे में खोदे गए गड्ढे में दफना दिया। ऊपर से सीमेंट की परत भी डाल दी गई। शांताबेन की मौत को छिपाने के लिए रिश्तेदारों को बताया गया कि उनकी मौत कोरोना से हुई है। उस समय कोरोना के दौरान शव परिजनों को नहीं दिए जाने की बात कहकर मामला दबा दिया गया। पत्नी को फंसाने की कोशिश में खुला राज हाल ही में पति-पत्नी के बीच विवाद के बाद माधवदास पुलिस के पास पहुंचा। उसने क्राइम ब्रांच को बताया था कि शांताबेन की हत्या उसकी पत्नी उर्मिला और उसके चचेरे भाई अफजल उर्फ पोटो दीवान ने की है। पुलिस ने अफजल से पूछताछ की, लेकिन उसकी हत्या में कोई भूमिका नहीं मिली। इसके बाद जांच माधवदास की ओर मुड़ी। पूछताछ में पुलिस के मुताबिक, उसने पत्नी और उसके रिश्तेदार को फंसाने के लिए झूठी शिकायत करने की बात मानी और तीनों हत्याओं में अपनी और उर्मिला की भूमिका के बारे में जानकारी दी। आंगन की खुदाई में 4-5 फीट नीचे से मिले कंकाल पुलिस ने माधवदास की निशानदेही पर घर के आंगन में खुदाई की। सीमेंट की मोटी परत तोड़कर करीब 4-5 फीट गहराई तक खुदाई के बाद मानव कंकाल बरामद किए गए। इन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। शांताबेन के पड़ोसी भी इस खुलासे से हैरान हैं। उन्हें चार साल तक यही बताया गया था कि उनकी मौत कोरोना से हुई है। --------------------------------- यह खबर भी पढ़ें… महिला ने पिता का शव 4 साल फ्रीजर में रखा:लगाव के चलते अंतिम संस्कार नहीं किया; ₹50 लाख खर्च किए, मुंबई का मामला मुंबई के मलाड ईस्ट में एक महिला ने अपने 80 वर्षीय पिता की मौत के बाद करीब 4 साल तक उनका शव फ्रीजर में सुरक्षित रखा। पुलिस के मुताबिक, महिला पिता से भावनात्मक रूप से जुड़ी थी, इसलिए उनका अंतिम संस्कार नहीं किया। शव को सुरक्षित रखने में परिवार ने ₹50 लाख से ज्यादा खर्च किए। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar खबर हटके- डायनासोर से भी पुराना जीव मिला:बिना हेलमेट कार चलाने पर 5 हजार लोगों का चालान; कुत्तों की पूल पार्टी ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
अमेरिका में दो स्टूडेंट्स ने डायनासोर से भी पुराने जीव की पहचान की। वहीं, ओडिशा में बिना हेलमेट कार चलाने और बिना सीट बेल्ट बाइक चलाने पर चालान काटे गए। उधर, अमेरिका में 296 कुत्तों की पूल पार्टी ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया। चीन में कचरा बीनने वाली लड़की रातों-रात मॉडल बन गई। वहीं, हैदराबाद में फिल्म से पहले 22 मिनट तक विज्ञापन दिखाने पर थिएटर कंपनी को ₹75 हजार देने पड़े। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
Dainik Bhaskar देश में 11 साल बाद सबसे सूखा मानसून:यूपी के गोंडा में 26 गांव में बाढ़; बिहार के छपरा में घर बहा, केदारनाथ में तापमान -4°C
देशभर में इस बार का मानसून 13वां सबसे सूखा रहा। पिछले 11 साल में यह सबसे सूखा मानसून था। अधिक बारिश वाले पूर्वोत्तर राज्यों में इस साल 1902 के बाद से अब तक की सबसे कम बारिश हुई। 2020 के बाद से लगातार पूर्वोत्तर राज्यों में मानसून के दौरान बारिश घटती जा रही है। अगले दो दिनों में राजस्थान और यूपी के बचे हिस्सों के अलावा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड, गुजरात और मध्य प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों से मानसून की वापसी होने लगेगी। यूपी में मानसून की वापसी शुरू हो गई है। गोंडा के 26 गांवों में घाघरा नदी का पानी घुस गया है। बाढ़ से करीब 6 हजार लोग प्रभावित हैं। सड़कों पर नाव चल रही है। पानी में डूबने से 2 लोगों की मौत हो गई है। बिहार के 6 जिलों में बाढ़ से 2.03 लाख लोग प्रभावित हैं। नेपाल में हो रही भारी बारिश के कारण गंडक, कोसी समेत कई नदियां उफान पर हैं। छपरा के हजलपुर गांव में बांध टूटने के बाद पानी के तेज बहाव में एक घर टूटकर बह गया। उत्तराखंड के 5 पहाड़ी जिलों में आज बारिश की संभावना है। किसी भी जिले के लिए कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। वहीं, एक हफ्ते पहले हुई बर्फबारी के बाद आज केदारनाथ का तापमान -4°C रिकॉर्ड किया गया। सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति देशभर से मौसम की तस्वीरें
Dainik Bhaskar इवेंट कैलेंडर:नवरात्रि और करवा चौथ जैसे त्योहार, UPI पेमेंट के नए नियम लागू होंगे; अक्टूबर में आपके काम की तारीखें
अक्टूबर का महीना त्योहारों से भरा हुआ है। 11 अक्टूबर से नवरात्रि शुरू होगी और 20 अक्टूबर को दशहरा मनाया जाएगा। महीने के आखिरी हफ्ते में वाल्मीकि जयंती और करवा चौथ होगा। इस महीने 4 राज्यों में उपचुनाव भी होंगे। पहले हफ्ते में ब्राजील और आखिरी हफ्ते में इजराइल में भी आम चुनाव होंगे। 15 अक्टूबर से UPI पेमेंट के नए नियम लागू होंगे। इन सबके अलावा थिएटर और OTT पर नई फिल्में रिलीज होंगी।
Dainik Bhaskar राहुल गांधी आज आएंगे बालाघाट:जगला गांव में पीड़ित परिवारों से मिलेंगे; बीजेपी बोली- यह पॉलिटिकल माइलेज लेने की कोशिश
मध्य प्रदेश के बालाघाट में बीमारियों की वजह से 32 बैगा आदिवासी बच्चों की मौत का मामला अब सियासी मुद्दा बन गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज बिरसा ब्लॉक के जगला गांव पहुंचकर इन बच्चों के परिजन से मुलाकात करेंगे। बीजेपी ने इस दौरे को राजनीतिक माइलेज लेने की कवायद बताया है। राहुल के दौरे से पहले सरकारी रिकॉर्ड और जमीनी दावों में बड़ा अंतर सामने आया है। जगला के जिन चार मृत बच्चों के परिजन से वे मिलेंगे, उनके नाम प्रशासन के ऑफिशियल डेथ रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं। भास्कर की पिछली पड़ताल में भी सरकारी आंकड़ों से ज्यादा मौतों की जानकारी सामने आई थी। बालाघाट में बच्चों की मौतों का सिलसिला मई में 3 साल की रूही परते की जान जाने के बाद शुरू हुआ था। मामला बढ़ने पर सरकार ने प्रभावित इलाकों में हेल्थ कैंप और स्क्रीनिंग शुरू की। सरकार का दावा है कि अब स्थिति नियंत्रण में है। सोशल मीडिया पर भी सरकार को घेर चुके राहुल राहुल गांधी इस मुद्दे पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दो बार मोहन यादव सरकार पर सवाल उठा चुके हैं। 5 सितंबर को राहुल ने बच्चों की मौत के लिए पीने के पानी, पोषण और इलाज की कमी को जिम्मेदार बताते हुए इसे सरकार की विफलता कहा था। 17 सितंबर को उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए लिखा था, 'मुख्यमंत्री जी, दीये जलाने और उत्सव मनाने से फुर्सत मिल गई हो तो जरा राज्य की जमीनी हालत भी देखिए।' जगला के 4 बच्चों की मौतें सरकारी रिकॉर्ड में नहीं स्थानीय लोगों और परिजन के मुताबिक, जगला गांव के इन चार बच्चों की मौत सरकारी सूची में दर्ज नहीं हैं। डिप्टी सीएम बोले- तब संवेदना दिखानी चाहिए थी राहुल गांधी के दौरे पर उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा, ‘राहुल गांधी केवल राजनीतिक माइलेज लेने का प्रयास कर रहे हैं। जब कठिन परिस्थितियां थीं, तब उन्हें संवेदनशीलता दिखानी चाहिए थी। जिन समस्याओं को कांग्रेस की नीतियों से बढ़ावा मिला, आज वही संवेदना की बात कर रहे हैं।’ सरकारी आंकड़ों और विपक्ष के दावों में बड़ा अंतर बालाघाट में बच्चों की मौत के आंकड़ों को लेकर सरकारी रिकॉर्ड और विपक्ष के दावों में अंतर है। सरकारी रिकॉर्ड में बीमारी से अब तक 32 मौतें दर्ज हैं जबकि कांग्रेस विधायक संजय उइके का दावा है कि 43 बैगा बच्चों की जान गई है। अगस्त में दैनिक भास्कर की टीम ने प्रभावित गांवों का दौरा किया था। उस समय प्रशासन 8 मौतों की बात कर रहा था। टीम ने बिरसा ब्लॉक के 9 गांवों में 20 बच्चों की मौत की जानकारी जुटाई थी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी इन मौतों की जानकारी होने की बात सामने आई थी। मौतों का सिलसिला कब और कैसे शुरू हुआ? प्रशासन की आखिरी सूची के अनुसार, पहली मौत 18 मई 2026 को 3 साल की रूही परते की हुई। अगले दिन 19 मई को उसके 5 साल के भाई राम परते की भी जान चली गई। दोनों की मौत घर पर ही हुई थी। परिजन के मुताबिक, उन्हें 15-20 दिन से तेज बुखार, मुंह में छाले और डिहाइड्रेशन की समस्या थी। इसके बाद भी मौतें दर्ज होती रहीं। 29 जुलाई को मीडिया में मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई तेज की। नाले के पानी के सैंपल में एडिनोवायरस मिला बच्चों की मौत के बाद दिल्ली की NCDC, जबलपुर की NSCB, पुणे की NIV और ICMR की टीमों ने जांच की। रिपोर्ट में ये नतीजे सामने आए। बड़ा सवाल- पोस्टमॉर्टम के बिना मौत की वजह कैसे तय हुई? सीएमएचओ डॉ. शत्रुघ्न सिंह दाहिया के मुताबिक, मौतों को सिर्फ मीजल्स से नहीं जोड़ा जा सकता। मलेरिया, उल्टी-दस्त और कुपोषण भी संभावित कारण हैं। उन्होंने बताया कि किसी मृत बच्चे का पोस्टमॉर्टम नहीं हुआ है। अब परिजन और ग्रामीणों से चर्चा के आधार पर ‘वर्बल ऑटोप्सी’ तैयार की जाएगी। ऐसे में सवाल है कि मौतों की वजह अब तक किस आधार पर तय की गई? सरकार ने शुरू किए राहत और स्वास्थ्य संबंधी उपाय सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और स्वास्थ्य संबंधी कार्य शुरू किए हैं। कार्रवाई पर सवाल- बड़े अफसरों की जवाबदेही क्या तय हुई? सरकार ने जिला मलेरिया अधिकारी का ट्रांसफर किया और सीएमएचओ से अतिरिक्त प्रभार वापस लिया। बाद में सीएमएचओ को पद से भी हटा दिया गया। अब सवाल जवाबदेही का है कि इतनी मौतों के मामले में जिम्मेदारी किस स्तर पर तय हुई और आगे क्या कार्रवाई होगी? ये खबर भी पढ़ें… Gen-Z स्टूडेंट्स के प्रोफेसर बने राहुल हाथ में माइक, पीछे बड़ी स्क्रीन पर चलता पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन (PPT), बीच-बीच में वीडियो क्लिप्स और सामने बैठे हजारों छात्र...। इंदौर में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी का अंदाज किसी पारंपरिक राजनेता जैसा नहीं, बल्कि एक प्रोफेसर जैसा था। पढे़ं पूरी खबर…
Dainik Bhaskar भारत-यूएई के बीच समुद्र में तेल पाइपलाइन की तैयारी:होर्मुज संकट के बीच विकल्प तलाश रहा भारत, अरब सागर के नीचे गुजरात-महाराष्ट्र तक बिछेगी लाइन
होर्मुज संकट के बीच भारत ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए नई रणनीति पर काम कर रहा है। इसके तहत भारत और यूएई के बीच समुद्र के नीचे तेल और गैस पाइपलाइन बिछाने की तैयारी है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने यूएई के विदेश व्यापार मंत्री थानी बिन अहमद अल जेउदी से मुलाकात के बाद इसकी पुष्टि की। सरकार ने ओमान-यूएई से भारत तक समुद्र के नीचे पाइपलाइन परियोजना को प्राथमिकता में रखा है। MEIDP (मिडिल ईस्ट टू इंडिया डीप-वॉटर पाइपलाइन) के तहत पाइपलाइन ओमान और यूएई के तट से शुरू होकर अरब सागर के नीचे से गुजरते हुए गुजरात और महाराष्ट्र के तट तक पहुंच सकती है। पहले सिर्फ गैस पाइपलाइन की थी योजना जून में सरकार ने इस परियोजना को निजी प्रोजेक्ट बताया था। शुरुआत में इसमें सिर्फ गैस पाइपलाइन की योजना थी, लेकिन अब समुद्र के रास्ते कच्चा तेल लाने की संभावना पर भी तकनीकी अध्ययन शुरू हो गया है। पेट्रोलियम मंत्रालय के निर्देश पर सरकारी कंपनियां परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही हैं। इसमें गहरे समुद्र में पाइपलाइन बिछाने की तकनीक, लागत और सुरक्षा समेत दूसरे पहलुओं की जांच की जाएगी। क्यों पड़ी इस पाइपलाइन की जरूरत? भारत अपनी जरूरत का करीब 88% कच्चा तेल आयात करता है। होर्मुज में तनाव के बीच भारत ऊर्जा सप्लाई के लिए वैकल्पिक रास्ते तैयार करना चाहता है। देश में आने वाली आधी से ज्यादा LPG और LNG भी कतर और यूएई से इसी समुद्री रास्ते से जहाजों के जरिए आती है। सबसे बड़ी चुनौती समुद्र की गहराई इस परियोजना में सबसे बड़ी इंजीनियरिंग चुनौती समुद्र में करीब 3,450 मीटर की गहराई तक पाइपलाइन बिछाना है। इतनी गहराई में पानी का दबाव काफी ज्यादा होता है। पाइपलाइन को सुरक्षित रखना, समुद्र तल की चट्टानों और खाइयों के बीच रास्ता बनाना और भविष्य में इसकी मरम्मत करना भी बड़ी तकनीकी चुनौतियां होंगी। सीधे सप्लाई से खर्च और जहाजों पर निर्भरता कम होगी सीधे ओमान, यूएई, कतर और सऊदी अरब के गैस और तेल भंडार से आपूर्ति मिलने पर समुद्री जहाजों पर निर्भरता कम हो सकती है। इससे तेल और गैस के परिवहन और बीमा पर होने वाला खर्च घट सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अचानक तेल और गैस की कीमत बढ़ने पर भारत पर पड़ने वाला दबाव भी कम हो सकता है। 3 किमी पाइपलाइन का परीक्षण परियोजना विकसित करने वाली संस्था साउथ एशिया गैस एंटरप्राइज ने करीब ₹25 करोड़ की लागत से लगभग 3 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाकर परीक्षण किया है। सभी शर्तें पूरी होने के बाद पूरी परियोजना के निर्माण में करीब 5 से 7 साल लगने का अनुमान है। ---------------------------------- यह खबर भी पढ़ें…. ट्रम्प ने ईरान का जंग खत्म करने का प्रस्ताव ठुकराया:बोले- वे मुश्किल में, तभी होर्मुज खोलना चाहते; ईरान बोला- बातचीत से ही निकलेगा हल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान का युद्ध खत्म करने और होर्मुज खोलने का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। ट्रम्प ने कहा कि ईरान मुश्किल में है, इसलिए वह तुरंत होर्मुज खोलना चाहता है। पूरी खबर पढ़ें…
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होर्मुज संकट के बीच भारत ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए नई रणनीति पर काम कर रहा है। इसके तहत भारत और यूएई के बीच समुद्र के नीचे तेल और गैस पाइपलाइन बिछाने की तैयारी है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने यूएई के विदेश व्यापार मंत्री थानी बिन अहमद अल जेउदी से मुलाकात के बाद इसकी पुष्टि की। सरकार ने ओमान-यूएई से भारत तक समुद्र के नीचे पाइपलाइन परियोजना को प्राथमिकता में रखा है। MEIDP (मिडिल ईस्ट टू इंडिया डीप-वॉटर पाइपलाइन) के तहत पाइपलाइन ओमान और यूएई के तट से शुरू होकर अरब सागर के नीचे से गुजरते हुए गुजरात और महाराष्ट्र के तट तक पहुंच सकती है। पहले सिर्फ गैस पाइपलाइन की थी योजना जून में सरकार ने इस परियोजना को निजी प्रोजेक्ट बताया था। शुरुआत में इसमें सिर्फ गैस पाइपलाइन की योजना थी, लेकिन अब समुद्र के रास्ते कच्चा तेल लाने की संभावना पर भी तकनीकी अध्ययन शुरू हो गया है। पेट्रोलियम मंत्रालय के निर्देश पर सरकारी कंपनियां परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही हैं। इसमें गहरे समुद्र में पाइपलाइन बिछाने की तकनीक, लागत और सुरक्षा समेत दूसरे पहलुओं की जांच की जाएगी। क्यों पड़ी इस पाइपलाइन की जरूरत? भारत अपनी जरूरत का करीब 88% कच्चा तेल आयात करता है। होर्मुज में तनाव के बीच भारत ऊर्जा सप्लाई के लिए वैकल्पिक रास्ते तैयार करना चाहता है। देश में आने वाली आधी से ज्यादा LPG और LNG भी कतर और यूएई से इसी समुद्री रास्ते से जहाजों के जरिए आती है। सबसे बड़ी चुनौती समुद्र की गहराई इस परियोजना में सबसे बड़ी इंजीनियरिंग चुनौती समुद्र में करीब 3,450 मीटर की गहराई तक पाइपलाइन बिछाना है। इतनी गहराई में पानी का दबाव काफी ज्यादा होता है। पाइपलाइन को सुरक्षित रखना, समुद्र तल की चट्टानों और खाइयों के बीच रास्ता बनाना और भविष्य में इसकी मरम्मत करना भी बड़ी तकनीकी चुनौतियां होंगी। सीधे सप्लाई से खर्च और जहाजों पर निर्भरता कम होगी सीधे ओमान, यूएई, कतर और सऊदी अरब के गैस और तेल भंडार से आपूर्ति मिलने पर समुद्री जहाजों पर निर्भरता कम हो सकती है। इससे तेल और गैस के परिवहन और बीमा पर होने वाला खर्च घट सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अचानक तेल और गैस की कीमत बढ़ने पर भारत पर पड़ने वाला दबाव भी कम हो सकता है। 3 किमी पाइपलाइन का परीक्षण परियोजना विकसित करने वाली संस्था साउथ एशिया गैस एंटरप्राइज ने करीब ₹25 करोड़ की लागत से लगभग 3 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाकर परीक्षण किया है। सभी शर्तें पूरी होने के बाद पूरी परियोजना के निर्माण में करीब 5 से 7 साल लगने का अनुमान है। ---------------------------------- यह खबर भी पढ़ें…. ट्रम्प ने ईरान का जंग खत्म करने का प्रस्ताव ठुकराया:बोले- वे मुश्किल में, तभी होर्मुज खोलना चाहते; ईरान बोला- बातचीत से ही निकलेगा हल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान का युद्ध खत्म करने और होर्मुज खोलने का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। ट्रम्प ने कहा कि ईरान मुश्किल में है, इसलिए वह तुरंत होर्मुज खोलना चाहता है। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar भास्कर अपडेट्स:कर्नाटक के MRPL रिफाइनरी में धमाका, एक की मौत; 8 घायल, दो अधिकारियों पर FIR
कर्नाटक के मंगलुरु में जोकट्टे के पास MRPL ऑयल रिफाइनरी में बुधवार दोपहर जोरदार धमाका हुआ। हादसे में 30 साल के कॉन्ट्रैक्ट वर्कर मनीष करकेरा की मौत हो गई, जबकि 8 लोग घायल हुए हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। MRPL के मुताबिक, दोपहर करीब 12 बजे क्रोकर हाईड्रोट्रीटर यूनिट में हाई प्रेशर पर काम कर रहे कोल्ड सेपरेटर के फटने से आग लग गई। रिफाइनरी की इमरजेंसी और फायरफाइटिंग टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। करीब ढाई घंटे बाद आग पूरी तरह बुझाई गई। इसके बाद जांच के दौरान एक व्यक्ति का जला हुआ शव मिला। धमाका इतना तेज था कि आसपास के लोगों को भूकंप जैसा झटका महसूस हुआ। कई घरों में दरारें आ गईं, खिड़कियों के शीशे टूट गए और सामान नीचे गिर गया। पास के एक चर्च की छत की टाइलें भी टूट गईं। घटना के बाद सुरथकल पुलिस ने शिकायत के आधार पर क्रोकर हाईड्रोट्रीटर यूनिटके हेड और MRPL मैनेजमेंट के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामले में BNS की धारा 287, 125(b) और 106 के तहत केस दर्ज किया गया है। आज की अन्य बड़ी खबरें… बेंगलुरु में कॉलेज छात्र की चाकू मारकर हत्या, दो गुटों में हुआ था झगड़ा बेंगलुरु में बुधवार को दो गुटों के बीच हुए विवाद के बाद 19 साल के कॉलेज छात्र की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान योगेश के रूप में हुई है, जो नगरभवी के एक प्राइवेट कॉलेज में बीकॉम फर्स्ट ईयर का छात्र था। पुलिस के मुताबिक, योगेश क्लास में बैठा था, तभी उसका एक दोस्त उसे बाहर बुलाने आया। कॉलेज से बाहर निकलने के बाद किसी बात को लेकर दो गुटों के छात्रों के बीच झगड़ा शुरू हो गया। इसी दौरान एक छात्र ने चाकू निकाला और योगेश पर हमला कर दिया। योगेश को गंभीर हालत में पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, घटना में 4-5 लोगों के शामिल होने का शक है, लेकिन अभी तक केवल एक व्यक्ति की पहचान हुई है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है और जांच के बाद घटना की सही वजह और पूरी जानकारी सामने आने की बात कही है।
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कर्नाटक के मंगलुरु में जोकट्टे के पास MRPL ऑयल रिफाइनरी में बुधवार दोपहर जोरदार धमाका हुआ। हादसे में 30 साल के कॉन्ट्रैक्ट वर्कर मनीष करकेरा की मौत हो गई, जबकि 8 लोग घायल हुए हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। MRPL के मुताबिक, दोपहर करीब 12 बजे क्रोकर हाईड्रोट्रीटर यूनिट में हाई प्रेशर पर काम कर रहे कोल्ड सेपरेटर के फटने से आग लग गई। रिफाइनरी की इमरजेंसी और फायरफाइटिंग टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। करीब ढाई घंटे बाद आग पूरी तरह बुझाई गई। इसके बाद जांच के दौरान एक व्यक्ति का जला हुआ शव मिला। धमाका इतना तेज था कि आसपास के लोगों को भूकंप जैसा झटका महसूस हुआ। कई घरों में दरारें आ गईं, खिड़कियों के शीशे टूट गए और सामान नीचे गिर गया। पास के एक चर्च की छत की टाइलें भी टूट गईं। घटना के बाद सुरथकल पुलिस ने शिकायत के आधार पर क्रोकर हाईड्रोट्रीटर यूनिटके हेड और MRPL मैनेजमेंट के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामले में BNS की धारा 287, 125(b) और 106 के तहत केस दर्ज किया गया है। आज की अन्य बड़ी खबरें… बेंगलुरु में कॉलेज छात्र की चाकू मारकर हत्या, दो गुटों में हुआ था झगड़ा बेंगलुरु में बुधवार को दो गुटों के बीच हुए विवाद के बाद 19 साल के कॉलेज छात्र की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान योगेश के रूप में हुई है, जो नगरभवी के एक प्राइवेट कॉलेज में बीकॉम फर्स्ट ईयर का छात्र था। पुलिस के मुताबिक, योगेश क्लास में बैठा था, तभी उसका एक दोस्त उसे बाहर बुलाने आया। कॉलेज से बाहर निकलने के बाद किसी बात को लेकर दो गुटों के छात्रों के बीच झगड़ा शुरू हो गया। इसी दौरान एक छात्र ने चाकू निकाला और योगेश पर हमला कर दिया। योगेश को गंभीर हालत में पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, घटना में 4-5 लोगों के शामिल होने का शक है, लेकिन अभी तक केवल एक व्यक्ति की पहचान हुई है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है और जांच के बाद घटना की सही वजह और पूरी जानकारी सामने आने की बात कही है। आसाराम को पत्नी से मिलने के लिए अंतरिम जमानत नहीं, गुजरात हाईकोर्ट ने वीडियो कॉल की इजाजत दी गुजरात हाईकोर्ट ने दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम को 83 वर्षीय बीमार पत्नी से मिलने के लिए 20 दिन की अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने पुलिस रिपोर्ट और डॉक्टरों की राय के आधार पर फैसला दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, पत्नी को 2-3 दिन में अस्पताल से छुट्टी मिलने की संभावना है। हालांकि, कोर्ट ने वीडियो कॉल पर बात करने की इजाजत दे दी।
Dainik Bhaskar तिरुवनंतपुरम में SFI और यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं में झड़प:एक-दूसरे पर पत्थर और मशालें फेंकी; CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर निकाला था मार्च
तिरुवनंतपुरम में बुधवार शाम केरल विश्वविद्यालय के मेन्स हॉस्टल के पास यूथ कांग्रेस और SFI कार्यकर्ताओं के बीच करीब 3 घंटे तक झड़प हुई। इस दौरान दोनों तरफ से पत्थर और जलती मशालें फेंकी गईं। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने कई बार आंसू गैस के गोले छोड़े और प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर होने के लिए कहा। झड़प कांग्रेस के उस मार्च के बाद शुरू हुई, जो मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर यूनिवर्सिटी के कार्यालय तक निकाला गया था। जैसे ही मार्च हॉस्टल के सामने पहुंचा, प्रदर्शनकारियों पर हॉस्टल के अंदर से पथराव शुरू हो गया। इसके बाद यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी जवाबी पथराव किया, जिससे दोनों पक्षों में टकराव काफी बढ़ गया। घटना की तस्वीरें… पुलिस ने हॉस्टल में लाठीचार्ज किया मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस हॉस्टल के अंदर गई और वहां मौजूद छात्रों पर लाठियां चलाईं। छात्रों ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया और पुलिसकर्मियों से हॉस्टल छोड़ने की मांग की। SFI के राज्य सचिव पीएस संजीव घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया। उस समय हॉस्टल के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ता, हॉस्टल के अंदर SFI कार्यकर्ता और दोनों समूहों के बीच पुलिसकर्मी मौजूद थे। पुलिस ने सड़क खाली कराने की कोशिश की। इस दौरान इलाके से एंबुलेंस भी गुजरती दिखाई दी। --------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… जादवपुर यूनिवर्सिटी में ABVP-लेफ्ट छात्रों में हिंसक झड़प:कई घायल; दोनों पक्षों ने हिंसा और बाहरी लोगों को लाने के आरोप लगाए कोलकाता की जादवपुर यूनिवर्सिटी में ABVP और वामपंथी छात्र संगठनों के बीच जनरल मीटिंग में हिंसक झड़प हो गई। कई छात्र घायल हुए और कैंपस में तनाव फैल गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात संभाले। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar गडकरी बोले-भारत को ऑटो सेक्टर में नंबर-1 बनाना मेरा सपना:GDP में ₹22.75 लाख करोड़ का योगदान; अभी अमेरिका और चीन के बाद तीसरे स्थान पर
केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि उनका सपना भारत के ऑटो सेक्टर को दुनिया में नंबर-1 बनाने का है। उन्होंने कहा कि भारत अभी अमेरिका और चीन के बाद तीसरे स्थान पर है। गडकरी ने यह बात 2026 के पहले एचटी ऑटो लीडरबोर्ड अवॉर्ड्स में कही। उन्होंने कहा कि भारत का ऑटो सेक्टर अर्थव्यवस्था में 22.75 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का योगदान देता है। क्लीन टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर गडकरी ने क्लीनर पावरट्रेन और फ्यूल टेक्नोलॉजी पर सरकार के फोकस को दोहराया। उन्होंने कहा कि ग्राहकों की बदलती सोच के साथ इलेक्ट्रिक वाहन भारतीय ऑटो इंडस्ट्री का बड़ा सेगमेंट बन रहे हैं। FY26 में इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल्स और इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की बिक्री में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई। उन्होंने इसे बैटरी से चलने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति ग्राहकों के सकारात्मक रुझान का संकेत बताया। गडकरी ने ऑटो इंडस्ट्री से इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत कम करने के तरीकों पर विचार करने की अपील की। खबर अपडेट हो रही है...
Dainik Bhaskar क्रिमिनल केस में जज अपनी नैतिक सोच न थोपें:सुप्रीम कोर्ट बोला- फैसला फैक्ट्स के आधार पर करें, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का आदेश रद्द किया
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जमानत और आपराधिक मामलों में अदालतें अपनी निजी नैतिक सोच के आधार पर फैसला नहीं कर सकतीं। फैसला कानून और मामले के तथ्यों के आधार पर होना चाहिए। जस्टिस उज्जल भुइयां और जस्टिस एएस चंद्रकुर की बेंच ने 23 सितंबर को दिए आदेश में यह बात कही। कोर्ट ने यौन शोषण के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का जमानत खारिज करने वाला फैसला रद्द कर दिया। कोर्ट ने आरोपी को जमानत दी कोर्ट ने कहा कि आरोपी एक साल से ज्यादा समय से जेल में है और केस की सुनवाई पूरी होने में अभी समय लग सकता है। इन बातों को देखते हुए कोर्ट ने आरोपी को जमानत दे दी। हाईकोर्ट 20 मार्च को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा था कि आरोपी की रिहाई से सामाजिक व्यवस्था और पीड़ित के परिवार की नैतिकता पर असर पड़ सकता है। आरोपी पर यौन शोषण का आरोप रतलाम में कन्हा उर्फ कन्हैया सिंह नाम के व्यक्ति के खिलाफ POCSO, BNS और SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था। आरोपी शादीशुदा है। वह पीड़ित परिवार के पड़ोस में किराएदार के रूप में रहता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पहले पीड़ित नाबालिग लड़की की बड़ी बहन को भगाने की कोशिश की थी। इसके बाद नाबालिग लड़की ने अपनी मां को बताया कि आरोपी ने करीब एक महीने तक उसका यौन शोषण किया। इसके आधार पर उसके खिलाफ दूसरा मामला दर्ज किया गया। आरोपी 10 सितंबर 2025 से जेल में है। उसकी जमानत याचिका मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 20 मार्च 2026 को खारिज कर दी थी। वकील का तर्क- केस केवल परेशान करने के लिए आरोपी के वकील ने कहा कि यह केस पीड़ित की बड़ी बहन से आरोपी के संबंधों के कारण दर्ज कराया गया। बड़ी बेटी के साथ संबंधों को लेकर आरोपी को परेशान करने के लिए उस पर ये आरोप लगाए गए। आरोपी एक साल से जेल में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आरोपी एक साल से ज्यादा समय से जेल में है। केस की सुनवाई पूरी होने में अभी और समय लग सकता है। कोर्ट ने कहा कि इन हालात में आरोपी को जमानत दी जा सकती है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का जमानत खारिज करने वाला फैसला रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि आरोपी को 7 दिन के अंदर स्पेशल कोर्ट में पेश किया जाए। इसके बाद जमानत की शर्तें पूरी होने पर उसे रिहा किया जाए। --------------------------- ये खबर भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट बोला- पटाखों पर पूरी तरह बैन नहीं:लेकिन 24 घंटे आतिशबाजी की परमिशन भी नहीं, सरकार समय तय करे सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पटाखों पर बैन हटाने की याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान कोर्ट ने कहा- पूरे देश में पटाखों पर बैन लगाना मुमकिन नहीं है। पूरी पाबंदी से लोगों की भावनाएं आहत होंगी। लेकिन, 24 घंटे आतिशबाजी की इजाजत भी नहीं दी जा सकती। पटाखे चलाने के लिए समय तय करना होगा, जिससे कि त्योहार भी मनाया जा सके और लोगों को परेशानी भी न हो। पढ़ें पूरी खबर…
Dainik Bhaskar बंगाल- कांग्रेस कैंडिडेट को मिली जमानत पर सरकार कोर्ट पहुंची:सुप्रीम कोर्ट बोला- आपकी याचिका खारिज होगी, लेकिन हम ऐसा सोमवार को करेंगे
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट के उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को मिली अंतरिम जमानत के खिलाफ बंगाल की भाजपा सरकार बुधवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंची। सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट से कहा कि मिलन प्रधान हत्या के केस में गिरफ्तार किए गए हैं। उन्हें चुनाव लड़ने के नाम पर हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी। इसलिए इस मामले पर जल्द सुनवाई होनी चाहिए। इस पर टिप्पणी करते हुए चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा- कल कई मामले सुनवाई के लिए पहले से लगे हैं। हम आपको आश्वस्त कर सकते हैं कि आपकी याचिका खारिज होगी, लेकिन हम यह कल नहीं सोमवार यानी 5 अक्टूबर को ऐसा करेंगे। हाईकोर्ट ने शर्तों के साथ 20 अक्टूबर तक की अंतरिम जमानत दी है प्रधान को 2007 में दर्ज छह आपराधिक मामलों में अंतरिम जमानत मिली है। इनमें हत्या, हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट के उल्लंघन के आरोप शामिल हैं। कलकत्ता हाईकोर्ट ने 29 सितंबर को उन्हें 20 अक्टूबर तक अंतरिम जमानत दी थी। इससे वे 6 अक्टूबर को होने वाले नंदीग्राम उपचुनाव के लिए प्रचार कर सकेंगे। हाईकोर्ट ने मिलन प्रधान को 21 अक्टूबर को ट्रायल कोर्ट के सामने सरेंडर करने का निर्देश दिया है। छहों आपराधिक मामलों में उन्हें 20-20 हजार रुपए का जमानती बॉन्ड जमा करना होगा। कोर्ट ने प्रधान को अपना मोबाइल नंबर जांच अधिकारी को देने का भी निर्देश दिया है। जांच अधिकारी उम्मीदवार को दिन में दो बार फोन कर सकेंगे। अधिकारी के सीट छोड़ने के बाद उपचुनाव नंदीग्राम सीट मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 2026 के विधानसभा चुनाव में जीती थी। उन्होंने कोलकाता की भवानीपुर सीट से भी जीत दर्ज की। इसके बाद सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट छोड़ दी। चुनाव आयोग ने इसी सीट पर उपचुनाव की घोषणा की। बंगाल की राजनीति में खास जगह रही है नंदीग्राम की नंदीग्राम का पश्चिम बंगाल की राजनीति में खास स्थान रहा है। 2007 में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले जमीन अधिग्रहण विरोधी आंदोलन में सुवेंदु अधिकारी ने मदद की थी। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस ने 2011 में 34 साल पुरानी वाम मोर्चा सरकार को हटाकर सत्ता हासिल की। नंदीग्राम आंदोलन इस राजनीतिक बदलाव से जुड़े प्रमुख घटनाक्रमों में गिना जाता है। शुभेंदु अधिकारी ने 2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट पर ही ममता बनर्जी को 1,956 वोटों से हराया था। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें… 4 राज्यों में उपचुनाव का ऐलान, 6 अक्टूबर को वोटिंग:9 अक्टूबर को नतीजे; बंगाल की 2 विधानसभा और असम की एक लोकसभा सीट शामिल चुनाव आयोग ने तमिलनाडु, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल की विधानसभा सीटों और असम की एक लोकसभा सीट पर उपचुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। इन सीटों पर 6 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे और 9 अक्टूबर को नतीजे आएंगे। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar बिहार- लड़की से बदसलूकी करने वाले के घर चला बुलडोजर:प्रशासन ने 72 घंटे का दिया था समय, तीन आरोपियों के घर पहले ही गिराए गए
समस्तीपुर में नाबालिग से बदसलूकी के मामले में प्रशासन ने मुख्य आरोपी विकास कुमार शर्मा के घर पर बुधवार को बुलडोजर चलाया। सरकारी जमीन पर बने मकान को लेकर प्रशासन ने विकास के परिजनों को दो बार नोटिस जारी किया था। दरअसल, 23 सितंबर को बूढ़ी गंडक नदी के बाईपास बांध पर नाबालिग से बदसलूकी का वीडियो सामने आया था। यह वीडियो 15 सितंबर का था, जिसमें विकास और तीन अन्य आरोपी लड़की के साथ छेड़छाड़ करते हुए नजर आ रहे थे। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विकास समेत चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। विकास के अलावा तीन अन्य आरोपियों के घरों पर भी प्रशासन पहले ही कार्रवाई कर चुका है। SDPO बोले- नोटिस के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया सदर SDPO राकेश कुमार ने बताया कि पहली बार 26 सितंबर को 24 घंटे का नोटिस दिया गया था। इसके बाद 27 सितंबर को 72 घंटे का दूसरा नोटिस जारी किया गया। समय-सीमा पूरी होने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई की। बुलडोजर एक्शन की कुछ तस्वीरें देखिए… जमीन की मापी के दौरान पक्के मकान का कुछ हिस्सा अवैध पाया गया प्रशासन के अनुसार, जमीन की मापी के दौरान विकास कुमार शर्मा के पक्के मकान का कुछ हिस्सा सरकारी जमीन पर बना पाया गया था। मकान पक्का और बड़ा होने के कारण उसे तत्काल नहीं हटाया गया। नियमानुसार पहले नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने का मौका दिया गया। इसके बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर दूसरी नोटिस जारी की गई। तीन आरोपियों के घर पहले ही चल चुका है बुलडोजर सदर SDPO राकेश कुमार ने बताया कि विकास कुमार शर्मा, राहुल पासवान, अवधेश पासवान और रामबाबू सहनी के मकान सरकारी जमीन पर बने होने की सूचना मिली थी। इसके बाद अंचल कार्यालय की टीम ने जमीन की मापी कराई। मापी के दौरान सरकारी जमीन पर निर्माण की पुष्टि होने के बाद मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। राहुल पासवान, अवधेश पासवान और रामबाबू सहनी के मकान का जो हिस्सा सरकारी जमीन पर बना था, उसे प्रशासन ने हटा दिया। इनमें अधिकांश निर्माण झोपड़ी और कच्चे ढांचे के थे, इसलिए उन्हें तत्काल हटाया गया। रामबाबू सहनी के घर के पास सरकारी जमीन पर बनी चाय की दुकान को भी हटाया गया। वहीं, विकास कुमार शर्मा का मकान पक्का और बड़ा होने के कारण उसे हटाने से पहले नियमानुसार नोटिस जारी किया गया। नोटिस के जरिए अतिक्रमण हटाने के लिए निर्धारित समय दिया गया था। विकास पर पहले से शराब कारोबार के मामले दर्ज पुलिस के अनुसार, विकास कुमार शर्मा पर शराब कारोबार से जुड़े कई मामले पहले से दर्ज हैं। वो पहले शराब मामले में जेल भी भेजा जा चुका है। इसके अलावा, उसके घर से शराब बरामद होने के एक मामले में उसकी मां को भी जेल जाना पड़ा था। विकास के भाई सुभाष कुमार शर्मा के संबंध में भी पुलिस रिकॉर्ड में आपराधिक मामला दर्ज होने की बात सामने आई है। वो तेलंगाना में हत्या के एक मामले में जेल में है। इस मामले में निचली अदालत से उसे फांसी की सजा सुनाए जाने और उच्च न्यायालय में अपील लंबित होने की जानकारी दी गई है। अब आखिर में नाबालिग से छेड़छाड़ की तस्वीरें देखिए… विकास और राहुल के माफी मांगते वीडियो सामने आए मामले में जेल भेजे गए मुख्य आरोपी विकास कुमार शर्मा और राहुल पासवान के माफी मांगते वीडियो भी सामने आए थे। पहले वीडियो में विकास कुमार शर्मा एक कमरे में खड़ा दिखाई दे रहा था। वो अपना परिचय देते हुए कहता है कि उस पर लड़की से बदसलूकी का आरोप लगा है। इसके बाद हाथ जोड़कर समाज और प्रशासन से माफी मांगता है और भविष्य में ऐसी गलती नहीं करने की बात कहता है। वीडियो में उसके दाहिने हाथ पर पट्टी बंधी दिखाई दे रही है। दूसरे वीडियो में राहुल पासवान बारिश के दौरान एक पेड़ के पास जमीन पर बैठा दिखाई दे रहा है। वो भी अपना परिचय देता है और हाथ जोड़कर माफी मांगता है। वीडियो में वह कान पकड़कर दोबारा ऐसी गलती नहीं करने की बात कहता है। अवधेश की PDS दुकान का लाइसेंस रद्द मामले में गिरफ्तार अवधेश पासवान की जनवितरण प्रणाली (PDS) दुकान का लाइसेंस भी सदर SDPO ने तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया था। अवधेश पर नाबालिग से बदसलूकी के मामले में गिरफ्तार होकर जेल भेजे जाने के बाद कार्रवाई की गई थी। अब तक पीड़िता की पहचान नहीं घटना को एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन पुलिस अब तक पीड़िता की पहचान नहीं कर पाई है। पुलिस का कहना है कि पीड़िता सामने नहीं आना चाहती है। उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2024 में क्या आदेश दिया था... सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2024 में बुलडोजर एक्शन पर फैसला सुनाया था। कोर्ट ने कहा था कि अफसर जज नहीं बन सकते। वे तय न करें कि दोषी कौन है। बेंच ने ये भी कहा था कि 15 दिन के नोटिस के बगैर निर्माण गिराया तो अफसर के खर्च पर दोबारा बनाना पड़ेगा। अदालत ने 15 गाइडलाइंस भी दीं थीं। अब जानिए बुलडोजर एक्शन को लेकर SC की क्या है गाइडलाइन
Dainik Bhaskar केंद्र सरकार ने रबी फसलों पर MSP बढ़ाई:गेहूं में ₹25 की बढ़ोतरी; ₹1.86 लाख करोड़ के ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर को भी मंजूरी
कैबिनेट ने बुधवार को साल 2027-28 के लिए सभी छह रबी फसलों का MSP बढ़ाने को मंजूरी दी। गेहूं के MSP में 25 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई। फैसले की जानकारी केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट ब्रीफिंग में दी। कुसुम का MSP सबसे ज्यादा 675 रुपए बढ़ा। इसके बाद सरसों-राई में 413 रुपए और मसूर में 390 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई। वहीं, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज-III योजना को भी मंजूरी दी। इस योजना पर 1,86,405 करोड़ रुपए खर्च होंगे। योजना के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 135 GW तक रिन्यूएबल एनर्जी के लिए इंट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम बनाया जाएगा। यह काम साल 2032-33 तक पूरा करने का लक्ष्य है। क्या है ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर सरकार ने देश में सौर (सूरज) और पवन (हवा) ऊर्जा से बनने वाली साफ बिजली को बिना रुकावट घरों तक पहुंचाने के लिए यह फैसला लिया है। सूरज ढलने या हवा बंद होने पर अक्सर बिजली जाने का डर रहता है, इसलिए इस योजना के तहत भारी-भरकम बैटरियां लगाई जाएंगी, जो दिन की बिजली को रात में इस्तेमाल के लिए जमा करके रखेंगी। साथ ही, राज्यों के अंदर बिजली के तारों और खंभों का एक नेटवर्क बनाया जाएगा, जिससे बिजली का नुकसान न हो, घरों में बिजली की कटौती बंद हो और सस्ती व साफ बिजली 24 घंटे बिना रुकावट मिलती रहे। कैबिनेट बैठक में अन्य बड़े फैसले दिल्ली के लिए स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम: कैबिनेट ने दिल्ली के ट्रैफिक को बेहतर बनाने के लिए 1,790 करोड़ रुपए के इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) को मंजूरी दी है। EPFO की वेतन सीमा में बढ़ोतरी: कैबिनेट ने कर्मचारियों के लिए EPFO के तहत पीएफ कटने की अनिवार्य वेतन सीमा को 15,000 रुपए से बढ़ाकर 25,000 रुपए प्रति माह कर दिया है। किसानों को सस्ती खाद पर सब्सिडी: खेती के लिए सस्ते दाम पर खाद उपलब्ध कराने के लिए कैबिनेट ने उर्वरकों (PK) पर 41,533 करोड़ रुपये की सब्सिडी मंजूर की है। कैसे काम करेगा स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम ? ट्रैफिक देखकर बदलेगी बत्ती: सिग्नल का समय पहले से तय नहीं होगा; जिस तरफ ज्यादा गाड़ियां होंगी, वहां की बत्ती खुद हरी हो जाएगी। स्मार्ट कैमरों की नजर: सड़कों पर लगे AI कैमरे और सेंसर गाड़ियों की संख्या और उनकी स्पीड पर लगातार नजर रखेंगे। नंबर प्लेट की तुरंत पहचान: नियम तोड़ते ही कैमरे गाड़ी का नंबर खुद स्कैन कर लेंगे। ---------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… आईफोन-एपल वॉच से बिना पिन-ओटीपी पेमेंट कर सकेंगे:एपल पे भारत में लॉन्च, एक्सिस बैंक पहला पार्टनर बना; जानें- कैसे काम करेगा एपल ने भारत में अपनी डिजिटल पेमेंट सर्विस 'एपल पे' को लॉन्च कर दिया है। साथ ही आईफोन और एपल वॉच यूजर्स के लिए कार्डलेस और कॉन्टैक्टलेस पेमेंट का नया ऑप्शन भी अवेलेबल हो गया है। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar सुप्रीम कोर्ट बोला- पटाखों पर पूरी तरह बैन नहीं:लेकिन 24 घंटे आतिशबाजी की परमिशन भी नहीं, सरकार समय तय करे
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पटाखों पर बैन हटाने की याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान कोर्ट ने कहा- पूरे देश में पटाखों पर बैन लगाना मुमकिन नहीं है। पूरी पाबंदी से लोगों की भावनाएं आहत होंगी। लेकिन, 24 घंटे आतिशबाजी की इजाजत भी नहीं दी जा सकती। पटाखे चलाने के लिए समय तय करना होगा, जिससे कि त्योहार भी मनाया जा सके और लोगों को परेशानी भी न हो। जस्टिस एमएम सुंदरैश और पीबी वराले की बेंच ने कहा कि धार्मिक भावनाओं, स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़ी चिंताओं के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। बेंच ने केंद्र सरकार और केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) को पटाखों के बेरियम की जांच, डेसिबल लेवल तय करने और फायर टेस्ट के लिए समय भी दिया। इस मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी। ग्रीन पटाखों पर सीमित छूट का प्रस्ताव सुनवाई के दौरान एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने एक नोट पेश किया। इसमें कुछ खास ‘नेक्स्ट-जेनरेशन जॉइंट ग्रीन क्रैकर्स’ को सीमित और शर्तों के साथ छूट देने पर विचार की बात कही गई। इन पटाखों को काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च-नेशनल एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (CSIR-NEERI) के सहयोग से विकसित किया गया है। ये नए फॉर्मूले से बनाए गए जुड़े हुए पटाखे हैं। इनमें उत्सर्जन कम करने के लिए बेरियम साल्ट की मात्रा घटाई गई है। नोट में कहा गया कि इन खास पटाखों को तभी अनुमति दी जा सकती है, जब इन्हें लाइसेंस प्राप्त निर्माता ही बनाएं। उन्हें तय शोर सीमा और उत्सर्जन व सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा। इन पटाखों में शोर की सीमा 125 dB(AI)/145 dB(C) पीक तय की गई है। इनमें प्रतिबंधित केमिकल भी नहीं होने चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल ग्रीन पटाखों की अनुमति दी थी पिछले साल दिवाली से पहले दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स 200 पार हो गया था। इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली और नेशनल कैपिटल रीजन में ग्रीन पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल की अनुमति दी थी। यह छूट परंपराओं और पर्यावरण व स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के बीच संतुलन बनाने की शर्तों के साथ दी गई थी। कोर्ट ने साफ किया था कि ग्रीन पटाखे दिवाली से पहले और दिवाली के दिन ही तय समय के दौरान चलाए जा सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण नियंत्रण को लेकर कहा था कि अगर दिल्ली-NCR के शहरों को साफ हवा का हक है तो दूसरे शहरों के लोगों को क्यों नहीं? ------------- ये खबर भी पढ़ें... पटाखा दुकान में लगी आग, कर्मचारी ने कूदकर बचाई जान:भोपाल के बैरागढ़ रोड पर हादसा भोपाल का बैरागढ़ रोड शुक्रवार तड़के पटाखों के धमाकों से दहल उठा। यहां एक पटाखा दुकान में भीषण आग लग गई। पटाखों की वजह से बार-बार धमाके होते रहे और आग की लपटें करीब 70 फीट ऊपर तक उठ गईं। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar परिवार ने 4 साल तक शव को फ्रीजर में रखा:₹50 लाख खर्च किए; भावनात्मक लगाव के चलते अंतिम संस्कार नहीं किया, मुंबई का मामला
मुंबई में 80 साल के व्यक्ति की मौत के 4 साल बाद भी उनकी पत्नी और दो बच्चों ने भावनात्मक लगाव के कारण अंतिम संस्कार नहीं किया। परिवार ने शव को फ्रीजर में सुरक्षित रखा, जिस पर ₹50 लाख से ज्यादा खर्च किए गए। पुलिस ने किसी तरह की गड़बड़ी की आशंका से इनकार किया है। व्यक्ति की 2022 में कैंसर, किडनी फेलियर और उम्र से जुड़ी अन्य बीमारियों के कारण मौत हुई थी। मृतक की एक बेटी वकील है। परिवार अब शव को अमेरिका भेजने पर विचार कर रहा कुरार पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि परिवार ने शुरुआत में शव को मुंबई के मलाड स्थित अपने घर के फ्रीजर में रखा था। बाद में जब उनकी रिहायशी बिल्डिंग को तोड़कर दोबारा बनाने का काम शुरू हुआ, तो परिवार ने शव को एक स्थानीय डिस्पेंसरी में रखवा दिया। यह डिस्पेंसरी करीब एक महीने पहले बंद हो गई। पुलिस के मुताबिक, परिवार अब शव को अमेरिका की किसी ऐसी सुविधा में भेजने के विकल्प पर विचार कर रहा है, जहां लंबे समय तक शव को क्रायोप्रिजर्वेशन तकनीक से सुरक्षित रखा जाता है। इसमें कोशिकाओं, ऊतकों या अंगों को बेहद कम तापमान पर सुरक्षित रखा जाता है। यह मामला पुलिस को मिली सूचना के बाद सामने आया। रिश्तेदारों और पड़ोसियों को भी इसकी जानकारी थी। पुलिस ने किसी संदिग्ध गतिविधि से इनकार करते हुए कहा कि व्यक्ति की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई थी। पुलिस ने इस मामले में कोई केस दर्ज नहीं किया है। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
Dainik Bhaskar चुनाव आयोग ने फॉर्म-6 से SIR घोषणा वाला हिस्सा हटाया:SIR पूरा हो चुके राज्यों के लिए फैसला; ECINET पोर्टल पर अब नहीं दिखेगा
चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पूरा हो चुके राज्यों में ऑनलाइन फॉर्म 6 से अतिरिक्त घोषणा हटा दी है। जिन राज्यों में SIR अभी जारी है, वहां फॉर्म 6 में यह घोषणा अब भी दिख रही है। यह बदलाव मंगलवार देर रात ECINET पोर्टल पर किया गया। चुनाव आयोग ने 26 सितंबर को कहा था कि SIR खत्म होने के बाद सामान्य प्रक्रिया में पुराने तय फॉर्म ही इस्तेमाल किए जाएंगे। यानी SIR पूरा होने के बाद Form 6 में SIR से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी नहीं मांगी जाएगी। फॉर्म 6 का इस्तेमाल वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए होता है। रिपोर्ट- 2 चुनाव आयुक्तों ने आपत्ति जताई थी द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त विवेक जोशी और सुखबीर सिंह संधू ने फॉर्म 6 में SIR से जुड़ी जानकारी जोड़ने पर आपत्ति जताई थी। दोनों की आपत्ति का मुख्य कारण यही था कि नियमों में बदलाव किए बिना वैधानिक फॉर्म में नया हिस्सा जोड़ा गया। रिपोर्ट के मुताबिक, विवेक जोशी ने कहा कि फॉर्म 6 एक वैधानिक फॉर्म है, जिसे नियमों के तहत तय किया गया है। इसलिए इसमें बदलाव करने के लिए पहले संबंधित नियमों में संशोधन जरूरी है। सुखबीर सिंह संधू ने भी ऑनलाइन फॉर्म 6 में जोड़े गए नए हिस्से को अनधिकृत और अवैध बताया था और उसे हटाने की बात कही थी। फॉर्म-6 को लेकर भी आयोग ने भी सफाई दी खबर अपडेट की जा रही है।
Dainik Bhaskar जोधपुर- एक साथ उड़ेंगे दुनिया के सबसे खतरनाक 80-फाइटर जेट:राफेल को सुखोई ने किया लीड, 40 हजार फीट पर फ्यूल भरने की प्रैक्टिस; देखें- PHOTOS
जोधपुर में 8 देशों की तरंगशक्ति एक्सरसाइज में दुनिया के सबसे खतरनाक 60 से 80 फाइटर जेट्स एक साथ उड़ान भरेंगे। भारत में मौजूद फ्रांस एंबेसी ने इसकी जानकारी दी। मंगलवार को एक्सरसाइज के चौथे दिन सुखोई ने राफेल फाइटर को लीड किया। फ्रांस के एयरबस A-400M और एयरबस A-330 मल्टी रोल टैंकर ट्रांसपोर्ट (MRTT) ने भी एक्सरसाइज में हिस्सा लिया। वहीं 40 हजार फीट की ऊंचाई पर A-400 ने और फाइटर जेट राफेल में फ्यूल भरने की प्रैक्टिस की। 12 अक्टूबर तक चलने वाले वायुसेना के इस युद्धाभ्यास में अमेरिका के एफ-35 जेट और भारत के तेजस फाइटर जेट के अलावा ट्रांसपोर्ट विमान भी शामिल हैं। तरंग शक्ति- 2026 युद्धाभ्यास की फोटो 28 देशों के प्रतिनिधिमंंडल ने किया भारतीय डिफेंस कंपनियों का दौरा युद्धाभ्यास तरंग शक्ति 2026 में भाग लेने वाले देशों के पर्यवेक्षकों ने बेंगलुरु में भारत की दिग्गज डिफेंस कंपनियों का दौरा किया और मेक इन इंडिया की ताकत को करीब से जाना। इसमें भारत के मित्र देशों के 28 से ज्यादा पर्यवेक्षक शामिल हुए। इनमें इंडोनेशिया, थाईलैंड, ब्राजील, पेरू, अल्जीरिया, नाइजीरिया, आइवरी कोस्ट और मालदीव समेत अन्य देश शामिल हैं। प्रतिनिधिमंंडल के दौरों की फोटो प्रमुख रक्षा संस्थानों में पहुंची विदेशी टीम प्रतिनिधिमंडल ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और नेशनल एयरोस्पेस लेबोरेटरीज (NAL) का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने भारत के स्वदेशी एयरोस्पेस, रक्षा और उन्नत तकनीकी क्षमताओं को करीब से समझा। क्यों अहम है यह दौरा रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, इस औद्योगिक दौरे का मकसद सिर्फ युद्धाभ्यास तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि मित्र राष्ट्रों के सामने भारतीय हथियारों और रक्षा उपकरणों की क्षमता साबित करना है। इससे आने वाले दिनों में भारतीय रक्षा उत्पादों के निर्यात (एक्सपोर्ट) और विदेशी सहयोग को नई रफ्तार मिलेगी। --- ये खबर भी पढ़ें… पहली बार एक साथ उड़े तेजस और F-35 फाइटर विमान:जापानी एयरबेस से आए अमेरिकी जेट, जोधपुर में 'तरंग शक्ति' युद्धाभ्यास की 10 तस्वीरें जोधपुर में चल रहे 'तरंग शक्ति-2026' युद्धाभ्यास में भारत के स्वदेशी विमान तेजस और दुनिया के सबसे आधुनिक फाइटर जेट F-35ए ने एक साथ उड़ान भरी। भारत में दोनों विमानों की एक साथ यह पहली उड़ान है। (पूरी खबर पढ़ें)
Dainik Bhaskar अखिलेश ने अंबानी के करीबी को राज्यसभा का टिकट दिया:धनराज परिमल, रामगोपाल के साथ आज नामांकन दाखिल करेंगे, तीसरे नाम पर सस्पेंस
सपा मुखिया अखिलेश यादव ने राज्यसभा चुनाव में चौंकाने वाला नाम उतारा है। उन्होंने जाने-माने बिजनेसमैन मुकेश अंबानी के करीबी धनराज परिमल नथवानी को उम्मीदवार बनाया है। वह आज सुबह 11 बजे सपा महासचिव रामगोपाल यादव के साथ अपना नामांकन दाखिल करेंगे। इस दौरान अखिलेश भी मौजूद रहेंगे। धनराज, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड में ग्रुप प्रेसिडेंट हैं। जामनगर और वडोदरा मैन्युफैक्चरिंग डिवीजन से जुड़े रहे हैं। वह रिलायंस न्यू एनर्जी लिमिटेड में भी डायरेक्टर हैं। उनके पिता परिमल नथवानी रिलायंस इंडस्ट्रीज के कॉर्पोरेट अफेयर्स डायरेक्टर हैं। झारखंड से राज्यसभा सांसद भी हैं। यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनाव होना है। मौजूदा विधायकों की संख्या के लिहाज से NDA को 8 और सपा को 2 सीटें मिलना तय है। हालांकि, अखिलेश 3 सीटों पर प्रत्याशी उतारने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, तीसरा उम्मीदवार कौन होगा, इस पर सस्पेंस बरकरार है। धनराज परिमल नथवानी के बारे में जानिए- तीसरा नाम सरप्राइजिंग होगा, पूर्व सांसद ने दावेदारी पेश की अखिलेश ने मंगलवार को दोबारा अपने विधायकों को पार्टी ऑफिस बुलाया था। इससे पहले, राज्यसभा में नामांकन के लिए पर्चे खरीद लिए गए थे। सपा के पुराने नेता और बदांयू से सांसद रह चुके सलीम इकबाल शेरवानी भी सपा कार्यालय पहुंचे थे। अखिलेश से मुलाकात कर राज्यसभा के लिए अपनी दावेदारी पेश की थी। अखिलेश ने उन्हें 4 अक्टूबर तक लखनऊ में ही रहने को कहा है। कार्यालय से बाहर निकलते हुए सलीम ने कहा था- हमारी ख्वाहिश है कि पार्टी उन्हें राज्यसभा भेजे। उम्मीद करते हैं कामयाबी मिलेगी। 2 कैंडिडेट का चुना जाना तय, तीसरे के लिए 12 और विधायकों की जरूरत यूपी विधानसभा में कुल सीटों की संख्या 403 है। मौजूदा समय में 7 सीटें खाली हैं। यानी, मौजूदा समय में 396 विधायक हैं। राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनाव के लिए जो फॉर्मूला अपनाया जाएगा, वह 396/11+1 होगा। यानी 396 को 11 से भाग देने पर जो संख्या आएगी, उसमें एक जोड़ा जाएगा। यानी एक सदस्य को चुनने के लिए 37 प्रथम वरीयता वोट की जरूरत पड़ेगी। सपा के पास मौजूदा समय में 100 विधायक ही हैं। इसमें से भी रमाकांत यादव जेल में बंद हैं। यानी संख्या घटकर 99 रह जाती है। ऐसे में सपा को तीसरे प्रत्याशी को जिताने के लिए कम से कम 12 और वोटों की जरूरत पड़ेगी। सपा को ऐसे प्रत्याशी की तलाश है, जो इस अंतर को खत्म कर सके। भाजपा को 8वां कैंडिडेट जिताने के लिए 6 वोटों की जरूरत पड़ेगी वहीं, भाजपा को 8वां कैंडिडेट जिताने के लिए कम से कम 6 वोटों की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में दूसरी और तीसरी वरीयता के वोटों की गिनती अहम हो जाती है। इसके लिए विधायकों को बकायदा प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्हें बताया जाता है कि किस विधायक को किस कैंडिडेट के लिए प्रथम वरीयता पर रखना है और किसे दूसरी व तीसरी वरीयता पर। इसी तरह गिनती में निर्धारित कोटे तक पहुंचने पर संबंधित प्रत्याशी को विजयी घोषित कर दिया जाता है। ---------------------------- ये खबर भी पढ़िए- भाजपा को ‘सरप्राइज’ देने की तैयारी में अखिलेश:10 विधायक तोड़कर राज्यसभा में तीसरी सीट जीतने की तैयारी...?; क्या है पूरा प्लान यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनाव है। इसके प्रत्याशियों को लेकर सोमवार (28 सितंबर) को प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब अखिलेश यादव से सवाल पूछा गया तो वे बोले, ‘सरप्राइज के लिए तैयार रहिए…।’ आज यूपी एक्सप्लेनर में अखिलेश के इसी ‘सरप्राइज प्लान’ को डिकोड करेंगे। पूरी खबर पढ़िए
Dainik Bhaskar अरब सागर से 3000 करोड़ की ड्रग्स पकड़ी गई:तस्कर ईरानी नाव में 526kg ड्रग्स ला रहे थे, 5 पाकिस्तानी हिरासत में
भारतीय तटरक्षक बल और गुजरात ATS ने अरब सागर में एक ईरानी नाव से 526 किलो ड्रग्स जब्त की है। इसमें मेथामफेटामाइन और हेरोइन शामिल हैं, जिसकी कीमत 3,000 करोड़ रुपए से ज्यादा बताई गई है। यह कार्रवाई 25 सितंबर को लक्षद्वीप के पास की गई थी। इसकी जानकारी बुधवार को सामने आई है। नाव में सवार 5 पाकिस्तानी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है। नाव को मुंबई लाया गया खुफिया सूचना मिलने के बाद तटरक्षक बल ने समुद्र और हवा से निगरानी की। संदिग्ध नाव को लक्षद्वीप के पश्चिम में रोककर तलाशी ली गई। नाव, चालक दल और ड्रग्स को सुरक्षा के बीच मुंबई लाया गया है, जहां पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई होगी। अधिकारियों के मुताबिक, इस कार्रवाई से समुद्री रास्ते से होने वाली अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
Dainik Bhaskar पाक एयरस्पेस का विकल्प बनेगा लेह-होतान रूट, चीन से बातचीत:नए रूट से सीधे पश्चिमी देश जा सकेंगे भारतीय विमान; पाकिस्तान एयरस्पेस 17 महीने से बंद
पाकिस्तान का एयरस्पेस बंद होने के बाद यूरोप और उत्तरी अमेरिका जाने वाली भारतीय उड़ानों को अरब सागर और मस्कट के रास्ते लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। इससे उड़ान का समय 45 मिनट से 2 घंटे तक बढ़ गया है। इस समस्या को दूर करने के लिए भारत चीन के साथ शिनजियांग के होतान से नया एयर रूट शुरू करने पर बातचीत कर रहा है। इस रूट में दिल्ली और मुंबई से उड़ानें लेह जाएंगी। वहां से चीनी एयरस्पेस में प्रवेश कर किर्गिस्तान के रास्ते यूरोप, ब्रिटेन और उत्तरी अमेरिका के मौजूदा रूट से जुड़ेंगी। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने कहा कि दोनों देशों के बीच होतान रूट को लेकर बातचीत जारी है। हालांकि, उन्होंने रूट शुरू होने की कोई समयसीमा नहीं बताई। पाकिस्तान का एयरस्पेस 17 महीने से बंद है। पाकिस्तानी एयरस्पेस से रोज गुजरते थे 100-150 भारतीय विमान पाकिस्तान का एयरस्पेस बंद होने से पहले करीब 100-150 भारतीय विमान रोजाना पाकिस्तानी एयरस्पेस से गुजरते थे। वहीं, भारतीय एयरस्पेस से पाकिस्तान की सरकारी एयरलाइन PIA की करीब 6 उड़ानें हर हफ्ते गुजरती थीं, यानी औसतन रोजाना एक से भी कम उड़ान।
Dainik Bhaskar पाक एयरस्पेस का विकल्प बनेगा लेह-होतान रूट, चीन से बातचीत:नए रूट से सीधे पश्चिमी देश जा सकेंगे भारतीय विमान; पाकिस्तान एयरस्पेस 17 महीने से बंद
पाकिस्तान का एयरस्पेस बंद होने के बाद यूरोप और उत्तरी अमेरिका जाने वाली भारतीय उड़ानों को अरब सागर और मस्कट के रास्ते लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। इससे उड़ान का समय 45 मिनट से 2 घंटे तक बढ़ गया है। इस समस्या को दूर करने के लिए भारत चीन के साथ शिनजियांग के होतान से नया एयर रूट शुरू करने पर बातचीत कर रहा है। इस रूट में दिल्ली और मुंबई से उड़ानें लेह जाएंगी। वहां से चीनी एयरस्पेस में प्रवेश कर किर्गिस्तान के रास्ते यूरोप, ब्रिटेन और उत्तरी अमेरिका के मौजूदा रूट से जुड़ेंगी। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने कहा कि दोनों देशों के बीच होतान रूट को लेकर बातचीत जारी है। हालांकि, उन्होंने रूट शुरू होने की कोई समयसीमा नहीं बताई। पाकिस्तान का एयरस्पेस 17 महीने से बंद है। पाकिस्तानी एयरस्पेस से रोज गुजरते थे 100-150 भारतीय विमान पाकिस्तान का एयरस्पेस बंद होने से पहले करीब 100-150 भारतीय विमान रोजाना पाकिस्तानी एयरस्पेस से गुजरते थे। वहीं, भारतीय एयरस्पेस से पाकिस्तान की सरकारी एयरलाइन PIA की करीब 6 उड़ानें हर हफ्ते गुजरती थीं, यानी औसतन रोजाना एक से भी कम उड़ान। पाकिस्तान के एयरस्पेस से बचने के लिए लंबे रूट का इस्तेमाल करना एयर इंडिया के लिए महंगा हो गया है। एयर इंडिया दिल्ली और मुंबई से पश्चिमी देशों के लिए जाने वाली लंबी दूरी की उड़ानों पर काफी निर्भर है। एयर इंडिया के पूर्व सीईओ कैंपबेल विल्सन ने 2025 में अनुमान लगाया था कि पाकिस्तान का एयरस्पेस बंद होने से एयरलाइन को करीब 4,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। 2019 में भी पाकिस्तान ने एयरस्पेस बंद किया था बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद 26 फरवरी 2019 को पाकिस्तान ने अपना एयरस्पेस पूरी तरह बंद कर दिया था। करीब 5 महीने बाद 16 जुलाई 2019 को पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए भी अपना एयरस्पेस खोल दिया। इस दौरान भारतीय एयरलाइंस को लंबे रूट से उड़ान भरनी पड़ी। एयर इंडिया को करीब ₹491 करोड़ का नुकसान हुआ था, जबकि सभी भारतीय एयरलाइंस का कुल नुकसान ₹550 करोड़ से ज्यादा बताया गया था। ------------ ये खबर भी पढ़ें… एअर इंडिया विमान के PAK एयरस्पेस में घुसने की जांच:DGCA का एयर ट्रैफिक कंट्रोलर, क्रू पर एक्शन; 2025 से भारतीय विमानों के जाने पर मनाही एअर इंडिया का दिल्ली से अमृतसर जा रहा एक विमान 22 जून को लैंडिंग के दौरान कुछ समय के लिए पाकिस्तान के एयर स्पेस में चला गया था। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar भोपाल में रिटायर्ड IAS अफसर की गला रेतकर हत्या:दो दिन पहले नौकरी पर रखा केयरटेकर लापता; घर में आग लगाने की भी कोशिश
भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या कर दी गई है। बुधवार सुबह उनका शव सूरजनगर स्थित घर में मिला। गले पर धारदार हथियार के निशान हैं। रातीबड़ पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में शक अग्रवाल के केयरटेकर वरुण कुमार पर है। वह वारदात के बाद से ही लापता है। उसका सामान भी अग्रवाल के घर में नहीं मिला है। उसे 28 सितंबर को ही पंजाब की एक एजेंसी के जरिए नौकरी पर रखा गया था। पुलिस को घर में आग लगाने की कोशिश के संकेत भी मिले हैं। किचन में एलपीजी सिलेंडर का पाइप निकला हुआ था। पूरे घर में गैस भर गई थी। देखिए, तीन तस्वीरें… बाहर से बंद था घर का दरवाजा राकेश अग्रवाल अपनी पत्नी के साथ इसी मकान में रहते थे। सुबह करीब 5:30 बजे पत्नी की नींद खुली। वे मॉर्निंग वॉक के लिए जाने लगीं तो मेन डोर बाहर से बंद था। उन्होंने दूसरे नौकर राजन थापा को फोन लगाया। इसके बाद राकेश अग्रवाल के कमरे की तरफ गईं। दरवाजा खोलने पर राकेश का शव जमीन पर पड़ा दिखा। अलमारी के ताले भी तोड़े शुरुआती जांच में लूट के इरादे से वारदात को अंजाम दिए जाने की आशंका है। आरोपी ने अलमारी के लॉक तोड़े हैं। राकेश अग्रवाल की पत्नी ने पुलिस को बताया कि घर में कोई भी कीमती ज्वेलरी नहीं रखी थी। अग्रवाल दंपती का एक ही बेटा है, जो फिलहाल अमेरिका में रह रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष ने लिखा- निकृष्ट और निर्लज्ज तंत्र कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर लिखा- डॉ. मोहन यादव जी, देश के सबसे असफल गृहमंत्री की उपलब्धि हासिल करने के बाद भी यदि सत्ता, सिस्टम और सरकार में कोई सुधार नहीं है, तो आपका पूरा तंत्र "निकृष्ट और निर्लज्ज" हो चुका है। ये खबर भी पढ़ें… भोपाल में लेडी इंस्पेक्टर की हत्या, प्रेमी ने किया सुसाइड भोपाल में दतिया की आरटीओ इंस्पेक्टर मीनाक्षी गोखले (35) का शव मिला है। उनके सिर पर चोटों के निशान थे। मकान मीनाक्षी के दोस्त पवन कुमार द्विवेदी (35) का है। घर से करीब 20 मीटर दूर पेड़ पर पवन का शव फंदे से लटका मिला। पढे़ं पूरी खबर…
Dainik Bhaskar पंजाब में अमित शाह को बम से उड़ाने की धमकी:लिखा- BJP की जालंधर रैली में स्टेज के नीचे IED रखा; पुलिस-सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर
जालंधर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रैली से पहले बम से उड़ाने की धमकी मिली है। सुबह करीब 7:07 बजे एक ई-मेल भेजा गया। इसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रैली, स्कूलों, देवी तालाब मंदिर और बसों को निशाना बनाने की धमकी दी गई है। ई-मेल में जालंधर के स्कूलों में सुबह 11:11 बजे, श्री देवी तालाब मंदिर में दोपहर 12:11 बजे, कोर्ट परिसर में 2:11 बजे और एक कार्यालय में 3:11 बजे धमाका करने की धमकी का जिक्र है। धमकी भरे ई-मेल में दावा किया गया है कि जालंधर में अमित शाह की रैली के स्टेज के नीचे IED लगाया गया है। इसके अलावा रैली में लोगों को लाने वाली 2,000 बसों में से 2-3 बसों में बम होने की बात भी कही गई है। ई-मेल के लास्ट में ‘खालिस्तान नेशनल आर्मी’ और ‘बब्बर खालसा (परमार-कनाडा)’ के नाम लिखे गए हैं। इसके साथ गुरनख सिंह, डॉ. गुरनिरवैर सिंह, प्रो. गुरकाल सिंह और प्रो. गुरंगार सिंह के नाम भी दर्ज हैं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। साढ़े 12 बजे श्री देवी तलब मंदिर पहुंचेंगे शाह दोआबा की 23 विधानसभा सीटों को साधने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जालंधर-लुधियाना हाईवे से सटे परागपुर में रैली को संबोधित करेंगे। इसी रैली में भाजपा की ओर से निकाली गई नशामुक्त पंजाब की 4 यात्राओं का समापन होगा। अमित शाह करीब साढ़े 12 बजे श्री देवी तलब मंदिर पहुंचेंगे। यहां आधा घंटा रुककर संत समाज से मिलेंगे। इसके बाद रैली स्थल पर जाएंगे। फिर हेलिकॉप्टर से सीधे दिल्ली रवाना होंगे। जालंधर वेस्ट से भाजपा नेता शीतल अंगुराल ने बताया कि 35 एकड़ में पंडाल लगाया गया है। यहां करीब 25 हजार कुर्सियां लगाई गई हैं। जालंधर नॉर्थ से पूर्व विधायक और भाजपा नेता केडी भंडारी ने कहा कि अमित शाह का दौरा भाजपा को मजबूती देने वाला है। चर्चा है कि अमित शाह 2027 के चुनाव को लेकर बड़ी घोषणा कर सकते हैं। शाह के लिए दो हेलीपैड बनाए गए गृहमंत्री के आने से पहले देवी तालाब मंदिर के साथ लभू राम दोआबा स्कूल की ग्राउंड में हेलीपैड बनाया गया है और दूसरा हेलीपैड रैली स्थल से कुछ ही दूरी पर बनाया गया है। भाजपा नेता केडी भंडारी ने बताया कि अमित शाह का यह दौरा भाजपा में जान फूंकेगा। गृहमंत्री पहले शक्तिपीठ श्री देवी तालाब मां त्रिपुल मालिनी मंदिर में नतमस्तक होकर मां का आशीर्वाद लेंगे और उसके बाद में रैली स्थल पर जाएंगे। प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि 30 सितंबर की महारैली को केवल राजनीतिक कार्यक्रम के बजाय पंजाब को नशा के खिलाफ जागरूक करने वाली बड़ी मुहिम के रूप में आयोजित किया जा रहा है। नशा मुक्त यात्रा का जालंधर में होगा समापन गृह मंत्री के दौरे से पहले पंजाब बीजेपी की तरफ से निकाली जा रही नशा मुक्त पंजाब यात्रा का जालंधर में स्वागत के साथ समापन होगा। पंजाब में बीजेपी की नशा मुक्त पंजाब यात्रा की शुरुआत पठानकोट जिले के माधोपुर से 18 सितंबर 2026 को हुई थी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने इस यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इस यात्रा ने लगभग 4000 किलोमीटर का सफर तय किया और राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों को कवर किया। पंजाब भाजपा का 2027 के लिए मिशन-26 एलईडी से भाषण सुनाने का किया गया इंतजाम पंजाब के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने का दावा किया जा रहा है। आयोजकों के मुताबिक रैली को अब तक की बड़ी सभाओं में शामिल करने के लिए इंतजाम किए गए हैं। रैली में अमित शाह के संबोधन को सुनने के लिए पंडाल के अंदर और बाहर LED स्क्रीन लगाई गई हैं। रैली स्थल के आसपास वाहनों की पार्किंग के लिए अलग-अलग जोन तैयार किए गए हैं। दोआबा, माझा और मालवा से आने वाले वाहनों के रूट के अनुसार पार्किंग की व्यवस्था की गई है। आयोजकों के अनुसार बसों के जरिए लाखों लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। ************ ये खबर भी पढ़ें: अमित शाह के पंजाब दौरे से पहले लिखे खालिस्तानी नारे:वीडियो जारी कर आतंकी पन्नू बोला- भाजपा चिट्टे की होलसेलर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे से एक दिन पहले जालंधर के रेडक्रॉस भवन की दीवारों पर ‘भाजपा भगाओ, पंजाब बचाओ’ और ‘पंजाब दा हल खालिस्तान’ जैसे नारे लिखे मिले। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। (पढ़ें पूरी खबर)
Dainik Bhaskar बाहुबली अनंत सिंह हुए बागी, क्या नीतीश पार्टी से निकालेंगे:विधायकी पर भी संकट, बेटे का क्या होगा; 6 सवालों में समझिए पूरी कहानी
मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह की बगावत JDU सुप्रीमो नीतीश कुमार के दरबार तक पहुंच गई है। मंत्री श्रवण कुमार ने साफ शब्दों में कहा, 'इस मामले पर जल्द शीर्ष नेतृत्व फैसला लेगा।' इस बयान के बाद सियासी गलियारों में अनंत सिंह पर कड़ी कार्रवाई की अटकलें तेज हो गई हैं। क्या बाहुबली विधायक पार्टी से निकाले जाएंगे, विधायकी जाएगी, कार्रवाई के डर से बगावत छोड़ेंगे, समझेंगे; बूझे की नाही में…। सवाल-1ः अनंत सिंह की बगावत का पूरा मामला क्या है? जवाबः पटना स्नातक सीट पर जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने 3 बार के विधान पार्षद नीरज कुमार को प्रत्याशी बनाया है। इस सीट के अंदर 3 जिलों पटना, नालंदा और नवादा की 26 विधानसभा सीटें आती हैं। मोकामा विधायक अनंत सिंह ने नीरज कुमार का खुला विरोध किया है। वे लगातार जनसुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह के साथ घूम रहे हैं और उनके लिए वोट मांग रहे हैं। 28 सितंबर को अनुज सिंह के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए अनंत सिंह ने कहा, 'हमको उससे कोई मतलब नहीं है कि कौन लड़ रहा है। हम पूरी तरह से अनुज सिंह का समर्थन करेंगे। उनके लिए वोट मांगने पूरे इलाके में जाएंगे।' अनंत सिंह ने आगे कहा, 'आज तक हम हारे नहीं हैं। अनुज सिंह चुनाव भी जीत जाएंगे। मेरे लिए जनता ही भगवान है। वह हमें वोट देगी।' 7 सितंबर की बैठक में नहीं बनी थी बात अनंत सिंह ने अनुज सिंह के समर्थन का ऐलान 3 सितंबर को ही कर दिया था। इसके बाद बिहार JDU अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने अनंत सिंह और नीरज कुमार में सुलह कराने के लिए 7 सितंबर को बैठक की। लेकिन बात नहीं बनी। सवाल-2ः क्या JDU अनंत सिंह पर कार्रवाई करेगी? जवाबः 50-50 चॉंसेज है। चूंकि यह पूरा मामला पार्टी के अंदर से ज्यादा अनंत सिंह और नीरज कुमार की निजी लड़ाई का है। अनंत सिंह ने साफ कहा है, ‘यह चुनाव पार्टी के सिंबल पर नहीं लड़ा जा रहा है। मैं पार्टी नहीं, नीरज के खिलाफ हूं। नीरज ने चुनाव में हमारी मदद नहीं की है तो हम भी नहीं करेंगे।’ पार्टी भी अंदरखाने मानती है कि यह पार्टी के अंदर की नहीं, दो नेताओं की आपसी लड़ाई है। तब ही अभी तक पार्टी कार्रवाई करने के मूड में नहीं दिख रही है। पार्टी के बड़े नेता बहुत संभलकर बोल रहे हैं। इसकी तस्दीक 29 सितंबर के पार्टी के बड़े नेताओं के बयान से भी हो रही है। जैसे… सवाल-3: पार्टी अनंत सिंह पर ज्यादा से ज्यादा क्या कार्रवाई कर सकती है? जवाबः इस मामले में JDU के पास बहुत सीमित अधिकार है। वह मौटे तौर पर 3 बड़ी कार्रवाई कर सकती है। सवाल-4ः …तो क्या उनकी विधायकी जाएगी? जवाबः नहीं, सिर्फ पार्टी से बगावत या निकाल देने से उनकी विधायकी नहीं जाएगी। दरअसल, संविधान में विधायकों की सदस्यता रद्द/खत्म करने का स्पष्ट प्रावधान है। मुख्य रूप से 3 तरीके से विधायकी खत्म होती है। 1. दल-बदल विरोधी कानून संविधान की 10वीं अनुसूची कहती है कि किसी सदस्य की सदस्यता 3 स्थितियों में ही जा सकती है। धारा की व्याख्या में स्पष्ट लिखा है, 'चुनाव में जिस राजनीतिक पार्टी ने किसी व्यक्ति को उम्मीदवार बनाया था, वह उसी पार्टी का सदस्य माना जाएगा।' सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट फैसला है… 2. संवैधानिक रूप से अयोग्य होने पर संविधान के ऑर्टिकल-191(1) के तहत… 3. जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 इस कानून की धारा 8 के तहत आपराधिक मामलों और चुनावी अपराधों के आधार पर सदस्यता रद्द होती है… सवाल-5ः पार्टी से बगावत क्या अनंत सिंह को भारी पड़ेगा? जवाबः राजनीतिक रूप से अनंत सिंह को कोई नुकसान होता नहीं दिख रहा है। क्योंकि वह खुद अगला चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान कर चुके हैं। ऐसे में वह पार्टी में रहे या ना रहे, ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। हालांकि, उन्हें 2 तरह से दिक्कतें हो सकती है। 1. बढ़ सकता है कानूनी पचड़ा चुनावी हलफनामे के मुताबिक, 65 वर्षीय अनंत सिंह पर 28 क्रिमिनल केस पेंडिंग हैं। पॉलिटिकल एनालिस्ट प्रियदर्शी रंजन कहते हैं, ‘सरकार के खिलाफ जाने का असर अनंत सिंह के कानूनी मामलों पर पड़ सकता है। ऐसा 2019 में हो चुका है।’ प्रियदर्शी रंजन कहते हैं, ‘2019 लोकसभा चुनाव में अनंत सिंह ने अपनी पत्नी नीलम देवी को मुंगेर से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़वाया था। तब पार्टी के खिलाफ जाना उन्हें भारी पड़ा था। ऐसा इस बार नहीं होगा, कहना अभी मुश्किल है।’ हालांकि, अबकी बार 2 कारणों से पहले से अलग परिस्थितियां हैं… 2. बेटे का फंस सकता है पॉलिटिकल करियर नीरज कुमार भी नीतीश कुमार के करीबी नेताओं में से एक हैं। अगर उन्हें अनंत सिंह ने मदद नहीं की तो पार्टी में उनकी स्थिति कमजोर हो सकती है। वैसे अनंत सिंह ने अगला चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान किया है। वह अपने बेटे को चुनाव लड़वाएंगे। इसकी तैयारी भी कर रहे हैं। ऐसे में अनंत सिंह की बगावत उनके बेटे के राजनीतिक करियर को फंसा सकता है। हालांकि, मोकामा में अनंत सिंह निर्दलीय भी चुनाव जीत चुके हैं। लेकिन ऐसा उनके बेटे के साथ होगा, पक्के तौर पर कुछ कहा नहीं जा सकता। पॉलिटिकल एनालिस्ट प्रियदर्शी रंजन कहते हैं, 'विधानसभा चुनाव में अभी कम से कम 4 साल का वक्त है। तब तक राजनीति में बहुत कुछ आगे हो चुका होगा। अनंत सिंह अपने बेटे के लिए कोई ना कोई रास्त जरूर निकाल लेंगे।' सवाल-6ः क्या कार्रवाई के डर से अनंत सिंह बगावत का रास्ता छोड़ेंगे? जवाबः इसकी संभावना बेहद कम है। अनंत सिंह की राजनीति को देखें तो साफ है कि वह बिना लाग लपेट वाले नेता हैं। उन्होंने एक बार मन बना लिया तो वह अपने निर्णय से पीछे नहीं हटते हैं, चाहे रिजल्ट कुछ भी हो। पॉलिटिकल एनालिस्ट संजय सिंह कहते हैं, ‘उन्होंने अपनी छवि एक 'बाहुबली' और 'स्वतंत्र जनाधार' वाले नेता के रूप में बनाई है। मोकामा क्षेत्र में वे पार्टी के सिंबल से ज्यादा अपने व्यक्तिगत प्रभाव के बल पर चुनाव जीतते आए हैं। वे 2015 विधानसभा चुनाव में निर्दलीय और 2020 में RJD के टिकट जीत दर्ज कर चुके हैं। इसलिए कम संभावना है कि वह अब अपना फैसला बदलेंगे।’
Dainik Bhaskar दिल्ली एयरपोर्ट पर 10 चीनी ड्रोन जब्त:बिना जीपीएस उड़ सकते हैं, कार्रवाई हॉन्ग-कॉन्ग से वियतनाम के रास्ते लाए थे
दिल्ली एयरपोर्ट पर कस्टम्स ने तीन भारतीय यात्रियों से 1.03 करोड़ रु. के 10 सैन्य ड्रोन जब्त किए हैं। तीनों 25 सितंबर को हॉन्ग-कॉन्ग से वियतनाम होते हुए टर्मिनल-3 पहुंचे थे। खुफिया सूचना पर ग्रीन चैनल पार करते समय इन्हें रोका गया। सामान में चीनी कंपनी ऑटेल रोबोटिक्स के 10 एमडीएक्स-1 ड्रोन, 11 कंट्रोलर, 10 कैमरा गिंबल, 60 प्रोपेलर, 20 एंटीना, 40 जॉयस्टिक और आईफोन 18 प्रो मैक्स मिला। एक यात्री ने माना कि सामान दोस्त के लिए लाया और कस्टम में घोषित नहीं किया। भारत में विदेशी ड्रोन का आयात प्रतिबंधित है। जब्त सामान की 4 तस्वीरें… 15 किमी में ऑपरेट, लेजर से सही दूरी मापने में सक्षम शेनझेन की ऑटेल रोबोटिक्स के एमडीएक्स-1 ड्रोन थर्मल कैमरा और लेजर रेंज फाइंडर से लैस हैं। ये जीपीएस के बिना भी उड़ सकते हैं। इसका 4टी वर्जन 42 मिनट उड़ने, 15 किमी की ऑपरेशन रेंज, लेजर से 1.2 किमी तक दूरी नापने में सक्षम है। यूक्रेन ने 2023 में रूसी सेना पर हमले के लिए ऑटेल के ही 1,912 एवो मैक्स 4टी ड्रोन भेजे थे। ---------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… देश में 20 हजार करोड़ के ट्रैफिक चालान बकाया: सुप्रीम कोर्ट का सुझाव- बिजली बिल में जोड़कर वसूली करें देश में ट्रैफिक ई-चालान की कमजोर वसूली पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि सिर्फ चालान जारी करना काफी नहीं, जुर्माना वसूलना भी जरूरी है। बकाया चालान बिजली बिल में जोड़ने का तरीका निकालें। बिजली बिल नहीं चुकाया तो कनेक्शन कटेगा। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar खबर हटके- गधे को नर्सिंग सर्टिफिकेट:AI मगरमच्छ की तलाश में भटकती रही पुलिस; पानी पर दौड़ाया दो मंजिला घर
मध्य प्रदेश में गधे का नर्सिंग सर्टिफिकेट बना। वहीं, सिंगापुर में एक युवक ने AI से तालाब में मगरमच्छ की फोटो बना दी, जिसे दो दिन तक पुलिस ढूंढती रही। उधर, अमेरिका में एक शख्स ने दो मंजिला घर को नाव की तरह पानी पर दौड़ाया। ब्रिटेन में दो जुड़वा बहनों के दो अलग-अलग पिता निकले। वहीं, कनाडा में 69 साल के बुजुर्ग ने 30 हजार किलोमीटर से ज्यादा साइकिल चलाकर ₹46 लाख जुटाए। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
Dainik Bhaskar यूपी के कानपुर-बिजनौर में सड़कें डूबीं:छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बाढ़ के हालात, बिहार के 17 जिलों में अलर्ट
छत्तीसगढ़ के बस्तर में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के असर से हुई मूसलाधार बारिश से उफान पर आई इंद्रावती नदी का पानी उतरने लगा है। लेकिन अब भी बस्तर और जगदलपुर में हालात खराब हैं। कई गांव पानी से घिरे हुए हैं। जगदलपुर शहर के कई निचले हिस्सों में पानी भरा हुआ है। यूपी के कुशीनगर में गंडक नदी खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। 12 गांवों में बाढ़ का पानी घुसने से करीब 20 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। बिजनौर में गंगा नदी के उफान पर आने से स्टेट हाईवे डूब गया। कानपुर में भी कई सड़कें डूबी हुई हैं। नेपाल में भारी बारिश के बाद वाल्मीकिनगर और वीरपुर बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। इससे उत्तर बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। बेतिया में चंपारण तटबंध टूटने से निचले इलाके डूब गए हैं। राज्य के 17 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। उत्तराखंड में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड यानी (ग्लोफ) के संभावित खतरे से निपटने के लिए ग्लेशियर झीलों में निगरानी और अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाने का काम शुरू हो गया है। ग्लोफ का मतलब ग्लेशियर से बनी झील के अचानक फटने से आने वाली बाढ़ है। इसमें झील का पानी तेजी से नीचे की ओर बहता है, जिससे निचले इलाकों में अचानक बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है। सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति देशभर से मौसम की तस्वीरें
Dainik Bhaskar SIR पर आज I.N.D.I.A. ब्लॉक की बैठक, अखिलेश नहीं आएंगे:ऑनलाइन जुड़ेंगे उद्धव, DMK-AAP ने बनाई दूरी; 3 साल में 8वीं बार जुटेंगे विपक्षी दल
दिल्ली में आज विपक्षी दलों के I.N.D.I.A. ब्लॉक की बैठक होगी। इसमें स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR और चुनाव आयोग के भीतर सामने आए मतभेदों पर चर्चा होगी। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव बैठक में शामिल नहीं होंगे। उनकी जगह पार्टी के दूसरे नेता पहुंचेंगे। वहीं शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ेंगे। पार्टी सांसद संजय राउत ने बताया कि पार्टी 2 अक्टूबर को ज्ञानेश कुमार के खिलाफ होने वाले प्रदर्शन की तैयारी में व्यस्त है। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में DMK और AAP का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं होगा। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद DMK और कांग्रेस के बीच मतभेद सामने आए थे। वहीं, दिल्ली विधानसभा चुनाव में एक-दूसरे के खिलाफ लड़ने पर कांग्रेस और AAP के बीच भी मतभेद बढ़ गए थे। AAP का कहना रहा है कि जहां कांग्रेस होगी, वहां वह शामिल नहीं होगी। I.N.D.I.A. ब्लॉक की पिछले 3 सालों के दौरान यह 8वीं बैठक होगी। वहीं इस साल की दूसरी बैठक होगी। इससे पहले 8 जून को SIR और चुनाव आयोग की स्वतंत्रता के मुद्दे पर विपक्षी दलों की बैठक हुई थी। हालांकि, इसमें AAP और DMK शामिल नहीं हुई थी। लखनऊ में किसानों के सम्मेलन में रहेंगे अखिलेश सपा ने बताया है कि अखिलेश यादव 30 सितंबर को लखनऊ में किसानों के सम्मेलन में शामिल होंगे। पार्टी के मुताबिक, अखिलेश की कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से इस बारे में बात भी हुई है। वहीं कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी कहा कि अखिलेश पहले से तय कार्यक्रम के कारण बैठक में नहीं आ पाएंगे। उन्होंने राज्यसभा चुनाव के नामांकन से जुड़ी व्यस्तता का जिक्र किया था। बैठक में ममता बनर्जी भी शामिल होंगी, एक दिन पहले दिल्ली पहुंची INDIA ब्लॉक की बैठक में कांग्रेस की तरफ से पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी शामिल हो सकते हैं। तृणमूल कांग्रेस चीफ ममता बनर्जी भी हिस्सा लेंगी। वे एक दिन पहले ही दिल्ली पहुंच गईं। इसके अलावा राजद की तरफ से तेजस्वी यादव, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और सीपीआई (एम) के महासचिव एमए बेबी के बैठक में शामिल होने की जानकारी सामने आई है। 27 सितंबर: केजरीवाल से मिले बेबी, कहा- मैंने बैठक का न्योता नहीं दिया सीपीआई(एम) महासचिव बेबी ने केजरीवाल से मुलाकात के बाद कहा था कि कांग्रेस INDIA ब्लॉक की बैठक को लेकर पार्टियों के बीच समन्वय का काम देख रही है। मैंने अरविंद केजरीवाल को बैठक के लिए न्योता नहीं दिया है। बेबी के मुताबिक, केजरीवाल ने कहा कि चुनाव आयोग के खिलाफ एक मजबूत अभियान चलाने की जरूरत है। केजरीवाल ने इस मुद्दे पर अपनी पार्टी के नेताओं से चर्चा करने की बात कही है। बेबी ने कहा कि उन्होंने INDIA ब्लॉक से बाहर की पार्टियों को भी पत्र लिखा है। संसद में CEC के खिलाफ प्रस्ताव लाने पर चर्चा संभव बैठक में SIR को लेकर चुनाव आयोग के भीतर सामने आए मतभेदों पर चर्चा होगी। इसके साथ ही CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर आगे की रणनीति पर भी बात हो सकती है। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, बैठक में संसद में उनके खिलाफ प्रस्ताव लाने और विपक्षी दलों की संयुक्त कार्रवाई पर भी चर्चा हो सकती है। AAP-DMK पिछली बैठक में नहीं आए, लेकिन जॉइंट लेटर पर साइन किए INDIA ब्लॉक की बैठक करीब साढ़े तीन महीने बाद हो रही है। इससे पहले 8 जून की बैठक में 23 दल शामिल हुए थे। इसमें मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, उद्धव ठाकरे, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती समेत कई बड़े नेता पहुंचे थे। AAP और DMK इस बैठक में शामिल नहीं हुए थे। हालांकि, SIR के मुद्दे पर विपक्षी दलों ने 28 जून को CJI सूर्यकांत को जॉइंट लेटर भेजा था। इसमें चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे उठाए गए थे। AAP और DMK ने भी इस जॉइंट लेटर पर साइन किए थे। I.N.D.I.A. ब्लॉक की 7 मीटिंग, पहली नीतीश ने बुलाई थी 1. 23 जून 2023, पटना: नीतीश ने पहली बैठक की अगुआई की, 15 दल शामिल हुए विपक्षी गठबंधन की पहली बैठक 23 जून 2023 को पटना में हुई थी। इसकी मेजबानी बिहार के तत्कालीन CM नीतीश कुमार ने की थी। बैठक में 15 विपक्षी दल शामिल हुए थे। इसका मकसद 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों को एक मंच पर लाना था। इस बैठक के बाद विपक्षी दलों ने साथ मिलकर चुनाव लड़ने और आगे की रणनीति पर चर्चा जारी रखने का फैसला किया था। 2. 17-18 जुलाई 2023, बेंगलुरु: गठबंधन का नाम I.N.D.I.A. तय हुआ, 26 दल जुटे विपक्षी गठबंधन की दूसरी बैठक 17-18 जुलाई 2023 को बेंगलुरु में हुई थी। इसमें 26 विपक्षी दल शामिल हुए थे। इसी बैठक में विपक्षी दलों के गठबंधन का नाम I.N.D.I.A. यानीइंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस तय किया गया था। 3. 31 अगस्त-1 सितंबर 2023, मुंबई: 5 कमेटियां बनीं, चुनावी रणनीति तैयार हुई I.N.D.I.A. ब्लॉक की तीसरी बैठक 31 अगस्त और 1 सितंबर 2023 को मुंबई में हुई थी। बैठक में गठबंधन के कामकाज के लिए 5 कमेटियां बनाई गई थीं। इनमें कैंपेन, कोऑर्डिनेशन/स्ट्रैटजी, मीडिया, सोशल मीडिया और रिसर्च कमेटी शामिल थीं। 4. 19 दिसंबर 2023, दिल्ली: ममता ने PM फेस के लिए खड़गे का नाम सुझाया I.N.D.I.A. की चौथी बैठक 19 दिसंबर 2023 को दिल्ली के अशोका होटल में हुई थी। बैठक में पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी ने PM फेस के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम सुझाया था। अरविंद केजरीवाल ने इसका समर्थन किया था। बैठक में राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, भगवंत मान, ममता बनर्जी, महबूबा मुफ्ती समेत कई नेता शामिल हुए थे। हालांकि, PM फेस के सवाल पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ था। 5. 13 जनवरी 2024, वर्चुअल: सीट शेयरिंग पर पेंच फंसा, खड़गे चेयरपर्सन बने I.N.D.I.A. ब्लॉक की पांचवीं बैठक 13 जनवरी 2024 को वर्चुअली हुई थी। इसमें 28 दलों के नेता जुड़े थे। मल्लिकार्जुन खड़गे को गठबंधन का चेयरपर्सन बनाने पर सहमति बनी, लेकिन संयोजक के नाम पर फैसला नहीं हो सका। बैठक में सीट शेयरिंग पर भी चर्चा हुई थी। उस समय JDU भी I.N.D.I.A. ब्लॉक का हिस्सा था और सीट शेयरिंग में देरी पर नाराजगी जता रहा था। 6. 1 जून 2024, दिल्ली: लोकसभा चुनाव के बाद की रणनीति पर चर्चा I.N.D.I.A. ब्लॉक की छठी बैठक 1 जून 2024 को दिल्ली में हुई थी। इसमें लोकसभा चुनाव के नतीजों और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई थी। बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी समेत कई नेता शामिल हुए थे। 7. 8 जून 2026, दिल्ली: 23 दल जुटे, SIR और चुनाव से जुड़े मुद्दों पर चर्चा I.N.D.I.A. ब्लॉक की सातवीं बड़ी बैठक 8 जून 2026 को दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में हुई थी। इसमें 23 विपक्षी दल शामिल हुए थे। बैठक में SIR, चुनावी प्रक्रिया और आगे की रणनीति समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई थी। -------------------------------- यह खबर भी पढ़ें… SIR में स्थानीय अफसरों की शक्तियां बढ़ाने की मांग, महाराष्ट्र CEO का आयोग को लेटर, ECINet में बदलाव की मांग; दो चुनाव आयुक्त भी जता चुके आपत्ति महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकलिंगम ने चुनाव आयोग को लेटर लिखा है। इसमें वोटर लिस्ट से जुड़े ECINet सॉफ्टवेयर में 4 बदलाव की मांग की गई है। चोकलिंगम ने कहा है कि स्थानीय अधिकारियों को कानून के मुताबिक फैसला लेने का अधिकार मिलना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar भास्कर अपडेट्स:ठाणे में शिवसेना यूबीटी के स्थानीय नेता की गोली मारकर हत्या
महाराष्ट्र के ठाणे शहर में मंगलवार रात अज्ञात हमलावरों ने शिवसेना यूबीअी नेता प्रदीप पूर्णेकर पर दो गोलियां चलाईं और उनके साथ मारपीट भी की। गंभीर रूप से घायल पूर्णेकर की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। पार्टी के एक नेता के मुताबिक, पूर्णेकर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) में ठाणे विभाग प्रमुख थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल से फोरेंसिक सबूत जुटाए। पुलिस आसपास के इलाकों और मुख्य सड़कों के CCTV फुटेज खंगाल रही है, ताकि हमलावरों और उनके भागने के रास्ते का पता लगाया जा सके।
Dainik Bhaskar देश में 9% छात्रों को आत्महत्या का विचार:34% खुद को कैंपस में बाहरी महसूस करते हैं, सुप्रीम कोर्ट टास्क फोर्स की सर्वे रिपोर्ट में खुलासा
देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे 9% छात्रों को अक्सर आत्महत्या का विचार आता है। वहीं, 34% छात्र अपने ही कैंपस में खुद को बाहरी महसूस करते हैं। सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित नेशनल टास्क फोर्स (एनटीएफ) के देशभर में कराए सर्वे में ये खुलासा हुआ है। सर्वे में करीब 15% छात्रों ने कहा कि पिछले 6 महीनों में कुछ समय ऐसा रहा, जब वे बहुत ज्यादा तनाव या कई हफ्तों तक एंग्जायटी में रहे। हालांकि, 56% छात्रों ने सर्वे में कहा कि गंभीर मुद्दों को निष्पक्ष तरीके से संभालने के लिए उन्हें प्रशासन पर भरोसा है। एनटीएफ के इस सर्वे में 2.43 लाख से ज्यादा छात्रों के जवाब शामिल हैं। इनमें 67% छात्र एससी, एसटी और ओबीसी श्रेणी से थे। टास्क फोर्स की रिपोर्ट 31 अक्टूबर तक सुप्रीम कोर्ट में जमा होने की उम्मीद है। एनटीएफ का गठन सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2025 में छात्र आत्महत्याओं के बढ़ते मामलों और उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों की मेंटल हेल्थ व वेल-बीइंग से जुड़े मुद्दों की जांच के लिए किया था। टास्क फोर्स के प्रमुख जस्टिस एस रवींद्र भट हैं। 18 सितंबर को साहिल ने किया था सुसाइड मुंबई के IIT बॉम्बे में 18 सितंबर 2026 की शाम सेकेंड ईयर के छात्र साहिल वाकोडे ने हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। साहिल महाराष्ट्र के यवतमाल का रहने वाला था। वह एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था। साहिल एग्जाम हॉल में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते पकड़ा गया था। उसने क्वेश्चन पेपर का फोटो चैट जीपीटी पर अपलोड करके नकल करने की कोशिश की थी। साहिल की आत्महत्या के बाद करीब 400 छात्रों ने कैंपस में विरोध प्रदर्शन किया। ---------------------------- ये खबर भी पढ़ें… IIT बॉम्बे में एंटी सुसाइडल रूल्स लागू हुए: हर कमरे में ट्विन शेयरिंग; सीलिंग फैन हटाए IIT बॉम्बे में स्टूडेंट साहिल वाकोडे के सुसाइड के बाद स्टूडेंट्स की मेंटल हेल्थ सुधारने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। आईआईटी बॉम्बे के हॉस्टल में ट्विन-शेयरिंग मॉडल लागू करने और काउंसलिंग के घंटे बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar सुप्रीम कोर्ट में हो सकती हैं 3 महिला जज:गुजरात हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस सुनीता अग्रवाल के नाम की सिफारिश, अभी सिर्फ दो
सुप्रीम कोर्ट में महिला जजों की संख्या जल्द तीन हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने गुजरात हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश सुनीता अग्रवाल को सुप्रीम कोर्ट जज बनाने की सिफारिश की है। उनके साथ दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और तेलंगाना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अपरेश कुमार सिंह के नाम भी भेजे गए हैं। कॉलेजियम ने 28 सितंबर को तीनों नामों की सिफारिश की। अभी सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस वी. मोहना दो महिला जज हैं। सुनीता अग्रवाल की नियुक्ति हुई तो महिला जजों की संख्या तीन हो जाएगी। तीनों की नियुक्ति हुई तो सुप्रीम कोर्ट में कुल जजों की संख्या 34 से बढ़कर 37 हो जाएगी। वरिष्ठता क्रम के अनुसार जस्टिस नागरत्ना 24 सितंबर 2027 को देश की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बनने की कतार में हैं। उनका कार्यकाल 36 दिन का होगा। अभी सिर्फ दो महिला जज, एक अगले साल CJI बनेंगी बी वी नागरत्ना- 2027 में देश की पहली CJI बनेंगी भारत में CJI की नियुक्ति वरिष्ठता के आधार पर होती है। ऐसे में बी वी नागरत्ना 11 सितंबर 2027 को भारत की 50वीं मुख्य न्यायाधीश बनेंगी। वो इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला होंगी। उनका कार्यकाल लगभग 1 महीने का होगा। वो 29 अक्टूबर 2027 को CJI के पद से रिटायर होंगी। जस्टिस वी. मोहना: वकील से सीधे सुप्रीम कोर्ट जज बनीं जस्टिस वी. मोहना ने कोयंबटूर लॉ कॉलेज से 1988 में कानून की पढ़ाई पूरी की और उसी साल वकालत शुरू की। वे 1996 में सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट बनीं और 2015 में सीनियर एडवोकेट नामित हुईं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में कई महत्वपूर्ण मामलों की पैरवी की, साथ ही मध्यस्थता और आर्बिट्रेशन में भी काम किया। 2 जून 2026 को उन्हें सीधे बार से सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया गया। वह सुप्रीम कोर्ट की बार से सीधे जज बनने वाली दूसरी महिला हैं। सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाकर 37 करने वाला बिल मानसून सत्र में पास हुआ था केंद्रीय कैबिनेट ने 5 मई को सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी। सरकार ने मानसून सत्र में बिल पेश किया। दोनों सदनों से पास हुआ। संविधान के अनुच्छेद 124(1) के तहत सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने का अधिकार संसद के पास है। 2019 में आखिरी बार बढ़ी थी संख्या इससे पहले 2019 में सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 31 से बढ़ाकर 33 की गई थी। वहीं, 2008 में जजों की संख्या 26 से बढ़कर 31 हुई थी। शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस के अलावा सिर्फ 10 जजों की व्यवस्था थी। ------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… देश की पहली महिला CJI बनेंगी जस्टिस बी वी नागरत्ना: कोर्ट्स ऑफ इंडिया का कन्नड़ अनुवाद किया जस्टिस बी वी नागरत्ना सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम में शामिल होने वाली पहली महिला जज बन गई हैं। 23 मई को जस्टिस अभय श्रीनिवास ओका के रिटायरमेंट के चलते 25 मई को जस्टिस नागरत्ना सुप्रीम कोर्ट की 5वीं सबसे सीनियर जज बन गईं। सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम में 5 सबसे सीनियर जज ही रहते हैं, जिसमें CJI यानी चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया भी शामिल होते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar भाजपा संसदीय बोर्ड में आधे सदस्य बदले जा सकते हैं:येदियुरप्पा और जटिया को हटाया जा सकता है, दोनों की उम्र 80 के पार
भाजपा में पार्टी पदाधिकारियों, राज्य प्रभारियों और संगठन मंत्रियों की नियुक्ति के बाद अब संसदीय बोर्ड, केंद्रीय चुनाव समिति और राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्यों के नामों की घोषणा होनी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी से जुड़े निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था संसदीय बोर्ड के गठन की प्रारंभिक कवायद शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, इसकी घोषणा पितृ पक्ष के बाद अक्टूबर में कर दी जाएगी। बताया जा रहा है कि 12 सदस्यीय संसदीय बोर्ड में आधे सदस्यों को बदला जा सकता है। बीएस येदियुरप्पा और डॉ. सत्यनारायण जटिया को हटाया जा सकता है। इन्हीं जाति, वर्ग और क्षेत्रीय समीकरणों में फिट नेताओं को जगह दी जा सकती है। येदियुरप्पा और जटिया को बोर्ड से हटाने के पीछे उनकी अधिक उम्र होने की दलील दी जा रही है। एक महामंत्री और महिला नेता को संसदीय बोर्ड में मिल सकती है जगह एक महामंत्री को भी स्थान दिए जाने पर विचार किया जा सकता है। पार्टी में विनोद तावड़े और सुनील बंसल सबसे वरिष्ठ महामंत्री या किसी अन्य महामंत्री को लिया जा सकता है। वहीं, लंबे समय बाद संसदीय बोर्ड में मुख्यमंत्री को भी सर्वोच्च संस्था में स्थान दिया जा सकता है। वर्तमान में पार्टी 21 राज्यों में सत्ता में है। नरेंद्र मोदी और शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री रहते अलग-अलग समय पर संसदीय बोर्ड के सदस्य रहे हैं। पहले संसदीय बोर्ड के सदस्य रहे नेता और एक महिला नेत्री को भी बोर्ड में स्थान दिया जाएगा। भाजपा की संसदीय बोर्ड क्या करती है? बीजेपी की संसदीय बोर्ड पार्टी की सबसे महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाली संस्थाओं में से एक है। पार्टी के संविधान के मुताबिक यह संसदीय और विधायक दल की गतिविधियों की निगरानी करती है और संगठन के कामकाज को दिशा देती है। मुख्यमंत्री का चेहरा तय करना विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी किसे मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाएगी, इस पर बोर्ड फैसला कर सकता है। चुनाव के बाद मुख्यमंत्री चुनने में भी इसकी भूमिका होती है। प्रधानमंत्री पद के लिए नाम की सिफारिश पार्टी के संविधान के तहत प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जैसे पदों के लिए नाम की सिफारिश करने का अधिकार बोर्ड के पास है। चुनाव में उम्मीदवारों पर भूमिका संसदीय बोर्ड के सभी सदस्य सेंट्रल इलेक्शन कमेटी के भी सदस्य होते हैं। यह समिति लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए BJP के उम्मीदवारों का अंतिम चयन करती है। सरकार बनाने में मार्गदर्शन चुनाव में पार्टी को बहुमत मिलने पर सरकार के गठन को लेकर बोर्ड मार्गदर्शन देता है। पार्टी की नीतियों पर फैसले ऐसी नीति या नीति में बदलाव, जिसे पार्टी ने पहले औपचारिक रूप से नहीं अपनाया है, उस पर बोर्ड चर्चा और फैसला कर सकता है। संगठन पर निगरानी राष्ट्रीय कार्यकारिणी के नीचे आने वाली पार्टी की संगठनात्मक इकाइयों को बोर्ड दिशा-निर्देश दे सकता है। अनुशासन से जुड़े मामलों में कार्रवाई पार्टी के सांसदों, विधायकों या राज्य संगठन के पदाधिकारियों के अनुशासन उल्लंघन को बोर्ड देख सकता है और जरूरी कार्रवाई कर सकता है। गठबंधन जैसे बड़े राजनीतिक फैसले मौजूदा रिपोर्टों के अनुसार बोर्ड को राजनीतिक गठबंधनों पर फैसला लेने का अधिकार भी है। ------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… नितिन नवीन की टीम में राम माधव-स्मृति ईरानी का कमबैक; यूपी से दो मुस्लिम चेहरे भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने पद संभालने के 209 दिन बाद 65 सदस्यों की कार्यकारिणी का ऐलान किया। राम माधव को उपाध्यक्ष और स्मृति ईरानी को महासचिव बनाकर वापस लाया गया है। नितिन नवीन की टीम में 12 महिलाएं हैं। यूपी से दो मुस्लिम चेहरों तारिक मंसूर और बासित अली को शामिल किया गया है। पूरी खबर पढ़ें…
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भाजपा में पार्टी पदाधिकारियों, राज्य प्रभारियों और संगठन मंत्रियों की नियुक्ति के बाद अब संसदीय बोर्ड, केंद्रीय चुनाव समिति और राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्यों के नामों की घोषणा होनी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी से जुड़े निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था संसदीय बोर्ड के गठन की प्रारंभिक कवायद शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, इसकी घोषणा पितृ पक्ष के बाद अक्टूबर में कर दी जाएगी। बताया जा रहा है कि 12 सदस्यीय संसदीय बोर्ड में आधे सदस्यों को बदला जा सकता है। बीएस येदियुरप्पा और डॉ. सत्यनारायण जटिया को हटाया जा सकता है। इन्हीं जाति, वर्ग और क्षेत्रीय समीकरणों में फिट नेताओं को जगह दी जा सकती है। येदियुरप्पा और जटिया को बोर्ड से हटाने के पीछे उनकी अधिक उम्र होने की दलील दी जा रही है। एक महामंत्री और महिला नेता को संसदीय बोर्ड में मिल सकती है जगह एक महामंत्री को भी स्थान दिए जाने पर विचार किया जा सकता है। पार्टी में विनोद तावड़े और सुनील बंसल सबसे वरिष्ठ महामंत्री या किसी अन्य महामंत्री को लिया जा सकता है। वहीं, लंबे समय बाद संसदीय बोर्ड में मुख्यमंत्री को भी सर्वोच्च संस्था में स्थान दिया जा सकता है। वर्तमान में पार्टी 21 राज्यों में सत्ता में है। नरेंद्र मोदी और शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री रहते अलग-अलग समय पर संसदीय बोर्ड के सदस्य रहे हैं। पहले संसदीय बोर्ड के सदस्य रहे नेता और एक महिला नेत्री को भी बोर्ड में स्थान दिया जाएगा। भाजपा की संसदीय बोर्ड क्या करती है? बीजेपी की संसदीय बोर्ड पार्टी की सबसे महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाली संस्थाओं में से एक है। पार्टी के संविधान के मुताबिक यह संसदीय और विधायक दल की गतिविधियों की निगरानी करती है और संगठन के कामकाज को दिशा देती है। मुख्यमंत्री का चेहरा तय करना विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी किसे मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाएगी, इस पर बोर्ड फैसला कर सकता है। चुनाव के बाद मुख्यमंत्री चुनने में भी इसकी भूमिका होती है। प्रधानमंत्री पद के लिए नाम की सिफारिश पार्टी के संविधान के तहत प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जैसे पदों के लिए नाम की सिफारिश करने का अधिकार बोर्ड के पास है। चुनाव में उम्मीदवारों पर भूमिका संसदीय बोर्ड के सभी सदस्य सेंट्रल इलेक्शन कमेटी के भी सदस्य होते हैं। यह समिति लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए BJP के उम्मीदवारों का अंतिम चयन करती है। सरकार बनाने में मार्गदर्शन चुनाव में पार्टी को बहुमत मिलने पर सरकार के गठन को लेकर बोर्ड मार्गदर्शन देता है। पार्टी की नीतियों पर फैसले ऐसी नीति या नीति में बदलाव, जिसे पार्टी ने पहले औपचारिक रूप से नहीं अपनाया है, उस पर बोर्ड चर्चा और फैसला कर सकता है। संगठन पर निगरानी राष्ट्रीय कार्यकारिणी के नीचे आने वाली पार्टी की संगठनात्मक इकाइयों को बोर्ड दिशा-निर्देश दे सकता है। अनुशासन से जुड़े मामलों में कार्रवाई पार्टी के सांसदों, विधायकों या राज्य संगठन के पदाधिकारियों के अनुशासन उल्लंघन को बोर्ड देख सकता है और जरूरी कार्रवाई कर सकता है। गठबंधन जैसे बड़े राजनीतिक फैसले मौजूदा रिपोर्टों के अनुसार बोर्ड को राजनीतिक गठबंधनों पर फैसला लेने का अधिकार भी है। ------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… नितिन नवीन की टीम में राम माधव-स्मृति ईरानी का कमबैक; यूपी से दो मुस्लिम चेहरे भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने पद संभालने के 209 दिन बाद 65 सदस्यों की कार्यकारिणी का ऐलान किया। राम माधव को उपाध्यक्ष और स्मृति ईरानी को महासचिव बनाकर वापस लाया गया है। नितिन नवीन की टीम में 12 महिलाएं हैं। यूपी से दो मुस्लिम चेहरों तारिक मंसूर और बासित अली को शामिल किया गया है। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar UNESCO वर्ल्ड-हेरिटेज टेंटेटिव लिस्ट में भारत की 5 नई साइट:इसमें मध्यप्रदेश की चार; उदयगिरि गुफाएं, गिन्नौरगढ़ और बटेश्वर के मंदिर शामिल
भारत की UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज टेंटेटिव लिस्ट में पांच नई साइटें जोड़ी गई हैं। इनमें मध्य प्रदेश की उदयगिरि गुफाएं, बाघ गुफा चित्रकारी, चंबल घाटी के मंदिर समूह और गिन्नौरगढ़ शामिल हैं। पांचवीं एंट्री भारत और दक्षिण अफ्रीका से जुड़ी ‘साइट्स ऑफ सत्याग्रह’ है। संस्कृति मंत्रालय के PIB ने X पर इसे देश की विरासत के लिए “गर्व का पड़ाव” बताया। इन पांच नई साइटों के जुड़ने के बाद भारत की UNESCO टेंटेटिव लिस्ट में अब 78 साइटें हो गई हैं। किसी साइट को पहले UNESCO की टेंटेटिव लिस्ट में शामिल किया जाता है। इसके बाद ही उसे आगे वर्ल्ड हेरीटेज साइट का दर्जा देने के लिए विचार किया जा सकता है। इसलिए इन पांच साइटों को अभी UNESCO की वर्ल्ड हेरिटेज साइट का अंतिम दर्जा नहीं मिला है। मध्य प्रदेश की 4 साइटें 1. उदयगिरि गुफाएं मध्य प्रदेश की उदयगिरि पहाड़ियों में चट्टानों को काटकर बनाया गया धार्मिक परिसर है। UNESCO के मुताबिक, इसका विकास मुख्य रूप से चौथी सदी के अंत और पांचवीं सदी की शुरुआत में गुप्त काल में हुआ। यहां 20 गुफाएं, मूर्तियां, शिलालेख और अन्य ऐतिहासिक संरचनाएं हैं। 2. बाघ गुफा चित्रकारी पश्चिमी मध्य प्रदेश में बाघनी नदी के किनारे विंध्य पर्वत की दक्षिणी ढलान पर 9 बौद्ध गुफाएं हैं। यहां की गुफाओं में मौजूद भित्ति चित्र खास महत्व रखते हैं। यह क्षेत्र मुख्य रूप से बेसाल्ट चट्टानों से बना है, जबकि बाघ गुफाएं बलुआ पत्थर की एक अलग चट्टानी संरचना में बनी हैं। 3. गिन्नौरगढ़ गिन्नौरगढ़ मध्य भारत के पुराने राज गोंड शासकों की प्रमुख किलेबंद राजधानी थी। इसे भी टेंटेटिव लिस्ट में शामिल किया गया है। 4. चंबल घाटी के मंदिर समूह इसमें मध्य प्रदेश के बटेश्वर, पदावली और ककर्मठ के मंदिर शामिल हैं। 5वीं साइट- ‘Sites of Satyagraha’ पांचवीं एंट्री भारत और दक्षिण अफ्रीका की जॉइंट सीरियल ट्रांसनेशनल प्रॉपर्टी है। इसका उद्देश्य महात्मा गांधी के सत्याग्रह के विचार के विकास को दर्शाना है। दक्षिण अफ्रीका में इसकी शुरुआत से लेकर भारत में इसके प्रयोग, विकास और संस्थागत रूप लेने तक। UNESCO की टेंटेटिव लिस्ट क्या होती है? टेंटेटिव लिस्ट यानी संभावित/प्रस्तावित विरासत स्थलों की सूची। किसी देश की ऐसी जगहों को इसमें शामिल किया जाता है जिन्हें वह भविष्य में UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज लिस्ट में शामिल कराने के लिए नामित करना चाहता है। -------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… देश में पहली बार हुई झरनों की गिनती: 10 राज्यों में 14,468 झरने; मणिपुर में सबसे ज्यादा देश की पहली स्प्रिंग सेंसस के दूसरे हिस्से में 10 राज्यों के 14,468 झरनों की गिनती हुई है। इनमें सबसे ज्यादा झरने मणिपुर और महाराष्ट्र में मिले हैं। जल शक्ति मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, देश की करीब 15% आबादी यानी लगभग 20 करोड़ लोग सीधे या परोक्ष रूप से झरने के पानी पर निर्भर हैं। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar UNESCO वर्ल्ड-हेरिटेज टेंटेटिव लिस्ट में भारत की 5 नई साइट:इसमें मध्यप्रदेश की चार; उदयगिरि गुफाएं, गिन्नौरगढ़ और बटेश्वर के मंदिर शामिल
भारत की UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज टेंटेटिव लिस्ट में पांच नई साइटें जोड़ी गई हैं। इनमें मध्य प्रदेश की उदयगिरि गुफाएं, बाघ गुफा चित्रकारी, चंबल घाटी के मंदिर समूह और गिन्नौरगढ़ शामिल हैं। पांचवीं एंट्री भारत और दक्षिण अफ्रीका से जुड़ी ‘साइट्स ऑफ सत्याग्रह’ है। संस्कृति मंत्रालय के PIB ने X पर इसे देश की विरासत के लिए “गर्व का पड़ाव” बताया। इन पांच नई साइटों के जुड़ने के बाद भारत की UNESCO टेंटेटिव लिस्ट में अब 78 साइटें हो गई हैं। किसी साइट को पहले UNESCO की टेंटेटिव लिस्ट में शामिल किया जाता है। इसके बाद ही उसे आगे वर्ल्ड हेरीटेज साइट का दर्जा देने के लिए विचार किया जा सकता है। इसलिए इन पांच साइटों को अभी UNESCO की वर्ल्ड हेरिटेज साइट का अंतिम दर्जा नहीं मिला है। मध्य प्रदेश की 4 साइटें 1. उदयगिरि गुफाएं मध्य प्रदेश की उदयगिरि पहाड़ियों में चट्टानों को काटकर बनाया गया धार्मिक परिसर है। UNESCO के मुताबिक, इसका विकास मुख्य रूप से चौथी सदी के अंत और पांचवीं सदी की शुरुआत में गुप्त काल में हुआ। यहां 20 गुफाएं, मूर्तियां, शिलालेख और अन्य ऐतिहासिक संरचनाएं हैं। 2. बाघ गुफा चित्रकारी पश्चिमी मध्य प्रदेश में बाघनी नदी के किनारे विंध्य पर्वत की दक्षिणी ढलान पर 9 बौद्ध गुफाएं हैं। यहां की गुफाओं में मौजूद भित्ति चित्र खास महत्व रखते हैं। यह क्षेत्र मुख्य रूप से बेसाल्ट चट्टानों से बना है, जबकि बाघ गुफाएं बलुआ पत्थर की एक अलग चट्टानी संरचना में बनी हैं। 3. गिन्नौरगढ़ गिन्नौरगढ़ मध्य भारत के पुराने राज गोंड शासकों की प्रमुख किलेबंद राजधानी थी। इसे भी टेंटेटिव लिस्ट में शामिल किया गया है। 4. चंबल घाटी के मंदिर समूह इसमें मध्य प्रदेश के बटेश्वर, पदावली और ककर्मठ के मंदिर शामिल हैं। 5वीं साइट- ‘Sites of Satyagraha’ पांचवीं एंट्री भारत और दक्षिण अफ्रीका की जॉइंट सीरियल ट्रांसनेशनल प्रॉपर्टी है। इसका उद्देश्य महात्मा गांधी के सत्याग्रह के विचार के विकास को दर्शाना है। दक्षिण अफ्रीका में इसकी शुरुआत से लेकर भारत में इसके प्रयोग, विकास और संस्थागत रूप लेने तक। UNESCO की टेंटेटिव लिस्ट क्या होती है? टेंटेटिव लिस्ट यानी संभावित/प्रस्तावित विरासत स्थलों की सूची। किसी देश की ऐसी जगहों को इसमें शामिल किया जाता है जिन्हें वह भविष्य में UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज लिस्ट में शामिल कराने के लिए नामित करना चाहता है। -------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… देश में पहली बार हुई झरनों की गिनती: 10 राज्यों में 14,468 झरने; मणिपुर में सबसे ज्यादा देश की पहली स्प्रिंग सेंसस के दूसरे हिस्से में 10 राज्यों के 14,468 झरनों की गिनती हुई है। इनमें सबसे ज्यादा झरने मणिपुर और महाराष्ट्र में मिले हैं। जल शक्ति मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, देश की करीब 15% आबादी यानी लगभग 20 करोड़ लोग सीधे या परोक्ष रूप से झरने के पानी पर निर्भर हैं। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar जम्मू-कश्मीर के बडगाम में एक आतंकी ढेर:आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच गोलीबारी; जंगल में सर्च ऑपरेशन जारी
जम्मू कश्मीर के बडगाम जिले में मंगलवार देर रात सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया। यह मुठभेड़ खानसाहिब के पालमेदन मुगपथरी जंगल इलाके में हुई। मारे गए आतंकी की पहचान अभी नहीं हो सकी। कुछ और आतंकी जंगल में छिपे हो सकते हैं। सेना का सर्च ऑपरेशन जारी है। सुरक्षाबलों को इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की विशेष सूचना मिली थी। इसके बाद उन्होंने घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान छिपे आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई की और मुठभेड़ शुरू हो गई। आतंकियों को भागने से रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षाबलों को भी मौके पर भेजा गया है। सितंबर में अब तक 3 आतंकियों के शव मिल चुके… 17 सितंबर: उधमपुर में दो पाकिस्तानी आतंकी मारे गए 17 सितंबर को उधमपुर का मजालता इलाका में सेना ने दो पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया था। इनकी पहचान सद्दाम और मुस्तफा के रूप में हुई है। ये आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े थे। उनके पास से एक एके असॉल्ट राइफल, (4 मैगजीन के साथ), एम4 कार्बाइन (3 मैगजीन के साथ), एक ग्लॉक पिस्टल (2 मैगजीन के साथ) और 4 ग्रेनेड बरामद किए गए थे। 9 सितंबर: डोडा में आतंकी का सड़ा शव मिला था डोडा में 9 सितंबर को लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक पाकिस्तानी आतंकी का सड़ा हुआ शव मिला था। SOG डोडा, राष्ट्रीय राइफल्स (RR) और CRPF की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन के दौरान शव बरामद किया। उसके पास से नाइट विजन क्षमता वाली M4 राइफल भी मिली है। पुलिस के मुताबिक, आतंकी को 6 सितंबर को सेओजधार के घने जंगलों में हुई मुठभेड़ में मारा गया था, लेकिन दुर्गम इलाके के कारण उसका शव बाद में बरामद हुआ। --------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… हाफिज सईद के नाम 2 महीने में दूसरा गैर-जमानती वारंट:NIA कोर्ट का आरोप- आतंकवादियों को हथियार और फंड दिया जम्मू की एक स्पेशल NIA कोर्ट ने लश्कर-ए-तैयबा के चीफ और घोषित आतंकवादी हाफिज मोहम्मद सईद के खिलाफ नया गैर-जमानती वारंट जारी किया है। उस पर कश्मीर घाटी में सक्रिय आतंकवादियों को हथियार, फंड और निर्देश देने का आरोप है। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar महाराष्ट्र FDA ने बेबी मिल्क पर नियम सख्त किए:'मां का दूध सबसे अच्छा' लिखना अनिवार्य, बेबी की तस्वीर लगाना भी मना; उल्लंघन पर ₹10 लाख जुर्माना
महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने शिशुओं के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्मूला मिल्क और अन्य बेबी फूड को लेकर नए सख्त नियम जारी किए हैं। इनमें पैकेट पर 'बच्चे के लिए मां का दूख अच्छा आहार' लिखना अनिवार्य किया गया है। FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे के मुताबिक फॉर्मूला मिल्क और शिशु आहार के विज्ञापन, फ्री सैंपल, गिफ्ट, कूपन, कैशबैक, इन्फ्लुएंसर प्रमोशन और सोशल मीडिया प्रमोशन पर रोक रहेगी। ये नियम मैन्युफैक्चरर से लेकर ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म तक लागू होंगे। इसके अलावा पैकेट पर बच्चे या मां की तस्वीर नहीं लगाई जाएगी। नियम तोड़ने पर 10 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है।
Dainik Bhaskar दिल्ली बस गैंगरेप केस- 398 पेज की चार्जशीट दाखिल:सीमेन सैंपल और बाल के सबूत मिले; 4 अगस्त की घटना, ड्राइवर-कंडक्टर पकड़े गए थे
दिल्ली पुलिस ने करीब दो महीने पुराने स्लीपर बस गैंगरेप मामले में 398 पेज की चार्जशीट दाखिल की है। पुलिस के मुताबिक बस से कुछ सबूत मिले थे। जिसमें सीमेन सैंपल और बाल शामिल हैं। चार्जशीट में पुलिसकर्मियों, डॉक्टरों और अन्य समेत 10 गवाहों के बयान हैं। चार्जशीट 18 सितंबर को कोर्ट में दाखिल की गई थी और 24 सितंबर को कोर्ट ने इसका संज्ञान लिया। पुलिस के मुताबिक पीड़ित ग्रेटर नोएडा के परी चौक पर बस में बैठी थी। आरोपियों ने उसे कश्मीरी गेट पर छोड़ा। इस दौरान बस करीब 47 किमी दौड़ती रही। बस के शीशों पर पर्दे लगे थे। पुलिस ने बस ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को गिरफ्तार कर लिया था। पीड़ित उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की रहने वाली है और 11वीं की छात्रा है। 4 अगस्त की घटना को सिलसिलेवार तरीके से समझिए, 6 पॉइंट... 1. पीड़ित घर से झगड़कर निकली पुलिस के मुताबिक, पीड़ित यूपी के मैनपुरी की रहने वाली है। परिवार में झगड़ा होने पर बिना बताए नोएडा में कजिन के घर के लिए बस से निकली। मैनपुरी से नोएडा की दूरी 300 किमी से ज्यादा है। 2. ग्रेटर नोएडा पर उतर गई थी भारी बारिश और अंधेरे के कारण छात्रा गलती से परी चौक पर उतर गई थी। फिर यहां से नोएडा जाने के लिए वाहन का इंतजार करने लगी। इसी बीच वहां से एक खाली स्लीपर बस गुजरी। छात्रा ने बस को रुकने का इशारा किया। 3. ड्राइवर-कंडक्टर ने बस में बैठाया ड्राइवर और कंडक्टर ने छात्रा को बस में बैठा लिया। उन्होंने बताया कि बस नोएडा सेक्टर-63 जा रही है। पुलिस के मुताबिक, बस चलने के कुछ समय बाद कंडक्टर ने छात्रा के साथ अश्लील हरकत करने की कोशिश की। 4. फिर गैंगरेप किया और धमकी दी छात्रा ने पुलिस को बताया कि ड्राइवर और कंडक्टर ने उसके साथ रेप किया। विरोध करने पर दोनों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। 5. कश्मीरी गेट के पास छोड़कर फरार आरोप है कि दोनों ने देर रात छात्रा को कश्मीरी गेट बस टर्मिनल के पास रिंग रोड पर उतार दिया। इसके बाद दोनों वहां से फरार हो गए। छात्रा ने रात में ही कश्मीरी गेट पुलिस से संपर्क कर घटना की जानकारी दी। 6. दोनों आरोपी गिरफ्तार पीड़ित की शिकायत के अनुसार, जांचकर्ताओं ने कोतवाली एसीपी शंकर बनर्जी के नेतृत्व में एक टीम गठित की। टीम ने बस की पहचान और उसके रूट को ट्रैक करने के लिए रास्ते में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की। पुलिस ने ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को तिमारपुर की एक बस पार्किंग से गिरफ्तार किया। घटना में इस्तेमाल स्लीपर बस को भी जब्त किया गया। बस की फोरेंसिक जांच की जा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक घटना वाले दिन बस में खराबी आने के बाद आरोपी उसे मरम्मत के लिए सूरजपुर (नोएडा) की एक वर्कशॉप में ले गए थे। मरम्मत पूरी होने के बाद ड्राइवर और कंडक्टर खाली बस को तिमारपुर ले जा रहे थे, तभी परी चौक पर छात्रा ने रुकने का इशारा किया। पुलिस ने बताया कि दोनों ने बस के पर्दे वाले अंदरूनी हिस्से का इस्तेमाल देर रात सफर के दौरान अपराध छिपाने के लिए किया। इससे बाहर से गुजर रहे लोग अंदर नहीं देख सके। 14 साल पहले दिल्ली में निर्भया कांड हुआ था, चलती बस में गैंगरेप हुआ था 16 दिसंबर 2012 की रात दिल्ली में 23 साल की युवती के साथ चलती बस में गैंगरेप किया गया। उसके प्राइवेट पार्ट में सरिया डाला गया था। गंभीर चोटों के चलते युवती को सिंगापुर रेफर किया गया, जहां 29 दिसंबर को अस्पताल में मौत हो गई। मामले में दिल्ली समेत पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हुआ। मीडिया में इसे निर्भया केस नाम दिया गया। मामले में 6 लोग आरोपी बनाए गए थे। एक आरोपी नाबालिग था, एक आरोपी ने जेल में सुसाइड कर लिया था। चार दोषियों मुकेश सिंह, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय कुमार सिंह को मौत की सजा सुनाई गई। चारों को 20 मार्च 2020 को दिल्ली की तिहाड़ जेल में फांसी दी गई। ------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली- स्कूल में नर्सरी की बच्ची का यौन शोषण, चॉकलेट का लालच देकर गलत तरीके से छुआ दिल्ली के बवाना इलाके के एक प्राइवेट स्कूल में तीन साल की छात्रा के यौन शोषण का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में स्कूल में काम करने वाले कैब ड्राइवर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने नर्सरी में पढ़ने वाली बच्ची को चॉकलेट का लालच दिया और उसे कई बार गलत तरीके से छुआ। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar देश में पहली बार हुई झरनों की गिनती:10 राज्यों में 14,468 झरने; मणिपुर में सबसे ज्यादा, यहीं 1336 झरने खतरे में
देश की पहली स्प्रिंग सेंसस के दूसरे हिस्से में 10 राज्यों के 14,468 झरनों की गिनती हुई है। इनमें सबसे ज्यादा झरने मणिपुर और महाराष्ट्र में मिले हैं। जल शक्ति मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, देश की करीब 15% आबादी यानी लगभग 20 करोड़ लोग सीधे या परोक्ष रूप से झरने के पानी पर निर्भर हैं। यह रिपोर्ट 25 सितंबर को भारत मंडपम में हुए 9वें इंडिया इंटरनेशनल वाटर वीक 2026 के समापन समारोह में जारी की गई। इसमें आंध्र प्रदेश, असम, गोवा, महाराष्ट्र, मणिपुर, ओडिशा, राजस्थान, तेलंगाना, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। सेंसस का मकसद झरनों का भरोसेमंद, एक जैसे मानकों वाला और जियो-रेफरेंस्ड डेटा तैयार करना था। इससे योजनाएं बनाने, झरना-क्षेत्र प्रबंधन और नीतियां तैयार करने में मदद मिलेगी। रिपोर्ट का नाम ‘फर्स्ट सेंसस ऑफ स्प्रिंग्स (वॉल्यूम II, पार्ट-II)’ है। इसमें संकटग्रस्त और बेहद जरूरी झरनों की पहचान के लिए व्यवस्थित मैपिंग की जरूरत बताई गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बुनियादी ढांचा तैयार करते समय इन झरनों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। साथ ही, झरना-क्षेत्र प्रबंधन कार्यक्रमों के लिए विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करनी चाहिए। पहले वॉल्यूम II की रिपोर्ट बिहार, कर्नाटक, केरल, लद्दाख, सिक्किम और तमिलनाडु के लिए जारी की गई थी। यह रिपोर्ट इंडिया वाटर डे 2026 पर प्रकाशित हुई थी। महाराष्ट्र में 3,652 झरने, इनमें 909 मौसमी महाराष्ट्र में 2,629 झरने पूरे साल बहने वाले, 909 मौसमी और 114 सूखे हैं। इनमें 3,612 झरने ग्रामीण और 40 शहरी इलाकों में हैं। इनमें करीब 86.5% झरने सरकारी या सार्वजनिक स्वामित्व में हैं। 13.5% झरने निजी स्वामित्व में हैं। संसाधनों पर खतरे के लिए 3,508 झरनों का आकलन किया गया। इनमें 265 झरने यानी 7.6% खतरे में पाए गए। मणिपुर में 34.5% झरनों पर खतरा मणिपुर में 3,419 झरने पूरे साल बहने वाले, 457 मौसमी और 65 सूखे हैं। राज्य में 91.4% झरने सार्वजनिक स्वामित्व में हैं। संसाधनों पर खतरे के लिए जिन झरनों का आकलन हुआ, उनमें 1,336 यानी 34.5% खतरे में पाए गए। राज्य में स्थानीय लोग 3,127 झरनों का इस्तेमाल करते हैं। बाहरी लोग 634 झरनों और जंगली जानवर 113 झरनों का इस्तेमाल करते हैं। ओडिशा में 1957 झरने, दार्जिलिंग में 1200 झरने ओडिशा में 1,568 झरने पूरे साल बहने वाले, 315 मौसमी और 74 सूखे हैं। करीब 96% झरने सार्वजनिक स्वामित्व में हैं। राज्य के 99.2% झरने ग्रामीण इलाकों में हैं। संसाधनों पर खतरे के लिए 1,878 झरनों का आकलन किया गया। इनमें 295 झरने यानी 15.7% खतरे में पाए गए। पश्चिम बंगाल में 1,686 झरने हैं। इनमें 1,568 ग्रामीण और 118 शहरी इलाकों में हैं। दार्जिलिंग में 1,200 और कलिम्पोंग में 427 झरने दर्ज किए गए। रिपोर्ट के मुताबिक, इन जिलों के कई ग्रामीण और आदिवासी समुदायों के लिए झरने पीने के पानी का अहम स्रोत हैं। गोवा में 61 झरनों पर खतरा, त्रिपुरा के धलाई में सबसे ज्यादा झरने गोवा में 1,196 झरने मिले हैं। इनमें 1,105 पूरे साल बहने वाले, 66 मौसमी और 25 सूखे हैं। इनमें 662 झरने सार्वजनिक और 509 निजी स्वामित्व में हैं। संसाधनों पर खतरे के लिए जिन झरनों का आकलन हुआ, उनमें 61 यानी 5.2% खतरे में हैं। त्रिपुरा में 661 झरने पूरे साल बहने वाले, 378 मौसमी और 10 सूखे हैं। राज्य के सभी झरने ग्रामीण इलाकों में हैं। सबसे ज्यादा 398 झरने धलाई में मिले। इसके बाद नॉर्थ त्रिपुरा में 238 और खोवाई में 205 झरने दर्ज किए गए। असम में 792 झरने, राजस्थान में सिर्फ 13 असम में 792 झरने हैं। इनमें 587 ग्रामीण और 205 शहरी इलाकों में हैं। राज्य में 662 झरने पूरे साल बहने वाले, 127 मौसमी और तीन सूखे हैं। संसाधनों पर खतरे के लिए 784 झरनों का आकलन किया गया। इनमें 41 यानी 5.2% खतरे में पाए गए। असम में स्थानीय लोग 667 झरनों का इस्तेमाल करते हैं। बाहरी लोग 91 और जंगली जानवर 26 झरनों का इस्तेमाल करते हैं। तेलंगाना में 148 झरने मिले हैं। इनमें 126 पूरे साल बहने वाले, 18 मौसमी और चार सूखे हैं। आंध्र प्रदेश में 34 झरने मिले हैं और सभी ग्रामीण इलाकों में हैं। राज्य के सभी 34 झरने रिसाव वाले और मौसमी हैं। ये सभी सार्वजनिक स्वामित्व में हैं। राजस्थान में 13 झरने मिले हैं। इनमें 10 ग्रामीण और तीन शहरी इलाकों में हैं। आठ झरने पूरे साल बहने वाले और पांच मौसमी हैं। राजस्थान के सभी 13 झरने सार्वजनिक स्वामित्व में हैं। 20 करोड़ लोग झरने के पानी पर निर्भर रिपोर्ट में पानी की सुरक्षा पर नीति आयोग के 2018 के वर्किंग ग्रुप की रिपोर्ट का हवाला दिया गया है। इसका नाम ‘इन्वेंटरी एंड रिवाइवल ऑफ स्प्रिंग्स इन द हिमालयाज फॉर वाटर सिक्योरिटी’ है। इसके मुताबिक, देश की 15% आबादी यानी करीब 20 करोड़ लोग अपनी जरूरतों के लिए सीधे या परोक्ष रूप से झरने के पानी पर निर्भर हैं। संसद की जल संसाधन संबंधी स्थायी समिति की 23वीं रिपोर्ट 2022-23 में भी पहाड़ी इलाकों के झरनों को फिर जीवित करने और टिकाऊ तरीके से संभालने की सिफारिश की गई थी। इसके बाद विभाग ने भारतीय हिमालयी क्षेत्र और दूसरे पहाड़ी इलाकों में झरना-क्षेत्र मैपिंग के लिए एक संचालन समिति बनाई। इसका मकसद झरना-क्षेत्र प्रबंधन का काम तेज करना था। समिति ने झरनों और झरना-क्षेत्रों की मैपिंग के लिए व्यवस्थित व्यवस्था, एक जैसे फॉर्मेट और मानकीकृत तकनीकों की कमी को बड़ी बाधा बताया। डिजिटल तरीके से हुआ सेंसस पहली स्प्रिंग सेंसस 7वीं माइनर इरिगेशन सेंसस, दूसरी वाटर बॉडीज सेंसस और पहली मेजर एंड मीडियम इरिगेशन प्रोजेक्ट्स सेंसस के साथ की गई। इसका आधार वर्ष 2023-24 था। यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल तरीके से हुई। डेटा एंड्रॉयड आधारित मोबाइल ऐप के जरिए जुटाया गया और केंद्रीय वेब प्लेटफॉर्म पर संभाला गया। रिपोर्ट के साथ दिए संदेश में जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा कि झरनों के प्रबंधन के लिए व्यवस्थित डेटाबेस और समय-समय पर निगरानी जरूरी है। उन्होंने कहा कि इससे झरना संसाधनों का प्रबंधन, झरना-क्षेत्र प्रबंधन परियोजनाएं और झरना प्रणालियों की वैज्ञानिक समझ आगे बढ़ेगी। यह रिपोर्ट शामिल किए गए 10 राज्यों में झरना-क्षेत्र प्रबंधन से जुड़े कामों की योजना बनाने और उन्हें लागू करने के लिए नीति-निर्माताओं और कार्यान्वयन एजेंसियों के संदर्भ दस्तावेज के तौर पर तैयार की गई है।
Dainik Bhaskar CISF जवान ने साथियों पर गोली चलाई, 4 की मौत:जम्मू के कठुआ में विवाद के बाद फायरिंग; आपसी झगड़ों में 5 साल में 24 मौतें
जम्मू-कश्मीर में कठुआ के बसोहली कैंप में CISF जवान ने अपने साथियों पर गोली चला दी। फायरिंग में 4 CISF जवानों की मौत हो गई। मरने वालों में एक असिस्टेंट कमांडेंट भी शामिल हैं। मरने वालों की पहचान असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे, एसआई लक्ष्मण सिंह, कॉन्स्टेबल रफीक अहमद और कॉन्स्टेबल संदीप कुमार के रूप में हुई है। ये जवान हिमाचल प्रदेश की सीमा से सटे बसोहली के मशका गांव में सेवा-III पावर प्रोजेक्ट की सुरक्षा में तैनात थे। किसी बात को लेकर दो जवानों के बीच बहस हुई। इसी बीच उनमें से एक ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। कठुआ पुलिस ने आरोपी जवान को गिरफ्तार कर लिया है। CISF के सीनियर अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। मरने वाले जवानों की तस्वीरें… आरोपी के पास AK-47 राइफल और 150 गोलियां थीं सूत्रों के मुताबिक, आरोपी हेड कॉन्स्टेबल अवधेश कुमार सिंह ने ऑफिस के परिसर में घुसकर अपनी सरकारी AK-47 राइफल से अंधाधुंध फायरिंग की। उनके पास 150 राउंड गोलियां थीं। सभी सुरक्षाबलों के जवानों के बीच आपसी झगड़ों और विवादों के कारण अक्सर फायरिंग की घटनाएं सामने आती रहती हैं। खबर अपडेट हो रही है…
Dainik Bhaskar चलती कार से वर्चुअल पेशी में जुड़ा वकील:दिल्ली हाईकोर्ट ने ₹1 लाख जुर्माना लगाया, कहा- कोर्ट की गरिमा से समझौता नहीं
दिल्ली हाईकोर्ट ने चलती कार से वर्चुअल पेशी में शामिल होने वाले वकील पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने इसे नियमों का उल्लंघन बताया। जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला ने 28 सितंबर को दिए आदेश में कहा कि वर्चुअल सुनवाई की सुविधा सराहनीय है। लेकिन इससे कोर्ट की गरिमा और न्यायिक कार्यवाही में बाधा नहीं आनी चाहिए। कोर्ट ने वकील को यह रकम एक सप्ताह के भीतर दिल्ली हाईकोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी में जमा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि एक दिन में 70 से ज्यादा मामलों पर सुनवाई करनी होती है। ऐसे में सुनवाई के दौरान बैकग्राउंड का शोर और चलती गाड़ी की हलचल काम में बाधा डालती है। आदेश में कहा गया, “जब इस कोर्ट को एक दिन में 70 से ज्यादा मामलों पर सुनवाई करनी होती है, तब सुनवाई के दौरान बैकग्राउंड का शोर और हलचल कोर्ट के काम में बाधा डालते हैं।” वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियमों का हवाला कोर्ट ने बताया कि हाईकोर्ट के इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस एंड वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूल्स के तहत वकीलों को वाहनों से सुनवाई में शामिल होने से बचना चाहिए। नियमों में कहा गया है कि वाहन से सुनवाई में शामिल होना केवल असाधारण परिस्थितियों में और अनुमति लेकर ही किया जा सकता है। जस्टिस शुक्ला ने कहा कि यह शर्त केवल प्रक्रियात्मक नहीं है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वकील वर्चुअल माध्यम से भी ऐसी जगह से पेश हों, जहां कोर्ट का काम सही तरीके से चल सके। कोर्ट ने कहा कि मौजूदा मामले में ऐसी कोई असाधारण परिस्थिति नहीं थी। इसलिए वकील का आचरण नियमों का उल्लंघन था। अदालत ने आदेश दिया, “डिक्री होल्डर के वकील पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया जाता है। यह रकम आज से एक सप्ताह के भीतर दिल्ली हाईकोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी में जमा करनी होगी।”
Dainik Bhaskar PM मोदी की डिग्री मामले में केजरीवाल की अपील खारिज:गुजरात हाईकोर्ट ने उन पर 25 हजार रुपए का जुर्माना भी रखा बरकरार
गुजरात हाई कोर्ट ने मंगलवार को पीएम नरेंद्र मोदी की डिग्री से जुड़े मामले में आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल की अपील खारिज कर दी। साथ ही कोर्ट ने केजरीवाल पर लगे 25 हजार रुपए के जुर्माने को भी बरकरार रखा। इस मामले में कोर्ट ने 24 सितंबर 2026 को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस सुनीता अग्रवाल और जस्टिस डीए रे की बेंच ने कहा कि केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) के 2016 के निर्देश को रद्द करने और केजरीवाल पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाने वाले फैसले में हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं है। हाईकोर्ट की सिंगल जज की बेंच ने 31 मार्च 2023 को अरविंद केजरीवाल पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था और आरटीआई के प्रावधानों का गलत इस्तेमाल को लेकर फटकार लगाते हुए कहा था कि उनका रवैया कैजुअल था। सिंगल बेंच के इस फैसले के खिलाफ केजरीवाल को हाईकोर्ट की डबल बेंच में याचिका दायर की थी। अब पूरा मामला समझिए… साल 2016 में केजरीवाल ने सेंट्रल इंफॉर्मेशन कमीशन (सीआईसी) को चिट्ठी लिखकर मांग की थी कि प्रधानमंत्री की डिग्री सार्वजनिक की जानी चाहिए। अप्रैल 2016 में सीआईसी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी और गुजरात यूनिवर्सिटी को निर्देश दिया था कि पीएम मोदी की डिग्री से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराएं। सीआईसी के फैसले के खिलाफ यूनिवर्सिटी हाईकोर्ट पहुंच गई थी। तीन महीने बाद हाई कोर्ट ने सीआईसी के आदेश को तब रद्द कर दिया था। मई 2016 में गुजरात यूनिवर्सिटी के तत्कालीन वाइस चांसलर एमएन पटेल ने घोषणा की थी कि पीएम मोदी ने पॉलिटिकल साइंस में 1983 में MA किया और उन्हें एक्सटर्नल स्टूडेंट के तौर पर 62.3 फीसदी अंक मिले थे। अपनी वेबसाइट पर डिग्री डालने के साथ-साथ गुजरात यूनिवर्सिटी ने सीआईसी के आदेश को भी चुनौती दी थी। सिंगल बेंच ने 31 मार्च, 2023 के सीआईसी के निर्देश को रद्द कर दिया था। साथ ही उन पर 25,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया था। मनु सिंघवी ने कहा- केजरीवाल ने पीएम मोदी की डिग्री पाने के लिए जोर नहीं दिया था अपनी अपील की सुनवाई के दौरान केजरीवाल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने जुर्माना लगाने के आधार को चुनौती दी थी। उन्होंने तर्क दिया कि उनके मुवक्किल ने पीएम मोदी की डिग्री पाने के लिए लगातार जोर नहीं दिया था, जैसा कि सिंगल बेंच ने माना था। उन्होंने तर्क दिया था कि सीआईसी ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्यवाही शुरू की थी और उन्हें किसी औपचारिक आवेदन के बजाय एक पत्र के आधार पर प्रतिवादी बनाया था। सिंघवी ने तर्क दिया कि अगर डिग्री सच में ऑनलाइन उपलब्ध है, जिसे शायद गुजरात यूनिवर्सिटी ने इसके सार्वजनिक महत्व को देखते हुए उपलब्ध कराया है तो यह आरटीआई एक्ट के दायरे में आनी चाहिए और कार्रवाई की वजह खत्म हो जाएगी। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा- केजरीवाल ने संस्थान को बदनाम किया यूनिवर्सिटी की ओर से पेश होते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने तर्क दिया कि केजरीवाल ने लगातार यह केस लड़ा और संस्थान को बदनाम करने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस भी कीं। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट को केजरीवाल पर अपील करने के लिए जुर्माना लगाना चाहिए ताकि यह पक्का किया जा सके कि आरटीआई एक्ट का गलत इस्तेमाल न हो और सरकारी अधिकारियों का काम का कीमती समय ऐसी रिक्वेस्ट से निपटने में बर्बाद न हो जिनसे एक्ट का मकसद पूरा नहीं होता। केजरीवाल ने की थी डिग्री सार्वजनिक करने की मांग 2016 में केजरीवाल ने सीआईसी को पत्र लिखकर मांग की थी कि प्रधानमंत्री की डिग्री सार्वजनिक की जाए। अप्रैल 2016 में तत्कालीन सीआईसी एम. श्रीधर आचार्युलु ने दिल्ली यूनिवर्सिटी और गुजरात यूनिवर्सिटी को निर्देश दिया था कि वे पीएम मोदी को मिली डिग्रियों के बारे में केजरीवाल को जानकारी दें। पत्र के आधार पर सीआईसी ने यूनिवर्सिटी को पीएम मोदी की शैक्षणिक योग्यता के रिकॉर्ड केजरीवाल को देने का निर्देश दिया। यूनिवर्सिटी ने सीआईसी के आदेश का विरोध करते हुए कहा कि किसी की गैर-जिम्मेदाराना जिज्ञासा सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत जनहित नहीं हो सकती। ------------------- ये खबर भी पढ़ें... सड़क भ्रष्टाचार पर केजरीवाल का बड़ा हमला:पीएम मोदी से की मंत्री प्रवेश वर्मा को बर्खास्त करने और गिरफ्तार करने की मांग आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को तिलक नगर में भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी नव-निर्मित सड़क का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने खराब गुणवत्ता के निर्माण को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar AK-47 से लैस पुलिस से आरोपी को छुड़ा ले गए:सीधी में ओडिशा की टीम पर हमला-फायरिंग; 3 गाड़ियों में आए थे बदमाश
सीधी जिले में अज्ञात बदमाशों ने ओडिशा पुलिस की टीम पर हमला कर दिया। 3 गाड़ियों में पहुंचे बदमाशों ने पुलिस की गाड़ी को घेरकर तीन बार गोलियां चलाईं। बेसबॉल बैट से तोड़फोड़ की, फिर नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के आरोपी को छुड़ा ले गए। वारदात रीवा-सीधी सीमा पर छुहिया घाटी में मंगलवार दोपहर करीब 11.30 बजे की है। ओडिशा पुलिस की गाड़ी के कांच टूट गए। एक टायर में गोली भी लगी है। हालांकि, किसी पुलिसकर्मी के घायल होने की जानकारी नहीं है। बदमाश मैहर की तरफ भागे थे। टीम में 8 पुलिसकर्मी थे, जिनके पास AK-47, पिस्टल समेत अन्य हथियार थे। देखिए, 5 तस्वीरें… दो गाड़ियों ने आगे, एक ने पीछे से रास्ता रोका सीधी एसपी संतोष कोरी ने कहा- ओडिशा पुलिस की टीम NDPS एक्ट में गिरफ्तार आदित्य मिश्रा को रीवा कोर्ट में पेश करने जा रही थी। सीधी से गुजरते वक्त छुहिया घाटी में दो गाड़ियों ने आगे की तरफ से जबकि एक गाड़ी ने पीछे की तरफ से उनका रास्ता रोक लिया। गाड़ियों से बदमाश उतरे और आदित्य को छुड़ाकर भाग गए। ओडिशा पुलिस ने डायल 112 को फोन लगाया। पुलिसकर्मियों की आंखों में डाला मिर्च स्प्रे ओडिशा पुलिस टीम के सदस्य ईश्वर सिंह ने कहा- बदमाशों ने हमारी आंखों में मिर्च स्प्रे डाल दिया। इसके बाद कई गोलियां चलाईं। हम कुछ समझ पाते, उससे पहले ही वे भाग गए। ये खबर भी पढ़ें… एमपी में क्यों पिट रही पुलिस, 5 वजह मध्य प्रदेश में पुलिसकर्मियों पर लगातार हो रहे हमलों से पुलिस और जनता के रिश्तों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक महीने में ही प्रदेश में पुलिस पर हमले की 6 घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें एक एएसआई की मौत हो चुकी है जबकि 8 जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस मुख्यालय के अधिकारी भी इससे हैरान हैं। पढ़ें पूरी खबर…
Dainik Bhaskar सुप्रीम कोर्ट बोला-₹2700 वाली कैंसर दवा की MRP ₹27 हजार:प्राइवेट अस्पताल इंडस्ट्री की तरह काम कर रहे; केंद्र से पूछा- 16% से ज्यादा मार्जिन क्यों
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार से पूछा कि दवाओं की MRP, रिटेल कीमत से 16% से ज्यादा क्यों होनी चाहिए। कोर्ट ने सवाल किया कि सभी दवाओं पर अधिकतम 16% मार्जिन की सीमा क्यों नहीं तय की जा सकती। दवाओं के लिए अलग-अलग नियम क्यों हैं। कोर्ट ने कैंसर की एक दवा का उदाहरण दिया, जिसकी रिटेल कीमत करीब ₹2,700 थी, लेकिन MRP ₹27 हजार थी। कोर्ट ने पूछा कि यदि मरीज सरकारी योजना में इलाज करा रहा है तो इतनी बढ़ी कीमत का भुगतान कौन करता है। इसका बोझ सरकारी खजाने और टैक्सपेयर्स पर ही पड़ता है। कोर्ट ने कहा कि प्राइवेट हॉस्पिटल इंडस्ट्री की तरह काम कर रहे हैं। वे मरीजों को अपनी फार्मेसी से ही दवा खरीदने के लिए मजबूर करते हैं। कोर्ट ने अस्पतालों के मुनाफे और दवाओं की कीमत तय करने के लिए एक समान नियम की जरूरत पर भी सवाल उठाया। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने दवाओं की कीमत, जेनेरिक दवाओं की प्रिस्क्रिप्शन और मेडिकल डिवाइस के कंट्रोल से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने 10 गुना मुनाफे पर सवाल उठाए कोर्ट ने दवाओं पर 10 गुना या उससे ज्यादा मुनाफे के आरोप और DPCO, 2013 के तहत जरूरी व गैर-जरूरी दवाओं के अलग-अलग नियमों पर भी सवाल किए। केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने माना कि यह गंभीर मुद्दा है। उन्होंने कहा कि ऐसा समाधान जरूरी है, जिसमें मरीजों, सरकार और फार्मा कंपनियों सभी के हितों का संतुलन रहे। याचिकाकर्ता बोले- इलाज के लिए गहने-संपत्ति बेचने को मजबूर याचिकाओं में दवाओं की कीमतों में बड़े अंतर से मरीजों और सरकारी योजनाओं पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ का मुद्दा उठाया गया है। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, जिन दवाओं की कीमत सरकार तय करती है, उनका बाजार में हिस्सा कम है। वहीं, जिनकी कीमत सरकार की तरफ से तय नहीं की गई है, उनका बाजार में करीब 80% या उससे ज्यादा हिस्सा है। उनकी शुरुआती MRP तय करने में कंपनियों को ज्यादा छूट मिलती है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इससे दवाओं की कीमत और मरीजों के इलाज का खर्च बढ़ सकता है। कई मरीज इलाज के लिए अपनी संपत्ति या गहने तक बेचने को मजबूर होते हैं। पिछली सुनवाई में भी सवाल पिछली सुनवाई में कोर्ट ने दवाओं की कीमतों में भारी अंतर पर कड़ी टिप्पणी की थी और नियामक संस्थाओं की भूमिका पर भी सवाल उठाए थे। मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को होगी।
Dainik Bhaskar अरुणाचल में भारत-म्यांमार सीमा पर उग्रवादी हमला:असम राइफल्स का जवान शहीद, 4 घायल; गश्त के दौरान घात लगाकर फायरिंग की
अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले में मंगलवार को उग्रवादी हमले में असम राइफल्स का एक जवान शहीद हो गया। 4 अन्य जवान घायल हो गए। हमला भारत-म्यांमार सीमा के पास नामपोंग सर्कल में सुबह करीब 6:30 बजे हुआ। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार हमला नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड का (युंग आंग गुट) के उग्रवादियों ने किया है। गश्त के दौरान गोलीबारी में हवलदार जानखोकाई कुकी (42) शहीद हो गए। हमला नामपोंग नाले के पास हुआ। इस इलाके में सीमा पर बाड़ लगाने का काम चल रहा है। हमला NSCN-K-YA गुट ने किया शुरुआती जांच और खुफिया रिपोर्टों से पता चलता है कि घात लगाकर किए गए हमले के लिए NSCN-K-YA (नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड का युंग आंग गुट) के उग्रवादी जिम्मेदार हैं। हमले के बाद, भारतीय सेना और जिला पुलिस ने तुरंत इलाके की घेराबंदी की और भाग रहे उग्रवादियों को पकड़ने के लिए आस-पास के जंगलों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया। सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्च अभियान तेज किया पूर्वोत्तर सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।अधिकारी ने कहा कि घटना के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्च अभियान तेज कर दिया है। चांगलांग के एसपी किर्ली पाडु ने कहा कि उन्हें घटना के बारे में जानकारी मिली है और उन्होंने चांगलांग पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी को विवरण इकट्ठा करने का निर्देश दिया है। चांगलांग जिले में भारत-म्यांमार सीमा क्षेत्र में और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार सक्रिय विद्रोही समूहों की आवाजाही के कारण संवेदनशील बनी हुई है। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें: मणिपुर में 2 नगा नागरिकों की हत्या, कुकी पर आरोप:CM बोले- कायराना हरकत; सितंबर में 13 की मौत, 7 महीने में 50 जान गई मणिपुर के सेनापति जिले के कलेंजांग गांव में मुखिया के घर में मौजूद लोगों पर हथियारबंद हमलावरों ने गोलीबारी कर दी। इस घटना में दो नगा लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। घटना शनिवार दोपहर को हुई। पढ़ें पूरी खबर…
Dainik Bhaskar दिल्ली में AAP कार्यकर्ताओं ने पुलिसकर्मी से मारपीट की:केजरीवाल तिलक नगर दौरे पर थे; 2 दिन पहले प्रवेश वर्मा ने युवक को थप्पड़ मारा था
दिल्ली के तिलक नगर में पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल के दौरे के दौरान सिविल ड्रेस में दिल्ली पुलिस के एक हेड कॉन्स्टेबल के साथ आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं ने मारपीट की। पुलिसकर्मी मोबाइल से केजरीवाल के दौरे की रिकॉर्डिंग कर रहे थे। इस घटना का वीडियो बीजेपी ने X पर शेयर किया। वहीं, दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने 27 सितंबर को एक युवक को थप्पड़ मार दिया था। इस घटना का वीडियो आम आदमी पार्टी ने X पर शेयर किया। विवाद के बाद प्रवेश ने भी वीडियो जारी किया था। हेड कॉन्स्टेबल की चोटों की जांच की गई घटना का वीडियो मंगलवार को सामने आया। इसमें भीड़ पुलिसकर्मी को धक्का देते और उसके साथ बदसलूकी करते नजर आ रही है। पुलिसकर्मी को फ्लाईओवर के नीचे ले जाया गया और उसे वहां से जाने नहीं दिया गया। वर्दी में मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने भीड़ से अपने साथी को बाहर निकालने की कोशिश की। पुलिस ने बताया कि हेड कॉन्स्टेबल की चोटों की जांच की गई है। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी से मारपीट के मामले में FIR दर्ज करने पर भी विचार किया जा रहा है। केजरीवाल बोले- हाथ से छूने पर सड़क टूट रही केजरीवाल सोमवार को तिलक नगर पहुंचे थे। उनके साथ AAP सांसद संजय सिंह, स्थानीय विधायक जरनैल सिंह और पार्टी के अन्य नेता भी मौजूद थे। उन्होंने दिल्ली की भाजपा सरकार पर इलाके में बनी नई सड़क की खराब गुणवत्ता का आरोप लगाया। केजरीवाल ने कहा कि सड़क कुछ दिन पहले ही बनी थी, लेकिन हाथ से छूने पर ही टूट रही है। उन्होंने कहा कि उनकी पिछली AAP सरकार के दौरान ऐसे कामों पर 5 साल की गारंटी होती थी। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
Dainik Bhaskar राहुल गांधी 13 दिन में दूसरी बार आएंगे MP:1 अक्टूबर को बालाघाट जाएंगे; कहा था- 30+ बच्चों की मौत, सरकार सोती रही
मध्यप्रदेश के बालाघाट में बैगा आदिवासी बच्चों की मौतों के बीच राहुल गांधी 1 अक्टूबर को बालाघाट आएंगे। वे बैहर और बिरसा के प्रभावित आदिवासी इलाकों में जाकर मृत बच्चों के परिवारों से मुलाकात करेंगे। बालाघाट में सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 32 बच्चों की मौत हो चुकी है। राहुल गांधी का 13 दिन में मध्यप्रदेश में यह दूसरा दौरा होगा। इससे पहले वे 19 सितंबर को इंदौर आए थे। यहां उन्होंने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। कार्यक्रम से पहले उन्होंने लिखा था- 30 से ज्यादा आदिवासी बच्चों की बीमारी, कुपोषण मौतें हो रही हैं, लेकिन कार्रवाई सुस्त रही। सरकार सोती रही। राहुल गांधी ने कहा था- मुख्यमंत्री जी, दीये जलाने और उत्सव मनाने से फुर्सत मिल गई हो तो जरा राज्य की जमीनी हालत भी देखिए। बीमारी, पोषण और साफ पानी की कमी है। चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण छोटे बच्चों की जान जा रही है। मृत बच्चों के परिवारों से मिलेंगे राहुल नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा- राहुल गांधी मृत बच्चों के परिवारों से मिलकर जमीनी हालात समझेंगे। उनसे जानेंगे कि सरकारी योजनाओं का लाभ आदिवासी परिवारों तक क्यों नहीं पहुंचा। बच्चों को पोषण, दलिया, मच्छरदानी और टीकाकरण जैसी जरूरी सुविधाएं नहीं मिल पाईं। वहीं, मृत बच्चों के परिवारों को आर्थिक मदद देने पर सिंघार ने कहा कि सिर्फ सहायता देना काफी नहीं है। सरकार की जिम्मेदारी है कि उसकी योजनाएं हर जरूरतमंद तक पहुंचें। स्वास्थ्य मंत्री की जिम्मेदारी तय नहीं की गई। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने चुप्पी साध ली। जून में शुरू हुईं बच्चों की मौतें, पहली मौत 16 जून को बालाघाट के बिरसा विकासखंड के बैगा आदिवासी बहुल इलाकों में बच्चों की मौत का सिलसिला जून 2026 से सामने आया। उपलब्ध जमीनी रिपोर्ट के मुताबिक पहली दर्ज मौत 16 जून 2026 को बोंदारी गांव में 16 वर्षीय रूपलाल धुर्वे की हुई थी। इसके बाद 26 जून को कोहनीमोड़टोला की 14 वर्षीय लमनिन धुर्वे और 27 जून को साहिल धुर्वे की मौत हुई। इसके बाद बोंदारी, कुंडेकसा, कोरका और आसपास के गांवों में बच्चों की मौतों का सिलसिला बढ़ता गया। मौतों का खुलासा कैसे हुआ? मामला शुरुआत में स्थानीय स्तर तक सीमित रहा। प्रभावित गांवों में लगातार बच्चों की मौत के बावजूद इसकी व्यापक जानकारी बाद में सामने आई। अगस्त में स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और मीडिया रिपोर्टों के जरिए मामला सार्वजनिक हुआ। 22 जुलाई को अडोरी पंचायत के सरपंच ने बोंदारी में तीन बच्चों की मौत की जानकारी तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी को दी थी। इसके बाद 12 अगस्त को जिला प्रशासन ने प्रभावित गांवों में बीमारी के प्रकोप को लेकर पत्र जारी किया। अगस्त के मध्य तक मीडिया रिपोर्टों में मौतों की संख्या बढ़कर सामने आने लगी और मामला प्रदेश स्तर पर चर्चा में आ गया। इसके बाद केंद्र और राज्य की स्वास्थ्य टीमें प्रभावित इलाकों में पहुंचीं। जांच का दायरा बढ़ाया गया और बच्चों के रक्त नमूने लिए गए। बाद की जांच में केवल मलेरिया ही नहीं, बल्कि खसरा, मलेरिया, दोनों का संक्रमण, कुपोषण, एनीमिया, निमोनिया, निर्जलीकरण और शॉक जैसे कई कारण सामने आए। 12 सितंबर को पहुंचे थे CJP चीफ अभिजीत दिपके कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संयोजक अभिजीत दिपके 12 सितंबर 2026 को बालाघाट पहुंचे। उन्होंने अडोरी, कोरका और बोंदारी गांवों का दौरा किया और मृत बच्चों के परिजनों से मुलाकात की। दिपके ने कहा था- मौतों की संख्या स्वीकार किए जाने के बावजूद अब तक जिम्मेदारी तय नहीं हुई। किसी अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई। वे मृत बच्चों के परिवारों के साथ खड़े हैं। इस मामले में जवाबदेही तय कराने के लिए आगे प्रयास करेंगे। दिपके ने अपने दौरे के दौरान यह भी दावा किया कि स्थानीय लोगों के मुताबिक मौतों की वास्तविक संख्या सरकारी आंकड़े से ज्यादा है। उन्होंने कुछ बच्चों के बिना पोस्टमॉर्टम अंतिम संस्कार किए जाने का भी आरोप लगाया। परिवारों को दो-दो लाख रुपए का मुआवजा 29 अगस्त को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बालाघाट के प्रभावित आदिवासी गांवों में पहुंचे थे। उस समय सरकार ने आधिकारिक तौर पर आठ बच्चों की मौत की पुष्टि की थी, जबकि स्थानीय स्तर पर मृतकों की संख्या इससे काफी अधिक बताई जा रही थी। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी। बाद में मौतों का सरकारी आंकड़ा बढ़ा। सितंबर की शुरुआत में राहुल गांधी ने भी 30 बच्चों की मौत का उल्लेख करते हुए सरकार से जांच, इलाज और राहत की मांग की थी। जांच में एक बीमारी नहीं, कई वजहें सामने आईं केंद्र की राष्ट्रीय संयुक्त आउटब्रेक रिस्पॉन्स टीम (NJORT) ने 196 मामलों की जांच की। इनमें 156 बच्चे 10 साल से कम उम्र के थे। 64 सैंपल में 25 खसरा पॉजिटिव मिले, जबकि 32 मरीजों की मलेरिया जांच में 27 पॉजिटिव रहे। 12 मरीजों में खसरा और मलेरिया दोनों संक्रमण मिले। डेंगू, चिकनगुनिया और एंटरोवायरस के मामले भी सामने आए। तीन बच्चों की मौत की विस्तृत समीक्षा में गंभीर कुपोषण भी सामने आया। प्रभावित इलाकों में करीब 20 से 25% देखे गए घरों में बच्चों में अत्यधिक दुबलापन या गंभीर कुपोषण पाया गया। रिपोर्ट में एनीमिया, डिहाइड्रेशन और श्वसन संबंधी समस्याओं को भी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य कारक माना गया है। टीकाकरण और स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल NJORT की रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच बैहर में MR-1 टीकाकरण कवरेज 51% और MR-2 सिर्फ 49% था। बिरसा में यह क्रमश: 64.8% और 65% रहा। रिपोर्ट में जिला पब्लिक हेल्थ लैब और माइक्रोबायोलॉजिस्ट की कमी, साझा स्वास्थ्य डेटा का अभाव और एक प्रभावित गांव में एक साल से ज्यादा समय से ASHA कार्यकर्ता का पद खाली होने जैसी कमियां भी सामने आईं। सरकार की स्क्रीनिंग में भी कुपोषण की तस्वीर सामने आई है। अगस्त 2026 तक 1,21,892 बच्चों की जांच में 27,839 कुपोषित और 3,741 बच्चे अति कुपोषित मिले। वहीं ‘दस्तक 2026’ के तहत करीब 1.58 लाख बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। 7,711 बच्चे गंभीर कुपोषण से ग्रस्त पाए गए और 518 को पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती कराया गया। ………………………….. यह खबर भी पढ़ें राहुल गांधी बोले- सिस्टम अंधभक्त पैदा कर रहा राहुल गांधी ने इंदौर में 'छात्रों की गूंज' को संबोधित किया। कार्यक्रम के 5वें एडिशन में उन्होंने ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’ विषय पर करीब 60 मिनट बात की। कार्यक्रम के लिए IDA ग्राउंड पर 20 से 25 हजार युवा पहुंचे। पढ़ें पूरी खबर… 2. दिपके का तंज-एमपी के CM पद से इस्तीफा देता हूं मध्य प्रदेश के बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौतों के मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके ने प्रभावित गांवों का दौरा करने के बाद सोशल मीडिया पर एक लेटर पोस्ट किया। इसमें उन्होंने खुद को एमपी का मुख्यमंत्री बताया। लिखा है कि मैं अपने इस पद से इस्तीफा देता हूं। पढ़ें पूरी खबर…
Dainik Bhaskar SIR पर INDIA ब्लॉक की कल बैठक, अखिलेश नहीं आएंगे:उद्धव ठाकरे ने भी बनाई दूरी, पार्टी बोली- ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन में व्यस्त
दिल्ली में कल विपक्षी दलों के INDIA ब्लॉक की बैठक होगी। इसमें स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। आयोग के भीतर सामने आए मतभेदों के बाद आगे की रणनीति पर भी बात होगी। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव बैठक में शामिल नहीं होंगे। उनकी जगह पार्टी का दूसरा नेता पहुंचेगा। वहीं शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बैठक से दूरी बना ली है। पार्टी के सांसद संजय राउत ने मंगलवार को कहा कि ठाकरे मुंबई में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन की तैयारियों में व्यस्त हैं। लखनऊ में किसानों के सम्मेलन में रहेंगे अखिलेश सपा ने बताया है कि अखिलेश यादव 30 सितंबर को लखनऊ में किसानों के सम्मेलन में शामिल होंगे। पार्टी के मुताबिक, अखिलेश की कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से इस बारे में बात भी हुई है। वहीं कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी कहा कि अखिलेश पहले से तय कार्यक्रम के कारण बैठक में नहीं आ पाएंगे। उन्होंने राज्यसभा चुनाव के नामांकन से जुड़ी व्यस्तता का जिक्र किया था। बैठक में ममता, तेजस्वी यादव समेत कई नेताओं के पहुंचने की उम्मीद INDIA ब्लॉक की बैठक में कांग्रेस की तरफ से पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी शामिल हो सकते हैं। तृणमूल कांग्रेस चीफ ममता बनर्जी और सांसद अभिषेक बनर्जी के भी आने की उम्मीद है। इसके अलावा राजद की तरफ से तेजस्वी यादव, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और सीपीआई (एम) के महासचिव एमए बेबी के बैठक में शामिल होने की जानकारी सामने आई है। संसद में CEC के खिलाफ प्रस्ताव लाने पर चर्चा संभव बैठक में SIR को लेकर चुनाव आयोग के भीतर सामने आए मतभेदों पर चर्चा होगी। इसके साथ ही CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर आगे की रणनीति पर भी बात हो सकती है। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, बैठक में संसद में उनके खिलाफ प्रस्ताव लाने और विपक्षी दलों की संयुक्त कार्रवाई पर भी चर्चा हो सकती है। करीब साढ़े तीन महीने बाद हो रही विपक्षी दलों की बैठक INDIA ब्लॉक की बैठक करीब साढ़े तीन महीने बाद होने वाली है। इससे पहले 8 जून को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में विपक्षी दलों की बैठक हुई थी। बैठक में 23 दल शामिल हुए थे। इसमें कांग्रेस से मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और सोनिया गांधी के अलावा ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, उद्धव ठाकरे, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती जैसे बड़े नेता पहुंचे थे। हालांकि, तमिलनाडु की डीएमके और आम आदमी पार्टी की तरफ बैठक में कोई शामिल नहीं हुआ था। डीएमके का कांग्रेस के साथ तमिलनाडु में गठबंधन टूटने के बाद मतभेद था, जबकि आप ने बैठक से दूरी बनाई थी। सीपीआई (एम) ने भी अपने महासचिव एमए बेबी की जगह राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास को भेजा था। -------------------------------- यह खबर भी पढ़ें… SIR में स्थानीय अफसरों की शक्तियां बढ़ाने की मांग, महाराष्ट्र CEO का आयोग को लेटर, ECINet में बदलाव की मांग; दो चुनाव आयुक्त भी जता चुके आपत्ति महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकलिंगम ने चुनाव आयोग को लेटर लिखा है। इसमें वोटर लिस्ट से जुड़े ECINet सॉफ्टवेयर में 4 बदलाव की मांग की गई है। चोकलिंगम ने कहा है कि स्थानीय अधिकारियों को कानून के मुताबिक फैसला लेने का अधिकार मिलना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar खड़गे बोले- मुख्य चुनाव आयुक्त सरकार की कठपुतली, उन्हें हटाएं:वोटर्स के नाम हटाने की साजिश रची; कांग्रेस की SIR पर बैठक
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार मोदी सरकार की कठपुतली बन गए हैं। साजिश के तहत वोटर लिस्ट से नाम हटाए जा रहे हैं। उन्हें पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है इसलिए तुरंत हटाया जाना चाहिए। कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में खड़गे ने कहा कि पूरा देश अब जानता है कि CEC का उद्देश्य भाजपा को लाभ पहुंचाना है। कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग में कथित मतभेदों और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर बैठक की। इसमें फैसला किया गया कि कांग्रेस वोटर लिस्ट और चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी के मुद्दों को संसद में उठाएगी और प्रदर्शन करेगी। खड़गे बोले- CEC ने दबाव में काम किया MNS-शिवसेना (UBT) का 4 अक्टूबर को मुंबई में प्रदर्शन महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) चीफ राज ठाकरे ने मंगलवार को मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि MNS और शिवसेना (UBT) 4 अक्टूबर को चुनाव आयोग के खिलाफ मुंबई में प्रदर्शन करेंगी।
Dainik Bhaskar राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन चुनाव- वोटिंग हो रही, रिजल्ट पर रोक:सुप्रीम कोर्ट बोला-लिफाफे में बंद रहेगा परिणाम; मैदान में मंत्री, सांसद और MLA के बेटे
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के करीब चार साल बाद चुनाव हो रहे हैं। वोटिंग हो रही है, लेकिन रिजल्ट अभी जारी नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट ने RCA चुनाव पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से मामले की जल्द सुनवाई करके आदेश जारी करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा- हाईकोर्ट जब तक सुनवाई पूरी करके फैसला नहीं सुना देता, तब तक चुनाव परिणाम जारी करने पर रोक रहेगी। रिजल्ट सीलबंद लिफाफे में रहेगा। दरअसल, RCA की एडहॉक कमेटी के पूर्व कन्वीनर व बीजेपी नेता दीनदयाल कुमावत और मेघा गौड़ ने चुनाव पर रोक लगाने की याचिका लगाई थी। दीनदयाल कुमावत ने अध्यक्ष पद से नामांकन पत्र वापस ले लिया था। RCA में अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष, उपाध्यक्ष, संयुक्त सचिव और कार्यकारी सदस्य चुने जाने हैं। अध्यक्ष पद के लिए चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे धनंजय सिंह और दौसा जिला क्रिकेट संघ के सचिव बृजकिशोर उपाध्याय आमने-सामने हैं। छह पदों पर कुल 11 प्रत्याशी हैं। राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी के बेटे आशीष तिवाड़ी और भाजपा विधायक जसवंत यादव के बेटे मोहित यादव की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। मोहित यादव उपाध्यक्ष और सचिव दोनों पद पर उम्मीदवार हैं। कार्यकारी सदस्य पद पर निर्विरोध निर्वाचन तय वोटिंग से पहले RCA की एनुअल जनरल बॉडी (AGM) की बैठक हुई। धनंजय गुट के धर्मवीर सिंह शेखावत ने वोटिंग से पहले कार्यकारी सदस्य पद से नाम वापस ले लिया। उन्होंने AGM की बैठक में सभी जिलों के सचिव के सामने कहा- मेरा नामांकन गलती से रह गया था। मैं अब इस चुनावी मुकाबले में शामिल नहीं हूं। ऐसे में अब बृजकिशोर गुट के अरिष्ट सिंघवी का कार्यकारी सदस्य के पद पर निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है। आरसीए में दिसंबर 2022 में पूर्व सीएम अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत निर्विरोध अध्यक्ष बने थे। इसके बाद फरवरी 2024 में इस्तीफा दिया था। 2 पूर्व क्रिकेटर सहित कुल 38 वोटर चुनाव अधिकारी की ओर से जारी अंतिम मतदाता सूची में कुल 38 लोगों को वोटिंग का अधिकार दिया गया है। इनमें 34 जिला क्रिकेट संघों के सचिव हैं। इनके अलावा जयपुर एडहॉक कमेटी के कन्वीनर राजेश कुमार तांबी और नागौर के कन्वीनर राजेश बिश्नोई हैं। पूर्व इंटरनेशनल क्रिकेटर गगन खोड़ा और पंकज सिंह को भी वोटिंग के राइट्स हैं। RCA चुनाव से जुड़ी PHOTOS… … पल-पल के अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
Dainik Bhaskar देश में 20 हजार करोड़ के ट्रैफिक चालान बकाया:सुप्रीम कोर्ट का सुझाव- बिजली बिल में जोड़कर वसूली करें, भुगतान नहीं तो कनेक्शन काटें
देश में ट्रैफिक ई-चालान की कमजोर वसूली पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि सिर्फ चालान जारी करना काफी नहीं, जुर्माना वसूलना भी जरूरी है। बकाया चालान बिजली बिल में जोड़ने का तरीका निकालें। बिजली बिल नहीं चुकाया तो कनेक्शन कटेगा। कोर्ट को बताया गया कि राज्यों-केंद्रशासित प्रदेशों में करीब ₹45 हजार करोड़ के ई-चालान हुए, इनमें ₹25 हजार करोड़ वसूले गए हैं जबकि ₹20 हजार करोड़ के चालान बकाया हैं। जस्टिस जेबी पारदीवाला और केवी विश्वनाथन की बेंच ने कहा कि बकाया चालान वाले वाहन को परिवहन पोर्टल पर ब्लैकलिस्ट करने की व्यवस्था पर विचार हो। भुगतान तक आरसी नवीनीकरण, डुप्लीकेट आरसी और वाहन का मालिकाना हक ट्रांसफर रोका जा सकता है। कोर्ट ने कहा- फिटनेस सर्टिफिकेट भी नहीं दिए जाएं कोर्ट ने कहा कि फिटनेस और प्रदूषण प्रमाणपत्र भी न दिए जाएं। ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण रोकने या मौजूदा लाइसेंस निलंबित करने पर भी विचार हो। मामला 2012 से चल रही एस. राजशेखरन सड़क सुरक्षा जनहित याचिका में ई-चालान व्यवस्था और वसूली से जुड़ा है। अमेरिका में बैंक खाते से वसूली; दुबई में लाइसेंस रिन्यू नहीं ---------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… सोशल मीडिया अकाउंट बनाने के लिए 18 की उम्र जरूरी, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से नियम बनाने को कहा सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 18 साल से कम उम्र के बच्चों के अकाउंट को लेकर कानून बनाने पर विचार करने को कहा। कोर्ट ने कहा कि नाबालिगों से जुड़े भारतीय कानूनों का पालन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को करना होगा। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar SIR में स्थानीय अफसरों की शक्तियां बढ़ाने की मांग:ECINet को लेकर महाराष्ट्र CEO का चुनाव आयोग को लेटर; दो चुनाव आयुक्त भी जता चुके आपत्ति
महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकलिंगम ने SIR के बीच चुनाव आयोग को लेटर लिखकर ECINet सॉफ्टवेयर में 4 बदलाव की मांग की है। उनका कहना है कि मतदाता सूची का काम देखने वाले इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर यानी ERO को कानून के तहत जो अधिकार मिले हैं, उन्हें सॉफ्टवेयर में भी इस्तेमाल करने की सुविधा होनी चाहिए। चोकलिंगम ने 24 सितंबर को आयोग यह लेटर भेजा, जिसकी जानकारी अब सामने आई है। उन्होंने आयोग से कहा है कि जिन मतदाताओं के रिकॉर्ड में ‘तार्किक गड़बड़ी’ मिले, उनमें ERO खुद तय कर सकें कि किसे सुनवाई के लिए बुलाना है, कौन से दस्तावेज लेने हैं और किन मामलों को बिना सुनवाई के निपटाया जा सकता है। यह मांग ऐसे समय आई है, जब चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी भी ECINet में ERO के अधिकार सीमित होने पर सवाल उठा चुके हैं। संधू ने कहा था कि मतदाता सूची से जुड़े फैसले ERO, जिला निर्वाचन अधिकारी और मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, लेकिन सॉफ्टवेयर का कंट्रोल दिल्ली में होने से इन अधिकारियों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। चुनाव आयोग से महाराष्ट्र के CEO की 4 मांगें- 1. सुनवाई से छूट का विकल्प चोकलिंगम ने मांग की कि अगर मतदाता ने पर्याप्त और सही दस्तावेज जमा कर दिए हैं, तो ईआरओ को यह तय करने की सुविधा मिले कि उसे व्यक्तिगत सुनवाई के लिए बुलाना जरूरी है या नहीं। अभी सॉफ्टवेयर में ऐसा फैसला लेने का विकल्प सीमित था। 2. दूसरे दस्तावेज स्वीकार करने की सुविधा ERO को आयोग की तय सूची के अलावा अन्य या उसके बराबर के वैध दस्तावेज स्वीकार करने का विकल्प देने की मांग की गई। CEO ने कहा कि दस्तावेजों की सूची को अंतिम न मानकर जरूरत के हिसाब से दूसरे दस्तावेज लेने की सुविधा होनी चाहिए। 3. ‘तार्किक गड़बड़ी’ वाले मामलों में फैसला मांग है कि ऐसे मामलों में ERO को खुद तय करने की सुविधा मिले कि उपलब्ध जानकारी और दस्तावेजों के आधार पर मामला साफ है या आगे सुनवाई की जरूरत है। 4. सॉफ्टवेयर में ईआरओ के कानूनी अधिकार लागू हों CEO का कहना है कि ECINet की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिससे कानून के तहत ERO को मिले अधिकार सॉफ्टवेयर के विकल्पों के कारण सीमित न हों। क्या है ‘तार्किक गड़बड़ी’ SIR में मौजूदा मतदाता सूची की जानकारी का पिछली SIR की सूची से मिलान किया जाता है। इसमें नाम या सरनेम में अंतर, माता-पिता की जानकारी में बदलाव या उम्र से जुड़ी गड़बड़ी मिलने पर रिकॉर्ड को ‘तार्किक गड़बड़ी’ के तौर पर चिन्हित किया जा सकता है। इसका मतलब यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति मतदाता नहीं है। आयोग ने अब क्या बदलाव किया चुनाव आयोग ने 27 सितंबर को नोटिस पाने वाले ऐसे मतदाताओं के लिए प्रक्रिया आसान की। अब बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर जाकर दस्तावेज ले सकते हैं और उन्हें ECINet पर अपलोड कर सकते हैं। ऐसे मतदाताओं को सामान्य तौर पर ERO या AERO के कार्यालय में सुनवाई के लिए बुलाने की जरूरत नहीं होगी। सुनवाई केवल विशेष परिस्थितियों में ERO के फैसले के आधार पर होगी और संभव हो तो ऑनलाइन की जाएगी। जरूरत पड़ने पर मतदाता अपनी जगह किसी वयस्क परिवार के सदस्य को भी सुनवाई में भेज सकता है। ECINet की समीक्षा के लिए समिति बनेगी चुनाव आयोग ने ECINet की समीक्षा के लिए एक समिति बनाने का भी फैसला किया है। इसकी अध्यक्षता वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त करेंगे और इसमें आईआईटी या आईआईआईटी के एक स्वतंत्र विशेषज्ञ को शामिल किया जाएगा। समिति यह देखेगी कि ECINet संबंधित कानूनों और नियमों के मुताबिक काम कर रहा है या नहीं। महाराष्ट्र की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में क्या हुआ महाराष्ट्र की 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में पहले की सूची के मुकाबले 21.1% मतदाता कम थे। हालांकि, चुनाव आयोग के मुताबिक ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं होना अंतिम रूप से नाम हटना नहीं है। ऐसे मतदाता दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। महाराष्ट्र में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा अब 12 अक्टूबर तक बढ़ाई गई है और उनके निपटारे की समयसीमा 10 नवंबर तक है।
Dainik Bhaskar यूके में सस्टेनेबिलिटी के प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस बने अनंत अंबानी:छात्रों को ग्रीन एनर्जी पढ़ाएंगे; 2035 तक नेट कार्बन जीरो का रोडमैप तैयार कर रहे
यूनाइटेड किंगडम की न्यूकैसल यूनिवर्सिटी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी को सस्टेनेबिलिटी का प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस नियुक्त किया है। यह नियुक्ति औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन, ग्रीन एनर्जी और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में उनके काम को देखते हुए की गई है। वे छात्रों को ग्रीन एनर्जी के बारे में पढ़ाएंगे। अनंत रिलायंस इंडस्ट्रीज में ऊर्जा परिवर्तन से जुड़े काम देख रहे हैं। वे कंपनी को 2035 तक नेट कार्बन जीरो बनाने के रोडमैप पर काम कर रहे हैं। प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस एक ऐसी अकादमिक पदवी है, जो अनुभवी प्रोफेशनल्स और ऑपरेशनल लीडर्स के लिए होती है। पारंपरिक अकादमिक पदों के विपरीत, इसके लिए डॉक्टरेट, पीयर-रिव्यूड प्रकाशन या रिसर्च टेन्योर की जरूरत नहीं होती। भारत में यूजीसी ने प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस की श्रेणी बनाई ऑक्सफोर्ड सैद, वारविक, क्रैनफील्ड और हार्वर्ड जैसी यूनिवर्सिटीज में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस के जरिए कॉरपोरेट लीडर्स और प्रोफेशनल्स को अकादमिक क्षेत्र से जोड़ा गया है। न्यूकैसल यूनिवर्सिटी भी इस पद के जरिए गैर-अकादमिक विशेषज्ञों को मान्यता देती है, जिनके पास काम और तकनीकी क्षेत्र का अनुभव है। भारत में यूजीसी ने 2022 में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस की श्रेणी बनाई थी। इसके तहत इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स और कॉरपोरेट लीडर्स बिना पीएचडी या रिसर्च पेपर के छात्रों को पढ़ा और मार्गदर्शन दे सकते हैं। वंतारा के 650-बेड वाले अस्पताल में कई सुविधाएं जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में अनंत के कामों में जामनगर स्थित 3,500 एकड़ का पारिस्थितिक अभयारण्य और रेस्क्यू फैसिलिटी वंतारा भी शामिल है। यहां हाथियों के लिए विशेष स्वास्थ्य देखभाल और पुनर्वास सुविधाएं उपलब्ध हैं। वंतारा ने शेर, बाघ, तेंदुए, गैंडे और संकटग्रस्त सरीसृपों सहित हजारों जंगली जानवरों का पुनर्वास भी किया है। इसके 650-बेड वाले मल्टी-स्पेशियलिटी वाइल्डलाइफ हॉस्पिटल में कई सुविधाएं उपलब्ध हैं। रिलायंस के ग्रीन एनर्जी मिशन से जुड़े अनंत अनंत गुजरात के जामनगर में 5,000 एकड़ में बन रहे धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स के विकास का भी नेतृत्व कर रहे हैं। इसमें पांच इंटरकनेक्टेड गीगा-फैक्ट्रियां शामिल हैं, जो इंटीग्रेटेड सोलर पीवी मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन हाइड्रोजन और इलेक्ट्रोलाइजर, एडवांस्ड बैटरी स्टोरेज तथा फ्यूल सेल सिस्टम से संबंधित हैं। इंटीग्रेटेड सोलर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम का लक्ष्य 2030 तक 100 गीगावॉट सोलर पावर डिप्लॉयमेंट है, जबकि ग्रीन हाइड्रोजन पहल का लक्ष्य 1 डॉलर प्रति किलो का बेंचमार्क हासिल करना है। सस्टेनेबिलिटी से जुड़े इन प्रयासों में जामनगर में औद्योगिक वनीकरण भी शामिल है, जहां 1 करोड़ से अधिक पेड़ लगाए गए हैं। ------------- ये खबर भी पढ़ें… वनतारा से 13 महीने बाद कोल्हापुर लौटी हथिनी महादेवी:हजारों लोगों ने फूल बरसाकर स्वागत किया; रिलायंस फाउंडेशन के एनिमल सेंटर भेजने पर विरोध किया था हथिनी माधुरी, जिसे कोल्हापुर में महादेवी के नाम से जाना जाता है, करीब 13 महीने बाद गुजरात के वनतारा से महाराष्ट्र के कोल्हापुर लौट आई है। यहां नांदणी गांव स्थित जैन मठ पहुंचने पर शनिवार रात हजारों लोगों ने फूल बरसाकर उसका स्वागत किया। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar तेलंगाना CM बोले- राम अमीरों और शिव गरीबों के भगवान:भाजपा ने राम को चुराया इसलिए कांग्रेस दक्षिण में सफल और उत्तर भारत में पिछड़ी
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने दावा किया कि शिव गरीबों के और राम अमीरों के भगवान हैं। वहीं, भाजपा अमीरों की पार्टी है। सोमवार को दिल्ली में एक सम्मेलन में रेवंत रेड्डी से पूछा गया था कि कांग्रेस दक्षिण में लोकप्रिय है, लेकिन उत्तर, पूर्व और पश्चिम भारत में उतनी मजबूत क्यों नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस दक्षिणी राज्यों में सफल है, लेकिन उत्तर भारत में कमजोर रही है। इसकी वजह भाजपा पर भगवान राम को चुरा लेने का आरोप लगाकर बताई। उन्होंने आरोप लगाया- हम द्रविड़ हैं जबकि उत्तर भारत के लोग आर्य हैं। हम शिव के भक्त हैं और आर्य भगवान राम के भक्त हैं। भाजपा ने राम को चुरा लिया है। यह भावना और आस्था का मामला है। केंद्रीय मंत्री बोले- रेड्डी भगवान को नहीं बांटें रेवंत रेड्डी के बयान पर केंद्रीय राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने कहा कि रेड्डी पहले “मुस्लिम कांग्रेस है, कांग्रेस मुस्लिम है” कह चुके हैं। अब वे भगवान राम और भगवान शिव के बीच राजनीतिक सीमाएं खींच रहे हैं। कुमार ने कहा- तेलंगाना के सीएम के तौर पर रेवंत रेड्डी को बेहतर पता होना चाहिए। तेलंगाना में वेमुलावाड़ा में दक्षिण काशी और भद्राचलम में दक्षिण अयोध्या है। उन्होंने कहा कि रेवंत रेड्डी को भगवान राम और भगवान शिव को उत्तर और दक्षिण में नहीं बांटना चाहिए। पीएम मोदी लोकसभा में वाराणसी का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनके मुताबिक, काशी विश्वनाथ वाराणसी के आध्यात्मिक केंद्र में स्थित है। SIR के खिलाफ आंदोलन करेंगे उन्होंने SIR के खिलाफ देशभर में ‘SIR, गो बैक’ आंदोलन की बात कही। केंद्रीय राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने उनके बयान पर पलटवार किया और कहा कि राम और शिव को उत्तर-दक्षिण में नहीं बांटना चाहिए। रेवंत रेड्डी ने कहा कि देश में SIR के खिलाफ स्वतंत्रता आंदोलन के समय हुए ‘साइमन, गो बैक’ आंदोलन जैसा विरोध होगा। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के नेताओं को इसके लिए एकजुट होना होगा। इनमें ममता बनर्जी, उद्धव ठाकरे और एमके स्टालिन भी शामिल होंगे। रेवंत ने आरोप लगाया कि SIR का मकसद वोटों को हटाना और BJP को फायदा पहुंचाना है। उन्होंने BJP पर हमला करते हुए कहा कि केंद्र के डिफेंस, होम और कॉमर्स जैसे अहम मंत्रालय उत्तर भारत के नेताओं के पास हैं। रेवंत रेड्डी ने अपनी सरकार के शिक्षा क्षेत्र पर फोकस की भी बात की। उन्होंने यंग इंडिया स्किल्स यूनिवर्सिटी का जिक्र किया।
Dainik Bhaskar मेरठ में मस्जिद के बाहर हनुमान चालीसा पाठ का ऐलान:100 पुलिसकर्मी तैनात, PAC बुलाई; पुलिस अनाउंस कर रही- घर के अंदर रहें
मेरठ में हिंदूवादी संगठनों ने मंगलवार को मस्जिद के बाहर हनुमान चालीसा पाठ करने का ऐलान किया है। इसके बाद से पुलिस अलर्ट हो गई है। इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। 5 थानों के करीब 100 से अधिक पुलिसवाले तैनात हैं। PAC भी बुलाई गई है। केसरगंज मस्जिद जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। पुलिस लोगों को ID देखकर ही अंदर जाने दे रही है। लाउडस्पीकर से अनाउंस करके लोगों को घरों में रहने को कह रही है। आसपास की दुकानें बंद करा दी हैं। दरअसल, शहर के सदर थाना क्षेत्र स्थित केसरगंज मंडी में मस्जिद बनी है। मस्जिद कमेटी इसकी ऊपरी मंजिल पर निर्माण करवा रही थी। 10 सितंबर को व्यापारियों ने निर्माण को अवैध बताते हुए विरोध किया। सूचना पर पुलिस पहुंची और काम रुकवा दिया। व्यापारियों ने कहा कि मस्जिद और आसपास के निर्माण की जांच होनी चाहिए। हालांकि, मस्जिद कमेटी ने आरोपों को झूठा करार दिया। कहा- मस्जिद ऐतिहासिक धरोहर है। 13 सितंबर को सांसद अरुण गोविल ने डीएम को चिट्टी लिखकर मामले की जांच की मांग की। 28 सितंबर को गाजियाबाद के हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी और ललित शर्मा की एंट्री हुई। उन्होंने आज हनुमान चालीसा पाठ करने का ऐलान किया। 4 तस्वीरें देखिए… एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने कहा- मस्जिद के बाहर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। गश्त बढ़ा दी गई है। सोशल मीडिया कंटेंट पर नजर रखी जा रही है। किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। पुलिस ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। साथ ही लोगों से कहा गया है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी या अफवाह पर ध्यान न दें और इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। केसरगंज मंडी से जुड़े अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
Dainik Bhaskar दिल्ली की जज का रेप पीड़ित बच्ची को स्पेशल लेटर:लिखा- तुम्हारा बचपन लौटा नहीं सकते, लेकिन साहस याद रखेंगे, दोषी कभी आजाद नहीं होगा
दिल्ली की ट्रायल कोर्ट जज रजनी रंगा ने 10 साल की रेप पीड़ित बच्ची के लिए फैसला सुनाने के बाद एक खास लेटर लिखा। इसमें उन्होंने कहा- हम तुम्हारा बचपन तो नहीं लौटा सकते, लेकिन तुम्हारी हिम्मत याद रखेंगे। जिसने तुम्हें चोट पहुंचाई वह अब कभी जेल से बाहर नहीं आ पाएगा। दिल्ली हाईकोर्ट ने अब इस लेटर को बच्ची या उसके परिवार तक पहुंचाने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने इसे ‘करेज नोट’ यानी साहस का संदेश बताया। नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) को इसे प्रिंट कर दो हफ्ते में बच्ची तक पहुंचाने को कहा गया है। मामला 23 जुलाई 2023 का है। उस समय बच्ची 7 साल की थी। उसके माता-पिता ने सुमित शक्य के खिलाफ रेप की शिकायत की थी। बच्ची उसे अंकल कहती थी। पीड़ित ने कोर्ट से कहा था कि अंकल को तब तक जेल में रखा जाए, जब तक वह बूढ़ा न हो जाए। जज ने बच्ची को क्या लिखा ‘डियर चाइल्ड’ से शुरू हुआ लेटर जज रजनी रंगा ने लेटर की शुरुआत ‘डियर चाइल्ड’ से की। उन्होंने बच्ची के कोर्ट में आने, आरोपी की पहचान करने और सच बताने की हिम्मत की तारीफ की। जज ने लिखा- तुम चुप नहीं रही, बल्कि अपनी मां को पूरी बात बताई। तमने जिस हिम्मत के साथ सच बताया, उससे आरोपी को किसी दूसरे बच्चे को नुकसान पहुंचाने से रोका जा सका। कोर्ट तुम्हारी इस बहादुरी को याद रखेगा। लेटर में ‘अंकल’ का भी जिक्र जज ने लेटर में लिखा- कोर्ट ने तुम्हारी बात सुनी है। दोषी अपनी जिंदगी के बाकी समय तक जेल में रहेगा। वह जेल में ही बूढ़ा होगा और वहीं उसकी जिंदगी खत्म होगी। वह तुम्हें, तुम्हारी छोटी बहन या किसी दूसरे बच्चे को दोबारा नुकसान नहीं पहुंचा सकेगा। ‘अब अपनी जिंदगी जियो’ लेटर के आखिर में जज ने बच्ची से कहा- अब बेटा, अपनी जिंदगी जियो। स्कूल जाओ। दोस्त बनाओ। हंसो। खेलो। सपने देखो। आरोपी को उम्रभर जेल की सजा, बच्ची को ₹10.50 लाख मुआवजा सुमित शक्य को POCSO के तहत 12 साल से कम उम्र की बच्ची के खिलाफ गंभीर यौन अपराध के मामले में प्राकृतिक जीवन के बाकी समय तक कठोर कारावास की सजा मिली है। उस पर ₹1 लाख का जुर्माना भी लगाया गया। आपराधिक धमकी के मामले में उसे 5 साल की कठोर कैद और ₹20 हजार जुर्माने की सजा सुनाई गई। दोनों सजाएं साथ चलेंगी। ट्रायल कोर्ट ने बच्ची के लिए ₹10.50 लाख मुआवजा तय किया था। हाईकोर्ट ने DLSA सचिव से इसके भुगतान की स्थिति पर रिपोर्ट मांगी है। हाईकोर्ट ने जमानत पर राहत नहीं दी इधर, दिल्ली हाईकोर्ट ने दोषी की सजा पर तत्काल रोक लगाने और जमानत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने मामले में फोरेंसिक रिपोर्ट सहित अन्य सबूतों को ध्यान में रखा। DLSA सचिव से मुआवजे के भुगतान की स्थिति पर रिपोर्ट भी मांगी गई है। मामले की अगली सुनवाई 4 नवंबर 2026 को होगी, जबकि आरोपी की अपील 20 जनवरी 2027 को सूचीबद्ध है। दिल्ली में हर दिन बच्चों से यौन अपराध के 4 मामले NCRB के मुताबिक, 2024 में दिल्ली में POCSO के 1,553 केस दर्ज हुए। यानी औसतन हर दिन 4 से ज्यादा मामले सामने आए। 2025 की रिपोर्ट अभी जारी नहीं हुई है। ------------------------------------------- यह खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट बोला- दिल्ली-NCR में गैंगरेप निर्भया कांड जैसे:पुलिस से पूछा- इनसे क्या सीखा; अदालत ने रेप की 3 घटनाओं पर खुद नोटिस लिया सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली-NCR में पिछले दिनों नाबालिगों से गैंगरेप के तीन मामलों पर पुलिस से जवाब मांगा है। इनमें ग्रेटर नोएडा-दिल्ली बस, आस्था कुंज पार्क और स्वरूप नगर के मामले शामिल हैं। जस्टिस जेबी पारदीवाला और के. विनोद चंद्रन की बेंच ने कहा कि इन घटनाओं से 2012 के निर्भया कांड की याद आती है और सवाल उठता है कि क्या उस घटना से कोई सबक लिया गया। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar प्रीता, गंगवार, श्रीनिवासन…बिहार का नया DGP कौन?:आनंद मोहन से टकराने वाले कुंदन कृष्णन की राह में 2 पेंच, जानिए RSS की पसंद
DGP विनय कुमार के VRS (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) लेने के बाद बिहार का अगला पुलिस कप्तान कौन होगा? प्रीता वर्मा, बी श्रीनिवासन, जितेंद्र सिंह गंगवार से लेकर तेजतर्रार IPS अफसर कुंदन कृष्णन तक के नाम रेस में हैं। कौन बन सकता है, कौन नहीं?, CM सम्राट की पसंद कुंदन कृष्णन के बनने की राह में क्या रोड़े हैं, जानेंगे; आज बूझे की नाही में…। सवाल-1ः बिहार के अगले DGP की रेस में कौन-कौन IPS अफसर? जवाबः तत्कालीन DGP विनय कुमार 15 सितंबर को 21 दिनों की लंबी छुट्टी पर गए। उस वक्त सरकार ने सीनियरिटी के हिसाब से 1991 बैच की IPS अफसर प्रीता वर्मा को 5 अक्टूबर तक के लिए कार्यवाहक DGP बना दिया। इस बीच विनय कुमार ने 25 सितंबर को VRS ले ली। जिसे सरकार ने 26 सितंबर को मंजूर कर लिया। यानी अब DGP का पद स्थायी तौर पर खाली हो गया है। फिलहाल सीनियरिटी के हिसाब से 3 IPS अफसरों के नाम DGP की रेस में आगे बताए जा रहे हैं। इन सबके अलावा 1994 बैच के IPS अफसर कुंदन कृष्णन का नाम CM सम्राट चौधरी की पसंद के तौर पर चर्चा में है। सवाल-2ः कौन DGP बन सकता है और क्यों? जवाबः सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के मुताबिक, संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) टॉप-3 सीनियर IPS अफसरों की लिस्ट फाइनल करके राज्य सरकार को भेजता है, जिसमें से किसी एक को राज्य सरकार DGP बनाती है। इस हिसाब से लिस्ट में प्रीता वर्मा, बी श्रीनिवासन और जितेंद्र सिंह गंगवार के नाम हो सकते हैं। इनमें से कौन DGP बन सकता है, किसके कितने चॉसेंज हैं, समझिए… प्रीता वर्माः दलित महिला कार्ड, लेकिन कड़क मिजाजी नहीं राजस्थान की रहने वाली 1991 बैच की IPS अफसर प्रीता वर्मा दलित समाज से आती हैं। वह झारखंड की तेजतर्रार IAS अफसर और चीफ सेक्रेटरी रहीं राजबाला वर्मा की बहन हैं। फिलहाल राज्य सरकार ने इन्हें 5 अक्टूबर 2026 तक के लिए कार्यवाहक DGP बनाया है। यह पुलिस सेवा से 30 जून 2028 को रिटायर होंगी। क्यों बन सकती हैं… अंदरखाने चर्चा है कि प्रीता वर्मा को DGP बनाने से सरकार की इमेज में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना बेहद कम है। इसलिए इनकी DGP बनने की दावेदारी कमजोर हो रही है। बी श्रीनिवासनः RSS की पहली पसंद, रेस में आगे उत्तर प्रदेश के रहने वाले 1992 बैच के IPS अफसर भृगु (बी) श्रीनिवासन अभी सेंट्रल डेपुटेशन पर हैं। यह सीनियरिटी लिस्ट में दूसरे नंबर के IPS अफसर हैं। 31 अगस्त 2027 को रिटायर होंगे। क्यों बन सकते हैं… हालांकि, इनका कमजोर पक्ष है कि ये ज्यादा समय तक दिल्ली डेपुटेशन पर ही रहे हैं। राज्य की पुलिसिंग का लंबा अनुभव नहीं है। बिहार की एक लॉबी भी इनके नाम पर सहमत नहीं है। अभी सेंट्रल डेपुटेशन पर हैं। केंद्र सरकार ने रिलीज नहीं किया है। जितेंद्र गंगवारः राज्य की पुलिसिंग का लंबा अनुभव, सरकार से अच्छे संबंध UP के रहने वाले जितेंद्र सिंह गंगवार 1993 बैच के IPS अफसर हैं। कुर्मी समाज से आने वाले गंगवार 31 जुलाई 2027 को रिटायर होंगे। यह सीनियरिटी लिस्ट में तीसरे नंबर के अफसर हैं। क्यों बन सकते हैं… नीतीश कुमार के करीबी अफसर हैं। हालांकि, CM सम्राट चौधरी से भी उनका संबंध बेहतर है। खास बात है कि गंगवार लंबे समय तक फील्ड में राज्य के अलग-अलग इलाकों में काम कर चुके हैं। अंदरखाने चर्चा है कि सरकार एक ऐसा DGP चाहती है, जो पुलिसिंग को बेहतर कर सके। गंगवार के पास राज्य की पुलिसिंग का लंबा अनुभव है। उनके पास झारखंड के गढ़वा, चतरा और पलामू के साथ बिहार के रोहतास, कैमूर, नालंदा, नवादा और जहानाबाद जैसे जिलों में नक्सली गतिविधियों को रोकने का अनुभव है। 2005 में नीतीश सरकार ने जब 1989 के भागलपुर दंगा मामले की जांच दोबारा शुरू कराई, तब इन्हें भागलपुर का SP बनाकर भेजा गया। दंगे के आरोपियों को सजा तक पहुंचाने की प्रक्रिया में उनकी भूमिका अहम रही। नवादा, शेखपुरा और नालंदा में जातीय तनाव व हिंसा के दौरान भी इन्होंने कानून-व्यवस्था संभाली। अशोक महतो और राजो सिंह से जुड़े जातीय तनाव के दौर में भी उन्होंने पुलिसिंग की जिम्मेदारी संभाली और हिंसा पर नियंत्रण पाने में भूमिका निभाई। इस तरह उनके पास नक्सल, दंगे, जातीय संघर्ष रोकने का लंबा अनुभव है। निगरानी, साइबर, EOU में भी काम करने का अनुभव है। यही कारण है कि उनका नाम प्रीता वर्मा से आगे है। उनके बनने की ज्यादा संभावना है। हालांकि, इन्हें भाजपा के मन-मिजाज का अफसर नहीं माना जाता है। सवाल-3ः …तो CM सम्राट की पसंद कुंदन कुष्णन कैसे बनेंगे? जवाबः सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के मुताबिक, 1994 बैच के तेजतर्रार IPS अफसर कुंदन कृष्णन का फिलहाल कम से कम 7 महीने तक DGP बनना मुश्किल है। अगर सरकार को इन्हें DGP बनाना है तो उसे 2 काम करने होंगे। 1. अप्रैल 2027 तक कार्यवाहक DGP से काम चलाए बिहार सरकार को अगले 7-8 महीने यानी अप्रैल-मई 2027 तक कार्यवाहक DGP से ही काम चलाना होगा। तब ही कुंदन कृष्णन के DGP बनने का रास्ता साफ होगा। इसे ऐसे समझिए… तब सरकार के पास सिर्फ एक ही तरीका बचता है कि वह कुंदन कृष्णन के सुप्रीम कोर्ट की क्राइटेरिया पर फीट बैठने का इंतजार करे और तब तक कार्यवाहक DGP से काम चलाए। दरअसल, अप्रैल-मई 2027 में कुंदन कृष्णन DGP बनने के योग्य हो जाएंगे। इसे ऐसे समझिए… फिर सरकार सीनियरिटी में टॉप-3 IPS अफसरों में से कुंदन कृष्णन को DGP बना सकती है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने समय-समय पर कार्यवाहक DGP बनाए जाने पर चिंता जताई है। अदालत लगातार इसको लेकर गाइडलाइन जारी कर रही है। 5 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने UPSC को आदेश दिया था... 2. अक्टूबर में नया DGP बनाएं, वरना आगे की राह भी कठिन होगी अगर सरकार को सुप्रीम कोर्ट में अपनी फजीहत नहीं करानी है तो उसे कार्यवाहक के बजाय स्थायी DGP बनाना होगा। इस हिसाब से फिलहाल कुंदन कृष्णन का DGP बनना मुश्किल है। लेकिन अगर सरकार स्याथी DGP बनाने में देर करेगी तो कुंदन कृष्णन के लिए आगे की राह भी मुश्किल हो जाएगी। इसलिए अगर उनको आगे भी DGP की रेस में बनाए रखना है तो सरकार को अक्टूबर 2026 में ही स्थायी DGP बनाना होगा। इसे ऐसे समझिए… बाहुबली आनंद मोहन से टकराने वाले कुंदन कृष्णन को जानिए… 2006 में IPS अफसर कुंदन कृष्णन और बाहुबली नेता आनंद मोहन के बीच टक्कर हुई थी। तब कुंदन पटना के एसपी सिटी थे। आनंद मोहन की देहरादून में एक मामले को लेकर पेशी थी। उन्हें सहरसा जेल से देहरादून ले जाया गया। लौटते वक्त आनंद मोहन सहरसा जेल न जाकर पटना के एक होटल में रुक गए। कुंदन कृष्णन को पता चला तो वह रेलवे स्टेशन के पास स्थिति उस होटल में गए। यहां उनकी टीम की भिड़ंत आनंद मोहन के समर्थकों से हुई। कुंदन कृष्णन आनंद मोहन को जेल भेजकर माने।
Dainik Bhaskar मुंबई में खराब मौसम से 11 फ्लाइट्स डायवर्ट:बिहार के मोतिहारी में दो बांध टूटे, 70 घर डूबे; यूपी के बदायूं में सड़क बही
मुंबई में मंगलवार को खराब मौसम के कारण हवाई सेवाएं प्रभावित हुईं। मुंबई आने वाली 11 उड़ानों को आसपास के अलग-अलग हवाई अड्डों की ओर डायवर्ट किया गया। डायवर्ट की गई उड़ानों में 5 इंडिगो, 4 एयर इंडिया और 1-1 अकासा एयर तथा एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानें शामिल हैं। स्टर्न डिस्टरबेंस के असर से मंगलवार को राजस्थान के बीकानेर और चूरू में बारिश के साथ ओले गिरे। मौसम बदलने से रात में ठंड बढ़ गई और शेखावाटी में न्यूनतम पारा 20°C से नीचे पहुंच गया। नेपाल में भारी बारिश के चलते बिहार के वाल्मीकिनगर और वीरपुर बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। इसके चलते मंगलवार को मोतिहारी के दो बांध टूट गए। इससे निचले इलाकों में पानी भरने लगा है। 70 से ज्यादा घरों में पानी भर गया है। यूपी के बदायूं में लगातार बारिश के बाद ग्रामीण इलाकों में परेशानी बढ़ गई है। मंगलवार को सुंदरनगर गांव से बहेटा जबीं जाने वाली सड़क का एक हिस्सा पानी के तेज बहाव में बह गया। कानपुर में भी सड़कें डूबी हुई हैं। छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान अर्नब के असर से भारी बारिश हो रही है। मंगलवार को बस्तर की इंद्रावती नदी का जलस्तर 53 साल बाद 12.39 मीटर पहुंच गया। जगदलपुर के निचले इलाके पानी में डूब गए हैं। ड्रोन तस्वीरों में इन इलाकों में पानी भरा दिखाई दे रहा है। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए जिले में 65 राहत शिविर बनाए गए हैं। इनमें 8,894 लोग रह रहे हैं। सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति देशभर से मौसम की तस्वीरें देशभर में मौसम से जुड़े अपडेट्स पढ़ने के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
Dainik Bhaskar बिहार में बगहा-सुपौल के 10 से ज्यादा स्कूल बंद:यूपी में 8 नदियां उफान पर, आंध्र प्रदेश में बाढ़ से 2,405 किमी सड़कें बहीं
नेपाल में हो रही मूसलाधार बारिश से बिहार की नदियां उफान पर हैं, जिससे कई जिले बाढ़ की चपेट में है। बगहा-सुपौल के 10 से ज्यादा स्कूलों में पानी भरने से अगले आदेश तक के लिए स्कूल बंद कर दिए गए हैं। उत्तरप्रदेश में 8 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कई गांवों में पानी भर गया है। नेपाल से पानी छोड़े जाने से गंडक नदी में बाढ़ आ गई है। 2 गांवों के 1,400 परिवार प्रभावित हुए हैं। 600 परिवार घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर चले गए हैं। आंध्र प्रदेश में हाल में हुई भारी बारिश के कारण 2,405 किलोमीटर लंबी सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। मंत्री बीसी जनार्दन रेड्डी ने बताया कि इनकी मरम्मत पर करीब 1,500 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। सबसे ज्यादा 412 किमी सड़कें श्रीकाकुलम जिले में खराब हुई हैं। मध्यप्रदेश में मानसूनी सिस्टम कमजोर होने लगा है। सोमवार को भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत कई जिलों में धूप-छांव वाला मौसम रहा। सोमवार से सिस्टम की एक्टिविटी नहीं होने से कई जिलों में तीखी धूप खिलेगी। छत्तीसगढ़ में मानसून की एक्टिविटी अभी पूरी तरह थमी नहीं हैं। आज भी प्रदेश के कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक मौसम खराब होने के दौरान कुछ जगहों पर तेज हवा भी चल सकती है। सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति देशभर से मौसम की तस्वीरें
Dainik Bhaskar खबर हटके- कलेक्टर से इंद्र देव की शिकायत:पानी के बदले गांव बेचने निकले लोग; AI ने गिटार का चालान काटा
यूपी के हरदोई में एक शख्स ने बारिश से परेशान होकर कलेक्टर से इंद्र देव की शिकायत की। वहीं, महाराष्ट्र के सोलापुर के तुलशी गांव में लोगों ने पानी के बदले गांव बेचने का ऐलान किया है। इधर, बेंगलुरु में AI वाले सीसीटीवी कैमरे ने गिटार को इंसान समझकर चालान काट दिया। जापान के नाइटक्लब में लोग डांस नहीं, बल्कि किताबें पढ़ रहे हैं। वहीं, तमिलनाडु में एक पुलिसकर्मी 40 किलोमीटर तक चलती कार की छत पर लटका रहा। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
Dainik Bhaskar भास्कर अपडेट्स:दिल्ली- चौथी मंजिल से गिरने के बाद महिला की मौत, परिवार ने हत्या का आरोप लगाया
दिल्ली के बुराड़ी इलाके में 40 साल की महिला की एक इमारत की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई। महिला के परिवार ने उसके पति और ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस के मुताबिक, घटना रविवार सुबह संत नगर के चेतन बिहारी मंदिर के पास हुई। महिला की शादी पंकज से करीब 14 साल पहले हुई थी। परिवार का आरोप है कि दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था और पंकज ने अतीत में महिला के साथ कई बार मारपीट की थी। पुणे- नाबालिग से यौन शोषण का आरोपी अरेस्ट पुणे पुलिस ने 12 साल की बच्ची के यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, 22 सितंबर को एक डॉक्टर ने पुलिस को मामले की जानकारी दी। बच्ची अपनी मां के साथ डॉक्टर के पास गई थी। जांच के दौरान डॉक्टर को यौन उत्पीड़न का शक हुआ जिसके बाद पुलिस ने मां-बेटी से पूछताछ की। तब जानकारी सामने आई।
Dainik Bhaskar भास्कर अपडेट्स:दिल्ली- चौथी मंजिल से गिरने के बाद महिला की मौत, परिवार ने हत्या का आरोप लगाया
दिल्ली के बुराड़ी इलाके में 40 साल की महिला की एक इमारत की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई। महिला के परिवार ने उसके पति और ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस के मुताबिक, घटना रविवार सुबह संत नगर के चेतन बिहारी मंदिर के पास हुई। महिला की शादी पंकज से करीब 14 साल पहले हुई थी। परिवार का आरोप है कि दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था और पंकज ने अतीत में महिला के साथ कई बार मारपीट की थी। पुणे- नाबालिग से यौन शोषण का आरोपी अरेस्ट पुणे पुलिस ने 12 साल की बच्ची के यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, 22 सितंबर को एक डॉक्टर ने पुलिस को मामले की जानकारी दी। बच्ची अपनी मां के साथ डॉक्टर के पास गई थी। जांच के दौरान डॉक्टर को यौन उत्पीड़न का शक हुआ जिसके बाद पुलिस ने मां-बेटी से पूछताछ की। तब जानकारी सामने आई।
Dainik Bhaskar सोशल मीडिया अकाउंट बनाने के लिए 18 की उम्र जरूरी:सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से नियम बनाने को कहा; निर्देश- प्लेटफॉर्म्स को भारतीय कानून मानने होंगे
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सरकार से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 18 साल से कम उम्र के बच्चों के अकाउंट को लेकर कानून बनाने पर विचार करने को कहा। कोर्ट ने कहा कि नाबालिगों से जुड़े भारतीय कानूनों का पालन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को करना होगा। नाबालिग 18 साल से कम उम्र के होते हैं और खुद कानूनी अनुबंध नहीं कर सकते। CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन अलायंस (JRCA) की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में सोशल मीडिया और दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों की सुरक्षा की मांग की गई है। कोर्ट बोला- नियम सिर्फ गाइडलाइन तक सीमित न रहें जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने कहा कि यह शर्त सिर्फ गाइडलाइन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से इंटरमीडियरी नियमों के तहत इसे “वैधानिक रूप” देने पर विचार करने को कहा। जस्टिस बागची ने कहा, “प्लेटफॉर्म्स को भारतीय कानूनी जरूरतों के हिसाब से अपनी व्यवस्था बनानी होगी।" तुषार मेहता ने इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट (IT Act) की धारा 79 का भी जिक्र किया। मेहता ने कहा कि पहली नजर में यह मुद्दा डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट, 2023 के दायरे में आता है। मौजूदा कानून में नाबालिगों की तरफ से किए समझौते शून्य JRCA की ओर से पेश वरिष्ठ वकील एचएस फूलका ने कहा कि डेटा प्रोटेक्शन कानून के संबंधित प्रावधान 2027 में लागू होंगे। उन्होंने दलील दी कि नए कानून का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। मौजूदा कानून के तहत नाबालिगों की ओर से किए गए समझौते शून्य होते हैं। सॉलिसिटर जनरल ने सुझाव दिया कि माता-पिता की सहमति के आधार पर रेगुलेटरी व्यवस्था बनाई जा सकती है। इसमें अनुबंध माता-पिता और प्लेटफॉर्म के बीच किया जा सकता है। विदेश में रजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म्स पर भी भारतीय कानून लागू सुनवाई के दौरान बेंच ने यह भी कहा कि भारत में काम करने वाले कई डिजिटल इंटरमीडियरीज विदेशों में रेगुलेटेड या रजिस्टर्ड हैं। इनमें अमेरिका की कंपनियां भी शामिल हैं। कोर्ट ने कहा कि भारत में काम करने के दौरान इन प्लेटफॉर्म्स को भारतीय कानूनों का पालन करना होगा। केंद्र IT Act की धारा 79 के तहत इंटरमीडियरीज को नाबालिगों से जुड़े कानूनों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दे सकता है। याचिका में बच्चों को ऑनलाइन खतरों का जिक्र याचिका में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स से बच्चों को होने वाले कई खतरों का जिक्र किया गया है। इनमें ग्रूमिंग, यौन शोषण, डिजिटल तस्करी और सेक्सटॉर्शन शामिल हैं। याचिका में व्यवहार की प्रोफाइलिंग, निजी डेटा के गलत इस्तेमाल और साइबरबुलिंग का खतरा भी बताया गया है। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें… डिजिटल मीडिया के इस्तेमाल पर नेशनल पॉलिसी बनाने की मांग: स्कूलों में स्मार्टफोन बैन हो, 15 साल तक के बच्चे सोशल अकाउंट न बना सकें सेंटर फॉर लीगल एक्शन एंड बिहेवियर चेंज ने एक सर्वे रिपोर्ट के आधार पर बच्चों के डिजिटल मीडिया इस्तेमाल को लेकर देशभर के लिए नीति बनाने की मांग की है। इसमें स्कूलों में स्मार्टफोन पर रोक और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तक उम्र के आधार पर पहुंच की सिफारिश की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म की कानूनी जिम्मेदारी और उन पर जुर्माना तय होना चाहिए। इसकी जिम्मेदारी बच्चे या माता-पिता पर नहीं डाली जानी चाहिए। पढ़ें पूरी खबर…
Dainik Bhaskar राहुल दिल्ली की झुग्गी बस्ती पहुंचे:SDM से पूछा- पूरी बस्ती के वोटर गायब कैसे, सिर्फ एक नाम बचा; SIR में 47 लाख नाम कटे
राहुल गांधी सोमवार को दिल्ली में यमुना किनारे बसी बेला एस्टेट की झुग्गी बस्ती में पहुंचे। राहुल ने X पर इसका वीडियो शेयर किया, जिसमें बताया कि यहां 728 लोग रहते हैं। SIR के बाद वोटर लिस्ट में सिर्फ एक नाम बचा, बाकी 727 नाम काट दिए गए। राहुल ने बताया कि ये लोग दशकों से यहां रह रहे हैं। 2024 के लोकसभा, 2025 के दिल्ली चुनाव में वोट डाल चुके हैं। 2023 में इनके घर तोड़ दिए गए थे, पर ये कहीं नहीं गए, यहीं हैं। राहुल ने इन लोगों के बीच बैठकर ही SDM को फोन लगाया। उन्होंने पूछा कि मकान होने या न होने का वोट के अधिकार से कोई कनेक्शन नहीं है। राहुल ने दावा किया कि खुद CEC ज्ञानेश कुमार कह चुके हैं कि "हाउस नंबर 0" बेघरों के लिए है। फिर भी 727 लोगों का नाम क्यों काट दिया गया। राहुल SDM से बोले- आपको दूसरे तरीके से देखूंगा राहुल ने जब SDM को फोन किया तो अधिकारी कांग्रेस सांसद को जवाब नहीं दे पा रहे थे। इसी बीच राहुल ने कहा कि आप अपना नाम बताइए, मैं आपको दूसरे तरीके से देखूंगा। बेला ईस्ट बस्ती में राहुल की 2 तस्वीरें… दिल्ली SIR के बाद 47 लाख से ज्यादा नाम कटे 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में करीब 97 लाख नाम हैं। इससे पहले दिल्ली में 1.45 करोड़ वोटर थे। मतलब करीब 47.5 लाख नाम लिस्ट में नहीं आए। 33 लाख से ज्यादा वोटरों को उनके एन्यूमरेशन फॉर्म में गड़बड़ियों के कारण नोटिस भेजे गए हैं। इनमें से कई मामलों में डेटा का मिलान 2002 में हुए पिछले SIR के दौरान तैयार वोटर लिस्ट से नहीं हो पाया। दिल्ली की फाइनल वोटर लिस्ट 4 दिसंबर को आएगी दिल्ली चुनाव आयोग ने सोमवार को कहा कि बूथ-लेवल ऑफिसर्स उन वोटर्स के घर जाकर डॉक्यूमेंट्स इकट्ठा करेंगे, जिन्हें वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के तहत की जा रही है। चुनाव आयोग ने 25 सितंबर को दिल्ली में चल रहे SIR के तहत दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समय-सीमा एक महीने बढ़ाकर 30 अक्टूबर कर दी थी, और अब फाइनल वोटर लिस्ट 4 दिसंबर को जारी की जाएगी। SIR में नाम नहीं, तो आवेदन कर सकेंगे चुनाव आयोग ने 26 सितंबर की मीटिंग के बाद कहा है कि SIR में जिन लोगों के नाम छूट गए हैं, वे लगातार वोटर लिस्ट अपडेट करने की प्रक्रिया के तहत संबंधित ERO के पास नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसमें युवा और पहली बार वोट देने वाले लोग भी शामिल हैं। आयोग ने CEO, DEO और ERO को ऐसे लोगों के नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। SIR के दौरान अब तक 30 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 13.37 करोड़ नाम कम हुए हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक देश में कुल 96.88 करोड़ से ज्यादा मतदाता हैं, यानी करीब 14.1% वोटर्स के नाम SIR में काटे गए। 10 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में पूरा हुआ SIR SIR के पहले और दूसरे फेज में 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हो चुके हैं। SIR के बाद बिहार, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी और असम विधानसभा चुनाव में भाजपा जीती है। केरल में कांग्रेस गठबंधन और तमिलनाडु में TVK ने जीत हासिल की है। असम में स्पेशल रिवीजन (SR) हुआ। यहां भी भाजपा सरकार की वापसी हुई। तीसरा फेज: दिल्ली, महाराष्ट्र समेत 16 राज्यों में SIR चुनाव आयोग ने 14 मई को हरियाणा, झारखंड, उत्तराखंड, दिल्ली और महाराष्ट्र समेत 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) की घोषणा की थी। यह SIR का तीसरा फेज है। पूरी प्रक्रिया 30 मई से 23 दिसंबर तक चलेगी। इस दौरान 36.73 करोड़ वोटरों का वेरिफिकेशन हो रहा है। जिन राज्यों में SIR होगा, उनमें पंजाब, उत्तराखंड और मणिपुर में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं। अन्य 13 राज्यों में 2028 और 2029 में चुनाव होंगे। ------------------- ये खबर भी पढ़ें… CJI को पूर्व नेवी चीफ-अफसरों समेत 2000 लोगों की चिट्ठी: कहा- SIR की वैधता और प्रक्रिया के रिव्यू होने तक इस पर रोक लगाई जाए देश के 2 हजार से ज्यादा नागरिकों ने भारत के चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत को लेटर लिखकर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR पर रोक लगाने की मांग की है। साथ ही निर्वाचन आयोग की भूमिका पर स्वत: संज्ञान लेकर कार्यवाही शुरू करने की अपील की है। पढ़ें पूरी खबर…
Dainik Bhaskar सुप्रीम कोर्ट बोला-मीडिया यौन अपराधों की रिपोर्टिंग पर संयम रखे:पीड़ित की पहचान उजागर न करें, सनसनीखेज खबर से परिवार सदमें में जा सकता है
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को यौन अपराधों की रिपोर्टिंग को लेकर मीडिया को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता बरतने की सलाह दी। जस्टिस जेबी पारदीवाला और के विनोद चंद्रन की बेंच ने कहा कि सनसनीखेज हेडलाइन, यौन हिंसा का ग्राफिक या भड़काऊ जानकारी जनहित में नहीं है। इससे पीड़ितों और उनके परिवारों को गंभीर मानसिक आघात पहुंच सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी गैंगरेप से जुड़े तीन मामलों की सुनवाई के दौरान की। अदालत ने इन मामलों पर खुद नोटिस लिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया संगठनों को POCSO एक्ट की धारा 23 के तहत भी यौन हमले की पीड़ित या नाबालिग बच्चे की पहचान बताने पर रोक है। पिछले 2 महीनों की इन 3 घटनाओं पर सुनवाई 4 अगस्त को नोएड से दिल्ली जा रही बस में नाबालिग छात्रा से गैंगरेप हुआ था। 4 अगस्त: दिल्ली में 16 साल की नाबालिग से चलती बस में गैंगरेप। पीड़ित ग्रेटर नोएडा के परी चौक से बस में बैठी। आरोपियों ने उसे कश्मीरी गेट पर छोड़ा। इस दौरान बस करीब 47 किमी दौड़ती रही। बस के शीशों पर पर्दे लगे थे। 12 सितंबर: स्वरूप नगर में 16 साल की नाबालिग से गैंगरेप-हत्या। अगले दिन खेत के पास खुले मैदान में शव मिला। चार आरोपी गिरफ्तार हुए, जिनमें तीन नाबालिग हैं। 21 सितंबर: दिल्ली के कालकाजी मंदिर के पास आस्था कुंज पार्क में 17 साल की नाबालिग अपने दोस्त के साथ बैठी थी। तीन युवकों ने फर्जी पुलिस वाले बनकर छात्रा से रेप किया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। कलेक्टर मीडिया संस्थानों के साथ बैठक करें सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि जिला प्रशासन को मीडिया संस्थानों के साथ तुरंत बैठक करनी चाहिए। अखबारों में एक अलग कॉलम और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में अलग समय तय किया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसे भरोसा है कि प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया इस जिम्मेदारी को निभाएगा। मीडिया संस्थान ऐसे नंबरों के लिए बिना शुल्क यानी प्रो बोनो अलग कॉलम या समय उपलब्ध कराएंगे।
Dainik Bhaskar महाराष्ट्र के सोलापुर में तुलशी गांव बेचने का बोर्ड लगा:कीमत सिर्फ पानी, 350 लड़कों की शादी नहीं हो रही; राज्य की 265 तहसीलें सूखा घोषित
महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के तुलशी गांव में पानी की कमी से परेशान लोग गांव बेचने जा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने एक बोर्ड भी लगाया है। हालांकि गांव की कीमत सिर्फ पानी रखी गई है। बोर्ड में यह भी लिखा है कि आखिर अन्याय कब तक सहन करें। माढा तहसील के तुलशी गांव की आबादी करीब 7 हजार है। अधूरे सीना-माढा लिफ्ट सिंचाई प्रोजेक्ट के कारण गांव कई साल से टैंकरों पर निर्भर है। ग्रामीणों का दावा है कि गांव के पास से नहरें गुजरती हैं। इसके बावजूद उन्हें पानी नहीं मिल रहा है। गांव में इस साल बारिश कम होने से संकट और बढ़ गया है। दरअसल, राज्य सरकार ने 26 सितंबर को राज्य की 358 में से 265 तालुकों में सूखा घोषित किया है। साथ ही राहत पैकेज की घोषणा भी की है। 26 साल से अधूरा खुदाई का काम तुलशी के सरपंच शरद मोरे ने कहा, “गांव में हर साल पानी की कमी रहती है। “गांव बिक्री के लिए, कीमत-पानी” का बोर्ड लगाकर सरकार का ध्यान समस्या की ओर खींचने की कोशिश की गई है। मोरे ने पहले बताया था कि सीना-माढा योजना के 7वें और 8वें आउटलेट के पास करीब 800 मीटर खुदाई का काम 26 साल से अधूरा है। यह काम पूरा होने पर तुलशी की पानी की समस्या हमेशा के लिए दूर हो सकती है। प्रदर्शन के बाद आंदोलन तेज करने की चेतावनी ग्रामीणों ने पानी की मांग को लेकर 14 सितंबर को भूख हड़ताल शुरू की थी। इसके बाद उन्होंने माढा तहसील कार्यालय के बाहर थाली-नाद यानी बर्तन बजाकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दी है। पानी मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। जल जीवन मिशन भी बेअसर, 14 कुएं-तालाब सूखे ग्रामीणों ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत काम कराया गया है। लेकिन स्थानीय जलस्रोत सूख जाने से यह योजना काम की नहीं रही। तुलशी में 14 तालाब और कुएं पूरी तरह सूख चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इन्हें भरने से पीने और सिंचाई के पानी की कमी काफी कम हो सकती है। तुलशी के ज्यादातर लोग खेती और पशुपालन से जुड़े हैं। पानी के संकट ने उनकी आजीविका पर बुरा असर डाला है। जल संकट का असर लोगों की निजी जिंदगी पर भी पड़ा है। गांव के करीब 350 युवकों की शादी नहीं हो पा रही है। मोरे ने दावा किया कि कोई भी परिवार उन्हें अपनी बेटियां देने को तैयार नहीं है। योजनाओं की घोषणाओं के बावजूद समाधान नहीं ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने प्रशासन को कई बार ज्ञापन दिए और प्रदर्शन किए। इसके बावजूद पानी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। 2024 में कृष्णा वैली डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने तुलशी और आसपास के सूखाग्रस्त गांवों को सीना-माढा लिफ्ट इरिगेशन योजना से पानी देने की मंजूरी दी थी। इन गांवों में बावी, परितेवाड़ी, कुर्डू, पिंपलखुंटे, अंबाड और अंजनगांव भी शामिल हैं। योजना के लिए तीसरी संशोधित प्रशासनिक मंजूरी जमा करने के निर्देश भी जारी किए गए थे। बंद पाइपलाइन से पानी पहुंचाने की योजना इस साल जनवरी में तुलशी के भवानी परकोलेशन टैंक तक सीना-माढा योजना से बंद पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाने के लिए 2025-26 में 90 लाख रुपए मंजूर किए जाने की घोषणा हुई थी। घोषणा के मुताबिक, इस काम से गांव की पीने और सिंचाई के पानी की जरूरत पूरी करने में मदद मिलती। मोरे ने कहा कि उन्हें DPDC से बंद पाइपलाइन के लिए कुछ राशि मंजूर होने की जानकारी मिली है। हालांकि, अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
Dainik Bhaskar सोलापुर में तुलशी गांव बेचने का बोर्ड लगा:जलसंकट के कारण 350 लड़कों की शादी नहीं हो रही; महाराष्ट्र की 265 तहसीलें सूखा घोषित
महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के तुलशी गांव में पानी की कमी से परेशान लोग गांव बेचने जा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने एक बोर्ड भी लगाया है। हालांकि गांव की कीमत सिर्फ पानी रखी गई है। बोर्ड में यह भी लिखा है कि आखिर अन्याय कब तक सहन करें। माढा तहसील के इस गांव की 7000 आबादी कई सालों से पानी की समस्या से जूझ रही है। गांव के खेत और कुएं सूख चुके हैं। लोगों को पानी के टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। गांव के सरपंच ने यह भी दावा किया है कि जल संकट के कारण गांव के करीब 350 युवकों की शादी नहीं हो पा रही है। राज्य सरकार ने 26 सितंबर को राज्य की 358 में से 265 तालुकों में सूखा घोषित किया है। साथ ही राहत पैकेज की घोषणा भी की है। 26 साल से अधूरा खुदाई का काम तुलशी के सरपंच शरद मोरे ने कहा, “गांव में हर साल पानी की कमी रहती है। “गांव बिक्री के लिए, कीमत-पानी” का बोर्ड लगाकर सरकार का ध्यान समस्या की ओर खींचने की कोशिश की गई है। मोरे ने पहले बताया था कि सीना-माढा योजना के 7वें और 8वें आउटलेट के पास करीब 800 मीटर खुदाई का काम 26 साल से अधूरा है। यह काम पूरा होने पर तुलशी की पानी की समस्या हमेशा के लिए दूर हो सकती है। पानी पहुंचाने के लिए मंजूर हुए थे 90 लाख रुपए 2024 में कृष्णा घाटी विकास निगम ने तुलशी समेत सूखाग्रस्त गांवों में सीना-माढा योजना से पानी पहुंचाने की मंजूरी दी थी। इस साल जनवरी में तुलशी के भवानी परकोलेशन टैंक तक बंद पाइपलाइन से पानी पहुंचाने के लिए 2025-26 में 90 लाख रुपए मंजूर किए जाने की घोषणा भी हुई थी। इससे गांव की पेयजल और सिंचाई की समस्या दूर होने की उम्मीद थी। हालांकि मोरे का कहना है कि उन्हें डीपीडीसी से बंद पाइपलाइन के लिए कुछ राशि मंजूर होने की जानकारी मिली है, लेकिन जमीन पर अभी तक ठोस काम शुरू नहीं हुआ है। जल जीवन मिशन भी बेअसर, 14 कुएं-तालाब सूखे ग्रामीणों ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत काम कराया गया है। लेकिन स्थानीय जलस्रोत सूख जाने से यह योजना काम की नहीं रही। तुलशी में 14 तालाब और कुएं पूरी तरह सूख चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इन्हें भरने से पीने और सिंचाई के पानी की कमी काफी कम हो सकती है। तुलशी के ज्यादातर लोग खेती और पशुपालन से जुड़े हैं। पानी के संकट ने उनकी आजीविका पर बुरा असर डाला है। जल संकट का असर लोगों की निजी जिंदगी पर भी पड़ा है। गांव के करीब 350 युवकों की शादी नहीं हो पा रही, कोई भी परिवार बेटियां देने को तैयार नहीं है।
Dainik Bhaskar तीन भारतीयों का इथियोपिया में अपहरण:डंकी रूट से अमेरिका जा रहे थे, ₹1 करोड़ की फिरौती देने के बाद भी 3 दिन से लापता
गैरकानूनी तरीके से अमेरिका जा रहे तीन भारतीयों का इथियोपिया में किडनैप कर लिया गया है। तीनों गुजरात के रहने वाले हैं। इनमें दो लड़कियां और एक युवक शामिल है। तीनों 20 सितंबर को गुजरात से रवाना हुए थे। इसी बीच इथियोपिया पहुंचते ही तीनों का अपहरण कर लिया गया। अपहरणकर्ताओं ने तीनों की रिहाई के बदले में इनके परिवार से एक करोड़ रुपए की फिरौती मांगी थी। तीनों के परिवार वालों ने फिरौती की रकम दे दी है, लेकिन इसके बाद भी तीनों से परिवार का संपर्क नहीं हो पा रहा है। एक युवक के लौटने पर पूरी घटना सामने आई यह पूरा मामला तब सामने आया, जब इनके साथ गया एक अन्य युवक फिरौती की रकम देकर लौट आया। यह युवक भी अन्य तीनों के साथ ही गुजरात से रवाना हुआ था। इथियोपिया पहुंचते ही चारों को अज्ञात जगह कैद कर लिया गया था। इस युवक के परिवार से भी 70 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई थी। युवक के परिवार ने फिरौती की रकम चुका दी थी, जिसके बाद अपहरणकर्ताओं ने उसे रिहा कर दिया और वह गुजरात लौट गया। गुजरात लौटने के बाद उसने इस पूरी घटना के बारे में बताया। युवक ने बताया कि वे चारों ही गुजरात के महेसाणा शहर के रहने वाले हैं। उसके साथ ऋत्विक शैलेशभाई (23 वर्ष) ममता चिरागभाई चावड़ा (30 वर्ष) और एक अन्य लड़की भी अमेरिका के लिए रवाना हुए थे। महेसाणा के अल्पेश पटेल नाम के एक एजेंट ने चारों को डंकी रूट से भेजने का इंतजाम किया था। महेसाणा पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, ऋत्विक, ममता और एक अन्य लड़की के परिवार ने भी अपहरणकर्ताओं को फिरौती की 1 करोड़ रुपए रकम चुका दी है। हालांकि, पैसे देने के बाद पिछले तीन दिनों से उनका कोई पता नहीं चल सका है। तीनों के मोबाइल भी स्विच ऑफ हैं। इसलिए परिवार ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। एजेंट अल्पेश पटेल को पुलिस ने हिरासत में लिया है। अल्पेश ने पुलिस को बताया कि उसने यह काम वडोदरा के एक अन्य एजेंट को सौंपा था, लेकिन अब वह भी गायब है। दो देशों की यात्रा करने के बाद इथियोपिया पहुंचे थे अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छूटकर गुजरात लौटे युवक ने पुलिस को बताया कि वे चारों 20 सितंबर को गुजरात से जयपुर पहुंचे थे। यहां से एतिहाद एयरलाइंस की फ्लाइट से अबू धाबी पहुंचे थे। उसी दिन वे अबू धाबी से इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा पहुंचे थे। चारों को अदीस अबाबा में स्वाजीलैंड स्ट्रीट के जीएसएफ गेस्ट हाउस में ठहराया गया था। यहां उनकी बुकिंग 20 से 29 सितंबर तक थी। उन्होंने इथियोपिया का ई-वीजा लिया था, जो 19 सितंबर से 19 अक्टूबर तक यानी एक महीने के लिए वैध था। 22 सितंबर को ही एजेंट्स चारों का अपहरण कर लिया था। चारों को शहर के दूर किसी अज्ञात जगह ले जाया गया था। परिवार ने भारत सरकार से तीनों की सुरक्षित वापसी की गुहार लगाई है। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका में गुजराती महिला की हत्या:लूट के लिए स्टोर में घुसे नकाबपोश ने मारी गोली अमेरिका के वर्जीनिया में एक गुजराती मूल की महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक मेघना पटेल (47) एक स्टोर में काम करती थीं। सोमवार सुबह मेघना ने स्टोर खोला था। कुछ देर बाद ही एक नकाबपोश शख्स स्टोर में दाखिल हुआ और उन पर फायरिंग कर दी। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar अमेरिका जा रहे तीन भारतीयों का इथियोपिया में अपहरण:तीनों गुजरात के रहने वाले, पिछले साल US में रोजाना 65 भारतीय पकड़े गए
गैरकानूनी तरीके से अमेरिका जा रहे तीन भारतीयों का इथियोपिया में किडनैप कर लिया गया है। तीनों गुजरात के रहने वाले हैं। इनमें दो लड़कियां और एक युवक शामिल है। तीनों 20 सितंबर को गुजरात से रवाना हुए थे। इसी बीच इथियोपिया पहुंचते ही तीनों का अपहरण कर लिया गया। अपहरणकर्ताओं ने तीनों की रिहाई के बदले में इनके परिवार से एक करोड़ रुपए की फिरौती मांगी थी। तीनों के परिवार वालों ने फिरौती की रकम दे दी है, लेकिन इसके बाद भी तीनों से परिवार का संपर्क नहीं हो पा रहा है। अमेरिका में डंकी रूट से रोज 65 भारतीय पकड़े गए अमेरिकी बॉर्डर एंड कस्टम की रिपोर्ट के मुताबिक, एक जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच 23,830 भारतीयों को पकड़ा गया था। यानी कि रोजाना औसतन 65 लोग पकड़े गए। विभाग के मुताबिक, प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प की सख्ती के बाद अवैध रूप से एंट्री के मामले घटे हैं, लेकिन इस पर पूरी तरह से रोक नहीं लगी है। पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल में 2024 में कुल 85,119 भारतीय पकड़े गए थे। एक युवक के लौटने पर पूरी घटना सामने आई यह पूरा मामला तब सामने आया, जब इनके साथ गया एक अन्य युवक फिरौती की रकम देकर लौट आया। यह युवक भी अन्य तीनों के साथ ही गुजरात से रवाना हुआ था। इथियोपिया पहुंचते ही चारों को अज्ञात जगह कैद कर लिया गया था। इस युवक के परिवार से भी 70 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई थी। युवक के परिवार ने फिरौती की रकम चुका दी थी, जिसके बाद अपहरणकर्ताओं ने उसे रिहा कर दिया और वह गुजरात लौट गया। गुजरात लौटने के बाद उसने इस पूरी घटना के बारे में बताया। युवक ने बताया कि वे चारों ही गुजरात के महेसाणा शहर के रहने वाले हैं। उसके साथ ऋत्विक शैलेशभाई (23 वर्ष) ममता चिरागभाई चावड़ा (30 वर्ष) और एक अन्य लड़की भी अमेरिका के लिए रवाना हुए थे। महेसाणा के अल्पेश पटेल नाम के एक एजेंट ने चारों को डंकी रूट से भेजने का इंतजाम किया था। एक एजेंट ने दूसरे एजेंट को सौंपा था काम महेसाणा पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, ऋत्विक, ममता और एक अन्य लड़की के परिवार ने भी अपहरणकर्ताओं को फिरौती की 1 करोड़ रुपए रकम चुका दी है। हालांकि, पैसे देने के बाद पिछले तीन दिनों से उनका कोई पता नहीं चल सका है। तीनों के मोबाइल भी स्विच ऑफ हैं। इसलिए परिवार ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। एजेंट अल्पेश पटेल को पुलिस ने हिरासत में लिया है। अल्पेश ने पुलिस को बताया कि उसने यह काम वडोदरा के एक अन्य एजेंट को सौंपा था, लेकिन अब वह भी गायब है। दो देशों की यात्रा करने के बाद इथियोपिया पहुंचे थे अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छूटकर गुजरात लौटे युवक ने पुलिस को बताया कि वे चारों 20 सितंबर को गुजरात से जयपुर पहुंचे थे। यहां से एतिहाद एयरलाइंस की फ्लाइट से अबू धाबी पहुंचे थे। उसी दिन वे अबू धाबी से इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा पहुंचे थे। चारों को अदीस अबाबा में स्वाजीलैंड स्ट्रीट के जीएसएफ गेस्ट हाउस में ठहराया गया था। यहां उनकी बुकिंग 20 से 29 सितंबर तक थी। उन्होंने इथियोपिया का ई-वीजा लिया था, जो 19 सितंबर से 19 अक्टूबर तक यानी एक महीने के लिए वैध था। 22 सितंबर को ही एजेंट्स चारों का अपहरण कर लिया था। चारों को शहर के दूर किसी अज्ञात जगह ले जाया गया था। परिवार ने भारत सरकार से तीनों की सुरक्षित वापसी की गुहार लगाई है। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका में गुजराती महिला की हत्या:लूट के लिए स्टोर में घुसे नकाबपोश ने मारी गोली अमेरिका के वर्जीनिया में एक गुजराती मूल की महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक मेघना पटेल (47) एक स्टोर में काम करती थीं। सोमवार सुबह मेघना ने स्टोर खोला था। कुछ देर बाद ही एक नकाबपोश शख्स स्टोर में दाखिल हुआ और उन पर फायरिंग कर दी। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar सुप्रीम कोर्ट बोला-6 क्लास से 3-लैंग्वेज पॉलिसी लागू न करें:पहले CBSE ने छूट देने से मना किया था; 1 अप्रैल 2027 से लागू होगा आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि CBSE की छठी कक्षा के छात्रों को 3-लैंग्वेज पॉलिसी से छूट दी जाए। कोर्ट का यह आदेश 1 अप्रैल 2027 से लागू किया जाए। यानी अगले साल क्लास 6 में जा रहे स्टूडेंट्स को राहत मिलेगी। पहले केंद्र सरकार ने छठी कक्षा को छूट देने से इनकार किया था। सातवीं, आठवीं और नौवीं कक्षा के छात्रों को पहले ही यह राहत दी जा चुकी है। कोर्ट ने कहा कि छठी कक्षा के छात्रों को अचानक भाषा बदलने से परेशानी हो सकती है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच CBSE के तीन-भाषा फॉर्मूले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। केंद्र ने कहा- 99% स्कूलों ने तीसरी भाषा की नीति अपनाई सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि सरकार इस साल से छठी कक्षा के छात्रों को छूट देने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा, “हमने इस पर विस्तार से चर्चा की है। हम इस साल से छठी कक्षा को छूट देने के पक्ष में नहीं हैं। उन्हें इसी साल से इसे पढ़ना चाहिए।” केंद्र ने बताया कि करीब 2,800 स्कूलों के आंकड़ों के अनुसार, केवल 1.2% स्कूल प्रभावित हुए हैं। सरकार के मुताबिक करीब 99% स्कूलों ने तीसरी भाषा की नीति अपनाई है और उन्हें जरूरी सुविधाएं दी गई हैं। 34 साल बाद नई शिक्षा नीति 2020 लाई गई नई शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) को भारत सरकार ने 29 जुलाई, 2020 को मंजूरी दी थी। यह 34 साल बाद भारत की शिक्षा नीति में एक बड़ा बदलाव है। इससे पिछली नीति 1986 में बनाई गई थी, जिसे 1992 में अपडेट किया गया था। इसका उद्देश्य भारत की शिक्षा प्रणाली को 21वीं सदी की जरूरतों के अनुसार ढालना है, ताकि छात्र व्यावहारिक ज्ञान मिले और वे स्किल सीखें। नई शिक्षा नीति लागू करने के लिए केंद्र ने 2030 तक का लक्ष्य रखा है। शिक्षा संविधान में समवर्ती सूची का विषय है, जिसमें राज्य और केंद्र सरकार दोनों का अधिकार होता है। इसलिए यह जरूरी नहीं कि राज्य सरकारें इसे पूरी तरह अप्लाई करें। टकराव होने पर दोनों पक्षों को आम सहमति से विवाद सुलझाने का सुझाव दिया गया है। ------------------- ये खबर भी पढ़ें: CBSE की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे पेरेंट्स:9वीं क्लास में लागू किए जाने का विरोध, जस्टिस जॉयमाल्या की बेंच करेगी सुनवाई CBSE की थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में 19 लोगों के एक ग्रुप ने चुनौती दी। इनमें स्टूडेंट्स, पेरेंट्स और टीचर्स शामिल हैं। ये याचिका क्लास 9वीं में थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू किए जाने के विरोध दायर की गई। इसके खिलाफ SC अगले हफ्ते सुनवाई करेगा। CBSE ने 15 मई को एकेडमिक सेशन 2026-27 से थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू करने का सर्कुलर जारी किया था। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar सुप्रीम कोर्ट बोला-क्लास 6 से 3-लैंग्वेज पॉलिसी लागू नहीं होगी:इस साल तीसरी भाषा में स्टूडेंट्स फेल नहीं किए जाएंगे; CBSE ने छूट का विरोध किया था
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि CBSE की छठी कक्षा के छात्रों को 3-लैंग्वेज पॉलिसी से छूट दी जाए। कोर्ट का यह आदेश 1 अप्रैल 2027 से लागू किया जाए। यानी अगले साल क्लास 6 में जा रहे स्टूडेंट्स को राहत मिलेगी। लेकिन अभी जो स्टूडेंट्स छठी क्लास में हैं, उन्हें तीसरी भाषा में पास या फेल नहीं किया जाएगा। उन्हें केवल अपीयरेंस सर्टिफिकेट दिया जाएगा। पहले केंद्र सरकार ने छठी कक्षा को छूट देने से इनकार किया था। सातवीं, आठवीं और नौवीं कक्षा के छात्रों को पहले ही यह राहत दी जा चुकी है। कोर्ट ने कहा कि छठी कक्षा के छात्रों को अचानक भाषा बदलने से परेशानी हो सकती है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच CBSE के तीन-भाषा फॉर्मूले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। केंद्र ने कहा- 99% स्कूलों ने 3 भाषा की नीति अपनाई सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि सरकार इस साल से छठी कक्षा के छात्रों को छूट देने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा, “हमने इस पर विस्तार से चर्चा की है। हम इस साल से छठी कक्षा को छूट देने के पक्ष में नहीं हैं। उन्हें इसी साल से इसे पढ़ना चाहिए।” केंद्र ने बताया कि करीब 2,800 स्कूलों के आंकड़ों के अनुसार, केवल 1.2% स्कूल प्रभावित हुए हैं। सरकार के मुताबिक करीब 99% स्कूलों ने तीसरी भाषा की नीति अपनाई है और उन्हें जरूरी सुविधाएं दी गई हैं। अंग्रेजी को गैर-मातृभाषा बताने पर सवाल सुनवाई के दौरान एक वकील ने अंग्रेजी को गैर-मातृभाषा के रूप में नोटिफाई किए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इसके कारण छात्र पहले से पढ़ी जा रही कई विदेशी भाषाएं छोड़ने को मजबूर हुए। उन्होंने पूछा कि जब संविधान अंग्रेजी में लिखा गया है और सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही भी इसी भाषा में होती है, तो इसे गैर-मातृभाषा कैसे माना जा सकता है। जस्टिस बागची ने कहा कि कोर्ट इस मुद्दे पर विचार करेगा। पिछली सुनवाई में भी कोर्ट ने अंग्रेजी के संबंध में इस व्यवस्था के तर्क पर सवाल उठाया था। 34 साल बाद नई शिक्षा नीति 2020 लाई गई नई शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) को भारत सरकार ने 29 जुलाई, 2020 को मंजूरी दी थी। यह 34 साल बाद भारत की शिक्षा नीति में एक बड़ा बदलाव है। इससे पिछली नीति 1986 में बनाई गई थी, जिसे 1992 में अपडेट किया गया था। इसका उद्देश्य भारत की शिक्षा प्रणाली को 21वीं सदी की जरूरतों के अनुसार ढालना है, ताकि छात्र व्यावहारिक ज्ञान मिले और वे स्किल सीखें। नई शिक्षा नीति लागू करने के लिए केंद्र ने 2030 तक का लक्ष्य रखा है। शिक्षा संविधान में समवर्ती सूची का विषय है, जिसमें राज्य और केंद्र सरकार दोनों का अधिकार होता है। इसलिए यह जरूरी नहीं कि राज्य सरकारें इसे पूरी तरह अप्लाई करें। टकराव होने पर दोनों पक्षों को आम सहमति से विवाद सुलझाने का सुझाव दिया गया है। ------------------- ये खबर भी पढ़ें: CBSE की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे पेरेंट्स:9वीं क्लास में लागू किए जाने का विरोध, जस्टिस जॉयमाल्या की बेंच करेगी सुनवाई CBSE की थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में 19 लोगों के एक ग्रुप ने चुनौती दी। इनमें स्टूडेंट्स, पेरेंट्स और टीचर्स शामिल हैं। ये याचिका क्लास 9वीं में थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू किए जाने के विरोध दायर की गई। इसके खिलाफ SC अगले हफ्ते सुनवाई करेगा। CBSE ने 15 मई को एकेडमिक सेशन 2026-27 से थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू करने का सर्कुलर जारी किया था। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar थप्पड़ विवाद- प्रवेश वर्मा की केजरीवाल को चेतावनी:सरकारी काम रोकना बर्दाश्त नहीं करूंगा; राहुल गांधी से बोले- आप रहने दो भाई
दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने अरविंद केजरीवाल को चेतावनी दी है कि सरकारी काम रोकने वाले AAP नेताओं और समर्थकों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रवेश ने राहुल गांधी के तंज का जवाब देते हुए X पर लिखा है कि राहुल जी, आप रहने दो भाई, आपको कुछ नहीं पता। यह बयान केजरीवाल के उस वीडियो संदेश के बाद आया, जिसमें उन्होंने सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाया था। केजरीवाल ने कहा था कि देश की Gen-Z सरकार से ईमानदारी और साफ रवैए की उम्मीद करती है। विवाद दिल्ली के तिलक नगर में सड़क निरीक्षण के दौरान एक युवक को थप्पड़ मारने से जुड़ा है। सोशल मीडिया पर रविवार को इसका वीडियो सामने आया था। प्रवेश वर्मा दिल्ली सरकार में PWD मंत्री हैं। उन्होंने दावा किया कि युवक कोई Gen-Z सदस्य नहीं, बल्कि ऐसा व्यक्ति है जिसके खिलाफ MCD अधिकारी से मारपीट की FIR दर्ज है। प्रवेश वर्मा ने दी चेतावनी प्रवेश वर्मा ने सोमवार को कहा, “मैं आपको चेतावनी देता हूं... आपको मैं याद हूं न?” उन्होंने सीधे अरविंद केजरीवाल को संबोधित करते हुए यह बात कही। वर्मा ने कहा कि वह विपक्षी पार्टी के “गुंडों” को सरकार का काम रोकने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि अगर केजरीवाल, उनके समर्थक या AAP विधायक सरकारी काम में बाधा डालेंगे, तो वह इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, “अगर आप या आपके गुंडे, आपके विधायक आगे दिल्ली सरकार के काम रोकने या हमारे अधिकारियों और ठेकेदारों को धमकाने की कोशिश करेंगे, तो मैं इसे बर्दाश्त नहीं करूंगा। मैं आपको चेतावनी देता हूं, आपको मैं याद हूं न?” केजरीवाल के बयान पर जवाब देते हुए वर्मा ने कहा, “आपका Gen-Z वाला ड्रामा काम नहीं करेगा।” वर्मा ने उस युवक के बारे में कहा, “वह कोई Gen-Z सदस्य नहीं है। वह ऐसा गुंडा है, जिसके खिलाफ तीन महीने पहले MCD अधिकारी से मारपीट की FIR दर्ज हुई थी। उसे गिरफ्तार भी किया गया था।” केजरीवाल ने ईमानदारी का मुद्दा उठाया केजरीवाल ने कहा था कि देश की Gen-Z सरकार से ईमानदारी की उम्मीद करती है। उन्होंने कहा, “यह देश की Gen-Z है, जो आपसे ईमानदारी की उम्मीद करती है। यह आपसे साफ और सीधे रवैये की उम्मीद करती है।” पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार मिला, तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी घटनाओं के बाद BJP युवा लोगों से जुड़ने की उम्मीद कैसे कर सकती है। केजरीवाल ने कहा कि मौके पर मौजूद एक युवक को थप्पड़ मारा गया। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को युवाओं से जुड़ने के लिए सोशल मीडिया गतिविधियों की जरूरत नहीं है। सरकार को पारदर्शिता और जवाबदेही जैसे मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। तिलक नगर में सड़क की गुणवत्ता पर सवाल रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रवेश वर्मा का एक वीडियो प्रसारित हुआ था। इसमें वह एक युवक को कथित तौर पर थप्पड़ मारते दिखे। यह घटना तिलक नगर में नई बनी सड़क के निरीक्षण के दौरान हुई। मौके पर मौजूद AAP विधायक जरनैल सिंह ने सड़क की नई बिछाई गई सतह का कुछ हिस्सा हाथ से उखाड़ दिया था। जरनैल सिंह ने सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। पास खड़ा युवक पूरी कार्रवाई का वीडियो बना रहा था। इसी दौरान वर्मा ने कथित तौर पर उसे थप्पड़ मारा। केजरीवाल ने रविवार को आरोप लगाया था कि स्थानीय लोगों के सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाने के बाद वर्मा ने अपना आपा खो दिया। उन्होंने यह भी दावा किया था कि तिलक नगर में बनी सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। केजरीवाल ने कहा था कि दिल्ली पुलिस को मंत्री की सुरक्षा के लिए कहा गया था। वर्मा ने अपने संदेश में कहा कि जरनैल सिंह उस समय निरीक्षण स्थल पर पहुंचे, जब वह सरकार के किए गए काम के बारे में शांति से समझा रहे थे। सौरभ भारद्वाज ने बचाव करने वालों पर सवाल उठाया AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने वर्मा का बचाव करने वालों की आलोचना की। उन्होंने कहा, “उन सभी लोगों से, जो प्रवेश वर्मा की हिंसा का बचाव कर रहे हैं और 22 साल के युवक को बदनाम कर रहे हैं। आपके तर्क के मुताबिक, क्या मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को कुत्तों से प्यार करने वाले व्यक्ति ने थप्पड़ मारा था, तो वह सही था?” भारद्वाज ने आगे कहा, “उनका हिंसा का इतिहास है, इसलिए कोई भी उन्हें थप्पड़ मारकर बच सकता है?”
Dainik Bhaskar थप्पड़ विवाद- प्रवेश वर्मा की केजरीवाल को चेतावनी:सरकारी काम रोकना बर्दाश्त नहीं करूंगा; राहुल गांधी से कहा- आप रहने दो भाई
दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने अरविंद केजरीवाल को चेतावनी दी है कि सरकारी काम रोकने वाले AAP नेताओं और समर्थकों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह बयान केजरीवाल के उस वीडियो संदेश के बाद आया, जिसमें उन्होंने सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाया था। केजरीवाल ने कहा था कि देश का जेन-जी, सरकार से ईमानदारी और साफ रवैए की उम्मीद करता है। वहीं, राहुल गांधी के तंज का जवाब देते हुए X पर लिखा है कि राहुल जी, आप रहने दो भाई, आपको कुछ नहीं पता। यह पूरा विवाद दिल्ली के तिलक नगर में सड़क निरीक्षण के दौरान एक युवक को थप्पड़ मारने से जुड़ा है। सोशल मीडिया पर 27 सितंबर को इसका वीडियो सामने आया था। प्रवेश वर्मा दिल्ली सरकार में PWD मंत्री हैं। विवाद के बाद उन्होंने दावा किया कि युवक जेन-जी नहीं, बल्कि आदतन अपराधी है। थप्पड़ विवाद की 2 तस्वीरें.. 24 घंटे में प्रवेश वर्मा के 4 बयान पहला: 2.56 मिनट के वीडियो में रखा पक्ष- प्रवेश वर्मा ने आरोप लगाया कि विधायक जरनैल सिंह कई दिनों से PWD विभाग के इंजीनियरों से उनके लिए कमीशन दिलवाने की मांग कर रहे थे। प्रवेश ने खुद फोन करके जरनैल को बुलाया, वे अपने कार्यकर्ताओं के साथ तिलक नगर पहुंचे। प्रवेश बोले- ‘उनके एक कार्यकर्ता ने परिवार को गाली दी, तो ऐसी स्थिति में कोई भी गुस्से में प्रतिक्रिया देगा, और मैंने भी वही किया।’ दूसरा: 3.09 मिनट का वीडियो, इसमें लोगों से बातचीत- प्रवेश कह रहे हैं- मैं केवल अपने इंजीनियर के साथ गुरुद्वारे की रोड देखने गया था। मगर विधायक अपने हिस्ट्रीशीटर गुण्डों को लेकर आया। बदतमीजी, गाली-गलौच पर उतर आए। हिंसक हो गए। मेरा मकसद केवल विकास करने का है, अगर कोई उसमे रुकावट डालेगा तो बर्दाश्त नहीं करुंगा। तीसरा: राहुल गांधी पर तंज कसा- प्रवेश ने राहुल गांधी का पोस्ट कोट करते हुए लिखा- राहुल जी आप रहने दो भाई, आपको कुछ नहीं पता। दरअसल, थप्पड़ वाला वीडियो वायरल होने के बाद राहुल ने कहा था- दिल्ली की BJP सरकार के एक मंत्री वीडियो में एक नौजवान को थप्पड़ मारते दिख रहे हैं। ये उस सत्ता का चेहरा है जिसे अब वोटर से डर लगना बंद हो गया है। चौथा: थप्पड़ खाने वाला युवक आदतन अपराधी, आपका ड्रामा बेकार- केजरीवाल के बयान पर जवाब देते हुए वर्मा ने कहा, “आपका जेन-जी वाला ड्रामा काम नहीं करेगा। वह कोई जेन-जी नहीं है। वह ऐसा गुंडा है, जिसके खिलाफ तीन महीने पहले MCD अधिकारी से मारपीट की FIR दर्ज हुई थी। उसे गिरफ्तार भी किया गया था।” केजरीवाल ने ईमानदारी का मुद्दा उठाया था पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार मिला, तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसी घटनाओं के बाद BJP युवा लोगों से जुड़ने की उम्मीद कैसे कर सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को युवाओं से जुड़ने के लिए सोशल मीडिया गतिविधियों की जरूरत नहीं है। सरकार को पारदर्शिता और जवाबदेही जैसे मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
Dainik Bhaskar उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री बोले- शंख में जानवर की हड्डी:बद्रीनाथ में डीजे कॉन्सर्ट पर कहा- यहां संगीत बैन नहीं है, वो सांस्कृतिक प्रोग्राम था
बद्रीनाथ धाम में 19 और 20 सितंबर को हुए देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल में डीजे का विवाद अभी शांत भी नहीं हुआ है। शंख और संगीत को लेकर उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। महाराज ने कहा कि बद्रीनाथ मंदिर के अंदर पूजा के दौरान शंख का इस्तेमाल नहीं होता, जबकि धाम में संगीत और वाद्य यंत्रों की परंपरा पर कोई रोक नहीं है। शंख जानवर की हड्डी से बना है। उनके इस बयान के बाद तीर्थ पुरोहितों ने सवाल उठाए हैं। चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत के महासचिव बृजेश सती ने शंख को हड्डी से बना बताए जाने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में धार्मिक अनुष्ठानों और शुभ अवसरों पर शंख बजाने की परंपरा रही है। साथ ही उन्होंने सतपाल महाराज को शास्त्रों और पुराणों का अध्ययन करने की सलाह दी। पहले जानिए सतपाल महाराज ने क्या-क्या कहा ? मंदिर में नहीं होता शंख का उपयोग: बद्रीनाथ मंदिर के अंदर पूजा के दौरान शंख का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। इसके पीछे मान्यता है कि शंख को हड्डी से बना माना जाता है और पूजा में हड्डी के इस्तेमाल से परहेज किया जाता है। हालांकि मंदिर के बाहर शंख बजाया जाता है। उन्होंने कहा कि भगवान विष्णु के हाथ में शंख है और भगवान कृष्ण ने भी कुरुक्षेत्र में पांचजन्य शंख बजाया था। कपाट खुलने-बंद होने पर बजता है संगीत: बद्रीनाथ के कपाट खुलने और बंद होने के अवसर पर सैन्य बैगपाइप बैंड भगवान के सामने प्रस्तुति देता है। इसके अलावा उर्वशी पीठ में गायन और संगीत के कार्यक्रम होते रहे हैं। अलग-अलग सरकारों के दौरान भी वहां सांस्कृतिक और संगीत कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। माणा में भी संगीत की परंपरा: बद्रीनाथ में संगीत बैन नहीं है। माणा गांव में होने वाले विवाह समारोहों में भी ढोल-दमाऊ बजाए जाते हैं। यक्ष, गंधर्व और किन्नरों को भी संगीत से जोड़ा गया है और संगीत के माध्यम से पूजा-अर्चना की परंपरा रही है। सतपाल महाराज पर भड़के तीर्थ पुरोहित सतपाल महाराज के बयान पर उत्तराखंड चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत के महासचिव बृजेश सती ने कहा कि सतपाल महाराज का यह कहना कि शंख जानवरों की हड्डी से बना होता है, बेहद हास्यास्पद है। उन्होंने कहा कि, शायद महाराज को उम्र के इस पड़ाव में यह 'दिव्य ज्ञान' प्राप्त हुआ है। घरों के छोटे मंदिर हों, बड़े मंदिर हों, धर्मस्थल हों या तीर्थ स्थल, सनातन परंपरा में शुभ अवसरों और धार्मिक अनुष्ठानों में शंख बजाने की परंपरा रही है। ऐसे में मंत्री का यह बयान धार्मिक रूप से भी सवाल खड़े करता है। बद्रीनाथ में DJ कॉन्सर्ट के बाद शुरू हुआ विवाद बद्रीनाथ धाम में सेना के देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल-2026 के दौरान तेज म्यूजिक और डीजे पर डांस के वीडियो सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। 19 और 20 सितंबर को बद्रीनाथ के टूरिस्ट अराइवल प्लाजा में हुए कार्यक्रम का आयोजन सेना ने ऑपरेशन सद्भावना के तहत जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग की मदद से किया था। कार्यक्रम की थीम ‘हमारी विरासत, हमारा भविष्य’ थी। कार्यक्रम के दौरान कलाकारों की प्रस्तुतियों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। इनमें मंच के सामने लोगों को संगीत पर नाचते देखा गया। इसके बाद सवाल उठा कि बद्रीनाथ जैसे प्रमुख तीर्थस्थल के इतने नजदीक तेज आवाज वाला संगीत कार्यक्रम आयोजित किया जाना चाहिए था या नहीं। उत्तराखंड चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत ने कार्यक्रम के उद्देश्य के बजाय उसके स्वरूप और प्रस्तुति पर आपत्ति जताई। ज्योतिर्मठ के संतों की ओर से भी कार्यक्रम को लेकर धार्मिक मर्यादा का सवाल उठाया गया और मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की गई। पूरे मामले में प्रशासन ने क्या कहा? विवाद के बीच चमोली जिला प्रशासन ने कहा है कि कार्यक्रम के दौरान लगाए गए सरकारी स्टॉल प्रशासन की ओर से थे, जबकि सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रस्तुतियों और उनके स्वरूप का चयन सेना की ओर से किया गया था। प्रशासन ने लोगों से सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री के आधार पर बिना तथ्य जांचे निष्कर्ष नहीं निकालने की अपील भी की। दरअसल यह आयोजन भारत अमेरिकी सैनिकों के औली में युद्धाभ्यास-2026 के समापन के बाद, 19 और 20 सितंबर को बद्रीनाथ के टूरिस्ट अराइवल प्लाजा में हुआ था। जिसका नाम, देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल था। इसका आयोजन भारतीय सेना और चमोली जिला प्रशासन ने ऑपरेशन सद्भावना के तहत किया था। थीम ‘हमारी विरासत, हमारा भविष्य’ थी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम के समापन में हिस्सा लिया और सेना, जिला प्रशासन और आयोजकों को आयोजन के लिए बधाई दी। अब जानिए क्या आरोप लगाए गए आरोप-1: उत्तराखंड चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत ने कार्यक्रम के स्वरूप और प्रस्तुति पर आपत्ति जताई। महापंचायत के महासचिव डॉ. बृजेश सती ने कहा कि बद्रीनाथ की धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं को ध्यान में रखकर ऐसे आयोजन किए जाने चाहिए। उन्होंने तेज संगीत को धाम की धार्मिक गरिमा के अनुरूप नहीं बताया। आरोप-2: ज्योतिर्मठ के स्वामी प्रत्यक्चैतन्य मुकुंदानंद गिरी ने भी कार्यक्रम को धार्मिक मर्यादा के विपरीत बताते हुए मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की। उनके अनुसार बद्रीनाथ के धार्मिक वातावरण को ध्यान में रखते हुए ऐसे आयोजनों का स्वरूप तय होना चाहिए। आरोप-3: कुछ स्थानीय लोगों और संगठनों ने भी सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के आधार पर कार्यक्रम में डीजे और नृत्य को लेकर आपत्ति जताई। हालांकि, इन आपत्तियों से यह स्वतः साबित नहीं होता कि किसी नियम या कानून का उल्लंघन हुआ है। चमोली DM ने जारी किया नोटिस बद्रीनाथ धाम में आयोजित कार्यक्रम मामले में लगातार सवाल उठने और प्रशासन की फजीहत के बाद चमोली डीएम गौरव कुमार ने गढ़वाल स्काउट के कमांडिंग ऑफिसर को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के जरिए जानकारी मिली कि आपके द्वारा बद्रीनाथ धाम में वृहद कल्चरल फेस्टिवल कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें काफी संख्या में भीड़ जुटाई गई। कार्यक्रम में लाउड म्यूजिक सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है। आप खुद ही जानते होंगे कि बद्रीनाथ धाम धार्मिक आस्था का केन्द्र है। आपके इस तरह के आयोजन किये जाने का क्या औचित्य था। इस कार्यकम के आयोजन के संबंध में क्या आपने कोई परमिशन ली थी। लोक गायिका प्रियंका मेहर ने भी दी परफोर्मेंस कार्यक्रम में उत्तराखंड की लोक गायिका प्रियंका मेहर की प्रस्तुति भी हुई। कार्यक्रम के दौरान लोगों के डांस करने के वीडियो सामने आए। इसके बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस शुरू हो गई। कुछ लोगों ने धार्मिक स्थल के आसपास इस तरह के तेज संगीत और DJ को लेकर सवाल उठाए। मुरली मनोहर जोशी ने कहा था- बद्रीनाथ को नाच गृह मत बनाइए बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने उत्तराखंड के बद्रीनाथ में आयोजित एक सांस्कृतिक उत्सव पर कड़ा ऐतराज जताया था। जोशी ने कहा था कि किसी पवित्र स्थल पर ऐसे संगीत कार्यक्रम की अनुमति देना न केवल सांस्कृतिक मर्यादा का उल्लंघन है बल्कि पवित्र धाम की सुचिता पर सीधा हमला भी है। मुरली मनोहर जोशी ने केंद्र और उत्तराखंड सरकार से ऐसे आयोजनों पर रोक लगाकर देवभूमि की पवित्रता बनाए रखने का आग्रह किया है। इससे पहले साधु-संतों ने भी इस तरह के कार्यक्रम पर आपत्ति जताई थी। मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि बद्रीनाथ धाम में संगीत समारोह ( DJ concert) को अनुमति प्रदान करना ना केवल सांस्कृतिक मर्यादाओं का उन्लंघन है अपितु धाम की पवित्रता पर भी सीधा आघात है। यह इस बात का प्रतीक है कि अब देवभूमि को बाजारू संस्कृती के रूप में परिणीत किया जा रहा है। मैं भारतीय संस्कृति के अनुयायीयों तथा विशेषकर पूजनीय शंकराचार्यों तथा महात्माओं से यह अनुरोध करता हूं कि वह संस्कृति के इस क्षरण को रोकने के लिए प्रभावी आवाज उठाएं। मैं केंद्र एवं राज्य सरकार से भी आग्रह करूंगा कि वह ऐसे आयोजनों पर प्रतिबंध लगा कर देवभूमि की मर्यादा को बनाए रखें, हिमालय देवात्मा है भगवान शंकर का निवास मां गंगा का उद्गम है इसे नाच गृह बनाना करोड़ों भारतीयों की आस्था पर गहरा आघात है।
Dainik Bhaskar ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का 8 राज्यों में प्रदर्शन:आगरा में CEC के घर पर कालिख पोती; राजस्थान में पूर्व सीएम गहलोत,कार्यकर्ताओं पर वाटर कैनन चलाई
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देश के 8 राज्यों में सोमवार को प्रदर्शन हो रहे हैं। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड,गुजरात में कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं। यूपी के आगरा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार के घर पर कालिख पोती और लिखा- ‘ज्ञानेश कुमार गद्दार, वोट चोर’। राजस्थान के जयपुर में शहीद स्मारक पर सभा के बाद कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग के ऑफिस तक पैदल मार्च निकाला। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोक दिया। पुलिस ने पर्व सीएम अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा समेत कार्यकर्ताओं पर वाटर कैनन चलाई। राजस्थान: जयपुर में गहलोत-डोटासरा पर वाटर कैनन चलाई:वैन में बैठाकर थाने ले गई पुलिस राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रही है। शहीद स्मारक पर सभा के बाद चुनाव आयोग के ऑफिस तक पैदल मार्च के लिए कूच किया। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोक दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प हो गई। पढ़ें पूरी खबर… उत्तर प्रदेश: लखनऊ में पुलिस से भिड़े कांग्रेससी, काशी में महिलाएं चूड़ियां लेकर पहुंचीं मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर यूपी में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए हैं। आगरा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार के घर पर कालिख पोती और लिखा- ‘ज्ञानेश कुमार गद्दार, वोट चोर’। लखनऊ में चुनाव आयोग कार्यालय का घेराव करने जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका तो वे भिड़ गए। पढ़ें पूरी खबर… मध्य प्रदेश: प्रतीकात्मक रूप से ज्ञानेश कुमार को बेड़ियां पहनाईं; घेराव के लिए निकले कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़े मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में भोपाल में कांग्रेस का प्रदर्शन जारी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में कार्यकर्ता मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) कार्यालय का घेराव करने पहुंचे हैं। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई। कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर भी चढ़ गए। पढ़ें पूरी खबर… बिहार:वोट चोरी के खिलाफ बिहार में कांग्रेस का हल्लाबोल:पटना-औरंगाबाद में निकाला आक्रोश मार्च मतदाता सूची में कथित वोट चोरी और लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ खिलवाड़ के विरोध में कांग्रेस ने आज देशभर में जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन का आव्हान किया है। इसी कड़ी में आज बिहार के हर जिले में भी कांग्रेस आक्रोश मार्च निकाल रही है। पटना महानगर कांग्रेस कमेटी ने कदमकुआं से आक्रोश मार्च निकाला। पढ़ें पूरी खबर… छत्तीसगढ़: दुर्ग में काले कपड़ों में कांग्रेस की रैली:रायगढ़ में बैरिकेड्स तोड़े, भाजपा कार्यालय में सुरक्षा बढ़ाई गई ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस प्रदर्शन कर रही है। प्रदेशभर में कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट कार्यालयों का घेराव करने निकले हैं। इसी कड़ी में दुर्ग में कांग्रेस ने काले कपड़े पहनकर रैली शुरू की है। पढ़ें पूरी खबर… हरियाणा: भिवानी में CEC का मुखौटा पहने व्यक्ति को बेड़ियां बांधी:रोहतक में पुतले को डंडों-जूतों से पीटा हरियाणा कांग्रेस आज ‘वोट चोरी’ के आरोप और चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर पूरे प्रदेश में प्रदर्शन कर रही है। सभी जिलों में DC ऑफिस के सामने होने वाले प्रदर्शन के लिए पार्टी ने अलग-अलग नेताओं की ड्यूटी लगाई है। पढ़ें पूरी खबर… उत्तराखंड: जिलों में कांग्रेस का 'वोट चोरी' पर प्रदर्शन:देहरादून में अर्थी लेकर चले, पुलिस से धक्का-मुक्की उत्तराखंड के 8 जिलों में वोट चोरी के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन चल रहा है। देहरादून, नैनीताल, हल्द्वानी, टिहरी, बागेश्वर, रुड़की, रुद्रपुर, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर विरोध कर रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर… गुजरात: कांग्रेस का आक्रामक प्रदर्शन, वडोदरा-सूरत में कांग्रेस और पुलिस के बीच झड़प, महिलाओं पर हमला कांग्रेस ने आज गुजरात भर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। राजकोट, वडोदरा, सूरत और जूनागढ़ जैसे प्रमुख शहरों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काले कपड़े पहने, नारे लगाए और विरोध प्रदर्शन करते हुए चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए। राजकोट में, शहर की कांग्रेस ने एक युवक को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मुखौटा पहनाकर रस्सी से बांध दिया और कलेक्टर कार्यालय ले गई। इसके अलावा, शहर के कांग्रेस अध्यक्ष राजदीपसिंह जडेजा ने मुखौटा पहने हुए युवक को घुटनों के बल बिठाया और उसे लाठी से चलने के लिए मजबूर किया। इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन के माध्यम से कांग्रेस ने चुनाव आयोग की स्वायत्तता पर हमला किया। इस पर कटाक्ष करते हुए कांग्रेस ने कहा कि कांग्रेस ने वह कर दिखाया है जो केंद्र में भाजपा सरकार नहीं कर सकती।
Dainik Bhaskar सुप्रीम कोर्ट बोला-चुनाव आयोग 4 महीने में TMC विवाद सुलझाए:TMC का नाम-सिंबल फ्रीज; शिवसेना का केस 4 साल, NCP का 3 साल से पेंडिंग
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और ‘फूल-पत्ती’ चुनाव चिह्न से जुड़े विवाद पर फैसला देने की समय-सीमा तय की। कोर्ट ने दोनों गुटों को एक महीने में अपनी दलीलें पूरी करने और इसके बाद चुनाव आयोग को तीन महीने में फैसला देने का निर्देश दिया। यानी पूरी प्रक्रिया 4 महीने में पूरी करनी होगी। चुनाव आयोग ने विवाद को सुलझाने के लिए 6 महीने का समय देने की अपील की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। यह आदेश ममता बनर्जी की याचिका पर सुनवाई के दौरान आया। उन्होंने चुनाव आयोग के उस अंतरिम फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें TMC के नाम और चुनाव चिह्न का इस्तेमाल रोक दिया गया था। शिवसेना के नाम और चुनाव चिह्न से जुड़ा विवाद करीब 4 साल से पेंडिंग है, जबकि NCP का मामला भी 3 साल से पेंडिंग है। दोनों मामलों में अलग-अलग गुटों ने पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर दावा किया है। कोर्ट ने कहा- विवाद सुलझाने के लिए AI का इस्तेमाल करें सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को सुझाव दिया है कि वे TMC विवाद को जल्दी सुलझाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल करें। कोर्ट ने कहा कि इन आधुनिक तकनीकों की मदद से जटिल कानूनी दस्तावेजों को पढ़ने और समझने का काम बहुत तेजी से हो सकता है, जिससे यह पूरा मामला 6 महीने की बजाय सिर्फ 3 महीने में ही निपटाया जा सकेगा। चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को अलग नाम और चिन्ह दिए बंगाल की दो विधानसभा सीटों नंदीग्राम और रेजीनगर में 6 अक्टूबर को उपचुनाव हैं। टीएमसी के दोनों गुटों ने असली नाम और सिंबल पर चुनाव लड़ने की मांग की थी। EC ने 17 सितंबर को ममता बनर्जी और अरूप रॉय के नेतृत्व वाले दोनों गुटों के नेताओं की सुनवाई की थी। सुनवाई के बाद चुनाव आयोग ने टीएमसी नाम और चुनाव चिन्ह फ्रीज कर दिया। आयोग ने 18 सितंबर को ममता बनर्जी के गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ का चिह्न दिया, जबकि दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ और ‘लिफाफा’ दिया गया है। 6 अक्टूबर को उपचुनाव, नए सिंबल पर लड़ेंगे उम्मीदवार पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होंगे। मतगणना 9 अक्टूबर को होगी। दोनों गुटों ने एक ही चिह्न पर उम्मीदवार उतारे थे। कोर्ट के नाम-सिंबल फ्रीज करने के बाद अब उम्मीदवार नए चिह्नों पर चुनाव लड़ेंगे। ------------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… राहुल गांधी बोले- वोट चोरी के बाद अब पार्टी चोरी, ये सिर्फ ममता बनर्जी की लड़ाई नहीं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के चुनाव चिह्न और नाम के इस्तेमाल पर रोक लगाने के चुनाव आयोग के आदेश की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ये लड़ाई सिर्फ ममता बनर्जी की नहीं है। वोट चोरी और सरकार चोरी के बाद अब पार्टी चोरी हो रही है। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar उज्जैन में मस्जिद हटाने को लेकर विवाद के 14 PHOTOS:महिलाओं ने बैरिकेड्स हटाए, पत्थरबाजी; पुलिस ने लाठीचार्ज किया, आंसू गैस छोड़ी
उज्जैन में शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने की कार्रवाई को लेकर सोमवार को हंगामा हो गया। महिलाओं ने चक्काजाम किया, जबकि कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव किया। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। इस दौरान क्राइम ब्रांच थाना प्रभारी पुष्पा पांचाल भी घायल हो गईं। इस पूरे घटनाक्रम को 14 फोटोज में समझें विवाद की वजह बने प्रोजेक्ट को ग्राफिक से समझें =========== ये खबर भी पढ़ें उज्जैन में शाही मस्जिद विवाद में दोबारा पथराव, लाठीचार्ज सुबह पथराव-आंसू गैस में महिला पुलिस अफसर घायल उज्जैन में शाही मस्जिद तोड़े जाने का विवाद लगातार बढ़ रहा है। यहां एक बार फिर पुलिस पर पथराव हुआ है। जवाब में लाठीचार्ज और आंसू गैस छोड़ी गई है। यहां सुबह भी पथराव और आंसू गैस छोड़ी गई थी। इसमें एक महिला थाना प्रभारी घायल हो गई। पुलिस ने इस मामले में 10 लोगों पर FIR की है। इनमें 5 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। इन पर माहौल बिगाड़ने का आरोप है। हालांकि अभी इनकी गिरफ्तारी की जानकारी नहीं मिली है। बाहर से आए 5 लोग गिरफ्तार हुए हैं। पूरी खबर पढ़ें
Dainik Bhaskar दिल्ली-NCR में नाबालिगों से गैंगरेप मामलों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त:कहा- 2012 के निर्भया कांड की याद आती है, पूछा- उस घटना से क्या सबक लिया
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में पिछले कुछ दिनों में नाबालिगों से रेप के मामले में चिंता जताई है। कोर्ट ने इन मामलों पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इन घटनाओं को देखकर 2012 के निर्भया कांड की दर्दनाक घटना याद आती है और यह सवाल उठता है कि क्या उस घटना से कोई सबक लिया गया है। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने दिल्ली-NCR में नाबालिगों से जुड़े तीन गैंगरेप मामलों पर खुद से नोटिस लिया। इनमें आस्था कुंज पार्क, स्वरूप नगर और ग्रेटर नोएडा-दिल्ली बस में नाबालिग से गैंगरेप का मामला शामिल है। खबर अपडेट की जा रही है।
Dainik Bhaskar सुप्रीम कोर्ट बोला- दिल्ली-NCR में गैंगरेप निर्भया कांड जैसे:पूछा- उस घटना से क्या सबक लिया; 4 अगस्त को चलती बस में नाबालिग से घटना हुई थी
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में पिछले दिनों नाबालिगों से गैंगरेप के तीन मामलों पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। इनमें ग्रेटर नोएडा-दिल्ली बस, आस्था कुंज पार्क और स्वरूप नगर के मामले शामिल हैं। जस्टिस जेबी पारदीवाला और के. विनोद चंद्रन की बेंच ने कहा कि इन घटनाओं से 2012 के निर्भया कांड की याद आती है और सवाल उठता है कि क्या उस घटना से कोई सबक लिया गया। 2012 में दिल्ली में चलती बस में 23 साल की युवती के साथ गैंगरेप हुआ था। बाद में उसकी मौत हो गई थी। घटना के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे। पार्क, सड़क और बस की इन 3 घटनाओं पर कोर्ट ने नोटिस लिया कोर्ट ने पुलिस की गश्त और निगरानी पर सवाल उठाए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में नाबालिगों और महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा की घटनाओं पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा कि पार्क, सड़क, बस, मेट्रो स्टेशन और सब-वे जैसे सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है। कम गश्त और निगरानी की कमी के कारण इन जगहों को असुरक्षित नहीं बनाया जा सकता। आस्था कुंज पार्क की घटना का जिक्र करते हुए कोर्ट ने कहा कि LSR कॉलेज की छात्राओं ने पहले भी यौन उत्पीड़न की शिकायत की थी, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में जरूरी सुधार नहीं किए गए। कोर्ट ने कहा कि हिंसा से मुक्त होकर सम्मान के साथ जीना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार है। दिल्ली में हर दिन बच्चों से यौन अपराध के 4 मामले NCRB के मुताबिक, 2024 में दिल्ली में POCSO के 1,553 केस दर्ज हुए। यानी औसतन हर दिन 4 से ज्यादा मामले सामने आए। 2025 की रिपोर्ट अभी जारी नहीं हुई है। ------------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली में नाबालिग से रेप, सोशल मीडिया पर दोस्ती कर होटल में बुलाया, आरोपी फरार दिल्ली के वजीराबाद इलाके की एक होटल में नाबालिग से रेप का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी और पीड़ित दोनों वजीराबाद के रहने वाले हैं। आरोपी ने सोशल मीडिया पर लड़की से दोस्ती की और मंगलवार को उसे होटल में बुलाया। पूरी खबर पढ़ें…
Dainik Bhaskar उज्जैन में मस्जिद तोड़ने पर हंगामा, पथराव-आंसू गैस छोड़ी:थाना प्रभारी घायल; सिंहस्थ के लिए सड़क चौड़ी होनी है
उज्जैन में शाही मस्जिद का कुछ हिस्सा हटाने के खिलाफ सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव किया, उन्हें खदेड़ने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। इस बीच महिलाओं ने चक्काजाम कर दिया। महिलाओं को हटाने के दौरान शहर की क्राइम ब्रांच थाना प्रभारी पुष्पा पांचाल घायल हो गईं। मस्जिद हटाने के मामले पर हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में सोमवार को ही सुनवाई होनी है। उज्जैन में 2028 में होने वाले सिंहस्थ के लिए कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक की 900 मीटर सड़क 15 मीटर चौड़ी की जा रही है। इसके दायरे में आने वाली इमारतों को तोड़ा जा रहा है।